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मेरी चूत का सारा पानी चाटने के बाद रवि मुझसे अलग हो गया और मेरे कपडे ठीक करके जैसे ही वो जाने लगा तो मैं बोली
निशा- क्या हुआ रवि.... तुम जो चाहो वो कर सकते हो, मैं तुम्हें नहीं रोकूँगी
मेरी बात सुनकर रवि मुस्कुराते हुए बोला
रवि- नहीं…. जब तुम खुद कहोगी तब मैं करूँगा
निशा- तोफिर यह सब क्यों किया
रवि- वो तो बस मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, इसलिए हमारी किस कुछ ज्यादा ही लम्बी हो गई। फिर मुझे एहसास हुआ की तुम पूरी तरह से हीट पर हो, तो मुझे लगा कि तुम्हें शांत करना चाहिए, वर्ना तुम्हारा किसी काम में मन नहीं लगेगा। इसलिए तुम्हें ब्लोजॉब दे दिया।
निशा- और तुम्हारा क्या… तुम भी तो ओबर एक्साईटेड हो
रवि- वो वो मैं कर लूँगा एडजस्ट
निशा- चलो चुप चाप बैठ जाओ मैं भी तुम्हे ब्लोजॉब दे देती हूँ
मेरी बात सुनकर रवि एक्साईटेड हो गया और उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई, पर अगले ही पल वो फिर से नॉर्मल होते हुए बोला
रवि- अरे नहीं उसकी जरूरत नहीं है
निशा- सोच लो आज ऑफर है मुझसे ब्लोजॉब लेने का, फिर शायद कभी मिले ना मिले
मेरी बात सुनकर रवि कुछ देर सोचने लगा और फिर बोला
रवि- तुम्हें आता तो हैं ना व्लोजॉब देना
निशा- आखिर तुम्हारा यह सब कहने का मतलब क्या है। क्या मैं सबको यूँ ही ब्लोजॉब देती फिरती हूँ
रवि- अरे बाबा तभी तो पूछ रहा हूँ, अगर कहीं गलती से तुमने दाँत बगैरह लगा दिए तो मेरा तो काम तमाम हो जाऐगा ना
निशा- कुछ नहीं होगा…. मैंने ढेर सारी पोर्न मूवी देख रखीं हैं। मुझे पता है कैसे करना है
रवि- आर यू श्योर
निशा- अब जल्दी से आ जाओ… बर्ना अगर मेरा मूड चेंज हो गया तो अपने हाथ से काम चलाना पडेगा
मेरी बात सुनकर रवि खुश होते हुए पास में रखे सोफे पर जाकर बैठ गया। जिसके बाद मैं उसके पास गई और उसका पैंट खोलकर पैंट और अंडरबियर नीचे खिसका दिया। अब रवि का लम्बा और मोटा लण्ड जो एक दम कडक था मेरे सामने था। मैने हैरानी से उसके लण्ड को देखते हुए बोली
निशा- यह क्या है
रवि- मतलब
निशा- अरे इतना बड़ा... सच में असली है या नकली लगा रखा है
रवि- अरे बाबा एकदम असली है और मेरा खुद का है। किसी का चोरी करके नहीं लगाया है
निशा- थैंक्स गॉड जो तुमने कुछ नहीं किया, बर्ना मैं तो आज पक्का मर ही जाती
रवि- कुछ नहीं होता। रश्मि तो आराम से करवा लेती थी।
निशा- पता नहीं कैसे लेती होगी। शायद इसी बजह से तो ब्रेकअप नहीं कर लिया
रवि- ऐसा कुछ नहीं है।
निशा- इसे देखकर तो लग रहा है कि तुम्हारे साथ कुछ भी करने से पहले मुझे 10 बार सोचना पडेगा
रवि- अरे बाबा जब हीटस् ऑफ मूब्मैंट में कुछ होगा, तो पता भी नहीं चलेगा। बल्कि मजा आयेगा।
रवि का इतना ज्यादा बड़ा और मोटा लण्ड देखकर मेरी चूत एक बार फिर से पानी छोडने लगी थी और मन कर रहा था कि आज इससे अपनी चुदाई करवा ही लेती हूँ। पर फिर सोचा की इतनी भी क्या जल्दी है। थोडा और मस्ती करती हूँ, अभी तो अफेयर की शुरूआत ही हुई है। इसलिए मैंने उसके लण्ड को अपने हाथ में लिया, तो वो मुझे काफी गर्म महसूस हुआ। मैंने कुछ देर अपने हाथों से उसे सहलाया तो मजे के कारण रवि ने अपनी आंखें बद कर लीं और सोफे से अपना सिर टिकाकर आहें भरने लगा।
कुछ देर अपने हाथों से सहलाने के बाद मैंने उसके लण्ड की टॉप स्किन पीछे की और उसके लण्ड पर किस करने लगी। जिससे रवि और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया और उसका लण्ड झटके मारने लगा। मुझे उसके लण्ड से खेलने में बड़ा मजा आ रहा था। इसलिए मैं उसके पूरे लण्ड पर किस करने लगी और साथ साथ अपनी जीभ से चाटने भी लगी। रवि आराम से सोफे पर बैठ मजे ले रहा था। शायद वो पहली बार ब्लोजॉब का मजा ले रहा था। इसीलिए वो शुरूआत में डर भी रहा था।
कुछ देर उसके लण्ड को चूमने और चाटने के बाद मैंने उसके लण्ड अपने मूँह में लिया और चूसने लगी। रवि तो अब मजे के सातवें आसमान पर पहूँच चुका था। मैं काफी देर तक उसको ब्लोजॉव देती रही पर वो तो झरने का नाम ही नहीं ले रहा था। अब तो मेरा मूँह भी दर्द करने लगा था, इसलिये मैंने उसका लण्ड चूसने के साथ साथ उसकी बॉल्स को भी सहलाना शुरू कर दिया। मेरी यह ट्रिक काम कर गई और उसका प्रीकम निकलने लगा। तो मैं समझ गई कि वो अब जल्द ही झर जाऐगा।
इसलिए मैंने बिना रुके अपना काम जारी रखा। करीब 5 मिनट बाद वो मेरे मूँह के अंदर ही ठण्डा हो गया। रवि से अब तक मेरी काफी अच्छी बाऊंडिंग हो गई थी इसलिए मुझे उसके बीर्य को निगलने में कोई झिझक नहीं हुई, बैसे भी मैं पहले भी यह सब कर चुकी थी। फिर मैंने उसका लण्ड चाट कर साफ कर दिया और उससे अलग हो गई और उसके बगल में बैठ कर लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी। जब हम दोनों रिलेक्स हुए तो हमने एक दूसरे को देखा और मुस्कुराऐ। फिर रवि ने मुझे एक किस दिया और थैंक्स कहकर वहाँ से चला गया।
रवि के जाने के बाद मैं विस्तर पर लेट गई और जब से मैं भोपाल आई थी तब से लेकर अब तक मैंने जो जो गुल खिलाऐ थे। उसके बारे में सोच सोच कर मुस्कुराने लगी। कुछ देर वाद मेरे मोबाईल पर गगन का एक मैसेज आया। मैंने जब उसे खोलकर देखा तो उसमें लिखा था।
“मेरी रश्मि से बात हुई थी। वो और रवि दोनों ही पैचअप करना चाहते हैं। पर तुम्हारे कारण रवि कमिटमेंट करने से डर रहा है।”
मैसेज पढकर मैंने मोबाईल एक तरफ रख दिया और अपने दिमाग में एक प्लान बनाया जिसके बाद मैं बाथरूम में फ्रैस होने चली गई। करीब आधे घंटे बाद मैं भोपाल के एक फेमस वियरवार में बैठी ड्रिंक कर रही थी। जिसमें मेरे अलावा कुछ दूसरी लडकियाँ भी थीं। उस वियरवार के बारे में रवि ने ही मुझे बताया था। मुझे अभी वहाँ आये 10-15 मिनट ही हुए थे कि तभी गगन का एक मैसेज आया जिसपर लिखा था
“अब हमे आगे क्या करना चाहिए“
इस बार भी मैने उसके मैसेज का कोई रिप्लाई नहीं किया। मैं जानती थी कि वो जरूर अब मुझे कॉल करेगा। जिसके लिए मैं पहले से ही तैयार बैठी थी। यहाँ वियरबार में आकर ड्रिंक करना भी मेरे प्लान में सामिल था। जैसा कि मुझे उम्मीद थी करीब 5 मिनट बाद ही मेरे पास गगन का कॉल आ गया। 3-4 रिंग के बाद मैंने कॉल रिसीब कर लिया और रोने जैसी आवाज में बोली
निशा- गगन प्लीज आज मेरा बात करने का बिल्कुल भी मन नहीं है। हम बाद में बात करेंगे
मेरी आवाज सुनकर गगन को यकीन हो गया कि मैं पक्का रो रही हूँ, साथ ही साथ वियरबार में हो रहे शोर सरावे की आवाज भी उसे सुनाई दे गई थी। जिस कारण वो वोला
गगन- आखिर तुम हो कहाँ
अब मैंने रोने के साथ साथ नशे में होने की भी एक्टिंग शुरू कर दी और बोली
निशा- मैं वो वो रैड रोज बियरबार में हूँ।
गगन- पर क्यों
निशा- क्यों….. तुम मुझसे पूछ रहे हो क्यों... अरे मुझे बुरा लग रहा है इसलिए
गगन- तुम रुको वहाँ मैं बस 10 मिनट में आता हूँ।
इतना बोलकर उसने फोन कट कर दिया। उसका फोन कट होते ही मेरे चेहरे पर एक स्माईल आ गई। मेरा पैग खत्म हो गया था। इसलिए मैंने एक बेटर को बुलाकर उसे कुछ समझाया तो वो मेरे सामने एक नया पैग और कुछ स्नैक्स के साथ साथ शराब की एक खाली बोतल भी रख गया। थोडी ही देर में गगन भी वहां आ गया था। इसलिए गगन ने भी अपने लिए एक पैग का आर्डर कर दिया था। फिर वो भी मेरे साथ साथ शराब पीते हुए बोला
गगन- ये सब क्या है सपना
निशा- तो क्या अब मैं अपना गम भुलाने के लिए पी भी नहीं सकती
गगन- अरे बाबा आखिर हुआ क्या है
निशा- ये तुम पूछ रहे हो…. तुम्हें क्या पता नहीं है... मेरे 2 दिन की लव लाईफ अब खत्म होने बाली है। तो मुझे बुरा तो लगेगा ना।
इतना बोलकर मैं उसके सामने ही रोने का नाटक करने लगी। मेरे यूँ रोने से गगन उठकर मेरे पास आया और मुझे समझाने के बहाने उसने मेरे गिलास में दो गोलियाँ डाल दीं। जो तुरंत ही मेरी शराब में घुल गईं। मैंने गगन की ये हरकत देख ली थी। मैं समझ गई कि पक्का वो मेरे नशे में होने का फायदा उठाना चाहता है। कुछ देर बाद मैं शांत हो गई और बोली
निशा- गगन तुम बहुत अच्छे हो। तुम मेरे दुख में मेरे साथ हो और वो रवि उसको तो मेरी कोई फिक्र ही नहीं है।
गगन- अरे अब इसमें उसकी क्या गलती। उसे तो कुछ पता ही नहीं है।
निशा- हाँ यार ये भी सही है। पर वो रश्मि के पास बापिस जाना तो चाहता है ना
गगन- अरे यार सपना तुम तो जानती हो ना, रश्मि उसका पहला प्यार हैं
निशा- हाँ ये भी सही है। मैं ही उन दोनों के बीच में आ गई थी, बिल्कुल कबाब में हड्डी की तरह
मेरी बात सुनकर अचानक से ही गगन के मूँह से निकल गया
गगन- तुम हड्डी नहीं पूरी की पूरी कबाब हो
मैं गगन का इशारा अच्छी तरह समझ गई थी, लेकिन फिर भी नाटक करते हुए बोली
निशा- मतलब
गगन- अरे कुछ नहीं…. वो तो बस ऐसे ही
निशा- ओह अच्छा मजाक कर रहे हो... तुम कितने गंदे हो... मैं यहाँ अपना गम भुलाने के लिए पी रहीं हूँ और तुम मेरा मजाक उडा रहे हो
गगन- अरे नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है... अच्छा छोडो यह सब, अब यह बताओ आगे क्या करना है
निशा- पहले मुझे टायलेट जाना है
इतना बोलकर मैंने अपना गिलास उठाया और उसे पीने का नाटक करते हुए टायलेट की तरफ चली गई। टॉयलेट में जाकर मैंने गिलास की सारी शराब फ्लस कर दी और यूं ही झूमते हुए वापिस आकर बैठ गई। बैसे तो मैंने अब तक केवल एक ही पैग पिया था। पर मैं गगन के सामने नाटक ऐसे कर रही थी कि मैं काफी ज्यादा पी चुकी हूँ। फिर अपने लिए एक और पैग का आर्डर कर दिया और साथ में कुछ स्नैक्स भी मंगा लिए। जिसके बाद गगन बोला
गगन- अब तो बताओ आगे का क्या प्लान है
निशा- किसका
गगन- तुमने ही तो कहा था कि अगर रवि और रश्मि पैचअप करना चाहें तो तुम्हें बता दूँ। तुम उन्हें मिलवाने में मेरी हेल्प भी माँग रही थी
मैंने सोचने का नाटक करते हुए कहा
निशा- ओह अच्छा वो... हाँ वो कुछ नहीं मैं सोच रही थी कि हम दोनों कहीं अकेले में मिलेंगे गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह। तुम अपने किसी दोस्त से कहकर रवि और रश्मि को किसी बहाने से वहाँ बुलवा लेना। जब रवि मुझे तुम्हारे साथ देखेगा तो उसका दिल टूट जाऐगा और वो रश्मि के पास बापिस चला जाऐगा
मेरा प्लान सुनकर तो गगन को मूँह माँगी मुराद ही मिल गई थी। वो तुरंत इसके लिए तैयार हो गया। जिसके बाद हम दोनों ने अपनी ड्रिंक खत्म की और फिर रवि मुझे जबरदस्ती वहाँ से बाहर ले गया। अब मैं बिल्कुल नशे में होने की एक्टिंग कर रही थी। उसकी कार में बैठते वक्त मैंने उसकी आँखों में अपने लिए हवस देख ली थी। मुझे पूरा यकीन था कि वो मुझे या तो अपने घर या किसी होटल रूम में ले जाकर मेरे साथ सेक्स करेगा।
बैसे तो मैं उसको कभी भी ऐसा करने नहीं देती, पर शाम को रवि ने मेरे अंदर की आग भडका दी थी। इसलिए मेरा मन भी चुदने का कर रहा था, ऊपर से मुझे अपना प्लान भी पूरा करना था। बैसे भी जब मैं अब तक इतने लोगों से चुद चुकी थी कि मुझे किसी का भी लण्ड लेने में कोई दिक्कत नहीं थी। जैसा मैंने सोचा था वो मुझे पास के ही एक चीप क्वालिटी के होटल में ले गया।
यहाँ तक तो मुझे उससे कोई दिक्कत नहीं थी। पर होटल रूम में जाने के बाद उसने जो किया उससे मेरा खून गुस्से से खौलने लगा और उसके लिए मेरे मन में नफरत जाग गई। पर फिर भी मैंने अपनी ऐक्टिंग जारी रखी और नशे में होने का नाटक करती रही। असल में गगन ने मुझे विस्तर पर लिटाने के बाद अपने मोबाईल में बीडियो रिकार्डिंग ऑन करके उसे कमरे में सेट कर दिया था। ताकि वो मेरी सेक्स बीडियो बना सके। जो कि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती थी और ना ही मेरी प्लानिंग में यह सब सामिल था।
मोबाईल को अच्छी तरह से सेट करने बाद गगन ने अपने सारे कपडे उतार दिए। फिर उसने एक एक करके मेरे भी सारे कपडे उतार दिये और मेरे शरीर को किसी भूखे भेडिये की तरह चूमने और चाटने लगा। उसकी इन हरकतों से मेरे अंदर भी चुदाई की आग भडक चुकी थी। पर मुझे अपनी एक्टिंग जारी रखनी थी। इसलिए मैं नशे में बडबडाने की एक्टिंग करने लगी
निशा- आह रवि ये क्या कर रहे हो तुम... रवि प्लीज रुक जाओ मुझे कुछ कुछ हो रहा है.... तुमने वादा किया था कि शादी से पहले कुछ नहीं करोगे.. ओह रवि आई लव यू
मैं जनबूझकर गगन की जगह रवि का नाम ले रही थी। ताकि गगन को यकीन हो जाये की मैं अपने होश में नहीं हूँ और नशे की हालत में उसे रवि समझ रही हूँ। मेरे होठों को किस करते हुए मेरे बूब्स तक जा पहुँचा था। कुछ देर मेरे बूब्स को अच्छी तरह चूमने और सहलाने के बाद वो धीरे धीरे मेरे पेट से होते हुए वो मेरी चूत तक पहुंच गया और मेरी चूत को चाटने लगा।
पता नहीं उसे मेरी चूत चाटने में क्या मजा आ रहा था। क्योंकि मेरे झरने के बाद भी उसने मेरी चूत नहीं छोडी थी। मैं पूरी तरह से पागल हो रही थी और बस किसी भी तरह चुदना चाहती थी। पर गगन को कोई जल्दी नहीं थी। मेरी चूत का भऱपूर मजा लेने के बाद वो मेरी कमर के पास आकर बैठ गया और एक ही झटके में अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया जिस कारण मैं हलके से चीखी
निशा- आआआआहहहहह रवि दर्द हो रहा है.... प्लीज निकाल लो
पर अब गगन को मेरी कोई फिक्र नहीं थी। उसने बिना रुके मेरी चुदाई शुरू कर दी। कुछ देर बाद मुझे भी मजा आने लगा तो में उसकी जगह रवि का नाम लेकर आहें भऱने लगी। करीब 25-30 मिनट धुँआधार तरीके से मेरी चुदाई करने के बाद गगन ने अचानक से अपनी स्पीड बड़ा दी। इससे पहले उसका पानी मेरी चूत के अंदर जाता उसने अपना लण्ड बाहर निकाला और मेरे मूँह में घुसा दिया।
अगले ही पल उसका सारा पानी मेरे मूँह में समा गया। जिसके बाद उसने मेरी नाक बंद कर दी। जिस कारण ना चाहते हुए भी मैं उसका सारा पानी निगल गई और जोर जोर सें खाँसने लगी। कुछ देर खांसने के बाद मैं शांत हो गई और आँख बंद कर सोने की एक्टिंग करने लगी। गगन ने मुझे हिला डुला कर देखा तो मैंने कोई हरकत नहीं की। जिसके बाद उसने अपना मोबाईल उठाया और रिकार्डिंग ऑफ करके अपना मोबाईल मेरे पास ही छोडकर बाथरूम में घुस गया।
मैं इसी पल के इंतजार में थी। जैसे ही मैंने बथरूम का गेट बंद होने की आबाज सुनी तो तुरंत अपनी आँखे खोल लीं और गगन का मोबाईल उठा लिया। वो अब भी अनलॉक था। मेरे पास समय बहुत कम था। इसलिए उसके मोबाईल को अच्छी तरह चेक करने की जगह मैंने उसमें एक स्पाईवेयर एप इंसटॉल कर दिया। इस एप की सबसे बडी खासियत थी कि यह इंस्टाल होने के बाद हाईड हो जाता है। जिस कारण कोई भी एक्सपर्ट यह नहीं बता सकता कि उस मोबाईल में कोई स्पाईवेयर इंस्टाल है।
जैसे ही एप इंस्टाल हो गया तो मैंने बापिस मोबाईल उसी जगह पर रख दिया और आँख बंद कर के लेट गई। कुछ ही देर में गगन भी बापिस आ गया था। उसने मेरे मूँह को और चूत को एक टॉबल से अच्छी तरह से साफ किया। क्योंकि मेरे मूँह पर अब भी उसका थोडा सा बीर्य लगा हुआ था और मेरी चूत कई बार पानी छोडने के कारण कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। मुझे अच्छे से साफ करने के बाद उसने मुझे कपडे पहनाऐ और एक कंबल ओडा दिया। फिर वो धीरे से बोला
गगन- सपना मेरी जान... तुम पर मेरी नजर तो उसी दिन से खराब थी, जिस दिन पहली बार तुम्हें देखा था। पर तुम उस रवि की बाहों में थी। इसलिए मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं तुम्हें उससे छीन के रहूँगा। अब तुम भी मेरी और तेरे बाप की अरबों की प्रापर्टी भी मेरी। बैसे तो मैं तुम दोनों का ब्रेकअप करवाकर सीधे सीधे तरीके से तुम्हें पाना चाहता था। पर तुमने खुद ही ड्रिंक करके मेरा काम आसान कर दिया। अब ब्रेकअप तो तुम्हारा होगा ही, चाहे तुम्हारे तरीके से या मेरे तरीके से। खुद ब्रेकअप करके मेरे पास आ जाओगी तो कोई बात नहीं, बर्ना मैंने बीडियो तो बना ही लिया है। उसकी हेल्प से मैं तुम्हें अपना बना ही लूँगा। अब तुम आराम करो कल मिलता हूँ।
इतना बोलकर वो वहाँ से बाहर चला गया। उसके जाते ही मैंने अपनी आँखें खोली। मेरा चेहरा गुस्से से लाल था। इसलिए मैं तुरंत विस्तर से उठी और फटाफट उस रूम से बाहर निकल गई। मैं जब तक बाहर आई गगन वहाँ से जा चुका था। गगन के जाते ही मैंने भी ऑटो लिया और अपने होटल में जा पहूँची। रूम में जाकर मैने जल्दी से अपना लैपटॉप ऑन किया और गगन के मोबईल में इंस्लॉल स्पाई वेयर एप की हेल्प से उसका मोबाईल हैक कर लिया।
चूँकि मैं एक आई.टी. कम्पनी में साफ्टवेयर टेस्टिंग और बैक-एण्ड सपोर्ट का काम कती हूँ। इसलिए यह काम मेरे लिए चुटकी बजाने जितना आसान है। जब मैंने उसका मोबाईल चैक किया तो मैंने देखा कि उसके मोबाईल में मेरे बीडियो के अलावा भी कई दूसरी लडकियों के सेक्स बीडियो के साथ साथ उनके फोटो और कॉल रिकार्डिंग सेव हैं। मैंने सबसे पहले लेटेस्ट बीडियो को प्ले किया तो वो मेरा ही बीडियो था, जिसे मैंने अपने मोबाईल में तुरंत ट्रांशफऱ करके गगन के मोबाईस से परमानेंट डिलीट कर दिया ताकि वो दोवारा उसे रिकवर ना हो सके।
उसके बाद मैंने गगन के मोबाईल का बाकी डाटा भी अपने लैपटॉप में ट्रॉंशफर करने की कामांड दे दी। गगन के मोबाईल में काफी ज्यादा डाटा था। जिसे ट्रांशफर होने में 4-5 घंटे का समय लगने बाला था। मैंने घडी में समय देखा तो रात के 11 बज रहे थे। तो मैंने सोचा कि अभी तो काफी रात बाकी है और डाटा ट्रांशफर होने में भी समय लगने बाला है। तो क्यों ना थोडी सी मस्ती और कर ली जाऐ। इसलिए मैंने अपना लैपटॉप चार्जिंग पर लगा दिया और अपने रूम से बाहर निकल गई।
होटल से बाहर आने के बाद मैंने असलम को कॉल किया तो वो मेरे ही कॉल के इंतजार में बैठा हुआ था। मैंने उसे उसी होटल में बुला लिया जिसमें गगन मुझे ले गया था। क्योंकि होटल से आते समय मैंने चैकआउट नहीं किया था। इसलिए उस रूम की चाबियाँ अब भी मेरे पास ही थीं। बैसे भी गगन पहले ही सारी रात का पेमेंट कर चुका था और वो मेरे होटल से ज्यादा दूर भी नहीं था। मैं जब तक उस होटल के रूम में पहूँची तब तक असलम भी वहाँ आ चूका था।
मैंने असलम को रूम नम्बर बता दिया तो। वो सीधा मेरे रूम में आ गया और आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो इस काम का माहिर खिलाडी था। जिस कारण उसने जल्द ही मेरी बॉडी के बीक पाईंट ढूँड लिए और मुझे सिड्यूज करने लगा। अब तक मैं भी इस काम को अच्छी तरह से समझ चुकी थी। इसलिए मैंने भी अपनी तरफ से उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हम दोनों बिना कपडों के बिस्तर पर एक दूसरे को चूमने और सहलाने में बिजी थी।
काफी देर तक एक दूसरे को चूमने और सहलाने के बाद मैंने खुद से ही उसे ब्लोजॉब देना शुरू कर दिया। वो मेरे ब्लोजॉब देने की कला से काफी खुश हुआ और इंज्यॉय करने लगा। कुछ देर ब्लोजॉब लेने के बाद उसने मुझे अलग अलग पोजीशन में चोदना शुरू कर दिया, मैं हर एक पोजीशन में उसका भरपूर साथ दे रही थी। साथ ही साथ खुद भी मजे ले रही थी। मुझे असलम के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 40-45 मिनट तक अलग अलग पोजीशन में मुझे चोदने के बाद उसने मेरी चूत से अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी गाँड मारने लगा।
मैं समझ गई कि वो मुझे पूरी तरह से परखना चाहता है। पर अब तक मैं गाँड मरवाने में भी अच्छी खासी एक्सपर्ट हो गई थी और अब मुझे गाँड मरवाने में भी मजा आने लगा था, इसलिए मैंने उसे नहीं रोका। असलम की टाईमिंग काफी ज्यादा थी। मुझे पूरा यकीन था कि उसने जरूर स्टेमिना बडाने के लिए वियाग्रा या फिर कोई दूसरी टेवलेट ली होगी। कुछ देर मेरी गाँड मारने के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी गाँड में ही छोड दिया और मेरे बगल में लेट कर लम्बी लम्बी साँस लेते हुए बोला
असलम- तुम बाकई में शानदार हो। खूबसूरत होने के साथ साथ मर्दों को खुश करने की कला में भी माहिर हो। अगर तुम मुझसे शादी करने के लिए मान जाओ तो मैं सारे गलत काम बंद करके यहाँ से कहीं दूर जाकर तुम्हारे साथ एक शराफत की जिंदगी जीने के लिए तैयार हूँ। पैसों की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि अब तक मैंने इतना तो कमा ही लिया है कि हम सारी जिंदगी आराम से जी सकते हैँ और अपना एक शराफत का बिजनेश भी शुरू कर सकते हैं।
असलम की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली
निशा- बहुत देर हो गई है असलम। अब मैं शरीफ लड़की नहीं रही
असलम- मुझे इससे कोई फर्क नहीं पढता
निशा- पर फिलहाल ये संभव नहीं है।
असलम- कोई बात नहीं पर जब भी तुम्हारा मन इन सब कामों को छोडकर सैटल होने का हो, तो एक बार मुझसे जरूर बात कर लेना। मैं हमेशा तुम्हें अपनाने के लिए तैयार रहूँगा।
निशा- तब की तब से देखेंगे। पर अगर जिंदगी में कभी ऐसा मोढ आया, तो में पक्का एक बार तुम्हें कॉल जरूर करूँगी। बैसे तुम भी बिस्तर पर पक्के उस्ताद हो। तुम्हारे साथ तो हर लड़की खुश रहेगी।
अब तक हम काफी हद तक नॉर्मल हो गए थे। तभी मुझे अचानक गगन की याद आई। पता नहीं क्यों पर मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझे असलम से गगन के बारे में जरूर कोई जानकारी मिल सकती है। इसलिए मैंने अपने मोबाईल में गगन की एक फोटो ओपन की जो गगन ने खुद ही मुझे सेंड किया था और उसे असलम को दिखाते हुए बोली
निशा- अच्छा असलम क्या तुम इस लडके को जानते हो
असलम ने उस फोटो को बडे गौर से देखा और अपनी आँखे छोटी करते हुए बोला
असलम- गगन राणा उर्फ गोगी....... क्यों क्या हुआ? तुम्हें इस लडके से क्या काम है?
निशा- कुछ खास नहीं... बस इसकी पूरी जन्म कुंडली पता करनी है
असलम- पर क्यों
निशा- अरे वो मेरी एक फ्रेंड है यहाँ पर, यह लडका उसका दोस्त है। मैं मिली हूँ इससे 1-2 बार पर यह लड़का मुझे कुछ ठीक नहीं लगा। मुझसे मिलने के बाद इसने मेरी दोस्त से बात करना कम कर दिया है और आज कल मुझे मैसेज पर मैसेज भेज रहा है। बस इसीलिए पता करना चाहती हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम कुछ देर सोचता रहा और फिर बोला
असलम- देखो सपना बैसे तो कोई और होता तो मैं उसे नहीं बताता। क्योंकि धंधे बाली बात है और मैं धंधे में दोस्ती यारी को नहीं लाता। पर तुम अलग हो। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मैं तुम्हें पसंद करता हूँ, बस इसीलिए तुम्हें बता रहा हूँ। असल में गोगी यहाँ के एक जाने माने गुण्डे मोहित राणा का बेटा है। इसका बाप उम्र कैद की सजा काट रहा है। उसपर कई सारे स्मगलिंग, मर्डर और बलात्कार के केस चल रहे हैं। उसके ही नक्शे कदम पर उसका बेटा चल रहा है। अभी ये उतना बड़ा गुंडा नहीं बना है। पर मुझे पूरा यकीन है कि कुछ ही सालों में यह अपने बाप से भी आगे निकल जाऐगा।
इतना बोलकर असलम कुछ देर रुका और सोचते हुए बोला
असलम- गोगी एक नम्बर का कमीना है। अभी किसी कॉलेज में पढाई कर रहा है और नई नई लडकियों को फंसाकर उनके सेक्स बीडियो और नंगे फोटो निकाल लेता है। फिर जब उन लडकियों से उसका मन भर जाता है तो वो उन लडकियों को ब्लैकमेल करके पैसे माँगता है और जो लड़की पैसे नहीं दे पाती है, उसे वो कार्लगर्ल बनाकर पैसे कमा लेता है। उसने मेरे पास भी कई लडकियों को भेजा है। मेरे ज्यादातर कस्टमर प्रीमियम क्लॉस होते हैं यानि ऐसे आदमी जो दुनिया के सामने तो एकदम शरीफ होते हैं पर वो अपने घर बालों और दुनिया से छिपकर लडकियों के साथ अपनी डार्क फैंटसी पूरी करते हैं। ऐसे कस्टमर शरीफ लडकियों को ज्यादा पसंद करते हैं और पैसे भी अच्छे देते हैं।
असलम की बात सुनकर मैंने कहा
निशा- इसका मतलब यह भी तुम्हारी तरह कॉलगर्ल सप्लाई करता है।
असलम- अरे नहीं.. यह तो बस लडकियों को फंसाकर मेरे जैसे लोगों के हबाले कर देता है और उन लडकियों की कमाई पर ऐस करता है। इसके अलाबा यह स्मगलिंग का काम भी करने लगा है। भोपाल के कॉलेजों में ज्यादातर ड्रग यही सप्लाई करवाता है। एक तो इसकी उम्र कम है और ऊपर से ये अपने साथ हमेशा कोई ना कोई लड़की रखता है। इस बजह से पुलिस को भी इसपर शक नहीं होता है। बैसे भी इसने सारी दुनिया से छिपा रखा है कि यह मोहित राणा का बेटा है।
असलम के मूँह से गगन के बारे में ये सब कुछ जानकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। मैं सम़झ गई कि मजे लेने और दोस्ती निभाने के चक्कर में मैं गलत आदमियों से उलझ बैठी हूँ। पहले तो मेरे मन में ख्याल आया कि यह सब काम यहीं बंद करके सीधा दिल्ली निकल जाऊँ, पर अगले ही पल मुझे रवि की चिंता होने लगी। हालाँकि उसके लिए मेरे मन में प्यार जैसी कोई फीलिंग नहीं थी। पर वो एक अच्छा लड़का था और मैं उसे अपना अच्छा दोस्त मानने लगी थी।
इसलिए मैंने मन ही मन तय किया कि कम से कम रवि के लिए तो मुझे गगन का कुछ इलाज करना ही पडेगा। बैसे भी मुझे कौन सा यहाँ रहना है। 3-4 दिन में यहां से चली जाऊँगी। इसलिए अगर कुछ गडबड भी हुई, तो गगन मुझे कभी ढूँड ही नहीं पाऐगा। बैसे भी मुझे गगन के बारे में जो कुछ जानना था वो मैं असलम से पूछ चुकी थी। इसलिए अब उसे टालने के लिए मैं बोली।
निशा- थैंक्स असलम... अब मैं अपनी दोस्त को उससे दूर रहने के लिए बोल दूँगी। कम से कम वो तो उसके चक्कर में ना फंसे। बाकी लोगों से मुझे कोई मतलब नहीं है। बैसे भी मैं कौन सा शराफत का काम कर रहीं हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- वो तो ठीक है पर तुम भी उससे दूर ही रहना
निशा- क्यों मेरा क्या कर लेगा वो। बैसे भी मैं यहाँ बस 3-4 दिन ही हूँ। उसके बाद अपना ठीकाना दिल्ली, इसलिए मैं खुद भी इन फालतू के चक्कर में नहीं पडना चाहती हूँ।
असलम- ये भी ठीक है। बैसे तुम्हारे लिए कल एक ऑफर है
निशा- क्या
असलम- यहाँ के डी.जी.पी. यानि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के यहाँ एक लड़की भेजनी है।
असलम की बात सुनकर मैं बुरी तरह से चौंकते हुए बोली
निशा- पागल हो क्या... डी.जी.पी. का मतलब भी पता है तुम्हें। वो पूरे एम.पी. के पुलिस हेड हैं। क्या पहले ही दिन मुझे जेल भेजने का इरादा है।
मेरी बात सुनकर असलम हंसते हुए बोला
असलम- अरे ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं पहले भी 2-3 बार उनके पास लडकियाँ भेज चुका हूँ। मेरा यकीन करो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। पैसा भी अच्छा मिलता है और मजे भी पूरा देता है। बस एक प्रॉब्लम है।
निशा- क्या
असलम- थोडा सनकी टाईप है, इसलिए किसी भी लडकी को ऐसे नहीं बुलाता है। हर बार अलग अलग रोल करने का बोलता है। कभी उसे शादीशुदा चाहिए, तो कभी कॉलेज गर्ल चाहिए और कभी डॉक्टर। लेकिन इस बार पुलिस बाली की डिमांड कर रहा है।
असलम की बात सुनकर मैं थोडा झुंझलाते हुए बोली
निशा- तो मैं कौन सा पुलिस बाली हूँ।
असलम- अरे मेरी जान असली पुलिस बाली थोडी माँग रहा है। बस तुम्हें पुलिस बाली की यूनिफार्म पहलकर जाना है।
निशा- अब मैं पुलिस की यूनिफार्म कहां से लाऊँगी
असलम- उसकी चिंता तुम मत करो। कल पुलिस हैडक्वाटर के पास ही अली नाम का ट्रेलर है, वहाँ चली जाना, वो कर देगा इंतजाम। कल के कल ही तुम्हें नई यूनिफार्म सिलकर दे देगा।
निशा- पर मैं ही क्यों किसी और को भेज दो
असलम- मैं तो तुम्हें वहाँ जाने के लिए केबल इसलिए बोल रहा हूँ, क्योंकि तुम मेरी वाकी लडकियों से ज्यादा सुन्दर और सेक्सी हो और पुलिस यूनिफार्म में तो तुम एकदम बॉम्ब दिखोगी। बैसे भी तुम्हारे अंदर मर्दों को खुश करने की कला है। इसलिए डी.जी.पी. सहाब खुश होकर तुम्हें अच्छा खासा इनाम भी दे सकते हैं। बैसे भी तुम केवल 3-4 दिन के लिए ही यहाँ पर हो, तो मैं सोच रहा था कि अपने सबसे ज्यादा प्रीमियम क्लाईंट ही तुम्हें दूँ।
निशा- पर वो डी.जी.पी. हैं असलम। मेरी तो उनका नाम सुनते ही फटने लगी है
असलम- अरे फिक्र मत करो, कोई प्राव्लम नहीं होगी। यह मेरी गारंटी है।
मैंने असलम की बातों के बारे में कुछ देर सोचा और फिर बोली
निशा- चलो ठीक है। पर कितने बाजे जाना है और कहाँ जाना है।
असलम- वो सब मैं फोन करके बता दूँगा। तो फिर ठीक है… अब चलता हूँ।
इतना बोलकर असलम ने अपने कपडे पहने और मुझे पैसे देकर वहाँ से चला गया। असलम के जाने के बाद मैंने बाथरूम में जाकर अपने आप को अच्छी तरह से साफ किया और फिर अपने कपडे पहनने के बाद मैं भी उस होटल से चैकआउट करके निकल गई। होटल से बाहर आकर मैंने मोबाईल में समय देखा तो रात 1 बज रहे थे। अब अपने होटल जाने का तो कोई मतलब नहीं था। इसलिए मैंने रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो लिया और वहाँ से निकल गई।
मैं इसी पल के इंतजार में थी। जैसे ही मैंने बथरूम का गेट बंद होने की आबाज सुनी तो तुरंत अपनी आँखे खोल लीं और गगन का मोबाईल उठा लिया। वो अब भी अनलॉक था। मेरे पास समय बहुत कम था। इसलिए उसके मोबाईल को अच्छी तरह चेक करने की जगह मैंने उसमें एक स्पाईवेयर एप इंसटॉल कर दिया। इस एप की सबसे बडी खासियत थी कि यह इंस्टाल होने के बाद हाईड हो जाता है। जिस कारण कोई भी एक्सपर्ट यह नहीं बता सकता कि उस मोबाईल में कोई स्पाईवेयर इंस्टाल है।
जैसे ही एप इंस्टाल हो गया तो मैंने बापिस मोबाईल उसी जगह पर रख दिया और आँख बंद कर के लेट गई। कुछ ही देर में गगन भी बापिस आ गया था। उसने मेरे मूँह को और चूत को एक टॉबल से अच्छी तरह से साफ किया। क्योंकि मेरे मूँह पर अब भी उसका थोडा सा बीर्य लगा हुआ था और मेरी चूत कई बार पानी छोडने के कारण कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। मुझे अच्छे से साफ करने के बाद उसने मुझे कपडे पहनाऐ और एक कंबल ओडा दिया। फिर वो धीरे से बोला
गगन- सपना मेरी जान... तुम पर मेरी नजर तो उसी दिन से खराब थी, जिस दिन पहली बार तुम्हें देखा था। पर तुम उस रवि की बाहों में थी। इसलिए मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं तुम्हें उससे छीन के रहूँगा। अब तुम भी मेरी और तेरे बाप की अरबों की प्रापर्टी भी मेरी। बैसे तो मैं तुम दोनों का ब्रेकअप करवाकर सीधे सीधे तरीके से तुम्हें पाना चाहता था। पर तुमने खुद ही ड्रिंक करके मेरा काम आसान कर दिया। अब ब्रेकअप तो तुम्हारा होगा ही, चाहे तुम्हारे तरीके से या मेरे तरीके से। खुद ब्रेकअप करके मेरे पास आ जाओगी तो कोई बात नहीं, बर्ना मैंने बीडियो तो बना ही लिया है। उसकी हेल्प से मैं तुम्हें अपना बना ही लूँगा। अब तुम आराम करो कल मिलता हूँ।
इतना बोलकर वो वहाँ से बाहर चला गया। उसके जाते ही मैंने अपनी आँखें खोली। मेरा चेहरा गुस्से से लाल था। इसलिए मैं तुरंत विस्तर से उठी और फटाफट उस रूम से बाहर निकल गई। मैं जब तक बाहर आई गगन वहाँ से जा चुका था। गगन के जाते ही मैंने भी ऑटो लिया और अपने होटल में जा पहूँची। रूम में जाकर मैने जल्दी से अपना लैपटॉप ऑन किया और गगन के मोबईल में इंस्लॉल स्पाई वेयर एप की हेल्प से उसका मोबाईल हैक कर लिया।
चूँकि मैं एक आई.टी. कम्पनी में साफ्टवेयर टेस्टिंग और बैक-एण्ड सपोर्ट का काम कती हूँ। इसलिए यह काम मेरे लिए चुटकी बजाने जितना आसान है। जब मैंने उसका मोबाईल चैक किया तो मैंने देखा कि उसके मोबाईल में मेरे बीडियो के अलावा भी कई दूसरी लडकियों के सेक्स बीडियो के साथ साथ उनके फोटो और कॉल रिकार्डिंग सेव हैं। मैंने सबसे पहले लेटेस्ट बीडियो को प्ले किया तो वो मेरा ही बीडियो था, जिसे मैंने अपने मोबाईल में तुरंत ट्रांशफऱ करके गगन के मोबाईस से परमानेंट डिलीट कर दिया ताकि वो दोवारा उसे रिकवर ना हो सके।
उसके बाद मैंने गगन के मोबाईल का बाकी डाटा भी अपने लैपटॉप में ट्रॉंशफर करने की कामांड दे दी। गगन के मोबाईल में काफी ज्यादा डाटा था। जिसे ट्रांशफर होने में 4-5 घंटे का समय लगने बाला था। मैंने घडी में समय देखा तो रात के 11 बज रहे थे। तो मैंने सोचा कि अभी तो काफी रात बाकी है और डाटा ट्रांशफर होने में भी समय लगने बाला है। तो क्यों ना थोडी सी मस्ती और कर ली जाऐ। इसलिए मैंने अपना लैपटॉप चार्जिंग पर लगा दिया और अपने रूम से बाहर निकल गई।
होटल से बाहर आने के बाद मैंने असलम को कॉल किया तो वो मेरे ही कॉल के इंतजार में बैठा हुआ था। मैंने उसे उसी होटल में बुला लिया जिसमें गगन मुझे ले गया था। क्योंकि होटल से आते समय मैंने चैकआउट नहीं किया था। इसलिए उस रूम की चाबियाँ अब भी मेरे पास ही थीं। बैसे भी गगन पहले ही सारी रात का पेमेंट कर चुका था और वो मेरे होटल से ज्यादा दूर भी नहीं था। मैं जब तक उस होटल के रूम में पहूँची तब तक असलम भी वहाँ आ चूका था।
मैंने असलम को रूम नम्बर बता दिया तो। वो सीधा मेरे रूम में आ गया और आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो इस काम का माहिर खिलाडी था। जिस कारण उसने जल्द ही मेरी बॉडी के बीक पाईंट ढूँड लिए और मुझे सिड्यूज करने लगा। अब तक मैं भी इस काम को अच्छी तरह से समझ चुकी थी। इसलिए मैंने भी अपनी तरफ से उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हम दोनों बिना कपडों के बिस्तर पर एक दूसरे को चूमने और सहलाने में बिजी थी।
काफी देर तक एक दूसरे को चूमने और सहलाने के बाद मैंने खुद से ही उसे ब्लोजॉब देना शुरू कर दिया। वो मेरे ब्लोजॉब देने की कला से काफी खुश हुआ और इंज्यॉय करने लगा। कुछ देर ब्लोजॉब लेने के बाद उसने मुझे अलग अलग पोजीशन में चोदना शुरू कर दिया, मैं हर एक पोजीशन में उसका भरपूर साथ दे रही थी। साथ ही साथ खुद भी मजे ले रही थी। मुझे असलम के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 40-45 मिनट तक अलग अलग पोजीशन में मुझे चोदने के बाद उसने मेरी चूत से अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी गाँड मारने लगा।
मैं समझ गई कि वो मुझे पूरी तरह से परखना चाहता है। पर अब तक मैं गाँड मरवाने में भी अच्छी खासी एक्सपर्ट हो गई थी और अब मुझे गाँड मरवाने में भी मजा आने लगा था, इसलिए मैंने उसे नहीं रोका। असलम की टाईमिंग काफी ज्यादा थी। मुझे पूरा यकीन था कि उसने जरूर स्टेमिना बडाने के लिए वियाग्रा या फिर कोई दूसरी टेवलेट ली होगी। कुछ देर मेरी गाँड मारने के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी गाँड में ही छोड दिया और मेरे बगल में लेट कर लम्बी लम्बी साँस लेते हुए बोला
असलम- तुम बाकई में शानदार हो। खूबसूरत होने के साथ साथ मर्दों को खुश करने की कला में भी माहिर हो। अगर तुम मुझसे शादी करने के लिए मान जाओ तो मैं सारे गलत काम बंद करके यहाँ से कहीं दूर जाकर तुम्हारे साथ एक शराफत की जिंदगी जीने के लिए तैयार हूँ। पैसों की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि अब तक मैंने इतना तो कमा ही लिया है कि हम सारी जिंदगी आराम से जी सकते हैँ और अपना एक शराफत का बिजनेश भी शुरू कर सकते हैं।
असलम की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली
निशा- बहुत देर हो गई है असलम। अब मैं शरीफ लड़की नहीं रही
असलम- मुझे इससे कोई फर्क नहीं पढता
निशा- पर फिलहाल ये संभव नहीं है।
असलम- कोई बात नहीं पर जब भी तुम्हारा मन इन सब कामों को छोडकर सैटल होने का हो, तो एक बार मुझसे जरूर बात कर लेना। मैं हमेशा तुम्हें अपनाने के लिए तैयार रहूँगा।
निशा- तब की तब से देखेंगे। पर अगर जिंदगी में कभी ऐसा मोढ आया, तो में पक्का एक बार तुम्हें कॉल जरूर करूँगी। बैसे तुम भी बिस्तर पर पक्के उस्ताद हो। तुम्हारे साथ तो हर लड़की खुश रहेगी।
अब तक हम काफी हद तक नॉर्मल हो गए थे। तभी मुझे अचानक गगन की याद आई। पता नहीं क्यों पर मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझे असलम से गगन के बारे में जरूर कोई जानकारी मिल सकती है। इसलिए मैंने अपने मोबाईल में गगन की एक फोटो ओपन की जो गगन ने खुद ही मुझे सेंड किया था और उसे असलम को दिखाते हुए बोली
निशा- अच्छा असलम क्या तुम इस लडके को जानते हो
असलम ने उस फोटो को बडे गौर से देखा और अपनी आँखे छोटी करते हुए बोला
असलम- गगन राणा उर्फ गोगी....... क्यों क्या हुआ? तुम्हें इस लडके से क्या काम है?
निशा- कुछ खास नहीं... बस इसकी पूरी जन्म कुंडली पता करनी है
असलम- पर क्यों
निशा- अरे वो मेरी एक फ्रेंड है यहाँ पर, यह लडका उसका दोस्त है। मैं मिली हूँ इससे 1-2 बार पर यह लड़का मुझे कुछ ठीक नहीं लगा। मुझसे मिलने के बाद इसने मेरी दोस्त से बात करना कम कर दिया है और आज कल मुझे मैसेज पर मैसेज भेज रहा है। बस इसीलिए पता करना चाहती हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम कुछ देर सोचता रहा और फिर बोला
असलम- देखो सपना बैसे तो कोई और होता तो मैं उसे नहीं बताता। क्योंकि धंधे बाली बात है और मैं धंधे में दोस्ती यारी को नहीं लाता। पर तुम अलग हो। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मैं तुम्हें पसंद करता हूँ, बस इसीलिए तुम्हें बता रहा हूँ। असल में गोगी यहाँ के एक जाने माने गुण्डे मोहित राणा का बेटा है। इसका बाप उम्र कैद की सजा काट रहा है। उसपर कई सारे स्मगलिंग, मर्डर और बलात्कार के केस चल रहे हैं। उसके ही नक्शे कदम पर उसका बेटा चल रहा है। अभी ये उतना बड़ा गुंडा नहीं बना है। पर मुझे पूरा यकीन है कि कुछ ही सालों में यह अपने बाप से भी आगे निकल जाऐगा।
इतना बोलकर असलम कुछ देर रुका और सोचते हुए बोला
असलम- गोगी एक नम्बर का कमीना है। अभी किसी कॉलेज में पढाई कर रहा है और नई नई लडकियों को फंसाकर उनके सेक्स बीडियो और नंगे फोटो निकाल लेता है। फिर जब उन लडकियों से उसका मन भर जाता है तो वो उन लडकियों को ब्लैकमेल करके पैसे माँगता है और जो लड़की पैसे नहीं दे पाती है, उसे वो कार्लगर्ल बनाकर पैसे कमा लेता है। उसने मेरे पास भी कई लडकियों को भेजा है। मेरे ज्यादातर कस्टमर प्रीमियम क्लॉस होते हैं यानि ऐसे आदमी जो दुनिया के सामने तो एकदम शरीफ होते हैं पर वो अपने घर बालों और दुनिया से छिपकर लडकियों के साथ अपनी डार्क फैंटसी पूरी करते हैं। ऐसे कस्टमर शरीफ लडकियों को ज्यादा पसंद करते हैं और पैसे भी अच्छे देते हैं।
असलम की बात सुनकर मैंने कहा
निशा- इसका मतलब यह भी तुम्हारी तरह कॉलगर्ल सप्लाई करता है।
असलम- अरे नहीं.. यह तो बस लडकियों को फंसाकर मेरे जैसे लोगों के हबाले कर देता है और उन लडकियों की कमाई पर ऐस करता है। इसके अलाबा यह स्मगलिंग का काम भी करने लगा है। भोपाल के कॉलेजों में ज्यादातर ड्रग यही सप्लाई करवाता है। एक तो इसकी उम्र कम है और ऊपर से ये अपने साथ हमेशा कोई ना कोई लड़की रखता है। इस बजह से पुलिस को भी इसपर शक नहीं होता है। बैसे भी इसने सारी दुनिया से छिपा रखा है कि यह मोहित राणा का बेटा है।
असलम के मूँह से गगन के बारे में ये सब कुछ जानकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। मैं सम़झ गई कि मजे लेने और दोस्ती निभाने के चक्कर में मैं गलत आदमियों से उलझ बैठी हूँ। पहले तो मेरे मन में ख्याल आया कि यह सब काम यहीं बंद करके सीधा दिल्ली निकल जाऊँ, पर अगले ही पल मुझे रवि की चिंता होने लगी। हालाँकि उसके लिए मेरे मन में प्यार जैसी कोई फीलिंग नहीं थी। पर वो एक अच्छा लड़का था और मैं उसे अपना अच्छा दोस्त मानने लगी थी।
इसलिए मैंने मन ही मन तय किया कि कम से कम रवि के लिए तो मुझे गगन का कुछ इलाज करना ही पडेगा। बैसे भी मुझे कौन सा यहाँ रहना है। 3-4 दिन में यहां से चली जाऊँगी। इसलिए अगर कुछ गडबड भी हुई, तो गगन मुझे कभी ढूँड ही नहीं पाऐगा। बैसे भी मुझे गगन के बारे में जो कुछ जानना था वो मैं असलम से पूछ चुकी थी। इसलिए अब उसे टालने के लिए मैं बोली।
निशा- थैंक्स असलम... अब मैं अपनी दोस्त को उससे दूर रहने के लिए बोल दूँगी। कम से कम वो तो उसके चक्कर में ना फंसे। बाकी लोगों से मुझे कोई मतलब नहीं है। बैसे भी मैं कौन सा शराफत का काम कर रहीं हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- वो तो ठीक है पर तुम भी उससे दूर ही रहना
निशा- क्यों मेरा क्या कर लेगा वो। बैसे भी मैं यहाँ बस 3-4 दिन ही हूँ। उसके बाद अपना ठीकाना दिल्ली, इसलिए मैं खुद भी इन फालतू के चक्कर में नहीं पडना चाहती हूँ।
असलम- ये भी ठीक है। बैसे तुम्हारे लिए कल एक ऑफर है
निशा- क्या
असलम- यहाँ के डी.जी.पी. यानि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के यहाँ एक लड़की भेजनी है।
असलम की बात सुनकर मैं बुरी तरह से चौंकते हुए बोली
निशा- पागल हो क्या... डी.जी.पी. का मतलब भी पता है तुम्हें। वो पूरे एम.पी. के पुलिस हेड हैं। क्या पहले ही दिन मुझे जेल भेजने का इरादा है।
मेरी बात सुनकर असलम हंसते हुए बोला
असलम- अरे ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं पहले भी 2-3 बार उनके पास लडकियाँ भेज चुका हूँ। मेरा यकीन करो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। पैसा भी अच्छा मिलता है और मजे भी पूरा देता है। बस एक प्रॉब्लम है।
निशा- क्या
असलम- थोडा सनकी टाईप है, इसलिए किसी भी लडकी को ऐसे नहीं बुलाता है। हर बार अलग अलग रोल करने का बोलता है। कभी उसे शादीशुदा चाहिए, तो कभी कॉलेज गर्ल चाहिए और कभी डॉक्टर। लेकिन इस बार पुलिस बाली की डिमांड कर रहा है।
असलम की बात सुनकर मैं थोडा झुंझलाते हुए बोली
निशा- तो मैं कौन सा पुलिस बाली हूँ।
असलम- अरे मेरी जान असली पुलिस बाली थोडी माँग रहा है। बस तुम्हें पुलिस बाली की यूनिफार्म पहलकर जाना है।
निशा- अब मैं पुलिस की यूनिफार्म कहां से लाऊँगी
असलम- उसकी चिंता तुम मत करो। कल पुलिस हैडक्वाटर के पास ही अली नाम का ट्रेलर है, वहाँ चली जाना, वो कर देगा इंतजाम। कल के कल ही तुम्हें नई यूनिफार्म सिलकर दे देगा।
निशा- पर मैं ही क्यों किसी और को भेज दो
असलम- मैं तो तुम्हें वहाँ जाने के लिए केबल इसलिए बोल रहा हूँ, क्योंकि तुम मेरी वाकी लडकियों से ज्यादा सुन्दर और सेक्सी हो और पुलिस यूनिफार्म में तो तुम एकदम बॉम्ब दिखोगी। बैसे भी तुम्हारे अंदर मर्दों को खुश करने की कला है। इसलिए डी.जी.पी. सहाब खुश होकर तुम्हें अच्छा खासा इनाम भी दे सकते हैं। बैसे भी तुम केवल 3-4 दिन के लिए ही यहाँ पर हो, तो मैं सोच रहा था कि अपने सबसे ज्यादा प्रीमियम क्लाईंट ही तुम्हें दूँ।
निशा- पर वो डी.जी.पी. हैं असलम। मेरी तो उनका नाम सुनते ही फटने लगी है
असलम- अरे फिक्र मत करो, कोई प्राव्लम नहीं होगी। यह मेरी गारंटी है।
मैंने असलम की बातों के बारे में कुछ देर सोचा और फिर बोली
निशा- चलो ठीक है। पर कितने बाजे जाना है और कहाँ जाना है।
असलम- वो सब मैं फोन करके बता दूँगा। तो फिर ठीक है… अब चलता हूँ।
इतना बोलकर असलम ने अपने कपडे पहने और मुझे पैसे देकर वहाँ से चला गया। असलम के जाने के बाद मैंने बाथरूम में जाकर अपने आप को अच्छी तरह से साफ किया और फिर अपने कपडे पहनने के बाद मैं भी उस होटल से चैकआउट करके निकल गई। होटल से बाहर आकर मैंने मोबाईल में समय देखा तो रात 1 बज रहे थे। अब अपने होटल जाने का तो कोई मतलब नहीं था। इसलिए मैंने रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो लिया और वहाँ से निकल गई।
मैं इसी पल के इंतजार में थी। जैसे ही मैंने बथरूम का गेट बंद होने की आबाज सुनी तो तुरंत अपनी आँखे खोल लीं और गगन का मोबाईल उठा लिया। वो अब भी अनलॉक था। मेरे पास समय बहुत कम था। इसलिए उसके मोबाईल को अच्छी तरह चेक करने की जगह मैंने उसमें एक स्पाईवेयर एप इंसटॉल कर दिया। इस एप की सबसे बडी खासियत थी कि यह इंस्टाल होने के बाद हाईड हो जाता है। जिस कारण कोई भी एक्सपर्ट यह नहीं बता सकता कि उस मोबाईल में कोई स्पाईवेयर इंस्टाल है।
जैसे ही एप इंस्टाल हो गया तो मैंने बापिस मोबाईल उसी जगह पर रख दिया और आँख बंद कर के लेट गई। कुछ ही देर में गगन भी बापिस आ गया था। उसने मेरे मूँह को और चूत को एक टॉबल से अच्छी तरह से साफ किया। क्योंकि मेरे मूँह पर अब भी उसका थोडा सा बीर्य लगा हुआ था और मेरी चूत कई बार पानी छोडने के कारण कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। मुझे अच्छे से साफ करने के बाद उसने मुझे कपडे पहनाऐ और एक कंबल ओडा दिया। फिर वो धीरे से बोला
गगन- सपना मेरी जान... तुम पर मेरी नजर तो उसी दिन से खराब थी, जिस दिन पहली बार तुम्हें देखा था। पर तुम उस रवि की बाहों में थी। इसलिए मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं तुम्हें उससे छीन के रहूँगा। अब तुम भी मेरी और तेरे बाप की अरबों की प्रापर्टी भी मेरी। बैसे तो मैं तुम दोनों का ब्रेकअप करवाकर सीधे सीधे तरीके से तुम्हें पाना चाहता था। पर तुमने खुद ही ड्रिंक करके मेरा काम आसान कर दिया। अब ब्रेकअप तो तुम्हारा होगा ही, चाहे तुम्हारे तरीके से या मेरे तरीके से। खुद ब्रेकअप करके मेरे पास आ जाओगी तो कोई बात नहीं, बर्ना मैंने बीडियो तो बना ही लिया है। उसकी हेल्प से मैं तुम्हें अपना बना ही लूँगा। अब तुम आराम करो कल मिलता हूँ।
इतना बोलकर वो वहाँ से बाहर चला गया। उसके जाते ही मैंने अपनी आँखें खोली। मेरा चेहरा गुस्से से लाल था। इसलिए मैं तुरंत विस्तर से उठी और फटाफट उस रूम से बाहर निकल गई। मैं जब तक बाहर आई गगन वहाँ से जा चुका था। गगन के जाते ही मैंने भी ऑटो लिया और अपने होटल में जा पहूँची। रूम में जाकर मैने जल्दी से अपना लैपटॉप ऑन किया और गगन के मोबईल में इंस्लॉल स्पाई वेयर एप की हेल्प से उसका मोबाईल हैक कर लिया।
चूँकि मैं एक आई.टी. कम्पनी में साफ्टवेयर टेस्टिंग और बैक-एण्ड सपोर्ट का काम कती हूँ। इसलिए यह काम मेरे लिए चुटकी बजाने जितना आसान है। जब मैंने उसका मोबाईल चैक किया तो मैंने देखा कि उसके मोबाईल में मेरे बीडियो के अलावा भी कई दूसरी लडकियों के सेक्स बीडियो के साथ साथ उनके फोटो और कॉल रिकार्डिंग सेव हैं। मैंने सबसे पहले लेटेस्ट बीडियो को प्ले किया तो वो मेरा ही बीडियो था, जिसे मैंने अपने मोबाईल में तुरंत ट्रांशफऱ करके गगन के मोबाईस से परमानेंट डिलीट कर दिया ताकि वो दोवारा उसे रिकवर ना हो सके।
उसके बाद मैंने गगन के मोबाईल का बाकी डाटा भी अपने लैपटॉप में ट्रॉंशफर करने की कामांड दे दी। गगन के मोबाईल में काफी ज्यादा डाटा था। जिसे ट्रांशफर होने में 4-5 घंटे का समय लगने बाला था। मैंने घडी में समय देखा तो रात के 11 बज रहे थे। तो मैंने सोचा कि अभी तो काफी रात बाकी है और डाटा ट्रांशफर होने में भी समय लगने बाला है। तो क्यों ना थोडी सी मस्ती और कर ली जाऐ। इसलिए मैंने अपना लैपटॉप चार्जिंग पर लगा दिया और अपने रूम से बाहर निकल गई।
होटल से बाहर आने के बाद मैंने असलम को कॉल किया तो वो मेरे ही कॉल के इंतजार में बैठा हुआ था। मैंने उसे उसी होटल में बुला लिया जिसमें गगन मुझे ले गया था। क्योंकि होटल से आते समय मैंने चैकआउट नहीं किया था। इसलिए उस रूम की चाबियाँ अब भी मेरे पास ही थीं। बैसे भी गगन पहले ही सारी रात का पेमेंट कर चुका था और वो मेरे होटल से ज्यादा दूर भी नहीं था। मैं जब तक उस होटल के रूम में पहूँची तब तक असलम भी वहाँ आ चूका था।
मैंने असलम को रूम नम्बर बता दिया तो। वो सीधा मेरे रूम में आ गया और आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो इस काम का माहिर खिलाडी था। जिस कारण उसने जल्द ही मेरी बॉडी के बीक पाईंट ढूँड लिए और मुझे सिड्यूज करने लगा। अब तक मैं भी इस काम को अच्छी तरह से समझ चुकी थी। इसलिए मैंने भी अपनी तरफ से उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हम दोनों बिना कपडों के बिस्तर पर एक दूसरे को चूमने और सहलाने में बिजी थी।
काफी देर तक एक दूसरे को चूमने और सहलाने के बाद मैंने खुद से ही उसे ब्लोजॉब देना शुरू कर दिया। वो मेरे ब्लोजॉब देने की कला से काफी खुश हुआ और इंज्यॉय करने लगा। कुछ देर ब्लोजॉब लेने के बाद उसने मुझे अलग अलग पोजीशन में चोदना शुरू कर दिया, मैं हर एक पोजीशन में उसका भरपूर साथ दे रही थी। साथ ही साथ खुद भी मजे ले रही थी। मुझे असलम के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 40-45 मिनट तक अलग अलग पोजीशन में मुझे चोदने के बाद उसने मेरी चूत से अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी गाँड मारने लगा।
मैं समझ गई कि वो मुझे पूरी तरह से परखना चाहता है। पर अब तक मैं गाँड मरवाने में भी अच्छी खासी एक्सपर्ट हो गई थी और अब मुझे गाँड मरवाने में भी मजा आने लगा था, इसलिए मैंने उसे नहीं रोका। असलम की टाईमिंग काफी ज्यादा थी। मुझे पूरा यकीन था कि उसने जरूर स्टेमिना बडाने के लिए वियाग्रा या फिर कोई दूसरी टेवलेट ली होगी। कुछ देर मेरी गाँड मारने के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी गाँड में ही छोड दिया और मेरे बगल में लेट कर लम्बी लम्बी साँस लेते हुए बोला
असलम- तुम बाकई में शानदार हो। खूबसूरत होने के साथ साथ मर्दों को खुश करने की कला में भी माहिर हो। अगर तुम मुझसे शादी करने के लिए मान जाओ तो मैं सारे गलत काम बंद करके यहाँ से कहीं दूर जाकर तुम्हारे साथ एक शराफत की जिंदगी जीने के लिए तैयार हूँ। पैसों की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि अब तक मैंने इतना तो कमा ही लिया है कि हम सारी जिंदगी आराम से जी सकते हैँ और अपना एक शराफत का बिजनेश भी शुरू कर सकते हैं।
असलम की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली
निशा- बहुत देर हो गई है असलम। अब मैं शरीफ लड़की नहीं रही
असलम- मुझे इससे कोई फर्क नहीं पढता
निशा- पर फिलहाल ये संभव नहीं है।
असलम- कोई बात नहीं पर जब भी तुम्हारा मन इन सब कामों को छोडकर सैटल होने का हो, तो एक बार मुझसे जरूर बात कर लेना। मैं हमेशा तुम्हें अपनाने के लिए तैयार रहूँगा।
निशा- तब की तब से देखेंगे। पर अगर जिंदगी में कभी ऐसा मोढ आया, तो में पक्का एक बार तुम्हें कॉल जरूर करूँगी। बैसे तुम भी बिस्तर पर पक्के उस्ताद हो। तुम्हारे साथ तो हर लड़की खुश रहेगी।
अब तक हम काफी हद तक नॉर्मल हो गए थे। तभी मुझे अचानक गगन की याद आई। पता नहीं क्यों पर मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझे असलम से गगन के बारे में जरूर कोई जानकारी मिल सकती है। इसलिए मैंने अपने मोबाईल में गगन की एक फोटो ओपन की जो गगन ने खुद ही मुझे सेंड किया था और उसे असलम को दिखाते हुए बोली
निशा- अच्छा असलम क्या तुम इस लडके को जानते हो
असलम ने उस फोटो को बडे गौर से देखा और अपनी आँखे छोटी करते हुए बोला
असलम- गगन राणा उर्फ गोगी....... क्यों क्या हुआ? तुम्हें इस लडके से क्या काम है?
निशा- कुछ खास नहीं... बस इसकी पूरी जन्म कुंडली पता करनी है
असलम- पर क्यों
निशा- अरे वो मेरी एक फ्रेंड है यहाँ पर, यह लडका उसका दोस्त है। मैं मिली हूँ इससे 1-2 बार पर यह लड़का मुझे कुछ ठीक नहीं लगा। मुझसे मिलने के बाद इसने मेरी दोस्त से बात करना कम कर दिया है और आज कल मुझे मैसेज पर मैसेज भेज रहा है। बस इसीलिए पता करना चाहती हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम कुछ देर सोचता रहा और फिर बोला
असलम- देखो सपना बैसे तो कोई और होता तो मैं उसे नहीं बताता। क्योंकि धंधे बाली बात है और मैं धंधे में दोस्ती यारी को नहीं लाता। पर तुम अलग हो। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मैं तुम्हें पसंद करता हूँ, बस इसीलिए तुम्हें बता रहा हूँ। असल में गोगी यहाँ के एक जाने माने गुण्डे मोहित राणा का बेटा है। इसका बाप उम्र कैद की सजा काट रहा है। उसपर कई सारे स्मगलिंग, मर्डर और बलात्कार के केस चल रहे हैं। उसके ही नक्शे कदम पर उसका बेटा चल रहा है। अभी ये उतना बड़ा गुंडा नहीं बना है। पर मुझे पूरा यकीन है कि कुछ ही सालों में यह अपने बाप से भी आगे निकल जाऐगा।
इतना बोलकर असलम कुछ देर रुका और सोचते हुए बोला
असलम- गोगी एक नम्बर का कमीना है। अभी किसी कॉलेज में पढाई कर रहा है और नई नई लडकियों को फंसाकर उनके सेक्स बीडियो और नंगे फोटो निकाल लेता है। फिर जब उन लडकियों से उसका मन भर जाता है तो वो उन लडकियों को ब्लैकमेल करके पैसे माँगता है और जो लड़की पैसे नहीं दे पाती है, उसे वो कार्लगर्ल बनाकर पैसे कमा लेता है। उसने मेरे पास भी कई लडकियों को भेजा है। मेरे ज्यादातर कस्टमर प्रीमियम क्लॉस होते हैं यानि ऐसे आदमी जो दुनिया के सामने तो एकदम शरीफ होते हैं पर वो अपने घर बालों और दुनिया से छिपकर लडकियों के साथ अपनी डार्क फैंटसी पूरी करते हैं। ऐसे कस्टमर शरीफ लडकियों को ज्यादा पसंद करते हैं और पैसे भी अच्छे देते हैं।
असलम की बात सुनकर मैंने कहा
निशा- इसका मतलब यह भी तुम्हारी तरह कॉलगर्ल सप्लाई करता है।
असलम- अरे नहीं.. यह तो बस लडकियों को फंसाकर मेरे जैसे लोगों के हबाले कर देता है और उन लडकियों की कमाई पर ऐस करता है। इसके अलाबा यह स्मगलिंग का काम भी करने लगा है। भोपाल के कॉलेजों में ज्यादातर ड्रग यही सप्लाई करवाता है। एक तो इसकी उम्र कम है और ऊपर से ये अपने साथ हमेशा कोई ना कोई लड़की रखता है। इस बजह से पुलिस को भी इसपर शक नहीं होता है। बैसे भी इसने सारी दुनिया से छिपा रखा है कि यह मोहित राणा का बेटा है।
असलम के मूँह से गगन के बारे में ये सब कुछ जानकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। मैं सम़झ गई कि मजे लेने और दोस्ती निभाने के चक्कर में मैं गलत आदमियों से उलझ बैठी हूँ। पहले तो मेरे मन में ख्याल आया कि यह सब काम यहीं बंद करके सीधा दिल्ली निकल जाऊँ, पर अगले ही पल मुझे रवि की चिंता होने लगी। हालाँकि उसके लिए मेरे मन में प्यार जैसी कोई फीलिंग नहीं थी। पर वो एक अच्छा लड़का था और मैं उसे अपना अच्छा दोस्त मानने लगी थी।
इसलिए मैंने मन ही मन तय किया कि कम से कम रवि के लिए तो मुझे गगन का कुछ इलाज करना ही पडेगा। बैसे भी मुझे कौन सा यहाँ रहना है। 3-4 दिन में यहां से चली जाऊँगी। इसलिए अगर कुछ गडबड भी हुई, तो गगन मुझे कभी ढूँड ही नहीं पाऐगा। बैसे भी मुझे गगन के बारे में जो कुछ जानना था वो मैं असलम से पूछ चुकी थी। इसलिए अब उसे टालने के लिए मैं बोली।
निशा- थैंक्स असलम... अब मैं अपनी दोस्त को उससे दूर रहने के लिए बोल दूँगी। कम से कम वो तो उसके चक्कर में ना फंसे। बाकी लोगों से मुझे कोई मतलब नहीं है। बैसे भी मैं कौन सा शराफत का काम कर रहीं हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- वो तो ठीक है पर तुम भी उससे दूर ही रहना
निशा- क्यों मेरा क्या कर लेगा वो। बैसे भी मैं यहाँ बस 3-4 दिन ही हूँ। उसके बाद अपना ठीकाना दिल्ली, इसलिए मैं खुद भी इन फालतू के चक्कर में नहीं पडना चाहती हूँ।
असलम- ये भी ठीक है। बैसे तुम्हारे लिए कल एक ऑफर है
निशा- क्या
असलम- यहाँ के डी.जी.पी. यानि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के यहाँ एक लड़की भेजनी है।
असलम की बात सुनकर मैं बुरी तरह से चौंकते हुए बोली
निशा- पागल हो क्या... डी.जी.पी. का मतलब भी पता है तुम्हें। वो पूरे एम.पी. के पुलिस हेड हैं। क्या पहले ही दिन मुझे जेल भेजने का इरादा है।
मेरी बात सुनकर असलम हंसते हुए बोला
असलम- अरे ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं पहले भी 2-3 बार उनके पास लडकियाँ भेज चुका हूँ। मेरा यकीन करो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। पैसा भी अच्छा मिलता है और मजे भी पूरा देता है। बस एक प्रॉब्लम है।
निशा- क्या
असलम- थोडा सनकी टाईप है, इसलिए किसी भी लडकी को ऐसे नहीं बुलाता है। हर बार अलग अलग रोल करने का बोलता है। कभी उसे शादीशुदा चाहिए, तो कभी कॉलेज गर्ल चाहिए और कभी डॉक्टर। लेकिन इस बार पुलिस बाली की डिमांड कर रहा है।
असलम की बात सुनकर मैं थोडा झुंझलाते हुए बोली
निशा- तो मैं कौन सा पुलिस बाली हूँ।
असलम- अरे मेरी जान असली पुलिस बाली थोडी माँग रहा है। बस तुम्हें पुलिस बाली की यूनिफार्म पहलकर जाना है।
निशा- अब मैं पुलिस की यूनिफार्म कहां से लाऊँगी
असलम- उसकी चिंता तुम मत करो। कल पुलिस हैडक्वाटर के पास ही अली नाम का ट्रेलर है, वहाँ चली जाना, वो कर देगा इंतजाम। कल के कल ही तुम्हें नई यूनिफार्म सिलकर दे देगा।
निशा- पर मैं ही क्यों किसी और को भेज दो
असलम- मैं तो तुम्हें वहाँ जाने के लिए केबल इसलिए बोल रहा हूँ, क्योंकि तुम मेरी वाकी लडकियों से ज्यादा सुन्दर और सेक्सी हो और पुलिस यूनिफार्म में तो तुम एकदम बॉम्ब दिखोगी। बैसे भी तुम्हारे अंदर मर्दों को खुश करने की कला है। इसलिए डी.जी.पी. सहाब खुश होकर तुम्हें अच्छा खासा इनाम भी दे सकते हैं। बैसे भी तुम केवल 3-4 दिन के लिए ही यहाँ पर हो, तो मैं सोच रहा था कि अपने सबसे ज्यादा प्रीमियम क्लाईंट ही तुम्हें दूँ।
निशा- पर वो डी.जी.पी. हैं असलम। मेरी तो उनका नाम सुनते ही फटने लगी है
असलम- अरे फिक्र मत करो, कोई प्राव्लम नहीं होगी। यह मेरी गारंटी है।
मैंने असलम की बातों के बारे में कुछ देर सोचा और फिर बोली
निशा- चलो ठीक है। पर कितने बाजे जाना है और कहाँ जाना है।
असलम- वो सब मैं फोन करके बता दूँगा। तो फिर ठीक है… अब चलता हूँ।
इतना बोलकर असलम ने अपने कपडे पहने और मुझे पैसे देकर वहाँ से चला गया। असलम के जाने के बाद मैंने बाथरूम में जाकर अपने आप को अच्छी तरह से साफ किया और फिर अपने कपडे पहनने के बाद मैं भी उस होटल से चैकआउट करके निकल गई। होटल से बाहर आकर मैंने मोबाईल में समय देखा तो रात 1 बज रहे थे। अब अपने होटल जाने का तो कोई मतलब नहीं था। इसलिए मैंने रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो लिया और वहाँ से निकल गई।
मैं इसी पल के इंतजार में थी। जैसे ही मैंने बथरूम का गेट बंद होने की आबाज सुनी तो तुरंत अपनी आँखे खोल लीं और गगन का मोबाईल उठा लिया। वो अब भी अनलॉक था। मेरे पास समय बहुत कम था। इसलिए उसके मोबाईल को अच्छी तरह चेक करने की जगह मैंने उसमें एक स्पाईवेयर एप इंसटॉल कर दिया। इस एप की सबसे बडी खासियत थी कि यह इंस्टाल होने के बाद हाईड हो जाता है। जिस कारण कोई भी एक्सपर्ट यह नहीं बता सकता कि उस मोबाईल में कोई स्पाईवेयर इंस्टाल है।
जैसे ही एप इंस्टाल हो गया तो मैंने बापिस मोबाईल उसी जगह पर रख दिया और आँख बंद कर के लेट गई। कुछ ही देर में गगन भी बापिस आ गया था। उसने मेरे मूँह को और चूत को एक टॉबल से अच्छी तरह से साफ किया। क्योंकि मेरे मूँह पर अब भी उसका थोडा सा बीर्य लगा हुआ था और मेरी चूत कई बार पानी छोडने के कारण कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। मुझे अच्छे से साफ करने के बाद उसने मुझे कपडे पहनाऐ और एक कंबल ओडा दिया। फिर वो धीरे से बोला
गगन- सपना मेरी जान... तुम पर मेरी नजर तो उसी दिन से खराब थी, जिस दिन पहली बार तुम्हें देखा था। पर तुम उस रवि की बाहों में थी। इसलिए मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि मैं तुम्हें उससे छीन के रहूँगा। अब तुम भी मेरी और तेरे बाप की अरबों की प्रापर्टी भी मेरी। बैसे तो मैं तुम दोनों का ब्रेकअप करवाकर सीधे सीधे तरीके से तुम्हें पाना चाहता था। पर तुमने खुद ही ड्रिंक करके मेरा काम आसान कर दिया। अब ब्रेकअप तो तुम्हारा होगा ही, चाहे तुम्हारे तरीके से या मेरे तरीके से। खुद ब्रेकअप करके मेरे पास आ जाओगी तो कोई बात नहीं, बर्ना मैंने बीडियो तो बना ही लिया है। उसकी हेल्प से मैं तुम्हें अपना बना ही लूँगा। अब तुम आराम करो कल मिलता हूँ।
इतना बोलकर वो वहाँ से बाहर चला गया। उसके जाते ही मैंने अपनी आँखें खोली। मेरा चेहरा गुस्से से लाल था। इसलिए मैं तुरंत विस्तर से उठी और फटाफट उस रूम से बाहर निकल गई। मैं जब तक बाहर आई गगन वहाँ से जा चुका था। गगन के जाते ही मैंने भी ऑटो लिया और अपने होटल में जा पहूँची। रूम में जाकर मैने जल्दी से अपना लैपटॉप ऑन किया और गगन के मोबईल में इंस्लॉल स्पाई वेयर एप की हेल्प से उसका मोबाईल हैक कर लिया।
चूँकि मैं एक आई.टी. कम्पनी में साफ्टवेयर टेस्टिंग और बैक-एण्ड सपोर्ट का काम कती हूँ। इसलिए यह काम मेरे लिए चुटकी बजाने जितना आसान है। जब मैंने उसका मोबाईल चैक किया तो मैंने देखा कि उसके मोबाईल में मेरे बीडियो के अलावा भी कई दूसरी लडकियों के सेक्स बीडियो के साथ साथ उनके फोटो और कॉल रिकार्डिंग सेव हैं। मैंने सबसे पहले लेटेस्ट बीडियो को प्ले किया तो वो मेरा ही बीडियो था, जिसे मैंने अपने मोबाईल में तुरंत ट्रांशफऱ करके गगन के मोबाईस से परमानेंट डिलीट कर दिया ताकि वो दोवारा उसे रिकवर ना हो सके।
उसके बाद मैंने गगन के मोबाईल का बाकी डाटा भी अपने लैपटॉप में ट्रॉंशफर करने की कामांड दे दी। गगन के मोबाईल में काफी ज्यादा डाटा था। जिसे ट्रांशफर होने में 4-5 घंटे का समय लगने बाला था। मैंने घडी में समय देखा तो रात के 11 बज रहे थे। तो मैंने सोचा कि अभी तो काफी रात बाकी है और डाटा ट्रांशफर होने में भी समय लगने बाला है। तो क्यों ना थोडी सी मस्ती और कर ली जाऐ। इसलिए मैंने अपना लैपटॉप चार्जिंग पर लगा दिया और अपने रूम से बाहर निकल गई।
होटल से बाहर आने के बाद मैंने असलम को कॉल किया तो वो मेरे ही कॉल के इंतजार में बैठा हुआ था। मैंने उसे उसी होटल में बुला लिया जिसमें गगन मुझे ले गया था। क्योंकि होटल से आते समय मैंने चैकआउट नहीं किया था। इसलिए उस रूम की चाबियाँ अब भी मेरे पास ही थीं। बैसे भी गगन पहले ही सारी रात का पेमेंट कर चुका था और वो मेरे होटल से ज्यादा दूर भी नहीं था। मैं जब तक उस होटल के रूम में पहूँची तब तक असलम भी वहाँ आ चूका था।
मैंने असलम को रूम नम्बर बता दिया तो। वो सीधा मेरे रूम में आ गया और आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो इस काम का माहिर खिलाडी था। जिस कारण उसने जल्द ही मेरी बॉडी के बीक पाईंट ढूँड लिए और मुझे सिड्यूज करने लगा। अब तक मैं भी इस काम को अच्छी तरह से समझ चुकी थी। इसलिए मैंने भी अपनी तरफ से उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हम दोनों बिना कपडों के बिस्तर पर एक दूसरे को चूमने और सहलाने में बिजी थी।
काफी देर तक एक दूसरे को चूमने और सहलाने के बाद मैंने खुद से ही उसे ब्लोजॉब देना शुरू कर दिया। वो मेरे ब्लोजॉब देने की कला से काफी खुश हुआ और इंज्यॉय करने लगा। कुछ देर ब्लोजॉब लेने के बाद उसने मुझे अलग अलग पोजीशन में चोदना शुरू कर दिया, मैं हर एक पोजीशन में उसका भरपूर साथ दे रही थी। साथ ही साथ खुद भी मजे ले रही थी। मुझे असलम के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 40-45 मिनट तक अलग अलग पोजीशन में मुझे चोदने के बाद उसने मेरी चूत से अपना लण्ड निकाल लिया और मेरी गाँड मारने लगा।
मैं समझ गई कि वो मुझे पूरी तरह से परखना चाहता है। पर अब तक मैं गाँड मरवाने में भी अच्छी खासी एक्सपर्ट हो गई थी और अब मुझे गाँड मरवाने में भी मजा आने लगा था, इसलिए मैंने उसे नहीं रोका। असलम की टाईमिंग काफी ज्यादा थी। मुझे पूरा यकीन था कि उसने जरूर स्टेमिना बडाने के लिए वियाग्रा या फिर कोई दूसरी टेवलेट ली होगी। कुछ देर मेरी गाँड मारने के बाद उसने अपना सारा पानी मेरी गाँड में ही छोड दिया और मेरे बगल में लेट कर लम्बी लम्बी साँस लेते हुए बोला
असलम- तुम बाकई में शानदार हो। खूबसूरत होने के साथ साथ मर्दों को खुश करने की कला में भी माहिर हो। अगर तुम मुझसे शादी करने के लिए मान जाओ तो मैं सारे गलत काम बंद करके यहाँ से कहीं दूर जाकर तुम्हारे साथ एक शराफत की जिंदगी जीने के लिए तैयार हूँ। पैसों की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि अब तक मैंने इतना तो कमा ही लिया है कि हम सारी जिंदगी आराम से जी सकते हैँ और अपना एक शराफत का बिजनेश भी शुरू कर सकते हैं।
असलम की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुए बोली
निशा- बहुत देर हो गई है असलम। अब मैं शरीफ लड़की नहीं रही
असलम- मुझे इससे कोई फर्क नहीं पढता
निशा- पर फिलहाल ये संभव नहीं है।
असलम- कोई बात नहीं पर जब भी तुम्हारा मन इन सब कामों को छोडकर सैटल होने का हो, तो एक बार मुझसे जरूर बात कर लेना। मैं हमेशा तुम्हें अपनाने के लिए तैयार रहूँगा।
निशा- तब की तब से देखेंगे। पर अगर जिंदगी में कभी ऐसा मोढ आया, तो में पक्का एक बार तुम्हें कॉल जरूर करूँगी। बैसे तुम भी बिस्तर पर पक्के उस्ताद हो। तुम्हारे साथ तो हर लड़की खुश रहेगी।
अब तक हम काफी हद तक नॉर्मल हो गए थे। तभी मुझे अचानक गगन की याद आई। पता नहीं क्यों पर मुझे ऐसा लग रहा था कि मुझे असलम से गगन के बारे में जरूर कोई जानकारी मिल सकती है। इसलिए मैंने अपने मोबाईल में गगन की एक फोटो ओपन की जो गगन ने खुद ही मुझे सेंड किया था और उसे असलम को दिखाते हुए बोली
निशा- अच्छा असलम क्या तुम इस लडके को जानते हो
असलम ने उस फोटो को बडे गौर से देखा और अपनी आँखे छोटी करते हुए बोला
असलम- गगन राणा उर्फ गोगी....... क्यों क्या हुआ? तुम्हें इस लडके से क्या काम है?
निशा- कुछ खास नहीं... बस इसकी पूरी जन्म कुंडली पता करनी है
असलम- पर क्यों
निशा- अरे वो मेरी एक फ्रेंड है यहाँ पर, यह लडका उसका दोस्त है। मैं मिली हूँ इससे 1-2 बार पर यह लड़का मुझे कुछ ठीक नहीं लगा। मुझसे मिलने के बाद इसने मेरी दोस्त से बात करना कम कर दिया है और आज कल मुझे मैसेज पर मैसेज भेज रहा है। बस इसीलिए पता करना चाहती हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम कुछ देर सोचता रहा और फिर बोला
असलम- देखो सपना बैसे तो कोई और होता तो मैं उसे नहीं बताता। क्योंकि धंधे बाली बात है और मैं धंधे में दोस्ती यारी को नहीं लाता। पर तुम अलग हो। मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मैं तुम्हें पसंद करता हूँ, बस इसीलिए तुम्हें बता रहा हूँ। असल में गोगी यहाँ के एक जाने माने गुण्डे मोहित राणा का बेटा है। इसका बाप उम्र कैद की सजा काट रहा है। उसपर कई सारे स्मगलिंग, मर्डर और बलात्कार के केस चल रहे हैं। उसके ही नक्शे कदम पर उसका बेटा चल रहा है। अभी ये उतना बड़ा गुंडा नहीं बना है। पर मुझे पूरा यकीन है कि कुछ ही सालों में यह अपने बाप से भी आगे निकल जाऐगा।
इतना बोलकर असलम कुछ देर रुका और सोचते हुए बोला
असलम- गोगी एक नम्बर का कमीना है। अभी किसी कॉलेज में पढाई कर रहा है और नई नई लडकियों को फंसाकर उनके सेक्स बीडियो और नंगे फोटो निकाल लेता है। फिर जब उन लडकियों से उसका मन भर जाता है तो वो उन लडकियों को ब्लैकमेल करके पैसे माँगता है और जो लड़की पैसे नहीं दे पाती है, उसे वो कार्लगर्ल बनाकर पैसे कमा लेता है। उसने मेरे पास भी कई लडकियों को भेजा है। मेरे ज्यादातर कस्टमर प्रीमियम क्लॉस होते हैं यानि ऐसे आदमी जो दुनिया के सामने तो एकदम शरीफ होते हैं पर वो अपने घर बालों और दुनिया से छिपकर लडकियों के साथ अपनी डार्क फैंटसी पूरी करते हैं। ऐसे कस्टमर शरीफ लडकियों को ज्यादा पसंद करते हैं और पैसे भी अच्छे देते हैं।
असलम की बात सुनकर मैंने कहा
निशा- इसका मतलब यह भी तुम्हारी तरह कॉलगर्ल सप्लाई करता है।
असलम- अरे नहीं.. यह तो बस लडकियों को फंसाकर मेरे जैसे लोगों के हबाले कर देता है और उन लडकियों की कमाई पर ऐस करता है। इसके अलाबा यह स्मगलिंग का काम भी करने लगा है। भोपाल के कॉलेजों में ज्यादातर ड्रग यही सप्लाई करवाता है। एक तो इसकी उम्र कम है और ऊपर से ये अपने साथ हमेशा कोई ना कोई लड़की रखता है। इस बजह से पुलिस को भी इसपर शक नहीं होता है। बैसे भी इसने सारी दुनिया से छिपा रखा है कि यह मोहित राणा का बेटा है।
असलम के मूँह से गगन के बारे में ये सब कुछ जानकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। मैं सम़झ गई कि मजे लेने और दोस्ती निभाने के चक्कर में मैं गलत आदमियों से उलझ बैठी हूँ। पहले तो मेरे मन में ख्याल आया कि यह सब काम यहीं बंद करके सीधा दिल्ली निकल जाऊँ, पर अगले ही पल मुझे रवि की चिंता होने लगी। हालाँकि उसके लिए मेरे मन में प्यार जैसी कोई फीलिंग नहीं थी। पर वो एक अच्छा लड़का था और मैं उसे अपना अच्छा दोस्त मानने लगी थी।
इसलिए मैंने मन ही मन तय किया कि कम से कम रवि के लिए तो मुझे गगन का कुछ इलाज करना ही पडेगा। बैसे भी मुझे कौन सा यहाँ रहना है। 3-4 दिन में यहां से चली जाऊँगी। इसलिए अगर कुछ गडबड भी हुई, तो गगन मुझे कभी ढूँड ही नहीं पाऐगा। बैसे भी मुझे गगन के बारे में जो कुछ जानना था वो मैं असलम से पूछ चुकी थी। इसलिए अब उसे टालने के लिए मैं बोली।
निशा- थैंक्स असलम... अब मैं अपनी दोस्त को उससे दूर रहने के लिए बोल दूँगी। कम से कम वो तो उसके चक्कर में ना फंसे। बाकी लोगों से मुझे कोई मतलब नहीं है। बैसे भी मैं कौन सा शराफत का काम कर रहीं हूँ।
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- वो तो ठीक है पर तुम भी उससे दूर ही रहना
निशा- क्यों मेरा क्या कर लेगा वो। बैसे भी मैं यहाँ बस 3-4 दिन ही हूँ। उसके बाद अपना ठीकाना दिल्ली, इसलिए मैं खुद भी इन फालतू के चक्कर में नहीं पडना चाहती हूँ।
असलम- ये भी ठीक है। बैसे तुम्हारे लिए कल एक ऑफर है
निशा- क्या
असलम- यहाँ के डी.जी.पी. यानि डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के यहाँ एक लड़की भेजनी है।
असलम की बात सुनकर मैं बुरी तरह से चौंकते हुए बोली
निशा- पागल हो क्या... डी.जी.पी. का मतलब भी पता है तुम्हें। वो पूरे एम.पी. के पुलिस हेड हैं। क्या पहले ही दिन मुझे जेल भेजने का इरादा है।
मेरी बात सुनकर असलम हंसते हुए बोला
असलम- अरे ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं पहले भी 2-3 बार उनके पास लडकियाँ भेज चुका हूँ। मेरा यकीन करो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। पैसा भी अच्छा मिलता है और मजे भी पूरा देता है। बस एक प्रॉब्लम है।
निशा- क्या
असलम- थोडा सनकी टाईप है, इसलिए किसी भी लडकी को ऐसे नहीं बुलाता है। हर बार अलग अलग रोल करने का बोलता है। कभी उसे शादीशुदा चाहिए, तो कभी कॉलेज गर्ल चाहिए और कभी डॉक्टर। लेकिन इस बार पुलिस बाली की डिमांड कर रहा है।
असलम की बात सुनकर मैं थोडा झुंझलाते हुए बोली
निशा- तो मैं कौन सा पुलिस बाली हूँ।
असलम- अरे मेरी जान असली पुलिस बाली थोडी माँग रहा है। बस तुम्हें पुलिस बाली की यूनिफार्म पहलकर जाना है।
निशा- अब मैं पुलिस की यूनिफार्म कहां से लाऊँगी
असलम- उसकी चिंता तुम मत करो। कल पुलिस हैडक्वाटर के पास ही अली नाम का ट्रेलर है, वहाँ चली जाना, वो कर देगा इंतजाम। कल के कल ही तुम्हें नई यूनिफार्म सिलकर दे देगा।
निशा- पर मैं ही क्यों किसी और को भेज दो
असलम- मैं तो तुम्हें वहाँ जाने के लिए केबल इसलिए बोल रहा हूँ, क्योंकि तुम मेरी वाकी लडकियों से ज्यादा सुन्दर और सेक्सी हो और पुलिस यूनिफार्म में तो तुम एकदम बॉम्ब दिखोगी। बैसे भी तुम्हारे अंदर मर्दों को खुश करने की कला है। इसलिए डी.जी.पी. सहाब खुश होकर तुम्हें अच्छा खासा इनाम भी दे सकते हैं। बैसे भी तुम केवल 3-4 दिन के लिए ही यहाँ पर हो, तो मैं सोच रहा था कि अपने सबसे ज्यादा प्रीमियम क्लाईंट ही तुम्हें दूँ।
निशा- पर वो डी.जी.पी. हैं असलम। मेरी तो उनका नाम सुनते ही फटने लगी है
असलम- अरे फिक्र मत करो, कोई प्राव्लम नहीं होगी। यह मेरी गारंटी है।
मैंने असलम की बातों के बारे में कुछ देर सोचा और फिर बोली
निशा- चलो ठीक है। पर कितने बाजे जाना है और कहाँ जाना है।
असलम- वो सब मैं फोन करके बता दूँगा। तो फिर ठीक है… अब चलता हूँ।
इतना बोलकर असलम ने अपने कपडे पहने और मुझे पैसे देकर वहाँ से चला गया। असलम के जाने के बाद मैंने बाथरूम में जाकर अपने आप को अच्छी तरह से साफ किया और फिर अपने कपडे पहनने के बाद मैं भी उस होटल से चैकआउट करके निकल गई। होटल से बाहर आकर मैंने मोबाईल में समय देखा तो रात 1 बज रहे थे। अब अपने होटल जाने का तो कोई मतलब नहीं था। इसलिए मैंने रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो लिया और वहाँ से निकल गई।