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निशा- लेकिन मुझे उन दोनों के झगडे की बजह समझ में नहीं आई
गगन- असल में रश्मि ही रवि की एक्स गर्लफ्रेंड है
निशा- मतलब यह वही लडकी है, जिसने किसी दूसरे लडके के लिए रवि को डम्प किया था
गगन- हाँ
निशा- ओह माय गॉड….. तभी जब कल मैं रवि की एक्स को गाली दे रही थी, तो रश्मि को बुरा लग रहा था। सॉरी यार मुझे इस बारे में कुछ भी पता ही नहीं था। अगली बार जब मैं उससे मिलूँगी, तो उससे माफी माँग लूँगी
गगन- अरे कोई जरूरत नहीं है माफी माँगने की। बैसे भी गलती तो उसकी है ना
निशा- पर वो लड़का कौन है जिसके लिए उसने रवि जैसे अच्छे लडके को डम्प किया था
गगन- वो वो....
मेरी बात सुनकर गगन थोडा हकलाने लगा, इसलिए मैं उसके मजे लेते हुए बोली
निशा- अरे… तुम तो ऐसे हकलाने लगे जैसे मैंने कोई गलत सबाल पूछ लिया, कहीं वो लडका तुम ही तो नहीं हो
मेरी बात सुनकर गगन थोडा निराश होते हुए बोला
गगन- अरे यार सपना इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सारी गलती उस रश्मि की है। मैं तो बस उसे अपना अच्छा दोस्त मानता हूँ। पर उसने मेरी दोस्ती को गलत समझ लिया और रवि से ब्रेकअप कर लिया
निशा- पर क्यों... उसने आखिर ऐसा किया क्यों
गगन- चीप मैंटेलिटी की है ना। कभी देखा ही नहीं है लोगों को अपने दोस्तों पर पैसे खर्च करते हुए। बेचारी गरीब है तो मैं कभी कभार उसकी मदद कर दिया करता था। मेरी फैमिली रवि से ज्यादा पैसे बाली है। अब उसने कभी इतना पैसा देखा नहीं तो उसे लगा कि अगर मुझसे शादी हो जाऐगी तो वो और ज्यादा अमीर हो जाऐगी। पर मैंने उसे साफ साफ समझा दिया है कि हम सिर्फ दोस्त हैं, इससे आगे सोचना भी मत। तुम्हें पता है वो दोनों तो फिजीकल रिलेशन भी बना चुके हैं। बैसे रवि की भी गलती है, वो रश्मि के कभी शौक पूरे नहीं करता था। बडी बडी गाडियों में घुमाना, मंहगे मंहगे कपडे और ज्वैलरी दिलाना, फाईव स्टार होटल और रेस्टोरेंट में ले जाना। शायद इसलिए रश्मि उससे दूर होने लगी।
निशा- इसमें रवि की क्या गलती है। वो जो भी करता था अपने मन से करता था। उसे जो भी घर से पॉकेट मनी मिलती थी, वो सारी की सारी अपनी एक्स पर ही तो खर्च करता था। हाँ कभी उसने अपने घऱ से पैसे नहीं माँगे, पर केवल इसलिए कि अभी वो पढाई कर रहा है। जब वो अपने पिता के बिजनेश में हाथ बंटाने लगेगा या अपना खुद का रास्ता चुन लेगा, तो उसे घऱ से कुछ लेने की जरूरत भी नहीं होगी। वो अच्छा और खुद्दार लड़का है।
गगन- हाँ यह बात भी सही है। पर मेरा मानना है जब माता-पिता के पास इतना पैसा हो कि सारी जिंदगी खर्च करने पर भी खत्म ना हो, तो उसे घर में ऱखने के स्थान पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए। आखिर माता पिता अपने बच्चों के लिए ही तो पैसे कमाते हैं।
निशा- हाँ यह बात भी सही है, पर अपनी अपनी सोच है क्या कर सकते हैं। बैसे मुझे तुमसे एक फेवर चाहिए था।
गगन- हाँ कहो
गगन के हाँ कहने पर मैं कुछ देर खामोश रही और फिर थोडा उदास होते हुए बोली
निशा- देखो मुझे नहीं पता था कि रश्मि ही रवि की एक्स है। अब जब मुझे सब पता चल ही गया है, तो मैं नहीं चाहती कि मेरी बजह से वो दुखी रहे। तुम रश्मि से बात करके देखो। अगर वो रवि से पैचअप करना चाहती हो और वादा करे कि अब वो फिर कभी ऐसा नहीं करेगी, तो मैं उन दोनों के प्यार की खातिर पीछे हटने के लिए तैयार हूँ। इसमें मेरा दिल तो टूटेगा पर शायद यही सबके लिए अच्छा होगा।
मेरी बात सुनकर गगन को तो जैसे मूँह माँगी मुराद मिल गई थी। इसलिए वो खुश होते हुए बोला
गगन- हाँ हाँ मैं पक्का उससे बात करूँगा।
निशा- और हाँ यह बात हम दोनों के बीच सीक्रेट रहनी चाहिए। अगर रवि को पता चला तो वो नहीं मानेगा।
गगन- मैं समझ गया क्या करना है। बैसे यह बताओ तुमने मेरी ना तो कॉल रिसीव और ना ही मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई दिया और रवि को क्यों बताया मेरे कॉल के बारे में
निशा- अरे बाबा वो मेरा बॉयफ्रेंड है, तो मैं उससे कोई बात कैसे छिपाती, रही बात कॉल रिशीव ना करने और मैसेज का रिप्लाई ना करने की तो उसके लिए सॉरी। असल में मैं थोडा बिजी थी। अगली बार से ध्यान रखूँगी, अगर कॉल रिशीव नहीं कर पाई या टाईम पर रिप्लाई नहीं कर पाई तो फ्री होकर कर दिया करूँगी।
मेरी बात सुनकर गगन खुश होते हुए बोला
गगन- चलो ठीक है। बताओ तुम्हें कहाँ ड्राप करूं
गगन की बात सुनकर मैंने उसे एक रेस्टोरेंट का नाम बताया, जिसमें मैं असलम नाम के दलाल से मिलने बाली थी। जिसके बाद गगन ने बिना किसी सबाल जबाब के मुझे वहाँ ड्राप कर दिया। हाँलाकि वो भी मेरे साथ अंदर आना चाहता था, पर मैंने उसे बिजनेश मीटिंग की बात कहकर बापिस भेज दिया। थोडी ही देर में उस दलाल का फोन मेरे पास आ गया। वो भी रेस्टोरेंट में पहूँच चुका था। इसलिए मैंने उसे टेविल नम्बर और अपना हुलिया बता दिया। अंदर आकर वो सीधा मेरे पास आया और मुझे आँखें फाड फाड कर देखने लगा। मैं समझ गई कि मेरा काम हो गया है। मुझे अच्छी तरह से देखने के बाद वो बोला
असलम- क्या हुश्न है सपना जी। तुम तो किसी फिल्म एक्ट्रेश से कम नहीं हो
निशा- तो फिर क्या ख्याल है
असलम- अरे आपके तो लाखों मिलेंगे एक रात के
निशा- देखो असलम… मैं दिल्ली की रहने बाली हूँ। यहाँ बस 4-5 दिन के लिए ही आई हूँ। इसलिए अगर कोई अच्छी पार्टी हो तो मुझे बता देना। तुम्हारा कमीशन तुम्हें मिल जाऐगा
असलम- 25 परसेंट
निशा- हाँ ठीक है
असलम- तुम तो शरीफ लड़की लगती हो, तो फिर यह सब क्यों करना चाहती हो
निशा- दो बातें हैं... एक तो मुझे पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत है और दूसरी बात मजे के लिए। मतलब पैसे भी और मजा भी साथ साथ
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- समझ गया सपना जी
निशा- बैसे कितना मिलेगा मुझे
असलम- 2 लाख एक रात के रेट फिक्स करूँगा, तो 50 हजार मेरा कमीशन काटकर पूरे 1 लाख 50 हजार मिल जाऐंगे। बैसे दिल्ली मैं भी मेरे पार्टनर्स हैं। अगर वहाँ काम करना चाहो तो मैं तुम्हारी सेटिंग करवा सकता हूँ। वो लोग वहाँ पर सेक्स केज भी चलाते हैं।
निशा- सेक्स केज… यह क्या होता है
असलम- बड़े बडे हॉल में लकडी के बाक्स बाले बेड होते हैं, जिसमें लड़की के निचे का हिस्सा बाहर और ऊपर का हिस्सा बाक्स के अंदर होता है। बस उसे ही सेक्स केज कहते हैं। इसमें लडकों को पता नहीं होता की वो किस लड़की की ले रहे हैं। उसमें काम करने पर पैसे भी अच्छे मिलते हैं।
निशा- तो फिर ठीक है… तुम अपने पाटनर्स के नम्बर मुझे दे दो, मैं दिल्ली जाकर उनसे मिल लूँगी। पर मैं रैगूलर यह काम नहीं कर सकती।
असलम- कोई दिक्कत नहीं है।
निशा- और प्रायवेसी का क्या.. मतलब किसी ने ब्लू फिल्म बनाकर ब्लैक मेल किया तो
असलम- इसकी गारंटी मेरी है। हमारे सारे कस्टमर प्रीमिय क्लास होते हैं। बडे बडे बिजनेश मैन, नेता, मंत्री बडे बडे ऑफीसर, इसलिए हम इन सब बातों का खास ध्यान रखते हैं और हाँ तुम्हें भी ध्यान रखना होगा की जिस कस्टमर के पास जाओ उसके बारे में किसी को पता ना चले।
निशा- मेरी तरफ से आप निश्चिंत रहिए
असलम- बैसे तुम मुझसे मिलने में थोडी लेट हो गई। दो दिन पहले एक बडे सेंट्रल मिनिस्टर का ऑफर आया था। पर वो हाथ से निकल गया। हमारी लड़की वहाँ पहूँचने में थोडा लेट हो गई थी, तो उन्होंने कोई दूसरी लडकी बुक कर ली थी।
असलम की बात सुनकर मैं समझ गई कि वो सेन्ट्रल मिनिस्टर संजय जी की बात कर रहा है। पर मैं फिलहाल उसे नहीं बाताना चाहती थी कि मैं ही वही लड़की हूँ। क्योंकि अब वो मेरे डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में थे। पर यह बात पक्की थी कि असलम से मुझे बडे बडे क्लाईंट मिल सकते हैं। मैं उससे कुछ कहने ही बाली थी की तभी वो बोला
असलम- और हाँ एक बात और है
निशा- क्या
असलम- तुम्हें कोई क्लाईंट देने से पहले में एक बार टेस्ट करूँगा
मैं समझ गई कि वो भी मुझे चोदना चाहता है। बैसे भी इतने सारे लोगों से चुदवाने के बाद अब मुझे किसी से भी चुदवाने में कोई प्रॉब्लम नहीं थी। इसलिए मैं बोली
निशा- ठीक है.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर फीस तो तुम्हें भी देनी ही पडेगी। जरूरी नहीं है कि जो तय हुआ है वहीं दो। जो भी तुम्हारा मन करे वो दे देना मैं चुपचाप रख लूँगी।
असलम- लगता है कुछ जल्दी ही काम सीख गई हो। पहले कभी यह काम किया है क्या
निशा- नहीं किया… पर मेरा सिद्धांत है कि फ्री में किसी के लिए कुछ करना नहीं चाहिए वर्ना सामने बाला अपना अधिकार जमाने लगता है।
असलम- चलो कोई नहीं मैं तुम्हें पे कर दूँगा
निशा- तो फिर ठीक है… तो चलो कहाँ चलना है। मैं पूरी तरह से तैयार हूँ
मेरी बात सुनकर वो चौंकते हुए बोला
असलम- अभी...
निशा- हाँ.. क्यों कोई प्रॉब्लम है क्या
असलम- हाँ थोडा काम है। रात में मिलते हैं ना
निशा- रात का कोई भरोसा नहीं मेरा
असलम- क्या मतलब……….
निशा- अब जब तक तुम मुझे कोई क्लाईंट नहीं देते, तब तक खुद से ही कुछ करना पडेगा ना। तो वस रेलवे स्टेशन या बड़ा तालाब के पास कोई क्लाईंट सर्च करूँगी मिला तो ठीक वर्ना अपने रूम में जाकर सो जाऊँगी
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- कोई बात नहीं जब रात में फ्री हो जाओ तो मुझे कॉल कर लेना मैं वही आ जाऊँगा
निशा- ठीक है
उसके बाद असलम ने मुझे अपने दिल्ली बाले पाटनर्स के नम्बर दे दिए और उनको भी मेरा नम्बर भेज दिया। उसके बाद असलम वहाँ से चला गया। असलम के जाते ही मैंने रवि को कॉल कर दिया। रवि काफी देर से मेरी ही कॉल का वेट कर रहा था। मेरे कॉल करने के कुछ देर बाद ही वो वहाँ आ गया। जिसके बाद हम दोनों वहाँ से निकल गए।
रास्ते मैं मैंने रवि को गगन से हुई सारी बात बता दी और रवि ने भी मुझे रश्मि से हुई सारी बातें बता दी। उसके अनुसार रश्मि फिलहाल कन्फ्यूज है कि वो रवि के पास बापिस आना चाहती है या गगन के साथ ही रहना चाहती है। क्योंकि गगन के वर्ताव से बो काफी दुखी थी। पर रवि ने उसे फिर से अपनी गर्लफ्रेंड बनाने से मना कर दिया था। हाँ दोस्त बने रहने का ऑफर जरूर वो देकर आ गया था। रवि की बात सुनकर मैं बोली
निशा- रवि मुझे लगता है कि गगन कुछ गडबड है। क्या उसकी फैमिली बाकई में बहुत ज्यादा रिच है
रवि- पता नहीं
निशा- मतलब तुम उसकी फैमिली बालों को नहीं जानते
रवि- नहीं… वो शायद भोपाल का नहीं है। क्योंकि भोपाल के सभी जाने माने लोगों से मेरा परिचय है।
निशा- तो क्या तुम कभी भी उसके घर नहीं गए
रवि- नहीं
निशा- देखो रवि बैसे तो मुझे इन सब कामों से कोई मतलब होना नहीं चाहिए, पर अब जब तुम मेरे अच्छे दोस्त बन ही गए हो, इसलिए मैं बस तुम्हारे लिए यह सब कर रही हूँ। मुझे लगता है कि रश्मि को सजा जरूर मिलनी चाहिए और हम उसे सजा जरूर देगें, पर पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है कि अगर रश्मि को गगन के भरोसे छोड दिया, तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। हालाँकि रश्मि कोई दूध की धुली नहीं है। पर वो तुम्हारी एक्स थी। आज जरूर तुम्हारा उससे ब्रेकअप हो गया है और तुम उससे नाराज भी हो, पर कुछ समय पहले तुम उसे पसंद करने के साथ साथ उसकी केयर भी करते थे। तो मैं चाहती हूँ कि तुम उसी समय को याद रखकर रश्मि के भले के लिए मेरी बातों के बारे में एक बार सोचना।
रवि- मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम क्या कह रही हो
निशा- कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है बस कैसे भी करके गगन का बैकग्रऊंड पता करके मुझे बताओ
रवि- पर क्यों
निशा- मैं बाद सब बता दूँगी तुम्हें, और हाँ मुझे होटल छोड दो
रवि- अभी… अरे यार अभी तो बस 5 ही बजे हैं
निशा- मुझे कुछ जरूरी काम करना है
रवि- पर अभी तक हमारी किस भी नहीं हुई
निशा- ठीक है बाबा…. होटल में चलकर कर लेना अब खुश
मेरी बात सुनकर रवि ने कुछ नहीं कहा और गाडी होटल की तरफ मोड दी। होटल पहुंचकर वो मेरे साथ मेरे रूम में आया और जैसे मैंने रूम क्लोज किया तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसे मना नहीं कर पाई और उसका साथ देने लगी। किस करते करते उसने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और सहलाने लगा और दूसरे हाथ को मेरी गाँड पर रख कर सहलाने लगा। रवि की इस हरकत से मेरे शरीर में गर्मी बडने लगी।
रवि भी काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। इसलिए उसने किस करते करते ही मेरी जैकेट निकाल कर फेंक दी। जैकेट के अंदर मैंने मात्र कैमिसोल ही पहना हुआ था। इसलिए मेरे शरीर की गर्मी उसे महसूस हो रही थी। फिर उसने मेरे जींस के बटन खोल कर मेरे जींस को नीचे खिसका दिया, जिसे मैंने अपने पैरों की सहायता से अलग कर दिया। अब मैं मात्र कैमिलोस और पैंटी में थी। जिस कारण रवि काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। आखिरकार मैंने भी सोच लिया कि देखते हैं यह और क्या करता है।
इसलिए मैंने अपने आप को फ्री छोड दिया और उसका साथ देने लगी। कुछ देर बाद रवि मुझसे अलग हुआ और मुझे अपने गोद में उठाकर विस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चड गया। अब मुझे पक्का यकीन हो गया था कि वो आज मुझे चोदकर ही रहेगा। मैंने भी अपने आप को इसके लिए मन ही मन तैयार कर लिया था। रवि काफी देर तक मेरे होंठों को चूमता और चूसता रहा और मेरे बूब्स को सहलाता रहा। फिर वो थोडा नीचे आया और मेरा कैमिसोल उपर खिसकाकर मेरे बूब्स को चूमने और सहलाने लगा साथ साथ मेरे निप्पल्स को भी चूसने लगा।
अब तक मैं भी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी चूत भी गीली हो चुकी थी। फिर वो और नीचे आया और मेरे पेट को चूमने के बाद मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूमने लगा। फिर अचानक से उसने मेरी पैंटी नीचे खिसका दी और मेरी चूत को चाटने लगा। मैं तो जैसे सातवे आसमान में पहूँच गई थी। इसलिए कुछ देर में ही मैं झर गई और वो मेरी चूत का सारा पानी चाट गया।
निशा- लेकिन मुझे उन दोनों के झगडे की बजह समझ में नहीं आई
गगन- असल में रश्मि ही रवि की एक्स गर्लफ्रेंड है
निशा- मतलब यह वही लडकी है, जिसने किसी दूसरे लडके के लिए रवि को डम्प किया था
गगन- हाँ
निशा- ओह माय गॉड….. तभी जब कल मैं रवि की एक्स को गाली दे रही थी, तो रश्मि को बुरा लग रहा था। सॉरी यार मुझे इस बारे में कुछ भी पता ही नहीं था। अगली बार जब मैं उससे मिलूँगी, तो उससे माफी माँग लूँगी
गगन- अरे कोई जरूरत नहीं है माफी माँगने की। बैसे भी गलती तो उसकी है ना
निशा- पर वो लड़का कौन है जिसके लिए उसने रवि जैसे अच्छे लडके को डम्प किया था
गगन- वो वो....
मेरी बात सुनकर गगन थोडा हकलाने लगा, इसलिए मैं उसके मजे लेते हुए बोली
निशा- अरे… तुम तो ऐसे हकलाने लगे जैसे मैंने कोई गलत सबाल पूछ लिया, कहीं वो लडका तुम ही तो नहीं हो
मेरी बात सुनकर गगन थोडा निराश होते हुए बोला
गगन- अरे यार सपना इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सारी गलती उस रश्मि की है। मैं तो बस उसे अपना अच्छा दोस्त मानता हूँ। पर उसने मेरी दोस्ती को गलत समझ लिया और रवि से ब्रेकअप कर लिया
निशा- पर क्यों... उसने आखिर ऐसा किया क्यों
गगन- चीप मैंटेलिटी की है ना। कभी देखा ही नहीं है लोगों को अपने दोस्तों पर पैसे खर्च करते हुए। बेचारी गरीब है तो मैं कभी कभार उसकी मदद कर दिया करता था। मेरी फैमिली रवि से ज्यादा पैसे बाली है। अब उसने कभी इतना पैसा देखा नहीं तो उसे लगा कि अगर मुझसे शादी हो जाऐगी तो वो और ज्यादा अमीर हो जाऐगी। पर मैंने उसे साफ साफ समझा दिया है कि हम सिर्फ दोस्त हैं, इससे आगे सोचना भी मत। तुम्हें पता है वो दोनों तो फिजीकल रिलेशन भी बना चुके हैं। बैसे रवि की भी गलती है, वो रश्मि के कभी शौक पूरे नहीं करता था। बडी बडी गाडियों में घुमाना, मंहगे मंहगे कपडे और ज्वैलरी दिलाना, फाईव स्टार होटल और रेस्टोरेंट में ले जाना। शायद इसलिए रश्मि उससे दूर होने लगी।
निशा- इसमें रवि की क्या गलती है। वो जो भी करता था अपने मन से करता था। उसे जो भी घर से पॉकेट मनी मिलती थी, वो सारी की सारी अपनी एक्स पर ही तो खर्च करता था। हाँ कभी उसने अपने घऱ से पैसे नहीं माँगे, पर केवल इसलिए कि अभी वो पढाई कर रहा है। जब वो अपने पिता के बिजनेश में हाथ बंटाने लगेगा या अपना खुद का रास्ता चुन लेगा, तो उसे घऱ से कुछ लेने की जरूरत भी नहीं होगी। वो अच्छा और खुद्दार लड़का है।
गगन- हाँ यह बात भी सही है। पर मेरा मानना है जब माता-पिता के पास इतना पैसा हो कि सारी जिंदगी खर्च करने पर भी खत्म ना हो, तो उसे घर में ऱखने के स्थान पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए। आखिर माता पिता अपने बच्चों के लिए ही तो पैसे कमाते हैं।
निशा- हाँ यह बात भी सही है, पर अपनी अपनी सोच है क्या कर सकते हैं। बैसे मुझे तुमसे एक फेवर चाहिए था।
गगन- हाँ कहो
गगन के हाँ कहने पर मैं कुछ देर खामोश रही और फिर थोडा उदास होते हुए बोली
निशा- देखो मुझे नहीं पता था कि रश्मि ही रवि की एक्स है। अब जब मुझे सब पता चल ही गया है, तो मैं नहीं चाहती कि मेरी बजह से वो दुखी रहे। तुम रश्मि से बात करके देखो। अगर वो रवि से पैचअप करना चाहती हो और वादा करे कि अब वो फिर कभी ऐसा नहीं करेगी, तो मैं उन दोनों के प्यार की खातिर पीछे हटने के लिए तैयार हूँ। इसमें मेरा दिल तो टूटेगा पर शायद यही सबके लिए अच्छा होगा।
मेरी बात सुनकर गगन को तो जैसे मूँह माँगी मुराद मिल गई थी। इसलिए वो खुश होते हुए बोला
गगन- हाँ हाँ मैं पक्का उससे बात करूँगा।
निशा- और हाँ यह बात हम दोनों के बीच सीक्रेट रहनी चाहिए। अगर रवि को पता चला तो वो नहीं मानेगा।
गगन- मैं समझ गया क्या करना है। बैसे यह बताओ तुमने मेरी ना तो कॉल रिसीव और ना ही मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई दिया और रवि को क्यों बताया मेरे कॉल के बारे में
निशा- अरे बाबा वो मेरा बॉयफ्रेंड है, तो मैं उससे कोई बात कैसे छिपाती, रही बात कॉल रिशीव ना करने और मैसेज का रिप्लाई ना करने की तो उसके लिए सॉरी। असल में मैं थोडा बिजी थी। अगली बार से ध्यान रखूँगी, अगर कॉल रिशीव नहीं कर पाई या टाईम पर रिप्लाई नहीं कर पाई तो फ्री होकर कर दिया करूँगी।
मेरी बात सुनकर गगन खुश होते हुए बोला
गगन- चलो ठीक है। बताओ तुम्हें कहाँ ड्राप करूं
गगन की बात सुनकर मैंने उसे एक रेस्टोरेंट का नाम बताया, जिसमें मैं असलम नाम के दलाल से मिलने बाली थी। जिसके बाद गगन ने बिना किसी सबाल जबाब के मुझे वहाँ ड्राप कर दिया। हाँलाकि वो भी मेरे साथ अंदर आना चाहता था, पर मैंने उसे बिजनेश मीटिंग की बात कहकर बापिस भेज दिया। थोडी ही देर में उस दलाल का फोन मेरे पास आ गया। वो भी रेस्टोरेंट में पहूँच चुका था। इसलिए मैंने उसे टेविल नम्बर और अपना हुलिया बता दिया। अंदर आकर वो सीधा मेरे पास आया और मुझे आँखें फाड फाड कर देखने लगा। मैं समझ गई कि मेरा काम हो गया है। मुझे अच्छी तरह से देखने के बाद वो बोला
असलम- क्या हुश्न है सपना जी। तुम तो किसी फिल्म एक्ट्रेश से कम नहीं हो
निशा- तो फिर क्या ख्याल है
असलम- अरे आपके तो लाखों मिलेंगे एक रात के
निशा- देखो असलम… मैं दिल्ली की रहने बाली हूँ। यहाँ बस 4-5 दिन के लिए ही आई हूँ। इसलिए अगर कोई अच्छी पार्टी हो तो मुझे बता देना। तुम्हारा कमीशन तुम्हें मिल जाऐगा
असलम- 25 परसेंट
निशा- हाँ ठीक है
असलम- तुम तो शरीफ लड़की लगती हो, तो फिर यह सब क्यों करना चाहती हो
निशा- दो बातें हैं... एक तो मुझे पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत है और दूसरी बात मजे के लिए। मतलब पैसे भी और मजा भी साथ साथ
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- समझ गया सपना जी
निशा- बैसे कितना मिलेगा मुझे
असलम- 2 लाख एक रात के रेट फिक्स करूँगा, तो 50 हजार मेरा कमीशन काटकर पूरे 1 लाख 50 हजार मिल जाऐंगे। बैसे दिल्ली मैं भी मेरे पार्टनर्स हैं। अगर वहाँ काम करना चाहो तो मैं तुम्हारी सेटिंग करवा सकता हूँ। वो लोग वहाँ पर सेक्स केज भी चलाते हैं।
निशा- सेक्स केज… यह क्या होता है
असलम- बड़े बडे हॉल में लकडी के बाक्स बाले बेड होते हैं, जिसमें लड़की के निचे का हिस्सा बाहर और ऊपर का हिस्सा बाक्स के अंदर होता है। बस उसे ही सेक्स केज कहते हैं। इसमें लडकों को पता नहीं होता की वो किस लड़की की ले रहे हैं। उसमें काम करने पर पैसे भी अच्छे मिलते हैं।
निशा- तो फिर ठीक है… तुम अपने पाटनर्स के नम्बर मुझे दे दो, मैं दिल्ली जाकर उनसे मिल लूँगी। पर मैं रैगूलर यह काम नहीं कर सकती।
असलम- कोई दिक्कत नहीं है।
निशा- और प्रायवेसी का क्या.. मतलब किसी ने ब्लू फिल्म बनाकर ब्लैक मेल किया तो
असलम- इसकी गारंटी मेरी है। हमारे सारे कस्टमर प्रीमिय क्लास होते हैं। बडे बडे बिजनेश मैन, नेता, मंत्री बडे बडे ऑफीसर, इसलिए हम इन सब बातों का खास ध्यान रखते हैं और हाँ तुम्हें भी ध्यान रखना होगा की जिस कस्टमर के पास जाओ उसके बारे में किसी को पता ना चले।
निशा- मेरी तरफ से आप निश्चिंत रहिए
असलम- बैसे तुम मुझसे मिलने में थोडी लेट हो गई। दो दिन पहले एक बडे सेंट्रल मिनिस्टर का ऑफर आया था। पर वो हाथ से निकल गया। हमारी लड़की वहाँ पहूँचने में थोडा लेट हो गई थी, तो उन्होंने कोई दूसरी लडकी बुक कर ली थी।
असलम की बात सुनकर मैं समझ गई कि वो सेन्ट्रल मिनिस्टर संजय जी की बात कर रहा है। पर मैं फिलहाल उसे नहीं बाताना चाहती थी कि मैं ही वही लड़की हूँ। क्योंकि अब वो मेरे डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में थे। पर यह बात पक्की थी कि असलम से मुझे बडे बडे क्लाईंट मिल सकते हैं। मैं उससे कुछ कहने ही बाली थी की तभी वो बोला
असलम- और हाँ एक बात और है
निशा- क्या
असलम- तुम्हें कोई क्लाईंट देने से पहले में एक बार टेस्ट करूँगा
मैं समझ गई कि वो भी मुझे चोदना चाहता है। बैसे भी इतने सारे लोगों से चुदवाने के बाद अब मुझे किसी से भी चुदवाने में कोई प्रॉब्लम नहीं थी। इसलिए मैं बोली
निशा- ठीक है.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर फीस तो तुम्हें भी देनी ही पडेगी। जरूरी नहीं है कि जो तय हुआ है वहीं दो। जो भी तुम्हारा मन करे वो दे देना मैं चुपचाप रख लूँगी।
असलम- लगता है कुछ जल्दी ही काम सीख गई हो। पहले कभी यह काम किया है क्या
निशा- नहीं किया… पर मेरा सिद्धांत है कि फ्री में किसी के लिए कुछ करना नहीं चाहिए वर्ना सामने बाला अपना अधिकार जमाने लगता है।
असलम- चलो कोई नहीं मैं तुम्हें पे कर दूँगा
निशा- तो फिर ठीक है… तो चलो कहाँ चलना है। मैं पूरी तरह से तैयार हूँ
मेरी बात सुनकर वो चौंकते हुए बोला
असलम- अभी...
निशा- हाँ.. क्यों कोई प्रॉब्लम है क्या
असलम- हाँ थोडा काम है। रात में मिलते हैं ना
निशा- रात का कोई भरोसा नहीं मेरा
असलम- क्या मतलब……….
निशा- अब जब तक तुम मुझे कोई क्लाईंट नहीं देते, तब तक खुद से ही कुछ करना पडेगा ना। तो वस रेलवे स्टेशन या बड़ा तालाब के पास कोई क्लाईंट सर्च करूँगी मिला तो ठीक वर्ना अपने रूम में जाकर सो जाऊँगी
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- कोई बात नहीं जब रात में फ्री हो जाओ तो मुझे कॉल कर लेना मैं वही आ जाऊँगा
निशा- ठीक है
उसके बाद असलम ने मुझे अपने दिल्ली बाले पाटनर्स के नम्बर दे दिए और उनको भी मेरा नम्बर भेज दिया। उसके बाद असलम वहाँ से चला गया। असलम के जाते ही मैंने रवि को कॉल कर दिया। रवि काफी देर से मेरी ही कॉल का वेट कर रहा था। मेरे कॉल करने के कुछ देर बाद ही वो वहाँ आ गया। जिसके बाद हम दोनों वहाँ से निकल गए।
रास्ते मैं मैंने रवि को गगन से हुई सारी बात बता दी और रवि ने भी मुझे रश्मि से हुई सारी बातें बता दी। उसके अनुसार रश्मि फिलहाल कन्फ्यूज है कि वो रवि के पास बापिस आना चाहती है या गगन के साथ ही रहना चाहती है। क्योंकि गगन के वर्ताव से बो काफी दुखी थी। पर रवि ने उसे फिर से अपनी गर्लफ्रेंड बनाने से मना कर दिया था। हाँ दोस्त बने रहने का ऑफर जरूर वो देकर आ गया था। रवि की बात सुनकर मैं बोली
निशा- रवि मुझे लगता है कि गगन कुछ गडबड है। क्या उसकी फैमिली बाकई में बहुत ज्यादा रिच है
रवि- पता नहीं
निशा- मतलब तुम उसकी फैमिली बालों को नहीं जानते
रवि- नहीं… वो शायद भोपाल का नहीं है। क्योंकि भोपाल के सभी जाने माने लोगों से मेरा परिचय है।
निशा- तो क्या तुम कभी भी उसके घर नहीं गए
रवि- नहीं
निशा- देखो रवि बैसे तो मुझे इन सब कामों से कोई मतलब होना नहीं चाहिए, पर अब जब तुम मेरे अच्छे दोस्त बन ही गए हो, इसलिए मैं बस तुम्हारे लिए यह सब कर रही हूँ। मुझे लगता है कि रश्मि को सजा जरूर मिलनी चाहिए और हम उसे सजा जरूर देगें, पर पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है कि अगर रश्मि को गगन के भरोसे छोड दिया, तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। हालाँकि रश्मि कोई दूध की धुली नहीं है। पर वो तुम्हारी एक्स थी। आज जरूर तुम्हारा उससे ब्रेकअप हो गया है और तुम उससे नाराज भी हो, पर कुछ समय पहले तुम उसे पसंद करने के साथ साथ उसकी केयर भी करते थे। तो मैं चाहती हूँ कि तुम उसी समय को याद रखकर रश्मि के भले के लिए मेरी बातों के बारे में एक बार सोचना।
रवि- मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम क्या कह रही हो
निशा- कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है बस कैसे भी करके गगन का बैकग्रऊंड पता करके मुझे बताओ
रवि- पर क्यों
निशा- मैं बाद सब बता दूँगी तुम्हें, और हाँ मुझे होटल छोड दो
रवि- अभी… अरे यार अभी तो बस 5 ही बजे हैं
निशा- मुझे कुछ जरूरी काम करना है
रवि- पर अभी तक हमारी किस भी नहीं हुई
निशा- ठीक है बाबा…. होटल में चलकर कर लेना अब खुश
मेरी बात सुनकर रवि ने कुछ नहीं कहा और गाडी होटल की तरफ मोड दी। होटल पहुंचकर वो मेरे साथ मेरे रूम में आया और जैसे मैंने रूम क्लोज किया तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसे मना नहीं कर पाई और उसका साथ देने लगी। किस करते करते उसने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और सहलाने लगा और दूसरे हाथ को मेरी गाँड पर रख कर सहलाने लगा। रवि की इस हरकत से मेरे शरीर में गर्मी बडने लगी।
रवि भी काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। इसलिए उसने किस करते करते ही मेरी जैकेट निकाल कर फेंक दी। जैकेट के अंदर मैंने मात्र कैमिसोल ही पहना हुआ था। इसलिए मेरे शरीर की गर्मी उसे महसूस हो रही थी। फिर उसने मेरे जींस के बटन खोल कर मेरे जींस को नीचे खिसका दिया, जिसे मैंने अपने पैरों की सहायता से अलग कर दिया। अब मैं मात्र कैमिलोस और पैंटी में थी। जिस कारण रवि काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। आखिरकार मैंने भी सोच लिया कि देखते हैं यह और क्या करता है।
इसलिए मैंने अपने आप को फ्री छोड दिया और उसका साथ देने लगी। कुछ देर बाद रवि मुझसे अलग हुआ और मुझे अपने गोद में उठाकर विस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चड गया। अब मुझे पक्का यकीन हो गया था कि वो आज मुझे चोदकर ही रहेगा। मैंने भी अपने आप को इसके लिए मन ही मन तैयार कर लिया था। रवि काफी देर तक मेरे होंठों को चूमता और चूसता रहा और मेरे बूब्स को सहलाता रहा। फिर वो थोडा नीचे आया और मेरा कैमिसोल उपर खिसकाकर मेरे बूब्स को चूमने और सहलाने लगा साथ साथ मेरे निप्पल्स को भी चूसने लगा।
अब तक मैं भी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी चूत भी गीली हो चुकी थी। फिर वो और नीचे आया और मेरे पेट को चूमने के बाद मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूमने लगा। फिर अचानक से उसने मेरी पैंटी नीचे खिसका दी और मेरी चूत को चाटने लगा। मैं तो जैसे सातवे आसमान में पहूँच गई थी। इसलिए कुछ देर में ही मैं झर गई और वो मेरी चूत का सारा पानी चाट गया।
निशा- लेकिन मुझे उन दोनों के झगडे की बजह समझ में नहीं आई
गगन- असल में रश्मि ही रवि की एक्स गर्लफ्रेंड है
निशा- मतलब यह वही लडकी है, जिसने किसी दूसरे लडके के लिए रवि को डम्प किया था
गगन- हाँ
निशा- ओह माय गॉड….. तभी जब कल मैं रवि की एक्स को गाली दे रही थी, तो रश्मि को बुरा लग रहा था। सॉरी यार मुझे इस बारे में कुछ भी पता ही नहीं था। अगली बार जब मैं उससे मिलूँगी, तो उससे माफी माँग लूँगी
गगन- अरे कोई जरूरत नहीं है माफी माँगने की। बैसे भी गलती तो उसकी है ना
निशा- पर वो लड़का कौन है जिसके लिए उसने रवि जैसे अच्छे लडके को डम्प किया था
गगन- वो वो....
मेरी बात सुनकर गगन थोडा हकलाने लगा, इसलिए मैं उसके मजे लेते हुए बोली
निशा- अरे… तुम तो ऐसे हकलाने लगे जैसे मैंने कोई गलत सबाल पूछ लिया, कहीं वो लडका तुम ही तो नहीं हो
मेरी बात सुनकर गगन थोडा निराश होते हुए बोला
गगन- अरे यार सपना इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सारी गलती उस रश्मि की है। मैं तो बस उसे अपना अच्छा दोस्त मानता हूँ। पर उसने मेरी दोस्ती को गलत समझ लिया और रवि से ब्रेकअप कर लिया
निशा- पर क्यों... उसने आखिर ऐसा किया क्यों
गगन- चीप मैंटेलिटी की है ना। कभी देखा ही नहीं है लोगों को अपने दोस्तों पर पैसे खर्च करते हुए। बेचारी गरीब है तो मैं कभी कभार उसकी मदद कर दिया करता था। मेरी फैमिली रवि से ज्यादा पैसे बाली है। अब उसने कभी इतना पैसा देखा नहीं तो उसे लगा कि अगर मुझसे शादी हो जाऐगी तो वो और ज्यादा अमीर हो जाऐगी। पर मैंने उसे साफ साफ समझा दिया है कि हम सिर्फ दोस्त हैं, इससे आगे सोचना भी मत। तुम्हें पता है वो दोनों तो फिजीकल रिलेशन भी बना चुके हैं। बैसे रवि की भी गलती है, वो रश्मि के कभी शौक पूरे नहीं करता था। बडी बडी गाडियों में घुमाना, मंहगे मंहगे कपडे और ज्वैलरी दिलाना, फाईव स्टार होटल और रेस्टोरेंट में ले जाना। शायद इसलिए रश्मि उससे दूर होने लगी।
निशा- इसमें रवि की क्या गलती है। वो जो भी करता था अपने मन से करता था। उसे जो भी घर से पॉकेट मनी मिलती थी, वो सारी की सारी अपनी एक्स पर ही तो खर्च करता था। हाँ कभी उसने अपने घऱ से पैसे नहीं माँगे, पर केवल इसलिए कि अभी वो पढाई कर रहा है। जब वो अपने पिता के बिजनेश में हाथ बंटाने लगेगा या अपना खुद का रास्ता चुन लेगा, तो उसे घऱ से कुछ लेने की जरूरत भी नहीं होगी। वो अच्छा और खुद्दार लड़का है।
गगन- हाँ यह बात भी सही है। पर मेरा मानना है जब माता-पिता के पास इतना पैसा हो कि सारी जिंदगी खर्च करने पर भी खत्म ना हो, तो उसे घर में ऱखने के स्थान पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए। आखिर माता पिता अपने बच्चों के लिए ही तो पैसे कमाते हैं।
निशा- हाँ यह बात भी सही है, पर अपनी अपनी सोच है क्या कर सकते हैं। बैसे मुझे तुमसे एक फेवर चाहिए था।
गगन- हाँ कहो
गगन के हाँ कहने पर मैं कुछ देर खामोश रही और फिर थोडा उदास होते हुए बोली
निशा- देखो मुझे नहीं पता था कि रश्मि ही रवि की एक्स है। अब जब मुझे सब पता चल ही गया है, तो मैं नहीं चाहती कि मेरी बजह से वो दुखी रहे। तुम रश्मि से बात करके देखो। अगर वो रवि से पैचअप करना चाहती हो और वादा करे कि अब वो फिर कभी ऐसा नहीं करेगी, तो मैं उन दोनों के प्यार की खातिर पीछे हटने के लिए तैयार हूँ। इसमें मेरा दिल तो टूटेगा पर शायद यही सबके लिए अच्छा होगा।
मेरी बात सुनकर गगन को तो जैसे मूँह माँगी मुराद मिल गई थी। इसलिए वो खुश होते हुए बोला
गगन- हाँ हाँ मैं पक्का उससे बात करूँगा।
निशा- और हाँ यह बात हम दोनों के बीच सीक्रेट रहनी चाहिए। अगर रवि को पता चला तो वो नहीं मानेगा।
गगन- मैं समझ गया क्या करना है। बैसे यह बताओ तुमने मेरी ना तो कॉल रिसीव और ना ही मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई दिया और रवि को क्यों बताया मेरे कॉल के बारे में
निशा- अरे बाबा वो मेरा बॉयफ्रेंड है, तो मैं उससे कोई बात कैसे छिपाती, रही बात कॉल रिशीव ना करने और मैसेज का रिप्लाई ना करने की तो उसके लिए सॉरी। असल में मैं थोडा बिजी थी। अगली बार से ध्यान रखूँगी, अगर कॉल रिशीव नहीं कर पाई या टाईम पर रिप्लाई नहीं कर पाई तो फ्री होकर कर दिया करूँगी।
मेरी बात सुनकर गगन खुश होते हुए बोला
गगन- चलो ठीक है। बताओ तुम्हें कहाँ ड्राप करूं
गगन की बात सुनकर मैंने उसे एक रेस्टोरेंट का नाम बताया, जिसमें मैं असलम नाम के दलाल से मिलने बाली थी। जिसके बाद गगन ने बिना किसी सबाल जबाब के मुझे वहाँ ड्राप कर दिया। हाँलाकि वो भी मेरे साथ अंदर आना चाहता था, पर मैंने उसे बिजनेश मीटिंग की बात कहकर बापिस भेज दिया। थोडी ही देर में उस दलाल का फोन मेरे पास आ गया। वो भी रेस्टोरेंट में पहूँच चुका था। इसलिए मैंने उसे टेविल नम्बर और अपना हुलिया बता दिया। अंदर आकर वो सीधा मेरे पास आया और मुझे आँखें फाड फाड कर देखने लगा। मैं समझ गई कि मेरा काम हो गया है। मुझे अच्छी तरह से देखने के बाद वो बोला
असलम- क्या हुश्न है सपना जी। तुम तो किसी फिल्म एक्ट्रेश से कम नहीं हो
निशा- तो फिर क्या ख्याल है
असलम- अरे आपके तो लाखों मिलेंगे एक रात के
निशा- देखो असलम… मैं दिल्ली की रहने बाली हूँ। यहाँ बस 4-5 दिन के लिए ही आई हूँ। इसलिए अगर कोई अच्छी पार्टी हो तो मुझे बता देना। तुम्हारा कमीशन तुम्हें मिल जाऐगा
असलम- 25 परसेंट
निशा- हाँ ठीक है
असलम- तुम तो शरीफ लड़की लगती हो, तो फिर यह सब क्यों करना चाहती हो
निशा- दो बातें हैं... एक तो मुझे पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत है और दूसरी बात मजे के लिए। मतलब पैसे भी और मजा भी साथ साथ
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- समझ गया सपना जी
निशा- बैसे कितना मिलेगा मुझे
असलम- 2 लाख एक रात के रेट फिक्स करूँगा, तो 50 हजार मेरा कमीशन काटकर पूरे 1 लाख 50 हजार मिल जाऐंगे। बैसे दिल्ली मैं भी मेरे पार्टनर्स हैं। अगर वहाँ काम करना चाहो तो मैं तुम्हारी सेटिंग करवा सकता हूँ। वो लोग वहाँ पर सेक्स केज भी चलाते हैं।
निशा- सेक्स केज… यह क्या होता है
असलम- बड़े बडे हॉल में लकडी के बाक्स बाले बेड होते हैं, जिसमें लड़की के निचे का हिस्सा बाहर और ऊपर का हिस्सा बाक्स के अंदर होता है। बस उसे ही सेक्स केज कहते हैं। इसमें लडकों को पता नहीं होता की वो किस लड़की की ले रहे हैं। उसमें काम करने पर पैसे भी अच्छे मिलते हैं।
निशा- तो फिर ठीक है… तुम अपने पाटनर्स के नम्बर मुझे दे दो, मैं दिल्ली जाकर उनसे मिल लूँगी। पर मैं रैगूलर यह काम नहीं कर सकती।
असलम- कोई दिक्कत नहीं है।
निशा- और प्रायवेसी का क्या.. मतलब किसी ने ब्लू फिल्म बनाकर ब्लैक मेल किया तो
असलम- इसकी गारंटी मेरी है। हमारे सारे कस्टमर प्रीमिय क्लास होते हैं। बडे बडे बिजनेश मैन, नेता, मंत्री बडे बडे ऑफीसर, इसलिए हम इन सब बातों का खास ध्यान रखते हैं और हाँ तुम्हें भी ध्यान रखना होगा की जिस कस्टमर के पास जाओ उसके बारे में किसी को पता ना चले।
निशा- मेरी तरफ से आप निश्चिंत रहिए
असलम- बैसे तुम मुझसे मिलने में थोडी लेट हो गई। दो दिन पहले एक बडे सेंट्रल मिनिस्टर का ऑफर आया था। पर वो हाथ से निकल गया। हमारी लड़की वहाँ पहूँचने में थोडा लेट हो गई थी, तो उन्होंने कोई दूसरी लडकी बुक कर ली थी।
असलम की बात सुनकर मैं समझ गई कि वो सेन्ट्रल मिनिस्टर संजय जी की बात कर रहा है। पर मैं फिलहाल उसे नहीं बाताना चाहती थी कि मैं ही वही लड़की हूँ। क्योंकि अब वो मेरे डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में थे। पर यह बात पक्की थी कि असलम से मुझे बडे बडे क्लाईंट मिल सकते हैं। मैं उससे कुछ कहने ही बाली थी की तभी वो बोला
असलम- और हाँ एक बात और है
निशा- क्या
असलम- तुम्हें कोई क्लाईंट देने से पहले में एक बार टेस्ट करूँगा
मैं समझ गई कि वो भी मुझे चोदना चाहता है। बैसे भी इतने सारे लोगों से चुदवाने के बाद अब मुझे किसी से भी चुदवाने में कोई प्रॉब्लम नहीं थी। इसलिए मैं बोली
निशा- ठीक है.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर फीस तो तुम्हें भी देनी ही पडेगी। जरूरी नहीं है कि जो तय हुआ है वहीं दो। जो भी तुम्हारा मन करे वो दे देना मैं चुपचाप रख लूँगी।
असलम- लगता है कुछ जल्दी ही काम सीख गई हो। पहले कभी यह काम किया है क्या
निशा- नहीं किया… पर मेरा सिद्धांत है कि फ्री में किसी के लिए कुछ करना नहीं चाहिए वर्ना सामने बाला अपना अधिकार जमाने लगता है।
असलम- चलो कोई नहीं मैं तुम्हें पे कर दूँगा
निशा- तो फिर ठीक है… तो चलो कहाँ चलना है। मैं पूरी तरह से तैयार हूँ
मेरी बात सुनकर वो चौंकते हुए बोला
असलम- अभी...
निशा- हाँ.. क्यों कोई प्रॉब्लम है क्या
असलम- हाँ थोडा काम है। रात में मिलते हैं ना
निशा- रात का कोई भरोसा नहीं मेरा
असलम- क्या मतलब……….
निशा- अब जब तक तुम मुझे कोई क्लाईंट नहीं देते, तब तक खुद से ही कुछ करना पडेगा ना। तो वस रेलवे स्टेशन या बड़ा तालाब के पास कोई क्लाईंट सर्च करूँगी मिला तो ठीक वर्ना अपने रूम में जाकर सो जाऊँगी
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- कोई बात नहीं जब रात में फ्री हो जाओ तो मुझे कॉल कर लेना मैं वही आ जाऊँगा
निशा- ठीक है
उसके बाद असलम ने मुझे अपने दिल्ली बाले पाटनर्स के नम्बर दे दिए और उनको भी मेरा नम्बर भेज दिया। उसके बाद असलम वहाँ से चला गया। असलम के जाते ही मैंने रवि को कॉल कर दिया। रवि काफी देर से मेरी ही कॉल का वेट कर रहा था। मेरे कॉल करने के कुछ देर बाद ही वो वहाँ आ गया। जिसके बाद हम दोनों वहाँ से निकल गए।
रास्ते मैं मैंने रवि को गगन से हुई सारी बात बता दी और रवि ने भी मुझे रश्मि से हुई सारी बातें बता दी। उसके अनुसार रश्मि फिलहाल कन्फ्यूज है कि वो रवि के पास बापिस आना चाहती है या गगन के साथ ही रहना चाहती है। क्योंकि गगन के वर्ताव से बो काफी दुखी थी। पर रवि ने उसे फिर से अपनी गर्लफ्रेंड बनाने से मना कर दिया था। हाँ दोस्त बने रहने का ऑफर जरूर वो देकर आ गया था। रवि की बात सुनकर मैं बोली
निशा- रवि मुझे लगता है कि गगन कुछ गडबड है। क्या उसकी फैमिली बाकई में बहुत ज्यादा रिच है
रवि- पता नहीं
निशा- मतलब तुम उसकी फैमिली बालों को नहीं जानते
रवि- नहीं… वो शायद भोपाल का नहीं है। क्योंकि भोपाल के सभी जाने माने लोगों से मेरा परिचय है।
निशा- तो क्या तुम कभी भी उसके घर नहीं गए
रवि- नहीं
निशा- देखो रवि बैसे तो मुझे इन सब कामों से कोई मतलब होना नहीं चाहिए, पर अब जब तुम मेरे अच्छे दोस्त बन ही गए हो, इसलिए मैं बस तुम्हारे लिए यह सब कर रही हूँ। मुझे लगता है कि रश्मि को सजा जरूर मिलनी चाहिए और हम उसे सजा जरूर देगें, पर पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है कि अगर रश्मि को गगन के भरोसे छोड दिया, तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। हालाँकि रश्मि कोई दूध की धुली नहीं है। पर वो तुम्हारी एक्स थी। आज जरूर तुम्हारा उससे ब्रेकअप हो गया है और तुम उससे नाराज भी हो, पर कुछ समय पहले तुम उसे पसंद करने के साथ साथ उसकी केयर भी करते थे। तो मैं चाहती हूँ कि तुम उसी समय को याद रखकर रश्मि के भले के लिए मेरी बातों के बारे में एक बार सोचना।
रवि- मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम क्या कह रही हो
निशा- कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है बस कैसे भी करके गगन का बैकग्रऊंड पता करके मुझे बताओ
रवि- पर क्यों
निशा- मैं बाद सब बता दूँगी तुम्हें, और हाँ मुझे होटल छोड दो
रवि- अभी… अरे यार अभी तो बस 5 ही बजे हैं
निशा- मुझे कुछ जरूरी काम करना है
रवि- पर अभी तक हमारी किस भी नहीं हुई
निशा- ठीक है बाबा…. होटल में चलकर कर लेना अब खुश
मेरी बात सुनकर रवि ने कुछ नहीं कहा और गाडी होटल की तरफ मोड दी। होटल पहुंचकर वो मेरे साथ मेरे रूम में आया और जैसे मैंने रूम क्लोज किया तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसे मना नहीं कर पाई और उसका साथ देने लगी। किस करते करते उसने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और सहलाने लगा और दूसरे हाथ को मेरी गाँड पर रख कर सहलाने लगा। रवि की इस हरकत से मेरे शरीर में गर्मी बडने लगी।
रवि भी काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। इसलिए उसने किस करते करते ही मेरी जैकेट निकाल कर फेंक दी। जैकेट के अंदर मैंने मात्र कैमिसोल ही पहना हुआ था। इसलिए मेरे शरीर की गर्मी उसे महसूस हो रही थी। फिर उसने मेरे जींस के बटन खोल कर मेरे जींस को नीचे खिसका दिया, जिसे मैंने अपने पैरों की सहायता से अलग कर दिया। अब मैं मात्र कैमिलोस और पैंटी में थी। जिस कारण रवि काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। आखिरकार मैंने भी सोच लिया कि देखते हैं यह और क्या करता है।
इसलिए मैंने अपने आप को फ्री छोड दिया और उसका साथ देने लगी। कुछ देर बाद रवि मुझसे अलग हुआ और मुझे अपने गोद में उठाकर विस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चड गया। अब मुझे पक्का यकीन हो गया था कि वो आज मुझे चोदकर ही रहेगा। मैंने भी अपने आप को इसके लिए मन ही मन तैयार कर लिया था। रवि काफी देर तक मेरे होंठों को चूमता और चूसता रहा और मेरे बूब्स को सहलाता रहा। फिर वो थोडा नीचे आया और मेरा कैमिसोल उपर खिसकाकर मेरे बूब्स को चूमने और सहलाने लगा साथ साथ मेरे निप्पल्स को भी चूसने लगा।
अब तक मैं भी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी चूत भी गीली हो चुकी थी। फिर वो और नीचे आया और मेरे पेट को चूमने के बाद मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूमने लगा। फिर अचानक से उसने मेरी पैंटी नीचे खिसका दी और मेरी चूत को चाटने लगा। मैं तो जैसे सातवे आसमान में पहूँच गई थी। इसलिए कुछ देर में ही मैं झर गई और वो मेरी चूत का सारा पानी चाट गया।
निशा- लेकिन मुझे उन दोनों के झगडे की बजह समझ में नहीं आई
गगन- असल में रश्मि ही रवि की एक्स गर्लफ्रेंड है
निशा- मतलब यह वही लडकी है, जिसने किसी दूसरे लडके के लिए रवि को डम्प किया था
गगन- हाँ
निशा- ओह माय गॉड….. तभी जब कल मैं रवि की एक्स को गाली दे रही थी, तो रश्मि को बुरा लग रहा था। सॉरी यार मुझे इस बारे में कुछ भी पता ही नहीं था। अगली बार जब मैं उससे मिलूँगी, तो उससे माफी माँग लूँगी
गगन- अरे कोई जरूरत नहीं है माफी माँगने की। बैसे भी गलती तो उसकी है ना
निशा- पर वो लड़का कौन है जिसके लिए उसने रवि जैसे अच्छे लडके को डम्प किया था
गगन- वो वो....
मेरी बात सुनकर गगन थोडा हकलाने लगा, इसलिए मैं उसके मजे लेते हुए बोली
निशा- अरे… तुम तो ऐसे हकलाने लगे जैसे मैंने कोई गलत सबाल पूछ लिया, कहीं वो लडका तुम ही तो नहीं हो
मेरी बात सुनकर गगन थोडा निराश होते हुए बोला
गगन- अरे यार सपना इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सारी गलती उस रश्मि की है। मैं तो बस उसे अपना अच्छा दोस्त मानता हूँ। पर उसने मेरी दोस्ती को गलत समझ लिया और रवि से ब्रेकअप कर लिया
निशा- पर क्यों... उसने आखिर ऐसा किया क्यों
गगन- चीप मैंटेलिटी की है ना। कभी देखा ही नहीं है लोगों को अपने दोस्तों पर पैसे खर्च करते हुए। बेचारी गरीब है तो मैं कभी कभार उसकी मदद कर दिया करता था। मेरी फैमिली रवि से ज्यादा पैसे बाली है। अब उसने कभी इतना पैसा देखा नहीं तो उसे लगा कि अगर मुझसे शादी हो जाऐगी तो वो और ज्यादा अमीर हो जाऐगी। पर मैंने उसे साफ साफ समझा दिया है कि हम सिर्फ दोस्त हैं, इससे आगे सोचना भी मत। तुम्हें पता है वो दोनों तो फिजीकल रिलेशन भी बना चुके हैं। बैसे रवि की भी गलती है, वो रश्मि के कभी शौक पूरे नहीं करता था। बडी बडी गाडियों में घुमाना, मंहगे मंहगे कपडे और ज्वैलरी दिलाना, फाईव स्टार होटल और रेस्टोरेंट में ले जाना। शायद इसलिए रश्मि उससे दूर होने लगी।
निशा- इसमें रवि की क्या गलती है। वो जो भी करता था अपने मन से करता था। उसे जो भी घर से पॉकेट मनी मिलती थी, वो सारी की सारी अपनी एक्स पर ही तो खर्च करता था। हाँ कभी उसने अपने घऱ से पैसे नहीं माँगे, पर केवल इसलिए कि अभी वो पढाई कर रहा है। जब वो अपने पिता के बिजनेश में हाथ बंटाने लगेगा या अपना खुद का रास्ता चुन लेगा, तो उसे घऱ से कुछ लेने की जरूरत भी नहीं होगी। वो अच्छा और खुद्दार लड़का है।
गगन- हाँ यह बात भी सही है। पर मेरा मानना है जब माता-पिता के पास इतना पैसा हो कि सारी जिंदगी खर्च करने पर भी खत्म ना हो, तो उसे घर में ऱखने के स्थान पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए। आखिर माता पिता अपने बच्चों के लिए ही तो पैसे कमाते हैं।
निशा- हाँ यह बात भी सही है, पर अपनी अपनी सोच है क्या कर सकते हैं। बैसे मुझे तुमसे एक फेवर चाहिए था।
गगन- हाँ कहो
गगन के हाँ कहने पर मैं कुछ देर खामोश रही और फिर थोडा उदास होते हुए बोली
निशा- देखो मुझे नहीं पता था कि रश्मि ही रवि की एक्स है। अब जब मुझे सब पता चल ही गया है, तो मैं नहीं चाहती कि मेरी बजह से वो दुखी रहे। तुम रश्मि से बात करके देखो। अगर वो रवि से पैचअप करना चाहती हो और वादा करे कि अब वो फिर कभी ऐसा नहीं करेगी, तो मैं उन दोनों के प्यार की खातिर पीछे हटने के लिए तैयार हूँ। इसमें मेरा दिल तो टूटेगा पर शायद यही सबके लिए अच्छा होगा।
मेरी बात सुनकर गगन को तो जैसे मूँह माँगी मुराद मिल गई थी। इसलिए वो खुश होते हुए बोला
गगन- हाँ हाँ मैं पक्का उससे बात करूँगा।
निशा- और हाँ यह बात हम दोनों के बीच सीक्रेट रहनी चाहिए। अगर रवि को पता चला तो वो नहीं मानेगा।
गगन- मैं समझ गया क्या करना है। बैसे यह बताओ तुमने मेरी ना तो कॉल रिसीव और ना ही मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई दिया और रवि को क्यों बताया मेरे कॉल के बारे में
निशा- अरे बाबा वो मेरा बॉयफ्रेंड है, तो मैं उससे कोई बात कैसे छिपाती, रही बात कॉल रिशीव ना करने और मैसेज का रिप्लाई ना करने की तो उसके लिए सॉरी। असल में मैं थोडा बिजी थी। अगली बार से ध्यान रखूँगी, अगर कॉल रिशीव नहीं कर पाई या टाईम पर रिप्लाई नहीं कर पाई तो फ्री होकर कर दिया करूँगी।
मेरी बात सुनकर गगन खुश होते हुए बोला
गगन- चलो ठीक है। बताओ तुम्हें कहाँ ड्राप करूं
गगन की बात सुनकर मैंने उसे एक रेस्टोरेंट का नाम बताया, जिसमें मैं असलम नाम के दलाल से मिलने बाली थी। जिसके बाद गगन ने बिना किसी सबाल जबाब के मुझे वहाँ ड्राप कर दिया। हाँलाकि वो भी मेरे साथ अंदर आना चाहता था, पर मैंने उसे बिजनेश मीटिंग की बात कहकर बापिस भेज दिया। थोडी ही देर में उस दलाल का फोन मेरे पास आ गया। वो भी रेस्टोरेंट में पहूँच चुका था। इसलिए मैंने उसे टेविल नम्बर और अपना हुलिया बता दिया। अंदर आकर वो सीधा मेरे पास आया और मुझे आँखें फाड फाड कर देखने लगा। मैं समझ गई कि मेरा काम हो गया है। मुझे अच्छी तरह से देखने के बाद वो बोला
असलम- क्या हुश्न है सपना जी। तुम तो किसी फिल्म एक्ट्रेश से कम नहीं हो
निशा- तो फिर क्या ख्याल है
असलम- अरे आपके तो लाखों मिलेंगे एक रात के
निशा- देखो असलम… मैं दिल्ली की रहने बाली हूँ। यहाँ बस 4-5 दिन के लिए ही आई हूँ। इसलिए अगर कोई अच्छी पार्टी हो तो मुझे बता देना। तुम्हारा कमीशन तुम्हें मिल जाऐगा
असलम- 25 परसेंट
निशा- हाँ ठीक है
असलम- तुम तो शरीफ लड़की लगती हो, तो फिर यह सब क्यों करना चाहती हो
निशा- दो बातें हैं... एक तो मुझे पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत है और दूसरी बात मजे के लिए। मतलब पैसे भी और मजा भी साथ साथ
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- समझ गया सपना जी
निशा- बैसे कितना मिलेगा मुझे
असलम- 2 लाख एक रात के रेट फिक्स करूँगा, तो 50 हजार मेरा कमीशन काटकर पूरे 1 लाख 50 हजार मिल जाऐंगे। बैसे दिल्ली मैं भी मेरे पार्टनर्स हैं। अगर वहाँ काम करना चाहो तो मैं तुम्हारी सेटिंग करवा सकता हूँ। वो लोग वहाँ पर सेक्स केज भी चलाते हैं।
निशा- सेक्स केज… यह क्या होता है
असलम- बड़े बडे हॉल में लकडी के बाक्स बाले बेड होते हैं, जिसमें लड़की के निचे का हिस्सा बाहर और ऊपर का हिस्सा बाक्स के अंदर होता है। बस उसे ही सेक्स केज कहते हैं। इसमें लडकों को पता नहीं होता की वो किस लड़की की ले रहे हैं। उसमें काम करने पर पैसे भी अच्छे मिलते हैं।
निशा- तो फिर ठीक है… तुम अपने पाटनर्स के नम्बर मुझे दे दो, मैं दिल्ली जाकर उनसे मिल लूँगी। पर मैं रैगूलर यह काम नहीं कर सकती।
असलम- कोई दिक्कत नहीं है।
निशा- और प्रायवेसी का क्या.. मतलब किसी ने ब्लू फिल्म बनाकर ब्लैक मेल किया तो
असलम- इसकी गारंटी मेरी है। हमारे सारे कस्टमर प्रीमिय क्लास होते हैं। बडे बडे बिजनेश मैन, नेता, मंत्री बडे बडे ऑफीसर, इसलिए हम इन सब बातों का खास ध्यान रखते हैं और हाँ तुम्हें भी ध्यान रखना होगा की जिस कस्टमर के पास जाओ उसके बारे में किसी को पता ना चले।
निशा- मेरी तरफ से आप निश्चिंत रहिए
असलम- बैसे तुम मुझसे मिलने में थोडी लेट हो गई। दो दिन पहले एक बडे सेंट्रल मिनिस्टर का ऑफर आया था। पर वो हाथ से निकल गया। हमारी लड़की वहाँ पहूँचने में थोडा लेट हो गई थी, तो उन्होंने कोई दूसरी लडकी बुक कर ली थी।
असलम की बात सुनकर मैं समझ गई कि वो सेन्ट्रल मिनिस्टर संजय जी की बात कर रहा है। पर मैं फिलहाल उसे नहीं बाताना चाहती थी कि मैं ही वही लड़की हूँ। क्योंकि अब वो मेरे डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में थे। पर यह बात पक्की थी कि असलम से मुझे बडे बडे क्लाईंट मिल सकते हैं। मैं उससे कुछ कहने ही बाली थी की तभी वो बोला
असलम- और हाँ एक बात और है
निशा- क्या
असलम- तुम्हें कोई क्लाईंट देने से पहले में एक बार टेस्ट करूँगा
मैं समझ गई कि वो भी मुझे चोदना चाहता है। बैसे भी इतने सारे लोगों से चुदवाने के बाद अब मुझे किसी से भी चुदवाने में कोई प्रॉब्लम नहीं थी। इसलिए मैं बोली
निशा- ठीक है.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। पर फीस तो तुम्हें भी देनी ही पडेगी। जरूरी नहीं है कि जो तय हुआ है वहीं दो। जो भी तुम्हारा मन करे वो दे देना मैं चुपचाप रख लूँगी।
असलम- लगता है कुछ जल्दी ही काम सीख गई हो। पहले कभी यह काम किया है क्या
निशा- नहीं किया… पर मेरा सिद्धांत है कि फ्री में किसी के लिए कुछ करना नहीं चाहिए वर्ना सामने बाला अपना अधिकार जमाने लगता है।
असलम- चलो कोई नहीं मैं तुम्हें पे कर दूँगा
निशा- तो फिर ठीक है… तो चलो कहाँ चलना है। मैं पूरी तरह से तैयार हूँ
मेरी बात सुनकर वो चौंकते हुए बोला
असलम- अभी...
निशा- हाँ.. क्यों कोई प्रॉब्लम है क्या
असलम- हाँ थोडा काम है। रात में मिलते हैं ना
निशा- रात का कोई भरोसा नहीं मेरा
असलम- क्या मतलब……….
निशा- अब जब तक तुम मुझे कोई क्लाईंट नहीं देते, तब तक खुद से ही कुछ करना पडेगा ना। तो वस रेलवे स्टेशन या बड़ा तालाब के पास कोई क्लाईंट सर्च करूँगी मिला तो ठीक वर्ना अपने रूम में जाकर सो जाऊँगी
मेरी बात सुनकर असलम मुस्कुराते हुए बोला
असलम- कोई बात नहीं जब रात में फ्री हो जाओ तो मुझे कॉल कर लेना मैं वही आ जाऊँगा
निशा- ठीक है
उसके बाद असलम ने मुझे अपने दिल्ली बाले पाटनर्स के नम्बर दे दिए और उनको भी मेरा नम्बर भेज दिया। उसके बाद असलम वहाँ से चला गया। असलम के जाते ही मैंने रवि को कॉल कर दिया। रवि काफी देर से मेरी ही कॉल का वेट कर रहा था। मेरे कॉल करने के कुछ देर बाद ही वो वहाँ आ गया। जिसके बाद हम दोनों वहाँ से निकल गए।
रास्ते मैं मैंने रवि को गगन से हुई सारी बात बता दी और रवि ने भी मुझे रश्मि से हुई सारी बातें बता दी। उसके अनुसार रश्मि फिलहाल कन्फ्यूज है कि वो रवि के पास बापिस आना चाहती है या गगन के साथ ही रहना चाहती है। क्योंकि गगन के वर्ताव से बो काफी दुखी थी। पर रवि ने उसे फिर से अपनी गर्लफ्रेंड बनाने से मना कर दिया था। हाँ दोस्त बने रहने का ऑफर जरूर वो देकर आ गया था। रवि की बात सुनकर मैं बोली
निशा- रवि मुझे लगता है कि गगन कुछ गडबड है। क्या उसकी फैमिली बाकई में बहुत ज्यादा रिच है
रवि- पता नहीं
निशा- मतलब तुम उसकी फैमिली बालों को नहीं जानते
रवि- नहीं… वो शायद भोपाल का नहीं है। क्योंकि भोपाल के सभी जाने माने लोगों से मेरा परिचय है।
निशा- तो क्या तुम कभी भी उसके घर नहीं गए
रवि- नहीं
निशा- देखो रवि बैसे तो मुझे इन सब कामों से कोई मतलब होना नहीं चाहिए, पर अब जब तुम मेरे अच्छे दोस्त बन ही गए हो, इसलिए मैं बस तुम्हारे लिए यह सब कर रही हूँ। मुझे लगता है कि रश्मि को सजा जरूर मिलनी चाहिए और हम उसे सजा जरूर देगें, पर पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लग रहा है कि अगर रश्मि को गगन के भरोसे छोड दिया, तो उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। हालाँकि रश्मि कोई दूध की धुली नहीं है। पर वो तुम्हारी एक्स थी। आज जरूर तुम्हारा उससे ब्रेकअप हो गया है और तुम उससे नाराज भी हो, पर कुछ समय पहले तुम उसे पसंद करने के साथ साथ उसकी केयर भी करते थे। तो मैं चाहती हूँ कि तुम उसी समय को याद रखकर रश्मि के भले के लिए मेरी बातों के बारे में एक बार सोचना।
रवि- मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है तुम क्या कह रही हो
निशा- कुछ भी समझने की जरूरत नहीं है बस कैसे भी करके गगन का बैकग्रऊंड पता करके मुझे बताओ
रवि- पर क्यों
निशा- मैं बाद सब बता दूँगी तुम्हें, और हाँ मुझे होटल छोड दो
रवि- अभी… अरे यार अभी तो बस 5 ही बजे हैं
निशा- मुझे कुछ जरूरी काम करना है
रवि- पर अभी तक हमारी किस भी नहीं हुई
निशा- ठीक है बाबा…. होटल में चलकर कर लेना अब खुश
मेरी बात सुनकर रवि ने कुछ नहीं कहा और गाडी होटल की तरफ मोड दी। होटल पहुंचकर वो मेरे साथ मेरे रूम में आया और जैसे मैंने रूम क्लोज किया तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसे मना नहीं कर पाई और उसका साथ देने लगी। किस करते करते उसने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और सहलाने लगा और दूसरे हाथ को मेरी गाँड पर रख कर सहलाने लगा। रवि की इस हरकत से मेरे शरीर में गर्मी बडने लगी।
रवि भी काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। इसलिए उसने किस करते करते ही मेरी जैकेट निकाल कर फेंक दी। जैकेट के अंदर मैंने मात्र कैमिसोल ही पहना हुआ था। इसलिए मेरे शरीर की गर्मी उसे महसूस हो रही थी। फिर उसने मेरे जींस के बटन खोल कर मेरे जींस को नीचे खिसका दिया, जिसे मैंने अपने पैरों की सहायता से अलग कर दिया। अब मैं मात्र कैमिलोस और पैंटी में थी। जिस कारण रवि काफी ज्यादा एक्साईटेड हो गया था। आखिरकार मैंने भी सोच लिया कि देखते हैं यह और क्या करता है।
इसलिए मैंने अपने आप को फ्री छोड दिया और उसका साथ देने लगी। कुछ देर बाद रवि मुझसे अलग हुआ और मुझे अपने गोद में उठाकर विस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चड गया। अब मुझे पक्का यकीन हो गया था कि वो आज मुझे चोदकर ही रहेगा। मैंने भी अपने आप को इसके लिए मन ही मन तैयार कर लिया था। रवि काफी देर तक मेरे होंठों को चूमता और चूसता रहा और मेरे बूब्स को सहलाता रहा। फिर वो थोडा नीचे आया और मेरा कैमिसोल उपर खिसकाकर मेरे बूब्स को चूमने और सहलाने लगा साथ साथ मेरे निप्पल्स को भी चूसने लगा।
अब तक मैं भी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी चूत भी गीली हो चुकी थी। फिर वो और नीचे आया और मेरे पेट को चूमने के बाद मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूमने लगा। फिर अचानक से उसने मेरी पैंटी नीचे खिसका दी और मेरी चूत को चाटने लगा। मैं तो जैसे सातवे आसमान में पहूँच गई थी। इसलिए कुछ देर में ही मैं झर गई और वो मेरी चूत का सारा पानी चाट गया।