Nice update....Update 012 -
रात करीब 10 बजे मैं रवि के द्वारा बताए गए एक सीक्रेट रेड लाईट ऐरिया में खडी थी। मेरे अलावा वहाँ और भी कई लडकियाँ थीं। मुझे वहाँ आऐ अभी ज्यादा देर नहीं कि तभी एक स्पोर्ट कार मेरे सामने आकर रुकी। जिसमें से 18-19 साल के 3 लड़के बाहर निकले, और मेरे पास आकर मेरे बूब्स और गाँड को सहलाने लगे। उन लडकों की ठीक से ढाडी मूँछ भी नहीं आईं थीं। लेकिन उनकी जबानी अपने पूरे उफान पर थी। अपने से 6-7 साल छोटे लडकों के द्वारा अपने शरीर को यूँ सहलाने से मुझे बहुत ज्यादा शर्म आ रही थी। इससे पहले मैं कुछ कहती उनमें से एक बोला
लडका1- क्या मस्त माल है यार…. लगता है आज तो मजा ही आ जाएगा
लड़का2- बिल्कुल किसी मॉडल जैसी दिख रही है। गाँड तो देखो क्या मस्त है
लडक3- अरे तू तो गाँड में ही घुस जा। साली के बूब्स तो देख क्या मस्त हैं, एक दम टाईट, लगता है ज्यादा लोगों ने अब तक बजाया नहीं है इसे।
लडका1- तो हम बाजा देंगे आज इसकी पुंगी
लडका3- पहले रेट तो पूछ ले
लडका1- क्यों मैडम चलोगी क्या
उन लडकों की बातें सुनकर मैं थोडा चिढते हुए बोली
निशा- तुम लोगों की अभी यह सब करने की उम्र नहीं है। इसलिए घर जाकर पढाई करो
मेरी बात सुनकर एक लडका बोला
लडका2- पढाई तो रोज ही करते हैं। बस कभी कभी ही तो मजे करते हैं। बैसे भी हम पुरे 18 के हो चुके हैं, तो यह सब करने में कुछ भी गलत नहीं है और अगर इस उम्र में मजे नहीं करेंगे तो क्या बुडापे में करेंगे। तुम तो बस इतना बताओ कि हमारे साथ चलोगी क्या
उस लडके की बात सुनकर मुझे लगा कि अगर मैं मना भी कर दूँगी, तो भी ये लोग मानने बाले नहीं हैं, मेरी जगह किसी और लडकी को अपने साथ ले जाऐंगे। इससे अच्छा तो यही है कि मैं ही चली जाती हूँ। बैसे भी मैं तो यहाँ मजे करने आई हूँ। दूसरों को सुधारने का काम क्यों करूँ। इसलिए मैं बोली
निशा- अब जाने के लिए ही तो यहाँ खडीं हो
लडका1- कितना लोगी
निशा- 10 हजार सिंगल शॉट दूसरी बार घुसाया तो पैसे डबल
लडका1- पूरी रात का बोलो मैडम... बैसे भी हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जो पार्टी में हमारा बेट कर रहे हैं। असल में हमारे एक दोस्त का वर्थडे है आज। इसलिए पार्टी में फुल मस्ती करने का प्रोग्राम है।
उस लडके की बात सुनकर मैं थोडा सोचते हुए बोली
निशा- 2 लाख दे देना
मेरी बात सुनकर वो लडका थोडा हैरान होते हुए बोला
लडका2- 2 लाख…. यह तो बहुत ज्यादा हैं।
निशा- अब मुझे क्या पता कि तुम कितने दोस्त हो और पता नहीं सारी रात कितनी बार करोगे।
लड़का1- 50 हजार देंगे मंजूर हो तो बोलो
निशा- मुझे नहीं जाना…. किसी और को देख लो
लडका2- अरे मेरी जान… तेरे जैसी मस्त माल हमें कहीं नहीं मिल रही है
निशा- मस्त माल चाहिए तो पैसे भी ढीले करने पडेंगे
मेरी बात सुनकर वो लडका एक बार फिर बारगेनिंग करते हुए बोला
लडका1- चल ठीक है 70 ले लेना
निशा- पूरे 1 लाख दोगे तो सोचूँगी
लड़का2- ठीक है 1 लाख देंगे। पर पूरे मजे लेंगे हम लोग
निशा- हाँ हाँ ठीक है.. कर लेना जो करना है
लडका2- मूँह में लेने में और गाँड मरवाने में नखरे तो नहीं करोगी ना
निशा- अरे नहीं करूँगी… मैंने पहले ही तो बोल दिया है कि “कर लेना जो करना है”।
लडका1- नाम तो बता दो अपना
निशा- सपना
मेरा नाम पूछकर उन लडकों ने 500-500 की दो गडडियाँ मुझे दे दीं, जो मैंने चुपचाप अपने बैग में ऱख लीं और फिर उनकी गाडी में जाकर बैठ गई। जिसके बाद वो लोग मुझे शहर से बाहर एक फार्म हाऊस पर ले गए। जहाँ पार्टी चल रही था। वहाँ करीब 15-16 लडके और थे जो कि सारे के सारे 18 से 20 की उम्र के ही थे। इतने सारे लडकों को देखकर मेरी बुरी तरह से गाँड फट गई। मैंने तो सोचा था कि 3 लडके यहाँ हैं और पार्टी में बहुत से बहुत 4-5 और होंगे।
कम उम्र के हैं तो ज्यादा टाईम भी नहीं लेंगे। जिस कारण आसानी से 7-8 लडकों से तो करवा ही लूँगी। बैसे भी पहले दिन मैंने एक ही रात में 6 लोगो को सेटिस्फाई किया था। पर इतने सारे लडकों को सेटिसफाई करने में तो मेरी चूत की चटनी ही बन जाऐगी। लेकिन अब बापिस लौटने का मेरे पास कोई रास्ता नहीं था। इसलिए जो भी हो मुझे मैनेज करना ही था।
फार्म हाऊस के अंदर जाकर उन लोगों ने मुझे ड्रिंक ऑफऱ की तो मैं चुपचाप ड्रिंक लेकर शिप करने लगी। इस दौरान वहाँ मौजूद बाकी सभी लडके भी मेरे पास आ गए और बारी बारी से मुझे चूमने और सहलाते हुए मेरे बारे में गंदी गंदी बातें करने लगे। जिन्हें सुनकर मुझे बहुत ज्यादा शर्म आ रही थी। ऐसा करते करते उन लोगों ने मुझे 3 पैग पिला दिए थे। जिस कारण मुझे पर्याप्त नशा हो गया था, फिर उनमें से एक लड़का जो शायद वर्थडे बॉय था, वो मेरे पास आया और मुझे अपने कंधे पर उठाकर डी.जे. के पास ले जाकर मेरे साथ डांस करने लगा।
पहले तो मुझे काफी शर्म आई और डांस करने की हिम्मत भी नहीं हुई, पर फिर उस लडके के बार बार उक्साने पर में उसके साथ डांस करने लगी। मेरा डाँस देखकर वहाँ मौजूद सारे लडके मुझ पर गंदे गंदे कमेंटस कर रहे थे और हूटिंग करने के साथ साथ सीटियाँ भी बजा रहे थे। कुछ देर तक तो मुझे इस सब में काफी ह्यूमिलेशन महसूस हुआ, पर फिर मजा आने लगा। जिस कारण में और भी ज्यादा कमर मटका मटका कर और डाँस करने लगी।
काफी देर तक डांस करने के बाद जब मैं थक गई तो मैंने डाँस करना बंद कर दिया। जिसके बाद वर्थडे बॉय मुझे अपने कंधे पर उठाकर सीधा एक हॉल में ले गया। जहाँ हॉल के बीचों बीच एक छोटा सा बेड लगा हुआ था और उसके चारों तरफ सोफे रखे हुए थे। साथ ही साथ वहाँ पर खाने पीने की भरपूर इंतजाम था। उस लडके ने मुझे उस बेड के पास लेजाकर खड़ा कर दिया और फिर एक एक करके मेरे कपडे उतारने लगा। बैसे तो मैं पिछले 2 दिनों से गैर मर्दों के समाने नंगा होकर चुद रही थी, पर इतने सारे लोगों के सामने नंगा होने में मुझे काफी शर्म आ रही थी।
लेकिन अब कुछ भी नहीं किया जा सकता था। क्योंकि उस लडके ने मेरी ब्रा और पेंटी भी उतार दी थी। उस हॉल में रूम हीटर चल रहे थे जिस कारण मुझे बिल्कुल भी ठण्ड का एहसास नहीं हो रहा था। मेरे सारे कपडे उतारने के बाद उस लडके ने भी अपने सारे कपडे उतार दिए और मुझे नीचे बैठने का इशारा किया। मैं उसका इशारा तुरंत समझ गई और चुपचाप नीचे घुटनों के बल बैठ गई। तभी मुझे सुनाई दिया कि एक लड़का बोल रहा है।
”ऐ लडकी ऋषभ का पूरा मूँह में नहीं ले पायेगी”
उसकी बात सुनकर दूसरा लड़का बोला
”अरे यार कैसी बात कर रहे हो, रण्डी है साली… पक्का पूरा ले लेगी”
तभी फिर से पहले बाला लड़का बोला
”अरे यार ऋषभ का देख कितना बड़ा है। कैसे जायेगा उसके मूँह में”
”चला जाऐगा... इनको एक्सपीरियंस होता है”
”मुझे नहीं लगता”
”तो एक काम कर शर्त लगा ले”
”कैसी शर्त”
”अगर इस लड़की ने ऋषभ का पूरा लण्ड अपने मूँह में ले लिया तो तू पूरे 1 हजार रूपये इस लड़की को देगा और अगर यह नहीं ले पाई, तो मैं 1 हजार रूपये उसे दूँगा। बोल क्या कहता है”
”मुझे मंजूर है, पर इसमें हमारा क्या फायदा... शर्त के पैसे तो उस रण्डी को मिलेंगे”
”हम देख कर मजा करेंगे”
मैं चुपचाप उन लडकों की बातें सुन रही थी। जिसे सुनकर मुझे बहुत शर्म आ रही थी। और मन ही मन सोच रही थी कि
”अरे चूतियों यह भी कोई शर्त लगाने की बात है। बैसे भी इसका इतना बड़ा भी नहीं है। हाँ नॉर्मल साईज से थोडा बड़ा है, पर इतना बाडा और मोटा नहीं की मैं मूँह में ले ही नहीं पाऊं। खैर जो भी हो फायदा तो मेरा ही है। चाहे कोई भी जीते मुझे क्या”
इतना सोचकर मैंने चुपचाप ऋषभ का लण्ड अपने मूँह में ले लिया और चुपचाप उसका लण्ड चूसने लगी। धीरे धीरे करके मैंने उसका पूरा लण्ड अपने मूँह में ले लिया था। जिस कारण पहला बाला लड़का शर्त हार गया और उसने चुपचाप अपने पर्स से पैसे निकाल कर मेरे पास रखी एक टेविल पर रख दिए। करीब 5 मिनट तक अपना लण्ड चुसवाने के बाद ऋषभ ने मुझे रोक कर बेड पर लिटा दिया। जिसे देखकर मैं समझ गई कि या तो इसने पहले केवल 1-2 बार ही सेक्स किया है, या फिर किया ही नहीं है। जिस कारण यह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाऐगा।
यह भी मेरे लिए अच्छा ही था क्योंकि इतने सारे लडकों को देखकर मेरी पहले से ही फटी पडी थी कि कैसे इन सब का लूँगी। मैं ये सब सोच ही रही थी कि तभी ऋषभ मेरे ऊपर सवार होकर मेरे जिस्म पर भूखे भेडिए की तरह टूट पडा और मेरे शरीर को चूमने और चाटने लगा। जी भर कर मेरे शरीर को चुमने और सहलाने के बाद उसने मेरी चूत में एक ही झटके में अपना लण्ड घुसा दिया, जिस कारण मेरे मूँह से एक चीख निकली
निशा- आआआआहहहहहह
पर ऋषभ ने मेरी चीख पर कोई ध्यान नहीं दिया और मेरी चूदाई शुरू कर दी। कुछ देर की चुदाई के बाद ही मेरी चूत पानी छोडने लगी, जिस कारण मेरा दर्द लगभग खत्म हो गया और मुझे मजा आने लगा, इसलिए मैं भी अपनी कमर हिलाकर उसका साथ देने लगी और अपने हाथों से उसके सर को और पीठ को सहलाने लगी। सारे लडके उस छोटे से बेड के चारों तरफ बैठकर ड्रिंक के मजे लेने के साथ साथ मेरी और ऋषभ की लाईव पोर्न मूवी देख रहे थे और ऋषभ को उक्साने के लिए मेरे बारे में गंदे गंदे कमेंटस भी कर रहे थे।
जिन्हें सुनकर पहले तो मुझे बहुत बुरा लग रहा था और शर्म भी आ रही थी। क्योंकि अब तक मैंने किसी दूसरे इंशान के सामने सैक्स नहीं किया था और ना ही किसी ने मेरे बारे में आज तक इतनी गंदी बातें कहीं थी। लेकिन कुछ देर बाद मुझे उन सबकी बातें सुनने में मजा आने लगा और मैं पूरे मजे लेते हुए अपनी चुदाई करवाने लगी साथ ही साथ मैं अपने मूँह से लगातार सिस्कियाँ और कामुक आवाजें भी निकाल रही थीं। जिसे सुनकर ऋषभ के साथ साथ बाकी लडके भी मजे ले रहे थे।
उउउउममममम
अअआहहहह
ओहहहह मेरे राजा ऐसे ही
आआआहहहहह मजा आ गया
इइशशशश़
अभी हमारी चुदाई चल ही रही थी कि तभी मुझे एक लडके की आबाज सुनाई दी
”लगता है साली को बड़ा मजा आ रहा है। देख कैसे अपनी गाँड हिला हिला कर चुदवा रही है”
तभी दूसरा लड़का भी बोल पडा
”हाँ यार लगता है ऋषभ का जल्दी ही पानी निकाल देगी”
”अरे नहीं यार अपना ऋषभ कम थोडे ही है। पहले वो इस राण्ड का पानी निकालेगा फिर अपना”
”मुझे नहीं लगता”
”तो शर्त लगा लो”
”हाँ लगी शर्त अगर ऋषभ पहले ठण्डा हुआ तो तू 2 हजार इस राण्ड को देगा वर्ना मैं 2 हजार दूँगा”
”हाँ मंजूर है... कम ऑन ऋषभ और जोर लगा निकाल दे इस साली रण्डी का पानी”
मैं उन लोगों की बातें सुन कर शर्म के मारे लाल हो रही थी। ऋषभ का तो पता नहीं पर पता नहीं क्यों मेरे अंदर जरूर जोश बड गया था। उसलिए मैं ऋषभ का साथ देते देते खुद से उसे चूमने भी लगी थी और तभी अचानक से ऋषभ की स्पीड बड गई और मैं समझ गई कि इसका काम तो हो गया। ऋषभ मेरे पति अमन की ही तरह 10-15 मिनट में ही ठण्डा हो गया था। जिस कारण मेरा काम नहीं हो पाया था। पर मुझे किसी बात की कोई फिक्र नहीं थी। क्योंकि मैं जानती थी, कि ऋषभ के अलग होते ही दूसरा लड़का मेरे ऊपर होगा और अगर उसने भी इतना ही समय लिया तो पक्का मेरा पानी निकल जायेगा।
जैसे ही ऋषभ मुझसे अलग हुआ तो शर्त हारने बाले लडके ने चुपचाप पैसे निकाल कर टेबिल पर रख दिए। तब तक दूसरे लड़का अपने कपडे उतार कर बेड पर चढ गया था और उसने मुझे कुतिया बनने के लिए कहा, तो मैं चुपचाप कुतिया बन गई। जिसके बाद एक बार फिर मेरी चुदाई का सिलसिला चालू हो गया।
इसबार फिर से दूसरे लडकों ने शर्त लगाई, पर इस बार मेरा पानी पहले निकल गया था। इसलिए जैसे ही दूसरा लड़का मुझसे अलग हुआ तो तीसरे लडके ने पीछे से मेरी चूत में अपना लण्ड घुसा दिया। उस लडके ने तो अपने कपडे भी नहीं उतारे थे। उसने तो बस अपने पैंट की जिप खोलकर लण्ड बाहर निकाला और मेरी चूत में एक ही बार में घुसा दिया। अभी उसे कुछ देर ही हुई थी कि तभी चौथा लड़का भी बेड पर आ गया और उसने अपना लण्ड मेरे मूँह में घुसा दिया। अब एक साथ मेरे मूँह में और चूत में लण्ड थे और मैं मजे लेकर लण्ड चूसने के साथ साथ अपनी चूत मरवा रही थी।
इसबार फिर उन लडकों ने आपस में शर्त लगाई, लेकिन इस बार मेरे ऊपर नहीं बल्कि उन दोनों लडकों पर शर्त लागाई गई थी, जो इस वक्त मुझे चोद रहे थे और शर्त यह थी कि किसका पानी पहले निकलेगा। इस बार कुछ और लडके भी शर्त में सामिल हो गए थे। वहाँ पर मेरी चुदाई का तमाशा देखने बाले लडकों के आपस में दो ग्रुप बन गए थे और इस बार कुल मिलाकर 15-16 हजार रूपये दांव पर थे। पर मुझे उनकी शर्त की कोई परवाह नहीं थी। क्योंकि किसी के भी हारने जीतने से मेरा कुछ नहीं जाने बाला था। मुझे तो बस उनकी शर्त से फायदा ही हो रहा था। ऊपर से शर्त के चक्कर में ये लडके कुछ ज्यादा ही जोश में थे। जिससे वो जल्दी जल्दी पानी छोड रहे थे।
जिस लडके ने मेरे मूँह में अपना लण्ड दिया था, वो ज्यादा देर तक मेरी चुसाई बरदास्त नहीं कर पाया और सारा पानी मेरे मूंह में छोड दिया। मैं पहले भी लडकों का बीर्य अपने मूँह में ले चुकी थी। इसलिए मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं हुई और मैं सारा बीर्य निगल गई, साथ ही साथ उस लडके का लण्ड भी चाट कर साफ कर दिया। जैसे ही वो लड़का हटा तो किसी दूसरे लडके ने मेरे मूँह में अपना लण्ड घुसा दिया। तब तक मेरी चूत मारने बाला लड़का भी ठण्डा हो गया था और उसके हटते ही अगले लडके ने मेरी गाँड में उंगली करना शुरू कर दी, तो मैं समझ गई कि वो लडका अब मेरी गाँड मारने बाला है। इसलिए मैंने उपने मूंह से लडके का लण्ड निकाला और बोली
निशा- अगर गाँड मारनी है तो मार लो मैं नहीं रोकूंगी, पर पहले मेरी गांड में और अपने लण्ड पर अच्छे से ऑयल या बैसलीन बगैरह लगा लो। वर्ना मुझे और तुम्हें दोनों को बहुत ज्यादा दर्द होगा और चोट भी लग सकती है। जिस कारण इंफेक्सन होने का डर भी है।
उस लडके को मेरी बात तुरंत समझ में आ गई, इसलिए वो बेड से उतर गया और बैसलीन की डिब्बी ले आया। फिर उसने मेरी गाँड के अंदर तक और अपने लण्ड पर ढेर सारी बैसलीन लगाई और फिर मेरी गाँड में अपना लण्ड घुसा कर मेरी गाँड मारने लगा। तब तक में फिर से अपने मूंह में लण्ड लेकर चूसना शुरू कर चुकी थी। जिस कारण जब उस लडके का लण्ड मेरी गाँड में घुसा, तो मैं चाह कर भी चीख नहीं पाई, लेकिन इस बार भी सोफे पर बैठे दूसरे लडकों ने शर्त लगाई थी। पर अब मैने उनकी शर्तों पर और बातों पर ध्यान देना बिल्कुल बंद कर दिया था और बस अपनी चुदाई इंजॉय कर रही थी।
कहानी जारी है..............