रिव्यू की स्टार्ट की जाए।
इंट्रेस्टिंग इंट्रेस्टिंग
मेघना और रोमेश दुश्मन तो नहीं लग रहे पक्के वाले, क्योंकि जिस तरह मेघना का अभी रोमेश के साथ बर्ताव है, वो मुझे तो दोस्ताना ही लगा।
जहाँ तक मुझे लगता है कि अनामिका ने रोमेश की गन अभी चुराई नहीं है। अब देखना है कि वो गन रोमेश के घर से मिलती है या नहीं। तो अब सवाल उठता है आख़िर गन को भूत खा गया था क्या?
कुमार गौरव विलेन के रूप में फ्रेम तो हो रहा है। अनामिका के हिसाब से तो कुमार गौरव उसका गुनहगार है।
कुमार गौरव अनामिका के पीछे क्यों पड़ा है? दूसरा क्या कुमार गौरव ही असली क़ातिल है?
मुझे नहीं लगता कि वो इस मर्डर का पूरा क़ातिल होगा। हो सकता है मर्डर में उसका कोई हिस्सा हो, लेकिन असली हत्या किसी और का काम है।
दूसरी बात कुमार गौरव एक तरह से सोनिया का भी दुश्मन है। क्योंकि देविका से काम तो कुमार ने ही करवाया था सोनिया को धोखा दिलवाने का।
एक और चीज सोनिया का जिस तरह का रोल दिखाया गया है, उससे लगता नहीं कि वो कोई छोटा मोटा किरदार है। प्रॉबेबली सोनिया का यहाँ बड़ा और इम्पॉर्टेंट रोल है।
लेकिन एक बात मुझे समझ नहीं आती सोनिया का पति राजीव अपने बाप को क्यों मारेगा? और साथ ही अपनी सौतेली माँ को भी? जबकि असली समस्या तो उसे सोनिया से थी। फिर अपने माँ बाप को क्यों मारा? यहाँ कुछ न कुछ मिसिंग है।
कहीं सोनिया ही तो कोई खेल नहीं खेल रही कुमार के साथ मिलकर?
अपने हज़्बैंड को जेल में डलवाया…
मेघना और देविका को भी जेल में डलवाय
कहीं न कहीं कुछ तो लोचा है।
विलेन वो नहीं है जिसे राज शर्मा हमें हिंट के रूप में दिखा रहा है।
असली विलेन वही निकलेगा जो अनएक्स्पेक्टेड होगा।
रागिनी पर भी मुझे शक है, क्योंकि रोमेश के घर आना जाना उसका भी है। और रिपोर्ट लिखवाने के बाद वो रोमेश के साथ उसके घर तक गई थी।
Raj_sharma