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Incest MA KI ANTARVASNA

Premkumar65

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कहा – ठीक है मम्मी जब आटा लगा रही तो उनके बोबो को देखकर रोशन का लंड पजामा फाड़कर बाहर आने को तैयार हो गया था इसी बीच रोशन के विशाल लंड को देखकर मम्मी की चुत मै खुजली होने लगी मगर मम्मी चुप रही,
मम्मी ने आटा लगाकर कहा – मामाजी कितनी देर ओर लगेगी?! आपको मै तो तैयार हू

तो रोशन ने कहा – संतोष मै भी कल से तैयार हू बस संतोष ने कहा बस क्या मामाजी कहो ना रोशन तुम मुझे मामाजी मत कहो रोशन कहो फिर बात करेगे।
ऐसे बात करते करते रोशन ओर मम्मी ने खाना बनाकर खा लिया रोशन ओर मम्मी एक कमरे मे अलग अलग चारपाई पर लेटकर बात करने लगे इधर मम्मी की चुत मै खुजली जोर से चल रही थी। मगर क्या करे वो उधर मामाजी दूर थे वो केसै शुरू करे सोच रहै थे तभी रोशन ने कहा संतोष तुम्हे डर नही लगता है तो मै दूसरे कमरे मै सो जाऊ तुम यहा आराम से सो जाओ अकेली।

तभी मम्मी ने कहा मामाजी आप अपनी चारपाई मेरी चारपाई के पास लगाकर सोओ मुझे रात मै बहुत डर लगता है ये सुनकर रोशन ने तुरत अपनी चारपाई मेरी मम्मी की चारपाई से चिपा दी हंसते हुए कहने लगा – संतोष अब भी डर लग रहा है


तो मेरी चारपाई पर आ जाओ मेरी रजाई ओर चारपाई बहुत बडी है,

इतना सुनते ही मम्मी बिना मोका गवाया रोशन की चारपाई पर पलट गयी ओर रजाई खोलकर रोशन के साथ घुस गयी रोशन ने मम्मी को पास चिपका लिया,
ओर कहा – रजाई को चारो तरफ से दबा लो ताकी सर्दी कम लगे

ओर कहकर वो मम्मी के साथ चिपक गया रोशन 35 साल का 6 फुट का स्मार्ट लोडा था क्लीन शेव लंबे बाल गोरा रंग मम्मी के चिपकते ही रोशन के लंड ने हरकत शुरू कर दी। रोशन ने धीरे से अपने पजामे को नीचे सरका दिया जिससे लंड बाहर निकल जाए रोशन ने कपडे बदलते वक्त ही कच्छा उतारकर फैक दिया था।

पजामा नीचे करते ही लंड को सीधा करके उपर कर दिया ओर एक हाथ मम्मी की कमर पर डालकर सहलाने लगा मम्मी की गर्म आहे निकलने लगे, रोशन मम्मी की ऐसी ही चुदाई करने वाला था , फिर रोशन ने धीरे से अपने होठो को मम्मी के होठो से सटा दिया होठो के लगते ही दोनो पागलो की तरह एक दूसरे के होठो को चुसने लगे।

मम्मी ने शाम को जब रोशन को गांड दिखाई थी तब ही रोशन से चुदने की ठान ली थी ओर कपडे बदलते समय मम्मी ने अपनी चडी चोली खोल दी थी रोशन ने जैसे ही सुट मै हाथ डालकर बोबो को छुआ,

तो कहने लगा – तुम भी तैयारी कर के आई हो

तब मम्मी ने कुछ – नही कहा ओर अहै भरनी लगी

रोशन ने कुर्ता ओर सलवार उतारकर मम्मी को नंगा कर दिया रोशन शहर से आया था वो शहरो की तरह मम्मी के अंगो को चाट रहा रोशन ने जैसे ही मम्मी की चुत पर मुह रखा, तो मम्मी ने मना कर दिया रोशन भी मान गया रोशन ने चुत का जायजा लेने दो उंगली चुत मै डाली, तो उंगली बिना कीसी रूकावट के चुत मै घुस गयी।

तो रोशन ने पूछा – कितने लंड खा लिये है मेरी संतोष ने

तो मम्मी ने कहा – आपके भांजे मोहम्मद खान ओर उसके चाचा जावेद के बाद तीसरा है दो दिन मै उससे पहले चार लंड खाए है बस

रोशन कहने लगा – कितने लंड खाओगी जान नाम संतोष है मगर संतोष है ही नही,

तो मम्मी हंसने लगी – अभी तो शुरुआत हुई है सो तो खाऊगी पक्का

इसबीच उंगली करने से मम्मी की चुत ने कामरस छोड दिया था रोशन उंगली पर लगा कामरस चुस गया ओर बगल मै लेटकर मम्मी के बोबो को सहलाने लगामम्मी रोशन ने एक हाथ पकडकर मम्मी को अपना लंड पकडवा दिया मम्मी ने जैसे ही रोशन का लंड पकडा वैसै ही मम्मी को झटका लगा।

रोशन का लंड था तो वही 6 से 7 इंच का मगर मोटाई मुसल जैसी थी मगर मम्मी खुश हो गयी ये सोचकर चलो इसकी खुजली तो मिटेगी लंड को हिलाते हिलाते मम्मी की सांसे गर्म हो गयी ओर लंड को जोर से दबाने लगी। रोशन समझ गया चुत गर्म हो चुकी है दुबारा रोशन मम्मी के ऊपर आ गया ओर लंड चुत पर सेट करके लंड को चुत मै पेलने लग गया मम्मी टोपा अंदर जाते ही छटपटाने लगी।

रोशन ने दूसरे झटके मै लंड आधे से ज्यादा अंदर चला गया मम्मी दर्द से चिल्लाह उठी मगर वो आवाज कोई नही सुनने वाला था रोशन ने तीसरे झटके मे लंड पूरा घुसा दिया चुत मै, मम्मी के आंखो मै आज दुबारा आंसू आ गये। रोशन ने मम्मी के होठो को चुसना चालू कर दिया ओर बोबो को दबाने लगा कुछ देर मै मम्मी ठीक हुई।

तो रोशन ने फिर से लंड बाहर निकालकर एक झटके मै पूरा चुत मै डालकर मम्मी की चीख निकाल दी रोशन बेरहमी से मम्मी की चुदाई करने लगा ओर मम्मी को भी इस चुदाई मजा आने लगा मम्मी अब रोशन को सामने झटके देने लगी गांड उठाकर दस मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मम्मी ने दूसरी बार पानी छोड दिया।

मम्मी का शरीर शांत हो गया मगर रोशन का अभी हुआ नही था ओर रोशन एक बार मम्मी के पास लेट कर मम्मी के बोबो को सहलाने लगा कान को खाने लगा गर्दन पर कीस करने लगा पांच मिनट की कोशिश मे मम्मी फिर गर्म हो गयी। ओर रोशन को ऊपर ले लिया इस बार दस मिनट की चुदाई के बाद दोनो ने कामरस एकसाथ छोड दिया मम्मी ओर रोशन यूही नंगे एक दूसरे से लिपटकर सो गये।।
sexy mom.
 
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Premkumar65

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अब तक आपने पढा शादी से लोटते ही मम्मी की खुशी गुम हो गयी ओर सगाई के बाद महीने मै मम्मी की शादी हो गयी 19 साल की उम्र मै मम्मी की शादी हो गयी। नानाजी ने मम्मी की शादी मै दहेज मै रेडियो टीवी साइकल गाय बकरी बर्तन फर्नीचर के साथ 30 भरी सोना ओर 1 किलो चांदी भी दी थी।

मेरे पापा का परिवार बहुत गरीब था हमारा परिवार काफी बडा परिवार है 6 भाई ओर 4 बहनो मै पापा तीसरे नंबर के थे दादाजी के 6 भाई ओर तीन बहने थी ओर उन सभी के इसी तरह बच्चे है 8 से 10 तक पापा पढे लिखे ओर 6 फुट के जवान थे।

सुहागरात के समय मम्मी ने चुदाई के समय रोने का नाटक कर के पापा को कुछ पता नही चलने दिया पापा का लंड भी 6 इंच का था मम्मी उससे संतुष्ट तो हो जाती थी। मगर आज भी उसे खान की याद आती थी चार महीने के बाद पहला सावन आया था तो मम्मी अपने पिहर जाने की तैयारी कर रही थी।


ओर उसी दौरान मम्मी का पाव भारी हो गया मम्मी बडी खुश थी वो माँ बनने वाली थी ओर फिर मम्मी पिहर चली गयी सावन के लगने से एक दिन पहले ओर खान चाचा बडी बेसब्री से मम्मी का इंतजार कर रहे थे, मम्मी के जाते ही सब मिलकर मम्मी से बडे खुश हुए ओर मम्मी का पेट भी अब बाहर निकल आया था।

रात होते ही हमेशा की तरह खान मम्मी का इंतजार करने लगा मगर मम्मी देर रात तक नही गयी तो खान पेशाब करने के बहाने बाहर निकला मम्मी को देखने गर्मीयो के दिन थे सभी बाहर सो रहै थे। तो मम्मी चाहकर भी नही आ पाई ओर खान चुपचाप जाकर लेट गया अगले दिन सुबह नानीजी खेत चले ओर बाकी मम्मी के भाई बहन स्कूल चले गये।

उनके जाने के बाद आज पहली बार खान साहब ने दिन मै ही दो बार मम्मी की चुदाई करी मम्मी ने सोचा था वो अब ऐसा नही करेगी मगर लंड की हवस ऐसा करने से उन्हे रोक नही पाई, ओर वो एकबार फिर से खान से अपनी चुत मरवा बैठी।

सावन के पूरे महीने मै मम्मी ने जमकर चुदाई करवाई ओर सावन खत्म होते ही मम्मी ससुराल लोट आई, नवंबर मै मम्मी ने मेरी बडे भाई को जन्म दिया ओर वो भाई महीने भर बाद चल बसा, उसके बाद मेरी बडी बहन का जन्म हुआ इस तरह ससुराल मै तीन साल निकल गये ओर मेरे पापा ने अपने शहर मै एक साबुन फैक्ट्री डाल दी।

जिसके लिए मेरे नानाजी ने तीस हजार रूपये दिये थे ओर कुछ पैसे लोन ओर गहने बेचकर जमा कीये मगर दो साल बाद उस फैक्ट्री मै घाटा लग गया ओर उस कारण पापा ने अब सेक्स करना छोड दिया था। मगर मम्मी की चुत को रोज लंड चाहिए था इतना बडा परिवार होने के कारण वहा मम्मी कुछ नही कर सकती थी। सिवाए मस्तराम स्टोरी पढ़ने के और सवयं को संतुस्ती देने के, जो मम्मी करना नहीं चाहती थी। तो उन्होने नानाजी से बीस हजार रूपये ओर लिये ओर पापा को लेकर दूसरे शहर मै चली गयी।

वहा पापा ने कपडे की दुकान कर ली बाजार मै ओर बाजार से बाहर घर ले लिया किराये पर मम्मी ने यहा आकर चैन की सास ली ओर अपनी चुत की खुजली मिटाने के लिए अपने आसपास के घरो मै देखा, हमारे पडोस मै एक रूपराम जाट नाम के पडोसी थे। बस उनकी मनिहारी की दुकान थी, रूपराम अभी कुंवारा था ओर हष्ट-पुष्ट शरीर का मालिक था।

रूपराम का परिवार 10 किलोमीटर दूर खेत मै ही रहता था मगर साधन नही होने के कारण रूपराम महीने मै घर जाता था एकबार मम्मी ने रूपराम से दुकान से कुछ समान मंगवाया तो रूपराम समान लेकर आ गया शाम को मगर रूपराम शाम को घर पर नही आया समान देने अगले दिन जब पापा चले गये। तो रूपराम घर आया समान देने मम्मी ने रूपराम से मेलजोल बढाने के लिए चाय पीने को कहा।

तो रूपराम भी तैयार हो गया ओर बातचीत लग गये दोनो चाय पीकर रूपराम जाने लगा तो,

मम्मी ने कहा – पैसे ले जाओ

रूपराम जी तो उसने कहा – क्या भाभी जी क्या करेगे इतने पैसो का

तो मम्मी ने – मुझे समान ओर भी लेना है.. कितना समान दे दोगे फ्री में??

तब रूपराम ने कहा – समान के साथ जान भी ले लो भाभी जी

“इस तरह वो हंसने लगे”

तो मम्मी ने कहा – रूको मै लिस्ट ला देती हू

फिर मम्मी ने समान की लिस्ट पकडा दी रूपराम शाम को समान ले आया,

मगर आज की तरह वो अगले दिन ही घर आया पापा के जाने के बाद मम्मी ने रूपराम के हाथ मै थैला देखा,
तो कहा – इतना क्या समान ले आए,

तो कहा – आप ही देख लो

मम्मी ने थैला देखा तो उसमे 6-6 पीस ब्रा पेटी के थे

मम्मी ने कहा – मुझे सिर्फ दो जोडी चाहिए

तो रूपराम ने कहा – आपने रंग नही लिखा तो तीन रंग के आया हू, पहन के देख लो, जो पसंद आए वो रख लेना, मै बाहर बैठा हू!
मम्मी अंदर जाकर ब्रा पहनने लग गयी ओर पहनते हुए रूपराम को आवाज लगाकर कहा – रूपराम ये साइज कोनसा है… आ ही नही रहा है!!!

रूपराम ने कहा – अंदर आकर देखू क्या?!!

मम्मी ने कहा – आ जाओ मम्मी से तबतक ब्रा बंद हुई नही थी

तो रूपराम से कहा – देखो बंद ही नही हो रही है, तुम बंद करो जरा इसे…

रूपराम ने ब्रा खींचकर बंद कर दी ओर कहा – ये तो 40 साइज है आपने 38 मांगी थी तो कैसै आएगी

ये सुनकर मम्मी ने कहा – तुमको कैसै पता 40 है

तो रूपराम ने कहा – मेरा काम ही यही है भाभीजी इतनी टाइट पहनोगी तो छाती दर्द करने लग जाएगी

तो मम्मी ने कहा – कल काले रंग की 2 40 नबर की ब्रा ला देना ओर दो पेटी रख ली

रूपराम ने पूछा – भाभी पेटी तो पूरी आयी है ना

मम्मी ने कहा – वो पूरी आ गयी है

तो रूपराम ने कहा – मुझे लग रहा है वो भी छोटी है

मम्मी ने – लास्टिक ढीला होने के बाद अपने आप निकलने लग जाती है इसलिए छोटी मंगवाई है

तो रूपराम ने कहा – मै बढिया लाकर दे दूंगा आप चिता मत करो
Super sexy. Waiting for more action.
 
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Alex 900

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इस तरह अगले दिन,

रूपराम दो काले रंग की 40 नबर की ब्रा ओर दो काले रंग की 95 नबर की पेटी लेकर आ गया। मम्मी नहा धोकर रूपराम का ही इंतजार कर रही थी रूपराम को चाय बनाकर दी ओर ब्रा ओर पेटी कमरे मे रखकर बाहर आ गयी तब,

रूपराम ने – भाभी पहनकर देखलो कही छोटी बडी हो तो मै यही हू

“मम्मी को भी मोका मिल गया”

मम्मी ने कहा – तुम बैठो मै अभी पहनकर बताती हू मम्मी घर पर नाईटी पहनकर रहती थी उन्होने नाईटी उतारकर ब्रा पेटी पहनी ओर नाईटी पहनकर रूपराम को आवाज लगाई। रूपराम भी इंतजार कर रहा था मगर अंदर जाते ही निराश हो गया।

“मम्मी समझ गयी,”

मम्मी ने कहा – रूपराम ये सही है बिलकुल बहुत आरामदायक है ओर अंदर ही अंदर हंस रही थी

रूपराम ने कहा – अब क्या पता आपने पहनी है के नही

तो मम्मी बोली – मुझे शर्म आती है

तो रूपराम ने कहा – कल भी तो देखी थी भाभी जी!!

तो मम्मी बोली – ठीक है,

मम्मी ने नाईटी खोल दी ओर ब्रा ओर पेटी मै मम्मी को देखकर रूपराम के लंड का उभार पजामा मै दिखने लगा मम्मी को मम्मी की Antarvasna हवस अब जाग गयी थी।

मम्मी ने रूपराम को कहा – अब ठीक है या कल की तरह बंद कर के देखोगे तभी मानोगे

“रूपराम भी समझ गया ये चुदना चाहती है”


रूपराम जल्दी से गेट बंद कर के कमरे मै आ जाता है मम्मी अभी भी पीठ घुमाकर आधी नंगी खडी थी, रूपराम ने ब्रा खोलकर बाहर निकाल दी,

तो रूपराम ने कहा – भाभी जी पता तो तभी चलेगा

ओर ये कहकर वो मम्मी की तरफ बढा मम्मी पीठ घुमाकर खडी हो गयी

ओर कहा – जल्दी से बंद कर के देखो गेट खुला पडा है कोई आ जाएगा

तब रूपराम ने कहा – भाभी आप रूको मै एक मिनट मै गेट बंद कर के आता हू

मम्मी ने कहा – ये क्या कर रहै??

तो कहा – भाभी जी रूको तो सही

ओर मम्मी का मुह घुमाकर अपनी तरफ कर लिया ओर कमर मै हाथ डालकर मम्मी को अपनी छाती से चिपा लिया ओर मम्मी के नंगे बदन पर हाथ घुमाने लगा। मम्मी गर्म सांसे छोडने लगी – आहै भरने लगी,

रूपराम ने मम्मी के दोनो बोबो को कसकर दबा दिया ओर मम्मी की चोर की आह निकल गयी रूपराम ने मम्मी के होठो पर अपने होठ रखे ओर चुमना शुरू कर दिया। मम्मी ने भी रूपराम के होठो को अपने होठो से जोर से चुसना शुरू कर दिया खडे खडे दोनो दस मिनट मिनट एक दूसरे को चुसते रहै।

फिर रूपराम ने मम्मी को बेड पर पटककर उसकी पेटी निकाल दी ओर अपना कुर्ता पजामा खोल दिया ओर मम्मी के ऊपर लेटकर मम्मी के होठो को चुसने लगे मम्मी के बोबस दबाने लगा मम्मी ने भी रूपराम के कच्छे मै हाथ डाल दिया उसके लंड को महसूस करने के लिए रूपराम का लंड भी 6 इच लंबा ओर 3 इच मोटा था।

मोटा लंड देखकर मम्मी की चुत से पानी निकलने लगा ओर मम्मी ने रूपराम को कसकर पकड लिया रूपराम कुवारा जरूर था मगर मगर एक नबर चोदू था।

उसने देर ना करते हुए अपना कच्छा उतारकर लंड पर थूक लगाकर मम्मी की चुत पर सेट करके जोर का झटका मारा रूपराम का आधा लंड चुत के अंदर चला गया ओर दूसरे झटके मै पूरा लंड चुत मै समा गया। रूपराम ने फिर अपने कुवारे लंड से मम्मी के भोसडे की चुदाई शुरू कर दी, मम्मी और पडोसी की चुदाई चालू हो गई।

मम्मी भी कुंवारे लंड से चुदकर आज खुश हो रही थी। दोनो जने जोरदार चुदाई करते रहै काफी देर मम्मी ने दस मिनट मै पानी छोडा, तो रूपराम ने 15 मिनट की चुदाई की बाद मम्मी की चुत को गर्मा गर्म वीर्य से भर दिया था।

इस तरह मम्मी ने दो महीने मै अपना पहला शिकार ढूढ लिया अब मम्मी निश्चित हो गयी इधर पापा का काम भी ठीक चलने लगा ओर उन्होने एक जीप ले ली थी कपडे सप्लाई के लिए ओर कुछ महीने बाद रूपराम की शादी हो गयी। तो उसने आना छोड दिया इस बीच मम्मी पापा की चुदाई के चलते मम्मी गर्भवती हो गयी ओर मेरा जन्म नवंबर मै हुआ!!

मम्मी की शादी को 6 साल हो गये थे अब तक मेरे जन्म के बाद मम्मी ने ऑपरेशन करवा लिया था जिसके बाद मम्मी बिलकुल फ्री थी ओर पापा ने अब सीकर मै अपना मकान भी ले लिया था। बडी बहन 3 साल की हो गयी थी पापा का काम अच्छा चलने लगा तो पापा घर से बाहर रहने लगे।

कपडे की दुकान पर काम करने वाले लडके ओर जीप ड्राइवर की नजर अब मम्मी पर थी मम्मी की चुत को भी लंड की जरूरत थी !
 

Alex 900

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मम्मी मेरे जन्म के बाद अब पिहर से सीकर लोट चुकी थी मम्मी ने अपना आपरेशन करवा लिया था पापा की आर्थिक स्थिति अब धीरे धीरे सही हो चुकी थी। मगर मम्मी की उम्र अभी 21 की ही हुई मम्मी का शरीर अब पहले से भी सुन्दर हो गया था। मम्मी के बूबस 40 के तो गांड 90 की हो चुकी थी पेट बिलकुल अंदर था बडी बडी आंखे ओर बडे बडे बाल मम्मी अब कयामत बन चुकी थी।

अभी तक मम्मी ने दस लंड खा लिये थे मगर उनकी चुत की भूख खत्म होने का नाम ही नही ले रही थी कहते है ना “दोस्तो जहा चाह वहा राह ओर जहा चुत वहा लंड” बस अब आगे की कहानी दुकान के दो लडके ओर ड्राइवर तीनो मम्मी को पेलने के लिए मम्मी पर लाईन मारने लगे ओर उनका कहा काम तुरंत करने लगे इसबार बाजी ड्राइवर सीताराम सोनी के हाथ लगी।

सीताराम एक 40 साल पतला नौजवान था सीताराम की उम्र ज्यादा होने के कारण मम्मी ने सोचा ये विश्वास करने लायक आदमी है तो मम्मी ने सीताराम सोनी से संबंध बनाने की सोची जब कपडे सप्लाई करने नही जाना होता था, तो गाडी घर पर ही रहती थी ओर सीताराम भी पूरे दिन घर के बाहर कुर्सी पर बैठा रहता था।

वो मुझे ओर मेरी बहन को खिलाता रहता था मम्मी जब हमे लेने या देने आती तो वो मम्मी को गोदी से लेने ओर देने के बहाने मम्मी के बोबो को छु देता था बदले मै मम्मी भी हंस देती थी।

एक दिन,

उसने बोबो को जोर से दबा दिया तब मम्मी ने आह भरकर एक स्माइल पास कर दी ये देखकर सोनी को यकीन हो गया की ये चुदाई करवाने को तैयार है तो वो मोके की तलाश करने लगा ओर प्लान बनाने लगा जल्द ही उसे मोका मिल गया पापा कपडे लेने के अहमदाबाद चले गये।

5 दिन के लिए ओर सीताराम को घर पर ही सोने का कहकर चले गये दिनभर वो हमे खिलाता रहा ओर मम्मी को ताडता रहा इधर मम्मी भी तैयारी कर रही थी मम्मी ने दिन मै अपनी चुत की क्लीन शेव की ओर अपना मेकअप कर के तैयार हो गया। मम्मी ने आज कसा हुआ काला रंग का पंजाबी सुट पहन रखा था जिसकी टाईट फिटिंग मै मम्मी के बोबे बाहर निकाल रहै तो गांड भी पूरी उठी हुई थी।

जिसे देखकर सोनी जी के लंड का बुरा हाल हो चुका था मगर कीसी तरह वो अपनी हालात को काबू कर था मम्मी उसके मजे लिये जा रही थी दोपहर मै मम्मी ने सीताराम को खाना खाने के लिए बुलाया ओर उसे खाना दिया तो झुककर 40 साईज की पूरी चूचीया बाहर निकलने को हो गयी।

सीताराम की पेट मै आया तूफान देखकर मम्मी खुश हो रही थी मन ही मन खैर मम्मी ने खाना खिलाकर सीताराम को आराम करने का कहा सीताराम बाहर बनी बैठक मै जाकर सो गया मम्मी हम दोनो भाई बहन को अंदर लाकर आराम करने लगी अब मम्मी रात को अपनी चुदाई करवाने की प्लानिंग कर रही थी।

सीताराम तो तैयार था मगर वो पहल करने मै डर रहा था मम्मी चाह रही थी पहल वो करे मगर मम्मी अपनी चुत को काबू मै नही रख पर रही थी ज्यादा आराम करते करते मम्मी अपने हाथ अब चुत पर चलाने लगी जिससे मम्मी की चुदास ओर भडक गयी, कुछ देर सोने के बाद मम्मी ने चाय बनाकर सीताराम को उठाया ओर बाहर कमरे मै उसके सामने बैठकर एकसाथ चाय पीने लग गये।

सीताराम की नजर मम्मी की चूचीयो से हट ही नही रही थी मम्मी ये देखकर खुश हो रही थी मम्मी ने चाय पीते पीते सीताराम से कहा आपके लिए क्या बनाऊ खाने मै आपको क्या पसंद है सीताराम के मुह से निकाला आप,

मम्मी ने हंसते हुए कहा – वो तो देख ही रही हू मगर खाने मै क्या पसंद है?? साहब को ये पूछ रही हू अभी तो

सीताराम ने कहा – आपके हाथ का तो जहर ही पी लेगे हंसते हंसते आप कहो तो सही

मम्मी ने हंसकर कहा – जहर तो नही है जहर के बदले ओर कुछ चलेगा क्या?!!

सीताराम ने कहा – मालकिन आप की आज्ञा सर आंखो पर

सीताराम ने कहा – मालकिन मिर्च रगड लो चटनी बना लो मिर्च ही असरदार होती है रात है मीठा खाने से तो नीद ही आएगी!!

तो मम्मी ने कहा – मिर्च खाकर रात को क्या करोगे? सोना नही है क्या?!

सीताराम – सोना तो मगर सोने से पहले कुछ फिर सीताराम चुप हो गया

मम्मी ने कहा – कुछ मतलब कुछ या बहुत कुछ ओर

फिर मम्मी हंसने लगी मम्मी तभी हो गयी चलो मै मिर्च रगड कर चटनी बना लेती हूँ और बाद में नहाकर खाना साथ मै ही खा लेगे, मुझे साफ सफाई के बिना कुछ भी करना पसंद नही है!!

मम्मी ने कहा – आप भी सारे बाल वगैरह ये दाढ़ी और कटिंग करवा आओ

सीताराम समझ गया तभी मम्मी ने अपने लिए पर्ची दी जिससे साबुन ओर क्रीम ओर दो रेजर दो ब्लेड मंगवायी ओर उसे कटिंग शेविंग के लिए भी पैसे दे दिये,

कहा – मै खाना बनाती हू तब तक आप ये काम कर के आ जाओ

सीताराम ने पर्ची देकर समान लिया तो दो रेजर ब्लेड देखकर समझ गया वो शाम होते ही घर पहुंच गया कटिंग शेविंग करवाकर आते ही उसने वो समान मम्मी को दिया तो मम्मी ने उसमे से उसे रेजर ओर ब्लेड निकालकर दिया,

ओर कहा – बाकी की सफाई कर लेना गर्मी बहुत है

तो सीताराम ने कहा – मालकिन मै सफाई ही रखता हू वेसै ही

मम्मी ये सुनकर खुश होकर बोली – फिर तो बहुत बढिया बात है

ओर सीताराम नहाने चला गया उसके आते ही मम्मी नहाने घुस गयी रात का समय हो गया था मम्मी के अंदर जाते ही सीताराम ने गेट से अंदर देखने के लिए गेट पर नजर घुमाई तो अंदर का नजारा दिखने लगा।

वो छेद काफी बडा था जैसे कोई कील ठोंककर निकाली हुई थी।

मम्मी आधी नंगी थी उसकी पीठ देखकर सीताराम अपना लंड सहला रहा था तभी मम्मी ने सलवार खोल दी ओर अब वो आधी नंगी हो गयी थी मम्मी ने पिछे घुमकर जब सलवार टागा तो उसे पता लग की सीताराम उसे देख रहा है।

ये जानकर मम्मी ओर खुश हो गयी मम्मी ने जल्दी जल्दी अपनी ब्रा पेटी खोल दी रेजर से अपनी झाटे साफ करने लगी झाटे साफकर के मम्मी ने काख के बालो को साफ कीया ओर नहाने लगी नहाते वक्त मम्मी ने अपनी एक उंगली को चुत मै घुसा दिया ओर अंदर बाहर करने लगी।

सीताराम की बाहर हालात खराब हो गयी थी मम्मी फिर नहाकर नयी ब्रा पेटी पहनी ओर एक पारदर्शी मैक्सी पहनी जिस से मम्मी का अंग अंग चमक रहा था। ओर इधर सीताराम जल्दी से खडा होकर शौचालय मै घुस गया मम्मी को शक हुआ हुआ तो मम्मी भी गेट के बाहर से कोई सुराख देखने लगी। मम्मी को भी गेट मै सुराख मिल गया मम्मी की आखे फटी रह गयी सीताराम का शरीर ही दुबला पतला था मगर सीताराम का लंड पूरे 7 इच लंबा ओर तीन इच मोटा था।

सीताराम को मुठ मारते देख मम्मी की चुत से पानी निकल गया ओर सीताराम का माल निकलते ही मम्मी कमरे मै आकर तैयार होने लगी मम्मी ने गाऊन खोलकर ब्रा ओर पेटी भी निकाल दी ओर गाऊन पहन लिया।

मम्मी ने लाल रंग की लिपस्टिक लगाई काजल लगाया ओर बालो का जुडा बनाकर जल्दी से बाहर आ गयी बाहर मै ओर मेरी बहन खेल रहै थे सीताराम चारपाई पर बैठा था मम्मी ने बाहर आकर दरी बिछाई तो मम्मी के बूबस गाऊन से बाहर ही निकल गये।

जिसे मम्मी ने हंसते हुए हाथ लगाकर अंदर कीया मम्मी जब मुडकर जाने लगी तो उनका गाऊन उनकी गांड मै फस गया मम्मी जल्दी से खाना लेकर आ गयी ओर दरी पर बैठकर मुझे ओर मेरी बहन को खिलाने लगी… सीताराम चारपाई पर बैठा बैठा मम्मी के बूबस घूर रहा था मम्मी भी सीताराम को गाऊन के दो बटन खोलकर अपने दूध दिखा रही थी।

खुलकर मम्मी ने कहा – सीताराम जी खाना खा लो आ जाओ या देखते ही रहोगे

सीताराम ने हंसते हुए कहा – मालकिन आपके साथ बैठकर मै कैसे खाऊगा

तो मम्मी ने हंसते हुए कहा – अगर ये बात है तो फिर तो तुम्हे बाहर ही रहना होगा रात को भी

ये सुनकर सीताराम घबरा गया ओर कहने लगा – मालकिन समझा नही आप क्या कह रही है

तो मम्मी ने कहा – आप घर के अंदर नही घर के बाहर गली मै सोएगे चारपाई पर

ये सुनकर सीताराम निराश हो गया,

मम्मी ने बात पलटते हुए कहा – जब आप मेरे सामने बैठकर खाना ही नही खा रहै है तो सोएगे केसै अंदर इसलिए कहा

तो सीताराम ने कहा – मालकिन जल्दी से खाना डाल दो

मम्मी ने लाल मिर्च की चटनी रोटी सलाद के साथ डाल दिया

सीताराम ने खाना शुरू करते हुए कहा – मालकिन आप भी खा लो

तो मम्मी ने कहा – तुम खिला दो अपने हाथ से इस बार सीताराम ने हिम्मत करते हुए मम्मी के मुह मै निवाला देने के लिए हाथ बढा दिया

ये देखकर मम्मी ने हंसते हुए मुह खोल दिया ओर निवाला खा लिया, सीताराम ने दूसरा निवाला भी दिया

तो मम्मी ने कहा – मिर्च खिलाकर ओर गर्म कर दो

तो सीताराम ने गर्म होने पर ही ठंडा होने में मजा आता है,

“ये सुनकर मम्मी हंस दी”

ओर सीताराम ने दूसरा निवाला भी मम्मी को खिला दिया मम्मी ने दूसरा निवाला खाते ही कहा – पता नही खाने मै दूध की खुशबु केसै आ रही है

सीताराम ये बात समझा नही ओर कहा – मालकिन दूध की खुशबु मुझे तो नही आई

मम्मी ने कहा – दूध तो हाथ से निकाल दिया अब तो खुशबु ही बाकी रही है

ये सुनकर सीताराम ने कहा – खुशबु तो इसमे मुझे भी जन्नत के द्वार की आ रही है दरवाजे के अंदर गयी उस उंगली की खुशबु बहुत ही मनमोहक है

“ओर दोनो हंसने लगे”

दोनो खाना खाकर खडे हो गये, मम्मी बर्तन लेकर चली गयी सीताराम बाहर चारपाई पर लेट गया वही मम्मी फिर हम दोनो को सुलाने के लिए कमरे मै ले गयी ओर सुलाकर बाहर आ गई।

सीताराम से आकर कहा – सीताराम मेरे लिए भी एक चारपाई निकाल लाओ अंदर गर्मी बहुत है

सीताराम ने चारपाई अपनी चारपाई के पास लगा दी मम्मी ने टेबल फैन चालु कर दिया ओर बाहर की लाईट बंद कर के चारपाई पर लेट गयी पंखे की हवा से मम्मी के बदन की खुशबु से सीताराम पागल होने लगा था।

तभी मम्मी ने सीताराम की तरफ पीठ कर ली जिससे सीताराम मम्मी की बडी गांड को एकटक देखने लगा तभी मम्मी ने सीताराम को कमर पर खुजली करने को कहा, सीताराम ने बिना कुछ कहे मम्मी की पीठ को सहलाने लगा।

मम्मी ने सीताराम नाखून से खुजली करो जोर की खुजली आ रही है सीताराम ने अपने मर्दाना हाथो का दवाब बढाने लगा मगर सीताराम ये सोचकर चोक गया नहाने के बाद जो ब्रा पेटी पहनी थी वो अब नही है सीताराम ने हिम्मत करते हुए अपने हाथो को गांड तक ले जाकर खुजाने लगा।

मम्मी ने कहा – सीताराम नाखून नही है क्या

सीताराम ने कहा – मालकिन आपने कहा तभी आज काट लिये थे

तो मम्मी ने कहा – सीताराम खुजली बहुत जोर से आ रही है हाथ उपर से अंदर डालकर खुजली कर दो जल्दी…

सीताराम ने जल्दी उपर से हाथ डालकर मम्मी की कमर पर खुजली करना शुरू कर दिया ओर हाथ नीचे ले जाकर गांड पर भी खुजली करने लगा कमर पर खुजली करने के बाद

सीताराम ने कहा – मालकिन पेरो पर भी कर दू क्या

तो मम्मी ने कहा – कर दो

सीताराम जल्दी से सीताराम ने मम्मी को उल्टा लेटने को कहा ओर गाऊन को घुटने तक ऊंचा करके गाऊन मै हाथ डालकर वो मम्मी की जाघो पर खुजली करने लगा मम्मी ने अपनी टागो को फैला दिया था। सीताराम खुजली करते हुए मम्मी की चुत तक पहुंच गया जैसे ही उसने चुत को छुआ तो मम्मी की आह! निकल गयी।

ये सुनकर सीताराम ने कहा – मालकिन लगता है असली खुजली यही हो रही है

तो मम्मी ने कहा – सीताराम असली खुजली तो यही हो रही है

इतना सुनते ही सीताराम ने चुत मै उंगली डाल दी ओर मम्मी की एक बार फिर आह! निकल गयी।

मम्मी ने कहा – सीताराम इस खुजली का ईलाज कर दो बस…

सीताराम ने कहा – मालकिन मै तो कब से तैयार हू

तो मम्मी ने कहा – तो अब क्या देख रहै हो, करो…

इतना सुनते है सीताराम ने अपने कपडे उतारना चालू कर दिया ओर मम्मी को बैठाकर उनका गाऊन खोल दिया गाऊन खोलते ही मम्मी नंगी हो गयी। सीताराम पागलो की तरह मम्मी की चूचीयो को दबाने लगा मम्मी सी… सी… की आवाज़े निकालने लगी।

सीताराम ने मम्मी के होठो को चुसना शुरू कर दिया ओर मम्मी भी कामवासना मै सीताराम का पूरा साथ देने लगी सीताराम मम्मी का दूध पीने लगा मम्मी एक हाथ से अपनी चुची दबाने लगी ओर दूसरे हाथ को सीताराम के कच्छे मै डालकर उसका लंड पकड लिया।

ओर जोर से दबाने लगी सीताराम ने जल्दी से अपना कच्छा बनियान खोलकर फैक दिया ओर मम्मी की टांगे अपने कंधो पर रखकर अपने मोटे लंड को मम्मी के भोसडे मे पेल दिया मम्मी की चुत इतने लंड खाने के बाद भी बहुत कसी हुई थी।

सीताराम ने तीन झटको मै मम्मी की चुत मै अपना लंड पेल दिया सुखा लंड पेलने से मम्मी ओर सीताराम दोनो को ही दर्द होने लगा था मगर दो मिनट मै ही चुत की चिकनाई से लंड चिकना होकर खमासान मचाने लग गया। मम्मी अब जोर जोर से आहे भरने लगी सीताराम ने झटको की गति बढा दी जिससे मम्मी को आनंद आने लगा चुदाई मै दस मिनट की चुदाई मै मम्मी ने कामरस छोड दिया।

ओर फिर चारपाई पर उल्टी होकर गांड ऊंची करके अपनी चूत को बाहर निकालकर सीताराम को चोदने को कहा सीताराम ने मम्मी की चुत मै एक झटके मै लंड ठोक दिया सीताराम का लंड मम्मी की बच्चेदानी को टक्कर मारने लगा दस मिनट चुदने के बाद मम्मी ओर सीताराम ने एक साथ कामरस छोड दिया। सीताराम ओर मम्मी पसीने से नहा लिये थे सीताराम ने नीचे उतरकर मम्मी के गालो पर चुमा कीया ओर पेशाब करने चला गया मम्मी भी पेशाब करने चली गयी।

“मम्मी आकर गाऊन पहनने लगी”

तो सीताराम ने कहा – मालकिन अभी मत पहनो

तो मम्मी ने पूछा – मन भरा नही क्या??

तो सीताराम ने कहा – पूरे दिन से जो हाल कीया है वो एकबार मै सही नही होगा

तो मम्मी ने कहा – मैने तो नही कहा था तुम मुझे नहाते हुए देखो ओर हंसने लगी ओर कहने लगी नहाकर अब तभी पैल देते पकडकर कम से कम वो दूध तो इस चुत मै जाता, ओर जो पेशाबघर मै बहा दिया

सीताराम ने कहा – मालकिन क्यो चिंता करती हो दूध से नहला दूंगा

अब ओर कहते ही सीताराम ने मम्मी का हाथ पकडकर अपने लंड पर रख दिया जो खडा हो गया था। ओर अपनी उंगली चुत मै डाल दी ओर इस तरह एक राऊड ओर हो गया उनका चार दिन दिन रात की चुदाई से मम्मी की चुत को राहत मिल गयी थी।

एक बार सीताराम ने पाच साल मेरी मम्मी की चुत की सेवा की फिर पापा ने वो जीप बेच दी जिसके बाद वो अपने गांव चला गया ओर मेरी मम्मी एकबार फिर अकेली हो गयी मगर अब जल्दी ही मेरी मम्मी के लिए लंडो की बारिश होने वाली थी।
 

Alex 900

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हमारे मोहल्ले मै एक कमला जोशी नाम की रंडी आयी थी, साल भर पहले मम्मी जब हमें स्कूल छोड़ने जाती और लेकर आती तो मम्मी की उससे बात हो जाती थी बस दिन मै मम्मी सो जाती या सीताराम के साथ अय्याशी कर लेती तो उसे जरूरत ही नही थी।

कीसी दिन की पापा भी चोद लेते थे कभी कभार, मगर सीताराम की चुदाई के चलते मम्मी बहुत खुश थी अब मम्मी उदास हो गयी उसकी हंसी गायब हो गयी, ये बात कमला ने नोटिस कर ली हमारी गली मै चार ही घर बने थे। बस वो भी दूर दूर बाकी प्लाट पडे थे खाली,

कमला ने मम्मी को पूछा एक दिन – क्या बात है भाभी? आप उदास केसै है?

“तो मम्मी ने टाल दिया”

तो कहने लगी भाई ने कुछ कहा है – तो बता दो मै बात करूगी

मम्मी ने कहा – ऐसा कुछ नही है

कमला ने मम्मी की दुखती रग पर हाथ धर दिया इस बार ओर पूछा वो आपकी गाडी ओर ड्राइवर कहा है ये सुनकर मम्मी के चेहरे के भाव देखकर वो सब समझ गयी ओर कहने लगी – भाभी घर पर चलो आपसे कुछ बात करनी है

मम्मी ना चाहते हुए भी चली गयी ओर कमला ने बातो मै उलझाना शुरू कर लिया कहने लगी – मेरे पती को सिर्फ काम ही काम दिखता है मेरी तरफ वो देखते ही नही भाभी क्या करू? शरीर की जरूरत को पूरा करना पडेगा ही इसलिए मै तो अपना काम निकला आती हू बाहर आप दोनो के बीच तो ठीक है ना…

ये सुनकर मम्मी ने कहा – कहा… बहन… सीताराम ही था… अब तो… तरस गयी हू… मै…!!!

ये सुनकर कमला ने कहा – ये क्या कह रही हो? मेरे होते हुए लंडो की लाइन लगा दूंगी

कमला ने मम्मी को तैयार कर लिया था धीरे धीरे मम्मी ओर कमला मै दोस्ती गहरी होने लगी कमला 30 साल की साँवले रंग की लडकी थी 38-32-80 के साइज की मालकिन थी कमला। मगर कमला ये सब पेसै के लिए करती थी उसे चुत की भूख से ज्यादा पेसो की भूख थी, कमला मम्मी जैसे गर्म माल को चुदवाकर कुछ पैसे कमाने की फिराक मे थी।

मम्मी की उम्र 26 की हो गयी अब तक जवानी का रस उसके अंग अंग से टपक रहा था सीताराम ने मम्मी की पाच साल जी जान से सेवा की थी कमला भी सीताराम का नाम लेकर मम्मी की चुदास भडका देती थी। कमला के नेताओ ओर बडे दुकानदारो के साथ रिश्ते थे, एक दिन मम्मी कमला के घर पर बैठी थी तभी वहा वाईस चेयरमैन आ गया हमारे शहर का वो बहुत नामी आदमी था।

उसने मम्मी को देखा तो उसकी नजरे मम्मी के चूचीयो पर ही अटक गयी

कमला ने कहा – चेयरमैन साहब क्या हुआ कहा खो गये!!

तो चेयरमैन ने कहा – ऐसा नजारा देखकर होश मे कोन रहेगा और हंसने

मम्मी ने भी हंसकर सहमति दे दी, कमला चाय बनाने चली गयी अंदर तो मम्मी भी चली गयी पीछे पीछे,

कमला ने कहा – भाभी तुम यहा क्यों आई हो??! बात करो उनसे आदमी बहुत बढिया है, कहो तो आज ही तुम्हारी चुत की खुजली मिटवा दू!!

“मम्मी ने मना कर दिया”

तो कहने लगी – कोई बात नही कल बता देना आज मै करवा लेती हूं… मुझे भी बहुत दिन हो गये, तुम बाहर से ध्यान रख लेना!

ओर भाभी कमरे के गेट मै यहा एक सुराख है देखना हो तो देख लेना,

मम्मी ने कहा – नही मुझे नही देखना

कमला चाय लेकर बाहर आ गयी ओर कमला ने मम्मी का परिचय करवाकर,

कहा – ये मेरी भाभी है मेरी तरह ही दुखी है बेचारी!

तब चेयरमैन का परिचय करवा देता हू चेयरमैन का नाम नासिर खान उम्र 45 साल 6 फुट लंबा ओर रौबदार जिस्म का मालिक था क्लीन शेव, गोरा रंग, मम्मी को भी नासिर पसंद आ गया था। मम्मी चुदने को तैयार मगर थोडा झिझक रही थी, इस बीच कमला ने नासिर को अंदर कमरे मे चलने को कहा, तो नासिर खडा होकर चल दिया कमला ने बाहर आकर,

मम्मी को कान मे कहा – मै लाईट जलाकर रखूंगी… तुम देखना चाहो तो देख लेना!!

ओर आख मारकर वहा से चली गयी पांच मिनट बाद मम्मी भी खडी होकर देखने चली गयी ओर सीधा उसी सुराख पर पहुंच गयी अंदर तो कार्यक्रम शुरू हो गया था, कमला को नंगी कर के नासिर उसके बदन को चुम रहा था ये देखकर मम्मी का हाथ अपनी चुत पर चला गया। नासिर कच्छे मे कमला के उपर लेटकर उसके अंगो से खेल रहा था।

कमला ने गेट की तरफ देखा तो उसे पता लग गया मम्मी उन्हे देख रहै है तो कमला ने आवाजे निकालनी शुरू कर दी जोर जोर से नासिर ने चुम्मा चाटी करने के बाद अपना कच्छा उतार दिया कच्छे के उतरते ही मम्मी की चुत की खुजली ओर भडक गयी। नासिर का लंड 6 इच लंबा ओर 3 इच मोटा मूसल सा था काले लंड का लाल टोपा लाईट मे चमक रहा था।

ये देखकर मम्मी की आग ओर जोर से भडक गयी उधर नासिर ने कमला की चुत मै अपना काला लंड सूखा ही घुसैड दिया जिससे कमला दर्द से चिल्लाह उठी मगर नासिर बेरहमी से कमला की चुत को पेलता रहा बीस मिनट की चुदाई मे मम्मी ओर कमला दो दो बार झडी।

तो नासिर ने भी कमला की चुत मै अपना माल छोड दिया मम्मी बाहर आकर चारपाई पर बैठ गयी उनके चेहरे पर बैचेनी साफ नजर आ रही थी जिसे कमला ने आते ही पहचान लिया ओर,

कहने लगी – भाभी कहा था ना आप चली जाओ मगर आप सुनती ही नही है

कमला ने फिर नासिर को कहा – आप कल या परसो आ जाना समय निकालकर,

नासिर के जाने के बाद मम्मी घर आ गयी रात को खाना खाकर पापा ने मम्मी की चुदाई करी तो मम्मी को बस नासिर का लंड ही दिखाई दे रहा था।
 

Alex 900

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अगले दिन,

मम्मी कमला के घर नही गयी मगर नासिर दिन मै कमला के घर आया तो कमला ने मोका देखकर मम्मी की चुत दिलवाने के लिए दस हजार रूपये मांग लिये जिसे नासिर ने देना तय कर लिया कमला नासिर को लेकर हमारे घर पर ही पहुंच गई।

मम्मी ने आज लाल रंग का सुट पहन रखा था जिसमे मम्मी की उठी हुई 40 की चुचिया बाहर निकल रही थी ओर गांड का तो.. कहना ही क्या!! नासिर ने मम्मी को देखकर अपने होठो पर जीभ फेरकर लंड को खुजला दिया।

मम्मी ने भी हंसकर नासिर की वासना को भडका दिया था,

कमला ने कहा – भाभी तुम आई नही तो नासिर जी तुमसे मिलने यही आ गये

तो मम्मी ने कहा – कमला तुम बैठो इनके साथ मै चाय बना लाती हू

तब कमला ने – घर खुला छोड़कर आई हू तुम दोनो बाते करो मै कबाब मै हड्डी नही बनना चाहती हू

ओर कमला ये कहकर घर चली गयी तब मम्मी ने नासिर को चारपाई पर बैठने को कहा ओर चाय बनाने चली गयी मम्मी चाय बनाकर ले आई ओर नासिर को झुककर चाय देने लगी। तो मम्मी की चूचीया बाहर आ गयी आधी ये देखकर नासिर का लंड पजामे में सलामी देने लग गया। मम्मी ने ये देखकर एक स्माइल पास कर दी ओर सामने चारपाई पर बैठ गयी,

मम्मी ने नासिर से कहा – कहा खो गये… जनाब?!!

तो नासिर ने कहा – सामने जब हुस्न की मलिका हो तो होश कहा रहेगा भला ओर हंस दिये

ये सुनकर मम्मी ने कहा – अच्छा जी! मतलब होश आया तो हमै छोड़कर चले जाओगे

तो नासिर ने कहा – पहले पास तो आने दो छोड़कर तो फिर जाएगे

मम्मी ने कहा – मतलब पास आकर छोड जाओगे

नासिर ने कहा – कमला को नही छोडा तो आप को भला क्यो छोडूंगा

तभी मम्मी ने कहा – नासिर कमला ओर मुझ मै एक ही चुननी पडे तो कीसे चुनने

ये सुनकर नासिर ने कहा – आपके लिए कमला को छोड दूगा मगर उसने हमे मिलाया है तो ये गलत होगा मगर हा मे आपके प्रति वफादार रहूँगा।

नासिर ने बात काटते हुए कहा – आप सुट ही पहनती है या साडी भी पहनती है

ये सुनकर मम्मी ने कहा – साडी भी बहुत पसंद है मगर जब बाहर जाती हू तब घर पर गाऊन ओर सुट ही पहनती हूं

तो नासिर ने कहा – कोनसा रंग पसंद है

आपको तो मम्मी ने कहा – मुझे लाल ओर काला रंग बहुत पसंद है

नासिर ने कहा – लाल ओर काला रंग मुझे भी बहुत पसंद है

तो मम्मी ने कहा – चाय पी लो ठंडी हो गयी है चाय गर्म ही अच्छी लगती है

तो नासिर ने कहा – गर्म ही सबको पसद है मगर गर्म को ठंडा करने मै अलग ही मजा है

ये सुनकर मम्मी हंस दी ओर कहने लगी – गर्मी बातो से नही निकलती है

ये सुनते ही नासिर खडा होकर मम्मी की चारपाई पर मम्मी के पास आकर बैठ गया ओर कहा – हम तो तैयार है बस आपके आदेश का इंतजार है!

ओर कहते हुए अपना हाथ मम्मी की जाघो पर रख दिया मम्मी ने भी नासिर के हाथ पर हाथ रखकर कहा – तो हाथ रूक क्यो गये

इतना सुनते ही नासिर ने मम्मी की कमर मै हाथ डालकर मम्मी को अपने सीने से चिपा लिया ओर मम्मी के होठो पर होठ रख दिये नासिर ओर मम्मी वही बैठे बैठै दस मिनट तक किस करते रहे। फिर मम्मी खडी होकर नासिर को कमरे मै चलने को कहा ओर गेट अंदर से बंद करके कमरे मे आ गयी नासिर ने कमरे में आते ही मम्मी को पकड़कर चूमना शुरू कर दिया।

मम्मी की भी Xforum भरक गई और वो भी नासिर को चूमने लग गयी नासिर ने अब मम्मी को बेड पर गिरा दिया ओर मम्मी के ऊपर गिरकर मम्मी की गर्दन, कान, गाल, ओर होठो को चुसने लगा। मम्मी ने अपनी बाहो मे नासिर को लपेट लिया ओर उसके किस को भरपुर साथ देने लगी नासिर ने पाच मिनट के बाद मम्मी का कुर्ता उतार दिया मम्मी की चुचिया देखकर नासिर के मुह मे पानी आ गया।

ब्रा के उपर से ही नासिर मम्मी के दूध को दबाने लगा जोर जोर से मम्मी की आहे जब कमरे मे गुजने लगी थी नासिर ने अपने हाथो को कमर पर ले जाकर ब्रा मे फंसे दोनो कबूतर को आजाद कर दिया ओर कसकर दबाने लगा।

नासिर अब मम्मी के दूध को बच्चों की तरह पी रहा था मम्मी भी नासिर के मुह मे अपने दूध को दबा रही थी मम्मी ने नासिर का कुर्ता उतार दिया ओर बनियान भी नासिर की छाती पर रीछ की तरह बाल फैले हुए थे जिसपर मम्मी अपने हाथ सहलाने लगी थी। बालों पर हाथ फैरते हुए मम्मी ने पजामे के ऊपर से ही नासिर के लंड को सहलाने लग गयी नासिर ने अब मम्मी की सलवार ओर अपना पजामा भी उतार दिया था।

जिसके बाद दोनो के बदन पर सिर्फ एक पेटी ओर कच्छा बचा था नासिर अब मम्मी को लेटाकर उनकी नाभी ओर उनकी जाघो पर किस कर रहा था नासिर ने नाभी को चुमते हुए पेटी मे हाथ डालकर मम्मी की चुत को छुआ तो मम्मी ने चुत ने कामरस छोड दिया, कामरस निकलकर मम्मी की पेटी को गिला कर रहा था। बिलकुल वैसे ही जैसे पिझली माँ की Romantic Sex Story में हुआ था। तभी नासिर ने अपनी दो उंगलिया मम्मी की चुत मै घुसा दी ओर मम्मी सी सी की आवाजे करने लगी।

मम्मी की बढती उत्तेजना देखकर नासिर ने अपना लंड कच्छे से बाहर निकाला ओर मम्मी की पेटी खोलकर मम्मी की चुत को आजाद कर दिया मम्मी ने नासिर के लंड को पकडकर जोर से दबाने लगी ओर सी सी की मादक आवाजे निकालने लगी।

नासिर ने भी देर ना करते हुए मम्मी की टांगे फैलाकर अपने लंड को चुत पर सेट कर दिया ओर एक झटके मे आधा लंड मम्मी की चुत मै ठोक दिया और इससे मम्मी और मुस्लिम आदमी की चुदाई चालू हो गई। इस झटके से मम्मी की चीख निकल गयी मगर नासिर ने उसी समय दूसरा झटका लगाते हुए पूरा लंड मम्मी की चुत मै सेट कर दिया।

ओर जोर जोर से मम्मी की चुत को बजाने लगा दस मिनट की चुदाई के बाद मम्मी की चुत से कामरस निकल गया ओर कमरे अब चुदाई की आवाजे बदल गये चुत ओर लंड गीले होने के कारण अब कमरे मै फचाफच की आवाजे जोर से आने लगी। फिर मम्मी ने नासिर को रोकते हुए बेड पर उल्टी होकर लेट गयी अपनी टागो को समेट गांड उपर कर के चुत को बाहर निकाल लिया।

नासिर ने एकबार फिर लंड को चुत मै उतार दिया अब नासिर का लंड सीधा मम्मी की बच्चेदानी मे लग रहा रहा दस मिनट की जोरदार चुदाई के बाद एक बार ओर मम्मी की चूत ने कामरस छोड दिया था इस बार नासिर बेड पर टांग फैलाकर बैठ गया।

ओर मम्मी को गोद मै आने को कहा मम्मी ने अपने हाथ से लंड को चुत पर सेट कीया ओर लंड पर बैठकर पूरा लंड चुत मै ले लिया ओर दोनो जने अपने पेरो को एक दूसरे की कमर पर लपेट लिया नासिर ने मम्मी को अपनी छाती पर चिपा लिया ओर होठो को किस करने लगा।

नासिर कमर उठाकर नीचे से मम्मी की चुत मे झटके मारने लगा ओर दस मिनट की चुदाई के बाद नासिर ने मम्मी की चुत मे अपना वीर्य भर दिया मम्मी ओर नासिर एक दूसरे से लिपटे रहे कई देर तक उसके बाद मम्मी ने सुट पहन ओर पेशाब करने चली गयी।

नासिर ने भी कपडे पहन लिये मम्मी के आते ही नासिर ने मम्मी को बाहो मे भर लिया ओर जोर से चुमने लगा मम्मी भी चुदाई के बाद आज बहुत खुश थी नासिर ने कल फिर आने का वादा कर के मम्मी को किस कीया ओर चल दिया!
 

Alex 900

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नासिर की जोरदार चुदाई के बाद आज मम्मी को सुकुन की नीद आई मम्मी अगले दिन सुबह जल्दी उठकर सारा कामकाज जल्दी से खत्म कर के नासिर के आने से पहले ही सजने संवरने लगी थी। मम्मी ने आज नासिर को खुश करने के काले रंग की साडी पहनी थी। हमारे परिवार मै वैसे तो महिलाए काले रंग की साडी नही पहनती मगर मम्मी को काला रंग बहुत पसंद था इसलिए वो चोरी से यहा अकेली ही रहती थी।

तो पहन लेती थी कभी कभी मम्मी काले रंग की साडी मै हीरे की तरह चमक रही थी मम्मी ने लाल रंग की लिपस्टिक लगाई मांग भरी ओर मंगलसूत्र के साथ आज सोने की चुडिया भी पहनी कमर मे तागडी बांधकर मम्मी आज दुल्हन की तरह सज रही थी। मम्मी बाजार से फुल लेने गयी तो बाजार मे मम्मी को देखकर बडे बुढे लंड मसलकर आहे भरने लगे मम्मी गुलाब के फूल ले आई ओर बेड पर फुलो को बिखेर दिया मम्मी आज बहुत खुश थी ओर इधर दोपहर के समय दरवाजे पर दस्तक हुई।

तो मम्मी की धडकने बढ गयी ओर मम्मी भागकर दरवाजा खोलने पहुंच गयी दरवाजा खोलते ही मम्मी दरवाजे के साइड मै हो गयी नासिर ने आवाज लगाई कोई है क्या तो मम्मी ने नासिर के बाजु को पकडकर अंदर खीच लिया ओर दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया ओर भागकर अंदर आ गयी।

नासिर भी मम्मी के पिछे पिछे अंदर पहुंचा तो मम्मी पीठ कर के खडी थी दूसरे कमरे मे नासिर ने पीछे से बाहो मे भरकर मम्मी की गर्दन को किस कीया ओर अपनी तरफ घुमाकर,

कहने लगा – आज से स्वर्ग से अप्सरा उतर आई है

मेरे लिए ये सुनकर मम्मी ने आखे बंद कर ली ओर नासिर ने मम्मी की लाल लिपस्टिक को चुसना शुरू कर दिया। मम्मी भी नासिर के होठो को जोर से चुसना शुरू कर दिया था। पांच मिनट की किस के बाद,

मम्मी ने नासिर को रोकते हुए कहा – थोड़ा सब्र तो कर लो

ये सुनकर नासिर ने कहा – भूखे आदमी के आगे रोटी पड़ी हो तो वो कुछ नही देखता

मम्मी ने कहा – आओ अपने कमरे मे चलेगे

मम्मी ने नासिर को पानी चाय के लिए पूछा

तो नासिर ने कहा की – वो एक दावत से आ रहा है वहा बकरा बना था तो कुछ ज्यादा ही खा लिया गला सूख रहा है पानी ले आओ

मम्मी ने मटके से नासिर को गिलास भरकर पानी पिला दिया नासिर ने मम्मी को आखे बंद करने को कहा ओर दरवाजे की तरफ गया मम्मी आखे खोलकर देखने लगी,

तो नासिर ने कहा – मेरी कसम है अगर आखे खोली तो

मम्मी ने अब आंखें खोलने की कोशिश नहीं की इतनी देर मै नासिर ने मम्मी को अपने हाथ आगे करने को कहा नासिर ने मम्मी के हाथ मै लिफाफा पकडवा दिया ओर आखे खोलने को कहा,

नासिर से मम्मी ने पूछा – ये क्या है चेयरमैन साहब?!!

नासिर ने कहा – चेयरमैन दुनिया के लिए तुम्हारा तो घरवाला हू

मम्मी ने जल्दी से लिफाफा खोला तो उसमे लाल रंग की साडी काले, ओर लाल रंग का सुट, एक लाल, ओर काला रंग की गाऊन के साथ एक लाल ओर काले रंग की ब्रा पेटी का सेट था।

मम्मी को आज तक बारह लोगो से चुदाई करवा चुकी थी मगर मम्मी को कीसी ने कोई उपहार नही दिया था मम्मी की आखो से आंसू निकल गये ओर वो नासिर के गले लगकर रोने लगी। नासिर ने गले लगाकर मम्मी को चुप करवा,

ओर कहा – क्या हुआ रोने क्यो लगी?!

तो मम्मी ने कहा – मैने सोचा तुम्हे सिर्फ मेरी चुत से मतलब होगा मगर तुम तो सच मै एक अच्छे आदमी निकले.

ओर मम्मी फिर से रोने लगी ओर कहने लगी – शादी के बाद बिना कहे मेरे पति ने कुछ नही लाकर दिया है आजतक

नासिर ने कहा – आज से तुम मुझे अपना पति मान लो, चाहो तो निकाह भी करवा सकती हो, अपने पती को छोड़कर मै अकेला ही हू, मेरी बीबी भी अल्लाह के घर चली गयी शादी के दो साल बाद, बस एक बेटी है।

आगे पिछे ये कहकर नासिर भी भावुक हो गया ओर मम्मी के गले लग गया तब मम्मी ने नासिर के आंसू पूछे,

ओर कहा – आओ अंदर चले कमरे मे

लाईट जलते ही नासिर की आखे फटी रह गयी मम्मी ने कमरे को बहुत सुंदर सजाया था गुलाब के फुलो की खुशबु से कमरे मै अलग ही तरह का माहोल बन गया था मम्मी अब बेड पर जाकर बैठ गयी नासिर भी अब मम्मी के पास आकर बैठ गया ओर मम्मी के हाथ को पकडकर चुम लिया। ओर बेड पर बडे फुलो ओर पतियो को अठाकर मम्मी के ऊपर डालने लगा मम्मी भी नासिर के उपर फुलो की पतियो को डालने लगी नासिर ने अब मम्मी के हाथ को पकडकर अपनी ओर खींच लिया।

मम्मी एक झटके मे ही नासिर की बाहो मे समा गयी नासिर ने मम्मी के होठो पर अपने होठ रखकर कीस करना शुरू कर दिया। मम्मी नासिर की पीठ पर हाथ सहलाने लगी ओर नासिर ने किस करते हुए मम्मी के ब्लाउज को खोल दिया ब्लाउज को खोलकर किस करते हुए मम्मी की कमर पर हाथ ले जाकर मम्मी की ब्रा खोल दी ओर मम्मी के दूध को दबाने लगा।

मम्मी भी पजामे के ऊपर से नासिर के लंड को पकडकर दबा रही थी जोर से तभी नासिर ने मम्मी को खडा किया ओर साडी को खींचकर मम्मी को अधनंगी कर दिया मम्मी ने पेटीकोट का नाडा खुद ही खोलकर अपनी पेटी उतार दी ओर नासिर के कपडे खोलने लगी।

नासिर के सभी कपडे खोलकर मम्मी ने हाथ पकडकर नासिर को अपने साथ बेड पर गिरा दिया नासिर ने अब मम्मी को पेरो से चुमना शुरू कीया ओर जाघो तक जीभ से चाटने लगा। नासिर ने मम्मी की चुत पर कीस कीया मम्मी सहम उठी नासिर ने फिर मम्मी की नाभी को चाटा कई देर तक नासिर अब मम्मी के दूध को दबा कर पी रहा था।

नासिर ने मम्मी के होठो को किस करना शुरू कीया ओर अपनी दो उंगली चुत मे डाल दी चुत मे उंगली डालते ही मम्मी मचल उठी ओर दो मिनट मै ही मम्मी की चुत से रस बहने लगा नासिर ने अब मम्मी की टांगो को फैला दिया ओर लंड चुत पर रखकर एक झटके मै मूसल जैसे काले लंड को मम्मी की चुत मै ठोक दिया ओर फिर नासिर मम्मी की चुत का भोसडा बनाने मे जुट गया। उसने मम्मी का भोसड़ा खोल दिया था अपने लम्बे मंजबूत लंड से।

दस मिनट की चुदाई मे मम्मी झडने लगी तो नासिर ने मम्मी को उल्टा लेटा दिया ओर उसके उपर होकर चुत मे लंड उतार दिया मम्मी उल्टी सोकर आज पहली बार चुदाई करवा रही थी नासिर गर्दन को चुम रहा था ओर मम्मी के दूध को दबाते हुए मम्मी की चुदाई कर रहा था।

इसबार मम्मी ने 15 मिनट लगा दिया झडने मे मम्मी के झडते ही नासिर ने मम्मी को बेड पर खडा कर लिया ओर मम्मी की जाघो मे हाथ डालकर अपने लंड पर बिठा लिया ओर बैड पर खडे खडे वो मम्मी की चुदाई करने लगा पांच की मिनट की चुदाई के बाद,

मम्मी ने कहा – अब गोदी मै ले लो… नासिर ओर बैठ जाओ!!

नासिर ने कल की तरह मम्मी को गोदी मे लिया ओर अपने लंड पर बैठा लिया फिर दोनो एक दूसरे की कमर पर टांगे लेपटकर किस करने लगे। नासिर ने नीचे से झटके मारने शुरू कर दिये ओर दूध को पीने लगा मम्मी एक घंटे की चुदाई से अब थकने लगी थी ओर नासिर भी अब झडने वाला ही था।

दो तीन बाद मम्मी के झडते ही नासिर भी मम्मी की चुत मे झड गया ओर थककर मम्मी के ऊपर ही लेट गया ओर पसीना सुखाने लगा पसीना सुखते ही नासिर खडे होकर कपडे पहनने लगा, मगर मम्मी अभी भी बेड पर पड़ी सुस्ता रही थी।

नासिर ने कहा – अब उसे जाना होगा ओर वो कल फिर आएगा ये सुनकर मम्मी खडी हुई ओर गाऊन पहनकर नासिर के गले लग गयी ओर उसे चुमने लगी।!!

तो दोस्तो इस तरह नासिर ओर मम्मी की अय्याशी भी चार साल तक चलती रही चार साल बाद कपडे के होलसेल काम ओर हमारी पढाई लिखाई के चलते जयपुर मै शिफ्ट हो गये। सीकर मै मकान किराये पर दे दिया इसी के साथ मम्मी एकबार फिर उदास हो गयी।

मगर मम्मी के जिस्म के हजारो दिवाने थे जो भी देखता वो चुदाई के लिए सोचता जरूर जयपुर आकर मम्मी के रंग ढग बदलने लगे जयपुर मै मम्मी को लेकर जब पापा अपने दुकानदारो की शादीयो मै गये तो मम्मी ने वहा जिन्स ओर टॉप पहनी ओरतो को देखकर पापा को जिन्स ओर टाप पहनने की ईच्छा जताई।

पापा भी मम्मी का कहा मानते थे हमेशा मेरे नानाजी काफी दबा ओर पेसैवाले थे जब भी पापा को पेसै की जरूरत पडती तो मम्मी मायके से पेसै ले आती ओर वापिस दे आती इसी कारण पापा मम्मी को कभी मना नही करते थे। आज भी मम्मी का फिगर देखकर लगता है वो चालीस की ही हुई है मम्मी ने अब जीन्स ओर टॉप पहनना शुरू कर दिया ओर हमारा दाखिला इंग्लिश मिडियम मै करवा दिया।

पापा ने मम्मी घर पर पजामा और टी-शर्ट पहनकर रहने लगी इस तरह जयपुर आए 6 महीने निकल गये ओर मम्मी की चुत की आग Xforum फिर से भडकने लगी थी। पापा ने जयपुर के आर्दश नगर मे अपना मकान ले लिया ओर एक गाडी भी ले ली थी
 

Alex 900

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मेरी मम्मी अब राजधानी में आकर शहर की हाई फाई लाइफस्टाइल मै जीने लगी मगर चुत की आग के आगे वो फिर से बेबस होने लगी और एक बार फिर मम्मी को एक लंड की तलाश थी। जो उसकी चुत की आग को बुझा दे।

जैसा की आपको पता है अभी तक मम्मी ने सिर्फ गांव की तरह ही सैक्स किया था मतलब ना लंड चूसा था ना ही अपनी चुत को चटवाया था मै 10 साल का हो गया और मेरी बड़ी बहन 12 की। मम्मी जीन्स टॉप पहनकर हमे स्कुल बस पर छोड़ने जाती थी और फिर घर आकर अपने काम में लग जाती। पापा ने कार पर ड्राइवर रख लिया था ड्राइवर का नाम सलीम था।

सलीम की उम्र 35 साल थी सलीम बहुत ही सुंदर और नौजवान युवक था सलीम के चार बच्चे थे सलीम छोटी चौपड़ का रहने वाला युवक था। सलीम का आज नौकरी पर पहला दिन था सलीम पापा को छोडने घर पर आया तो पापा ने मम्मी से उसका परिचय करवाया सलीम को देखते ही मम्मी को अपना अगला शिकार मिल गया।

सलीम ने भी मम्मी के पजामे ओर टीशर्ट मै नजर डालकर पूरा जिस्म ताड लिया ओर हंसकर नमस्ते की मम्मी ने सलीम को चाय पानी का पूछा तो सलीम ने मना कर दिया। सलीम गाडी लेकर अपने घर चला गया सुबह सलीम गाडी लेकर 9 बजे ही घर पर पहुंच गया मम्मी ने देखा तो पापा ओर सलीम के लिए चाय बना दी ओर सलीम बाहर खडा था।

तो आवाज लगाकर अंदर बुला लिया ओर कहा सलीम गली मै मत खडे हुए करो बाहर के कमरे मै बैठ जाया करो सलीम चुपचाप अंदर आकर बैठ गया मम्मी चाय देने झुकी तो सलीम को खुली टीशर्ट से अपने 40 की चुचीयो के दर्शन करवा दिये। चुचियो को देखकर सलीम ने अपने होठो पर जीभ फेरकर अपने इरादे जता दिया सलीम ने चाय पी और पापा को लेकर दुकान चला गया।

अब पापा ने कहा – खाना लेने दोपहर में सलीम आ जाया करेगा और सलीम भी खाना यही पर खा लिया करेगा,

ये सुनकर मम्मी ने कहा – ठीक है

मगर पापा के सामने मुंह बना दिया ताकी लगे वो खुश नही है मगर अंदर से मम्मी बहुत खुश हो रही थी उनके जाते ही मम्मी ने खाना बनाया ओर नहाने चली गयी बाहर आकर मम्मी ने आज काले रंग की जीन्स ओर लाल रंग का टॉप पहना ओर खुले बाल लाल लिपस्टिक लगाकर मम्मी सलीम को रिझाने के लिए पटाका बनकर तैयार हो गयी।

दोपहर के समय जब डोरबैल बजी तो मम्मी बाहर जाकर दरवाजा खोल दिया ओर सलीम को देखकर हंस दी सलीम ने भी मम्मी को सलाम किया और टिफिन लाने को कहा,

तो मम्मी ने – तुम तो यही खा लो उनका खाना मेने टिफिन डाल दिया है

ये सुनकर सलीम अंदर आकर कमरे में बैठ गया मम्मी सलीम के लिए खाना लेकर कमरे मे गयी ओर मेज पर झुककर थाली रखी तो टॉप से मम्मी के दूध बाहर निकल गये। इतने बडे दूध देखकर सलीम की आखे फट गयी मम्मी रोटी लाने चली गयी।

इस तरह मम्मी ने तीन चार बार सलीम को अपनी चुचियो के दर्शन करवा दिये सलीम का लंड भी उसकी पेट मे उभार बना चुका था। जिसे देखकर मम्मी की चुत मे खुजली चलने लगी खाना खाकर सलीम टिफिन लेकर चला गया।

शाम को..

जब सलीम पापा को छोडने आया तो मम्मी ने पापा ओर सलीम को चाय बनाकर दे दी सलीम को चाय देने के बहाने एकबार ओर मम्मी ने दूध दिखा दिये सलीम अब गाड़ी लेकर चला गया।

अगले दिन सुबह..

सलीम 9 बजे घर पहुंच गया ओर कमरे मे आकर बैठ गया मम्मी चाय लेकर सलीम को दे आई फिर मम्मी पोचा मारते हुए कमरे मै पहुच गयी मम्मी की टीशर्ट में मम्मी के दूध लटकते देख सलीम का लंड पेट मै तनतना उठा। फिर मम्मी ने सलीम की तरफ अपनी गांड कर ली ओर मेज ओर सोफे के नीचे पोछा लगाने लगी।

मम्मी की बडी गांड आज सलीम पहली बार देख रहा था पजामा मम्मी की बडी गांड के बीच घुसा पडा था। सलीम ये देखकर अपने लंड को मसलने लगा मम्मी सलीम की हवस को भड़काकर बाहर पोचा मारकर अंदर चली गयी। कुछ देर बाद सलीम पापा को लेकर दुकान चला गया मम्मी ने उनके जाते ही खाना बनाया ओर नहाने चली गयी।

मम्मी ने आज झाटो की सफाई कर ओर कांख के बाल भी साफ कर लिये। मम्मी ने आज काले रंग का पारदर्शी गाऊन पहना ओर ब्रा ओर पेटी नही पहनी मम्मी अपना जिस्म दिखाकर सलीम की कामवासना भडका रही थी।

दोपहर में सलीम जब खाना लेने आया तो मम्मी ने दरवाजा खोला मम्मी को पारदर्शी गाउन में देखकर सलीम मम्मी के बदन को घूरकर तोड़ने लगा। ये देखकर मम्मी की चुत मै खुजली शुरू हो गयी सलीम सोफे पर बैठ गया मम्मी आज पहले पानी लेकर आई ओर खाना डालने का पूछने लगी, गिलास लेते वक्त सलीम ने मम्मी की उंगलियों को छुवा।

मम्मी ने सलीम की इस हरकत पर हंसकर उसे खुला आमंत्रण दे दिया, पानी पीते वक्त मम्मी वही खडी रही ओर सलीम भी पानी पीते पीते मम्मी के दूध को घुर रहा था। मम्मी ने सलीम को दुबारा खाने का पूछा,

तो सलीम ने कहा – आज थोड़ा सिर दर्द हो रहा है आप चाय पिला दे, आप चाय बहुत अच्छी बनाती है! खाना दुकान पर ही खा लूगा बाद में…

मम्मी ने कहा – चलो ठीक है

तभी मम्मी अंदर से बाम ले आई ओर कहा – सिर पर लगाकर मालिश कर लो

सलीम ने कहा – मुझे मालिश करनी नही आती ओर ना ही कभी बाम लगाया है मेने

तो मम्मी ने कहा – मै लगा देती कोई बात नही

सलीम ने कहा – आप रहते दो.. सेठानी जी…

मम्मी ने कहा – क्यो? क्या हुआ?! सिरदर्द रूक गया?

तो सलीम ने कहा – नही सिरदर्द तो बहुत तेज हो रहा

तो मम्मी ने कहा – चुपचाप बैठे रहो

और मम्मी सलीम के सामने आकर खडी हो गयी सलीम को अब मम्मी की चुत भी दिखाई देने लगी, कमरे की खिडकी का पर्दा लगाकर मम्मी ने ट्यूबलाइट जला दी जिससे मम्मी का अंग अंग गाऊन के अंदर से दिखने लगा। मम्मी ने थोडा सा बाम निकालकर सलीम के सिर पर लगा दिया ओर मालिश करने लगी।

सलीम ने अपनी टांगे चोडी कर रखी थी मम्मी सलीम के ऊपर झुक कर मालिश करने लगी सलीम के मुह पर मम्मी के दूध छू रहे थे। जैसे ही मम्मी हिलती दूध सलीम के मुह को टच करते मम्मी नीचे आखे करके अब पेट में सलीम के खड़े हो रहे लंड को देखने में लगी। सलीम ने धीरे से अपने हाथ मम्मी की कमर पर रख दिये ओर मम्मी की तरफ देखा तो मम्मी ने हंसकर सलीम को सहमति दे दी।

सलीम की गांड फट रही थी और वो मन ही मन ये सोच रहा था ऐसा सिर्फ Antarvasna Sex Story में ही पढता था और मुठ मरता था। ये देखकर सलीम ने हिम्मत कर के अपने हाथो को मम्मी की गांड पर ले जाकर गांड को सहलाने लगा गांड को सहलाते ही मम्मी कसमसा उठी ओर उनकी आह! निकल गयी। आह निकलते ही सलीम ने मम्मी को खींचकर अपने सीने से लगा लिया ओर मम्मी के होठो पर होठ रखकर कीस शुरू कर दिया।

सलीम ने अपने हाथ से गाऊन को साईड से नीचे खिसकाकर गाऊन कमर पर ले गया ओर मम्मी की चुचियो को दोनो हाथो से जोर से दबाने लगा। मम्मी की चुत की kamukta की आग भडक उठी थी। मम्मी सलीम के होठो को किस कीये जा रही थी पांच मिनट किस करने के बाद मम्मी की चुत से रस निकलने लगा जिससे मम्मी का गाऊन भर गया ओर सलीम की पेट भी गीली हो गयी थी।

मगर दोनो को इससे कोई फर्क नही पडा ओर वो लगे रहै मम्मी ने खडे होकर सलीम को अंदर चलने को कहा मम्मी ने अंदर जाते ही गाऊन को नीचे कर टांगो से निकाल दिया ओर नंगी होकर बैड पर सो गयी। सलीम ने भी फटाफट अपने कपडे खोले ओर कच्छा पहने हुए मम्मी पर लेटकर किस करने लगा ओर दूध पीने लगा मम्मी से बर्दाश्त नही हो रहा था।

मम्मी ने अब सलीम के कच्छे मे अपना हाथ डाल दिया मगर मम्मी का सारा मजा ही किरकिरा हो गया, सलीम का लंड सिर्फ 5 इंच का ही था और 2 इंच मोटा ही था।🤣 😂😂

मम्मी ने अब तक मूसल जैसे लंड खाये थे। मेरी हर Sex Story में और हर बार अब तक मम्मी की चूत का भोसड़ा बना है। तो उसे ये कैसे पसंद आता 😑 तभी सलीम ने कच्छा उतार दिया ओर मम्मी की टांगे फैलाकर अपना लंड चुत मे उतार दिया।

मम्मी को तो पता ही नही चला दस मिनट की चुदाई मे मम्मी एक बार फिर से झड गयी ओर जल्दी से कपडे पहनकर सलीम को खाना देकर रवाना कर दिया।

मम्मी ने रात को पापा के साथ सैक्स कीया ओर सलीम को नोकरी से निकालने के लिए पटा लिया और इस तरह तीन दिन मै सलीम मेरी मम्मी की चुत मारकर हमेशा के लिए चला गया। तो कैसी लगी आपको मेरी मम्मी की और Driver Sex Story मज़ा आया ना? मगर इस अधूरी चुदाई से मम्मी की कामवासना ओर भडक उठी।
 
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