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Incest MA KI ANTARVASNA

Alex 900

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एक सेक्सी खूबसूरत लड़की की 18 से 57 तक की चुदाई दास्तान है। ड्राइवर से, ससुर से, दोस्त से, शोहर से, अपने बेटे से, ऐसा कोई नहीं था जिसने इस लड़की का फयदा ना उठाया हो। एक लड़की बेटी से बहु, और बहु से माँ, पहली सील टूटने से लेकर अम्मी बनने तक की Xforum की असली दास्तान। ये माँ की Xforum बहुत ही जबरदस्त और गजब की कहानी है, आप लोगो आज तक ऐसी कहानी नहीं पढ़ी होगी, तो कहानी को पूरा पढ़ना

ये मेरी मम्मी की आत्मकथा है जिनकी उम्र आज 57 साल है ओर उनके शरीर का साइज 38 के बूब्स ओर उनकी गांड 95 की भरी हुई है उनकी लबाई 5.6 है रंग बिलकुल गोरा है आज भी मम्मी सेक्स मै लाजवाब है।

मेरी मम्मी अपने परिवार मे भाई बहनो मे सबसे बडी थी मेरे नानाजी एक ट्रको का बिजनेस था अक्सर वो बाहर रहते थे नानाजी खेती का काम करती थी ओर मेरी मम्मी जो अपने भाई बहनो का काम ओर घर के कामकाज के लिए घर पर रहती थी घर पर ट्रको के ड्राइवर आते जाते रहते थे।
उनमे से एक मोहम्मद खान साहब मेने उन्हे देखा नही मगर जब भी खान साहब की बात आती है तो मम्मी की आंखो मे आज भी चमक आ जाती है मम्मी जब 18 साल की थी तब मम्मी की पहली चुदाई खान साहब ने की उस दिन सुबह से बारिश हो रही थी।

ओर खान साहब को नानीजी ने वही रूकने को ओर नानाजी बाहर थे गांव मै खाना समय से हो जाता है तो मम्मी ने अपने सभी भाई बहन को सुलाकर नानीजी को दूध दे दिया ओर नानीजी ने उन्हे खान साहब के कमरे मै दूध देने भेज दिया।
मम्मी दूध लेकर कमरे मै गयी ओर उनको दूध लेकर कमरे मे गयी ओर मोमबत्ती के उजाले मै दूध दिया, तो खान साहब ने पूछा – बच्चे कहा है,

तो मम्मी ने कहा – बच्चे सो गये है,

तो कहने लगे – आज कहानी नही सुननी तो, मम्मी ने कहा – आती हू

ओर नानीजी ने कहा – सुनकर कमरे मे आकर सो जाना मे सो रही सुबह जल्दी उठकर खेत जाना है, तुम सुबह रोटी बनाकर खेत आ जाना मेरी रोटी लेकर।

फिर मम्मी खान साहब के पास जाकर कहानी सुनने लगती है तो खान साहब ने मम्मी को कहा – आ जाओ मेरी चारपाई पर आकर सुनलो, ओर मोमबत्ती को बुझा दो…

मम्मी खान साहब के पास जाकर लेट गयी कहानी सुनने खान साहब की उम्र 25 साल की थी ओर मम्मी 19 की, जवान गांव की लडकीयो का शरीर शहर की लडकीयो की तुलना मे ज्यादा मजबूत ओर विकसित होता है। खान साहब sex story सुनाते सुनाते मम्मी के बोब्स दबाते हुए मजाक करने लगे।
ओर मेरी मम्मी ने कहा – ये क्या कर रहै??!!

तो चाचाजी ने कहा – देख रहा तेरी चाची से बडे है या छोटे!

तो मम्मी ने पूछा – बताओ बडे है या छोटे!!

तो कहा – खोलने पर ही पता लगेगा, दबाने से पता नही लगा, तो छोटे छोटे ही लग रहै है,

तो मम्मी ने कहा – सुबह देख लेना, अब मै जा रही हू सोने…

तो खान साहब ने कहा – यही सो जाओ,

तो मम्मी वही सो गयी सोने के बाद जब खान साहब ने बूब्स दबाए, तो मम्मी गर्म हो गयी ओर पहली बार मम्मी का कामरस उनकी कुवारी चुत से बाहर निकला।

तो मम्मी ने कहा – चाचा छोडो मुझे… सुसु निकल गयी है…

तब चाचा ने कहा – वो सुसु नही दूध है तेरा…

तो मम्मी – दूध तो बोबो से निकलता है?!! मुझे सब पता है नीचे से तो मुत ही आता है!!!

तो चाचा ने कहा – कल दिन मै तेरा दूध नीचे से निकालकर दिखाऊगा…

फिर दोनो जने सो गये ओर खान साहब सुबह उठकर नहाकर मम्मी का इंतजार करने लगे मम्मी ने सभी भाई बहनो को तैयार करके स्कुल भेजा ओर खुद नहाकर रोटी लेकर खेत चली गयी। रोटी देते ही वो खेत से लौटकर घर पहुची तो खान साहब ने पकड लिया।

बोले – दूध निकालू क्या नीचे से?/!!

तो मम्मी ने कहा – चाचाजी मजाक मत करो! ऐसा नही होता…

तो खान साहब ने कहा – ऐसा तभी होगा मै जैसे कहूगा वेसै वेसै करोगी तो, वर्ना नही होगा, ओर ये कीसी को बताना भी मत… अब बोलो… दूध निकालकर दिखाऊ के नही?!!

मम्मी खान साहब की बातो से फिर से गर्म हो चुकी थी तो उन्होने भी, हा कर दी उस समय मम्मी के बोबो को साइज 34 था ओर कद 5.6 इच हो चुका था गांड भी पूरी भरी हुई थी।

जैसे ही मेरी माँ ने खान साहब को हा भरी वैसे ही खान साहब ने मेरी मम्मी को पकडकर अपने गोद मै बिठा लिया ओर उनके बुब्स दबाने लगे, बोबो को दबाते ही मम्मी गर्म होने लगी। फिर खान साहब ने धीरे से मम्मी का कुर्ता उतार दिया ओर उनके जिस्म पर चुम्मो की बोछार कर दी खान साहब ने बोबो को उतनी जोर से दबाया की मम्मी की चीख निकल गयी।

ओर मम्मी ने कहा – मुझे नही निकलवाना दूध…

मम्मी के मना करते ही खान साहब ने कहा – तेरे से तो तेरी चाची अच्छी ओर मजबूत है

ये सुनकर मम्मी ने कहा – मेरे से ज्यादा नही होगी,

तो खान साहब ने मम्मी के दोनो बोबो को ओर जोर से दबाया तो मम्मी सारा दर्द चुपचाप सह गयी फिर मम्मी की ब्रा खोलकर उसने बोबो को जोर जोर से चुसना शुरू कर दिया जिससे मम्मी की आहै! निकलने लगी। ओर शरीर अकडने लग गया तो खान साहब ने जल्दी से मम्मी की सलवार खोलकर उन्हे नंगा कर दिया।

मम्मी की चुत पर झाटो का बाग देखकर कहा – मेरा तो सारा मूड ही खराब कर दिया!

मम्मी ने पूछा – क्या हुआ?!!

तो कहा – ये क्या है, दूध तो इन बालो मै ही रह जाएगा!!

तो मम्मी ने कहा – मै दिन मै साफ कर लूंगी ओर रात को ही दूध निकालना..

तो खान साहब ने कहा – रात को लाईट ना रही तो तुम्हे दूध दिखेगा केसै?!!

तो मम्मी ने कहा – रात को लाईट तभी जाती है जब बारिश आंधी आती है, मै मा से कहानी का बहाना सुनकर आ जाऊगी, ओर बाल भी साफ करके आऊगी, फिर आप दूध निकालना!

“मम्मी को तब तक नही पता था की उसकी चुत फटने वाली है, ओर ये सभी ड्राइवर मिलकर उसकी चुत का भोसडा बनाने वाले है”

ओर फिर खान साहब दिन मै बाजार चले गये ओर चुदाई से अनजान मेरी मम्मी अपनी झांटो की सफाई कर के चुदने की तैयारी करने लगी शाम को मम्मी ने आज जल्दी खाना बना लिया ओर सभी भाई बहन को डराकर सुलाने के बाद नानीजी को खाना खिलाकर खान साहब को चुरमा बनाकर खिलाया।

फिर रात होते ही नानीजी को दूध देकर कहानी सुनने का बहाना बनाकर खान साहब के पास पहुंच गयी ओर बिना बुलाए ही खान साहब की चारपाई पर लेट गयी ओर कहने लगी – सुबह की तरह बोबो को जोर से मत दबाना अभी भी दर्द हो रहा है…

मगर मन ही मन मम्मी बहुत खुश थी क्योकी जवानी मै ये सब होता ही है मगर ये खुशी थोडी देर की ही थी क्योकी उनकी खुशी अब दर्द मै बदलने वाली थी ओर इधर खान साहब ने मम्मी की मोटी मोटी गांड को सहलाने लगे। जिससे मम्मी फिर से गर्म होने लगी थी खान साहब शादीशुदा ओर जवान थे साथ मै अनुभव भी था काफी।

फिर उन्होने मम्मी के बोबो को दबाना शुरू कर दिया जिससे मम्मी की आहे निकलने लगी ओर वो मचलने लग गयी खान साहब मेरी मम्मी के गालो को चुमै जा रहै थे जोर से जोर से फिर खान साहब अचानक खडे होकर बाहर चले गये पेशाब करने।

फिर आकर मम्मी को कहा – बच्चो के कमरे के आगे चिटकनी लगाकर बंद कर आ… ओर देखकर आओ सेठानी (मेरी नानीजी) जी सो गयी ना… ओर साथ मै घी लेकर आना थोडा!!!

मम्मी जल्दी से उठकर दस मिनट मै चक्कर लगाकर सभी काम करके आ गयी ओर आते ही कमरे को बंद करके लाइट बंद करके चुपचाप चारपाई पर सो गयी। तो खान साहब ने उठकर लाईट जला दी,

तो मम्मी ने कहा – लाईट बंद कर दो, मुझे शर्म आ रही है,

ये सुनकर खान साहब ने कहा – शर्म करोगी तो दूध नही निकलेगा ओर अगर दर्द होगा तो चुप रहोगी तभी दूध निकलेगा।

“मम्मी इतनी गर्म हो रही थी वो सबकुछ करने को तैयार थी”

फिर तभी खान साहब ने लाईट जलाकर मम्मी को चारपाई से खडा करके उनको चुमने लग गये गालो को चुमते चुमते उन्होने मम्मी के होथो पर किस कीया तो मम्मी पिछे हो गयी, मगर खान साहब ने कमर मै हाथ डाल रखा ओर मम्मी को अपनी तरफ खिंचकर उनके लबो पर अपने लब रखकर जोर से चुमने लगे अब मेरी मम्मी को भी मजा लाने लगा।

वो भी खान साहब के लब को जोर से चुसने लगी ओर उधर खान साहब ने मम्मी के बोबो को दबाना शुरू कर दिया ओर मम्मी की आहै निकलने लगी पांच मिनट किस करने के बाद मम्मी का सुट खोलकर उन्हे आधा नंगा कर दिया ओर ब्रा खोलकर वो जोर से बोबो को दबाने लगे। जिससे मम्मी पूरी तरह गर्म हो गयी खान साहब जब मम्मी को किस कर रहै थे तो उनकी दाढी से मम्मी को एक ही उत्तेजना हो रही थी।

फिर खान घुटने के बल बैठकर मम्मी के पेट को चुमते हुए नाभी को चाटने लगे जिससे मम्मी गर्म होकर खान साहब के सिर के बाल पकड कर खिचने लगी उनकी गर्मी देखकर खान साहब ने जल्दी से सलवार का नाडा एक झटके मे खोलकर मम्मी को नंगा कर दिया!

अचानक नंगी होने पर मम्मी ने शर्म के मारे अपने हाथो से अपने मुह को छुपा लिया मगर आज मम्मी ने अपनी चुत को साफकर के काले रंग की चड्डी डाली थी जिसे खान साहब ने सुघते हुए नीचे कर दिया अब मम्मी बिलकुल नंगी थी, खान साहब धीरे धीरे अपनी मालिक की बेटी की चुत की सील खोलने की तरफ बढ रहै थे।

खान साहब ने पास मै रखी घी की कटोरी मै अपनी दो उंगली डालकर एक उंगली मम्मी की चुत मै डाल दी जिससे मम्मी ने अपने मुह से हाथ उठाकर खान साहब के सिर पर रखकर उनके बाल खीच लिये जोर से मम्मी अचानक हुए इस हमले से थोडा हडबडा गयी थी।

मगर खान साहब मझे हुए खिलाडी थे उन्होने तुरत एक हाथ मम्मी के बोबो पर रखकर उनके बोबो को दबाना शुरू कर दिया था जिससे मम्मी की उत्तेजना बढने लगे दो मिनट बाद जब एक उंगली आराम से चुत मे अंदर बाहर होने लगी।

तो उन्होने दूसरी उंगली डाल दी जिससे मम्मी ने अपने होटो को अपने दात से काटकर अपना दर्द छिपा लिया दो मिनट उंगली करने पर मम्मी की गर्मी शरीर से बाहर निकलने वाली हो गयी थी। ओर फिर मम्मी का जिस्म अकडने लगा मम्मी को पसीने आने लगे ओर जब कामरस आने को हुआ।

तो मम्मी कहने – चाचा मुझे मेरा मुत निकल रहा है… क्या करू मै?/!!

तो खान साहब ने – ये मुत नही ये दूध आ रहा है अभी दिखाता हू, आने दे…

फिर मम्मी ने खान साहब के बाल जोर से पकड लिये उधर खान साहब ने अपनी उंगली की स्पीड बढा ली। ओर मम्मी के कामरस से खान साहब का हाथ भर गया ओर मम्मी की जांघो पर फैल गया खान साहब कामरस की खुशबु लेते हुए उसे चाटने लगे।

जिसे देखकर मम्मी ने कहा – चाचाजी ये गंदी है

तो खान साहब ने कहा – ये जन्नत है मेरी रानी

मम्मी का कामरस निकलते ही मम्मी थककर चारपाई पर बैठ गयी थी खान साहब फिर मम्मी के पास बैठकर अपना पानी कुर्ता उतारकर सामने वाली चारपाई पर फैककर लेट गये ओर मम्मी को पकडकर अपने पास सुला लिया। उन्होने मम्मी के सिर को अपने बाजु पर रखकर आमने सामने मुह कर लिया ओर गालो पर किस करके, पूछने लगे – मजा आया क्या दूध निकलने पर!!

तो मम्मी ने कहा – बहुत मजा आया!!

तो खान साहब ने ये तो शुरुआत है इससे ज्यादा मजा भी आता है चुदाई मै!!

तो मम्मी कहने लगी – चुदाई मै बहुत दर्द होता है, मैने सुना है!!

तो खान साहब ने – जब उंगली की तब कितना दर्द हुआ था उतना ही चुदाई मै होगा!!

खान साहब बाते करते करते गांड सहला रहै थे ओर उससे मम्मी फिर से गर्म हो रही थी मम्मी उनकी सीने से मुह छिपाकर लिपटी हुई थी खान साहब ने अब धीरे से अपने पठानी पजामे का नाडा खोलकर बिना आवाज कीये नीचे कर दिया ओर चुपचाप मम्मी के हाथ को पकडकर अपने लंड पर रखकर दिया जिसे छुते ही मम्मी को करंट सा लगा।

ओर अपना हाथ वापिस खीच लिया कुछ देर बाद खान साहब ने फिर से मम्मी के हाथ को पकडकर अपने कच्छे मै डाल दिया मम्मी ने हाथ को बंद करके मुठी बना ली मगर हाथ बाहर नही निकाला खान साहब ने मम्मी के होठो को किस करते हुए बोबो को दबाने लगे। थोडी देर मै मम्मी गर्म होने लगी ओर उन्होने अपनी मुठ्ठी खोलते हुए लंड को अपने हाथ से सहलाकर देखा तो मम्मी फिर से उत्तेजित होने लगी कुछ देर चुमने के बाद खान साहब ने अपना कच्छा खोलकर मम्मी के मुह के पास रख दिया।

ओर सुघने को कहा मम्मी ने कच्छे को सुघकर मुह घुमा लिया इधर खान साहब चारपाई पर बैठ गये ओर फिर से दो उंगली घी मै डालकर एक साथ ही दोनो उंगलिया मम्मी की चुत मै पैल दी मम्मी ने एक आह के साथ दोनो उंगलिया अपनी चुत मै ले ली ओर आहै भरने लगी। दो मिनट बाद खान साहब ने मम्मी को अपनी टांगे ऊंची करके फैलाने को कहा जिसके बाद मम्मी की गांड के नीचे एक तकिया लगाकर अपने लंड पर घी की मालिश करने लगे। उनका लंड 6 इच लंबा ओर अढाई इच मोटा था।

वो उपर आकर लंड को मम्मी की चुत पर घीसने लगे जिससे मम्मी ओर गर्म हो गयी ओर कहने – चाचाजी ये क्या हो रहा है.. मै मर जाऊगी… कुछ करो… जल्दी…

ये सुनते ही खान साहब ने लंड चुत पर सेट कर दिया, मम्मी के होटो को किस करने के साथ गले मै दोनो हाथ डालकर लंड पर दबाव दिया जिससे लंड का टोपा मम्मी की चुत मै घुस गया। ओर मम्मी की हल्की सी चीख निकल गयी, मगर वो चीख बाहर नही निकली, इसके बाद खान साहब ने दूसरे झटके मै तीन इच से ज्यादा लंड मम्मी की चुत मै घुसैड दिया!!!

ओर मम्मी की जोर से चीख निकल गयी मगर इस बार भी चीख बाहर नही निकली मगर अब मम्मी छूटने की कोशिश करने लगी ओर रोने लगी मगर इसका कोई फायदा नही हुआ ओर खान साहब ने उसी समय तीसरा झटका देते हुए मम्मी की चुत को फाड़कर अपना पूरा लंड मम्मी की नाजुक चुत मै घुसा दिया।

मम्मी की चुत फट गयी ओर चुत से निकले खून से चारपाई पर बिछी चद्दर लाल हो गयी थी खान साहब होठो को जोर से चुसते रहै ओर अब उन्होने बोबो को भी जोर से दबाना चालु कर दिया था। पांच मिनट के बाद जब मम्मी ने रोना बंद किया, तो खान साहब ने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

ओर थोडी देर बाद जब मम्मी का दर्द खत्म हुआ, तो खान साहब ने जोर जोर से झटके मारने चालु कर दिये ओर फिर मम्मी भी गर्म होकर चुत मै लंड लेने लगी। दस मिनट की चुदाई के बाद मम्मी का शरीर अकडने लगा उनका कामरस निकलकर खान साहब के लंड को गिला कर रहा था।

उससे लंड पूरा गिला होकर मम्मी की चुत मै जा रहा ओर उसके एक मिनट बाद खान साहब के लंड का लावा फुट गया ओर उनके वीर्य से मेरी मम्मी की चुत भर गयी खान साहब के लंड का वीर्य चिचोडकर जब मम्मी की चुत ने छोडा।

तो खान साहब मम्मी के बगल मै लैट गये ओर मम्मी की चुत से कई देर तक वीर्य बहता रहा बाहर इस तरह मम्मी ने जवानी मै शादी से पहले ही सैक्स का मजा ले लिया फिर मम्मी ने कपडे पहने ओर चद्दर को बाहर पानी की बाल्टी मै भिगोकर अपनी चुत को धोकर पेशाब कर के, वापिस अपने पहले प्यार ओर यार खान साहब के पास आकर चारपाई पर उसे किस कर के उसके साथ सो गयी।

सुबह जब मम्मी उठी तो उनकी चुत पर सोजन आ गयी थी ओर पूरे दिन दर्द मे वो घर का काम करते रही आज रात को वो खान साहब के कमरे मै नही गयी।
 
Last edited by a moderator:

Motaland2468

Well-Known Member
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एक सेक्सी खूबसूरत लड़की की 18 से 57 तक की चुदाई दास्तान है। ड्राइवर से, ससुर से, दोस्त से, शोहर से, अपने बेटे से, ऐसा कोई नहीं था जिसने इस लड़की का फयदा ना उठाया हो। एक लड़की बेटी से बहु, और बहु से माँ, पहली सील टूटने से लेकर अम्मी बनने तक की Xforum की असली दास्तान। ये माँ की Xforum बहुत ही जबरदस्त और गजब की कहानी है, आप लोगो आज तक ऐसी कहानी नहीं पढ़ी होगी, तो कहानी को पूरा पढ़ना

दोस्तो मै काफी सालो से अन्तरवासना पर कहानी पढ रहा हूँ मगर लिख नही सका अब मेने अपनी कुछ आपबीती लिखने की कोशिश कर रहा हू उम्मीद है आपको पसंद आए।
ये मेरी मम्मी की आत्मकथा है जिनकी उम्र आज 57 साल है ओर उनके शरीर का साइज 38 के बूब्स ओर उनकी गांड 95 की भरी हुई है उनकी लबाई 5.6 है रंग बिलकुल गोरा है आज भी मम्मी सेक्स मै लाजवाब है।

मेरी मम्मी अपने परिवार मे भाई बहनो मे सबसे बडी थी मेरे नानाजी एक ट्रको का बिजनेस था अक्सर वो बाहर रहते थे नानाजी खेती का काम करती थी ओर मेरी मम्मी जो अपने भाई बहनो का काम ओर घर के कामकाज के लिए घर पर रहती थी घर पर ट्रको के ड्राइवर आते जाते रहते थे।
उनमे से एक मोहम्मद खान साहब मेने उन्हे देखा नही मगर जब भी खान साहब की बात आती है तो मम्मी की आंखो मे आज भी चमक आ जाती है मम्मी जब 18 साल की थी तब मम्मी की पहली चुदाई खान साहब ने की उस दिन सुबह से बारिश हो रही थी।

ओर खान साहब को नानीजी ने वही रूकने को ओर नानाजी बाहर थे गांव मै खाना समय से हो जाता है तो मम्मी ने अपने सभी भाई बहन को सुलाकर नानीजी को दूध दे दिया ओर नानीजी ने उन्हे खान साहब के कमरे मै दूध देने भेज दिया।
मम्मी दूध लेकर कमरे मै गयी ओर उनको दूध लेकर कमरे मे गयी ओर मोमबत्ती के उजाले मै दूध दिया, तो खान साहब ने पूछा – बच्चे कहा है,

तो मम्मी ने कहा – बच्चे सो गये है,

तो कहने लगे – आज कहानी नही सुननी तो, मम्मी ने कहा – आती हू

ओर नानीजी ने कहा – सुनकर कमरे मे आकर सो जाना मे सो रही सुबह जल्दी उठकर खेत जाना है, तुम सुबह रोटी बनाकर खेत आ जाना मेरी रोटी लेकर।

फिर मम्मी खान साहब के पास जाकर कहानी सुनने लगती है तो खान साहब ने मम्मी को कहा – आ जाओ मेरी चारपाई पर आकर सुनलो, ओर मोमबत्ती को बुझा दो…

मम्मी खान साहब के पास जाकर लेट गयी कहानी सुनने खान साहब की उम्र 25 साल की थी ओर मम्मी 19 की, जवान गांव की लडकीयो का शरीर शहर की लडकीयो की तुलना मे ज्यादा मजबूत ओर विकसित होता है। खान साहब sex story सुनाते सुनाते मम्मी के बोब्स दबाते हुए मजाक करने लगे।
ओर मेरी मम्मी ने कहा – ये क्या कर रहै??!!

तो चाचाजी ने कहा – देख रहा तेरी चाची से बडे है या छोटे!

तो मम्मी ने पूछा – बताओ बडे है या छोटे!!

तो कहा – खोलने पर ही पता लगेगा, दबाने से पता नही लगा, तो छोटे छोटे ही लग रहै है,

तो मम्मी ने कहा – सुबह देख लेना, अब मै जा रही हू सोने…

तो खान साहब ने कहा – यही सो जाओ,

तो मम्मी वही सो गयी सोने के बाद जब खान साहब ने बूब्स दबाए, तो मम्मी गर्म हो गयी ओर पहली बार मम्मी का कामरस उनकी कुवारी चुत से बाहर निकला।

तो मम्मी ने कहा – चाचा छोडो मुझे… सुसु निकल गयी है…

तब चाचा ने कहा – वो सुसु नही दूध है तेरा…

तो मम्मी – दूध तो बोबो से निकलता है?!! मुझे सब पता है नीचे से तो मुत ही आता है!!!

तो चाचा ने कहा – कल दिन मै तेरा दूध नीचे से निकालकर दिखाऊगा…

फिर दोनो जने सो गये ओर खान साहब सुबह उठकर नहाकर मम्मी का इंतजार करने लगे मम्मी ने सभी भाई बहनो को तैयार करके स्कुल भेजा ओर खुद नहाकर रोटी लेकर खेत चली गयी। रोटी देते ही वो खेत से लौटकर घर पहुची तो खान साहब ने पकड लिया।

बोले – दूध निकालू क्या नीचे से?/!!

तो मम्मी ने कहा – चाचाजी मजाक मत करो! ऐसा नही होता…

तो खान साहब ने कहा – ऐसा तभी होगा मै जैसे कहूगा वेसै वेसै करोगी तो, वर्ना नही होगा, ओर ये कीसी को बताना भी मत… अब बोलो… दूध निकालकर दिखाऊ के नही?!!

मम्मी खान साहब की बातो से फिर से गर्म हो चुकी थी तो उन्होने भी, हा कर दी उस समय मम्मी के बोबो को साइज 34 था ओर कद 5.6 इच हो चुका था गांड भी पूरी भरी हुई थी।

जैसे ही मेरी माँ ने खान साहब को हा भरी वैसे ही खान साहब ने मेरी मम्मी को पकडकर अपने गोद मै बिठा लिया ओर उनके बुब्स दबाने लगे, बोबो को दबाते ही मम्मी गर्म होने लगी। फिर खान साहब ने धीरे से मम्मी का कुर्ता उतार दिया ओर उनके जिस्म पर चुम्मो की बोछार कर दी खान साहब ने बोबो को उतनी जोर से दबाया की मम्मी की चीख निकल गयी।

ओर मम्मी ने कहा – मुझे नही निकलवाना दूध…

मम्मी के मना करते ही खान साहब ने कहा – तेरे से तो तेरी चाची अच्छी ओर मजबूत है

ये सुनकर मम्मी ने कहा – मेरे से ज्यादा नही होगी,

तो खान साहब ने मम्मी के दोनो बोबो को ओर जोर से दबाया तो मम्मी सारा दर्द चुपचाप सह गयी फिर मम्मी की ब्रा खोलकर उसने बोबो को जोर जोर से चुसना शुरू कर दिया जिससे मम्मी की आहै! निकलने लगी। ओर शरीर अकडने लग गया तो खान साहब ने जल्दी से मम्मी की सलवार खोलकर उन्हे नंगा कर दिया।

मम्मी की चुत पर झाटो का बाग देखकर कहा – मेरा तो सारा मूड ही खराब कर दिया!

मम्मी ने पूछा – क्या हुआ?!!

तो कहा – ये क्या है, दूध तो इन बालो मै ही रह जाएगा!!

तो मम्मी ने कहा – मै दिन मै साफ कर लूंगी ओर रात को ही दूध निकालना..

तो खान साहब ने कहा – रात को लाईट ना रही तो तुम्हे दूध दिखेगा केसै?!!

तो मम्मी ने कहा – रात को लाईट तभी जाती है जब बारिश आंधी आती है, मै मा से कहानी का बहाना सुनकर आ जाऊगी, ओर बाल भी साफ करके आऊगी, फिर आप दूध निकालना!

“मम्मी को तब तक नही पता था की उसकी चुत फटने वाली है, ओर ये सभी ड्राइवर मिलकर उसकी चुत का भोसडा बनाने वाले है”

ओर फिर खान साहब दिन मै बाजार चले गये ओर चुदाई से अनजान मेरी मम्मी अपनी झांटो की सफाई कर के चुदने की तैयारी करने लगी शाम को मम्मी ने आज जल्दी खाना बना लिया ओर सभी भाई बहन को डराकर सुलाने के बाद नानीजी को खाना खिलाकर खान साहब को चुरमा बनाकर खिलाया।

फिर रात होते ही नानीजी को दूध देकर कहानी सुनने का बहाना बनाकर खान साहब के पास पहुंच गयी ओर बिना बुलाए ही खान साहब की चारपाई पर लेट गयी ओर कहने लगी – सुबह की तरह बोबो को जोर से मत दबाना अभी भी दर्द हो रहा है…

मगर मन ही मन मम्मी बहुत खुश थी क्योकी जवानी मै ये सब होता ही है मगर ये खुशी थोडी देर की ही थी क्योकी उनकी खुशी अब दर्द मै बदलने वाली थी ओर इधर खान साहब ने मम्मी की मोटी मोटी गांड को सहलाने लगे। जिससे मम्मी फिर से गर्म होने लगी थी खान साहब शादीशुदा ओर जवान थे साथ मै अनुभव भी था काफी।

फिर उन्होने मम्मी के बोबो को दबाना शुरू कर दिया जिससे मम्मी की आहे निकलने लगी ओर वो मचलने लग गयी खान साहब मेरी मम्मी के गालो को चुमै जा रहै थे जोर से जोर से फिर खान साहब अचानक खडे होकर बाहर चले गये पेशाब करने।

फिर आकर मम्मी को कहा – बच्चो के कमरे के आगे चिटकनी लगाकर बंद कर आ… ओर देखकर आओ सेठानी (मेरी नानीजी) जी सो गयी ना… ओर साथ मै घी लेकर आना थोडा!!!

मम्मी जल्दी से उठकर दस मिनट मै चक्कर लगाकर सभी काम करके आ गयी ओर आते ही कमरे को बंद करके लाइट बंद करके चुपचाप चारपाई पर सो गयी। तो खान साहब ने उठकर लाईट जला दी,

तो मम्मी ने कहा – लाईट बंद कर दो, मुझे शर्म आ रही है,

ये सुनकर खान साहब ने कहा – शर्म करोगी तो दूध नही निकलेगा ओर अगर दर्द होगा तो चुप रहोगी तभी दूध निकलेगा।

“मम्मी इतनी गर्म हो रही थी वो सबकुछ करने को तैयार थी”

फिर तभी खान साहब ने लाईट जलाकर मम्मी को चारपाई से खडा करके उनको चुमने लग गये गालो को चुमते चुमते उन्होने मम्मी के होथो पर किस कीया तो मम्मी पिछे हो गयी, मगर खान साहब ने कमर मै हाथ डाल रखा ओर मम्मी को अपनी तरफ खिंचकर उनके लबो पर अपने लब रखकर जोर से चुमने लगे अब मेरी मम्मी को भी मजा लाने लगा।

वो भी खान साहब के लब को जोर से चुसने लगी ओर उधर खान साहब ने मम्मी के बोबो को दबाना शुरू कर दिया ओर मम्मी की आहै निकलने लगी पांच मिनट किस करने के बाद मम्मी का सुट खोलकर उन्हे आधा नंगा कर दिया ओर ब्रा खोलकर वो जोर से बोबो को दबाने लगे। जिससे मम्मी पूरी तरह गर्म हो गयी खान साहब जब मम्मी को किस कर रहै थे तो उनकी दाढी से मम्मी को एक ही उत्तेजना हो रही थी।

फिर खान घुटने के बल बैठकर मम्मी के पेट को चुमते हुए नाभी को चाटने लगे जिससे मम्मी गर्म होकर खान साहब के सिर के बाल पकड कर खिचने लगी उनकी गर्मी देखकर खान साहब ने जल्दी से सलवार का नाडा एक झटके मे खोलकर मम्मी को नंगा कर दिया!

अचानक नंगी होने पर मम्मी ने शर्म के मारे अपने हाथो से अपने मुह को छुपा लिया मगर आज मम्मी ने अपनी चुत को साफकर के काले रंग की चड्डी डाली थी जिसे खान साहब ने सुघते हुए नीचे कर दिया अब मम्मी बिलकुल नंगी थी, खान साहब धीरे धीरे अपनी मालिक की बेटी की चुत की सील खोलने की तरफ बढ रहै थे।

खान साहब ने पास मै रखी घी की कटोरी मै अपनी दो उंगली डालकर एक उंगली मम्मी की चुत मै डाल दी जिससे मम्मी ने अपने मुह से हाथ उठाकर खान साहब के सिर पर रखकर उनके बाल खीच लिये जोर से मम्मी अचानक हुए इस हमले से थोडा हडबडा गयी थी।

मगर खान साहब मझे हुए खिलाडी थे उन्होने तुरत एक हाथ मम्मी के बोबो पर रखकर उनके बोबो को दबाना शुरू कर दिया था जिससे मम्मी की उत्तेजना बढने लगे दो मिनट बाद जब एक उंगली आराम से चुत मे अंदर बाहर होने लगी।

तो उन्होने दूसरी उंगली डाल दी जिससे मम्मी ने अपने होटो को अपने दात से काटकर अपना दर्द छिपा लिया दो मिनट उंगली करने पर मम्मी की गर्मी शरीर से बाहर निकलने वाली हो गयी थी। ओर फिर मम्मी का जिस्म अकडने लगा मम्मी को पसीने आने लगे ओर जब कामरस आने को हुआ।

तो मम्मी कहने – चाचा मुझे मेरा मुत निकल रहा है… क्या करू मै?/!!

तो खान साहब ने – ये मुत नही ये दूध आ रहा है अभी दिखाता हू, आने दे…

फिर मम्मी ने खान साहब के बाल जोर से पकड लिये उधर खान साहब ने अपनी उंगली की स्पीड बढा ली। ओर मम्मी के कामरस से खान साहब का हाथ भर गया ओर मम्मी की जांघो पर फैल गया खान साहब कामरस की खुशबु लेते हुए उसे चाटने लगे।

जिसे देखकर मम्मी ने कहा – चाचाजी ये गंदी है

तो खान साहब ने कहा – ये जन्नत है मेरी रानी

मम्मी का कामरस निकलते ही मम्मी थककर चारपाई पर बैठ गयी थी खान साहब फिर मम्मी के पास बैठकर अपना पानी कुर्ता उतारकर सामने वाली चारपाई पर फैककर लेट गये ओर मम्मी को पकडकर अपने पास सुला लिया। उन्होने मम्मी के सिर को अपने बाजु पर रखकर आमने सामने मुह कर लिया ओर गालो पर किस करके, पूछने लगे – मजा आया क्या दूध निकलने पर!!

तो मम्मी ने कहा – बहुत मजा आया!!

तो खान साहब ने ये तो शुरुआत है इससे ज्यादा मजा भी आता है चुदाई मै!!

तो मम्मी कहने लगी – चुदाई मै बहुत दर्द होता है, मैने सुना है!!

तो खान साहब ने – जब उंगली की तब कितना दर्द हुआ था उतना ही चुदाई मै होगा!!

खान साहब बाते करते करते गांड सहला रहै थे ओर उससे मम्मी फिर से गर्म हो रही थी मम्मी उनकी सीने से मुह छिपाकर लिपटी हुई थी खान साहब ने अब धीरे से अपने पठानी पजामे का नाडा खोलकर बिना आवाज कीये नीचे कर दिया ओर चुपचाप मम्मी के हाथ को पकडकर अपने लंड पर रखकर दिया जिसे छुते ही मम्मी को करंट सा लगा।

ओर अपना हाथ वापिस खीच लिया कुछ देर बाद खान साहब ने फिर से मम्मी के हाथ को पकडकर अपने कच्छे मै डाल दिया मम्मी ने हाथ को बंद करके मुठी बना ली मगर हाथ बाहर नही निकाला खान साहब ने मम्मी के होठो को किस करते हुए बोबो को दबाने लगे। थोडी देर मै मम्मी गर्म होने लगी ओर उन्होने अपनी मुठ्ठी खोलते हुए लंड को अपने हाथ से सहलाकर देखा तो मम्मी फिर से उत्तेजित होने लगी कुछ देर चुमने के बाद खान साहब ने अपना कच्छा खोलकर मम्मी के मुह के पास रख दिया।

ओर सुघने को कहा मम्मी ने कच्छे को सुघकर मुह घुमा लिया इधर खान साहब चारपाई पर बैठ गये ओर फिर से दो उंगली घी मै डालकर एक साथ ही दोनो उंगलिया मम्मी की चुत मै पैल दी मम्मी ने एक आह के साथ दोनो उंगलिया अपनी चुत मै ले ली ओर आहै भरने लगी। दो मिनट बाद खान साहब ने मम्मी को अपनी टांगे ऊंची करके फैलाने को कहा जिसके बाद मम्मी की गांड के नीचे एक तकिया लगाकर अपने लंड पर घी की मालिश करने लगे। उनका लंड 6 इच लंबा ओर अढाई इच मोटा था।

वो उपर आकर लंड को मम्मी की चुत पर घीसने लगे जिससे मम्मी ओर गर्म हो गयी ओर कहने – चाचाजी ये क्या हो रहा है.. मै मर जाऊगी… कुछ करो… जल्दी…

ये सुनते ही खान साहब ने लंड चुत पर सेट कर दिया, मम्मी के होटो को किस करने के साथ गले मै दोनो हाथ डालकर लंड पर दबाव दिया जिससे लंड का टोपा मम्मी की चुत मै घुस गया। ओर मम्मी की हल्की सी चीख निकल गयी, मगर वो चीख बाहर नही निकली, इसके बाद खान साहब ने दूसरे झटके मै तीन इच से ज्यादा लंड मम्मी की चुत मै घुसैड दिया!!!

ओर मम्मी की जोर से चीख निकल गयी मगर इस बार भी चीख बाहर नही निकली मगर अब मम्मी छूटने की कोशिश करने लगी ओर रोने लगी मगर इसका कोई फायदा नही हुआ ओर खान साहब ने उसी समय तीसरा झटका देते हुए मम्मी की चुत को फाड़कर अपना पूरा लंड मम्मी की नाजुक चुत मै घुसा दिया।

मम्मी की चुत फट गयी ओर चुत से निकले खून से चारपाई पर बिछी चद्दर लाल हो गयी थी खान साहब होठो को जोर से चुसते रहै ओर अब उन्होने बोबो को भी जोर से दबाना चालु कर दिया था। पांच मिनट के बाद जब मम्मी ने रोना बंद किया, तो खान साहब ने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

ओर थोडी देर बाद जब मम्मी का दर्द खत्म हुआ, तो खान साहब ने जोर जोर से झटके मारने चालु कर दिये ओर फिर मम्मी भी गर्म होकर चुत मै लंड लेने लगी। दस मिनट की चुदाई के बाद मम्मी का शरीर अकडने लगा उनका कामरस निकलकर खान साहब के लंड को गिला कर रहा था।

उससे लंड पूरा गिला होकर मम्मी की चुत मै जा रहा ओर उसके एक मिनट बाद खान साहब के लंड का लावा फुट गया ओर उनके वीर्य से मेरी मम्मी की चुत भर गयी खान साहब के लंड का वीर्य चिचोडकर जब मम्मी की चुत ने छोडा।

तो खान साहब मम्मी के बगल मै लैट गये ओर मम्मी की चुत से कई देर तक वीर्य बहता रहा बाहर इस तरह मम्मी ने जवानी मै शादी से पहले ही सैक्स का मजा ले लिया फिर मम्मी ने कपडे पहने ओर चद्दर को बाहर पानी की बाल्टी मै भिगोकर अपनी चुत को धोकर पेशाब कर के, वापिस अपने पहले प्यार ओर यार खान साहब के पास आकर चारपाई पर उसे किस कर के उसके साथ सो गयी।

सुबह जब मम्मी उठी तो उनकी चुत पर सोजन आ गयी थी ओर पूरे दिन दर्द मे वो घर का काम करते रही आज रात को वो खान साहब के कमरे मै नही गयी।
Congratulations for new story
 

Alex 900

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अब तक आपने इस माँ की Xforum में पढा मेरी माँ ने केसै सील खुलवा ली थी ! चुदाई करवाने के दो दिन बाद तक खान साहब के पास नही गयी रात को दूध देने ओर दो दिन बाद खान साहब ट्रक लेकर पंजाब चले गये।

खान साहब के जाने के दो दिन बाद मम्मी की चुत का सोजन खत्म हो गया ओर खुजली चालू हो गयी थी अब मम्मी खान का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ऊपर से बारिश का मौसम रातभर मम्मी करवट बदलती रहती आखिरकार पांच दिन बाद ट्रक लेकर खान पंजाब से लोट आया। उस दिन नानाजी भी आ गये थे मम्मी ने खान को गर्म पानी दिया नहाने को फिर खाना खिलाया।

ओर रात होने का इंतजार करने लगे इधर जब मम्मी दिखाई देती तो खान अपना लंड खुजाने लगता देखकर, लेकिन शाम को ट्रक की बुकिंग हो गयी पंजाब की फिर से ये सुनकर मम्मी उदास हो गयी। मगर खान ने ये देखकर,

नानाजी को कहा – वो कल गांव जाकर आएगा ईद पर भी घर नही जा सका था,

तो नानाजी ने हा भर ट्रक लेकर नानाजी चले गये फिर मम्मी ने सभी काम जल्दी जल्दी कीये ओर रात होने का इंतजार करने लगे। रात होते ही नानीजी को दूध देकर वो खान के लिए दूध लेकर उसके कमरे मै पहुच गयी। कमरे मै पहुचते ही कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गयी।

उनकी चुम्मा चाटी के बीच मै ही ओर नानीजी आवाज लगाई तो मम्मी भागकर उनके पास पास पहुची नानीजी के कमरे मे मम्मी से छोटे दो भाई सो रहे थे ओर दो बहने दूसरे कमरे मै थी मम्मी ने उन्हे भी माँ के कमरे मे सुलाने ले गयी ओर नानी जी को कहा – मै खान चाचा के पास ही सो जाऊगी कहानी सुनकर,

उन्हें क्या पता था खान इन्हे Antarvasna Story सुनाता है और गर्म करता है। इस तरह मम्मी सभी काम खत्म कर के मोमबत्ती लेकर भीगती हुई खान के पास पहुंच गयी कमरे की चिटकनी लगाते ही खान ने खडे होकर मम्मी को गले लगाकर कीस करना शुरू कर दिया। मम्मी चुत की खुजली से परेशान हो गयी थी ओर खान की बाहो मे जाते ही आग लग गयी। उनके बदन मै खान की हवस भी जाग गयी थी 7 दिनो से वो भी तडप रहा था, उसने संतोष को ऐसे दबोचा जैसे हिरण को शेर ओर उस पर टूट पडा।

मम्मी ओर खान एक दूसरो को जोर जोर से चुमने लगे इस बीच खान ने अपने ओर मम्मी के कपडे खोल दिये ओर मम्मी के बोबो को जोर जोर से दबाने लगा फिर उसने एक हाथ कच्छी मै डालकर मम्मी की चुत मै उंगली डाल दी। उंगली डालते ही मम्मी की चित्कार निकल गयी।

ओर वो खान के गले कसकर लग गयी खान ने मम्मी की चड्डी निकालकर फैक दी ओर सीने के पास सटाकर मम्मी की गांड को सहलाने लगा वो मम्मी की कान को चुसकर मम्मी की आग को भडका रहा था। ओर इसी बीच मम्मी ने अपने हाथो से बिना कहे खान के लंड को पकड लिया ओर,

खान को कहने लगी – चाचा अब करो!! जल्दी रहा नही जाता इतना!!

सुनते ही खान ने मम्मी को आज चारपाई पर झुका दिया पूरा मम्मी की गांड उभरकर उठ गयी थी खान ने अपने लंड बहुत सारा थूक लगाकर चुत पर लंड रखकर एक झटके मे आधे से ज्यादा लंड पेल दिया। आधा लंड एक झटके मै जाते ही मम्मी आगे निकल गयी ओर खान का लंड चुत से बाहर निकल गया,

ये देखकर खान ने कहा – देख चुदना है तो थोडा दर्द सहना होगा, दो तीन बार वर्ना चली जा!!

मम्मी ने तुरत ही माफी मांगने लगी ओर खान को कीस करने लगी खान भी समझ गया की अभी चुत नयी है तो उसने मम्मी को चारपाई पर सुलाकर गांड के नीचे तकिया लगाया। ओर मम्मी की टांगे ऊंची करवा ली फिर वापिस एक बार खान ने अपने 6 इच के लंड पर थूक लगाकर चुत पर सेट कीया ओर एक जोर के झटके से चुत मै आधे से ज्यादा लंड को पेल दिया।

मम्मी की हालात फिर से खराब होने लगी मगर आज बिना समय दिये खान ने दूसरे झटके मै पूरा लंड मम्मी की चुत मै डाल दिया ओर मम्मी के होठो को चुसने लगा ओर बोबो को दबाने लगा दो मिनट मै मम्मी सामान्य हो गयी। ये देखकर खान ने दोनो टांगो को अपने हाथो से उठाकर लंड को जोरदार तरीके से अंदर बाहर करने लगा।

पांच मिनट बाद मम्मी भी अपनी गांड उठाकर खान को सामने से झटके देने लगी ओर कुछ देर बाद मम्मी की चुत ने अपना रस छोड दिया।

मगर खान अभी भी मम्मी की जोरदार चुदाई कर रहा था ओर मम्मी की चुत अब आराम से खान का लंड अंदर ले रही थी दस मिनट की जोरदार चुदाई के मम्मी की चुत ने दुबारा पानी छोडा, तो खान ने भी सात दिन का जमा माल भी खान ने मम्मी की चुत मै छोड दिया। दोनो पसीने पसीने हो रहे थे चुदाई के बाद 11 बज चुके,

मम्मी ने कहा – मे पेशाब करके आ रही हू हम फिर सोएगे!!

“मगर खान का मन अभी भरा नही था”

मम्मी कपडे पहनने लगी तो खान ने कहा – चड्डी चोली अभी मत पहनना सलवार कुर्ता पहनकर पेशाब कर आओ ओर सभी अपनी मम्मी को देख आना!!

मम्मी भी समझ गयी थी मम्मी हंसती हुई कमरे से बाहर गयी ओर पेशाब करके दस मिनट बाद कमरे मै आ गयी आते ही खान ने पकडकर उसे अपने ऊपर लिटा लिया। खान 6 फुट का लंबा चोडा मर्द था उपर से उसकी काली दाढी मम्मी को उपर लिटाकर अब वो मम्मी के होठो को चुसने लगा ओर मम्मी की पीठ ओर गांड को सहलाने लगा।

दोनो का खून गर्म था जवानी छलक रही थी मम्मी फिर से गर्म होने लगी खान सिर्फ कच्छे मै ही था उस समय उसका काला लंड फिरकर से तनकर तैयार हो गया। ओर मम्मी की सलवार मै घुसने लगा खान ने जल्दी से कपडे खोलने को कहा ओर मम्मी की चुत तो पहले ही तैयार थी बस कहने की देर थी मम्मी ने खान के ऊपर बैठे बैठै सलवार कुर्ता निकालकर फेक दिया।

ओर अपने हाथो से खान का कच्छा उतार दिया ओर फिर अपने हाथो से खान के लंड को पकडकर हिलाने लगी खान ने मम्मी को अपने उपर खीच लिया ओर मम्मी को ऊंचा करके लंड को चुत पर सेट करके धीरे धीरे बैठने को कहा, मम्मी ने इसबार बिना गलती कीये धीरे धीरे दो बार मै पूरा लंड चुत मै ले लिया मम्मी को दर्द तो हो रहा था।

मगर दर्द से ज्यादा मजा भी आ रहा था खान ने फिर मम्मी को लंड पर उपर नीचे होने को कहा तो मम्मी धीरे धीरे ऊपर नीचे होकर लंड को चुत मै लेने लगी मगर मम्मी को मजा नही आ रहा था खान खिलाडी था।

उसे पता लग गया ओर उसने तुरंत मम्मी को चारपाई पर लेटाकर खुद ऊपर चढ गया फिर उसने मम्मी की चुत को दस मिनट जोरदार तरीके से ठोका इस दौरान मम्मी की चुत ने दो बार रस निकाल दिया था। खान ने अपना वीर्य मम्मी की चुत मै डाल दिया ओर मम्मी की चुत की खुजली मिटा दी अब मम्मी ओर खान कपडे पहनकर एक दुसरे से लिपटकर सो गये थे।

सुबह जल्दी उठकर खान गांव चला गया ओर मम्मी अपने काम मै लग गयी मगर अब मम्मी को रात मै लंड के बिना नींद नही आती खान ने कुछ दिनो मै ही मम्मी की चुत का भोसडा बना दिया ओर गांड ओर मम्मो का साइज बढा दिया था। खान हफ्ते मै दो तीन बार मम्मी की चुत को बजा ही देता था,

“ओर ये बात खान के साथ गाडी पर रहने खलासी सुभाष कडेक्टर को पता लग गयी।”

ओर उसने मोका देखकर मम्मी को चोद डाला हालाकि मम्मी उससे चुदवाना नही चाहती थी मगर मजबूरी मै एक बार उसको चुत देनी पडी खान ने मेरे नानाजी को शिकायत करके उसे नोकरी से निकलवा दिया। मेरी मम्मी की चाहत खान ही था खान मेरी मम्मी को अपने भाई की शादी मै अपने गांव ले गया तीन दिन वहा मम्मी की सलवार खुली ही रही खान ने अपनी बहु की सामने ही मम्मी को कमरे मै चोदने लगा।

तो मम्मी कहने लगी – चाचा चाची जी है, वो क्या कहेगी??

तब खान ने कहा – इसे सब पता है ये मेरे मामा की लडकी है आज तो तुम आयी हो यहा खुलकर रहो तीन दिन यादगार हो जाएगे।

फिर रात को खान ने अपने कमरे मै मम्मी की जोरदार चुदाई करी अगले दिन मम्मी के रहने की व्यवस्था खान के चाचा के घर हुई वो भी खान की उम्र का नौजवान था। जब दिन मै मम्मी ऊपर कमरे मै सो रही थी तो खान आ गया ओर मम्मी को कीस करने लगा खान के चाचा ने ये देख लिया ओर बाहर से ही आवाज लगाई ताकी खान ओर मम्मी को पता ना लगे।

खान के जाते ही खान के चाचा मम्मी के कमरे मै पहुच गये ओर पूछने लगे – तुम्हारा नाम क्या है?

मम्मी ने कहा – मेरा नाम संतोष है!

तो खान के चाचा ने अपना नाम जावेद बताते हुए कहा संतोष तुम बहुत सुंदर हो अगर तुम पिछले साल आ जाती तो मै तुम्हे भागाकर ले जाता, तुम कहो तो आज भी मै तुम्हे भगा ले जाऊ। मम्मी तारीफ सुनकर खुश होने ओर कहने – ऐसा भी क्या है मुझमे!?!

इतना कहते ही जावेद ने कहा – बता दिया तो गुस्सा करोगी ओर तो कुछ नही

मम्मी ने कहा – गुस्सा नही करूगी बता दो चाचाजी

जावेद ने कहा – दिल तोड दिया ना चाचा कहकर

तो मम्मी ने कहा – चाचा ना कहूं तो क्या कहूं, जावेद कहो ना उम्र भर के लिए ना सही तीन दिन के लिए ही पती बना लो ओर हंसने लगा

मम्मी भी उसकी बातो मै उलझ गयी थी जावेद ने मोका देखकर मम्मी का हाथ पकड लिया ओर चुमते हुए कहा – अब तो मर भी जाऊ तो गम नही ये सुनकर,

मम्मी ने कहा – जावेद मरना नही है

जावेद ने कहा – तो संतोष जिये तो कीसलिए तुमको देखकर जीने का मन तो है मगर तुम्हारे बिना नही मम्मी उसकी बातो मै आ गयी थी। जावेद ने मोका देखकर मम्मी के गालो को किस कर लिया मम्मी की खामोशी से ऊसे चुदाई की परमिशन मिल गयी।

फिर जावेद ने बिना देरी कीये मम्मी के होठो को चुसना शुरू कर दिया इधर मम्मी की चुत की गर्मी तो आपको पता ही है जावेद पक्का खिलाडी था। उसने समय खराब नही कीया ओर सीधा सलवार खोलकर अपना लंड चुत मै पेल दिया मगर उसका लंड खान से छोटा था जावेद ने दस मिनट चोदकर मम्मी की चुत मै वीर्य डाल दिया। मम्मी की चुत इस चुदाई से ओर भडक गयी क्योकी मम्मी को खान पूरे मजे लेकर चोदता है खैर मम्मी ने खान को ये बात बता दी जिसके बाद खान ने मम्मी को अपने घर पर ही रखा।

दरअसल मम्मी को वहा खान के एक मामा जो दिल्ली रहते थे वो पसंद आ गये थे इसलिए मम्मी घर पर आ गयी थी खान के मामा उनका नाम रोशन उम्र 35 साल की होगी तब मम्मी ओर रोशन मै आंखो के इशारे हो रहै थे, बात नही हो रही थी दोनो एक दूसरे को देखकर मुस्कराने लगे थे।

रात को खान के घर पर बकरा आ गया दावत के लिए ओर ये देखकर मम्मी डर गयी जब उसको हलाल कीया तो खान के मामा रोशन ने मोका का फायदा उठाकर खान से कहा भांजे मै इसी अपने गांव ले जाऊ वेसे भी यहा जगह नही है।

मै भी आराम करके आ जाऊगा कल शाम तक खान ने मम्मी से पूछा तो मम्मी डरी हुई ही थी तो जल्दी से हा कर दी जब तक मम्मी को पता नही था दिल्ली वाले रोशन मामा का गांव यही है खैर दो कोस मतलब 6 किलोमीटर चलकर मम्मी रोशन के घर पहुची तो वहा ताला लगा था,

मम्मी ने कहा – रोशन अब क्या होगा

रोशन ने – चाबी तो हमारे पास ही है डरो मत घर जाकर

मम्मी पिछे पेशाब करके आई रोशन दिवार के ऊपर से मम्मी को देख रहा था मम्मी को पता चला तो उन्होने भी लापरवाह होकर अपनी गांड के दर्शन करवा दिया। रोशन गोरी गांड देखकर पगला गया था उसका लंड उसकी पेट भाडने को तैयार हो गया था खैर,

मम्मी ने आकर कहा – शाम हो गयी है सर्दी लगने लगी है मुझे जल्दी से खाना बना लेती हू फिर सो जाएगे

रोशन ने कहा – खाना मै बनाकर खिलाऊगा आज

मम्मी ने कहा – आपको आता है तो

रोशन ने कहा – याद रखोगी तुम हाथ मुह धो लो फिर मै कपडे बदलकर खाना बना दूंगा मम्मी हाथ मुह धोकर आगन मै आकर चुल्हा जला दिया इतने मै रोशन पजामा टीशर्ट पहनकर आ गया तो

मम्मी ने कहा – मामा जी मे आटा लगा देती हू आप सब्जी बना लो मम्मी ने आकर कहा – शाम हो गयी है सर्दी लगने लगी है मुझे जल्दी से खाना बना लेती हू फिर सो जाएगे

रोशन ने कहा – खाना मै बनाकर खिलाऊगा आज

मम्मी ने कहा – आपको आता है तो

रोशन ने कहा – याद रखोगी तुम हाथ मुह धो लो फिर मै कपडे बदलकर खाना बना दूंगा मम्मी हाथ मुह धोकर आगन मै आकर चुल्हा जला दिया इतने मै रोशन पजामा टीशर्ट पहनकर आ गया तो

मम्मी ने कहा – मामा जी मे आटा लगा देती हू आप सब्जी बना लो
 

Alex 900

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कहा – ठीक है मम्मी जब आटा लगा रही तो उनके बोबो को देखकर रोशन का लंड पजामा फाड़कर बाहर आने को तैयार हो गया था इसी बीच रोशन के विशाल लंड को देखकर मम्मी की चुत मै खुजली होने लगी मगर मम्मी चुप रही,
मम्मी ने आटा लगाकर कहा – मामाजी कितनी देर ओर लगेगी?! आपको मै तो तैयार हू

तो रोशन ने कहा – संतोष मै भी कल से तैयार हू बस संतोष ने कहा बस क्या मामाजी कहो ना रोशन तुम मुझे मामाजी मत कहो रोशन कहो फिर बात करेगे।
ऐसे बात करते करते रोशन ओर मम्मी ने खाना बनाकर खा लिया रोशन ओर मम्मी एक कमरे मे अलग अलग चारपाई पर लेटकर बात करने लगे इधर मम्मी की चुत मै खुजली जोर से चल रही थी। मगर क्या करे वो उधर मामाजी दूर थे वो केसै शुरू करे सोच रहै थे तभी रोशन ने कहा संतोष तुम्हे डर नही लगता है तो मै दूसरे कमरे मै सो जाऊ तुम यहा आराम से सो जाओ अकेली।

तभी मम्मी ने कहा मामाजी आप अपनी चारपाई मेरी चारपाई के पास लगाकर सोओ मुझे रात मै बहुत डर लगता है ये सुनकर रोशन ने तुरत अपनी चारपाई मेरी मम्मी की चारपाई से चिपा दी हंसते हुए कहने लगा – संतोष अब भी डर लग रहा है

तो मेरी चारपाई पर आ जाओ मेरी रजाई ओर चारपाई बहुत बडी है,

इतना सुनते ही मम्मी बिना मोका गवाया रोशन की चारपाई पर पलट गयी ओर रजाई खोलकर रोशन के साथ घुस गयी रोशन ने मम्मी को पास चिपका लिया,
ओर कहा – रजाई को चारो तरफ से दबा लो ताकी सर्दी कम लगे

ओर कहकर वो मम्मी के साथ चिपक गया रोशन 35 साल का 6 फुट का स्मार्ट लोडा था क्लीन शेव लंबे बाल गोरा रंग मम्मी के चिपकते ही रोशन के लंड ने हरकत शुरू कर दी। रोशन ने धीरे से अपने पजामे को नीचे सरका दिया जिससे लंड बाहर निकल जाए रोशन ने कपडे बदलते वक्त ही कच्छा उतारकर फैक दिया था।

पजामा नीचे करते ही लंड को सीधा करके उपर कर दिया ओर एक हाथ मम्मी की कमर पर डालकर सहलाने लगा मम्मी की गर्म आहे निकलने लगे, रोशन मम्मी की ऐसी ही चुदाई करने वाला था , फिर रोशन ने धीरे से अपने होठो को मम्मी के होठो से सटा दिया होठो के लगते ही दोनो पागलो की तरह एक दूसरे के होठो को चुसने लगे।

मम्मी ने शाम को जब रोशन को गांड दिखाई थी तब ही रोशन से चुदने की ठान ली थी ओर कपडे बदलते समय मम्मी ने अपनी चडी चोली खोल दी थी रोशन ने जैसे ही सुट मै हाथ डालकर बोबो को छुआ,

तो कहने लगा – तुम भी तैयारी कर के आई हो

तब मम्मी ने कुछ – नही कहा ओर अहै भरनी लगी

रोशन ने कुर्ता ओर सलवार उतारकर मम्मी को नंगा कर दिया रोशन शहर से आया था वो शहरो की तरह मम्मी के अंगो को चाट रहा रोशन ने जैसे ही मम्मी की चुत पर मुह रखा, तो मम्मी ने मना कर दिया रोशन भी मान गया रोशन ने चुत का जायजा लेने दो उंगली चुत मै डाली, तो उंगली बिना कीसी रूकावट के चुत मै घुस गयी।

तो रोशन ने पूछा – कितने लंड खा लिये है मेरी संतोष ने

तो मम्मी ने कहा – आपके भांजे मोहम्मद खान ओर उसके चाचा जावेद के बाद तीसरा है दो दिन मै उससे पहले चार लंड खाए है बस

रोशन कहने लगा – कितने लंड खाओगी जान नाम संतोष है मगर संतोष है ही नही,

तो मम्मी हंसने लगी – अभी तो शुरुआत हुई है सो तो खाऊगी पक्का

इसबीच उंगली करने से मम्मी की चुत ने कामरस छोड दिया था रोशन उंगली पर लगा कामरस चुस गया ओर बगल मै लेटकर मम्मी के बोबो को सहलाने लगामम्मी रोशन ने एक हाथ पकडकर मम्मी को अपना लंड पकडवा दिया मम्मी ने जैसे ही रोशन का लंड पकडा वैसै ही मम्मी को झटका लगा।

रोशन का लंड था तो वही 6 से 7 इंच का मगर मोटाई मुसल जैसी थी मगर मम्मी खुश हो गयी ये सोचकर चलो इसकी खुजली तो मिटेगी लंड को हिलाते हिलाते मम्मी की सांसे गर्म हो गयी ओर लंड को जोर से दबाने लगी। रोशन समझ गया चुत गर्म हो चुकी है दुबारा रोशन मम्मी के ऊपर आ गया ओर लंड चुत पर सेट करके लंड को चुत मै पेलने लग गया मम्मी टोपा अंदर जाते ही छटपटाने लगी।

रोशन ने दूसरे झटके मै लंड आधे से ज्यादा अंदर चला गया मम्मी दर्द से चिल्लाह उठी मगर वो आवाज कोई नही सुनने वाला था रोशन ने तीसरे झटके मे लंड पूरा घुसा दिया चुत मै, मम्मी के आंखो मै आज दुबारा आंसू आ गये। रोशन ने मम्मी के होठो को चुसना चालू कर दिया ओर बोबो को दबाने लगा कुछ देर मै मम्मी ठीक हुई।

तो रोशन ने फिर से लंड बाहर निकालकर एक झटके मै पूरा चुत मै डालकर मम्मी की चीख निकाल दी रोशन बेरहमी से मम्मी की चुदाई करने लगा ओर मम्मी को भी इस चुदाई मजा आने लगा मम्मी अब रोशन को सामने झटके देने लगी गांड उठाकर दस मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मम्मी ने दूसरी बार पानी छोड दिया।

मम्मी का शरीर शांत हो गया मगर रोशन का अभी हुआ नही था ओर रोशन एक बार मम्मी के पास लेट कर मम्मी के बोबो को सहलाने लगा कान को खाने लगा गर्दन पर कीस करने लगा पांच मिनट की कोशिश मे मम्मी फिर गर्म हो गयी। ओर रोशन को ऊपर ले लिया इस बार दस मिनट की चुदाई के बाद दोनो ने कामरस एकसाथ छोड दिया मम्मी ओर रोशन यूही नंगे एक दूसरे से लिपटकर सो गये।।
 

Alex 900

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अब तक आपने पढा दिल्ली के जवान रोशन ने पूरी रात मम्मी की चूत का भर्ता बनाया सुबह उठकर रोशन ने मम्मी को चाय बनाकर जगाया तो मम्मी ने गले लगकर रोशन को प्यार से चुम लिया रोशन ने भी जवाब मै मम्मी को चुम लिया।

चाय खत्म करके मम्मी रोशन के घर के पिछे खेत मै हगने चली गयी ओर तब तक रोशन नहाकर तैयार हो गया था मम्मी के लोटते ही रोशन ने मम्मी को नहाकर तैयार होने का कहा तो मम्मी ने मना कर दिया मम्मी अभी ओर चुदना चाहती थी मगर रोशन को पता था।

हम गये नही तो कोई घर पर आ जाएगा इसलिए रोशन मम्मी को छोड़कर शादी मै चला गया वहा उसने भांजे खान को कहा संतोष नही आयी वो घरपर ही रह गयी तो खान ने कहा मामा लगता है आपने चुदाई मुझझे भी बढिया कर दी है रंडी की, ओर फिर दोनो हंसने लगे रोशन ने भांजे को समझाकर दोपहर मै ही घर आ गया।

ओर इधर मेरी माँ की चुत भी कुलबुला रही थी रोशन के बारे मै सोचकर रोशन के आते ही दोनो हवशी कपडे खोलकर चुदाई करने मै लग गये। मम्मी कीसी रंडी की तरह 8 इंच का लंड बडे आराम से घपाघप अपनी चुत मै ले रही थी ओर रोशन भी जवानी के रस को अच्छी तरह निचोड रहा था।

रोशन ने मम्मी को अब चारपाई पर उल्टा कर के लेटाया ओर गांड उपर निकालने को कहा ओर उसके बाद रोशन ने एक झटके मे 8 इंची लंड मम्मी की चुत मै घुसा दिया लंड सीधा मम्मी की बच्चेदानी से टकरा रहा था। ओर मम्मी अपने दोनो हाथ से चद्दर को दबाकर अपनी हवश को बुझा रही थी सर्दी के दिनो मे भी दोनो को पसीने आ रहै थे। मम्मी की चुत ने दो बार कामरस निकाल दिया था।

मगर रोशन का लंड अभी भी मम्मी की चुत का भोसडा बनाने पर तुला था मम्मी भी गांड उछाल उछालकर लंड खा रही थी मगर रोशन अभी छूटने को तैयार नही था रोशन ने फिर अभी तो अपने उपर आने को कहा तो मम्मी जल्दी से उपर आकर रोशन का लंड लेकर उसपर कूदने लगी।

मगर रोशन आज रात वाला बकरा खाकर आया था तो रोशन जोरदार चुदाई करता था करीब आधा घंटे की चुदाई के बाद रोशन ने मम्मी की चुत मे अपना वीर्य डालकर मम्मी की चुत को शांत कर दिया चुत मै रस जाते ही मम्मी निढाल होकर।

रोशन के उपर लेट गयी ओर रोशन को चुमने लगी ओर दोनो चारपाई पर सो गये शाम को मम्मी ने खाना बनाया ओर दोनो जने खाना खाकर समय से कमरे मै चले गये मम्मी ने रोशन से कहा आज की रात मेरी ऐसी चुदाई करना जिसे उम्र भर याद रख सकू ये सुनकर रोशन ने अपनी ताबीज मै से अफीम निकालकर उसे खाने लगा।

तो मम्मी ने पूछा – ये क्या है?!

तो रोशन ने कहा – ये रात उम्र भर याद रहेगी वो चीज है,

रोशन ने दूध के साथ अफीम खा लिया ओर कुछ देर बाद वो मम्मी के पेरो मै बैठकर मम्मी की उंगलिया चाटने लगा मम्मी को पहले गुदगुदी होने लगी।

फिर मम्मी की वासना भडकने लगी रोशन आज मम्मी के अंगो को बडे प्यार से चुम रहा था अभी वो फिर उसने मम्मी की पेटी ओर ब्रा भी खोल दी नाभी को चुमने के बाद उसने अपनी जीभ से मम्मी की चुत के ऊपर कीस किया।

तो मम्मी ने चुत पर हाथ लगा लिया मगर रोशन जैसे मर्द के आगे हाथ कब तक टिकते रोशन ने मम्मी की दोनो टांगे को चोडी कर के अपना मुह मम्मी की चुत पर रख कर एक किस कीया ओर अपनी दो उंगलियो को चुत मै घुसा दिया ओर जोर जोर से चुत मै उंगली करने लगा।

“मम्मी की चुत ये हमला सह नही पाई”

ओर चुत ने पानी छोड दिया रोशन ने तुरत ही अपना लंड चुत पर टिका दिया ओर एक ही झटके मै मम्मी की गीली चुत मै पूरा लंड घुसैड दिया मम्मी ने एक आह के साथ पूरा लंड निगल लिया। ओर फिर चुत ओर लंड की घमासान चुदाई का खेल शुरू हो गया था।

मम्मी गांड उठाकर पूरा लंड ले रही थी तो रोशन भी जोरदार झटके मारकर मम्मी की चुत का भोसडा बनाने मे लगा था,

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मम्मी ने दूसरी बार रस बाहर निकाल दिया था मगर रोशन तो अभी आसपास ही नही था झडने के।

रोशन ने मम्मी को चारपाई पर उल्टा होने को कहा तो मम्मी जल्दी से गांड उठाकर पोजिशन मै आ गयी ये देखकर,

रोशन ने कहा – संतोष तुम मेरे साथ चलो दिल्ली तुम्हे रानी बनाकर रखूगा तब,

मम्मी ने हंसते हुए कहा – मामाजी रानी का पता नही रंडी जरूर बन जाऊगी दिल्ली गयी तो!!!

“ओर हंसने लगी!!!!”

रोशन के कहा – रंडी बनाना है तो मेरी बन जाओ!!

तो मम्मी ने कहा – मामाजी काश ये हो पाता

इस बीच रोशन ने चुत पर लंड सेट करके मम्मी की चुदाई फिर से शुरू कर दी मम्मी भी गांड पिछेकर लंड को चुत मे ले रही थी। दूसरे राऊड मे मम्मी ने 20 मिनट मे पानी छोड दिया मगर रोशन अभी भी लगा हुआ था

इसबार रोशन ने मम्मी को चारपाई के पास खडा किया। ओर कमर को चारपाई पर कर के पीछे से मम्मी की चुत मे लंड ठोक दिया।

ओर कमरे मे फचाफच की आवाजे गुजने लगी रोशन अब पूरी ताकत से लंड को चुत मै ठोक रहा था ओर मम्मी इस चुदाई से थकने लगी थी आधे घंटे की चुदाई के बाद रोशन ने मम्मी की चुत मै अपना माल गिरा दिया। ओर दोनो लिपटकर सो गये सुबह जाने से पहले मम्मी ने रोशन से एकबार ओर सैक्स कर के अपनी चुत की खुजली को ठंडा करके दोनो शादी मे चले गये।

शाम को लडका दुल्हन लेकर आ गया ओर इस तरह अगले दिन मम्मी अब्दुल्लाह खान के साथ अपने घर को लोट गयी घर पहुंचते ही खान ओर मम्मी को जोर का झटका लगा मेरी मम्मी की सगाई करने आ रहे थे अगले दिन ओर फिर एक महीने मै ही मेरी मम्मी की शादी पापा के साथ हो गयी
 

Alex 900

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अब तक आपने पढा शादी से लोटते ही मम्मी की खुशी गुम हो गयी ओर सगाई के बाद महीने मै मम्मी की शादी हो गयी 19 साल की उम्र मै मम्मी की शादी हो गयी। नानाजी ने मम्मी की शादी मै दहेज मै रेडियो टीवी साइकल गाय बकरी बर्तन फर्नीचर के साथ 30 भरी सोना ओर 1 किलो चांदी भी दी थी।

मेरे पापा का परिवार बहुत गरीब था हमारा परिवार काफी बडा परिवार है 6 भाई ओर 4 बहनो मै पापा तीसरे नंबर के थे दादाजी के 6 भाई ओर तीन बहने थी ओर उन सभी के इसी तरह बच्चे है 8 से 10 तक पापा पढे लिखे ओर 6 फुट के जवान थे।

सुहागरात के समय मम्मी ने चुदाई के समय रोने का नाटक कर के पापा को कुछ पता नही चलने दिया पापा का लंड भी 6 इंच का था मम्मी उससे संतुष्ट तो हो जाती थी। मगर आज भी उसे खान की याद आती थी चार महीने के बाद पहला सावन आया था तो मम्मी अपने पिहर जाने की तैयारी कर रही थी।


ओर उसी दौरान मम्मी का पाव भारी हो गया मम्मी बडी खुश थी वो माँ बनने वाली थी ओर फिर मम्मी पिहर चली गयी सावन के लगने से एक दिन पहले ओर खान चाचा बडी बेसब्री से मम्मी का इंतजार कर रहे थे, मम्मी के जाते ही सब मिलकर मम्मी से बडे खुश हुए ओर मम्मी का पेट भी अब बाहर निकल आया था।

रात होते ही हमेशा की तरह खान मम्मी का इंतजार करने लगा मगर मम्मी देर रात तक नही गयी तो खान पेशाब करने के बहाने बाहर निकला मम्मी को देखने गर्मीयो के दिन थे सभी बाहर सो रहै थे। तो मम्मी चाहकर भी नही आ पाई ओर खान चुपचाप जाकर लेट गया अगले दिन सुबह नानीजी खेत चले ओर बाकी मम्मी के भाई बहन स्कूल चले गये।

उनके जाने के बाद आज पहली बार खान साहब ने दिन मै ही दो बार मम्मी की चुदाई करी मम्मी ने सोचा था वो अब ऐसा नही करेगी मगर लंड की हवस ऐसा करने से उन्हे रोक नही पाई, ओर वो एकबार फिर से खान से अपनी चुत मरवा बैठी।

सावन के पूरे महीने मै मम्मी ने जमकर चुदाई करवाई ओर सावन खत्म होते ही मम्मी ससुराल लोट आई, नवंबर मै मम्मी ने मेरी बडे भाई को जन्म दिया ओर वो भाई महीने भर बाद चल बसा, उसके बाद मेरी बडी बहन का जन्म हुआ इस तरह ससुराल मै तीन साल निकल गये ओर मेरे पापा ने अपने शहर मै एक साबुन फैक्ट्री डाल दी।

जिसके लिए मेरे नानाजी ने तीस हजार रूपये दिये थे ओर कुछ पैसे लोन ओर गहने बेचकर जमा कीये मगर दो साल बाद उस फैक्ट्री मै घाटा लग गया ओर उस कारण पापा ने अब सेक्स करना छोड दिया था। मगर मम्मी की चुत को रोज लंड चाहिए था इतना बडा परिवार होने के कारण वहा मम्मी कुछ नही कर सकती थी। सिवाए मस्तराम स्टोरी पढ़ने के और सवयं को संतुस्ती देने के, जो मम्मी करना नहीं चाहती थी। तो उन्होने नानाजी से बीस हजार रूपये ओर लिये ओर पापा को लेकर दूसरे शहर मै चली गयी।

वहा पापा ने कपडे की दुकान कर ली बाजार मै ओर बाजार से बाहर घर ले लिया किराये पर मम्मी ने यहा आकर चैन की सास ली ओर अपनी चुत की खुजली मिटाने के लिए अपने आसपास के घरो मै देखा, हमारे पडोस मै एक रूपराम जाट नाम के पडोसी थे। बस उनकी मनिहारी की दुकान थी, रूपराम अभी कुंवारा था ओर हष्ट-पुष्ट शरीर का मालिक था।

रूपराम का परिवार 10 किलोमीटर दूर खेत मै ही रहता था मगर साधन नही होने के कारण रूपराम महीने मै घर जाता था एकबार मम्मी ने रूपराम से दुकान से कुछ समान मंगवाया तो रूपराम समान लेकर आ गया शाम को मगर रूपराम शाम को घर पर नही आया समान देने अगले दिन जब पापा चले गये। तो रूपराम घर आया समान देने मम्मी ने रूपराम से मेलजोल बढाने के लिए चाय पीने को कहा।

तो रूपराम भी तैयार हो गया ओर बातचीत लग गये दोनो चाय पीकर रूपराम जाने लगा तो,

मम्मी ने कहा – पैसे ले जाओ

रूपराम जी तो उसने कहा – क्या भाभी जी क्या करेगे इतने पैसो का

तो मम्मी ने – मुझे समान ओर भी लेना है.. कितना समान दे दोगे फ्री में??

तब रूपराम ने कहा – समान के साथ जान भी ले लो भाभी जी

“इस तरह वो हंसने लगे”

तो मम्मी ने कहा – रूको मै लिस्ट ला देती हू

फिर मम्मी ने समान की लिस्ट पकडा दी रूपराम शाम को समान ले आया,

मगर आज की तरह वो अगले दिन ही घर आया पापा के जाने के बाद मम्मी ने रूपराम के हाथ मै थैला देखा,
तो कहा – इतना क्या समान ले आए,

तो कहा – आप ही देख लो

मम्मी ने थैला देखा तो उसमे 6-6 पीस ब्रा पेटी के थे

मम्मी ने कहा – मुझे सिर्फ दो जोडी चाहिए

तो रूपराम ने कहा – आपने रंग नही लिखा तो तीन रंग के आया हू, पहन के देख लो, जो पसंद आए वो रख लेना, मै बाहर बैठा हू!
मम्मी अंदर जाकर ब्रा पहनने लग गयी ओर पहनते हुए रूपराम को आवाज लगाकर कहा – रूपराम ये साइज कोनसा है… आ ही नही रहा है!!!

रूपराम ने कहा – अंदर आकर देखू क्या?!!

मम्मी ने कहा – आ जाओ मम्मी से तबतक ब्रा बंद हुई नही थी

तो रूपराम से कहा – देखो बंद ही नही हो रही है, तुम बंद करो जरा इसे…

रूपराम ने ब्रा खींचकर बंद कर दी ओर कहा – ये तो 40 साइज है आपने 38 मांगी थी तो कैसै आएगी

ये सुनकर मम्मी ने कहा – तुमको कैसै पता 40 है

तो रूपराम ने कहा – मेरा काम ही यही है भाभीजी इतनी टाइट पहनोगी तो छाती दर्द करने लग जाएगी

तो मम्मी ने कहा – कल काले रंग की 2 40 नबर की ब्रा ला देना ओर दो पेटी रख ली

रूपराम ने पूछा – भाभी पेटी तो पूरी आयी है ना

मम्मी ने कहा – वो पूरी आ गयी है

तो रूपराम ने कहा – मुझे लग रहा है वो भी छोटी है

मम्मी ने – लास्टिक ढीला होने के बाद अपने आप निकलने लग जाती है इसलिए छोटी मंगवाई है

तो रूपराम ने कहा – मै बढिया लाकर दे दूंगा आप चिता मत करो
 

Premkumar65

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एक सेक्सी खूबसूरत लड़की की 18 से 57 तक की चुदाई दास्तान है। ड्राइवर से, ससुर से, दोस्त से, शोहर से, अपने बेटे से, ऐसा कोई नहीं था जिसने इस लड़की का फयदा ना उठाया हो। एक लड़की बेटी से बहु, और बहु से माँ, पहली सील टूटने से लेकर अम्मी बनने तक की Xforum की असली दास्तान। ये माँ की Xforum बहुत ही जबरदस्त और गजब की कहानी है, आप लोगो आज तक ऐसी कहानी नहीं पढ़ी होगी, तो कहानी को पूरा पढ़ना

दोस्तो मै काफी सालो से अन्तरवासना पर कहानी पढ रहा हूँ मगर लिख नही सका अब मेने अपनी कुछ आपबीती लिखने की कोशिश कर रहा हू उम्मीद है आपको पसंद आए।
ये मेरी मम्मी की आत्मकथा है जिनकी उम्र आज 57 साल है ओर उनके शरीर का साइज 38 के बूब्स ओर उनकी गांड 95 की भरी हुई है उनकी लबाई 5.6 है रंग बिलकुल गोरा है आज भी मम्मी सेक्स मै लाजवाब है।

मेरी मम्मी अपने परिवार मे भाई बहनो मे सबसे बडी थी मेरे नानाजी एक ट्रको का बिजनेस था अक्सर वो बाहर रहते थे नानाजी खेती का काम करती थी ओर मेरी मम्मी जो अपने भाई बहनो का काम ओर घर के कामकाज के लिए घर पर रहती थी घर पर ट्रको के ड्राइवर आते जाते रहते थे।
उनमे से एक मोहम्मद खान साहब मेने उन्हे देखा नही मगर जब भी खान साहब की बात आती है तो मम्मी की आंखो मे आज भी चमक आ जाती है मम्मी जब 18 साल की थी तब मम्मी की पहली चुदाई खान साहब ने की उस दिन सुबह से बारिश हो रही थी।

ओर खान साहब को नानीजी ने वही रूकने को ओर नानाजी बाहर थे गांव मै खाना समय से हो जाता है तो मम्मी ने अपने सभी भाई बहन को सुलाकर नानीजी को दूध दे दिया ओर नानीजी ने उन्हे खान साहब के कमरे मै दूध देने भेज दिया।
मम्मी दूध लेकर कमरे मै गयी ओर उनको दूध लेकर कमरे मे गयी ओर मोमबत्ती के उजाले मै दूध दिया, तो खान साहब ने पूछा – बच्चे कहा है,

तो मम्मी ने कहा – बच्चे सो गये है,

तो कहने लगे – आज कहानी नही सुननी तो, मम्मी ने कहा – आती हू

ओर नानीजी ने कहा – सुनकर कमरे मे आकर सो जाना मे सो रही सुबह जल्दी उठकर खेत जाना है, तुम सुबह रोटी बनाकर खेत आ जाना मेरी रोटी लेकर।

फिर मम्मी खान साहब के पास जाकर कहानी सुनने लगती है तो खान साहब ने मम्मी को कहा – आ जाओ मेरी चारपाई पर आकर सुनलो, ओर मोमबत्ती को बुझा दो…

मम्मी खान साहब के पास जाकर लेट गयी कहानी सुनने खान साहब की उम्र 25 साल की थी ओर मम्मी 19 की, जवान गांव की लडकीयो का शरीर शहर की लडकीयो की तुलना मे ज्यादा मजबूत ओर विकसित होता है। खान साहब sex story सुनाते सुनाते मम्मी के बोब्स दबाते हुए मजाक करने लगे।
ओर मेरी मम्मी ने कहा – ये क्या कर रहै??!!

तो चाचाजी ने कहा – देख रहा तेरी चाची से बडे है या छोटे!

तो मम्मी ने पूछा – बताओ बडे है या छोटे!!

तो कहा – खोलने पर ही पता लगेगा, दबाने से पता नही लगा, तो छोटे छोटे ही लग रहै है,

तो मम्मी ने कहा – सुबह देख लेना, अब मै जा रही हू सोने…

तो खान साहब ने कहा – यही सो जाओ,

तो मम्मी वही सो गयी सोने के बाद जब खान साहब ने बूब्स दबाए, तो मम्मी गर्म हो गयी ओर पहली बार मम्मी का कामरस उनकी कुवारी चुत से बाहर निकला।

तो मम्मी ने कहा – चाचा छोडो मुझे… सुसु निकल गयी है…

तब चाचा ने कहा – वो सुसु नही दूध है तेरा…

तो मम्मी – दूध तो बोबो से निकलता है?!! मुझे सब पता है नीचे से तो मुत ही आता है!!!

तो चाचा ने कहा – कल दिन मै तेरा दूध नीचे से निकालकर दिखाऊगा…

फिर दोनो जने सो गये ओर खान साहब सुबह उठकर नहाकर मम्मी का इंतजार करने लगे मम्मी ने सभी भाई बहनो को तैयार करके स्कुल भेजा ओर खुद नहाकर रोटी लेकर खेत चली गयी। रोटी देते ही वो खेत से लौटकर घर पहुची तो खान साहब ने पकड लिया।

बोले – दूध निकालू क्या नीचे से?/!!

तो मम्मी ने कहा – चाचाजी मजाक मत करो! ऐसा नही होता…

तो खान साहब ने कहा – ऐसा तभी होगा मै जैसे कहूगा वेसै वेसै करोगी तो, वर्ना नही होगा, ओर ये कीसी को बताना भी मत… अब बोलो… दूध निकालकर दिखाऊ के नही?!!

मम्मी खान साहब की बातो से फिर से गर्म हो चुकी थी तो उन्होने भी, हा कर दी उस समय मम्मी के बोबो को साइज 34 था ओर कद 5.6 इच हो चुका था गांड भी पूरी भरी हुई थी।

जैसे ही मेरी माँ ने खान साहब को हा भरी वैसे ही खान साहब ने मेरी मम्मी को पकडकर अपने गोद मै बिठा लिया ओर उनके बुब्स दबाने लगे, बोबो को दबाते ही मम्मी गर्म होने लगी। फिर खान साहब ने धीरे से मम्मी का कुर्ता उतार दिया ओर उनके जिस्म पर चुम्मो की बोछार कर दी खान साहब ने बोबो को उतनी जोर से दबाया की मम्मी की चीख निकल गयी।

ओर मम्मी ने कहा – मुझे नही निकलवाना दूध…

मम्मी के मना करते ही खान साहब ने कहा – तेरे से तो तेरी चाची अच्छी ओर मजबूत है

ये सुनकर मम्मी ने कहा – मेरे से ज्यादा नही होगी,

तो खान साहब ने मम्मी के दोनो बोबो को ओर जोर से दबाया तो मम्मी सारा दर्द चुपचाप सह गयी फिर मम्मी की ब्रा खोलकर उसने बोबो को जोर जोर से चुसना शुरू कर दिया जिससे मम्मी की आहै! निकलने लगी। ओर शरीर अकडने लग गया तो खान साहब ने जल्दी से मम्मी की सलवार खोलकर उन्हे नंगा कर दिया।

मम्मी की चुत पर झाटो का बाग देखकर कहा – मेरा तो सारा मूड ही खराब कर दिया!

मम्मी ने पूछा – क्या हुआ?!!

तो कहा – ये क्या है, दूध तो इन बालो मै ही रह जाएगा!!

तो मम्मी ने कहा – मै दिन मै साफ कर लूंगी ओर रात को ही दूध निकालना..

तो खान साहब ने कहा – रात को लाईट ना रही तो तुम्हे दूध दिखेगा केसै?!!

तो मम्मी ने कहा – रात को लाईट तभी जाती है जब बारिश आंधी आती है, मै मा से कहानी का बहाना सुनकर आ जाऊगी, ओर बाल भी साफ करके आऊगी, फिर आप दूध निकालना!

“मम्मी को तब तक नही पता था की उसकी चुत फटने वाली है, ओर ये सभी ड्राइवर मिलकर उसकी चुत का भोसडा बनाने वाले है”

ओर फिर खान साहब दिन मै बाजार चले गये ओर चुदाई से अनजान मेरी मम्मी अपनी झांटो की सफाई कर के चुदने की तैयारी करने लगी शाम को मम्मी ने आज जल्दी खाना बना लिया ओर सभी भाई बहन को डराकर सुलाने के बाद नानीजी को खाना खिलाकर खान साहब को चुरमा बनाकर खिलाया।

फिर रात होते ही नानीजी को दूध देकर कहानी सुनने का बहाना बनाकर खान साहब के पास पहुंच गयी ओर बिना बुलाए ही खान साहब की चारपाई पर लेट गयी ओर कहने लगी – सुबह की तरह बोबो को जोर से मत दबाना अभी भी दर्द हो रहा है…

मगर मन ही मन मम्मी बहुत खुश थी क्योकी जवानी मै ये सब होता ही है मगर ये खुशी थोडी देर की ही थी क्योकी उनकी खुशी अब दर्द मै बदलने वाली थी ओर इधर खान साहब ने मम्मी की मोटी मोटी गांड को सहलाने लगे। जिससे मम्मी फिर से गर्म होने लगी थी खान साहब शादीशुदा ओर जवान थे साथ मै अनुभव भी था काफी।

फिर उन्होने मम्मी के बोबो को दबाना शुरू कर दिया जिससे मम्मी की आहे निकलने लगी ओर वो मचलने लग गयी खान साहब मेरी मम्मी के गालो को चुमै जा रहै थे जोर से जोर से फिर खान साहब अचानक खडे होकर बाहर चले गये पेशाब करने।

फिर आकर मम्मी को कहा – बच्चो के कमरे के आगे चिटकनी लगाकर बंद कर आ… ओर देखकर आओ सेठानी (मेरी नानीजी) जी सो गयी ना… ओर साथ मै घी लेकर आना थोडा!!!

मम्मी जल्दी से उठकर दस मिनट मै चक्कर लगाकर सभी काम करके आ गयी ओर आते ही कमरे को बंद करके लाइट बंद करके चुपचाप चारपाई पर सो गयी। तो खान साहब ने उठकर लाईट जला दी,

तो मम्मी ने कहा – लाईट बंद कर दो, मुझे शर्म आ रही है,

ये सुनकर खान साहब ने कहा – शर्म करोगी तो दूध नही निकलेगा ओर अगर दर्द होगा तो चुप रहोगी तभी दूध निकलेगा।

“मम्मी इतनी गर्म हो रही थी वो सबकुछ करने को तैयार थी”

फिर तभी खान साहब ने लाईट जलाकर मम्मी को चारपाई से खडा करके उनको चुमने लग गये गालो को चुमते चुमते उन्होने मम्मी के होथो पर किस कीया तो मम्मी पिछे हो गयी, मगर खान साहब ने कमर मै हाथ डाल रखा ओर मम्मी को अपनी तरफ खिंचकर उनके लबो पर अपने लब रखकर जोर से चुमने लगे अब मेरी मम्मी को भी मजा लाने लगा।

वो भी खान साहब के लब को जोर से चुसने लगी ओर उधर खान साहब ने मम्मी के बोबो को दबाना शुरू कर दिया ओर मम्मी की आहै निकलने लगी पांच मिनट किस करने के बाद मम्मी का सुट खोलकर उन्हे आधा नंगा कर दिया ओर ब्रा खोलकर वो जोर से बोबो को दबाने लगे। जिससे मम्मी पूरी तरह गर्म हो गयी खान साहब जब मम्मी को किस कर रहै थे तो उनकी दाढी से मम्मी को एक ही उत्तेजना हो रही थी।

फिर खान घुटने के बल बैठकर मम्मी के पेट को चुमते हुए नाभी को चाटने लगे जिससे मम्मी गर्म होकर खान साहब के सिर के बाल पकड कर खिचने लगी उनकी गर्मी देखकर खान साहब ने जल्दी से सलवार का नाडा एक झटके मे खोलकर मम्मी को नंगा कर दिया!

अचानक नंगी होने पर मम्मी ने शर्म के मारे अपने हाथो से अपने मुह को छुपा लिया मगर आज मम्मी ने अपनी चुत को साफकर के काले रंग की चड्डी डाली थी जिसे खान साहब ने सुघते हुए नीचे कर दिया अब मम्मी बिलकुल नंगी थी, खान साहब धीरे धीरे अपनी मालिक की बेटी की चुत की सील खोलने की तरफ बढ रहै थे।

खान साहब ने पास मै रखी घी की कटोरी मै अपनी दो उंगली डालकर एक उंगली मम्मी की चुत मै डाल दी जिससे मम्मी ने अपने मुह से हाथ उठाकर खान साहब के सिर पर रखकर उनके बाल खीच लिये जोर से मम्मी अचानक हुए इस हमले से थोडा हडबडा गयी थी।

मगर खान साहब मझे हुए खिलाडी थे उन्होने तुरत एक हाथ मम्मी के बोबो पर रखकर उनके बोबो को दबाना शुरू कर दिया था जिससे मम्मी की उत्तेजना बढने लगे दो मिनट बाद जब एक उंगली आराम से चुत मे अंदर बाहर होने लगी।

तो उन्होने दूसरी उंगली डाल दी जिससे मम्मी ने अपने होटो को अपने दात से काटकर अपना दर्द छिपा लिया दो मिनट उंगली करने पर मम्मी की गर्मी शरीर से बाहर निकलने वाली हो गयी थी। ओर फिर मम्मी का जिस्म अकडने लगा मम्मी को पसीने आने लगे ओर जब कामरस आने को हुआ।

तो मम्मी कहने – चाचा मुझे मेरा मुत निकल रहा है… क्या करू मै?/!!

तो खान साहब ने – ये मुत नही ये दूध आ रहा है अभी दिखाता हू, आने दे…

फिर मम्मी ने खान साहब के बाल जोर से पकड लिये उधर खान साहब ने अपनी उंगली की स्पीड बढा ली। ओर मम्मी के कामरस से खान साहब का हाथ भर गया ओर मम्मी की जांघो पर फैल गया खान साहब कामरस की खुशबु लेते हुए उसे चाटने लगे।

जिसे देखकर मम्मी ने कहा – चाचाजी ये गंदी है

तो खान साहब ने कहा – ये जन्नत है मेरी रानी

मम्मी का कामरस निकलते ही मम्मी थककर चारपाई पर बैठ गयी थी खान साहब फिर मम्मी के पास बैठकर अपना पानी कुर्ता उतारकर सामने वाली चारपाई पर फैककर लेट गये ओर मम्मी को पकडकर अपने पास सुला लिया। उन्होने मम्मी के सिर को अपने बाजु पर रखकर आमने सामने मुह कर लिया ओर गालो पर किस करके, पूछने लगे – मजा आया क्या दूध निकलने पर!!

तो मम्मी ने कहा – बहुत मजा आया!!

तो खान साहब ने ये तो शुरुआत है इससे ज्यादा मजा भी आता है चुदाई मै!!

तो मम्मी कहने लगी – चुदाई मै बहुत दर्द होता है, मैने सुना है!!

तो खान साहब ने – जब उंगली की तब कितना दर्द हुआ था उतना ही चुदाई मै होगा!!

खान साहब बाते करते करते गांड सहला रहै थे ओर उससे मम्मी फिर से गर्म हो रही थी मम्मी उनकी सीने से मुह छिपाकर लिपटी हुई थी खान साहब ने अब धीरे से अपने पठानी पजामे का नाडा खोलकर बिना आवाज कीये नीचे कर दिया ओर चुपचाप मम्मी के हाथ को पकडकर अपने लंड पर रखकर दिया जिसे छुते ही मम्मी को करंट सा लगा।

ओर अपना हाथ वापिस खीच लिया कुछ देर बाद खान साहब ने फिर से मम्मी के हाथ को पकडकर अपने कच्छे मै डाल दिया मम्मी ने हाथ को बंद करके मुठी बना ली मगर हाथ बाहर नही निकाला खान साहब ने मम्मी के होठो को किस करते हुए बोबो को दबाने लगे। थोडी देर मै मम्मी गर्म होने लगी ओर उन्होने अपनी मुठ्ठी खोलते हुए लंड को अपने हाथ से सहलाकर देखा तो मम्मी फिर से उत्तेजित होने लगी कुछ देर चुमने के बाद खान साहब ने अपना कच्छा खोलकर मम्मी के मुह के पास रख दिया।

ओर सुघने को कहा मम्मी ने कच्छे को सुघकर मुह घुमा लिया इधर खान साहब चारपाई पर बैठ गये ओर फिर से दो उंगली घी मै डालकर एक साथ ही दोनो उंगलिया मम्मी की चुत मै पैल दी मम्मी ने एक आह के साथ दोनो उंगलिया अपनी चुत मै ले ली ओर आहै भरने लगी। दो मिनट बाद खान साहब ने मम्मी को अपनी टांगे ऊंची करके फैलाने को कहा जिसके बाद मम्मी की गांड के नीचे एक तकिया लगाकर अपने लंड पर घी की मालिश करने लगे। उनका लंड 6 इच लंबा ओर अढाई इच मोटा था।

वो उपर आकर लंड को मम्मी की चुत पर घीसने लगे जिससे मम्मी ओर गर्म हो गयी ओर कहने – चाचाजी ये क्या हो रहा है.. मै मर जाऊगी… कुछ करो… जल्दी…

ये सुनते ही खान साहब ने लंड चुत पर सेट कर दिया, मम्मी के होटो को किस करने के साथ गले मै दोनो हाथ डालकर लंड पर दबाव दिया जिससे लंड का टोपा मम्मी की चुत मै घुस गया। ओर मम्मी की हल्की सी चीख निकल गयी, मगर वो चीख बाहर नही निकली, इसके बाद खान साहब ने दूसरे झटके मै तीन इच से ज्यादा लंड मम्मी की चुत मै घुसैड दिया!!!

ओर मम्मी की जोर से चीख निकल गयी मगर इस बार भी चीख बाहर नही निकली मगर अब मम्मी छूटने की कोशिश करने लगी ओर रोने लगी मगर इसका कोई फायदा नही हुआ ओर खान साहब ने उसी समय तीसरा झटका देते हुए मम्मी की चुत को फाड़कर अपना पूरा लंड मम्मी की नाजुक चुत मै घुसा दिया।

मम्मी की चुत फट गयी ओर चुत से निकले खून से चारपाई पर बिछी चद्दर लाल हो गयी थी खान साहब होठो को जोर से चुसते रहै ओर अब उन्होने बोबो को भी जोर से दबाना चालु कर दिया था। पांच मिनट के बाद जब मम्मी ने रोना बंद किया, तो खान साहब ने धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

ओर थोडी देर बाद जब मम्मी का दर्द खत्म हुआ, तो खान साहब ने जोर जोर से झटके मारने चालु कर दिये ओर फिर मम्मी भी गर्म होकर चुत मै लंड लेने लगी। दस मिनट की चुदाई के बाद मम्मी का शरीर अकडने लगा उनका कामरस निकलकर खान साहब के लंड को गिला कर रहा था।

उससे लंड पूरा गिला होकर मम्मी की चुत मै जा रहा ओर उसके एक मिनट बाद खान साहब के लंड का लावा फुट गया ओर उनके वीर्य से मेरी मम्मी की चुत भर गयी खान साहब के लंड का वीर्य चिचोडकर जब मम्मी की चुत ने छोडा।

तो खान साहब मम्मी के बगल मै लैट गये ओर मम्मी की चुत से कई देर तक वीर्य बहता रहा बाहर इस तरह मम्मी ने जवानी मै शादी से पहले ही सैक्स का मजा ले लिया फिर मम्मी ने कपडे पहने ओर चद्दर को बाहर पानी की बाल्टी मै भिगोकर अपनी चुत को धोकर पेशाब कर के, वापिस अपने पहले प्यार ओर यार खान साहब के पास आकर चारपाई पर उसे किस कर के उसके साथ सो गयी।

सुबह जब मम्मी उठी तो उनकी चुत पर सोजन आ गयी थी ओर पूरे दिन दर्द मे वो घर का काम करते रही आज रात को वो खान साहब के कमरे मै नही गयी।
Wonderful sexy story. I hope the tempo remains same.
 

Premkumar65

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अब तक आपने इस माँ की Xforum में पढा मेरी माँ ने केसै सील खुलवा ली थी ! चुदाई करवाने के दो दिन बाद तक खान साहब के पास नही गयी रात को दूध देने ओर दो दिन बाद खान साहब ट्रक लेकर पंजाब चले गये।

खान साहब के जाने के दो दिन बाद मम्मी की चुत का सोजन खत्म हो गया ओर खुजली चालू हो गयी थी अब मम्मी खान का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ऊपर से बारिश का मौसम रातभर मम्मी करवट बदलती रहती आखिरकार पांच दिन बाद ट्रक लेकर खान पंजाब से लोट आया। उस दिन नानाजी भी आ गये थे मम्मी ने खान को गर्म पानी दिया नहाने को फिर खाना खिलाया।

ओर रात होने का इंतजार करने लगे इधर जब मम्मी दिखाई देती तो खान अपना लंड खुजाने लगता देखकर, लेकिन शाम को ट्रक की बुकिंग हो गयी पंजाब की फिर से ये सुनकर मम्मी उदास हो गयी। मगर खान ने ये देखकर,

नानाजी को कहा – वो कल गांव जाकर आएगा ईद पर भी घर नही जा सका था,

तो नानाजी ने हा भर ट्रक लेकर नानाजी चले गये फिर मम्मी ने सभी काम जल्दी जल्दी कीये ओर रात होने का इंतजार करने लगे। रात होते ही नानीजी को दूध देकर वो खान के लिए दूध लेकर उसके कमरे मै पहुच गयी। कमरे मै पहुचते ही कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गयी।

उनकी चुम्मा चाटी के बीच मै ही ओर नानीजी आवाज लगाई तो मम्मी भागकर उनके पास पास पहुची नानीजी के कमरे मे मम्मी से छोटे दो भाई सो रहे थे ओर दो बहने दूसरे कमरे मै थी मम्मी ने उन्हे भी माँ के कमरे मे सुलाने ले गयी ओर नानी जी को कहा – मै खान चाचा के पास ही सो जाऊगी कहानी सुनकर,

उन्हें क्या पता था खान इन्हे Antarvasna Story सुनाता है और गर्म करता है। इस तरह मम्मी सभी काम खत्म कर के मोमबत्ती लेकर भीगती हुई खान के पास पहुंच गयी कमरे की चिटकनी लगाते ही खान ने खडे होकर मम्मी को गले लगाकर कीस करना शुरू कर दिया। मम्मी चुत की खुजली से परेशान हो गयी थी ओर खान की बाहो मे जाते ही आग लग गयी। उनके बदन मै खान की हवस भी जाग गयी थी 7 दिनो से वो भी तडप रहा था, उसने संतोष को ऐसे दबोचा जैसे हिरण को शेर ओर उस पर टूट पडा।

मम्मी ओर खान एक दूसरो को जोर जोर से चुमने लगे इस बीच खान ने अपने ओर मम्मी के कपडे खोल दिये ओर मम्मी के बोबो को जोर जोर से दबाने लगा फिर उसने एक हाथ कच्छी मै डालकर मम्मी की चुत मै उंगली डाल दी। उंगली डालते ही मम्मी की चित्कार निकल गयी।

ओर वो खान के गले कसकर लग गयी खान ने मम्मी की चड्डी निकालकर फैक दी ओर सीने के पास सटाकर मम्मी की गांड को सहलाने लगा वो मम्मी की कान को चुसकर मम्मी की आग को भडका रहा था। ओर इसी बीच मम्मी ने अपने हाथो से बिना कहे खान के लंड को पकड लिया ओर,

खान को कहने लगी – चाचा अब करो!! जल्दी रहा नही जाता इतना!!

सुनते ही खान ने मम्मी को आज चारपाई पर झुका दिया पूरा मम्मी की गांड उभरकर उठ गयी थी खान ने अपने लंड बहुत सारा थूक लगाकर चुत पर लंड रखकर एक झटके मे आधे से ज्यादा लंड पेल दिया। आधा लंड एक झटके मै जाते ही मम्मी आगे निकल गयी ओर खान का लंड चुत से बाहर निकल गया,

ये देखकर खान ने कहा – देख चुदना है तो थोडा दर्द सहना होगा, दो तीन बार वर्ना चली जा!!

मम्मी ने तुरत ही माफी मांगने लगी ओर खान को कीस करने लगी खान भी समझ गया की अभी चुत नयी है तो उसने मम्मी को चारपाई पर सुलाकर गांड के नीचे तकिया लगाया। ओर मम्मी की टांगे ऊंची करवा ली फिर वापिस एक बार खान ने अपने 6 इच के लंड पर थूक लगाकर चुत पर सेट कीया ओर एक जोर के झटके से चुत मै आधे से ज्यादा लंड को पेल दिया।

मम्मी की हालात फिर से खराब होने लगी मगर आज बिना समय दिये खान ने दूसरे झटके मै पूरा लंड मम्मी की चुत मै डाल दिया ओर मम्मी के होठो को चुसने लगा ओर बोबो को दबाने लगा दो मिनट मै मम्मी सामान्य हो गयी। ये देखकर खान ने दोनो टांगो को अपने हाथो से उठाकर लंड को जोरदार तरीके से अंदर बाहर करने लगा।

पांच मिनट बाद मम्मी भी अपनी गांड उठाकर खान को सामने से झटके देने लगी ओर कुछ देर बाद मम्मी की चुत ने अपना रस छोड दिया।

मगर खान अभी भी मम्मी की जोरदार चुदाई कर रहा था ओर मम्मी की चुत अब आराम से खान का लंड अंदर ले रही थी दस मिनट की जोरदार चुदाई के मम्मी की चुत ने दुबारा पानी छोडा, तो खान ने भी सात दिन का जमा माल भी खान ने मम्मी की चुत मै छोड दिया। दोनो पसीने पसीने हो रहे थे चुदाई के बाद 11 बज चुके,

मम्मी ने कहा – मे पेशाब करके आ रही हू हम फिर सोएगे!!

“मगर खान का मन अभी भरा नही था”

मम्मी कपडे पहनने लगी तो खान ने कहा – चड्डी चोली अभी मत पहनना सलवार कुर्ता पहनकर पेशाब कर आओ ओर सभी अपनी मम्मी को देख आना!!

मम्मी भी समझ गयी थी मम्मी हंसती हुई कमरे से बाहर गयी ओर पेशाब करके दस मिनट बाद कमरे मै आ गयी आते ही खान ने पकडकर उसे अपने ऊपर लिटा लिया। खान 6 फुट का लंबा चोडा मर्द था उपर से उसकी काली दाढी मम्मी को उपर लिटाकर अब वो मम्मी के होठो को चुसने लगा ओर मम्मी की पीठ ओर गांड को सहलाने लगा।

दोनो का खून गर्म था जवानी छलक रही थी मम्मी फिर से गर्म होने लगी खान सिर्फ कच्छे मै ही था उस समय उसका काला लंड फिरकर से तनकर तैयार हो गया। ओर मम्मी की सलवार मै घुसने लगा खान ने जल्दी से कपडे खोलने को कहा ओर मम्मी की चुत तो पहले ही तैयार थी बस कहने की देर थी मम्मी ने खान के ऊपर बैठे बैठै सलवार कुर्ता निकालकर फेक दिया।

ओर अपने हाथो से खान का कच्छा उतार दिया ओर फिर अपने हाथो से खान के लंड को पकडकर हिलाने लगी खान ने मम्मी को अपने उपर खीच लिया ओर मम्मी को ऊंचा करके लंड को चुत पर सेट करके धीरे धीरे बैठने को कहा, मम्मी ने इसबार बिना गलती कीये धीरे धीरे दो बार मै पूरा लंड चुत मै ले लिया मम्मी को दर्द तो हो रहा था।

मगर दर्द से ज्यादा मजा भी आ रहा था खान ने फिर मम्मी को लंड पर उपर नीचे होने को कहा तो मम्मी धीरे धीरे ऊपर नीचे होकर लंड को चुत मै लेने लगी मगर मम्मी को मजा नही आ रहा था खान खिलाडी था।

उसे पता लग गया ओर उसने तुरंत मम्मी को चारपाई पर लेटाकर खुद ऊपर चढ गया फिर उसने मम्मी की चुत को दस मिनट जोरदार तरीके से ठोका इस दौरान मम्मी की चुत ने दो बार रस निकाल दिया था। खान ने अपना वीर्य मम्मी की चुत मै डाल दिया ओर मम्मी की चुत की खुजली मिटा दी अब मम्मी ओर खान कपडे पहनकर एक दुसरे से लिपटकर सो गये थे।

सुबह जल्दी उठकर खान गांव चला गया ओर मम्मी अपने काम मै लग गयी मगर अब मम्मी को रात मै लंड के बिना नींद नही आती खान ने कुछ दिनो मै ही मम्मी की चुत का भोसडा बना दिया ओर गांड ओर मम्मो का साइज बढा दिया था। खान हफ्ते मै दो तीन बार मम्मी की चुत को बजा ही देता था,

“ओर ये बात खान के साथ गाडी पर रहने खलासी सुभाष कडेक्टर को पता लग गयी।”

ओर उसने मोका देखकर मम्मी को चोद डाला हालाकि मम्मी उससे चुदवाना नही चाहती थी मगर मजबूरी मै एक बार उसको चुत देनी पडी खान ने मेरे नानाजी को शिकायत करके उसे नोकरी से निकलवा दिया। मेरी मम्मी की चाहत खान ही था खान मेरी मम्मी को अपने भाई की शादी मै अपने गांव ले गया तीन दिन वहा मम्मी की सलवार खुली ही रही खान ने अपनी बहु की सामने ही मम्मी को कमरे मै चोदने लगा।

तो मम्मी कहने लगी – चाचा चाची जी है, वो क्या कहेगी??

तब खान ने कहा – इसे सब पता है ये मेरे मामा की लडकी है आज तो तुम आयी हो यहा खुलकर रहो तीन दिन यादगार हो जाएगे।

फिर रात को खान ने अपने कमरे मै मम्मी की जोरदार चुदाई करी अगले दिन मम्मी के रहने की व्यवस्था खान के चाचा के घर हुई वो भी खान की उम्र का नौजवान था। जब दिन मै मम्मी ऊपर कमरे मै सो रही थी तो खान आ गया ओर मम्मी को कीस करने लगा खान के चाचा ने ये देख लिया ओर बाहर से ही आवाज लगाई ताकी खान ओर मम्मी को पता ना लगे।

खान के जाते ही खान के चाचा मम्मी के कमरे मै पहुच गये ओर पूछने लगे – तुम्हारा नाम क्या है?

मम्मी ने कहा – मेरा नाम संतोष है!

तो खान के चाचा ने अपना नाम जावेद बताते हुए कहा संतोष तुम बहुत सुंदर हो अगर तुम पिछले साल आ जाती तो मै तुम्हे भागाकर ले जाता, तुम कहो तो आज भी मै तुम्हे भगा ले जाऊ। मम्मी तारीफ सुनकर खुश होने ओर कहने – ऐसा भी क्या है मुझमे!?!

इतना कहते ही जावेद ने कहा – बता दिया तो गुस्सा करोगी ओर तो कुछ नही

मम्मी ने कहा – गुस्सा नही करूगी बता दो चाचाजी

जावेद ने कहा – दिल तोड दिया ना चाचा कहकर

तो मम्मी ने कहा – चाचा ना कहूं तो क्या कहूं, जावेद कहो ना उम्र भर के लिए ना सही तीन दिन के लिए ही पती बना लो ओर हंसने लगा

मम्मी भी उसकी बातो मै उलझ गयी थी जावेद ने मोका देखकर मम्मी का हाथ पकड लिया ओर चुमते हुए कहा – अब तो मर भी जाऊ तो गम नही ये सुनकर,

मम्मी ने कहा – जावेद मरना नही है

जावेद ने कहा – तो संतोष जिये तो कीसलिए तुमको देखकर जीने का मन तो है मगर तुम्हारे बिना नही मम्मी उसकी बातो मै आ गयी थी। जावेद ने मोका देखकर मम्मी के गालो को किस कर लिया मम्मी की खामोशी से ऊसे चुदाई की परमिशन मिल गयी।

फिर जावेद ने बिना देरी कीये मम्मी के होठो को चुसना शुरू कर दिया इधर मम्मी की चुत की गर्मी तो आपको पता ही है जावेद पक्का खिलाडी था। उसने समय खराब नही कीया ओर सीधा सलवार खोलकर अपना लंड चुत मै पेल दिया मगर उसका लंड खान से छोटा था जावेद ने दस मिनट चोदकर मम्मी की चुत मै वीर्य डाल दिया। मम्मी की चुत इस चुदाई से ओर भडक गयी क्योकी मम्मी को खान पूरे मजे लेकर चोदता है खैर मम्मी ने खान को ये बात बता दी जिसके बाद खान ने मम्मी को अपने घर पर ही रखा।

दरअसल मम्मी को वहा खान के एक मामा जो दिल्ली रहते थे वो पसंद आ गये थे इसलिए मम्मी घर पर आ गयी थी खान के मामा उनका नाम रोशन उम्र 35 साल की होगी तब मम्मी ओर रोशन मै आंखो के इशारे हो रहै थे, बात नही हो रही थी दोनो एक दूसरे को देखकर मुस्कराने लगे थे।

रात को खान के घर पर बकरा आ गया दावत के लिए ओर ये देखकर मम्मी डर गयी जब उसको हलाल कीया तो खान के मामा रोशन ने मोका का फायदा उठाकर खान से कहा भांजे मै इसी अपने गांव ले जाऊ वेसे भी यहा जगह नही है।

मै भी आराम करके आ जाऊगा कल शाम तक खान ने मम्मी से पूछा तो मम्मी डरी हुई ही थी तो जल्दी से हा कर दी जब तक मम्मी को पता नही था दिल्ली वाले रोशन मामा का गांव यही है खैर दो कोस मतलब 6 किलोमीटर चलकर मम्मी रोशन के घर पहुची तो वहा ताला लगा था,

मम्मी ने कहा – रोशन अब क्या होगा

रोशन ने – चाबी तो हमारे पास ही है डरो मत घर जाकर

मम्मी पिछे पेशाब करके आई रोशन दिवार के ऊपर से मम्मी को देख रहा था मम्मी को पता चला तो उन्होने भी लापरवाह होकर अपनी गांड के दर्शन करवा दिया। रोशन गोरी गांड देखकर पगला गया था उसका लंड उसकी पेट भाडने को तैयार हो गया था खैर,

मम्मी ने आकर कहा – शाम हो गयी है सर्दी लगने लगी है मुझे जल्दी से खाना बना लेती हू फिर सो जाएगे

रोशन ने कहा – खाना मै बनाकर खिलाऊगा आज

मम्मी ने कहा – आपको आता है तो

रोशन ने कहा – याद रखोगी तुम हाथ मुह धो लो फिर मै कपडे बदलकर खाना बना दूंगा मम्मी हाथ मुह धोकर आगन मै आकर चुल्हा जला दिया इतने मै रोशन पजामा टीशर्ट पहनकर आ गया तो

मम्मी ने कहा – मामा जी मे आटा लगा देती हू आप सब्जी बना लो मम्मी ने आकर कहा – शाम हो गयी है सर्दी लगने लगी है मुझे जल्दी से खाना बना लेती हू फिर सो जाएगे

रोशन ने कहा – खाना मै बनाकर खिलाऊगा आज

मम्मी ने कहा – आपको आता है तो

रोशन ने कहा – याद रखोगी तुम हाथ मुह धो लो फिर मै कपडे बदलकर खाना बना दूंगा मम्मी हाथ मुह धोकर आगन मै आकर चुल्हा जला दिया इतने मै रोशन पजामा टीशर्ट पहनकर आ गया तो

मम्मी ने कहा – मामा जी मे आटा लगा देती हू आप सब्जी बना लो
Interesting story.
 
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