Hello bro ye story adultery ya cuck to nahi hai?Update 002 -
रेलवे यार्ड के अंदर पहुँचकर हम दोनों एक खाली डिब्बे में चड गए, जिसके अंदर कोई भी नहीं था। यार्ड के बाहर कई सारी स्ट्रीट लाईट जल रहीं थी। डिव्वा पूरी तरह लॉक होने के कारण उसमें अंदर एकदम अंधेरा था। उस आदमी ने डिब्बे को अंदर से लॉक कर लिया और मोबाईल की फ्लैश लाईट में उस डिब्बे को अच्छी तरह से चैक करने लगा। वो एक स्लीपर कोच डिब्बा था, जिसकी लगभग सारी सीटें पहले ही निकाली जा चुकीं थीं। पर कुछ सीटों के बेड अब भी वहाँ एक साईड रखे हुए थे। उस आदमी ने एक बेड नीचे जमीन पर विछा दिया और सामने बाली खिड़की खोल दी। जिस कारण उस खिड़की से पर्याप्त रोशनी अंदर आने लगी।
मैं बहुत ज्यादा डरी हुई थी पर साथ साथ नये एक्सपीरियंस के लिए एक्साईटेड भी हो रही थी। अब आगे जो भी वहाँ होने बाला था उसके लिए मैं मन ही मन अपने आप को तैयार करने लगी। फिर मैंने जैसे ही अपना कैरी बैग और अपनी जैकेट उतार कर एक तरफ रखा, तो उस आदमी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरी गाँड को अपने हाथों से सहलाते हुए मेरे होंठों पर किस करने लगा। जिस कारण मेरे शरीर में एक बार फिर से सनसनाहट दौड गई। किसी और आदमी के द्वारा अपने शरीर को ऐसे छूने से मुझे बहुत शर्म आ रही थी। जिस बजह से मेरे चेहरा शर्म से लाल हो गया था।
लेकिन तभी मुझे ऐहसास हुआ कि उस आदमी को जरा जल्दी है। इसलिए थोडी देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उस आदमी ने मेरी ब्रा उतार दी और मेरे बूब्स को सहलाने लगा। थोडी देर मेरे बूब्स को बेरहमी से मसलने के बाद उसने मेरे कंधों को नीचे दबाकर बैठने का इशारा किया। उसकी इस हरकत से मैं समझ गई कि वो अपना लण्ड चुसवाना चाहता है। मैंने पहले भी 4-5 बार अपने पति अमन का लण्ड चुसा था। जिस कारण मुझे उसका लण्ड चूसने में कोई प्राब्लम नहीं थी। इसलिए उस आदमी का इशारा मिलते ही मैं भी चुपचाप घुटनों के बल नीचे बैठ गई।
मेरे बैठते ही उस आदमी ने अपने पेंट की जिप खोलकर अपना लण्ड बाहर निकाला, जिसे देखकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। क्योंकि उसका लण्ड अमन के लण्ड से बड़ा और मोटा था। इससे पहले मैं कुछ सोच पाती उस आदमी ने अपने हाथ का दबाब डालकर मेरे सर को अपने लण्ड पर झुकाया। अब मेरे पास पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं था। बैसे भी मैं यहाँ अपनी मर्जी से आई थी। इसलिए मैंने चुप चाप उसका लण्ड अपने मूँह में ले लिया और चूसने लगी।
उस आदमी के लण्ड से गंदी सी स्मैल आ रही थी और उसका स्वाद भी कुछ अजीब सा और थोडा नमकीन था। इससे पहले मैंने जब भी अपने घर पर अमन का लण्ड चूसा था। तो हर बार अमन अपने लण्ड को अच्छी तरह से धोकर साफ करता था। उसके बाद ही वो अपना लण्ड मुझसे चुसवाता था। लेकिन वो तो पति पत्नि की आपसी समझ है। पर यहाँ तो मैं एक रण्डी बनी बैठी थी। तो फिर वो आदमी भला क्यों अपने लण्ड को धोकर साफ करने लगा। इसलिए मैं चुपचाप उसके लण्ड को चूसती रही। उस आदमी को मेरी चुसाई बहुत पसंद आ रही थी। इसलिए वो बोला
आदमी- साली राण्ड क्या मस्त चूसती है तू.. आआआहहहह मजा ही आ गया.. मन कर रहा है चुसवाता रहूँ और तेरे मूँह में ही माल छोड दूँ। पर तेरी चूत भी चोदनी है साली... कुछ देर और ऐसे ही चूसती रही तो पक्का पानी निकल जाऐगा मेरा।
इतना बोलकर उस आदमी ने मेरे बालों को पकड कर अपना लण्ड़ मेरे मूँह से निकाल लिया और मुझे वहाँ बिछे बेड पर लेटने का इशारा किया। तो मैं चुप चाप बेड पर पीठ के बल लेट गई। उस आदमी ने जल्दी से अपने कपडे निकाले और फिर मेरी जींस और पैंटी भी निकाल दी। फिर मेरी कमर के पास जाकर बैठ गया और अपना लण्ड मेरी चूत से सटा कर मेरे ऊपर लेट गया। मैं समझ गई कि अब मेरी चुदाई होने बाली है। मेरे ऊपर आते ही उस आदमी ने अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को पकडा और मेरे होँठों को चूसते हुए मेरी चूत में अपने लण्ड का एक धक्का मारा।
मेरे पति का लण्ड इस आदमी से छोटा है। जिस कारण मेरी चूत ज्यादा खुली नहीं थी। जिस कारण उस आदमी के धक्के से उसका मोटा लण्ड जैसे ही करीब 2 इंच मेरी चूत के अंदर गया तो मुझे तेज दर्द महसूस हुआ, पर उस आदमी ने मेरे होंठों को अपने होंठों के बीच दबा रखा था। जिस कराण मेरी चीख अंदर ही घुट कर रह गई। उस आदमी ने एक के बाद एक 4-5 जोरदार धक्के दिये और अपना पूरा लण्ड बेरहमी से मेरी चूत में घुसा दिया। दर्द के कारण मेरा बुरा हाल था। मैंने अपने दोनों पैर उस आदमी की कमर से लपेट लिए और अपने हाथों को उसकी पीठ पर कस लिया। अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसाने के बाद उस आदमी ने मेरे होंठो को छोडा और बोला
आदमी- साली क्या चूत है तेरी... एक दम टाईट... मजा ही आ गया आज तो....
इतना बोलकर वो आदमी अपनी कमर हिला कर पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। हालाँकि मुझे दर्द हो रहा था। पर में चीख कर किसी को ये नहीं बताना चाहती थी कि यहाँ इस डिब्बे के अंदर मेरी चुदाई चल रही है। इसलिए मैं दर्द को बरदास्त करने की कोशिश करने लगी। मैंने अपने निचले होंठ को अपने दांतों से दबा लिया ताकि मेरी आबाज ना निकले। कुछ ही देर की चुदाई के बाद मेरा दर्द कम हो गया और मेरी चूत पानी छोडने लगी। जिस कारण अब मुझे भी मजा आने लगा था।
अब मैं उस आदमी की पीठ को अपने दोनों हाथों से सहालने लगी और अपनी कमर हिलाकर उसका साथ देने लगी। कुछ देर तक वो आदमी यूँ ही मुझे चोदता रहा और मेरे होंठो और गर्दन पर किस करता रहा। फिर उसने मेरे बुब्स को चूमना और निप्पलस् को अपने मूँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। जिस कारण मैं उत्तेजना के कारण झर गई। पर वो आदमी अपना काम करता रहा। करीब 10-15 मिनट मेरी यूँ ही चुदाई करने के बाद अचानक से वो रुक गया और बोला
आदमी- साली हरामजादी राण्ड….. ऐसे तो तू मेरा 2 मिनट में ही पानी निकाल देगी। चल साली कुतिया बन जा…. अब मैं तुझे कुतिया बनाकर चोदूँगा
इतना बोलकर वो मुझसे अलग हो गया और मैं चुप चाप कुतिया की तरह खडी हो गई। उस आदमी ने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से मजबूती से पकडा और एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। जिस कारण मेरे मूँह से हल्की सी चीख निकल गई
“आआआहहहहह”
मेरे चीखने पर उस आदमी ने मेरी गाँड पर एक थप्पड मारा और बोला
आदमी- चुप हो जा साली राण्ड…. क्या सारी दुनिया को बताऐगी कि यहाँ चुदाई चल रही है। मुझे तो कोई प्राब्लम नहीं है, पर तेरी चूत का जरूर चबूतरा बन जाऐगा।
मुझे उस आदमी की बात सही लगी। इसलिए मैं चुप चाप अपने निचले होंठ को अपने दांतों से दबाकर अपनी चुदाई करवाती रही। उस आदमी का लण्ड इतना बड़ा था कि चुदाई करते वक्त वो सीधे मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा था। इसके अलाबा वो आदमी बीच बीच में मेरी गाँड पर थप्पड भी मार रहा था। जिस कारण मुझे दर्द होने के साथ साथ मेरे पूरे बदन में एक अजीब सी सनसनाहट भी दौड रही थी। उस आदमी ने मुझे कुतिया बनाकर करीब 30-35 मिनट तक चोदा।
इस बीच में 3 बार झर गई थी। अमन ने मुझे कभी भी इतनी देर तक नहीं चोदा था। उसे अपना पानी छोडने में कभी भी 5-10 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता था। हाँ यदि कभी वियाग्र खा ले तो भी वो ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट तक ही चोद पाता था। कई बार तो मेरे झरने से पहले ही वो अपना पानी छोड देता था। जिस कारण मैं अक्सर प्यासी ही रह जाती थी। पर इस आदमी ने तो बहुत ज्यादा ही समय ले लिया था और 3 बार मेरा पानी भी निकाल दिया था। मैं अभी ये सब सोच ही रही थी कि अचानक उस आदमी की स्पीड बड गई। जिस कारण मैं समझ गई कि अब ये आदमी अपना पानी छोडने बाला है।
बैसे तो मैंने 2 महिने पहले ही कॉपर-टी लगवाई थी। इसलिए प्रेग्नेंसी का मुझे कोई डर नहीं था। लेकिन फिर भी मैं नहीं चाहती थी की वो आदमी मेरी चूत के अंदर ही अपना पानी छोडे। पर ठीक उसी समय मैं एक बार फिर से झरने की करीब पहूँच गई। जिस कारण मैं उसे नहीं रोक पाई और उस आदमी ने मेरी चूत के अंदर ही अपना पानी छोड दिया। जैसे ही उसका गर्म गर्म पानी मेरी चूत के अंदर गिरा तो उसके साथ साथ मैं भी झर गई और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी। जब उस आदमी का सारा पानी मेरी चूत में समा गया तो वो मुझसे अलग हो गया। और अपने कपडे पहने लगा।
मैं अब भी वहीं लेट कर लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी और अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रही थी। जब तक मैं नार्मल हुई, तब तक बो आदमी अपने कपडे पहनकर जाने लगा था। हालाँकि वो जगह स्टेशन से ज्यादा दूर नहीं थी। पर मैं यहाँ अकेले तो बिल्कुल भी नहीं रहना चाहती थी। इसलिए मैंने भी जल्दी जल्दी अपने कपडे पहने और फिर जैसे ही हम दोनों उस डिब्बे से बाहर निकले तो मेरी गाँड बुरी तरह से फट गई। क्योंकि उस डिब्बे के बाहर वहाँ के दो सिक्योरिटी गार्ड खडे हुए थे। हमें उस स्लीपर कोच से बाहर निकलता देख उनमें से एक बोला
गार्ड1- सालो बहनचोद क्या कर रहे थे दोनों अंदर
इससे पहले हम उस गार्ड के सबाल का जबाब देते दूसरा गार्ड बोला
गार्ड2- लगता है अंदर चुदाई चल रही थी।
गार्ड1- क्यों बे तेरी गर्डफ्रेंड है या राण्ड
आदमी- राण्ड है गार्ड सहाब
उस आदमी की बात सुनकर दोनों गार्ड मुझे हैरानी से देखने लगे फिर एक बोला
गार्ड1- माल को कडक है... क्या रेट है तेरा
उस आदमी कि चुदाई से मैं पहले ही काफी थक गई थी। जिंदगी में पहली बार इतनी देर चुदाई हुई थी। पर पता नहीं क्यों मैं मन ही मन एक्साईटेड भी थी। शायद पहली बार चुदाई में इतना मजा आया था। पता नहीं आज के बाद फिर कभी मौका मिले ना मिले। इसलिए मैंने मन ही मन उन दोनों से चुदने का मन बना लिया और बोली
निशा- 5 हजार
गार्ड2- ओह बहनचोद… ये तो बहुत मंहगी राण्ड है। कुछ कम कर ले तो हम भी मजे ले लेंगे तेरे
निशा- मेरा रेट तो यही है सहाब। करना है तो बोला… बर्ना जाने दो…
गार्ड1- नखरे बाली भी है साली.... 5 हजार दोनों का देगें बोल देती है क्या
निशा- बोला तो है सहाब… अगर मेरी मर्जी से करना है तो पैसे कम नहीं होंगे। वर्ना तुम दोनों तो हट्टे कट्टे मर्द हो जबरदस्ती भी कर सकते हो।
मेरी बात सुनकर दूसरा गार्ड मुझे धमकाते हुए बोला
गार्ड2- चुप चाप मान जा बर्ना रेलवे की प्रापर्टी में बिना इजाजत घुसने और यहाँ धंधा करने के जुर्म में पुलिस के हवाले कर देंगे।
उस गार्ड की बात सुनकर वो आदमी जिसने मुझे अभी अभी चोदा था वो बोला
आदमी- अरे गार्ड सहाब गुस्सा क्यों कर रहे हो। माल एकदम कडक है। धंधे में भी एकदम नई है। एकदम टाईट चूत है इसकी और मजे भी बहुत देती है। मूँह में लेने पर भी कोई नखरे भी नहीं दिखती। इस हिसाब से 5 हजार में कोई बुराई नहीं है। आगे आपकी मर्जी, पुलिस के हबाले करना है तो कर दो। लेकिन एक बात याद रखना कि ये रण्डी है और रण्डी की काहे की इज्जत। पुलिस थाने जाने पर कौन सी बदनामी होगी। आप जानते तो हैं सब कुछ। कुछ देर बैठाकर छोड देंगे।
उस आदमी की बात सुनकर गार्ड सोचते हुए बोला
गार्ड1- चल ठीक है... तू निकल
गार्ड की बात सुनकर वो आदमी चला गया और मैं वहीं खडी रह गई। उस आदमी के जाते ही वो गार्ड बोला
गार्ड1- चल ठीक है दूँगा पूरे 5 पर मजे लूँगा और हाँ मूँह में भी लेना होगा
निशा- ठीक है सहाब पर 5 एक के हैं...
गार्ड2- हाँ हाँ ठीक है मैं भी दूँगा अब चल अंदर
उसकी बात सुनकर मैं बापिस उस डिब्बे के अंदर चली गई और उसी बेड के पास जाकर अपने कपडे उतारने लगी। तभी उनमें से एक गार्ड अंदर आया और दूसरा बाहर खड़ा होकर रखबाली करने लगा। जैसे ही मैंने अपने सारे कपडे उतारे तो उस गार्ड ने मुझे दीबार से सटा दिया और मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे बूब्स को सहलाने लगा। कुछ देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उसने मेरे निप्पलस को बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया। जिस कारण मेरे शरीर में फिर से बासना की आग भडकने लगी। कुछ देर तक यूँ ही मेरे मजे लेने के बाद उस गार्ड ने अपने सारे कपडे उतार दिए और मुझे बैठने का इशारा किया तो मैं चुप चाप नीचे घुटनों के बाल बैठ गई और उसका लण्ड चूसने लगी। उस गार्ड का लण्ड चूसते हुए मैं अपने ऊपर हैरान थी। और मन ही मन सोच रही थी कि
“मैं ये सब क्या कर रही हूँ। ये गार्ड जिसका मैं लण्ड किसी लालीपॉप की तरह बडे मजे से चूस रही थी वो मेरे बाप की उम्र का आदमी है, जो देखने में भी एकदम काला और बदसूरत है। इसके जैसे कई आदमी मेरी कम्पनी में छोटे मोटे काम करते हैं। जिन्हें मैंने आज तक नजर भर के देखा तक नहीं था और आज मैं एक मामूली से गार्ड का लण्ड चूस रही हूँ और उससे चुदने बाली हूँ। वो भी मात्र 5 हजार रूपये के लिए“
पर अगले ही पल मेरे मन में फिर दूसरा ख्याल आया
“नहीं ये सब पैसों के लिए नहीं है। पैसे तो बस बहाना है मैं तो ये सब बस मजे के लिए और अपनी संतुष्टी के लिए कर रही हूँ। कौन सा हर रोज करना है... आज मौका मिला तो कर लिया। आज के बाद फिर कभी नहीं, और फिर मामूली गार्ड है तो क्या हुआ, है तो इंसान ही, और फिर इसका लण्ड भी तो अच्छा खासा बड़ा और मोटा है। अमन का तो इससे आधा भी नहीं है।“
मैं ये सब सोच ही रही थी कि तभी उस गार्ड ने अपना लण्ड मेरे मूँह से बाहर निकाल लिया और खुद उस बैड पर पीठ के बल लेट कर मुझसे बोला
गार्ड1- चल ऊपर आ जा
उस गार्ड की बात सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हो गई थी। क्योकि मैं कई बार खुद ऊपर चडकर चुदाई करवाने के बारे में सोचती थी। पर मेरे पति ने मुझे ऐसे चुदाई करवाने का कभी कोई मौका ही नहीं दिया। शायद वो उन आदमियों में से है, जो हमेशा औरत को अपने के कम समझते हैं और औरत को हमेशा अपने नीचे दबाकर रखना ही पसंद करते हैं। खैर जो भी हो पर आज मेरी यह इच्छा भी पूरी होने बाली थी। इसलिए मैं चुपचाप उसके ऊपर चड गई और उसके लण्ड को अपनी चूत पर टिका कर धीरे धीरे बैठने लगी।
अभी उसका लण्ड करीब 2 ईंच ही अंदर गया था कि तभी उस गार्ड ने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से पकडा और एकदम नीचे की तरफ दवा दिया। जिस कारण उसका पूरा लण्ड एक दम से मेरी चूत को फाडता हुआ सीधे मेरी बच्चेदानी से जा टकराया। जिस कारण मेरी चीख निकल गई
“आआआआहहहहहह मममाँ“
मेरी चीख सुनकर बाहर खड़ा गार्ड बोला
गार्ड2- उस्ताद जरा धीरे करो बेचारी की जान लोगे क्या... कुछ मेरे लिए भी छोड देना
गार्ड1- ओये चुप कर अभी तो घुसया ही है। चुदाई शुरू कहाँ हुई है। आभी से चिल्लाने लगी। लगता है प्रैक्टिस कम है।
इतना बोलकर मेरे नीचे लेटा गार्ड अपनी कमर हिलाकर अपना लण्ड अंदर बाहर करने की कोशिश करने लगा तो मैं भी ऊपर नीचे होकर खुद ही अपनी चुदाई करवाने लगी। शूरूआत में तो मुझे थोडा दर्द हुआ और अजीब भी लगा, पर फिर मुझे इसमें मजा आने लगा। उस गार्ड ने अपने दोनों हाथ से मेरे बूब्स पकडे हुए थे, और उन्हें सहला रहा था कभी कभी वो मेरे निप्पलस् को अपनी उंगलियों से मसल देता, तो कभी मेरे गाँड पर अपने हाथ रख कर मुझे तेजी से ऊपर नीचे करने लगता।
मैं करीब 20 मिनट तक यूँ ही ऊपर नीचे होते हुए अपनी चुदाई करवा रही थी। मैं इस वक्त मजे के सातवे आसमान पर थी। इतना मजा मुझे जिंदगी में पहले कभी नहीं आया था। इस दौरान मैं 2 बार पानी भी छोड चुकी थी। जिस कारण उसका लण्ड अब आसानी से मेरी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। पर अब मैं बुरी तरह से थक गई थी। इसलिए मैंने उपर नीचे होना बंद कर दिया और उसके चेहरे पर झुककर उसे खुद ही चूमने और सहलाने लगी। ये पहली बार था कि मैंने खुद से किसी को ऐसे चूमा और सहलाया था। वो गार्ड समझ गया की मैं बहुत ज्यादा थक गई हूँ। इसलिए वो बोला
गार्ड1- चल साली अब तू कुतिया बन जा
उस गार्ड की बात सुनकर मैं उसके ऊपर से उतर गई और बेड पर कुतिया बन कर खडी हो गई। जिसके बाद उस गार्ड ने बिना देर किये अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया और मेरी कमर पकडकर मेरी चुदाई करने लगा। इस पोजीशन में भी मुझे बहुत मजा आ रहा था। उस गार्ड ने मुझे कुतिया बनाकर एक बार फिर 20-25 मिनट तक चोदा और फिर मेरी चूत में ही अपना पानी छोड दिया। उसके अलग होते ही मैं वहीँ बैठकर अपनी सांसें कंट्रोल करने की कोशिश करने लगी। जवकि उस गार्ड ने जल्दी से अपने कपडे पहने और अपने जेब से 5 हजार रूपये निकाल कर मुझे दिए और बाहर निकल गया।
मैंने वो पैसे अपने बैग में डाल दिए। तब तक दूसरा गार्ड भी अंदर आ गया था। उसने बिना देर किये अपने कपडे उतारे और मेरे मूँह के आगे अपना लण्ड कर दिया। मैंने उसके कुछ कहने से पहले ही उसका लण्ड चूसना शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट आपना लण्ड चुसवाने के बाद उसने मुझे कुतिया बनने के लिए कहा। जैसे ही मैं कुतिया बनकर खडी हुई तो दूसरे गार्ड ने एक ही बार में अपना लण्ड मेरी चूत में घुसाकर मेरी चुदाई शुरू कर दी। इसका लण्ड पहले बाले आदमी और पहले गार्ड से थोडा छोटा था पर फिर भी मेरे पति अमन से तो काफी बड़ा था।
इसलिए मैं चुपचाप किसी आवारा कुतिया की तरह खडी होकर अपनी चुदाई के मजे लेने लगी। इस दूसरे गार्ड ने भी मुझे 30-40 मिनट चोदने के बाद अपना पानी मेरी चूत के अंदर ही छोड दिया और जल्दी से कपडे पहन कर मुझे 5 हजार रूपये दिए और वहाँ से बहार चला गया। अब तक मैं बुरी तरह से थक गई थी। इसलिए मैं वहीं लेटकर अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रही थी। करीब 10-15 मिनट रेस्ट करने के बाद जब मुझे कुछ अच्छा फील होने लगा तो मैंने भी जल्दी से अपने कपडे पहने और वहाँ से बाहर निकल आई।
कहानी जारी है.........
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