क्या बवाल चीज लिखें हो बे

....
पड़ कर एक अलग सा ही नस्सा छा गया
वीर और काव्या की स्टोरी थोड़ी हट के

लिखी है आपने.
ऐसी कहानी

पहली बार कोई xforum पे लिख रहा है.
अब आगे देखना

है नानाजी और वीर का आमाना सामना कैसे होता है.
और इतने दिनों

के बाद श्रेया का वीर के पास आना इंट्रेस्टिंग है वो अब वीर को फिर से पाना चाहती है.
और वीर के साफ मना करने की वजह से उसे काव्या से

नफ़रत भी हो गई है
जो आगे चल कर काव्या के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है.
रम्भा जी और अशोक जी अपने ही काम मे लगे हुवे है, अब देखना

है उन की शादी को क्या वीर रिया अपनाते है या नहीं.
I am steel waiting for next update

🩷🩷