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Ek number

Well-Known Member
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chapter 4

सुबह हो चुकी थी आयुस उठ कर अपने काटे को देखने जाता है बाकी सब बैठ सनसेड को देख रहे थे सुबह का नजरा बहोत खूबसूरत होता था

आयुस यहा काटा लगाया था वहा जाके देखता है एक डोरी हिल रही है तेजी से आयुस मुस्कुराते हुवे - हु फसी है

आयुस डोरी पकर जोर से खीचने लगता है मछली पानी मे तेजी फरफराने आयुस ये देख - अरे यार मछली तो बहोत बरी है लो लेकिन साली बाहर आ नही रही

आयुस पुरा ताकत लगा के आखिर कर मछली को बाहर निकाल देखता है मछली कम से कम एक हाथ बरी थी

आयुस मछली को उठा के - उफ हालात खराब हो गई मछली पानी मे बहोत ताकत वर होती है लेकिन कोई बात नही ये बहोत बरी है खाने का इंतज़ाम हो गया

आयुस मछली लेके सभी के पास आता सब इतनी बरी मछली को देख हैरान होते है

अयुसी मछली को देख - भाई ये तो बहोत बरी है
अमृता - हा इतनी बरी मछली बाजार मे ही मुश्किल से दिखती है
बिनीता - जो भी हो खाने का इंतज़ाम तो हुआ
आयुस मुस्कुराते हुवे - हा ये समुंदर है इसमें मछली की कोई कमी नही है

आयुस मछली को एक जगह रख देता है और सब के पास बैठ जाता है

बिनीता आयुस को घूर कर देखते हुवे मन मे - किसने सोचा था लाला मेरी उमर की औरत वो रीमा इसे छी उपर से मेरे चूचे उफ कितने जोर से दबाया

आयुस बिनीता को घूरते देख - बुआ ऐसे कियु घूर रही है मुझे
बिनीता - अरे मे तो अपने हैंडसम लाला को देख रही हु तु ना होता तो हमारा क्या होता
अयुसी - बुआ आपने वो कहा बिल्कुल सही कहा मेरा भाई बहोत हैंडसम है और भाई ना होता तो हमारे लग जाते

अमृता - हस्ते हुवे हु बात तो सही है फिर भी हमारे लगे परे है
आयुस - बात तो सही कही मा ये ये तीसरा दिन है
अमृता - हु पता नही और कितने दिन रहना परेगा

बाते होती है फिर सभी फ्रेस् होते है आयुस खरगोस् को पकाता है इसी मे 10 बज जाते है सूरज निकल आया था धुप चारों तरफ फैली थी जंगल मे रात से लेके सुबह धुप निकले के बाद ही ठंडी जाती है

आयुस सभी को देख - खाना रेडी है धुप निकल आया है तो अब हमे नहाने जाना चाहिये फिर खाना खायेंगे

सभी - ठीक है

आयुस सभी के साथ झरने के पास आता है

आयुस - हमारे पास एक ही कपड़े है वो सरीर पे है इस लिये ध्यान से कपड़े जंगल के फार मत लेना दूसरी हमे इसी एक कपड़े के साथ बता नही कितने दिन यहा रहना होगा

अमृता कपड़े देखते हुवे - लेकिन ये कपड़े गंदे है तो इसी गंदे कपड़े को हमेसा पहन कर रखेगे

बिनीता - आगे और गंदे होते जायेंगे सरीर तो नहा के साफ कर लेगे लेकिन कपड़े का किया

आयुस नजरे दूसरी तरफ कर - वो एक ही रास्ता है जो हमे करेगा ही होगा
आयुसी - भाई वो क्या है

आयुस - देखिये इस जंगल मे हमारे अलावा कोई नही है मे ही एक आप लोगो के बीच मर्द हु मे यहा नही रहुंगा तब आप नहाने से पहले कपड़े निकाल धो कर पथर् यहा धुप है सूखने को रख देना 30 मिनट तो आप सब नहायेगे ही और यहा धुप भी तेज है तो एक घंटे मे कपड़े सुख जायेंगे तो बाकी टाइम आप सब को वैसे रहना परेगा ऐसे ही जब कपड़े गंदे होगे करना परेगा

आयुस की बाते सुन समझ सब सर्म से लाल हो जाते है

अमृता मन मे - उपर वाले कहा फस गये अब नँगा रहना परेगा लेकिन बेटे ने जो कहा सही है हमारे पास कोई रास्ता नही है लेकिन सब के सामने उफ

बिनीता मन मे - हु लाला जी बात सही है दूसरा कोई रास्ता नही
आयुसी - भाई ने सही कहा लेकिन मुझे सर्म आयेगी मा बुआ के सामने नंगी उफ कहा फस गये हम

आयुस जाते हुवे - मे कैप पे जा रहा हु जब आप सब का हो जाये कपड़े सुख जाये तो आ जाना
सभी - ठीक है

अमृता बिनीता आयुसी सब एक दूसरे को देखते है फिर सर्म से लाल हो जाते है कोई रास्ता नही था सब थोरा दूर जाके पथर् के पीछे सारे कपड़े निकाल पानी मे जाके अच्छे से धोके एक अच्छी जहा तेज धुप है वहा सूखने के लिये रख देते है फिर पानी मे नहाने उतर जाते है

अमृता बिनीता के चुत पे बाल थे लेकिन आयुसी के छोटे थे यानी आयुसी ने चुत की सफाई की थी

सभी पानी मे उतर कर आने के बाद तीनों आमने सामने आते है थोरा अजीब लग रहा था ठोरी सर्म भी आ रही थी लेकिन तीनों औरते थी हालात भी ऐसे थे तो सब सर्म बाकी सब छोर मजे से नहाने लगते है

अमृता बिनीता से - उफ झरने मे यहा नहाने मे मजा ही आ जाता है
बिनीता सरीर साफ करते हुवे - आपने सही कहा भाभी पानी भी बहोत साफ है
आयुसी - हु अगर ये झरना ऐसी खूबसूरत जगह हमारे घर के पास होती तो मजा आ जाता

नोट - आयुस का गाव पहारी इलाके मे है लेकिन छोटे पहार जंगल है छोटी नदी झरने है बस

अमृता - बेटी तुने सही कहा पर हम जंगल मे है ये जगह भी

आयुस कैप के पास आके बैठ समुंदर को देखते हुवे - कपड़े एक ही है सब औरते है तो दीकत नही है कास कोई आ जाये

आयुस अपने लंड को पकर - उफ रीमा ऑन्टी आपकी बहोत याद आ रही है

पास्ट

आयुस रीमा के घर जाता है 12 बजे रीमा कमरे मे बिस्तर पे लेती हुई थी

आयुस आगन् मे आके - राज साले कहा है बे

रीमा - आ गया कमीना

रीमा बाहर आके आयुस को देख - अच्छा बेटा तेरा ही इंतज़ार था
आयुस डरते हुआ - वो ऑन्टी मे जा रहा हु बाद मे मीलुगा

लेकिन रीमा जल्दी से आयुस को पकर कान मोर - अच्छा कल मेरे होठ पे किस कर भागा उसका हिसाब कोन देगा हा बोल

आयुस रीमा से कान छोरा के बाहों मे लेके - कल सिर्फ छोटा किस किया था आज आपके होठो का रस पियुगा

आयुस ये केहते हुवे रीमा के होठ मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा हैरान शोक मे खरी रहती है रीमा को यकीन नही हो रहा था उसके बेटे का दोस्त उसके होठ का रस पी रहा है रीमा को गिला होठ पे फिल होता है अजीब एहसास रीमा को घेर लेता है
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आयुस अपना जिब अंदर ले जाने की कोसिस कर रहा था लेकिन रीमा के दात् बंद थे फिर आयुस हैरान होता है रीमा ने मुह खोल दिये थे आयुस भी सब भूल रीमा के जिब से जिब मिला मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा का पहली बार था रीमा भी ना चाहते आयुस का साथ देती है दोनों एक दूसरे के होठ का रस पीते है 2 मिनट बाद

आयुस तेजी से भागते हुवे - बाय खूबसूरत ऑन्टी आपके होठो का रस बहोत मिठा था पीके मजा आया

रीमा हैरान तेज सासे लेते हुवे आयुस को जाते देखते रह जाती है

रीमा - आह उफ ये लरका मेरे साथ सब कर रहा था तो मे उसे रोक कियु नही पाई ये किस पहली बार था मेरा उफ अजीब था होठो का रस पीना लेकिन मजा आया उफ पर मे कैसे इस लरके मे बरी हिम्मत आ गई है मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकता है

रीमा होठ को छुटे हुवे - उफ किया किस करने मे इतना मजा आता है

आयुस घर जाते मुस्कुराते हुवे - उफ आज तो मजा ही आ गया उफ ऑन्टी आप कमल है काश आपकी चुत मिल जाये तो मजा आ जाये

पर्जेंट

अमृता बिनीता आयुस कैप मे आते है आयुस सभी को देखता है कपड़े साफ सूखे थे

आयुस सभी को देख - हा अब सही है हमे ऐसे ही कपड़े साफ रखना होगा
अमृता - हु अब तु जा नहा ले
आयुस - हा ठीक है वैसे बुआ चलो ना साथ मे नहाते है किया कहती है

बिनीता हैरान आयुस को देखती है फिर - रुक तुझे मे बताती हु
आयुस भागते हुवे - गुस्से मे तो आप और भी खूबसूरत लगती है

अमृता अयुसी जोर जोर से हसने लगते है बिनीता भी हस्ते हुवे - ये लरका भी ना

आयुस झरने पे आता है सब कपड़े निकाल अच्छे से धोता है फिर पथर् पे सुखने के लिये रख नहाने लगता है अच्छे से नहाने के बाद बाकी कपड़े सुखने तक नाथ ही इधर उधर धुमने लगता है

आयुस अपने लंड को देख - यार तेरी मेरी किस्मत ही खराब है दोस्त यहा चुत बिना रहना होगा

12 बज चुके थे नहाते कपड़े सुखाते आयुस के कपड़े सुख चुके थे आयुस कपड़े पहन कैप पे आता है

आयुस ने समुंदर के किनारे पहला पेर के नीचे बैठने के लिये बनाया था कियुंकी दिन मे धुप होती थी

आयुस सभी बैठे थे

आयुस फिर मीठ को काट के हिस्सा करके सब को देता है खुद भी लेके खाने लगता है

आयुस खाते हुवे - हु खरगोस् का मीठ बहोत अच्छा है
अमृता - हा करक लेकिन मजेदार
बिनीता - हा स्वाद तो सच मे बहोत अच्छा है
आयुसी - हा लेकिन पका मीठ ही खाना होगा

आयुस - बिल्कुल कियुंकी दूसरा कोई चारा नही

आयुस सभी का खाना होता है तभी आयुस को एक आईडिया आता है

आयुस - गुरिया मेरे साथ चलो
आयुसी - कहा कियु
आयुस मुस्कुराते हुवे - चलो तो सही बाद मे खुद पता चल जायेगा
आयुसी - ठीक है भाई चलती हु

अमृता - संभल के जायदा अंदर मत जाना
बिनीता - हा साप कीरे से बच के

आयुस - जी आप लोग चिंता मत करो

आयुस आयुसी जंगल मे आते है आयुस हर पेर को देख रहा था आयुसी समझ नही पा रही थी उसका भाई किया ढुंढ रहा है

तभी आयुस को जो चाहिये मिल जाता है एक पेर से कई सारे पतली रस्सी जैसी लताये लिपटी हुई थी आयुस उसे पकर जोर से तोरने कि कोसिस करता है लेकिन बेले मजबूत थी

आयुस खुश होके - ये हुई ना बात

आयुस बिना टाइम गवाये सभी सभी लताये को काटने लगता है और एक जगह रखने लगता है अयुसी हैरान - भाई इस बेल का किया करने वाले है

आयुस मुस्कुराते हुवे - बता चल जायेगा
आयुसी मुह फुला के - नही बताना मत बताओ
आयुस मुस्कुराते हुवे - यकीन मानो तुम्हे पसंद आयेगा

आयुस बहोत सारी लताये काट कर एकथा करता है

आयुस - गुरिया इतना तुम उठा लो बाकी मे उठा लेता हु

आयुस - हु ठीक है

आयुस आयुसी लताये लेके सभी के पास आते है


अमृता हैरान आयुस से - अरे बेटा ये जंगली लताये कियु लेके आया है
बिनीता - मुझे लगता है जरूर कुछ करेगा ही
आयुस मुस्कुराते हुवे - बिल्कुल करुगा बस आप सब देखते जाये

आयुस काम पर लग जाता है सभी लताये को एक दूसरे से लपेट जाले टाइप बनाने लगता है बाकी सब देखते रहते है टाइम तो बहोत लगता है 2 घंटे के बाद आयुस सभी के लिये एक एक बना देता है

आयुस जिस पेर के नीचे था वो पेर छोटा था लेकिन बहोत दूर तक चारों तरफ फैला था कई डालिया भी थी आयुस एक नजर डालता है फिर आयुस को कैसे किया करना है समझ मे आ जाता है

आयुस फिर काम पे लग जाता है आयुसी भी मदद कर रही थी आयुस सब को अब समझ आ रहा था आयुस किया कर रहा है 30 मिनट बाद काम खतम होता है

आप इस फोटो मे देख सकते है एक लरकी कैसे लेती है जाले के ऊपर वैसे ही आयुस जंगली मजबूत लताये से सभी के आराम सोने के लिये बनाया कियुंकी दिन मे समय काटना बरा मुश्किल था लेकिन अब आराम से छाव मे झूले पे लेत आराम बाते कर सकते थे
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आयुसी जल्दी से झूले पे लेत खुशी से - वाह भाई अपने तो कमाल कर दिया बैठे बैठे सरीर दर्द करने लगता था लेकिन अब मजे से हवा मे झूलते मजा ले सकते है बाते सो सकते है

अमृता - वाह बेटा सच मे कमाल कर दिया लेकिन किया ये हमारे वजन संभाल पायेंगे

बिनीता - बोलो इतना मजबूत है कही ऐसा ना हो टूट जाये और हमारी कमर भी

आयुस मुस्कुराते हुवे - डरिये नही बहोत मजबूत है लताये दूसरे मेने अच्छे से सब जाल लगाये है टुटने का सवाल ही नही ट्राई करे

अमृता बिनीता झूले पे लेत जाते है डरते हुवे लेकिन कुछ नही होता
अमृता बिनीता - हु बहोत बजबूत है मजा भी आ रहा है आराम से लेत बाते कर सकते है समुंदर का नजारा भी अच्छे से देख सकते है

आयुसी - हु मुझे तो बहोत मजा आ रहा है भाई सुक्रिया
आयुस - अरे गुरिया के लिये कुछ भी करुगा
अमृता बिनीता हमारे लिये नही
आयुस हस्ते हुवे - सब के लिये

सभी झूला पे लेत बाते करने लगते है घर पे किया हो रहा होगा बाकी सब मुद्दे पे फिर सब एक छोटा नींद लेते है साम को सब उठते है

शाम ढल जाती है अंधेरा हो जाता है अभय सभी आग जला के बैठे हुवे थे आयुस मछली को साफ कर आग पे रख पका रहा था

आयुसी - उफ भाई पहले दिन चिरिया फिर खरगोस् अब मछली देखते है मछली का स्वाद कैसा होगा

अमृता मुस्कुराते हुवे - बेटी तुने बात तो सही कही अब खाने के बाद पता चलेगा

बिनीता - यार मुझे तो भूख लगाने लगी है

आयुस - बस बुआ ठोरी देर और

25 मिनट बाद मछली अच्छे से पक जाती है अभय बरे पत्ते लेके रखा था उसी पे अपनी मा बुआ अयुसी को देता है खुद एक लेके खाने लगता है

आयुस - हु अच्छा है लेकिन मीठ के सामने मछली कुछ भी नही
अमृता - सही कहा बेटा मछली का स्वाद तो अच्छा है लेकिन मीठ से जायदा नही

बिनीता - हु चिरिया खरगोस् खाने मे बहोत अच्छा था लेकिन ये मछली ठीक है

अयुसी - किया ही कर सकते है लेकिन इतना भी बुरा नही अच्छा है
आयुस - हु मछली फराइ या बना के खाने मे अच्छा स्वाद करता है पका के खाने मे नही

अमृता - बिल्कुल सही कहा तुमने बेटा

खाना पीना होने के बाद सभी ठोरी देर और बाते करते है फिर सभी बिस्तर पे आके लेत जाते है

अमृता - 9 बजते ही बहोत ठंडी बढ़ जाती है उफ
बिनीता - भाभी आपने बहोत सही कहा आग के पास बैठा भी नही जाता
आयुसी आयुस से चिपकी हुई - हा अच्छा है सोने के लिये बिस्तर है
आयुस - हु इतना सब है इस लिये बहोत हेल्फ हो गई वर्ना बहोत मुश्किल हो जाती

कुछ मिनट बाते करने के बाद सब सोने लगते है

आयुस अयुसी को बाहों मे पकरे हुवे था आयुस को आयुसी के चूचे सीने पे फिल हो रहे थे आयुस - उफ ये चूचे बहोत बरे है मेरी गुरिया के

रात 2 बज रहे थे फिर आयुस रीमा के सपने देखने लगता है और बिनीता को रीमा समझ बाहों मे कसे चूचे दबाने लगता है बरब्राने लगता है बिनीता को फिल फिल होता है कोई उसके चूचे दबा रहा है बिनीता की नींद खुलती है तब समझ मे आता है आज फिर उसका भतीजा रीमा समझ उसके चूचे दबा रहा है

नींद खुल गई चूचे पे आयुस का हाथ चल रहा था आयुस दोनों चूचे पकर जोर जोर से दबा रहा था तो बिनीता को दर्द होने लगता है बिनीता जल्दी से हाथ से मुह बंद कर - मर गई ये लरका फिर सुरु हो गया कितना जोर से दबा रहा है मुझे बहोत दर्द हो रहा है

आयुस रीमा समझ बिनीता के चूचे दबाते हुवे - उफ ऑन्टी आपके चूचे आज बहोत बरे लग रहे है उफ दबाने मे मजा आ रहा है

बिनीता कुछ समझ पति उससे पहले आयुस बिनीता के होठ से होठ सता के किस करने लगता है साथ मे अपना लंड बिनीता के चुत पे सता के घिसने लगता है

तीन हमला बिनीता को कपा देता है आयुस बिनीता को किस करते हुवे चूचे दबा रहा था और चुत पे लंड घिस भी रहा था बिनीता बेचारी की हालात खराब होने लगती है होठ पे होठ चूचे पे हाथ चुत पे लंड फिल कर बिनीता मद्होस पागल होके मचल रही थी

बिनीता होस खोटे जा रही थी मुह बंद था इस लिये आह उफ सिसकिया की आवाजे मुह मे ही रह जाती है

बिनीता मन मे बेचैन होके - आह मा मर गई ये ये आयुस बेटा रुक जा आह मेरी चुत पे आयुस बेटे का लंड है उफ बहोत मोटा लग रहा है

आयुस किस छोर चूचे दबाते हुवे - आह ऑन्टी याद है आपकी चुत पे पहली बार अपना मोठा लम्बा 10 इंच का लंड घुसाया था तो आप को कितना दर्द हुआ था

बिनीता हैरान शोक मे - किया इतना बरा है आयुस बेटे का लंड छी मे किया सोचने लगी मुझे रोकना होगा आयुस बेटे को

तभी आयुस सारी के ऊपर से ही बिनीता के चुत पे हाथ रख चुत को मसलने लगता है बिनीता तो पूरी काप् जाती है शोक मे आह उफ मचल के तरप् के महदोस् मे खोने लगती है

आयुस बिनीता के गर्दन पे किस करते हुवे बिनीता के चुत मसलते हुवे - उफ ऑन्टी आपकी चुत तो आज बहोत गर्म लग रही है उफ चिंता मत करिये सब गर्मी निकाल दुगा आपकी चुत की

बिनीता आयुस की खुली गंदी बाते सुन अपनी चुत पे आयुस पे आयुस का हाथ चलता फिल कर मन मे - आह मर गई रे आयुस बेटा रुक जा ये लरका कितना गंदा बाते कर रहा है उफ मेरी चुत को कितना जोर से मसल रहा है आह मुझे कुछ हो रहा है नही मुझे रोकना होगा

बिनीता आयुस के कान मे उंगली करती है आयुस नींद मे ही कान पे हाथ रख देखने लगता है किया है कान पे लेकिन इसकी वजह से आयुस रीमा का सपना देखना बंद कर सांत हो जाता है

बिनीता पीठ के बल लेत तेज सासे लेते हुवे मन म - आह उफ आज तो हद ही हो गई उफ मेरे चूचे बहोत दर्द कर रहे है मेरी चुत गीली हो गई आयुस बेटे के मसलने उसकी बाते सुन छी लेकिन कैसे मे उसकी बुआ वो मेरे बेटे जैसा है ये रीमा के चक्कर मे मुझे सब झेलना पर रहा है किया करू मुझे लगा एक बार हो गया हो गया लेकिन आज भी

मे समझ सकती हु आयुस जवान है रीमा के साथ सब करने के बाद यहा उसको वो सब करने का दिल कर रहा होगा उफ ये लरका भी ना पर आगे किया फिर कल भी ऐसा करेगा तो किया भाभी को नही नही अगर भाभी आयुस के पास सुई तो भाभी के साथ भी ये लरका सब करने लगेगा फिर भाभी को भी पता चल जायेगा आयुस रीमा के बारे मे ऐसा हुआ तो गर्बर् हो जायेगी मुझे ही कुछ सोचना होगा

बिनीता अपनी चुत को सेहलाते हुवे मन मे - इतना जोर से कोन मसलता है आह मा दर्द हो रहा है


सुबह होती है बिनीता रात जो हुआ वही याद कर आयुस को घूर के देखते हुवे मन मे - अभी भी यकीन नही होता रीमा मेरे बेटा कैसे उपर से रीमा समझ मेरी नींद उड़ा रहा है

आयुस सब खरे फिर सुबह समुंदर को देख रहे थे

अमृता - सुबह का ये सन्सेड देखना दिल को सुकून दे रहा है
आयुसी - समुंदर के ऊपर सूरज जो अपनी लालिमा हर तरफ फैला रहा है बहोत खूबसूरत है

आयुस - हु खूबसूरत तो है

10 बजते है फिर सभी झरने के पास आके नहाने लगते है आयुस अकेले जंगल मे जाके शिकार करने लगता है 36 मिनट बाद आयुस आज फिर दो खरगोस् 3 चिरिया का शिकार कर लौटने लगता है

आयुस - ये बहोत बरा खतरनाक जंगल है यहा कोई शिकारी आता नही इस लिये शिकार आसानी से मिल जाते है ये हमारे लिये अच्छा है नही तो अगर हम कोई ऐसी जगह होते यहा बहोत कम शिकार है तो हमारे लग जाते

आयुस झरने के पास पास आता है अमृता सब नहा के धुप मे पथर् पे बैठे हुवे थे आयुस सब के सामने शिकार रख देता है

अमृता - वाह आज फिर खरगोस् चिरिया खाने को मिलेगा
बिनीता - रोज एक ही चीज खाके मन भर जायेगा
आयुस - अरे ये चिरिया उस दिन के चिरिया से अलग है तो स्वाद भी अलग आयेगा
आयुस - भाई आपने सही कहा ये चिरिया अलग है

आयुस - हु और समुंदर मे भी कई तरह के चीजे खाने को है

अमृता - हु

आयुस - ठीक है आप सब जाओ मे नहा के आता हु

अमृता बिनीता सब जाते हुवे - ठीक है

आयुस फिर नँगा होके नहाने लगता है


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏
Nice update
 

Abhiraaj

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Bhut hi jabardast story hai bhai , mujhe is tarah ka story bhut pasand hai incest adventure, bhai ek do request hai agar aapko acha lge to story me is chij ko add kijiyega, sabhi ko mutte or hagte hue chup chup kr dekhna, or ladies hero or anjan bb kr apni chut or gand dikhaye or tarsaye, mut pilana, gand chatna , gand sunghna, lesbian, bdsm, animal sex v add kr skte hai , dirty dirty talk kre , slow seduction , sex ekdum se mt krwa dijiyega, ekdum sb tadpe lund ke liye tvi sex krwaiyega
 

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chapter 1

सूरज निकल कर अपनी लालिमा चारो तरफ फैला रहा था एक गाव जो छोटे पहारो के बीच बसा हुआ है सुबह की सूरज निकलते टाइम बहोत ही खूबसूरत नजारा होता है ऐसा लगता है जैसे सूरज पहार के पीछे से निकल रहा हो


उसी गाव के एक घर मे हमारा हीरो भी रहता है गाव मे मुर्गे चिरिया की चेहचाहने की आवाज जैसे मधुर धुन हो जो सुबह सुबह दिल को सुकून पहुचाता है

गाव का हर कोई बूढ़े जवान उठ अपने सुबह के रोज मर्रा के काम मे लग जाते है लेकिन हमारा हीरो आराम से नींद ले रहा था जैसे उसे कोई फर्क नही परता दुनिया मे किया चल रहा है दुनिया जाय भार मे

तभी कमरे मे एक खूबसूरत सी लरकी आती है जो आयुस को मुस्कुराते हुवे देखती है फिर आयुश के ऊपर आके बैठ जाती है आयुस सोया था अपने पीठ पे बहोत गर्म मुलायम लेकिन बहोत भारी कुछ फिल करता है तो सासे फूलने लगती है

आयुस को समझते देर नही लगती उसके उपर उसकी प्यारी बेहन है आयुस आखे खोल पीछे मूर आरूसी को देख - ओये शैतान तु एक दिन मेरी जान लेके मानेगी कितनी भारी है तू और हर बार आके मेरे उपर बैठ जाती है मे कोई बैठने की चीज हु किया हा

आरूसी मुह फुलाते हुवे - भाई मे तो एक नाजुक फुल जैसी लरकी हु मे कहा से भारी हो गई आप बस मुझे ताना मारते रहते है और हा आप के ऊपर बैठ मजा आता है

आयुस मुस्कुराते हुवे - तू फुल जैसी नाजुक ( आयुस जोर जोर से हस्ते हुवे) अच्छा मजाक है भैस कही की उतर मेरे उपर से

बस फिर किया एक लरकी को तारीफ अच्छी लगती है लेकिन अगर आप गलती से भी किसी लरकी को उसकी खूबसूरती का मजाक बनाते हुवे कुछ बोल दो तो भइया आप गये

आयुसी भी फुल गुस्से मे आयुस को देख - भाई अपने बहोत गलत किया मे कोई मोटी भैस नही हु आज मे आपको छोरुगी नही

आयुसी गुस्से से तकिया उठा के आयुस को मारने लग जाती है आयुस दोनों हाथ आगे कर अपने आप को बचाते हुवे - रुक जा बेरी बहन लग जायेगी

आयुसी आयुस को मारते हुवे गुस्से से - आप बहोत बुरे है भइया आप हमेसा मुझे मोटी मोटी कहते रहते है आज आपको मे नही छोरने वाली

कमरे से सोर सराबा सुन अमृता अपना सर पकर - ये दोनों इतने बरे हो गये लेकिन रोज सुबह होते ही लरना सुरु कर देते है

अमृता कमरे मे जाते दोनों को देख गुस्से से - सुबह सुबह सुरु हो गये हद है बच्चो की तरह लरते रहते हो और तुम आयुस बेटा अपनी बेहन को मोटी कियु बोलता है इतनी खूबसूरत तो मेरी बेटी

आयुसी आयुस को देख मुस्कुराते हुवे - देखा सुना ना मा ने किया कहा मे बहोत खूबसूरत हु मोटी भैस नही

आयुस मुस्कुराते हुवे - अच्छा बाबा तुम खूबसूरत हो अब खुश
आयुसी आयुस के ऊपर से नीचे आके खरी होके - यही बात रोज कहते भाई तो आप को मार नही खानी परती

आयुस मन मे - लरकी को कोई समझ नही सकता

अमृता आयुस को देख - उठेगा जा

आयुस जल्दी से उठ अमृता के पास जाके गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग मा

अमृता मुस्कुराते हुवे आयुस के गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग मेरा बच्चा

आयुसी मुह फुला के - मुझे किसी ने गुड मोर्निंग नही कहा

अमृता आयुस मुस्कुराते हुवे आयुसी के गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग

आयुसी मुस्कुराते हुवे - हु अब ठीक है
आयुस - शैतान की नानी

हा ये रोज का है आयुस आयुसी सुबह एक बार लरते ही है लेकिन ये दोनों भाई बहन के बीच प्यार है अमृता भी जानती थी दोनों जान बुझ कर लरते रहते है

आयुस निकल परता है हल्का होने पहारी इलाका था घर आयुस का गाव के बीच नही सब से किनारे पे था आस पास परोसी थे लेकिन थोरि दूर पे थे घर के पीछे आयुस थोरि रोज हल्का होने जाता था

घर पे आयुसी नहाने रेडी होने के बाद खाना बनाने लगती है अमृता गाय को चारा खिलाने लगती है

ये रोज सुबह का रूटीन था

आयुस के पिता 5 साल पहले ही गुजर गये असल मे आयुस के बीमार थे पैसे ना होने के कारन इलाज नही हो पाया और गुजर गये

जमीन बहोत थी लेकिन आधे से जायदा जमीन बेच कर इलाज करने मे बिक गये जमीन भी गई और आयुस के पापा भी

अमृता ने उसके बाद घर बच्चो को संभाला लेकिन मुश्किल घड़ी मे आयुस की बुआ हमेसा साथ देती थी आयुस की आधी जिंदगी अपनी बुआ के घर ही गुजरी

आयुस अपनी बुआ को मा की तरह ही मानता है आयुस को बुआ से एक मा के तरह ही प्यार मिलता है आज भी

बिनीता मा नही बन पाई लेकिन आयुस को ही अपना बेटा मान लिया आयुस ही है जो बिनीता को कभी बेटे के कमी का एहसास नही होने देता पर खुद मा बन बच्चे को जन्म देने वो दर्द दूध पिलाने गोद मे उठाना ये फीलिंग बिनीता को मिल नही पाई इस लिये बिनीता कभी कभी बहोत दुखी हो जाती थी पर आयुस को देख सब भूल दर्द भूल जाती

आयुस घर आता है नीम का दातून से मुह धोने लगता है आगन् मे बैठ कर आयुसी खाना बना रहा थी

आयुस - गुरिया आज बुआ आने वाली है अच्छे से दाल चावल भुजिया बनाना समझ गई

आयुसी आयुस को देख - हा समझ गई भाई आप बोल तो ऐसे रहे है जैसे मुझे खाना बनाना नही आता

आयुस हस्ते हुवे - आता है आता है लेकिन कभी नमक कभी मसाला जायदा डाल देती तो बरी आई

आयुस रोने सा मुह बना के - भाई आप बहोत बुरे है हर वक़्त मेरा मजाक बनाते रहते है मुझे आपसे बात ही नही करनी जाओ

अमृता कमरे से आके आयुस के पास जाके कान पकर - कियु रे कितनी बार कहा है अपनी बेहन को टंग मत करा कर

आयुस दर्द मे - आह मा छोरो ना दर्द होता है मेने कहा तंग किया है
अमृता और जोर से कान खीचते हुवे - मे बहरी नही हु सब सुनाई देता है समझ गया
आयुसी खुश होके - मा और जोर से कान खीचो भइया के
आयुस दर्द मे - आह मा छोर दो ना अब फिर तंग नही करुगा
अमृता कान छोर - तेरा रोज का है कहता है नही तंग करेगा लेकिन तेरी बाते हवा मे गायब हो जाती है


इतनी मस्तिया लाराइ मे 10 बज जाते है खाना पीना खाने के बाद आयुस अपने दोस्तो राज से मिलने जाता है घर से थोरी दूर ही था
10 मिनट का रास्ता था

आयुस राज के घर आता है अंदर जाने के बाद आयुस - अरे वो राज के बचें कहा है रे बाहर निकल देख तेरा बाप आया है

तभी पीछे से कोई आयुस का कान जोर से मरोड़ गुस्से से - अच्छा बेटा तु राज का बाप है मेरा पति सही कहा ना मेने

आयुस आवाज सुन डरते हुवे - वो ऑन्टी मे तो मजाक मे केहता हु

ऑन्टी आयुस के सामने खरी होके - अच्छा मजाक लेकिन ये कैसा मजाक है मुझे लगता है तेरी मा को जाके बताना पड़ेगा तेरा बेटा मेरा पति बनने के लिये बेचैन है

आयुस प्यार से ऑन्टी के गाल पे किस करते हुवे - मेरी प्यारी खूबसूरत ऑन्टी माफ कर दो मा को मत केहना प्लेस वादा करता हु आगे से गलती नही होगी

ऑन्टी मुस्कुराते हुवे - वाह बेटा मखन् लगाने से मे माफ नही करने वाली समझ गया
आयुस ऑन्टी को बाहों मे लेके - तो तो मे सच मे आपको लेके भाग जाउंगा
ऑन्टी जोर जोर से हस्ते हुवे - अच्छा बच्चा है तू मुझे नही संभाल पायेगा समझ गया

आयुस मुस्कुराते हुवे - एक मोक्का देखे देखिये यकीन मानिये इस आयुस को आप कभी रोज दिन रात याद करेगी
ऑन्टी आयुस की आखो मे देख - अच्छा अगर नही संभाल पाया तो
आयुस आखो मे देख - तो आप जो बोलोगी मे करुगा

ऑन्टी - अगर ऐसा है तो चल दिया मोक्का
आयुस अंदर ही अंदर बहोत खुश होता है कियुंकी आयुस अपने दोस्त की मा यानी रीमा के पीछे परा हुआ था

आयुस रीमा के कान मे - राज कहा है
रीमा - वही जहा जाता है
आयुस - तो सुरु करे जैसा दिल हुआ है
रीमा - सोच ले संभाल नही पायेगा
आयुस रीमा के के होठ के किस करते हुवे आखो मे देख - 4 महीने से आपको आपकी चुत को संभाल तो रहा हु मेरी जान

हा आपने सभी समझा आयुस रीमा को चार महीने से चोद रहा है लेकिन कब कैसे सुरु हुआ आगे पता चल जायेगा

आयुस रीमा को उठा के कमरे मे बिस्तर पे लेता के किस करने लगता है रीमा भी पुरा साथ देती है दोनों एक दूसरे का रस पीते है

आयुस जल्दी से रीमा के सारी उपर कर टांगे फैला के अपना लंड निकाल चुत पे घिसने लगता है रीमा आह उफ सिसकिया लेने लगती है
आयुस रीमा को देख - उफ कितनी गर्म है आपकी चुत
रीमा उफ आह सिसकिया लेते - चुत तेरे लंड लेने के लिये गर्म हो गई है डाल दे अब देर मत कर
आयुस - अच्छा बाबा डाल देता हु

आयुस एक जोर डार धक्का मार पुरा लंड अंदर डाल देता है रीमा दर्द मे आह मा मर गई रे आयुस बिना रुके धक्का मारता रहता है रीमा टांगे उठाये अपने बेटे के दोस्त का लंड मजे से ले रही थी

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रीमा उफ बेटा तेरा लंड लेने के बाद मेरे दिल को सुकून मिलता है आते रहना और मेरी चुत मारते रहना आह तेरा मोटा लंड ही मेरी चुत की आग सांत कर सकता है उफ मजा आ रहा है चोद बेटा अपनी ऑन्टी को आह उफ मा यही असली चुदाई का मजा है जो तूने मुझे दिया

25 मिनट बाद

रीमा जल्दी से सारी बाल सही कर बिस्तर पे बैठ हाफते हुवे - उफ मजा आ गया बेटा

आयुस मुस्कुराते हुवे - जब मेने आपको नँगा देखा तब से मे आपकी चुदाई करने के पीछे परा था किस्मत ने साथ दिया और आप की चुत मुझे मिल गई

रीमा मुस्कुराते हुवे - कितना कमीना है दोस्त की मा को चोदता है
आयुस मुस्कुराते हुवे - अरे इसमें असली मजा है मेरी जान वैसे भी आप भी तो खूब मजे से लंड लेती है मेरा

रीमा बेसर्म कमीना - हा एक बात तो है तेरे अंदर बहोत दम है किसी औरत को खुश करने की

आयुस मुस्कुराते हुवे - अच्छा अब चलता हु फिर कल आयुगा आपकी लेने

आयुस चला जाता है रीमा मन मे - उस दिन जब उसने मुझे नँगा देखा तभी मुझे उससे चुदना तय हो गया कितना कमीना चालाक है मेरी चुत मार ली और अब मुझे उसके लंड की आदत पर गई है


आयुस अपने दोस्त से मिलने जाता है बाते मस्ती घूमने मे 12 बज जाते है आयुस जब घर आता है तो किसी को देख बहोत खुश होता है हा बिनीता आ गई थी आयुस को देख बिनीता का चेहरा भी खिल जाता है

आयुस जल्दी से जाके बिनीता को गले लगा के - बुआ मा आप आ गई

आयुस अपनी बुआ को बुआ मा बोलता है प्यार से

बिनीता भी खुशी से आयुस को बाहों मे भर - मेरा बच्चा कैसा है
आयुस - एकदम मस्त

आयुस फिर बिनीता के चहरे गाल को टच करते हुवे आगे पीछे अच्छे से देखने लगता है अमृता आयुसी सब देख मन मे - लो फिर सुरु हो गया

आयुस अच्छे से बिनीता को देखने के बाद बिनीता के सामने खरा हो जाता है

बिनीता मुस्कुराते हुवे - हा तो मे फिट हु ना
आयुस मुस्कुराते हुवे - हा आप फिट है और पहले से थोरा और खूबसूरत हो गई है
बिनीता हस्ते हुवे - बस थोरा सा
आयुस हस्ते हुवे - बुआ मा आप पहले से ही बहोत खूबसूरत है
बिनीता हस्ते हुवे - मेरा बच्चा आजा मेरे बाहों मे
आयुस भी फिर बिनीता के बाहों मे समा जाता है बिनीता आयुस को बाहों मे लेके जैसे उसे सुकून मिल गया हो

अमृता सब देख समझ रही थी अमृता ने ही बिनीता का दर्द समझा और आयुस जब छोटा था तब बिनीता के साथ भेज दिया था

बिनीता आयुस कमरे मे आते है बिस्तर पे लेत बिनीता आयुस को सीने से लगा के सर प्यार से सेहलानें लगती है

आयुस - बुआ मा आप यही कियु नही रह जाती आप उस बूढ़े फूफा को छोर दो ना मेरे साथ रहो
बिनीता आयुस का सर सेहलाते हुवे हस्ते हुवे - शैतान वो तेरे फूफा है और अभी पुरे बूढ़े नही हुवे है

आयुस - नही हुवे है लेकिन आपके सामने बूढ़े ही दिखते है आप तो अभी 25 की लगती है बहोत खूबसूरत जवान
बिनीता हस्ते हुवे - अच्छा ऐसा किया मेरा बेटा कहता है तो मान लेती हु
आयुसी कमरे मे आते हुवे - बुआ ये गलत बात है माना भाई आपके साथ मेरे से जायदा रहे लेकिन आप ऐसा कैसे कर सकती है भाई को आप बहोत प्यार करती है लेकिन मुझे नही करती

बिनीता आयुसी को देख हस्ते हुवे - आजा नोटकी बाज
आयुसी भी मुस्कुराते हुवे बिनीता के साथ लेत जाती है

बिनीता आयुसी आयुस को प्यार से सर सेहलाते हुवे - मे मा नही बन सकी लेकिन तुम दोनों को मे अपना बच्चा ही मानंती प्यार करती हु तुम दोनों की वजह से ही मे अपने आप तो टूटने से रोक पाती हु

बिनीता मा ना बनने से फिर इमोसनल हो जाती है

आयुस बिनीता के आसु साफ कर - मेने भी आपको मा की नजर से देखता हु बुआ मा मे हु ना आपका बेटा आप चिंता कियु करती है आपका ख्याल मे रखुंगा

आयुसी - हा बुआ भाई सही केह रहे है आप दुखी मत हुआ कीजिये अच्छा नही लगता

बिनीता आसु साफ कर मुस्कुराते हुवे - अच्छा बाबा आज के बाद से ऐसा नही होगा

साम 7 बजे

आगन् मे आयुसी खाना बना रही थी अमृता आयुस बिनीता सब बाते कर रहे थे आयुस बिनीता के गोद मे सर रख लेता हुआ था बिनीता बाते करते हुवे आयुस का सर सेहला रही थी


आयुस - बुआ कम से कम पाच दिन तो रहोगी ना
बिनीता - नही मेरे बेटे 2 दिन से जयादा नही रह सकती तुझे पता है कियु

आयुस उदास होते हुवे - हा जानता हु

बिनीता के बच्चे होते तो बिनीता आराम से जितना दिन चाहती रह सकती थी लेकिन बच्चे ना होने के कारन बिनीता को ही घर खेत गाय को देखना परता और ये बात आयुस जानता है इसी लिये आयुस ने रुकने का जिद नही किया

अमृता - कोई बात नही ननद जी नही रुक सकती लेकिन तु जाके जीतने दिन चाहे रह सकता है

आयुस मुस्कुराते हुवे - हा मा अपने ये बात सही कही
बिनीता - भाभी आपने मेरे लिये जो किया उसका एहसास कभी नही भूल पाउंगी मुझे अच्छे से पता है एक मा अपने बेटे के बगैर नही नही सकती मेने आयुस को जन्म नही दिया लेकिन बेटे की तरह प्यार करती हु जब आयुस मेरे साथ नही होता तो मेरा दिल नही लगता बहोत याद आती है आयुस की जबकि आप ने आयुस को जन्म लिया फिर भी आप आयुस को मेरे पास भेजती है मे समझ सकती हु आप कैसे आयुस बिना रहती होगी

अमृता - हा ये बात सच है आयुस बिना मेरा दिल भी नही लगता लेकिन मे खुश हु आयुस की दो मा का प्यार मिलता है ननद जी दुखी होने की जरूरत नही है मुझे खुशी होती है आयुस आपके साथ रहता है तो आयुस भी आपको बहोत प्यार करता है

बिनीता आयुस को देख मुस्कुराते हुवे - हा मेरे बेटा मुझे बहोत प्यार करता है

आयुसी - अच्छा जब भी बात होती मे तो कही भी नही होती सब हर बार मुझे भूल जाते है सब सिर्फ भाई को ही प्यार करते है मुझे नही

अमृता - लो रूठ गई तेरी गुरिया

बिनीता - अरे बाबा तुझे भी हम सब बहोत प्यार करते है समझ गई
आयुस - हु मेरी गुरिया तो सब से प्यारी है मेरी लाडली
आयुस अंदर ही खुश होती है लेकिन दिखाती नही
आयुसी - हा हा बस बाते बरी करते है प्यार नही करते

बाते करते हुवे खाना भी रेडी हो जाता है फिर सभी खाना खाते है फिर थोरि बाते करते है


अमृता - ठीक है ननद जी मे चली सोने
आयुसी - मे भी चली मुझे भी नींद आ रही है
दोनों सोने चले जाते है

आयुस - बुआ मा चले हम भी सोने
बिनीता मुस्कुराते हुवे - हा चलो

बिनीता आयुस कमरे मे आ जाते है बिनीता आयुस को सीने से लगा के बाहों मे भर - तुझे सीने से लगाती हु तो मुझे सुकून मिलता है मेरे लाल
आयुस बिनीता को बाहों मे कस - मुझे भी बुआ मा

......?


आयुस सोया था लेकिन जब उसकी नींद खुलती है आके अभी भी बंद थ लेकिन जगा हुआ था तो आयुस को सर भारी और कई सारी चिरिया जानवर की आवाजे सुनाई देने लगती है और जो आवाजे थी बहोत तेज थी आयुस हैरान होके जल्दी से आखे खोलता है तो आयुस को बरे बरे घने पेर और उस पेर पे कई सारी अलग चिरिया बंदर दिखाई देते है जिसे देख आयुस शोक हैरान हो जाता है

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आयुस अपनी आख बंदकरते हुवे - अरे नही ये सपना है ऐसा थोरि है मे जंगल मे नीचे सोया हु सब सपना है मे फिर आखे खोलूगा मे अपने घर मे होऊगा मुझे फिर अपने घर का छत दिखाई देता ये सोच आयुस फिर आखे खोल देखता है लेकिन फिर आयुस को वही दिखाई देता है इस बार आयुस डर जाता है लेकिन अभी भी बिस्वास नही हो रहा था वो जंगल मे है

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तभी आयुस के पैर मे कोई किरा काटता है तो आयुस दर्द मे आह करते हुवे एकदम से उठ कर बैठ जाता है लेकिन फिर सामने देखता तो फिर जंगल ही देखाई देते है आयुस का अब दिल धक धक करने लगता है चेहरे पे पसीने आने लगते है

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आयुस हिम्मत कर खरा होता है और चारो तरफ नजर डोरा के देखता है तो चारो तरफ सिर्फ जंगल के बहोत भयानक जंगल अब तो आयन के पैर भी कापने लगते है डर से आयुस जम जाता है तभी आयुस की नजर सामने अपनी मा बहन बुआ पे जाती है जो बहस जमीन पे परे हुवे थे
आयुस कापते हुवे आवाज मे चारों तरफ देख - हम तो घर पे सो रहे थे लेकिन यहा इस भयानक जंगल मे कैसे आ गये

आयुस बहोत जोर से चिल्लाता है - नही ये नही हो सकता

आयुस जिसकी आवाज चारो तरफ जंगल मे भुज परती है


और हा बहोत सारी स्टोरी मेरे दिमाग मे है ये स्टोरी लोगो को पसंद आती है तो जारी रहेगी नही आती है तो कोई दूसरी स्टोरी सुरु कर दुगा

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏
Nice update
 

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chapter 4

सुबह हो चुकी थी आयुस उठ कर अपने काटे को देखने जाता है बाकी सब बैठ सनसेड को देख रहे थे सुबह का नजरा बहोत खूबसूरत होता था

आयुस यहा काटा लगाया था वहा जाके देखता है एक डोरी हिल रही है तेजी से आयुस मुस्कुराते हुवे - हु फसी है

आयुस डोरी पकर जोर से खीचने लगता है मछली पानी मे तेजी फरफराने आयुस ये देख - अरे यार मछली तो बहोत बरी है लो लेकिन साली बाहर आ नही रही

आयुस पुरा ताकत लगा के आखिर कर मछली को बाहर निकाल देखता है मछली कम से कम एक हाथ बरी थी

आयुस मछली को उठा के - उफ हालात खराब हो गई मछली पानी मे बहोत ताकत वर होती है लेकिन कोई बात नही ये बहोत बरी है खाने का इंतज़ाम हो गया

आयुस मछली लेके सभी के पास आता सब इतनी बरी मछली को देख हैरान होते है

अयुसी मछली को देख - भाई ये तो बहोत बरी है
अमृता - हा इतनी बरी मछली बाजार मे ही मुश्किल से दिखती है
बिनीता - जो भी हो खाने का इंतज़ाम तो हुआ
आयुस मुस्कुराते हुवे - हा ये समुंदर है इसमें मछली की कोई कमी नही है

आयुस मछली को एक जगह रख देता है और सब के पास बैठ जाता है

बिनीता आयुस को घूर कर देखते हुवे मन मे - किसने सोचा था लाला मेरी उमर की औरत वो रीमा इसे छी उपर से मेरे चूचे उफ कितने जोर से दबाया

आयुस बिनीता को घूरते देख - बुआ ऐसे कियु घूर रही है मुझे
बिनीता - अरे मे तो अपने हैंडसम लाला को देख रही हु तु ना होता तो हमारा क्या होता
अयुसी - बुआ आपने वो कहा बिल्कुल सही कहा मेरा भाई बहोत हैंडसम है और भाई ना होता तो हमारे लग जाते

अमृता - हस्ते हुवे हु बात तो सही है फिर भी हमारे लगे परे है
आयुस - बात तो सही कही मा ये ये तीसरा दिन है
अमृता - हु पता नही और कितने दिन रहना परेगा

बाते होती है फिर सभी फ्रेस् होते है आयुस खरगोस् को पकाता है इसी मे 10 बज जाते है सूरज निकल आया था धुप चारों तरफ फैली थी जंगल मे रात से लेके सुबह धुप निकले के बाद ही ठंडी जाती है

आयुस सभी को देख - खाना रेडी है धुप निकल आया है तो अब हमे नहाने जाना चाहिये फिर खाना खायेंगे

सभी - ठीक है

आयुस सभी के साथ झरने के पास आता है

आयुस - हमारे पास एक ही कपड़े है वो सरीर पे है इस लिये ध्यान से कपड़े जंगल के फार मत लेना दूसरी हमे इसी एक कपड़े के साथ बता नही कितने दिन यहा रहना होगा

अमृता कपड़े देखते हुवे - लेकिन ये कपड़े गंदे है तो इसी गंदे कपड़े को हमेसा पहन कर रखेगे

बिनीता - आगे और गंदे होते जायेंगे सरीर तो नहा के साफ कर लेगे लेकिन कपड़े का किया

आयुस नजरे दूसरी तरफ कर - वो एक ही रास्ता है जो हमे करेगा ही होगा
आयुसी - भाई वो क्या है

आयुस - देखिये इस जंगल मे हमारे अलावा कोई नही है मे ही एक आप लोगो के बीच मर्द हु मे यहा नही रहुंगा तब आप नहाने से पहले कपड़े निकाल धो कर पथर् यहा धुप है सूखने को रख देना 30 मिनट तो आप सब नहायेगे ही और यहा धुप भी तेज है तो एक घंटे मे कपड़े सुख जायेंगे तो बाकी टाइम आप सब को वैसे रहना परेगा ऐसे ही जब कपड़े गंदे होगे करना परेगा

आयुस की बाते सुन समझ सब सर्म से लाल हो जाते है

अमृता मन मे - उपर वाले कहा फस गये अब नँगा रहना परेगा लेकिन बेटे ने जो कहा सही है हमारे पास कोई रास्ता नही है लेकिन सब के सामने उफ

बिनीता मन मे - हु लाला जी बात सही है दूसरा कोई रास्ता नही
आयुसी - भाई ने सही कहा लेकिन मुझे सर्म आयेगी मा बुआ के सामने नंगी उफ कहा फस गये हम

आयुस जाते हुवे - मे कैप पे जा रहा हु जब आप सब का हो जाये कपड़े सुख जाये तो आ जाना
सभी - ठीक है

अमृता बिनीता आयुसी सब एक दूसरे को देखते है फिर सर्म से लाल हो जाते है कोई रास्ता नही था सब थोरा दूर जाके पथर् के पीछे सारे कपड़े निकाल पानी मे जाके अच्छे से धोके एक अच्छी जहा तेज धुप है वहा सूखने के लिये रख देते है फिर पानी मे नहाने उतर जाते है

अमृता बिनीता के चुत पे बाल थे लेकिन आयुसी के छोटे थे यानी आयुसी ने चुत की सफाई की थी

सभी पानी मे उतर कर आने के बाद तीनों आमने सामने आते है थोरा अजीब लग रहा था ठोरी सर्म भी आ रही थी लेकिन तीनों औरते थी हालात भी ऐसे थे तो सब सर्म बाकी सब छोर मजे से नहाने लगते है

अमृता बिनीता से - उफ झरने मे यहा नहाने मे मजा ही आ जाता है
बिनीता सरीर साफ करते हुवे - आपने सही कहा भाभी पानी भी बहोत साफ है
आयुसी - हु अगर ये झरना ऐसी खूबसूरत जगह हमारे घर के पास होती तो मजा आ जाता

नोट - आयुस का गाव पहारी इलाके मे है लेकिन छोटे पहार जंगल है छोटी नदी झरने है बस

अमृता - बेटी तुने सही कहा पर हम जंगल मे है ये जगह भी

आयुस कैप के पास आके बैठ समुंदर को देखते हुवे - कपड़े एक ही है सब औरते है तो दीकत नही है कास कोई आ जाये

आयुस अपने लंड को पकर - उफ रीमा ऑन्टी आपकी बहोत याद आ रही है

पास्ट

आयुस रीमा के घर जाता है 12 बजे रीमा कमरे मे बिस्तर पे लेती हुई थी

आयुस आगन् मे आके - राज साले कहा है बे

रीमा - आ गया कमीना

रीमा बाहर आके आयुस को देख - अच्छा बेटा तेरा ही इंतज़ार था
आयुस डरते हुआ - वो ऑन्टी मे जा रहा हु बाद मे मीलुगा

लेकिन रीमा जल्दी से आयुस को पकर कान मोर - अच्छा कल मेरे होठ पे किस कर भागा उसका हिसाब कोन देगा हा बोल

आयुस रीमा से कान छोरा के बाहों मे लेके - कल सिर्फ छोटा किस किया था आज आपके होठो का रस पियुगा

आयुस ये केहते हुवे रीमा के होठ मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा हैरान शोक मे खरी रहती है रीमा को यकीन नही हो रहा था उसके बेटे का दोस्त उसके होठ का रस पी रहा है रीमा को गिला होठ पे फिल होता है अजीब एहसास रीमा को घेर लेता है
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आयुस अपना जिब अंदर ले जाने की कोसिस कर रहा था लेकिन रीमा के दात् बंद थे फिर आयुस हैरान होता है रीमा ने मुह खोल दिये थे आयुस भी सब भूल रीमा के जिब से जिब मिला मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा का पहली बार था रीमा भी ना चाहते आयुस का साथ देती है दोनों एक दूसरे के होठ का रस पीते है 2 मिनट बाद

आयुस तेजी से भागते हुवे - बाय खूबसूरत ऑन्टी आपके होठो का रस बहोत मिठा था पीके मजा आया

रीमा हैरान तेज सासे लेते हुवे आयुस को जाते देखते रह जाती है

रीमा - आह उफ ये लरका मेरे साथ सब कर रहा था तो मे उसे रोक कियु नही पाई ये किस पहली बार था मेरा उफ अजीब था होठो का रस पीना लेकिन मजा आया उफ पर मे कैसे इस लरके मे बरी हिम्मत आ गई है मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकता है

रीमा होठ को छुटे हुवे - उफ किया किस करने मे इतना मजा आता है

आयुस घर जाते मुस्कुराते हुवे - उफ आज तो मजा ही आ गया उफ ऑन्टी आप कमल है काश आपकी चुत मिल जाये तो मजा आ जाये

पर्जेंट

अमृता बिनीता आयुस कैप मे आते है आयुस सभी को देखता है कपड़े साफ सूखे थे

आयुस सभी को देख - हा अब सही है हमे ऐसे ही कपड़े साफ रखना होगा
अमृता - हु अब तु जा नहा ले
आयुस - हा ठीक है वैसे बुआ चलो ना साथ मे नहाते है किया कहती है

बिनीता हैरान आयुस को देखती है फिर - रुक तुझे मे बताती हु
आयुस भागते हुवे - गुस्से मे तो आप और भी खूबसूरत लगती है

अमृता अयुसी जोर जोर से हसने लगते है बिनीता भी हस्ते हुवे - ये लरका भी ना

आयुस झरने पे आता है सब कपड़े निकाल अच्छे से धोता है फिर पथर् पे सुखने के लिये रख नहाने लगता है अच्छे से नहाने के बाद बाकी कपड़े सुखने तक नाथ ही इधर उधर धुमने लगता है

आयुस अपने लंड को देख - यार तेरी मेरी किस्मत ही खराब है दोस्त यहा चुत बिना रहना होगा

12 बज चुके थे नहाते कपड़े सुखाते आयुस के कपड़े सुख चुके थे आयुस कपड़े पहन कैप पे आता है

आयुस ने समुंदर के किनारे पहला पेर के नीचे बैठने के लिये बनाया था कियुंकी दिन मे धुप होती थी

आयुस सभी बैठे थे

आयुस फिर मीठ को काट के हिस्सा करके सब को देता है खुद भी लेके खाने लगता है

आयुस खाते हुवे - हु खरगोस् का मीठ बहोत अच्छा है
अमृता - हा करक लेकिन मजेदार
बिनीता - हा स्वाद तो सच मे बहोत अच्छा है
आयुसी - हा लेकिन पका मीठ ही खाना होगा

आयुस - बिल्कुल कियुंकी दूसरा कोई चारा नही

आयुस सभी का खाना होता है तभी आयुस को एक आईडिया आता है

आयुस - गुरिया मेरे साथ चलो
आयुसी - कहा कियु
आयुस मुस्कुराते हुवे - चलो तो सही बाद मे खुद पता चल जायेगा
आयुसी - ठीक है भाई चलती हु

अमृता - संभल के जायदा अंदर मत जाना
बिनीता - हा साप कीरे से बच के

आयुस - जी आप लोग चिंता मत करो

आयुस आयुसी जंगल मे आते है आयुस हर पेर को देख रहा था आयुसी समझ नही पा रही थी उसका भाई किया ढुंढ रहा है

तभी आयुस को जो चाहिये मिल जाता है एक पेर से कई सारे पतली रस्सी जैसी लताये लिपटी हुई थी आयुस उसे पकर जोर से तोरने कि कोसिस करता है लेकिन बेले मजबूत थी

आयुस खुश होके - ये हुई ना बात

आयुस बिना टाइम गवाये सभी सभी लताये को काटने लगता है और एक जगह रखने लगता है अयुसी हैरान - भाई इस बेल का किया करने वाले है

आयुस मुस्कुराते हुवे - बता चल जायेगा
आयुसी मुह फुला के - नही बताना मत बताओ
आयुस मुस्कुराते हुवे - यकीन मानो तुम्हे पसंद आयेगा

आयुस बहोत सारी लताये काट कर एकथा करता है

आयुस - गुरिया इतना तुम उठा लो बाकी मे उठा लेता हु

आयुस - हु ठीक है

आयुस आयुसी लताये लेके सभी के पास आते है


अमृता हैरान आयुस से - अरे बेटा ये जंगली लताये कियु लेके आया है
बिनीता - मुझे लगता है जरूर कुछ करेगा ही
आयुस मुस्कुराते हुवे - बिल्कुल करुगा बस आप सब देखते जाये

आयुस काम पर लग जाता है सभी लताये को एक दूसरे से लपेट जाले टाइप बनाने लगता है बाकी सब देखते रहते है टाइम तो बहोत लगता है 2 घंटे के बाद आयुस सभी के लिये एक एक बना देता है

आयुस जिस पेर के नीचे था वो पेर छोटा था लेकिन बहोत दूर तक चारों तरफ फैला था कई डालिया भी थी आयुस एक नजर डालता है फिर आयुस को कैसे किया करना है समझ मे आ जाता है

आयुस फिर काम पे लग जाता है आयुसी भी मदद कर रही थी आयुस सब को अब समझ आ रहा था आयुस किया कर रहा है 30 मिनट बाद काम खतम होता है

आप इस फोटो मे देख सकते है एक लरकी कैसे लेती है जाले के ऊपर वैसे ही आयुस जंगली मजबूत लताये से सभी के आराम सोने के लिये बनाया कियुंकी दिन मे समय काटना बरा मुश्किल था लेकिन अब आराम से छाव मे झूले पे लेत आराम बाते कर सकते थे
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आयुसी जल्दी से झूले पे लेत खुशी से - वाह भाई अपने तो कमाल कर दिया बैठे बैठे सरीर दर्द करने लगता था लेकिन अब मजे से हवा मे झूलते मजा ले सकते है बाते सो सकते है

अमृता - वाह बेटा सच मे कमाल कर दिया लेकिन किया ये हमारे वजन संभाल पायेंगे

बिनीता - बोलो इतना मजबूत है कही ऐसा ना हो टूट जाये और हमारी कमर भी

आयुस मुस्कुराते हुवे - डरिये नही बहोत मजबूत है लताये दूसरे मेने अच्छे से सब जाल लगाये है टुटने का सवाल ही नही ट्राई करे

अमृता बिनीता झूले पे लेत जाते है डरते हुवे लेकिन कुछ नही होता
अमृता बिनीता - हु बहोत बजबूत है मजा भी आ रहा है आराम से लेत बाते कर सकते है समुंदर का नजारा भी अच्छे से देख सकते है

आयुसी - हु मुझे तो बहोत मजा आ रहा है भाई सुक्रिया
आयुस - अरे गुरिया के लिये कुछ भी करुगा
अमृता बिनीता हमारे लिये नही
आयुस हस्ते हुवे - सब के लिये

सभी झूला पे लेत बाते करने लगते है घर पे किया हो रहा होगा बाकी सब मुद्दे पे फिर सब एक छोटा नींद लेते है साम को सब उठते है

शाम ढल जाती है अंधेरा हो जाता है अभय सभी आग जला के बैठे हुवे थे आयुस मछली को साफ कर आग पे रख पका रहा था

आयुसी - उफ भाई पहले दिन चिरिया फिर खरगोस् अब मछली देखते है मछली का स्वाद कैसा होगा

अमृता मुस्कुराते हुवे - बेटी तुने बात तो सही कही अब खाने के बाद पता चलेगा

बिनीता - यार मुझे तो भूख लगाने लगी है

आयुस - बस बुआ ठोरी देर और

25 मिनट बाद मछली अच्छे से पक जाती है अभय बरे पत्ते लेके रखा था उसी पे अपनी मा बुआ अयुसी को देता है खुद एक लेके खाने लगता है

आयुस - हु अच्छा है लेकिन मीठ के सामने मछली कुछ भी नही
अमृता - सही कहा बेटा मछली का स्वाद तो अच्छा है लेकिन मीठ से जायदा नही

बिनीता - हु चिरिया खरगोस् खाने मे बहोत अच्छा था लेकिन ये मछली ठीक है

अयुसी - किया ही कर सकते है लेकिन इतना भी बुरा नही अच्छा है
आयुस - हु मछली फराइ या बना के खाने मे अच्छा स्वाद करता है पका के खाने मे नही

अमृता - बिल्कुल सही कहा तुमने बेटा

खाना पीना होने के बाद सभी ठोरी देर और बाते करते है फिर सभी बिस्तर पे आके लेत जाते है

अमृता - 9 बजते ही बहोत ठंडी बढ़ जाती है उफ
बिनीता - भाभी आपने बहोत सही कहा आग के पास बैठा भी नही जाता
आयुसी आयुस से चिपकी हुई - हा अच्छा है सोने के लिये बिस्तर है
आयुस - हु इतना सब है इस लिये बहोत हेल्फ हो गई वर्ना बहोत मुश्किल हो जाती

कुछ मिनट बाते करने के बाद सब सोने लगते है

आयुस अयुसी को बाहों मे पकरे हुवे था आयुस को आयुसी के चूचे सीने पे फिल हो रहे थे आयुस - उफ ये चूचे बहोत बरे है मेरी गुरिया के

रात 2 बज रहे थे फिर आयुस रीमा के सपने देखने लगता है और बिनीता को रीमा समझ बाहों मे कसे चूचे दबाने लगता है बरब्राने लगता है बिनीता को फिल फिल होता है कोई उसके चूचे दबा रहा है बिनीता की नींद खुलती है तब समझ मे आता है आज फिर उसका भतीजा रीमा समझ उसके चूचे दबा रहा है

नींद खुल गई चूचे पे आयुस का हाथ चल रहा था आयुस दोनों चूचे पकर जोर जोर से दबा रहा था तो बिनीता को दर्द होने लगता है बिनीता जल्दी से हाथ से मुह बंद कर - मर गई ये लरका फिर सुरु हो गया कितना जोर से दबा रहा है मुझे बहोत दर्द हो रहा है

आयुस रीमा समझ बिनीता के चूचे दबाते हुवे - उफ ऑन्टी आपके चूचे आज बहोत बरे लग रहे है उफ दबाने मे मजा आ रहा है

बिनीता कुछ समझ पति उससे पहले आयुस बिनीता के होठ से होठ सता के किस करने लगता है साथ मे अपना लंड बिनीता के चुत पे सता के घिसने लगता है

तीन हमला बिनीता को कपा देता है आयुस बिनीता को किस करते हुवे चूचे दबा रहा था और चुत पे लंड घिस भी रहा था बिनीता बेचारी की हालात खराब होने लगती है होठ पे होठ चूचे पे हाथ चुत पे लंड फिल कर बिनीता मद्होस पागल होके मचल रही थी

बिनीता होस खोटे जा रही थी मुह बंद था इस लिये आह उफ सिसकिया की आवाजे मुह मे ही रह जाती है

बिनीता मन मे बेचैन होके - आह मा मर गई ये ये आयुस बेटा रुक जा आह मेरी चुत पे आयुस बेटे का लंड है उफ बहोत मोटा लग रहा है

आयुस किस छोर चूचे दबाते हुवे - आह ऑन्टी याद है आपकी चुत पे पहली बार अपना मोठा लम्बा 10 इंच का लंड घुसाया था तो आप को कितना दर्द हुआ था

बिनीता हैरान शोक मे - किया इतना बरा है आयुस बेटे का लंड छी मे किया सोचने लगी मुझे रोकना होगा आयुस बेटे को

तभी आयुस सारी के ऊपर से ही बिनीता के चुत पे हाथ रख चुत को मसलने लगता है बिनीता तो पूरी काप् जाती है शोक मे आह उफ मचल के तरप् के महदोस् मे खोने लगती है

आयुस बिनीता के गर्दन पे किस करते हुवे बिनीता के चुत मसलते हुवे - उफ ऑन्टी आपकी चुत तो आज बहोत गर्म लग रही है उफ चिंता मत करिये सब गर्मी निकाल दुगा आपकी चुत की

बिनीता आयुस की खुली गंदी बाते सुन अपनी चुत पे आयुस पे आयुस का हाथ चलता फिल कर मन मे - आह मर गई रे आयुस बेटा रुक जा ये लरका कितना गंदा बाते कर रहा है उफ मेरी चुत को कितना जोर से मसल रहा है आह मुझे कुछ हो रहा है नही मुझे रोकना होगा

बिनीता आयुस के कान मे उंगली करती है आयुस नींद मे ही कान पे हाथ रख देखने लगता है किया है कान पे लेकिन इसकी वजह से आयुस रीमा का सपना देखना बंद कर सांत हो जाता है

बिनीता पीठ के बल लेत तेज सासे लेते हुवे मन म - आह उफ आज तो हद ही हो गई उफ मेरे चूचे बहोत दर्द कर रहे है मेरी चुत गीली हो गई आयुस बेटे के मसलने उसकी बाते सुन छी लेकिन कैसे मे उसकी बुआ वो मेरे बेटे जैसा है ये रीमा के चक्कर मे मुझे सब झेलना पर रहा है किया करू मुझे लगा एक बार हो गया हो गया लेकिन आज भी

मे समझ सकती हु आयुस जवान है रीमा के साथ सब करने के बाद यहा उसको वो सब करने का दिल कर रहा होगा उफ ये लरका भी ना पर आगे किया फिर कल भी ऐसा करेगा तो किया भाभी को नही नही अगर भाभी आयुस के पास सुई तो भाभी के साथ भी ये लरका सब करने लगेगा फिर भाभी को भी पता चल जायेगा आयुस रीमा के बारे मे ऐसा हुआ तो गर्बर् हो जायेगी मुझे ही कुछ सोचना होगा

बिनीता अपनी चुत को सेहलाते हुवे मन मे - इतना जोर से कोन मसलता है आह मा दर्द हो रहा है


सुबह होती है बिनीता रात जो हुआ वही याद कर आयुस को घूर के देखते हुवे मन मे - अभी भी यकीन नही होता रीमा मेरे बेटा कैसे उपर से रीमा समझ मेरी नींद उड़ा रहा है

आयुस सब खरे फिर सुबह समुंदर को देख रहे थे

अमृता - सुबह का ये सन्सेड देखना दिल को सुकून दे रहा है
आयुसी - समुंदर के ऊपर सूरज जो अपनी लालिमा हर तरफ फैला रहा है बहोत खूबसूरत है

आयुस - हु खूबसूरत तो है

10 बजते है फिर सभी झरने के पास आके नहाने लगते है आयुस अकेले जंगल मे जाके शिकार करने लगता है 36 मिनट बाद आयुस आज फिर दो खरगोस् 3 चिरिया का शिकार कर लौटने लगता है

आयुस - ये बहोत बरा खतरनाक जंगल है यहा कोई शिकारी आता नही इस लिये शिकार आसानी से मिल जाते है ये हमारे लिये अच्छा है नही तो अगर हम कोई ऐसी जगह होते यहा बहोत कम शिकार है तो हमारे लग जाते

आयुस झरने के पास पास आता है अमृता सब नहा के धुप मे पथर् पे बैठे हुवे थे आयुस सब के सामने शिकार रख देता है

अमृता - वाह आज फिर खरगोस् चिरिया खाने को मिलेगा
बिनीता - रोज एक ही चीज खाके मन भर जायेगा
आयुस - अरे ये चिरिया उस दिन के चिरिया से अलग है तो स्वाद भी अलग आयेगा
आयुस - भाई आपने सही कहा ये चिरिया अलग है

आयुस - हु और समुंदर मे भी कई तरह के चीजे खाने को है

अमृता - हु

आयुस - ठीक है आप सब जाओ मे नहा के आता हु

अमृता बिनीता सब जाते हुवे - ठीक है

आयुस फिर नँगा होके नहाने लगता है


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏
बहुत ही शानदार लाजवाब और जबरदस्त मदमस्त अपडेट है भाई मजा आ गया
अगले रोमांचकारी धमाकेदार और चुदाईदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 

ajay bhai

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chapter 5

रिमा की चुत मे खुजली हो रही थी आयुस रोज आता था रिमा की चुत मारने लेकिन भाई तो जंगल मे फसे है तो बेचारी रिमा को आयुस बहोत याद आ रहा था जो हाल आयुस का चुत बिना 2 दिन मे खराब था वही हाल रिमा का था

रिमा आयुस के घर जा रही थी

रिमा मन मे - ये लरका रोज आता था मोक्का देख मेरी चुदाई करके ही जाता था लेकिन अब तीन दिन होने वाले है ये लरका आया नही मेरी चुत मुझे परेसान कर रही है उफ एक लरके के लंड की इतनी दीवानी हो जाउंगी सोचा नही था

रिमा मन मे सोचते हुवे आयुस के घर आती है तो देखती है दरवाजा खुला है गाय बकरी चिल्ला रहे है रिमा अंदर जाती है आवाज देती है लेकिन कोई था नही रिमा पीछे जाके देखती है बकरी गाय बंधे थे आस पास सब देख रिमा समझ जाती है बकरी गाय को दो दिन से कुछ खिलाया नही गया है

गाय बकरी भूसे थे घर खुला था ये सब रिमा को अजीब अनहोनी वाली फीलिंग दे रही थी

रिमा - घर खुला है गाय बकरी भी 2 दिन से भुखे लग रहे है कोई घर पे नही मान लो सब कही गये भी होते तो आयुस जरूर मुझे बताता अगर जल्दी बाज़ी मे गये तो भी घर बंद होता और गाय बकरी का ख्याल किसी को रखने के लिये केह कर जाते मुझे अजीब फीलिंग आ रही है


रिमा अपने घर जाते हुवे - मुझे पता करना होगा पहले घास आके गाय बकरी को खिलाना होगा दो दिन से भुखे है कहा गये होगी कही सब के साथ कुछ बुरा नही नही मे ये किया सोच रही हु


जंगल मे

आयुस नहाने के बाद अपने कपड़े पेहन कैप सब के पास आता है चिरिया को पकाटा है फिर सभी बैठ कर खाने लगते है

अमृता - अब तो किसी ना किसी को पता चल गया होगा हम घर पे नही है

बिनीता आयुस को देख - हा और मुझे लगता है पहले रिमा को ही पता चलेगा घर आती जाती जो रहती है आयुस भी तो उसके घर जाता रहता है कियु बेटा

बिनीता की बात सुन आयुस हैरान डर जाता है लेकिन नॉर्मल अपने आप को संभाल के - हा आपने सही कहा

आयुस मन मे - अबे साले डर कियु रहा है किसी को नही पता ऑन्टी मेरे बीच किया है
अमृता - आपने बात तो सही कही हमारे घर रिमा ही आती जाती है
आयुसी - लेकिन क्या फायेदा हमे यहा बचाने कोई नही आने वाला
आयुस - गुरिया तेरी बात सही है खैर अच्छा ये है हम सेफ जगह पे है और हमे खाना पानी की कोई दिकत नही है

अमृता - हा ये बात तो है

खाना पीना होने के बाद सही झूले पे लेत कर - फिर बाते करने लगते है बाकी टाइम बात करके ही तो निकालना था

आयुसी - भाई वैसे ये जगह खतरनाक नही होती हम आराम से गाव सेहर आ जा सकते तो मे यही रहना चाहती

आयुसी की बात सुन सब आयुसी को देखने लगते है
आयुस मुस्कुराते हुवे - सेम मेने भी सोचा था ये जगह बहोत खूबसूरत है लेकिन खतरनाक भी तो यहा रहना मौत के मुह मे रहने जैसा होगा
अमृता - हा जगह खूबसूरत है लेकिन कब किया हो जाये यहा कहा नही जा सकता
बिनीता - भार मे जाये मुझे तो बस यहा से निकलना है सही सलामत
आयुस मजाक मे - कियु फूफा की याद आ रही है
बिनीता - बहोत बोलने लग गया है बेसर्म कही का
अमृता आयुसी हसने लगते है

रात 9 बजे सब खाना पीना करने के बाद ठंड जायदा थी तो बिस्तर मे घुस जाते है

अमृता - रात होते ही कितनी ठंड लगाने लगती है
बिनीता - हा भाभी आग के पास बैठने के बाद भी बहोत ठंडा लगता है
आयुसी तो हमेसा की तरह आयुस से पूरा चिपक आयुस को पकरे लेती हुई थी आयुस करवट लिये बिनीता अमृता की तरफ लेता था आयुसी आयुस के पीठ पे चुचे पूरी बॉडी सताये थी आयुस अपनी बहन के चुचे सरीर की गर्मी अच्छे से फिल कर रहा था
आयुसी - मे तो सोच रही हु ये कैप चादर नही होता तो हम कहा सोते किया ओढ़ते फिर हमारा क्या होता

आयुस मुस्कुराते हुवे -सवाल अच्छा है जवाब मुश्किल तो होता लेकिन नामुमकिन नही मे उसका भी जुगार् कर लेता
आयुसी - भाई तो कमाल है भाई

थोरि देर और बाते करने के बाद सब सो जाते है

पास्ट

आयुस फिर रिमा के घर जाता है उस समय जब राज घर पे नही होता था जब से आयुस रिमा को नँगा देखा था आयुस रिमा के चुदाई करने के पीछे परा था टाइम 11 बज रहे थे

आयुस घर के अंदर जाता है रिमा कमरे मे थी आयुस - कोई है
रिमा - कमरे मे आजा
आयुस कमरे मे जाता है रिमा आयुस के पास आके कान पकर - बेसर्म तेरी हिम्मत बढ़ते जा रही है कल भीर मेरे किस्सी ले के चला गया
आयुस रिमा को बाहों मे कस रिमा के होठ पे उंगली फेरते हुवे - इतनी रस भरे होठ को कोन बेवकूफ रस पीना नही चाहेगा

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आयुस की बाते हरकते रिमा को मदहोस करने लगती है
रिमा - तु फिर सुरु हो गया देख बहोत मारुगी
आयुस - चलेगा रस पीने के बदले मार खा लूंगा

आयुस एकदम से रिमा के होठ मुह मे लेके चूसने लगता है रिमा हैरान होती है लेकिन एक औरत थी किस का मजा स्वाद रिमा को भी मजा दे रहा था तो रिमा भी सब भूल जाती है
दोनो एक दूसरे के जीब होठ चूस कर रस पीने लगते है

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आयुस - मा कसम उफ बहोत मिठा रस है ऑन्टी का साल यकीन नही होता मेरी मा की उमर की मेरे दोस्त की मा की होठ का रस पी रहा हु
रिमा - हद है मुझे इतना मजा कियु आ रहा है मे इस लरके को रोक कियु नही पाती मुझे मजा आ रहा है उफ पर कियु 2 मिनट बाद

आयुस अभी भी रिमा के बाहों मे लिये अपना लंड रिमा की चुत पे सताये हुवे खरा था

आयुस - ऑन्टी मुझे तो बहोत मजा आया आपको.
रिमा -नही आया चल छोर मुझे जाने दे आगे से अगर मेरे साथ कुछ करने की कोसिस की तो सीधा तेरी मा को बता दुगि

आयुस रिमा को छोर देता है फिर रिमा को देख - ठीक है मेने आपका सब अंजाने मे देख लिया तो तो मे भी अपना आपको दिखा देता हु उसके बाद मे कभी आपके घर नही आऊगा

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रिमा हैरान कुछ केह रोक पाती आयुस अपना पैंट नीचे का अपना खरा 10 इंच का मोटा लम्बा लंड रिमा के समाने कर देता है जिसे देख रिमा की सासे रुक जाती है रिमा बस आयुस का खरा लंड देखती रह जाती है आयुस रिमा को देख मुस्कुराते हुवे - अब मे जाता हु फिर कभी नही आयुगा आपके घर
आयुस फिर घर जाते हुवे मन मे - साला काम होते होते रह गया लास्ट दाव खेला है देखते है फसी तो मजे नही तो मुठ मार कर ही काम चलाना परेगा

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कैप मे सब आराम से सो रहे थे रोज रात की तरह जगल से भयानक दरवाने आवाज आ रहे थे लेकिन अब सब को आदत हो गई थी पर दी तो था अभी भी

आयुस आज फिर सपने देख रहा था आयुस बिनीता के चुचे पे हाथ रख दबाने लगता है तो बिनीता की नींद फिर खुल जाती है

बिनीता गुस्से से मन मे - ये रिमा चुड़ैल ने कोई जादू कर दिया है कमीनी रोज आयुस बेटे के सपने मे आती है और मुझे सब सेहना परता है

आयुस बिनीता के ऊपर आ जाता है आयुस होस मे नही था बिनीता हैरान किया करे समझ नही आ रहा था

आयुस बिनीता को किस करने लगता है बिनीता हैरान आखे फैल जाती है आयुस मजे से बिनीता के होठ जीब चूस रस पीने लगता है बिनीता बहोत कोसिस करती है खुद को आयुस को रोकने की लेकिन खुद रोक नही पाती नतीजा बिनीता भी रस का स्वाद लेने लगती है

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मिनीता मन मे - उफ मे किया कर रही हु आयुस बेटा है मेरा उफ मुझे उसे रोकना चाहिये लेकिन मे खुद साथ दे रही हु रस पी रही हु लेकिन ये होठ के रस का स्वाद पीने मे मुझे बहोत मजा आ रहा है उफ

आयुस किस करने के बाद बिनीता के ऊपर से नीचे लेत अपना लंड बाहर निकाल के - उफ ऑन्टी प्लेस मेरे लंड को मुह मे लेके चुसो आह मुझे रहा नही जा रहा है आह दर्द कर रहा है

आयुस सब सपने मे कर रहा था रिमा के साथ लेकिन बेचारे को पता ही नही था वो सपने मे जो कर रहा है जो रियल मे अपनी बुआ के साथ भी कर रहा है

आयुस की बात सुन बिनीता को झटका लगता है बिनीता मन मे - किया पहले किस फिर लंड को भी मुह मे लेके चुसा जाता है छी ये लरका कमीनी किया क्या करते थे

तभी आयुस - आह देर मत करो आपको तो पसंद है ना मेरे लंड मुह मे लेके चूस रस पीने का आह तो करो ना ऑन्टी

बिनीता हैरान - किया कमीनी को आयुस बेटे का लंड मुह मे लेके चूसने मे मजा आता है छी लेकिन क्या सच मे मजा आता है लंड का स्वाद कैसा होता होगा कैसा फिल होता होगा छी छी मे क्या सोचने लगी हु

तबी आयुस - आह करो ना रहा नही जा रहा उफ
आयुस की आवाज सुन बिनीता समझ जाती है लरका तकलीफ मे है
बिनीता मन मे -किया करू मे समझ नही आ रहा मे उसकी बुआ भी कैसे नही मे नही कर सकती

तभी आयुस बिनीता के हाथ पकर अपने लंड पर रख देता है मोटा गर्म फिल कर बिनीता काप् जाती है अंधेरे मे कुछ दिख नही रहा था लेकिन बिनीता अच्छे ने मोटा गर्म फिल कर पा रही थी

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बिनीता खुद को ये जानने के लिये रोक नही पाती की आयुस का लंड कितना बरा मोटा है इस लिये बिनीता अच्छे से अपनी मुठी मे लंड को पकर उपर नीचे तक जायेजा लेती है कितना बरा मोटा है जब अच्छे से बिनीता को अंदाज़ा होता है उसके भतीजे का लंड गढ़े जितना मोटा लम्बा है तो बिनीता का पूरा सरीर काप् जाता है सासे तेज हो जाती है
मिनीता मन मे - बाप रे इतना बरा मोटा लम्बा लंड है आयुस बेटे का यकीन नही होता मोटा इतना है की हाथ मे नही आ रहा साली कमीनी कैसे ली होगी अपनी चुत मे छी छी मे किया सोचने लगी कही मे पागल ना हो जाऊ

तभी फिर आयुस सपने मे - आह ऑन्टी कितने देर पकरे रहोगी मुह मे भी लो ना उफ

बिनीता लंड पकरे मन मे -किया करू मे उसकी बुआ हु ये गलत पाप है कहा फस गई मेरा एक मन मुह मे लेके स्वाद लेने का कर रहा है कैसा लगता है लंड चूसने में दूसरा बना कर रहा है क्या करू

तभी आयुस अपना हाथ आगे बढ़ा के बिनीता के सर पकर नीचे झुका के अपना लंड मुह मे घुसा देता है बिनीता बेचारी शोक मुह मे मोटा लम्बा गर्म फिल कर पागल होने लगती है

आयुस बिनीता के सर पे हाथ रखे - उफ चुसो ना

बिनीता के पास भी कोई रास्ता नही था बिनीता जीब से लंड को चाटती तो बहोत गंदा लगता है
मिनीता मन मे - छी कितना गंदा है लेकिन करना परेगा जल्दी से कर लेती हु जैसे तैसे ताकि आयुस बेटा भी सो जाये मे भी सो सकू बाकी उस कमीनी को तो देख लुंगी

बिनीता फैसला करने के बाद जैसे तैसे जितना हो सके मुह मे लेके लंड चूसने लगती है लेकिन कब बिनीता मजे से आयुस का लंड चूस कर रस पाने मे खो जाती है बिनीता को खुद पता भी नही होता
घट घट बिनीता लंड का रस पीती रहती h आयुस मजे से आह उफ करता रहता है सपने मे

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बिनीता मन मे लंड चुस्टे हुवे - यकीन करना मुश्किल है मे अभी क्या कर रही हु मे आयुस बेटे का लंड मुह मे लेके चूस कर रस पी रही हु और मुझे मजा भी आ रहा है अब समझ मे आया वो रिमा कमीनी कियु आयुस बेटे के लंड का रस पीने मे मजा आता है उफ कितना मोटा गर्म है आह और लंड का स्वाद भी बहोत अच्छा है अब समझ आया लंड चूसने मे कितना मजा आता है उफ 4 मिनट बाद
आयुस झरने वाला था तो बिनीता का सर पकर जोर जोर से उपर नीचे करने लगता है बिनीता हैरान शोक हो जाती है बिनीता कुछ करती तब तक आयुस अपना सारा माल बिनीता के मुह मे छोर देता है

आयुस झरने के बाद सांत हो जाता है लेकिन वही मिनीता हैरान मुह हाथ से बंद किये मन मे - ये किया हो गया आयुस बेटे ने अपना माल मेरे मुह मे गिरा दिया बहोत गर्म है क्या करू पीना ही परेगा

बिनीता हिम्मत कर सारा माल पी जाती है कमाल ये थी मिनीता को बहोत मजा आता है बिनीता आयुस के लंड पकर - अभी भी खरा है
बिनीता फिर लंड मुह मे लेके अच्छे से चूस कर लंड साफ कर बिस्तर पे लेत जाती है

बिनीता मन मे - आज मेने जो किया यकीन करना मुश्किल है मेने ऐसा कुछ किया लेकिन लंड चूसने मे रस आयुस बेटे का माल पीने मे बहोत मजा आया अब समझ मे आ रहा है कमीनी मेरे आयुस बेटे के पीछे कियु है

बिनीता होठ झूठे हुवे - उफ अभी भी मुह मे लंड का नमकींन स्वाद है पर मुझे बुरा लग रहा है ऐसा मुझे नहीं करना चाहिये था कोई बात नही आयुस बेटे को पता नही है लेकिन कल से कुछ नही करुगी


अपने भतीजे के साथ सब करने के बाद एक नया स्वाद मजा लेने के बाद बिनीता भी सो जाती है

सुबह होती है सब उठते थे बिनीता उठती है रात जो हुआ उसे याद कर काप् जाती बुरा फिल भी होता है लेकिन जायदा ना सोचते हुवे उठ बाहर आती है

रोज की तरह सब समुंदर के किनारे खरे होके संसेड देखने लगते है लेकिन बिनीता आयुस को और नीचे लंड को देख रही थी

आयुस - सुबह खूबसूरत नजारा दिल को सुकून देता है
आयुसी - हु कितना खूबसूरत नजारा है
अमृता - पता नही कितने दिन रोज ये सब देखा परेगा
आयुस - हु बात तो सही है

उसके बाद सभी हल्का होने चले जाते है उसके बाद आयुस सभी झरने के पास नहाने के लिये आते है

आयुस शिकार के लिये जंगल मे चला जाता है अमृता बिनीता आयुसी नहाने लगते है

अमृता - झरने मे नहाना सुबह खूबसूरत नजारे देखना सब सही है पर हम गलत जगह है
बिनीता - बात तो आपने सही कही

आयुसी सब नंगे नहा रहे थे आयुसी अच्छे से सरीर को साफ कर रही थी फिर अपनी चुत पे हाथ रख अच्छे से मलके साफ करती है


आयुस जंगल मे शिकार करने लगता है आयुस - आज साम केकरा पकरने की कोसिस करता हु मजा आयेगा खाने मे लेकिन केकरा पकरने के लिये जाल बनाना परेगा हु

आयुस 5 चिरिया का शिकार करता है फिर झरने के पास आ जाता है आयुस को पता था कितने टाइम बाद झरने के पास आना है अमृता सब को भी पता था कितने देर मे आयुस आयेगा उसी टाइम मे सब नहा के रेडी रहते थे


आयुस - आप सब का हो गया अब मेरी बारी है

आयुसी - ठीक है भाई हम जाते है

अमृता जल्दी आ जाना
आयुस - हा

अमृता सभी कैप के पास आ जाते है आयुस नँगा होके नहाने लगता है
नहाने के बाद आयुस सभी के पास आता है फिर खरगोस् को पका के सब को देता है फिर सब खाने लगते है
अमृता - घर मे और भी कई काम करते थे लेकिन यहा एक रोज जो करते है वही आगे भी करते रहेगी उठना नहाना खाना बाते करना सोना अगले दिन फिर वही
बिनीता - हा आपने सही कहा भाभी हम कही जा नही सकते कोई यहा है नही उससे मिल सकते है बाते कर सकते है
आयुसी - मेरी दोस्त सब सोच रही होगी मे कहा चली गई लेकिन उनको क्या पता हम यहा फसे है
आयुस - सेम

वही रिमा को गर्बर् लगी तो बात फैल गई पुलिस तक बात चली गई पुलिस भी गाव मे आस पास सब से पूछताछ करने लगे थे लेकिन जैसा अभय ने कहा था कोई फायेदा नही होने वाला

रिमा कमरे मे बिस्तर पे लेती - क्या हुआ होगा सब के साथ सभी ठीक तो है ना लेकिन एक बात समझ नही आती कोई कियु अमृता दीदी सब के साथ कुछ करेगा बस यही दुवा है सब सही सलामत हो और जहा भी हो जल्दी लौट आये


जंगल मे आयुस सभी झूले पे बाते करते हुवे एक नींद ले लेते है बेचारे सभी कर भी किया सकते थे रोज जब तक कोई नही आता तब तक ऐसेे ही चलने वाला था


साम को सभी बैठे हुवे थे आग के पास अंधेरा होने लगा था

अमृता - अंधेरा होते ही ठंडी लगनी सुरु हो जाती है
आयुस - जंगल है मा इस लिये
बिनीता - आग के पास बैठे है इस लिये राहत मिल रही है लेकिन 9 बजते ही आग के सामने बैठना भी बेकार हो जाता है
आयुसी - भाई चिरिया पक गई है

आयुस - अरे हा

आयुस चरिया लेके मसाला डाल सब को देता है फिर सभी खाने लगते है

अमृता - अभी भी बिस्वास नही होता हम जंगल मे है और चिरिया पका के खा रहे है

बिनीता आयुसी - सेम हमे भी

आयुस - बिस्वास तो मुझे भी नही होता घर पे सोये थे रातों रात जंगल मे आ गये

अमृता - किया लगता है बेटा किसने क्या होगा
आयुस - ये तो मुझे नही पता लेकिन हा जो भी है अमीर है तभी तो हमे रातों रात जंगल मे फेक गया इतनी दूर

बिनीता - आयुस बेटा सही केह रहा है इस खतरनाक जंगल मे कोई मामूली इंसान हमे कियु लायेगा कोई अमीर ही होगा
अमृता - ठीक है लेकिन कियु लाया हमे इस जंगल मे ये मुझे समझ नही आता
आयुसी - क्या पता मा हमने तो किसी का कुछ बिगारा भी नही था
आयुस - खैर जब इस जंगल से निकलने तो पता कर लेगे

9 बजते है ठंडी बढ़ जाती है सभी बिस्तर मे घुस जाते है

बिनीता मन मे - आज तो कुछ नही करना है मुझे आयुस हो रोकना होगा कुछ करने से पहले अच्छा होगा इसके सपने मे करने की बीमारी ठीक हो जाये

वही रिमा चुत की गर्मी से परेसान चुत मे उंगली कर रही थी कमरे मे फच् फच् आवाजे के साथ आह उफ सिसकिया की भी
मिनीता चुत मे उंगली करते हुवे - आह 3 दिन आयुस का लंड नही लिया उफ मेरी चुत गर्मी से जल उठी है ये सब आयुस के मोटे लंड लेने की वजह से है आह मा आने वाला है आह आ गया

रिमा गांड उठा के झर जाती है
रिमा हाफ़ते हुवे - आह पानी तो निकल गया लेकिन आह वो मजा नही आया जब आयुस अपना मोठा लंड मेरी चुत मे डाल घंटों चुदाई करता था आह कई बार मे झरति थी मुझे याद भी नही रहता था उफ पहली बार जब उसका लंड मेरी चुत मे गया था तो आज भी जब याद करती हु मेरी चुत मे जोर से दर्द होता है और पहली चुदाई के बाद मुझे आयुस के मर्द होने का पता चला मे हैरान थी एक लरका कैसे घंटों तक चुदाई कर सकता है उस दिन मेरी हालत बहोत खराब कर दी थी लेकिन उसी दिन मेने असली चुदाई मोटे लंड का स्वाद सुकून का पता चला था उफ आयुस बेटे कहा है तेरी ऑन्टी की चुत तुझे याद कर रही है

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏
 
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