Rajesh0091
माँ और बहन की चूत का दीवाना
- 73
- 117
- 33
Badhiya update bhaichapter 9
पास्ट
आयुस रीमा के घर जाता है सुबह के 11 बज रहे थे रीमा आयुस को देख - तु कियु आया है
आयुस रीमा के पास आके बाहों मे भर - आपको प्यार करने
रीमा - बरा आया चल चोर मुझे
आयुस रीमा को बिस्तर पे लेता के किस करने लगता है एक हाथ से चुचे भी दबाने लगता है रीमा मदहोस होने लगती है और खुद को रोक नही पाती दोनो एक दूसरे को बाहों मे लिये किस करते है
आयुस - चुचे बाहर निकालो जल्दी
रीमा ब्लाउस से बाहर चुचे निकाल देती है आयुस चुचे पकर दबाने लगता है रीमा दर्द मे आह उफ सिसकिया लेने लगती है
आयुस - ऑन्टी आपके चुचे मस्त है
रीमा - कमीने धीरे दबा दर्द होता है
आयुस चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा आयुस के सर पकरे चूस पीले जितना पीना है उफ तूने तो मुझे पागल बना दिया है आयुस अच्छे से चुचे दबाता है चुस्ता है उसके बाद आयुस रीमा को देख - चलो अपनी चुत दिखाओ
रीमा हैरान - ओये बोल तो ऐसे रहा है मे तेरी बीवी हु
आयुस रीमा के बाल पकर - चुत मे गाल है सांत करवाना है या नही
रीमा - कमीने मे तुझे
आयुस जाते हुवे - जा रहा हु बरी नाटक बाज है आप
रीमा - रुक जा
आयुस पीछे देखता है तो रीमा सारी निकाल पेटी कोट मे लेती टाँगे फैला के चुत फैला के आयुस को दिखाते हुवे - देख ले मेरी चुत और हा बहोत आग है
आयुस हैरान होता लेकिन पास जाके अच्छे से चुत को देखते हुवे - हु पहली बार चुत देख रहा हु वो भी आपका ऑन्टी चलो अच्छे से लेत जाओ टाँगे फैला के
रीमा हैरान - किया करने वाला है
आयुस - अरे लेतो तो पता चल जायेगा
रीमा बिस्तर पे टाँगे फैला लेत जाती है सर्म डर रीमा के अंदर थे
आयुस रीमा की चुत मे उंगली घुसा देता है रीमा दर्द मे आह मत कर
आयुस उंगली निकाल - हु रस बहोत है
आयुस रीमा की चुत फैला के मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा एकदम हैरान शोक होते हुवे - अरे क्या कर रहा है बेसर्म
लेकिन तभी रीमा को अजीब एहसास मजा आने लगता है रीमा ये क्या है मुझे अजीब लेकिन अच्छा फिल हो रहा है
रीमा बिस्तर पे आह उफ करते हुवे - आह आयुस बेटे चुत चाटी जाती है क्या आह कुछ भी हो अच्छा लग रहा चाट चूस ले मेरी चुत
आयुस मजे से रीमा की चुत चुस्टे चाटने मन मे - उफ पहली बार चुत चाट रहा हु अजीब लेकिन मजा आ रहा है ऑन्टी की चुत मे बहोत रस है उफ गर्म भी बहोत है चुत
2 मिनट बाद रीमा गांड उठानें और तेज आह उफ सिसकिया लेते हुवे - क्या हो रहा है आह मे इतनी जल्दी झरने वाली हु उफ करते हुवे झर जाती है आयुस रस सब पी जाता है
रीमा तेज सासे लेते हुवे मन मे - उफ मा बिना किये झार दिया उफ लेकिन बहोत मजा सुकून मिला मुझे ये क्या था पहली बार मेरी चुत को किसी ने चाटा लेकिन उफ क्या मजा नया एहसास था
आयुस रीमा के चेहरे को पकर - तेरी चुत तु मेरी है समझ गई जब भी मे आउ जो बोलू चुप चाप करना समझी
रीमा हैरान होके - कैसी बाते शब्द बोल रहा है मुझे तु केह रहा है
आयुस - लास्ट बार केह रहा हु आपको अब ठीक है
रीमा - ठीक है करुगी
आयुस चुचे जोर से दबा के - जा रहा हु मुझे कही जाना है कल आपकी चुत मारुंगा मेरे घर सुबह आ जाना जब मा खेत मे चली जायेगी
आयुस केह बाहर आके दिल पे हाथ रख - साला मे क्या कैसे बोले जा रहा था लेकिन जरूरी था कसम से यार बहोत कमाल की चुत है ऑन्टी की कल मजे से चुदाई करुगा आपकी
वही रीमा चुत सेहलाते हुवे - जब बिना किये पानी निकाल दिया लेकिन उसका मोटा लंड जायेगा तब किया होगा उफ कमीना
पर्जेंट
रात 12 बजे अमृता आयुसी सो चुके थे बिनीता जगी हुई थी आयुस का लंड लेने के बाद से ही बिनीता की चुत आयुस के लंड लेने के लिये बेताब रहने लगी
बिनीता बिस्तर पे लेती मन मे - उफ चुत मे खुजली होने लगी है
बिनीता आयुस से चिपक धीरे से - सुनो ना
आयुस - हा
बिनीता सर्म से - नींद नही आ रही
आयुस - तो मे क्या करू
बिनीता गुस्से से मन मे - चुत मार के भाव खा रहा है
आयुस - जो करना है आप खुद ही करो मना थोरि है
बिनीता - बरा भाव खा रहा है तू
आयुस - नही मे तो देखना चाहता हु आप खुद कैसे क्या करती है
बिनीता सर्म से - बेसर्म
बिनीता आयुस के लंड बाहर निकाल मुह मे लेके चूसने लगती है
बिनीता - उफ कितना मस्त स्वाद है लंड का मजा आ रहा है उफ आयुस लेता मस्त मजे ले रहा था
बिनीता लंड चूसने के बाद सारी उठा के आयुस के लंड के ऊपर आके गांड नीचे कर लंड पकर चुत के छेद पे रख बैठ जाती है बिनीता मुह बंद कर आह मा बहोत दर्द बुआ लेकिन सुकून मिल गया
आयुस बिनीता को अपने उपर लेता के बाहों मे भर किस करने लगता है चुचे दबाने लगता है बिनीता गांड उपर नीचे करते हुवे लंड मजे से चुत मे लेने लगती है
बिनीता - उफ सोचा नही था एक दिन मे खुद ऐसा कुछ करुगी आह
बिनीता मजे से आयुस के लंड की सवारी करते चुदाई का मजा लेने लगती है
आयुस फिर बिनीता को नीचे लेता उपर आके चुदाई करने लगता है बिनीता मुह बंद किये आह उफ करती रहती है 42 मिनट बाद
आयुस बिनीता को बाहों मे लिये - मजा आया बुआ की और गर्मी बची है
बिनीता सर्म से - उफ नही रे मजा आया आह
आयुस - इतना आग था आपके अंदर आज पता चला
बिनीता औरत के अंदर आग होती ही है
आयुस - हु आपकी चुत मारने मे मजा ही आ जाता है चलो आपकी चुत मिल गई जंगल मे
बिनीता : बेसर्म
सुबह 10 बजे
अमृता आयुसी झरने मे नहाने लगते है लेकिन आयुस बिनीता साथ मे शिकार करने जाते है दोनो जंगल मे आ चुके थे
आयुस शिकार करने लगता है बिनीता आयुस के साथ साथ चलती रहती है 20 मिनट बाद शिकार हो जाता है
आयुस एक साफ पैर के लीचे बैठ जाता है और बाहर लंड निकाल बिनीता को बैठने के लिये कहता है बिनीता सर्म से सारी उपर कर आयुस के लंड पे बैठ जाती है चुत मे पुरा लंड घुस जाता है बिनीता दर्द मे आह मा करती है
आयुस बिनीता को बाहों मे भर मुस्कुराते हुवे - जंगल में आना अब तो अच्छा लगने लगा है आपकी चुत मारने को जो मिल गई आपने सोचा था एक दिन आप की चुत मे मेरा लंड जायेगा
बिनीता गांड उपर नीचे करते हुवे - नही सपने मे नही सोचा था जिसे मे अपने बेटे जैसा मानती हु मेरा भतीजा मुझे चोद देगा मे चुद जाउंगी
बिनीता जोर जोर से लंड चुत मे लेके उपर नीचे करते हुवे - लेकिन कोई गम नही मुझे भतीजे से चुदवाने मे मजा आने लगा है
बिनीता आयुस को किस करते हुवे - अब तुही मेरी चुत की आग बुझा सकता है
आयुस चुचे दबाते हुवे - जरूर जोर से करो ना
बिनीता और जोर से गांड उपर नीचे करते हुवे आह उफ मजा आ रहा है बेटा तेरा लंड कमाल का है उफ मेरी चुत खुशी से रोने लगी है
23 मिनट बाद
बिनीता खरी होती है सारी बाल सही कर - चले
आयुस खरा होके - हा
बिनीता मस्त थी उसे वो मजा मिल रहा था जो उसे पति से मिल नही पाता था आयुस तो किस्मत वाला था बुआ की चुत हर किसी को नही मिलती
झरने मे अमृता चुत चुचे दबा दबा के साफ कर रही थी आयुस मा से बच चुत मे जोर जोर से उंगली कर रही थी आह उफ 3 मिनट बाद आयुसी आह आने वाला है और जोर जोर से उंगली करते हुवे आह मा झर जाती है फिर अच्छे से नहा के सब कपड़े पहन रेडी होके कैप जाने लगते है
आयुसी चुत पे हाथ रख - उफ अब थोरा अच्छा लग रहा है
बिनीता आयुस झरने पे आके नंगे होके नहाने लगते है
आयुस - मेरी तो किस्मत कमाल की है बुआ की चुत मरने को मिल रही है साथ मे नँगा नहाने को भी
बिनीता सर्म से - चुप कर बहोत मरुगी
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके लंड पकर चुत पे रख टाँगे फैलाओ ना बुआ
बिनीता टाँगे फैला देती है आयुस लंड धक्का मार घुसा देता है आयुस बिनीता को बाहों मे किये खरे खरे चुदाई करने लगता है बिनीता भी आयुस को पकरे आह उफ मा करने लगती है
आयुस -आह पानी मे आपकी चुत मारके मजा आ रहा है उफ
बिनीता - आह मा बेटा मुझे भी मजा आ रहा है
नहाना चुदाई होने के बाद दोनो कपड़े पहन कैप मे आते है आयुस शिकार पकाता है और सभी खाते पीते है फिर झूले पे बैठ बाते करने लगते है
रीमा के घर )
12 बज रहे थे रीमा बिस्तर पे लेती चुत मे उंगली कर रही थी आयुस के लंड ना मिलने से आग लगी हुई थी कमरे मे आह उफ सिसकिया की आवाजे गुज रही थी थोरि देर बाद रीमा झर जाती है
रीमा तेज सासे लेते हुवे - उफ आयुस बेटे के साथ गलत हुआ है और मे यहा उसकी याद कर चुत मे उंगली कर रही हु उफ
अंजान के घर )
अंजान का नाम राहुल अमीर बाप का बिगरा बेटा
राहुल के पिता - जोगी अमीर बिजनसमैन पैसों कि कमी नही है बहोत ही ईमानदार नेक दिल गरीबो का मसीहा भी केह सकते है जोगी अपनी आधी कमाई गरीबो मे दान कर देता है लेकिन राहुल को ये बिल्कुल पसंद नही था
बाप तो नेक दिल था पर बेटा बिगरा निकल गया था
हॉल ने राहुल जोगी के पास बैठा था राहुल अपने बाप से बहोत डरता है उसके अवाला किसी से नही
जोगी गुस्से से - आयुसी उसके पुरे परिवार गायब है कही उसमे तेरा हाथ तो नही है
राहुल झूठ बोलते हुवे ईमोसनल होते हुवे - पापा आप कैसी बाते कर रहे है आयुसी मेरी जान थी उसके आने से मे बदल गया था आयुस के साथ सादी कर पूरी जिंदगी उसके साथ जीना चाहता था
राहुल आखो मे आसु लाते हुवे - मुझे तो खुद सब जान झटका लगा है मेरी प्यारी आयुसी कहा होगी मेने खुद हर जगह ढूंढने की कोसिस की लेकिन आयुसी नही मिली कसम ऊपर वाले की आयुसी को जब तक ढूंढ नही लेता मे चैन से नही बैठूंगा
राहुल आखो मे आसु लिये कमरे मे जाने लगता है
जोगी मन मे - ये तो खुद दुखी है आयुसी को ढूंढ रहा है राहुल बिग्रैल लरका जरूर है लेकिन इतना बरा क्राइम नही कर सकता किसी को मारना वो भी पुरे परिवार को नही नही इतना तो गिरा हुआ नही है
जोगी सर पकर दुखी होके -कितनी प्यार बच्ची थी आयुसी उसने साथ बाते करने मे ऐसा लगता था वो मेरी बेटी है उसे बहु बना के अपने घर लाना चाहता था लेकिन ये किया हो गया पर सबसे बरी बात ऐसा कोन कर सकता है मुझे लोगो को लगा के आयुसी का पता लगाना होगा
पता नही कहा कैसे हालत मे होगी सब उपर वाले से दुवा है सब सही सलामत हो
राहुल कमरे मे आके आसु साफ कर बिस्तर पे लेत हस्ते हुवे -पता था बात पापा तक आयेगी तो जरूर मुझसे सवाल करेगे लेकिन मे पहले से ही रेडी था मे बिगरा हु पापा जानते है लेकिन मे किसी को मार सकता हु नही ये पापा दूर तक सोच नही सकते वो भी एक साथ पुरे परिवार को
राहुल अपने हाथ देखते हुवे - लेकिन इस बार मेने किया 4 लोगो को जंगल मे फेक्वा दिया पर मेने मारा नही बस तुम राजी हो जाओ खुशी से तो मे वापस लेके आ जाउंगा नही तो मरो उसी जंगल मे वहा पुलिस या कोई भी तुम्हे बचाने नही जायेगा
राहुल फोन निकाल आयुसी के फोटो जिसमे आयुसी चड्डी के अंदर हाथ डाल चुत सेहला रही थी देख हिलाने लगता है
राहुल - साला बहोत किसिस की चुचे चुत दिखाने के लिये चुदाई के लिये भी कहा लेकिन साली एक ही रत लगाये रहती थी सादी कर लो उसके बाद जो करना है करो मे तो रेडी था लेकिन साली किस्मत उसने सब देख सुन लिया आह उफ काश नंगी फोटो होती तो और मजा आता
जंगल मे साम 3 बजे
आयुस - जलाने वाली लकरि ख्ताम् हो गई है मे लेके आता हु
आयुसी - भाई मे भी चलुंगी
आयुस मुस्कुराते हुवे - ठीक है
अमृता बिनीता - जायदा अंदर मत जाना और ध्यान से
दोनो जंगल मे आके और सुखी लकरि एक जगह लेके रखने लगते है
आयुस - भाई आपके बुआ के बीच जो हो रहा है गलत है मुझे आपसे ये उमीद नही थी मा को पता चला तो पता भी है क्या होगा
आयुस झुके लरकी उठा रहा था आयुसी की बात रुक आयुसी को देखता है फिर एक पेर से सत् बैठ जाता है
आयुस आयुसी को देख - बैठो
आयुसी भी एक पेर से सत् बैठ जाती है दोनो एक दूसरे को देखते है
आयुस - तुमने ख गलत है मानता हु लेकिन मेने बुआ के साथ जबरदस्ती नही की
आयुसी - गलत गलत है बुआ है वो हमारी पाप किया है आपने मा को पता चला तो बवाल हो जायेगा और जिस तरह आप लोग करते है जैसे मुझे पता चला उन्हें भी चल जायेगा
आयुस - हु कब पता चला तुझे
आयुसी थोरा शर्मा की - कल रात
आयुस - हु तो ये गलत है तुम कहती हो
आयुसी - हा
आयुस -हु बुआ को दुखी देखा है एक भी बार इस 2 दिनों मे
आयुसी सोचते हुवे - नही बल्कि बहोत खुश दिखी
आयुस - कियुंकी उन्हें वो मिल रहा है जो उन्हें नही मिलता था
आयुसी सर्म से लेकिन गुस्से से - भाई कुछ भी हो आप गलत है आपने पाप किया है बुआ आपके बीच वो होना नही चाहिये था
आयुस - मे तो करुगा तुम रोकोगी मुझे
आयुसी - नही आपको बहोत प्यार करती हु लेकिन आप खुद रोक दो
आयुस - नही रोकुगा
आयुसी गुस्से से - मा का सोचा है देखिये रोक दीजिये सब नही तो मा को जाके सब बता दुगी
आयुस आयुसी को देख मुस्कुराते हुवे - अच्छा ठीक है जाके बता देना लेकिन हा ये भी बता देना तूने कैसे हमारे पीछे जो गुल खिलाने की वजह से हम आज इस जंगल मे है मेने तो सोचा भी नही था तुम ऐसा कुछ हमारे पीठ पूछे करुगी आयुसी भरोसा तो तूने तोरा है दर्द तूने दिया है तेरी बेवकूफी नादानी की वजह से आज हम यहा है सही कहा ना
आयुसी को बहोत बरा झटका लगता है आयुस पथर की तरह जब जाती है आखो से आसु निकलने लगते है
आयुसी कभी नही चाहती थी सभी को उसके बारे मे पता चले की उसका कोई बॉयफ्रेंड था
आयुस मन मे - जान झटका लगा मुझे जोर का लेकिन सोचु तो प्यार कोई भी किसी से कर सकता है कब किसी से प्यार हो जाये इंसान खुद नही जनता मे इस बात से गुस्सा नही हु बल्कि पूरी दुनिया मे वो कमीना ही मिला था हद है मेरी बहन भोलि भाली थी इस किये जाल मे फस गई सुकर है वो सब उनके बीच नही हुआ है लेकिन कमीना कुता
खैर मुझे जा के आयुसी को सांत करना होगा मुझे एहसास है आयुसी को पता है हम इस जगल मे उसके वजह से है और ये बात उसे खाई जा रही है अपने आप को दोसी मान बैठी है जो की सच भी है लेकिन जो होना होता है होके रहता है
पहले मुझे आयुसी को सांत करना होगा फिर सारी कहानी अच्छे से जाननी होगी आखिर कब कैसे आयुसी उस कमीने मे जाल मे फसी दूसरा तभी सारे मामले साफ होगे फिर मुझे आगे किया करना है
आज के लिये इतना ही![]()
Nice updatechapter 9
पास्ट
आयुस रीमा के घर जाता है सुबह के 11 बज रहे थे रीमा आयुस को देख - तु कियु आया है
आयुस रीमा के पास आके बाहों मे भर - आपको प्यार करने
रीमा - बरा आया चल चोर मुझे
आयुस रीमा को बिस्तर पे लेता के किस करने लगता है एक हाथ से चुचे भी दबाने लगता है रीमा मदहोस होने लगती है और खुद को रोक नही पाती दोनो एक दूसरे को बाहों मे लिये किस करते है
आयुस - चुचे बाहर निकालो जल्दी
रीमा ब्लाउस से बाहर चुचे निकाल देती है आयुस चुचे पकर दबाने लगता है रीमा दर्द मे आह उफ सिसकिया लेने लगती है
आयुस - ऑन्टी आपके चुचे मस्त है
रीमा - कमीने धीरे दबा दर्द होता है
आयुस चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा आयुस के सर पकरे चूस पीले जितना पीना है उफ तूने तो मुझे पागल बना दिया है आयुस अच्छे से चुचे दबाता है चुस्ता है उसके बाद आयुस रीमा को देख - चलो अपनी चुत दिखाओ
रीमा हैरान - ओये बोल तो ऐसे रहा है मे तेरी बीवी हु
आयुस रीमा के बाल पकर - चुत मे गाल है सांत करवाना है या नही
रीमा - कमीने मे तुझे
आयुस जाते हुवे - जा रहा हु बरी नाटक बाज है आप
रीमा - रुक जा
आयुस पीछे देखता है तो रीमा सारी निकाल पेटी कोट मे लेती टाँगे फैला के चुत फैला के आयुस को दिखाते हुवे - देख ले मेरी चुत और हा बहोत आग है
आयुस हैरान होता लेकिन पास जाके अच्छे से चुत को देखते हुवे - हु पहली बार चुत देख रहा हु वो भी आपका ऑन्टी चलो अच्छे से लेत जाओ टाँगे फैला के
रीमा हैरान - किया करने वाला है
आयुस - अरे लेतो तो पता चल जायेगा
रीमा बिस्तर पे टाँगे फैला लेत जाती है सर्म डर रीमा के अंदर थे
आयुस रीमा की चुत मे उंगली घुसा देता है रीमा दर्द मे आह मत कर
आयुस उंगली निकाल - हु रस बहोत है
आयुस रीमा की चुत फैला के मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा एकदम हैरान शोक होते हुवे - अरे क्या कर रहा है बेसर्म
लेकिन तभी रीमा को अजीब एहसास मजा आने लगता है रीमा ये क्या है मुझे अजीब लेकिन अच्छा फिल हो रहा है
रीमा बिस्तर पे आह उफ करते हुवे - आह आयुस बेटे चुत चाटी जाती है क्या आह कुछ भी हो अच्छा लग रहा चाट चूस ले मेरी चुत
आयुस मजे से रीमा की चुत चुस्टे चाटने मन मे - उफ पहली बार चुत चाट रहा हु अजीब लेकिन मजा आ रहा है ऑन्टी की चुत मे बहोत रस है उफ गर्म भी बहोत है चुत
2 मिनट बाद रीमा गांड उठानें और तेज आह उफ सिसकिया लेते हुवे - क्या हो रहा है आह मे इतनी जल्दी झरने वाली हु उफ करते हुवे झर जाती है आयुस रस सब पी जाता है
रीमा तेज सासे लेते हुवे मन मे - उफ मा बिना किये झार दिया उफ लेकिन बहोत मजा सुकून मिला मुझे ये क्या था पहली बार मेरी चुत को किसी ने चाटा लेकिन उफ क्या मजा नया एहसास था
आयुस रीमा के चेहरे को पकर - तेरी चुत तु मेरी है समझ गई जब भी मे आउ जो बोलू चुप चाप करना समझी
रीमा हैरान होके - कैसी बाते शब्द बोल रहा है मुझे तु केह रहा है
आयुस - लास्ट बार केह रहा हु आपको अब ठीक है
रीमा - ठीक है करुगी
आयुस चुचे जोर से दबा के - जा रहा हु मुझे कही जाना है कल आपकी चुत मारुंगा मेरे घर सुबह आ जाना जब मा खेत मे चली जायेगी
आयुस केह बाहर आके दिल पे हाथ रख - साला मे क्या कैसे बोले जा रहा था लेकिन जरूरी था कसम से यार बहोत कमाल की चुत है ऑन्टी की कल मजे से चुदाई करुगा आपकी
वही रीमा चुत सेहलाते हुवे - जब बिना किये पानी निकाल दिया लेकिन उसका मोटा लंड जायेगा तब किया होगा उफ कमीना
पर्जेंट
रात 12 बजे अमृता आयुसी सो चुके थे बिनीता जगी हुई थी आयुस का लंड लेने के बाद से ही बिनीता की चुत आयुस के लंड लेने के लिये बेताब रहने लगी
बिनीता बिस्तर पे लेती मन मे - उफ चुत मे खुजली होने लगी है
बिनीता आयुस से चिपक धीरे से - सुनो ना
आयुस - हा
बिनीता सर्म से - नींद नही आ रही
आयुस - तो मे क्या करू
बिनीता गुस्से से मन मे - चुत मार के भाव खा रहा है
आयुस - जो करना है आप खुद ही करो मना थोरि है
बिनीता - बरा भाव खा रहा है तू
आयुस - नही मे तो देखना चाहता हु आप खुद कैसे क्या करती है
बिनीता सर्म से - बेसर्म
बिनीता आयुस के लंड बाहर निकाल मुह मे लेके चूसने लगती है
बिनीता - उफ कितना मस्त स्वाद है लंड का मजा आ रहा है उफ आयुस लेता मस्त मजे ले रहा था
बिनीता लंड चूसने के बाद सारी उठा के आयुस के लंड के ऊपर आके गांड नीचे कर लंड पकर चुत के छेद पे रख बैठ जाती है बिनीता मुह बंद कर आह मा बहोत दर्द बुआ लेकिन सुकून मिल गया
आयुस बिनीता को अपने उपर लेता के बाहों मे भर किस करने लगता है चुचे दबाने लगता है बिनीता गांड उपर नीचे करते हुवे लंड मजे से चुत मे लेने लगती है
बिनीता - उफ सोचा नही था एक दिन मे खुद ऐसा कुछ करुगी आह
बिनीता मजे से आयुस के लंड की सवारी करते चुदाई का मजा लेने लगती है
आयुस फिर बिनीता को नीचे लेता उपर आके चुदाई करने लगता है बिनीता मुह बंद किये आह उफ करती रहती है 42 मिनट बाद
आयुस बिनीता को बाहों मे लिये - मजा आया बुआ की और गर्मी बची है
बिनीता सर्म से - उफ नही रे मजा आया आह
आयुस - इतना आग था आपके अंदर आज पता चला
बिनीता औरत के अंदर आग होती ही है
आयुस - हु आपकी चुत मारने मे मजा ही आ जाता है चलो आपकी चुत मिल गई जंगल मे
बिनीता : बेसर्म
सुबह 10 बजे
अमृता आयुसी झरने मे नहाने लगते है लेकिन आयुस बिनीता साथ मे शिकार करने जाते है दोनो जंगल मे आ चुके थे
आयुस शिकार करने लगता है बिनीता आयुस के साथ साथ चलती रहती है 20 मिनट बाद शिकार हो जाता है
आयुस एक साफ पैर के लीचे बैठ जाता है और बाहर लंड निकाल बिनीता को बैठने के लिये कहता है बिनीता सर्म से सारी उपर कर आयुस के लंड पे बैठ जाती है चुत मे पुरा लंड घुस जाता है बिनीता दर्द मे आह मा करती है
आयुस बिनीता को बाहों मे भर मुस्कुराते हुवे - जंगल में आना अब तो अच्छा लगने लगा है आपकी चुत मारने को जो मिल गई आपने सोचा था एक दिन आप की चुत मे मेरा लंड जायेगा
बिनीता गांड उपर नीचे करते हुवे - नही सपने मे नही सोचा था जिसे मे अपने बेटे जैसा मानती हु मेरा भतीजा मुझे चोद देगा मे चुद जाउंगी
बिनीता जोर जोर से लंड चुत मे लेके उपर नीचे करते हुवे - लेकिन कोई गम नही मुझे भतीजे से चुदवाने मे मजा आने लगा है
बिनीता आयुस को किस करते हुवे - अब तुही मेरी चुत की आग बुझा सकता है
आयुस चुचे दबाते हुवे - जरूर जोर से करो ना
बिनीता और जोर से गांड उपर नीचे करते हुवे आह उफ मजा आ रहा है बेटा तेरा लंड कमाल का है उफ मेरी चुत खुशी से रोने लगी है
23 मिनट बाद
बिनीता खरी होती है सारी बाल सही कर - चले
आयुस खरा होके - हा
बिनीता मस्त थी उसे वो मजा मिल रहा था जो उसे पति से मिल नही पाता था आयुस तो किस्मत वाला था बुआ की चुत हर किसी को नही मिलती
झरने मे अमृता चुत चुचे दबा दबा के साफ कर रही थी आयुस मा से बच चुत मे जोर जोर से उंगली कर रही थी आह उफ 3 मिनट बाद आयुसी आह आने वाला है और जोर जोर से उंगली करते हुवे आह मा झर जाती है फिर अच्छे से नहा के सब कपड़े पहन रेडी होके कैप जाने लगते है
आयुसी चुत पे हाथ रख - उफ अब थोरा अच्छा लग रहा है
बिनीता आयुस झरने पे आके नंगे होके नहाने लगते है
आयुस - मेरी तो किस्मत कमाल की है बुआ की चुत मरने को मिल रही है साथ मे नँगा नहाने को भी
बिनीता सर्म से - चुप कर बहोत मरुगी
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके लंड पकर चुत पे रख टाँगे फैलाओ ना बुआ
बिनीता टाँगे फैला देती है आयुस लंड धक्का मार घुसा देता है आयुस बिनीता को बाहों मे किये खरे खरे चुदाई करने लगता है बिनीता भी आयुस को पकरे आह उफ मा करने लगती है
आयुस -आह पानी मे आपकी चुत मारके मजा आ रहा है उफ
बिनीता - आह मा बेटा मुझे भी मजा आ रहा है
नहाना चुदाई होने के बाद दोनो कपड़े पहन कैप मे आते है आयुस शिकार पकाता है और सभी खाते पीते है फिर झूले पे बैठ बाते करने लगते है
रीमा के घर )
12 बज रहे थे रीमा बिस्तर पे लेती चुत मे उंगली कर रही थी आयुस के लंड ना मिलने से आग लगी हुई थी कमरे मे आह उफ सिसकिया की आवाजे गुज रही थी थोरि देर बाद रीमा झर जाती है
रीमा तेज सासे लेते हुवे - उफ आयुस बेटे के साथ गलत हुआ है और मे यहा उसकी याद कर चुत मे उंगली कर रही हु उफ
अंजान के घर )
अंजान का नाम राहुल अमीर बाप का बिगरा बेटा
राहुल के पिता - जोगी अमीर बिजनसमैन पैसों कि कमी नही है बहोत ही ईमानदार नेक दिल गरीबो का मसीहा भी केह सकते है जोगी अपनी आधी कमाई गरीबो मे दान कर देता है लेकिन राहुल को ये बिल्कुल पसंद नही था
बाप तो नेक दिल था पर बेटा बिगरा निकल गया था
हॉल ने राहुल जोगी के पास बैठा था राहुल अपने बाप से बहोत डरता है उसके अवाला किसी से नही
जोगी गुस्से से - आयुसी उसके पुरे परिवार गायब है कही उसमे तेरा हाथ तो नही है
राहुल झूठ बोलते हुवे ईमोसनल होते हुवे - पापा आप कैसी बाते कर रहे है आयुसी मेरी जान थी उसके आने से मे बदल गया था आयुस के साथ सादी कर पूरी जिंदगी उसके साथ जीना चाहता था
राहुल आखो मे आसु लाते हुवे - मुझे तो खुद सब जान झटका लगा है मेरी प्यारी आयुसी कहा होगी मेने खुद हर जगह ढूंढने की कोसिस की लेकिन आयुसी नही मिली कसम ऊपर वाले की आयुसी को जब तक ढूंढ नही लेता मे चैन से नही बैठूंगा
राहुल आखो मे आसु लिये कमरे मे जाने लगता है
जोगी मन मे - ये तो खुद दुखी है आयुसी को ढूंढ रहा है राहुल बिग्रैल लरका जरूर है लेकिन इतना बरा क्राइम नही कर सकता किसी को मारना वो भी पुरे परिवार को नही नही इतना तो गिरा हुआ नही है
जोगी सर पकर दुखी होके -कितनी प्यार बच्ची थी आयुसी उसने साथ बाते करने मे ऐसा लगता था वो मेरी बेटी है उसे बहु बना के अपने घर लाना चाहता था लेकिन ये किया हो गया पर सबसे बरी बात ऐसा कोन कर सकता है मुझे लोगो को लगा के आयुसी का पता लगाना होगा
पता नही कहा कैसे हालत मे होगी सब उपर वाले से दुवा है सब सही सलामत हो
राहुल कमरे मे आके आसु साफ कर बिस्तर पे लेत हस्ते हुवे -पता था बात पापा तक आयेगी तो जरूर मुझसे सवाल करेगे लेकिन मे पहले से ही रेडी था मे बिगरा हु पापा जानते है लेकिन मे किसी को मार सकता हु नही ये पापा दूर तक सोच नही सकते वो भी एक साथ पुरे परिवार को
राहुल अपने हाथ देखते हुवे - लेकिन इस बार मेने किया 4 लोगो को जंगल मे फेक्वा दिया पर मेने मारा नही बस तुम राजी हो जाओ खुशी से तो मे वापस लेके आ जाउंगा नही तो मरो उसी जंगल मे वहा पुलिस या कोई भी तुम्हे बचाने नही जायेगा
राहुल फोन निकाल आयुसी के फोटो जिसमे आयुसी चड्डी के अंदर हाथ डाल चुत सेहला रही थी देख हिलाने लगता है
राहुल - साला बहोत किसिस की चुचे चुत दिखाने के लिये चुदाई के लिये भी कहा लेकिन साली एक ही रत लगाये रहती थी सादी कर लो उसके बाद जो करना है करो मे तो रेडी था लेकिन साली किस्मत उसने सब देख सुन लिया आह उफ काश नंगी फोटो होती तो और मजा आता
जंगल मे साम 3 बजे
आयुस - जलाने वाली लकरि ख्ताम् हो गई है मे लेके आता हु
आयुसी - भाई मे भी चलुंगी
आयुस मुस्कुराते हुवे - ठीक है
अमृता बिनीता - जायदा अंदर मत जाना और ध्यान से
दोनो जंगल मे आके और सुखी लकरि एक जगह लेके रखने लगते है
आयुस - भाई आपके बुआ के बीच जो हो रहा है गलत है मुझे आपसे ये उमीद नही थी मा को पता चला तो पता भी है क्या होगा
आयुस झुके लरकी उठा रहा था आयुसी की बात रुक आयुसी को देखता है फिर एक पेर से सत् बैठ जाता है
आयुस आयुसी को देख - बैठो
आयुसी भी एक पेर से सत् बैठ जाती है दोनो एक दूसरे को देखते है
आयुस - तुमने ख गलत है मानता हु लेकिन मेने बुआ के साथ जबरदस्ती नही की
आयुसी - गलत गलत है बुआ है वो हमारी पाप किया है आपने मा को पता चला तो बवाल हो जायेगा और जिस तरह आप लोग करते है जैसे मुझे पता चला उन्हें भी चल जायेगा
आयुस - हु कब पता चला तुझे
आयुसी थोरा शर्मा की - कल रात
आयुस - हु तो ये गलत है तुम कहती हो
आयुसी - हा
आयुस -हु बुआ को दुखी देखा है एक भी बार इस 2 दिनों मे
आयुसी सोचते हुवे - नही बल्कि बहोत खुश दिखी
आयुस - कियुंकी उन्हें वो मिल रहा है जो उन्हें नही मिलता था
आयुसी सर्म से लेकिन गुस्से से - भाई कुछ भी हो आप गलत है आपने पाप किया है बुआ आपके बीच वो होना नही चाहिये था
आयुस - मे तो करुगा तुम रोकोगी मुझे
आयुसी - नही आपको बहोत प्यार करती हु लेकिन आप खुद रोक दो
आयुस - नही रोकुगा
आयुसी गुस्से से - मा का सोचा है देखिये रोक दीजिये सब नही तो मा को जाके सब बता दुगी
आयुस आयुसी को देख मुस्कुराते हुवे - अच्छा ठीक है जाके बता देना लेकिन हा ये भी बता देना तूने कैसे हमारे पीछे जो गुल खिलाने की वजह से हम आज इस जंगल मे है मेने तो सोचा भी नही था तुम ऐसा कुछ हमारे पीठ पूछे करुगी आयुसी भरोसा तो तूने तोरा है दर्द तूने दिया है तेरी बेवकूफी नादानी की वजह से आज हम यहा है सही कहा ना
आयुसी को बहोत बरा झटका लगता है आयुस पथर की तरह जब जाती है आखो से आसु निकलने लगते है
आयुसी कभी नही चाहती थी सभी को उसके बारे मे पता चले की उसका कोई बॉयफ्रेंड था
आयुस मन मे - जान झटका लगा मुझे जोर का लेकिन सोचु तो प्यार कोई भी किसी से कर सकता है कब किसी से प्यार हो जाये इंसान खुद नही जनता मे इस बात से गुस्सा नही हु बल्कि पूरी दुनिया मे वो कमीना ही मिला था हद है मेरी बहन भोलि भाली थी इस किये जाल मे फस गई सुकर है वो सब उनके बीच नही हुआ है लेकिन कमीना कुता
खैर मुझे जा के आयुसी को सांत करना होगा मुझे एहसास है आयुसी को पता है हम इस जगल मे उसके वजह से है और ये बात उसे खाई जा रही है अपने आप को दोसी मान बैठी है जो की सच भी है लेकिन जो होना होता है होके रहता है
पहले मुझे आयुसी को सांत करना होगा फिर सारी कहानी अच्छे से जाननी होगी आखिर कब कैसे आयुसी उस कमीने मे जाल मे फसी दूसरा तभी सारे मामले साफ होगे फिर मुझे आगे किया करना है
आज के लिये इतना ही![]()
Ab to bua ko sab nmalum ho gaya hai to Ayush khuleaam maje lena chahta hai Bua se.chapter 6
पास्ट
4 दिन हो चुके थे आयुस अपना लंड रीमा को दिखाने के बाद रीमा के घर नही गया लेकिन आयुस का लंड देखने के बाद रीमा की नींद चैन जरूर उर गई थी
रीमा को सोते जागते आयुस का मोटा लम्बा लंड ही दिखाई दे रहा था
सुबह के 11 बज रहे थे रीमा आयुस के घर जा रही थी ली लेकिन कियु रीमा खुद समझ नही पा रही थी
रीमा मन मे - कमीने ने अपना लंड दिखा के मेरी नींद चैन उड़ा दिया है आज मे खुद जाके उसे अच्छे से पितुगी तब जाके मुझे चैन आयेगा
रीमा सोचते आयुस के घर आती है अंदर जाते हुवे - दीदी आप है घर पे
तभी आयुस कमरे से बाहर आता है रीमा को देख आयुस डर के जल्दी से कमरे मे घुस दरवाजा बंद कर - मर गया ऑन्टी यहा कियु आई है
रीमा सब देख मुस्कुराते हुवे - आज तो तु गया बेटा
रीमा दरवाजे पे खरी होके - आयुस बेटा यहा सिर्फ मे दीदी से मिलने आई थी और कुछ नही दीदी कहा है
आयुस डरते हुआ - मा खेत मे गई है
रीमा - अच्छा तो दरवाजा खोल बंद कियु क्या
आयुस - ऐसे ही
रीमा - देखा दरवाजा खोलो नही खोला तो सच मे अभी जाके दीदी को सब बता दुगी कसम से
आयुस डर के दरवाजा खोल देता है रीमा अंदर आके आयुस के पास खरी - वाह जब लंड देखाया तब तो बरी हिम्मत थी अब किया हुआ
आयुस मुस्कुराते हुवे अपना लंड बाहर निकाल - अभी भी हिम्मत है
रीमा हैरान शोक आयुस लंड को देखती रहती है
आयुस रीमा के हाथ पकर् लंड पे रख - छु के देखिये
रीमा की उंगली लंड पे परते ही बहोत गर्म फिल होता है
रीमा - ये क्या कर रहे हो तुझे सर्म नही आती
आयुस - नही आती
आयुस रीमा को पकर् नीचे बैठा के - मुह मे लो चुसो मजा आयेगा
रीमा गुस्से से - तुम पागल हो जाने तो नही तो अच्छा नही होगा
आयुस रीमा के मुह खोल अपना लंड मुह मे डाल - चुसो
रीमा हैरान शोक मुह मे मोटा लंड फिल कर काप् जाती है
आयुस - अरे ऑन्टी चुसो भी
रीमा ना चाहते मुह मे लेके चूसने लगती है आयुस मुस्कुराते हुवे आह मजा आ रहा है उफ अच्छे चुसो रस पियो लंड का 1 मिनट बाद ही रीमा को मजा आने लगता है
रीमा मन मे -यकीन नही होता आयुस जबरदस्ती लंड चुस्व रहा है लेकिन मुझे मजा आ रहा है उफ लंड बहोत मोटा गर्म है स्वाद तो और भी मजेदार है आह मे रोक नही पा रही खुद को
3 मिनट बाद
रीमा मुह साफ करते हुवे आयुस को देख गुस्से से -तु तो कमीना निकला एक नंबर का
रीमा जाने लगती है आयुस मन मे - हिम्मत के आगे गर्म चुत है
जंगल मे - रात 1 बजे
बिनीता को अजीब गिला गिला फिल होता है तो बिनीता की नींद खुलती है तो पूरी सोक हो जाती है
असल मे आयुस बिनीता के चुचे को मुह मे लेके चूस रहा था दबा रहा था बिनीता हैरान परेसान सोक मे थी समझ नही आ रहा था क्या करे बिनीता मुह बंद कर लेती है ताकि सिसकिया रोक सके बिनीता को दर्द भी हो रहा था लेकिन आयुस को मजे से चुचे सुस्ता फिल कर बिनीता को मजा भी आने लग गया था
आयुस चुचे दबाते पीते हुवे नींद सपने मे - उफ ऑन्टी आपके चुचे बहोत बरे मुलायम है उफ मजा आ रहा है दबाने मुह मे लेके पीने मे
लेकिन बिनीता की हालत खराब होती जा रही थी
बिनीता मन मे - आह दर्द हो रहा है लेकिन ये कैसी फीलिंग सुकून का एहसास मुझे हो रहा है आह उफ मा आयुस बेटा रुक जा फिर से नही
3 मिनट बाद
आयुस बिनीता के चुचे छोर देता है बिनीता तेज सासे लेते हुवे मन मे- आह अब तो हद ही हो गई है उफ
तभी बिनीता को एहसास होता है उसके पैर को आयुस फैला रहा है बिनीता फिर शोक हो जाती है डर से काप् जाती है आयुस बिनीता के पैर उठा के फैला देता है
बिनीता अंदर से नंगी थी आयुस सारी उपर कर देता है और चुत सामने आ जाती है बिनीता की चुत बहोत फूली कमाल की थी देखने खूबसूरत रस भरी लग रही थी किस्मत से आयुस होस मे नही था होता भी तो अंधेरे मे देख नही पाता
बिनीता तो अभी भी शोक मे थी क्या हो रहा है क्या करे समझ नही पा रही थी
आयुस को तो लग रहा था सब रीमा के साथ कर रहा है लेकिन बेचारी
आयुस बिनीता के चुत को छुटा है और मुह मे भर जिब से चाटने चूसने लगता है बिनीता काप् जाती है पूरा सरीर गंगाना जाता है चुत पे जिब को फिल कर बिनीता मुह बंद किये आह उफ मा ये किया है आयुस बेटा चुत भी चाटता था उस कमीनी का लेकिन मे आयुस को रोक कियु नही पा रही हु आह ये कैसा मजा एहसास सुकून है
आयुस रीमा समझ मजे से बिनीता के चुत को मुह मे लेके जिब चुत मे डाल चूस कर रस पीने लगता है वही बिनीता को नया मजा एहसास पाके पागल होके आह उफ मजे से सिसकिया ले रही थी बस 2 मिनट ही हुवे थे की बिनीता हैरानी से मन मे - आह नही इतनी जल्दी आह मा करते गांड उठा के झरने लगती है आयुस सब रस पीके फिर सो जाता है
बिनीता पसीने से भीगी तेज सासे लेते हुआ मन मे - रोने का दिल कर रहा है लेकिन जो सुकून मजा जो मिला वो मुझे पहले कभी नही मिला आज उफ मेरी चुत इतनी जल्दी झर गई आह झरने के बाद बहोत सुकून मिल रहा है उफ ये पाप है गलत है लेकिन चुत चटवाने का मजा उफ जो आया उसे भूल नही पाउंगी आह
बिनीता अपनी चुत पे हाथ रख - आज ये भी पता चला औरत की चुत चाट कर भी मजा दिया जा सकता है उफ आयुस बेटा तो खिलाडी निकला
तबी आयुस बिनीता के हाथ अपने लंड पे रख - चुसो
बिनीता लंड पकरे आयुस के लंड के पास बैठ - मे रोक नही पा रही मेरा जिब स्वाद लेने के लिये बेचैन है
बिनीता मुह मे लंड लेके लंड मजे से चूसने लगती है बिनीता उफ कैसे कब मे इस मे फस गई आह लेकिन ये मजा सुकून उफ
3 मिनट बाद
बिनीता मुह साफ कर - उफ यकीन करना मुश्किल है मेने खुद क्या किया लेकिन मे बीच मे फसी हु लेकिन कल मुझे आयुस से बात करनी होगी मे नही चाहती आयुस मेरे साथ वो सब करे
सुबह होती है रोज की तरह सभी जो करते है खूबसूरत नाजारे देखना
बिनीता आयुस को देख मन मे - देखो तो मुझसे पाप करवा के कैसे खैर मे उसको डोस नही दे सकती उसे तो पता भी नही वो मेरे साथ क्या करता है
आयुसी - भाई आज कुछ नया शिकार करना खाने मे मजा आये
आयुस मुस्कुराते हुवे - ठीक है गुरिया जरूर करुगा
अमृता - नया शिकार हु शिकार की कमी नही है और मेरा बेटा तो एक शिकारी बन गया है तो कर लेगा
आयुस - हा क्या करे हालत ही ऐसे है
बिनीता मन मे - वो भी हो रात झरने के बाद मुझे अच्छा हल्का फिल हो रहा है उफ सोचे बगैर रह नही पा रही कैसे मजे से मेरी चुत चाट रहा था उफ और मुझे बहोत मजा आ रहा था ये पहली बार है जब मेरी चुत किसी ने चाटा वो भी आयुस ये फीलिंग मजा पहली बार मिला मुझे जो कमाल का था.
आयुस - बुआ आप कहा खुई है
बिनीता - कही नही तेरे फूफा की याद आ रही है
आयुस - अच्छा उनके बगैर रहना मुश्किल है क्या
बिनीता - बहोत बोल रहा है मार खानी है क्या
आयुस - नही नही
अमृता हस्ते हुआ - चलो छोरो लरना
10 बजते है नहाने शिकार का समय
अमृता बिनीता आयुसी झरने मे जाके नहाने लगते है आयुस शिकार करने जंगल मे आता है
आयुस जंगल मे शिकार देखते हुवे - आज किसका शिकार करू
आयुस जंगल मे चारों तरफ देख शिकार ढुंढ रहा था तभी आयुस को एक बरी चिरिया दिखाई देती हैं
आयुस तीर निकाल धनुष पे रख - बहोत बरी है 2 किलो की होगी ही अगर इसे मार पाया तो आज का काम हो जायेगा इसी चिरिया को तीर से ही मारना होगा
आयुस आराम से धीरे से चिरिया के नीचे खरा निसाना लगाता है फिर छोर देता है तीर जाके चिरिया को लगती है चिरिया फर कर उड़ने लगती है लेकिन थोरि दूर जाके धाराम से नीचे गिर जाती है
आयुस खुश होके भागते हुआ जाता है तो देखता है चिरिया मर चुकी है
आयुस चिरिया उठा के - माफ करना मेरे पास कोई रास्ता नही था
आयुस फिर झरने की तरफ जाने लगता है
वही तीनो मजे से नहा रहे थे नहाने के बाद सभी कपड़े पहन रेडी हो जाते है
आयुस भी आ जाता है
अमृता बरी चिरिया को देख - अरे इतनी बरी चिरिया
आयुसी खुशी से - भाई आज तो मजा आयेगा
आयुस मुस्कुराते हुवे - हा किस्मत से मुझे दिख गई
अमृता - अच्छा है तुम नहा लो हम जाते है
आयुस - ठीक है
बिनीता - दीदी आप सब जाओ मे आयुस बेटे के साथ आउंगी
अमृता - ठीक है चल बेटी
आयुसी - भाई जल्दी आना
आयुस - हा ठीक है बुआ आप कियु नही गई
बिनीता आओ बैठ बाते करते है
आयुस बिनीता एक पथर् पे बैठ जाते है
बिनीता मन मे - मुझे अब बात करनी ही होगी कोई रास्ता नही है
बिनीता - तेरे और रीमा के बीच क्या चल रहा है
बिनीता की बात आयुस के ऊपर बम के जैसा था आयुस हैरान शोक और डर भी जाता है
लेकिन आयुस अपने आप को नॉर्मल देखाते हुवे - बुआ आप केहना क्या चाहती है
बिनीता आयुस का हाथ अपने सर पे रख - अब तो सच बोल दे तेरे और उस कमीनी के बीच वो सब चल रहा है
आयुस को झटका लगता है पसीने आने लगते है
आयुस मन मे - फस गया लेकिन बुआ को पता कैसे चला
बिनीता - बोलेगा भी की नही
आयुस डरते हुवे - आप सही है
बिनीता गुस्से से - कब और कैसे मुझे सब जानना है चल बता
आयुस डरते हुवे - बुआ आप जान कर क्या
बिनीता जाते हुवे - ठीक है जाके भाभी को ही बताना पड़ेगा
आयुस जल्दी से बिनीता के हाथ पकर् - बताता हु मा को मत बताना
फिर दोनो बैठ जाते है आयुस सुरु से एंड तक कैसे सुरु हुआ कब से चल रहा है कितनी बार चुदाई की कैसे सब कुछ बता देता है जिसे सुन बिनीता तो बिस्वास नही हो रहा था बिनीता आयुस को घूर के देखती है
आयुस डरते हुआ - बुआ मे जवान था पहली बार किसी को नँगा देखा था रीमा ऑन्टी बहोत खूबसूरत है उनकी बॉडी भी तो मे रोक नही पाया
बिनीता के दिन के कोने मे रीमा की तारीफ सुन अच्छा नही लगता
बिनीता - चलो मान लिया लेकिन तुझे डर नही लगा किसी को पता चल जाता तो क्या होता
आयुस - लगता था लेकिन मे किसी को पता लगने नही देता पर आपको कैसे पता चला
बिनीता आयुस को देखते हुवे रात रीमा के सपने देख आयुस ने जो किया सब बता देती है जिसे सुन आयुस शोक मे चला जाता है
आयुस कुछ मिनट बाद नजरे नीचे कर - मे कुछ नही बोलना चाहता सफाई मे आपके सामने हु जो सजा देना है दे दो
बिनीता आयुस को देखती है फिर - तुमने अंजाने मे क्या इस लिये माफ करती हु लेकिन फिर
आयुस - नही होगा
बिनीता - हु हम फिर इसपे बात नही करेगे समझ गये सब भूल जाओ मेने जो कहा तुमने जो क्या
आयुस - ठीक है बुआ आप बहोत अच्छी है इतना सब करने के बाद भी आपने मुझे माफ कर दिया
बिनीता - बाते मत बना चल जाके नहा ले
आयुस - जी
आयुस नँगा होने लगता है तो बिनीता चिल्ला के - अरे पागल क्या कर रहा है
आयुस को समझ आता है बेचारा क्या करने जा रहा था
आयुस डरते हुवे - माफ करना बुआ सब जानने के बाद दिमाग ही काम नही कर रहा
बिनीता जाते हुवे - ठीक है मे जा रही हु
आयुस - नही अकेले कोई जानवर आ गया तो आप पथर के पीछे रहे मे नहा लूंगा
बिनीता - ठीक है.
आयुस जल्दी से नँगा होके पानी मे जाके नहाते हुवे - क्या सच मे मेने बुआ के साथ वो सब किया
आयुस के सोचते ही लंड खरा हो जाता है बिनीता पथर के पीछे करी मन मे - मुझे बताना ही परा ताकि फिर सपने मे मेरे साथ कुछ ना करे
10 मिनट बाद
आयुस - बुआ चले
बिनीता - हु
बिनीता को सर्म आ रही थी कियुंकी अब आयुस को पता था
आयुस आता है चिरिया पकाता है फिर सभी खाके झूले पे लेट बाते करने लगते है
आयुसी - भाई अब तो सब को पता चल गया होगा हमारे साथ कुछ हुआ है
आयुस - हा तुम सही हो गुरिया लेकिन क्या फायदा
अमृता - हम तो बस एक उमीद मे है कोई आये और हमे यहा से निकाले
बिनीता - इसके अवाला हम कर भी क्या सकते है एक रास्ता है जंगल से जाने का जो खतरों से भरा है
आयुस - ह रात को रहने के लिये ठिकाना तो कैप है लेकिन खाने पीने की परोबल ये भी मान लो कर लिया पर सबसे बरी परोबल है जंगली जानवर जमीन मे रहने वाले जहरीले साप् किरे जिससे बच कर सही सलामत जंगल से बाहर निकलना बहोत मुश्किल है
अमृता - मुश्किल चांस ही नही है
बिनीता - हा ये परोबालं के अलावा खतरनाक रास्ते जिसे पार करना और रोज ना जाने कितना चलना पड़ेगा
आयुसी - सोच कर ही मेरा सरीर काप रहा है डर से
आयुस - आप सब सही है इसी लिये तो यही यहा रुकना ही एक रास्ता बचा है
अंजान
अंजान के सामने कोई बैठा था जो अंजान को देख - आयुसी बेटी तीन दिन से कियु नही आ रही कही तुम दोनो की लराइ तो नही हुई
अंजान डर जाता है लेकिन अपने डर को दिखाता नही
अंजान - पापा मुझे नही पता आयुसी कियु नही आ रही फोन भी क्या लग नही रहा है
पापा - अच्छा जाके देखो क्या बात है याद रखना तूने अगर कुछ किया है ना तो तूने जान से मार दूंगा
अंजान - पापा आप कैसी बाते कर रहे है माना पहले मे बिगरा लरका था कई गलतिया की लेकिन आयुसी के आने के बाद मे बदल गया मुझे उससे प्यार है मे आयूसी को जान से जायदा प्यार करता हु आप सोच भी कैसे सकते है मे उसके साथ कुछ करुगा
पापा - मुझे नही पता फिल्हाल आयुसी बेटियां को जाके देखो
अंजान - जी
पापा - तु बहोत बिगरा लरका है मेरे बेटे मे अच्छे से जानता हु अगर सच मे आयुसी के आने के बाद तुम बदल गये हो तो अच्छा है नही तो
जंगल मे - सभी बाते करते हुवे सो जाते है साम को उठ कर सभी घूमते हुवे बाते करने लगते है
अमृता - 4 दिन हो गये एक शिप भी यहा से नही गुजरा
बिनीता - हा भाभी आपने बात तो सही कही
आयुस - सायद इस लिये हो सकता है ये जंगल सेहर से बहोत दूर है पास होता तो कई छोटे मोटे बोट आते जाते रहते है या मछुवारे भी जरूर आते इसका मतलब इस रास्ते मे शिप बहोत कम आते जाते है
आयुसी - भाई ऐसा है तो फिर क्या होगा हमारा
आयुस समुंदर को देखते हुवे - कुछ नही होगा बस हमे थोरा लंबा यहा रुकना होगा
बिनीता - समझ गई यानी शिप आयेगी जरूर पर कब केह नही सकते
आयुस - बिल्कुल
अमृता - उफ कैसे कटेगे हर दिन
अंधेरा हो चुका था सब आग के पास बैठे जो बचा था खा रहे थे
अमृता - हु ये चिरिया का स्वाद सब से हट बहोत मजेदार है
बिनीता - हा सुबह खाया तो मजा आ गया था
आयुसी - अगर इसका सब्जी बना के रोटी भाट के साथ खाते तो और भी मजा आ जाता
आयुस - गुरिया तेरी बात सही है लेकिन किया ही करे पका मीठ खाना ही लिखा है
आयुसी - हा भाई बात तो आपने सही कही बता नही कब घर जाके रोटी भाट खा पाउंगी
आयुस आयुसी को बाहों मे लेके - जल्दी ही गुरिया
बाते करते खाना पीना होते टाइम हो जाता है सभी कैप मे जाके बिस्तर मे घुस जाते है
अमृता - जंगल मे रहना सोना खाना एक काम रोज करना वैसे घर पे भी वही करते थे लेकिन जहा चाहे जा सकते है किसी से मिल बाते कर घूम सकते थे कोई खतरा नही लेकिन यहा उफ
बिनीता - मुझे तो उनकी चिंता हो रही है जब उन्हें पता चलेगा हम गायब हो गये है तो
आयुस - बुआ आप सही है फूफा बहोत चिंता मे आ जायेंगे
बिनीता - हु यही सोच मुझे बेचैनी हो रही है
आयुस - कर भी तो कुछ नही सकते
आयुसी - जब सब गाव वाले को पता चलेंगे हम एकदम से गायब हो गये है तो बाते चारों तरफ आग की तरह फैल जायेगी
आयुस - हा हर हरफ हमारे गायब होने की बात होगी
सभी कुछ देर और बाते करने के बाद सो जाते है रोज की तरफ आयुस आयुसी दोनो बाहों मे सोये थे
बिनीता मन मे - उफ अच्छा हुआ मेने सब बता दिया अब आयुस को सपना नही आयेगा आज मे आराम से सो सकती हु चैन से
सभी नींद मे चले जाते है
वही रीमा बिस्तर पे लेती मन मे - किया हुआ होगा दीदी आयुस सब के साथ सब एकदम से गायब ही हो गये गाव मे बाते भी फैलने लगी है आयुस बेटा दीदी सब ठीक हो मेरी दुवा है
रात 12 बजे मिनीता को अपने जन्धो के उपर भारी फिल होता है ऐसा लगता है कोई उसके चुचे भी दबा रहा है बिनीता जल्दी से आखे फिर एहसास होता आयुस एक पैर उसके उपर रख उसे बाहों मे लिये चुचे दबा रहा है बिनीता फिर हैरान हो जाती है
मिनीता मन मे - क्या आयुस फिर सपने मे सब कर रहा है
तभी आयुस धीरे से - बुआ आपके चुचे बरे टाइट मुलायम गोल है दबाने मे मजा आ रहा है
बिनीता हैरान शोक मे - क्या
आज के लिये इतना ही![]()
Akhir chod hi dala Ayush ne apni bua ko,. Ab kiska number ayega Maa ya Ayushi?chapter 7
पास्ट्
आयुस ने रीमा को जब से लंड चुस्वाया था रीमा उस स्वाद को उस पल मजे को भूल नही पा रही रात की नींद भी उर गई थी बार बार वही स्वाद मजे फिल हो रहे था सब सीन बार बार आखो के सामने आ रहे थे
रीमा एक खूबसूरत औरत थी रीमा के पति सेहर कमाने गया हुआ है 6 महीने मे आता है आयुस के पापा भी रीमा के पति के अच्छे दोस्त थे साथ मे सेहर गये काम करते थे लेकिन आयुस के पापा गुजर गये
पैसा बहोत जरूरी होता है खेत थे लेकिन उस से जिंदगी जीना मुश्किल था रीमा अपने बेटे के साथ रहती है बेटी ससुराल मे
रीमा को सेक्स का बहोत मन होता था लेकिन रीमा अपने आप को रोक कर रखती थी रीमा ने मान लिया था उसे अब ऐसे ही जीना है लेकिन एक घटना रीमा के अंदर दबे प्यास को जगाने लग गया था वो था आयुस
आयुस भी रीमा को कैसे भी चोदना चाहता था इस लिये आयुस रीमा के पीछे हाथ धोके पर गया आयुस राज से मिलने जाता लेकिन एक मोक्का देख राज नही होता उस समय भी जाने लगा था
आज आयुस एक दिन बाद फिर रीमा के घर आता है साम 3 बजे राज घर पे नही था
आयुस अंदर जाता है रीमा बिस्तर पे लेती हुई सोचो मे गुम थी
आयुस सीधा रीमा के कमरे मे आता है रीमा आयुस को देख हैरान होके - तुम
आयुस मुस्कुराते हुवे - हा
रीमा आयुस के पास जाके - तुम गलत कर रहे हो
आयुस अपना लंड बाहर निकाल - चूसना है मे जाऊ
आयुस मन मे - हिम्मत के आगे चुत है डर तो मुझे भी लग रहा है लेकिन करना परेगा वैसे भी ऑन्टी को लंड चाहिये
रीमा आयुस का लंड देख - मुझे कुछ नही करना जाओ यहा से इस बार तेरी मा को जाके कहने वाली हु
आयुस लंड अंदर कर - जरूर नही है मे जा रहा हु आज के बाद मे ऐसा कुछ नही करुगा
आयुस फिर घर से बाहर आके - लगता है काम नही बना
रीमा भी खरी हैरान थी आयुस क्या बोले करे
जंगल मे
आयुस बिनीता के ऊपर एक पैर रख चुचे दबा रहा था बिनीता की नींद टूट जाती है बिनीता को लगता है आयुस सब सपने मे कर रहा है लेकिन आयुस बुआ केहता है तब बिनीता को पता चलता है आयुस होस मे मरजी से कर रहा है तो बहोत शोक होती है
बिनीता धीरे से गुस्से से - बेटा तुम ये क्या कर रहे हो छोरो मुझे ये गलत पाप है
आयुस चुचे दबाते हुवे - बुआ पाप तो हो चुका है
बिनीता को दर्द हो रहा था उफ आह करने लगती है
आयुस लंड निकाल बिनीता का हाथ लंड पे रख - देखिये कितना टाइट हो गया है दर्द हो रहा है बुआ गेल्प कर दो नही तो नींद नही आयेगी
बिनीता गुस्से से लेकिन धीरे से - तू इतना गिरा नीच होगा आज पता चला
इतना सुनते ही आयुस बिनीता को छोर बिनीता से अलग होके - माफ करना
आयुस फिर सांत दूसरी तरफ लेट जाता है बिनीता हैरान क्या करे क्या बोले समझ नही आ रहा था
बिनीता मन मे - क्या करू अगर सच मे उसका लंड कर है तो उसे नींद नही आयेगी पर मे कैसे कितने दिन उफ
तभी बिनीता आयुस को अपनी तरफ पलट आयुस के लंड पे हाथ रखती है तो आयुस हाथ हटा के - मे नीच गिरा हु दूर रहिये
बिनीता - माफ कर के गुस्से से निकल गया
आयुस - मुझे बुरा लगा
बिनीता - सोर्री माफ कर दे ना
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके - एक बार अपनी चुत मे लंड डालने दोगी तो माफ कर दुगा
बिनीता हैरान शोक मे - क्या
आयुस बिनीता के चुचे दबाते हुवे - प्लेस बुआ पता है ये गलत पाप है लेकिन सिर्फ एक बार उसके बाद नही बोलूँगा प्लेस
बिनीता - लेकिन
आयुस - माफ किया आपको मे आपको फोर्स नही करुगा चलो सोते है
बिनीता गहरी सास लेके - ठीक है एक बार करने दुगी
आयुस खुशी से बिनीता के होठ पे किस कर - सुक्रिया लेकिन अभी लंड चूस दो कल आपकी चुत मारुंगा
बिनीता सोच मे थी लेकिन आयुस का लंड निकाल मजे से चूसने मे खो जाती है
मिनीता - गलत है लेकिन ये मजा मुझे पागल कर देता है
आयुस - आह बुआ मजा आ रहा है उफ
3 मिनट बाद
बिनीता - बस
आयुस - अपनी चुत नही चटवानी है
बिनीता टाँगे फैला के सारी उपर कर - हु
बिनीता मन मे - मेरी चुत चटवाने का बहोत मन कर रहा है
आयुस मुस्कुराते हुवे बिनीता की चुत चाटने लगता है बिनीता मजे से आह उफ करने लगती है
बिनीता मन मे - उफ ये मजा मुझे चाहिये था आह इतना मजा आ रहा है 2 मिनट बाद बिनीता झर जाती है
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके - मजा आया
बिनीता - अब मुझसे ऐसे बाते करेगा
आयुस - सोर्री
बिनीता - आया
आयुस - बहोत
बिनीता सर्म से - हु
आयुस बिनीता दोनों एक दूसरे के बाहों मे समा जाते है
बिनीता - कितना सुकून मिल रहा है मुझे पर क्या मे हमारे बीच सब जो रहा है सही है
सुबह होती है आज बिनीता आयुस के बाहों मे सुकून की नींद सोई थी अरे सोती तो सुरु से आई है लेकिन आज रात की बात अलग थी
सभी सोके उठते है हल्का होते है फिर खूबसूरत नजारे देखने लगते है क्या करे बेचारे टाइम पास करना था
आयुसी - एक बात तो है सुबह संसेड देखने मे दिल नही भरता बल्कि दिल आत्मा को सुकून मिलता है
अमृता - तुमने सही कहा बेटा सुबह का ये संसेड दिल को राहत सुकून देता है
वही बिनीता आयुस् एक दूसरे को देखते है पहली बार बिनीता सर्म से आयुस से नजरे नही मिला पाती
आयुस मुस्कुराते हुवे मन मे - आज कैसे भी बुआ की चुदाई करनी है अगर बुआ की चुत मिल गई तो भाई मजे ही मजे मेने सोचा नही था ये मोक्का मुझे मिलेगा
आयुसी - भाई साम को मछली पकरना
आयुस - मछली खाना है
आयुसी - हा
आयुस - ठीक है
अमृता - हमारा घर वीरान परा है घर की बहोत याद आ रही है
बिनीता - मुझे भी घर सब की याद आ रही है
आयुसी - मुझे भी गाव दोस्त घर की याद आ रही है
आयुस - हु मुझे भी लेकिन हम एक दिन घर जरूर जायेंगे
सभी - हा
10 बजते है धुप तेज हो गई थी अब नहाने सभी झरने की तरफ जाने लगते है
आयुस बिनीता से धीरे से - मेरे साथ चलना बुआ शिकार करने
बिनीता काप् के - हु
आयुस खुश था
सब झरने के पास आते है बिनीता - भाभी आज मे आयुस बेटे के साथ शिकार पे जा रही हु देखु तो कैसे शिकार करता है
अमृता - ठीक है जाइये आपका दिल है तो
आयुस बिनीता जंगल मे जाने लगते है बिनीता अभी भी सोच मे थी क्या करे वो होने वाला था करने वाली थी करे या ना
आयुस थोरा जंगल के अंदर आने के बाद बिनीता को बाहों मे लेके - बुआ आज आपकी चुत चाहिये आपने बोला था
. बिनीता बोला था एस लिये आई हु लेकिन उसके बाद तुम सब भूल मुझे टच या कुछ करने को नही बोलोगे
आयुस अपना लंड निकाल ठीक है सुरु हो जाइये
बिनीता नीचे बैठ मन मे - पता नही ये पाप है गलत है पर एक बार मेने कहा है तो कम ही पड़ेगा
बिनीता आयुस का लंड मुह मे लेके चूसती है मजे से आयुस दिन मे आह उफ करने लगता है बिनीता मन मे - दिन के उजाले मे आयुस का लंड देख मुझे डर लग रहा है कितना मोटा टाइट गर्म है लेकिन मुझे रस चूस कर पीने मे मजा आ रहा है 2 मिनट बाद
बिनीता खरी होके - उफ हो गया
आयुस मुस्कुराते हुवे - अपने चुचे दिखाओ बुआ
बिनीता आयुस को देखती है फिर सर्म से ब्लाउस खोलते हुवे - कैसे सुरु हुआ और हम कहा आ गये
बिनीता ब्लाउस खोल दोनो चुचे आयुस के सामने कर देती है आयुस पहली बार उजाले मे बिनीता के बरे गोल चुचे को देखता है तो देखते ही रह जाता है बिनीता नजरे नीचे किये खरी थी
आयुस चुचे देख पागल होके - बुआ आपके चुचे तो रीमा ऑन्टी से बहोत बरे खूबसूरत टाइट h काले निपल उफ देखने मे कमाल लग रहे है कसम से बुआ आपके जैसे चुचे किसी के नही होगे
बस बिनीता आयुस के तारीफ मे सब भूल खुश हो जाती है बिनीता तो तारीफ सुन अच्छा लगता है
बिनीता बिना आयुस को देखे धीरे से - सच केह रहा है
आयुस चुचे दबा के - हा
बिनीता आह करती है
आयुस -बुआ चुत देखाओ ना रहा नही जाता
बिनीता सर्म से सारी उपर करने लगती है आयुस दिल थाम लेता है और फिर सारी उपर होते ही बिनीता ki चुत आयुस के सामने आ जाती है आयुस नीचे बैठ गोर से बिनीता के चुत देखने लगता है
बिनीता की चुत कमाल की लग रही थी छोटे काले बाल मोटी जांघे पूरी गोरी चुत भी आयुस जांघे पे हाथ रख देता है बिनीता काप् तेज सासे लेने लगती है आयुस चुत को देखते हुवे - बुआ आपकी चुत भी बहोत खूबसूरत कमाल की है
आयुस मन मे - यकीन करना मुश्किल है मे अपनी बुआ की चुत देख रहा हु लेकिन ये सच है उफ मेरा लंड फट रहा है
आयुस बिनीता के चुत के फाके फैला के देखता है अंदर लाल छोटा छेद दिख रहा था आयुस मन मे - बुआ मा नही बन पाई चुदाई भी सायद अच्छे से नही होती है रात को ही बुआ को चुदना चाहता था
लेकिन रीमा ऑन्टी को जब पहली बार चोदा तो बहोत रोई दर्द हुआ था मुझे लगा दो बच्चो की मा है लेकिन फिर एहसास हुआ मेरा लंड ही बहोत मोटा लम्बा है इस लिये रात को नही चोदा
आयुस खरा होके - बुआ जमीन पे टाँगे उठा के सारी उपर कर लेत जाइये मुझसे रुका नही जा रहा मुझे आपकी चुत मे लंड घुसाना है चुदाई करनी है
बिनीता डरी सर्म से जमीन पे लेट टाँगे उठा के सारी उपर कर लेट जाती है आयुस भी नीचे से नँगा होके बिनीता को उसकी चुत को देखता है बिनीता डर सर्म से आयुस को देखती है
आयुस बिनीता के ऊपर आके लंड चुत पे रख घिसने लगता है बिनीता पूरी कप् जाती है रोये खरे हो जाते है अपनी चुत पे अपने भतीजे का मोटा गर्म लंड फिल कर
आयुस - डाल दु बुआ
बिनीता डरते हुआ - धीरे से बेटा
आयुस - ठीक है
आयुस एक धक्का मारता है नतीजा बिनीता दर्द मे चिल्ला उठती है आयुस बिना रुके दूसरा धक्का मार पुरा लंड अंदर घुसा देता है लंड बिनीता की चुत फैलाते पुरा अंदर तक घुस चुका था बिनीता की जान निकल गई ऐसा लग रहा था चुत फट गई है
आयुस को भी फिल होता है लंड कसा हुआ आयुस को लंड पे अंदर की गर्मी भी भील हो रही थी
बिनीता रोते हुवे आयुस को धक्का देते हुवे - बहोत दर्द कर रहा है बेटा निकाल ले बाहर प्लेस
आयुस - बस बुआ हो गया
आयुस 1 मिनट रुकता है बिनीता दर्द मे रोटी रहती है
आयुस फिर चुदाई करना सुरु करता है तेज तेज धक्के मारने लगता है कियुंकी आयुस बहोत जोस मे था उसके लिये रोकना मुश्किल था
बिनीता रोते हुवे टाँगे उठाये - मर गई मा बेटा बहोत दर्द हो रहा है धीरे कर ना आह उफ सच ने बहोत दर्द हो रहा है
आयुस धक्का मारते हुवे - बुआ आपकी चुत बहोत टाइट गर्म है मजा आ रहा है उफ दर्द कम हो जायेगा आह सेह लो उफ बुआ कसम से आपकी चुत की गर्मी आह कितना सुकून मिल रहा है आपकी चुदाई करके दर्द धीरे कम होता है मजा आने लगता है बिनीता को
जंगल मे एक भतीजा अपनी बुआ के साथ मंगल कर रहा था फट फच आह उफ मा की आवाजे जंगल गुजने लगती है
आयुस मजा आ रहा है बुआ
बिनीता - आह उफ बेटा आह दर्द है लेकिन अच्छा लग रहा है मजा आ रहा है
बिनीता मन मे - मे क्या बोल रही हु मुझे मजा इतना कियु आ रहा है अरे नही मे झरने वाली हु इतनी जल्दी आह मा
बिनीता आयुस को बाहों पकर् लेती है आयुस भी समझ तेज धक्का मरते रहता है बिनीता आह मा बेटा करते कापते झर जाती h
आयुस बिनीता को देख -मजा आया
बिनीता कुछ नही बोलती
आयुस नीचे लेट बुआ आजाओ उपर बिनीता देखती सर्म से आयुस के लंड पे बैठ चुत मे घुसा के बैठ आह मा करते हुवे मजे से उपर नीचे करते हुवे लंड चुत मे लेने लगती है
बिनीता मन मे - उफ इतना मजा सुकून चुदाई मे पहले कभी नही मिला आह आयुस बेटे उफ तुझे चोद दिया अपनी बुआ को आह मा
आयुस - बुआ और करती रहो आह उफ बुआ आह मजा आ रहा है आपकी चुत मारने मे उफ बहोत गर्मी है आपकी चुत मे
41 मिनट चुदाई चलती है उसके बाद बिनीता थकी जमीन पे लेट पसीने से भीगी तेज सासे लेते मन मे - क्या था ये इतनी देर कोई चुदाई करता है किया आज अभी मे 5 बार झरी जबकि मेरे पति मेरी चुदाई करते थे तो एक बार मे मुश्किल से झरति थी केहना गलत नही होगा आज मुझे असली चुदाई सुकून मिला है लेकिन ये पहली लास्ट है उफ आयुस बेटा मर्द निकला उपर से मेरी चुत मे आयुस का बहोत सारा गर्म पानी फिल कर पा रही हु पर कोई ना मे मा बन ही नही सकती
आयुस - बुआ आप ठीक है
बिनीता नजरे नीचे किये - हा चलो शिकार भी करना है और हा मेने कहा किया अब तुम भी मुझसे कुछ नही कहोगे
आयुस - जी
आयुस अपनी बुआ की चुदाई कर मस्त था बिनीता भी थी पर बात यही मजे यही तक थे
आयुस शिकार करता है फिर झरने के पास आते है अमृता आयुसी नही थे सभी चले गये थे
आयुस - बुआ आपने कहा मे फिर कुछ ना कहुंगा ना करुगा लेकिन साथ मे ना तो सकते है
बिनीता - बिल्कुल नही मे फिर तुमने फिर बात की
आयुस सोर्री
बिनीता - ठीक है अभी साथ मे नहा लेते है कल से जैसे हम पहले थे वैसे ही रहेगे बाते करेगे
आयुस - जी
आयुस बिनीता दोनो नंगे नहाते है फिर अमृता के पास आ जाते है
अमृता - देख लिया कैसे शिकार करता है आयुस बेटा
बिनीता - हा भाभी देख लिया बेटा तो पूरा शिकारी बन गया है
आयुसी मुस्कुराते हुवे - कियुंकी भाई जो करना चाहते है कर के मानते है मेरा भाई बहोत कमाल के है
बिनीता मन मे - हा उसका लंड भी उफ बहोत दर्द जलन हो रही है
आयुस भी शिकार को पकाने लग जाता है उसके बाद सभी बैठ खाते पीते है फिर जुले पे लेट बाते करने लगते है
आयुसी - भाई आआपने ये झूला बना के बहोत अच्छा था आराम से लेट पेर के नीचे छव् मे मजा आ जाता है
अमृता - हा बेटी तुमने सही कहा आराम मजा आता तो और हम आराम से सो भी जाते है.
बिनीता - नही तो हमे जमीन पे या कैप मे सोना परता
आयुसी - लेकिन बुआ यहा इस झूले पे लेटने से हम सब चारों तरफ कुछ साफ देख सकते है बाते सो सकते है कैप मे मजा उतना नही आयेगा
अमृता - तेरी बात सही है बेटी
आयुस - हा यहा झूले पे मजा तो आता है और हम नजारे का आनंद भी ले पाते है
बाते करते फिर सभी सो जाते है साम को उठते है अपना बाते भूमते है पास पास ऐसे ही तो बेचारों को करना पर रहा था एक एक दिन गुजरने के लिये
वही आयुस के गाव मे आयुस सब के गायब होने की खबर फैल गई थी सभी आयुस सभी को लेके बाते हो रही थी
रीमा राज कमरे मे बाते कर रहे थे
राज - मा ये क्या हो गया कोन कर सकता है कियु आयुस ऑन्टी सब की इतनी किसी से क्या दुश्मनी होगी जो उन्होंने सब को गायब ही कर दिया
रीमा - बेटा मुझे भी समझ नही आ रहा दीदी आयुस बेटा सब के साथ क्या हुआ है पुलिस पता कर रही है जल्दी ही हमे क्या मामला है सायद पता चल जाये
राज - मे दुवा करता हु आयुस ऑन्टी सब ठीक हो और पुलिस उन्हें बचा ले
रीमा - हु हम बस दुवा ही कर सकते है बेटा
आज के लिये इतना ही![]()
Ayush Vimla me hi fansa hua hai. Ayushi aur Maa ka bhi ti udhhar karo.chapter 8
पास्ट - आयुस रीमा
आयुस रीमा के बीच जो हुआ उसके बाद आयुस रीमा के घर नही गया कियुंकी आयुस को डर था कही रीमा गुस्सा होके मा को बता दिया तो उसकी लग जायेगी
2 दिन बाद सुबह 11 बजे रीमा आयुस के घर आती है आयुस कमरे मे लेता रीमा के बारे मे ही सोच रहा था रीमा कमरे मे आती है आयुस रीमा को एक एकदम हैरान होता है
आयुस उठ कर रीमा के पास आके - आप यहा कही आप मा को
रीमा - ओये मे यहा दीदी से मिलने आई हु बस समझ गये
आयुस - अच्छा मुझे लगा
रीमा - दिल तो कर रहा है जाके बता दु पर छोड़ देती हु
आयुस - ठीक है आपका सुक्रिया मा नही है खेत मे गई है
रीमा - अच्छा
आयुस रीमा को देखता है रीमा इधर उधर नजरे करने लगती है आयुस एक रिस्क लेके अपना पैंट नीचे कर - लास्ट है कसम से
रीमा आयुस की बात सुनती है फिर आयुस का लंड देखती है और सर्म से घुटने पे बैठ आयुस का लंड पकर मन मे - बहोत कोसिस की खुद को रोकने की लेकिन रोक नही पाई
रीमा आयुस का लंड मजे से मुह मे लेके चूसने लगती है आयुस ये देख मजे से मुस्कुराते हुवे - उफ मजा आ गया ऑन्टी चुसो अच्छे से
रीमा लंड चुस्ती हुवे मन मे - आह ये स्वाद के लिये मे तरप् रही था अब जाके सुकून मिला उफ कितना अच्छा स्वाद है 3 मिनट बाद
रीमा लंड मुह से निकाल मन मे - इसका लंड जल्दी झरता कियु नही है मेरा मुह दर्द करने लगा
रीमा खरी होके सर्म से - अच्छा मे जाती हु
आयुस रीमा को बाहों मे भर - ऐसे कैसे आपका हो गया मेरा क्या
रीमा हैरानी से - मतलब किया है तेरा
आयुस रीमा के चुचे दबाते हुवे - मुझे आपके चुचे देखना है मुह मे लेके पीना है
रीमा हैरान शोक - लेकिन
आयुस - लेकिन कुछ नही मेने अपना देखाया आपका भी फर्ज़ बनता है वैसे मेने तो सब देख लिया है लेकिन अच्छे से देखना है चुना है
आयुस रीमा के ब्लाउस खोलने लगता है रीमा सर्म से तेज सासे लेते खरी रहती है आयुस् बटन खोल दोनो चुचे बाहर निकाल देता है रीमा के चुचे बहोत अच्छे थे काले निपल और कमाल के लग रहे थे
आयुस रीमा को देख - उफ ऑन्टी आपके चुचे तो बहोत खूबसूरत टाइट है बड़े भी आपके ही चुचे देखे है उसके अलावा कीसी का नही देता उफ चुचे ऐसे होते है आह
रीमा सर्म से लाल खरी क्या बोले समझ नही आ रहा था
आयुस रीमा को बिस्तर पे लेता के रीमा के ऊपर आके चुचे दबाते हुवे मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा आह उफ तेज सिसकिया लेके मचलने लगती है
आयुस दोनो चुचे दबाते चुस्टे हुवे - उफ कितने मुलायम है चुचे दबाने मे चूसने मे मजा आ रहा है ऑन्टी उफ आपके चुचे तो कमाल है
रीमा - आह उफ बेटा रुक जा आह दर्द कर रहा है धीरे चूस उफ अच्छा भी लग रहा है दर्द भी हो रहा है आह मा आयुस बेटे
4 मिनट बाद
रीमा जल्दी से उठ ब्लाउस पहन आयुस को देख - बेसर्म कही का कहते चली जाती है
आयुस रीमा को जाते देख मुस्कुराते हुवे - उफ चुचे कमाल के थे दबाने चूस के पीने मे मजा आया लेकिन का रस चूस कर पीने मे उफ सोच कर मेरा लंड कर हो गया और मुह मे पानी आ गया ऑन्टी मेरी जान अब तो आप खुद लंड लेगी उफ
रीमा घर जाते हुवे - हद है मे खुद गई उसके पास कियुंकी मुझे लंड चूसना था स्वाद लेना था इस कमीने ने कैसी लत लग दी
रीमा अपने चुचे को सेहलाते हुवे - ऊपर से मेरे चुचे को कितने जोर से दबा के मुह मे लेके चूस रहा था लेकिन जो भी हो अच्छा फिल हो रहा था जैसे मेरा जिस्म मजे से झूम रहा हु उफ मे किस और जा रही हु मेने अपने बेटे के दोस्त का लंड चुसा अपनी चुचे दिखाये चुस्वाये यकीन नही होता
रीमा अपनी चुत पे हाथ रख - उफ उपर से मेरी चुत गीली होके पानी बहा रही है आह ये लरका मुझे पागल कर रहा है
जंगल - पर्जेंट
अमृता आयुसी तो सो चुके थे लेकिन बिनीता आयुस जगे हुवे थे
बिनीता अपनी चुदाई के बारे मे ही सोच रही थी की कैसे सब सुरु हुआ और अपने बेटे जैसे भतीजे से चुत गई ये सोचते ही बिनीता की चुत गीली होने लगती है
बिनीता चुत पे हाथ रख मन मे - हमने पाप किया है हमारे बीच ये सब नही होना चाहिये था लेकिन एक बात तो माननी पड़ेगी आयुस बेटे के मोटे लंड से चुदवाने मे जितना मजा सुकून मुझे मिला
आयुस भी बुआ की चुदाई के बारे मे सोच मन मे - किया किस्मत है सोचा नही था मुझे बुआ की चुत मरने को मिलेगी उफ कितनी टाइट गर्म चुत थी बुआ की
दोनो बुआ भतीजे सोचो मे गुम ने बिनीता की चुत गीली थी आयुस का लंड खरा था तो नींद कहा से आती
आयुस अपना लंड पकर - यार इस लंड ने तो मुझे परेसान कर रहा दिल कर रहा है बुआ की चुदाई करने का ले लेकिन कर नही सकता
बिनीता आयुस एक दूसरे की तरफ देखते है अंधेरा होने की वजह से दोनो एक दूसरे का चेहरा देख रही पाते
आयुस - कोसिस कर के देखता हु गुस्सा करेगी तो माफी मांग लूंगा
आयुस हिम्मत कर बिनीता की चुत पे हाथ रख देता है बिनीता फिल कर काप जाती है लेकिन चुप चाप लेती रहती है आयुस की हिम्मत बढ़ जाती है आयुस चुत सेहालने लगता है बिनीता मुह बंद कर आह उफ करने लगती है
आयुस समझ जाता है काम बन सकता है तो आयुस बिनीता के ऊपर आके बिनीता को किस करने लगता है बिनीता मन मे - मे अब रुक नही सकती
बिनीता भी आयुस को बाहों मे भर किस करने लगती है आयुस भी जोस मे आ जाता है दोनो एक दूसरे का रस पीते है उसके बाद आयुस चुचे दबाता है फिर चुचे बाहर निकाल मुह मे लेके चुस्ता हो बिनीता आह उफ करती रहती है सब होने के बाद
आयुस धीरे से - आवाज मत करना टाँगे उठा के फैलाओ लंड डालुगा
बिनीता टाँगे उठा के फैला देती है आयुस सारी ऊपर कर लंड निकाल चुत पे रख धीरे धीरे पुरा लंड चुत मे घुसा देता है बिनीता दर्द मे तरप् उठती है आखो मे आसु मुह बंद किये आह उफ मा बाहर दर्द हो रहा है
आयुस चुदाई करने लगता है आयुस मन मे - उफ कसम से बुआ की टाइट गर्म चुत मे लंड जाते ही जैसे सुकून मिल गया हो
बिनीता मन मे - उफ मा आयुस बेटे का लंड चुत मे लेते ही उफ सुकून मिल गया आह मा मुझे मजा आ रहा है
आयुस धीरे धीरे चुदाई करते रहता है बिनीता मजे से टाँगे उठा के चुदाई का मजा लेती रहती है 35 मिनट बाद
आयुस बिनीता के ऊपर लेत धीरे से - उफ बुआ मजा आ गया आपने तो 4 बार पानी छोरा लगता है बहोत गर्मी है आपकी चुत मे
बिनीता सर्म से - बेसर्म चुप कर
आयुस चुचे दबाते हुवे - बुआ आपकी चुत के बिना अब रह नही सकता तो क्या आगे भी आपकी चुत मिलेगी
बिनीता थोरि देर सोच हुवे - हु लेकिन भाभी आयुसी को पता ना चले
आयुस खुशी से बिनीता को किस करते हुवे - ठीक है लेकिन अभी मजा आया
बिनीता सर्म से - हा बहोत आया
आयुस - मुझे भी
चुदाई के बाद दोनो बाहों मे एक दूसरे के सो जाते है
सुबह होती है काजल रात की चुदाई से मस्त थी आयुस भी बहोत खुश था जंगल मे बुआ की चुत जो मिल गई थी
सभी उठ बैठे समुंदर को देख रहे थे आयुस बिनीता के पास बैठा था आयुस बिनीता के हाथ पे हाथ रख देता है बिनीता आयुस को देख सर्म से लाल होने लगती है
आयुसी - भाई और कितने दिन रही होगा रोज एक ही काम करना होगा अब तो लगने लगा है कही हम यही फस के रह ना जाये
आयुस आयुसी को देख - बिल्कुल नही हम बाहर जरूर निकलेगे
अमृता - लेकिन कब बेटा यही तो नही पता हमे कितने दिन इस जंगल मे रही होगा
आयुस - केहना मुश्किल है फिर भी 2 महीने
बिनीता - तुम्हे यकीन है 2 महीने मे कोई आयेगा
आयुस - यकीन है अगर ऐसा नही होता है तो लास्ट 1 या 2 महीने और
आयुसी - यानी मान के चलते है चार महीने तो भाई आपको यकीन है चार महीने मे कोई जरूर आयेगा
आयुस - हा पुरा यकीन है हम गलत जगह जंगल मे है इस लिये इस तरफ जायदा लोग नही आते जाते नही तो हम एक महीने मे ही यहा से निकल जाते खैर मान लो चार महीने उसके पहली भी कोई आ सकता है आज कल महीने बाद
अमृता - चलो तेरे हिसाब से चार महीने हम लेके चलते है
बिनीता - हु अब हमे इतना पता है कब तक यहा रहना होगा
आयुसी - हा लेकिन चार महीने कैसे गुजरेगे यहा
अमृता बिनीता आयुस - यही तो मुश्किल है लेकिन क्या करे
10 बज जाते है
अमृता सभी झरने के पास आते है आयुस बिनीता को इसारे से अपने साथ चलने को कहता है बिनीता सर्म से हा कहती है
बिनीता - भाभी आज भी मे आयुस बेटे के साथ जा रही हु अकेले जाता है कुछ हो गया तो
अमृता - तूने बात तो सही बोली मेने ये सोचा भी नही था ठीक है लेकिन नहायेगी कब
आयुस - अरे मा आयेगे पहले बुआ नहा लेगी मे आस पास घूम लूंगा फिर मे नहा लूंगा उसके बाद आ जायेंगे
अमृता - ठीक है जाओ
आयुस - जी
आयुस बिनीता के साथ जंगल मे जाने लगता है अमृता आयुसी नंगी होके पानी मे आके नहाने लगती है
आयुस अच्छे से अपने चुचे रगर नहाती थी अमृता भी अच्छे से साफ कर मजे से नहाने का आनंद लेने लगती है
आयुसी - मा खुले मे नहाने का मजा ही अलग है
अमृता - हा यहा देखने आने वाला भी कोई नही है
जंगल मे आयुस बिनीता अंदर तक जाते है बिनीता मन मे - उफ अब क्या होगा सच कहु तो मुझे चुदाई चाहिये वो मजा चाहिये उफ मेरी चुत गर्म हो रही है
आयुस एक जगह रुकता है यहा आस पास जायदा झारिया नही थी खुले जगह थे आयुस अपना लंड निकाल बिनीता को देख - बुआ सुरु हो जाओ
बिनीता तो अब आयुस के लंड की दीवानी हो गई थी बिनीता भी समझ चुकी थी अब आयुस के लंड के बिना रह नही पायेगी इस लिये बिनीता सब भूल आयुस को शॉप देती है
बिनीता सर्म घुटने पे बैठ आयुस का लंड पकर मुह मे लेके मजे से चूसने लगती है बिनीता मन मे - आह इतना मजा उफ
आयुस बिनीता के सर पे हाथ रख - उफ बुआ बहोत अच्छे से मजे से चूस रही है मजा आ रहा है उफ बुआ आप कमाल है
3 मिनट बाद
बिनीता जमीन पे लेट टाँगे उठा के सारी उपर कर आयुस के समानें अपनी चुत कर देती है बिनीता आयुस से नजरे नही मिला पा रही थी लेकिन आयुस समझ जाता है फिर नीचे बैठ झुक चुत को फैला के मुह मे लेके चूसने लगता है
बिनीता आयुस के सर चुत पे दबाते हुवे - आह उफ मा आयुस बेटा मजा आ रहा है चूस अपनी बुआ की चुत को पीजा रस आह करते रह बेटा आह
आयुस चुत चाटते हुवे चूस कर रस पीते हुवे मन मे - उफ बुआ के गर्म चुत का गर्म रस पीके मजा आ रहा है 3 मिनट बाद
बिनीता आह उफ मा आने वाला है कहते झर जाती है
आयुस फिर बिनीता के ऊपर आके चुत पे लंड रख धक्का मार घुसा देता है बिनीता दर्द मे मर गई बहोत दर्द हो रहा है आयुस बेटा
आयुस चुदाई करते हुवे - उफ बुआ दर्द मे तो मजा आयेगा आपको आह आपकी चुत उफ मारने मे आह क्या ही सुकून मिल रहा है
बिनीता दर्द मे आह उफ मा करती रहती है लेकिन फुल मजा चुदाई का लेती रहती है आह उफ मजा आ रहा h बेटा आह करते है चोद आह
आयुस फिर बिनीता को खरा कर झुका के पीछे से चुत मे लंड डाल चुदाई करने लगता है बिनीता झुकी चुत मे लंड आते जाते फिर कर मजे से आह उफ सिसकिया लेती रहती है 31 मिनट बाद
बिनीता तेज सासे लिये पसीने से भीगी आह उफ करते हुवे सारी बाल सही कर लेती है
आयुस मुस्कुराते हुवे - बुआ और चाहिये
बिनीता सर्म से - ना बाबा आह इतना ही काफी है फिर बाद मे लुंगी
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके - अब से आपकी चुत मे रोज मारुंगा घर जाने के बाद भी समझ गई आप
बिनीता सर्म से - ठीक है जैसा तुम कहो
आयुस खुशी से - ये हुई ना बात
तभी बिनीता - अरे हा वहा रीमा है ना तो मेरी क्या जरूरत
बिनीता जाने लगती है आयुस हैरान बिनीता को बाहों मे कस - आपको जलन हो रही है
बिनीता - मुझे कियु होगी
आयुस मुस्कुराते हुवे - रीमा ऑन्टी खूबसूरत है उनकी बॉडी अच्छी है लेकिन आपके समाने ऑन्टी कुछ भी नही और हा आपकी टाइट चुत मारने मे जितना मजा आता है उतना ऑन्टी के साथ नही आया कसम से
बिनीता - अच्छा मान लेती हु चल शिकार भी करना है
आयुस - हा ठीक है
आयुस शिकार करने लगता है बिनीता अपनी चुत पे हाथ रख मन मे - सायद किस्मत मे यही होना लिखा था तो मे जायदा सोच अपना दिमाग खराब कियु करू वैसे भी आयुस बेटे के साथ सर्म से मजा बहोत आता है
शिकार होने के बाद आयुस बिनीता नंगे होके नहाने लगते है
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके - आप बहोत खूबसूरत है आपकी बॉडी भी लेकिन आपकी चुत उफ घोरी बनो ना बुआ
बिनीता सर्म से झुक जाती है आयुस मुस्कुराते हुवे पीछे बिनीता की गांड पकर लंड चुत पे रख एक धक्का मार घुसा देता है बिनीता दर्द मे आह मा आयुस बेटा
आयुस तेज तेज धक्का मारना सुरु करता है बिनीता पानी मे झुकी भतीजे से चुदवा कर मजे लेते हुवे - आह बेटा किसने सोचा था एक दिन मेरा भतीजा मुझे पानी मे चोदेगा आह मजा आ रहा है
आयुस धक्का मारते हुवे - आह बुआ पानी में आपकी चुदाई करने मे उफ बहोत मजा आ रहा है आह
बिनीता आह उफ बेटा आह मुझे भी बहोत उफ मजा आ रहा है
15 मिनट बाद
बिनीता चुत साफ करते हुवे उफ कितना मोटा है तेरा दर्द बहोत होता है
आयुस मुस्कुराते हुवे - मजा भी तो देता है
बिनीता सर्म से - बेसर्म
बिनीता आयुस नहाने के बाद कैप मे आते h आयुस फिर शिकार पकाता है सब खाते है उसके बाद झूले पे लेत बाते करने लगते h
बिनीता चुत पे हाथ रखे मन मे - उफ इतना सुकून चुदाई के बाद मुझे पहले नही मिला यकीन करना मुश्किल हो रहा है में भतीजे से चुद गई
उफ जो भी हो मजा बहोत आता है
आयुसी - बस यही करने को है नहाना खाना बाते करना रात को सोना फिर हद है कहा फस गये
अमृता - हद तो हो गई है लेकिन क्या करे
बिनीता - अब तो सब गाव मे हंगामा हो गया होगा
आयुस - हा आपने सही कहा बुआ
अमृता - पर फायदा क्या है किसी गाव किसी सेहर मे कही कैद होते तो उमीद होती
आयुस - किसी के कैद मे होते तो और खतरे मे होते
बिनीता - बात तो तूने सही कही किसी के कैद मे होते तो पता नही हमारे साथ क्या करता
आयुसी - बिल्कुल उससे अच्छा हम यहा आजाद तो है
अमृता - सायद तुम सभी सही हो उफ बस कैसे भी इस जगल से निकल जाये जल्दी से जल्दी बस मे यही दुवा करती हु
बाते करते करते सब सो जाते है
शाम 3 बजे आयुस समुंदर मे काटा डाल मछली करने लगता है
आयुसी आयुस के पास आके - भाई आज कोन ही मछली फसेगी
आयुस मुस्कुराते हुवे - क्या बता ये समुंदर है उसमे ना जाने कई तरह की मछली रहती जितना इंसान ने आज तक देखा भी नही होगा
आयुसी - हु आपका केहना सही है खैर कोई भी अच्छी मछली फस जाये जो खाने मे अच्छी हो
आयुस - देखते है काटा लगा तो दिया है
बिनीता आते हुवे - सुरु से मछली की सब्जी बना के खाते आये है लेकिन इस जंगल मे आने के बाद पका खाना परता है
आयुस बिनीता को देख आख मार के - बात तो सही कही बुआ
बिनीता सर्म से लाल हो जाती है
अमृता भी आके सब के साथ खरी होके - सुबह से लेकर अंधेरा होने तक तो सही है लेकिन जब अंधेरा होने लगता है तो कसम से चारों तरफ देखने मे भी डर लगता है उपर से भयानक आवाजे
आयुसी - हा मा आपने सही कहा रात होते ही ये जगह बहोत दरवानी हो जाती है मुझे तो जंगल की तरफ देखा भी नही जाता ऐसा लगता है कोई देख रहा है उफ सरीर काप गये सोच कर
बिनीता - सच है जंगल रात को भयानक ही लगता है
आयुस - बिल्कुल सुकर है तभी तक हमारा सामना कोई खतरनाक जानवर से नही हुआ
आयुस - हा ये तो हैं इस जंगल मे शेर चिता जैसे जानवर है भी या नही
आयुस - पता नही ना हो तो अच्छा है नही तो उसका सामना हुआ तो समझो हम गये
बिनीता - बिल्कुल एक बार मे ही हमारा काम तमाम कर देगा
आयुस आयुस के बाहों मे समा के - भाई मुझे डर लग रहा है
आयुस आयुसी को बाहों मे कस - डरो नही मे जब तक हु किसी को कुछ होने नही दूंगा
रात होती है एक बरी मछली काटे मे फसी थी आयुस उसे ही पका रहा था पकने के बाद आयुस सभी को खाने को देता है
आयुस - हु ये अलग स्वाद है लेकिन अच्छा है
अमृता - हु खाने मे अच्छा स्वाद मिल रहा है
खाते बाते करते टाइम होने पे सब सोने चले जाते है
आज के लिये इतना ही![]()
Ab ayegi Ayushi Ayush ke changul me.chapter 9
पास्ट
आयुस रीमा के घर जाता है सुबह के 11 बज रहे थे रीमा आयुस को देख - तु कियु आया है
आयुस रीमा के पास आके बाहों मे भर - आपको प्यार करने
रीमा - बरा आया चल चोर मुझे
आयुस रीमा को बिस्तर पे लेता के किस करने लगता है एक हाथ से चुचे भी दबाने लगता है रीमा मदहोस होने लगती है और खुद को रोक नही पाती दोनो एक दूसरे को बाहों मे लिये किस करते है
आयुस - चुचे बाहर निकालो जल्दी
रीमा ब्लाउस से बाहर चुचे निकाल देती है आयुस चुचे पकर दबाने लगता है रीमा दर्द मे आह उफ सिसकिया लेने लगती है
आयुस - ऑन्टी आपके चुचे मस्त है
रीमा - कमीने धीरे दबा दर्द होता है
आयुस चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा आयुस के सर पकरे चूस पीले जितना पीना है उफ तूने तो मुझे पागल बना दिया है आयुस अच्छे से चुचे दबाता है चुस्ता है उसके बाद आयुस रीमा को देख - चलो अपनी चुत दिखाओ
रीमा हैरान - ओये बोल तो ऐसे रहा है मे तेरी बीवी हु
आयुस रीमा के बाल पकर - चुत मे गाल है सांत करवाना है या नही
रीमा - कमीने मे तुझे
आयुस जाते हुवे - जा रहा हु बरी नाटक बाज है आप
रीमा - रुक जा
आयुस पीछे देखता है तो रीमा सारी निकाल पेटी कोट मे लेती टाँगे फैला के चुत फैला के आयुस को दिखाते हुवे - देख ले मेरी चुत और हा बहोत आग है
आयुस हैरान होता लेकिन पास जाके अच्छे से चुत को देखते हुवे - हु पहली बार चुत देख रहा हु वो भी आपका ऑन्टी चलो अच्छे से लेत जाओ टाँगे फैला के
रीमा हैरान - किया करने वाला है
आयुस - अरे लेतो तो पता चल जायेगा
रीमा बिस्तर पे टाँगे फैला लेत जाती है सर्म डर रीमा के अंदर थे
आयुस रीमा की चुत मे उंगली घुसा देता है रीमा दर्द मे आह मत कर
आयुस उंगली निकाल - हु रस बहोत है
आयुस रीमा की चुत फैला के मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा एकदम हैरान शोक होते हुवे - अरे क्या कर रहा है बेसर्म
लेकिन तभी रीमा को अजीब एहसास मजा आने लगता है रीमा ये क्या है मुझे अजीब लेकिन अच्छा फिल हो रहा है
रीमा बिस्तर पे आह उफ करते हुवे - आह आयुस बेटे चुत चाटी जाती है क्या आह कुछ भी हो अच्छा लग रहा चाट चूस ले मेरी चुत
आयुस मजे से रीमा की चुत चुस्टे चाटने मन मे - उफ पहली बार चुत चाट रहा हु अजीब लेकिन मजा आ रहा है ऑन्टी की चुत मे बहोत रस है उफ गर्म भी बहोत है चुत
2 मिनट बाद रीमा गांड उठानें और तेज आह उफ सिसकिया लेते हुवे - क्या हो रहा है आह मे इतनी जल्दी झरने वाली हु उफ करते हुवे झर जाती है आयुस रस सब पी जाता है
रीमा तेज सासे लेते हुवे मन मे - उफ मा बिना किये झार दिया उफ लेकिन बहोत मजा सुकून मिला मुझे ये क्या था पहली बार मेरी चुत को किसी ने चाटा लेकिन उफ क्या मजा नया एहसास था
आयुस रीमा के चेहरे को पकर - तेरी चुत तु मेरी है समझ गई जब भी मे आउ जो बोलू चुप चाप करना समझी
रीमा हैरान होके - कैसी बाते शब्द बोल रहा है मुझे तु केह रहा है
आयुस - लास्ट बार केह रहा हु आपको अब ठीक है
रीमा - ठीक है करुगी
आयुस चुचे जोर से दबा के - जा रहा हु मुझे कही जाना है कल आपकी चुत मारुंगा मेरे घर सुबह आ जाना जब मा खेत मे चली जायेगी
आयुस केह बाहर आके दिल पे हाथ रख - साला मे क्या कैसे बोले जा रहा था लेकिन जरूरी था कसम से यार बहोत कमाल की चुत है ऑन्टी की कल मजे से चुदाई करुगा आपकी
वही रीमा चुत सेहलाते हुवे - जब बिना किये पानी निकाल दिया लेकिन उसका मोटा लंड जायेगा तब किया होगा उफ कमीना
पर्जेंट
रात 12 बजे अमृता आयुसी सो चुके थे बिनीता जगी हुई थी आयुस का लंड लेने के बाद से ही बिनीता की चुत आयुस के लंड लेने के लिये बेताब रहने लगी
बिनीता बिस्तर पे लेती मन मे - उफ चुत मे खुजली होने लगी है
बिनीता आयुस से चिपक धीरे से - सुनो ना
आयुस - हा
बिनीता सर्म से - नींद नही आ रही
आयुस - तो मे क्या करू
बिनीता गुस्से से मन मे - चुत मार के भाव खा रहा है
आयुस - जो करना है आप खुद ही करो मना थोरि है
बिनीता - बरा भाव खा रहा है तू
आयुस - नही मे तो देखना चाहता हु आप खुद कैसे क्या करती है
बिनीता सर्म से - बेसर्म
बिनीता आयुस के लंड बाहर निकाल मुह मे लेके चूसने लगती है
बिनीता - उफ कितना मस्त स्वाद है लंड का मजा आ रहा है उफ आयुस लेता मस्त मजे ले रहा था
बिनीता लंड चूसने के बाद सारी उठा के आयुस के लंड के ऊपर आके गांड नीचे कर लंड पकर चुत के छेद पे रख बैठ जाती है बिनीता मुह बंद कर आह मा बहोत दर्द बुआ लेकिन सुकून मिल गया
आयुस बिनीता को अपने उपर लेता के बाहों मे भर किस करने लगता है चुचे दबाने लगता है बिनीता गांड उपर नीचे करते हुवे लंड मजे से चुत मे लेने लगती है
बिनीता - उफ सोचा नही था एक दिन मे खुद ऐसा कुछ करुगी आह
बिनीता मजे से आयुस के लंड की सवारी करते चुदाई का मजा लेने लगती है
आयुस फिर बिनीता को नीचे लेता उपर आके चुदाई करने लगता है बिनीता मुह बंद किये आह उफ करती रहती है 42 मिनट बाद
आयुस बिनीता को बाहों मे लिये - मजा आया बुआ की और गर्मी बची है
बिनीता सर्म से - उफ नही रे मजा आया आह
आयुस - इतना आग था आपके अंदर आज पता चला
बिनीता औरत के अंदर आग होती ही है
आयुस - हु आपकी चुत मारने मे मजा ही आ जाता है चलो आपकी चुत मिल गई जंगल मे
बिनीता : बेसर्म
सुबह 10 बजे
अमृता आयुसी झरने मे नहाने लगते है लेकिन आयुस बिनीता साथ मे शिकार करने जाते है दोनो जंगल मे आ चुके थे
आयुस शिकार करने लगता है बिनीता आयुस के साथ साथ चलती रहती है 20 मिनट बाद शिकार हो जाता है
आयुस एक साफ पैर के लीचे बैठ जाता है और बाहर लंड निकाल बिनीता को बैठने के लिये कहता है बिनीता सर्म से सारी उपर कर आयुस के लंड पे बैठ जाती है चुत मे पुरा लंड घुस जाता है बिनीता दर्द मे आह मा करती है
आयुस बिनीता को बाहों मे भर मुस्कुराते हुवे - जंगल में आना अब तो अच्छा लगने लगा है आपकी चुत मारने को जो मिल गई आपने सोचा था एक दिन आप की चुत मे मेरा लंड जायेगा
बिनीता गांड उपर नीचे करते हुवे - नही सपने मे नही सोचा था जिसे मे अपने बेटे जैसा मानती हु मेरा भतीजा मुझे चोद देगा मे चुद जाउंगी
बिनीता जोर जोर से लंड चुत मे लेके उपर नीचे करते हुवे - लेकिन कोई गम नही मुझे भतीजे से चुदवाने मे मजा आने लगा है
बिनीता आयुस को किस करते हुवे - अब तुही मेरी चुत की आग बुझा सकता है
आयुस चुचे दबाते हुवे - जरूर जोर से करो ना
बिनीता और जोर से गांड उपर नीचे करते हुवे आह उफ मजा आ रहा है बेटा तेरा लंड कमाल का है उफ मेरी चुत खुशी से रोने लगी है
23 मिनट बाद
बिनीता खरी होती है सारी बाल सही कर - चले
आयुस खरा होके - हा
बिनीता मस्त थी उसे वो मजा मिल रहा था जो उसे पति से मिल नही पाता था आयुस तो किस्मत वाला था बुआ की चुत हर किसी को नही मिलती
झरने मे अमृता चुत चुचे दबा दबा के साफ कर रही थी आयुस मा से बच चुत मे जोर जोर से उंगली कर रही थी आह उफ 3 मिनट बाद आयुसी आह आने वाला है और जोर जोर से उंगली करते हुवे आह मा झर जाती है फिर अच्छे से नहा के सब कपड़े पहन रेडी होके कैप जाने लगते है
आयुसी चुत पे हाथ रख - उफ अब थोरा अच्छा लग रहा है
बिनीता आयुस झरने पे आके नंगे होके नहाने लगते है
आयुस - मेरी तो किस्मत कमाल की है बुआ की चुत मरने को मिल रही है साथ मे नँगा नहाने को भी
बिनीता सर्म से - चुप कर बहोत मरुगी
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके लंड पकर चुत पे रख टाँगे फैलाओ ना बुआ
बिनीता टाँगे फैला देती है आयुस लंड धक्का मार घुसा देता है आयुस बिनीता को बाहों मे किये खरे खरे चुदाई करने लगता है बिनीता भी आयुस को पकरे आह उफ मा करने लगती है
आयुस -आह पानी मे आपकी चुत मारके मजा आ रहा है उफ
बिनीता - आह मा बेटा मुझे भी मजा आ रहा है
नहाना चुदाई होने के बाद दोनो कपड़े पहन कैप मे आते है आयुस शिकार पकाता है और सभी खाते पीते है फिर झूले पे बैठ बाते करने लगते है
रीमा के घर )
12 बज रहे थे रीमा बिस्तर पे लेती चुत मे उंगली कर रही थी आयुस के लंड ना मिलने से आग लगी हुई थी कमरे मे आह उफ सिसकिया की आवाजे गुज रही थी थोरि देर बाद रीमा झर जाती है
रीमा तेज सासे लेते हुवे - उफ आयुस बेटे के साथ गलत हुआ है और मे यहा उसकी याद कर चुत मे उंगली कर रही हु उफ
अंजान के घर )
अंजान का नाम राहुल अमीर बाप का बिगरा बेटा
राहुल के पिता - जोगी अमीर बिजनसमैन पैसों कि कमी नही है बहोत ही ईमानदार नेक दिल गरीबो का मसीहा भी केह सकते है जोगी अपनी आधी कमाई गरीबो मे दान कर देता है लेकिन राहुल को ये बिल्कुल पसंद नही था
बाप तो नेक दिल था पर बेटा बिगरा निकल गया था
हॉल ने राहुल जोगी के पास बैठा था राहुल अपने बाप से बहोत डरता है उसके अवाला किसी से नही
जोगी गुस्से से - आयुसी उसके पुरे परिवार गायब है कही उसमे तेरा हाथ तो नही है
राहुल झूठ बोलते हुवे ईमोसनल होते हुवे - पापा आप कैसी बाते कर रहे है आयुसी मेरी जान थी उसके आने से मे बदल गया था आयुस के साथ सादी कर पूरी जिंदगी उसके साथ जीना चाहता था
राहुल आखो मे आसु लाते हुवे - मुझे तो खुद सब जान झटका लगा है मेरी प्यारी आयुसी कहा होगी मेने खुद हर जगह ढूंढने की कोसिस की लेकिन आयुसी नही मिली कसम ऊपर वाले की आयुसी को जब तक ढूंढ नही लेता मे चैन से नही बैठूंगा
राहुल आखो मे आसु लिये कमरे मे जाने लगता है
जोगी मन मे - ये तो खुद दुखी है आयुसी को ढूंढ रहा है राहुल बिग्रैल लरका जरूर है लेकिन इतना बरा क्राइम नही कर सकता किसी को मारना वो भी पुरे परिवार को नही नही इतना तो गिरा हुआ नही है
जोगी सर पकर दुखी होके -कितनी प्यार बच्ची थी आयुसी उसने साथ बाते करने मे ऐसा लगता था वो मेरी बेटी है उसे बहु बना के अपने घर लाना चाहता था लेकिन ये किया हो गया पर सबसे बरी बात ऐसा कोन कर सकता है मुझे लोगो को लगा के आयुसी का पता लगाना होगा
पता नही कहा कैसे हालत मे होगी सब उपर वाले से दुवा है सब सही सलामत हो
राहुल कमरे मे आके आसु साफ कर बिस्तर पे लेत हस्ते हुवे -पता था बात पापा तक आयेगी तो जरूर मुझसे सवाल करेगे लेकिन मे पहले से ही रेडी था मे बिगरा हु पापा जानते है लेकिन मे किसी को मार सकता हु नही ये पापा दूर तक सोच नही सकते वो भी एक साथ पुरे परिवार को
राहुल अपने हाथ देखते हुवे - लेकिन इस बार मेने किया 4 लोगो को जंगल मे फेक्वा दिया पर मेने मारा नही बस तुम राजी हो जाओ खुशी से तो मे वापस लेके आ जाउंगा नही तो मरो उसी जंगल मे वहा पुलिस या कोई भी तुम्हे बचाने नही जायेगा
राहुल फोन निकाल आयुसी के फोटो जिसमे आयुसी चड्डी के अंदर हाथ डाल चुत सेहला रही थी देख हिलाने लगता है
राहुल - साला बहोत किसिस की चुचे चुत दिखाने के लिये चुदाई के लिये भी कहा लेकिन साली एक ही रत लगाये रहती थी सादी कर लो उसके बाद जो करना है करो मे तो रेडी था लेकिन साली किस्मत उसने सब देख सुन लिया आह उफ काश नंगी फोटो होती तो और मजा आता
जंगल मे साम 3 बजे
आयुस - जलाने वाली लकरि ख्ताम् हो गई है मे लेके आता हु
आयुसी - भाई मे भी चलुंगी
आयुस मुस्कुराते हुवे - ठीक है
अमृता बिनीता - जायदा अंदर मत जाना और ध्यान से
दोनो जंगल मे आके और सुखी लकरि एक जगह लेके रखने लगते है
आयुस - भाई आपके बुआ के बीच जो हो रहा है गलत है मुझे आपसे ये उमीद नही थी मा को पता चला तो पता भी है क्या होगा
आयुस झुके लरकी उठा रहा था आयुसी की बात रुक आयुसी को देखता है फिर एक पेर से सत् बैठ जाता है
आयुस आयुसी को देख - बैठो
आयुसी भी एक पेर से सत् बैठ जाती है दोनो एक दूसरे को देखते है
आयुस - तुमने ख गलत है मानता हु लेकिन मेने बुआ के साथ जबरदस्ती नही की
आयुसी - गलत गलत है बुआ है वो हमारी पाप किया है आपने मा को पता चला तो बवाल हो जायेगा और जिस तरह आप लोग करते है जैसे मुझे पता चला उन्हें भी चल जायेगा
आयुस - हु कब पता चला तुझे
आयुसी थोरा शर्मा की - कल रात
आयुस - हु तो ये गलत है तुम कहती हो
आयुसी - हा
आयुस -हु बुआ को दुखी देखा है एक भी बार इस 2 दिनों मे
आयुसी सोचते हुवे - नही बल्कि बहोत खुश दिखी
आयुस - कियुंकी उन्हें वो मिल रहा है जो उन्हें नही मिलता था
आयुसी सर्म से लेकिन गुस्से से - भाई कुछ भी हो आप गलत है आपने पाप किया है बुआ आपके बीच वो होना नही चाहिये था
आयुस - मे तो करुगा तुम रोकोगी मुझे
आयुसी - नही आपको बहोत प्यार करती हु लेकिन आप खुद रोक दो
आयुस - नही रोकुगा
आयुसी गुस्से से - मा का सोचा है देखिये रोक दीजिये सब नही तो मा को जाके सब बता दुगी
आयुस आयुसी को देख मुस्कुराते हुवे - अच्छा ठीक है जाके बता देना लेकिन हा ये भी बता देना तूने कैसे हमारे पीछे जो गुल खिलाने की वजह से हम आज इस जंगल मे है मेने तो सोचा भी नही था तुम ऐसा कुछ हमारे पीठ पूछे करुगी आयुसी भरोसा तो तूने तोरा है दर्द तूने दिया है तेरी बेवकूफी नादानी की वजह से आज हम यहा है सही कहा ना
आयुसी को बहोत बरा झटका लगता है आयुस पथर की तरह जब जाती है आखो से आसु निकलने लगते है
आयुसी कभी नही चाहती थी सभी को उसके बारे मे पता चले की उसका कोई बॉयफ्रेंड था
आयुस मन मे - जान झटका लगा मुझे जोर का लेकिन सोचु तो प्यार कोई भी किसी से कर सकता है कब किसी से प्यार हो जाये इंसान खुद नही जनता मे इस बात से गुस्सा नही हु बल्कि पूरी दुनिया मे वो कमीना ही मिला था हद है मेरी बहन भोलि भाली थी इस किये जाल मे फस गई सुकर है वो सब उनके बीच नही हुआ है लेकिन कमीना कुता
खैर मुझे जा के आयुसी को सांत करना होगा मुझे एहसास है आयुसी को पता है हम इस जगल मे उसके वजह से है और ये बात उसे खाई जा रही है अपने आप को दोसी मान बैठी है जो की सच भी है लेकिन जो होना होता है होके रहता है
पहले मुझे आयुसी को सांत करना होगा फिर सारी कहानी अच्छे से जाननी होगी आखिर कब कैसे आयुसी उस कमीने मे जाल मे फसी दूसरा तभी सारे मामले साफ होगे फिर मुझे आगे किया करना है
आज के लिये इतना ही![]()