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Erotica Pardesi sex (completed)

Yamraaj

Put your Attitude on my Dick......
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Mast story hai lekin jo nam hai usko sochkr man me utsukata hai ki jo ho rha hai wo amar prem kaise bnega
Ab ye to aage puri kahani padhne ke baad hi pata chalega. Aisa kya hota h.
Thanks for your valuable comment.
 

Yamraaj

Put your Attitude on my Dick......
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Reactions: Harry killer

Yamraaj

Put your Attitude on my Dick......
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परदेशी प्यार भागा- 5




कमल ने बाबी की चूत पर अपना मुंह रख दिया और बाबी ने उसका लंड मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। कमल कभी बाबी की चूत को चाटने लगता तो कभी उसके बीच उभरे चने के दाने समान रचना को मुंह में दबा कर चूसने लगता। बाबी भी कहां पीछे रहने वाली थी वो कभी कमल के लंड को चूसने लगती तो कभी उसके ऊपर की चमड़ी हटाकर चाटने लगती।
कमल के दोनों हाथ बॉबी के चूतड़ों पर घूम रहे थे। वह अपने हाथों से धीरे-धीरे उन्हें सहलाता जा रहा था। कमल की जीभ बॉबी की चूत पर कमाल दिखा रही थी। बॉबी के शरीर में कंपकंपाहट सी हो रही थी। उसे ऐसा लग रहा था कि कमल जिंदगी भर ऐसे ही बॉबी की चूत चाटता रहे और वह मुंह में उसका लंड लेकर पड़ी रहे। अचानक कमल ने जीभ से बॉबी की चूत के छेद को सहलाना शुरू किया। फिर जब जीभ को चूत के अंदर की तरफ ठेला तो बॉबी मस्ती में चूर होकर कमल के लंड को लॉलीपॉप की तरह जोर-जोर से चूसने लगी। अचानक कमल को ऐसा लगा कि उसके शरीर में लावा सा उबल रहा है उसने झट से बाबी के मुंह से अपना लंड निकाल लिया तो बाबी बोली,
निकाल क्यों लिया? कितना मजा आ रहा था।
अगर मेरा लंड थोड़ी देर और तुम्हारे मुंह में रहता तो सारा वीर्य मुंह में ही चला जाता।
ये वीर्य क्या होता है? बॉबी ने हैरानगी से पूछा।
तुम नहीं जानती?
कसम से मुझे नहीं पता। बॉबी मासूमियत से बोली।
अच्छा बताता हूं पहले यह बताओ चूत मरवाओगी।
वो कैसे करते हैं और मुझे तो अपनी चूत चटवाने में ही ज्यादा मजा आता है।
एक बार चूत मरवा कर तो देखो फिर कहना कि मजा आया या नहीं।
ठीक है, मगर पहले यह तो बताओ कि वीर्य क्या होता है। बॉबी अभी उसी सवाल पर अटकी थी।
कमल ने कहा जब किसी लड़के का लंड चूसा जाए या उसे चूत में डालकर घर्षण किया जाए तो लिसलिसा सा सफेद तरल पदार्थ निकलता है। उसे ही वीर्य कहते हैं।
हे भगवान अच्छा हुआ तुमने मेरे मुंह से लंड निकला लिया। छी कितना गंदा होता होगा न वीर्य। अगर मेरे मुंह में चला जातो तो मेरा मुंह भी गंदा हो जाता। बॉबी ने नाक सिकोड़ते हुए कहा।
बॉबी ये पदार्थ दिखने में भले ही गंदा लगता हो, मगर इसी सारी सृष्टि चलती है। तुम्हें पता है न कि औरतें बच्चे पैदा करती हैं।
हां पता है। कुछ महीने पहले मेरी भाभी के भी एक स्वीट सा बेबी हुआ। वह उनके पेट में था। भाभी को अस्पताल ले गए तो उनके पेट से निकाला गया। बॉबी ने कहा।
जानती हो ये बच्चा कैसे बनता है। कमल ने पूछा।
नहीं, बॉबी ने न में सिर हिला दिया।
ये बच्चा इसी वीर्य से बनता है जिसे तुम गंदा कह रही हो।
कैसे। बॉबी ने पूछा।
जब कोई लड़का किसी लड़की की चूत मारता है, तो आखिरी में ये वीर्य उसकी चूत में गिरता है। लड़की के पेट में उसी से बच्चा बनता है। ये ठीक वैसे ही जैसे जमीन में कोई बीज बोओ तो उससे पौधा निकलता है। कमल ने किसी मास्टर की तरह विश्लेषण किय़ा।
अच्छा, बॉबी हैरानगी से केवल इतना कह सकी।
तभी कमल बोला, खैर छोड़ो ये बताओ चूत मरवाओगी।
हां ठीक है, अगर तुम कहते हो कि उसमें चूत चटवाने से ज्यादा मजा आता है तो मैं तैयार हूं। बॉबी ने कहा।
बाबी के इतना कहते ही कमल ने उसे पीठ के बल लिटा दिया और उसके चूतड़ो के नीचे तकिया लगा दिया। इसके बाद उसकी टांगों को थोड़ा फैला दिया। बॉबी की कुंवारी चूत का मुंह थोड़ा खुल गया था। बाबी कनखियों से उसकी एक-एक हरकत देख रही थी। कमल जानता था कि बॉबी की चूत में जैसे ही लंड डालेगा वह ददर के मारे चिल्लाने लगेगी। मगर उसे कोई चिंता नहीं थी। उसका कमरा घर में सबसे पीछे था। दोपहर का समय होने से उसकी मां ही नहीं, पूरा गांव सो रहा था। एक तरह से गांव सुनसान पड़ा था। उसने बाबी की टांगों को थोड़ा और फैलाया और उसके बीच आ गया। इसके बाद बॉबी की आंखों में झांककर देखा। बॉबी की आंखों में अब भी कौतुहल झलक रहा था। वह सोच रही थी कि चूत कैसे मरवाते हैं। अब तक तो कोई मजा आया नहीं।
इधर बॉबी मजे के बारे में सोच ही रही थी कि कमल ने उसकी चूत की छेद पर अपना लंड टिकाकर जोर से एक धक्का मारा। उसका चौथाई लंड बाबी की चूत में घुस गया। बाबी को ऐसा लगा कि जैसे उसकी चूत फट गई हो। वह जोर से चिल्लाने लगी,
हाय मर गई। ये तुमने क्या कर डाला। क्या इसी को मजा कहते हैं।
वह कमल को लंड निकालने के लिए कहने लगी। लेकिन कमल ने एक और धक्का मारा और आधा लंड उसकी चूत में घुस गया।
अब बॉबी दर्द से तड़प उठी। उसकी आंखों में आंसू आ गए। वह गिड़गिड़ाते हुए चिल्लाने लगी। प्लीज अपना लंड बाहर निकाल लो। मुझे नहीं मरवानी अपनी चूत-वूत।
मगर कमल कहां सुनने वाला था। वह बॉबी को समझाते हुए बोला। पहली बार में थोड़ा दर्द होता है, फिर मजा आने लगेगा।
तुम्हे मजे की पड़ी है और यहां मेरी जान निकली जा रही है। बॉबी जोर-जोर से रोते हुए बोली।
लेकिन कमल नहीं माना वह बाबी की चूत में धक्का मारता रहा। बाबी जितना चिल्लाती, रोती और , रोती और गिड़गिड़ाती वह उतने जोश से धक्के पर धक्का मारता। कमरे में बाबी की चीख के साथ ही गचागच-फचाफच की आवाज भी गूंज रही थी। अचानक कमल का सारा शरीर ऐंठा और उसके लंड से वीर्य की पिचकारी निकलकर बाबी की चूत में गिरी। यही एक क्षण था जब बाबी को मजा आया। कमल के वीर्य की गरम धार ने मानो उसकी सारी पीड़ा हर ली हो। उसे ऐसा लगा कि खुद उसका शरीर भी ऐंठने लगा है। इस पल उसे इतना ज्यादा मजा आया कि उसने जोर से कमल का लंड अपनी चूत में भींच लिया। थोड़ी देर तक कमल उसके ऊपर वैसे ही पड़ा रहा। वह इस प्रकार हांफ रहा था मानों मीलों चढ़ाई करके आया हो। सांस नियंत्रित करने के बाद वह उठा और बाबी से कहा,
मजा आया?
मजा तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी। मगर आखिरी में जो मजा आया, वह मैं बता नहीं सकती। बॉबी ने आंसू पोछते हुए कहा।
पहली बार में हर लड़की के साथ ऐसा ही होता है। फिर वह लंड की ऐसी अभ्यस्त हो जाती है कि उसकी चूत बड़े से बड़ा लंड निगल जाती है। कमल हंसते हुए बोला।
बाबी ने उठकर अपने कपड़े पहनने लगी तो बिस्तर पर खून के धब्बे देखे। खून देखकर उसे गश आने लगा। वह बोली, यह खून कहां से आया।
कमल ने कहा कि जब कोई लड़की पहली बार चूत मरवाती है तो छेद पर लगी एक झिल्ली टूट जाती है और उसी से खून आता है।
बॉबी को अपनी माहवारी की याद आ गई और वह घबराकर बोली क्या हर बार ऐसे ही खून आएगा।
कमल ने कहा नहीं आज पहली और आखिरी बार था।
बॉबी ने चैन की सांस ली कपड़े पहनने लगी। कपड़े पहनकर जाने लगी तो कमल ने पूछा,
कल फिर आओगी?
हां आउंगी। अब तो मुझे भी तुम्हारा लंड चाहिए। यह कहकर बाबी वहां से चली गई। कमल उसे जाते हुए तब तक देखता रहा, जब तक वह नजरों से ओझल नहीं हो गई। बॉबी की चाल बदल सी गई थी।
 

KANCHAN

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कहानी का प्रारम्भ शानदार हुआ है, और सेक्स भी शुरू हो गया है, देखते है बाबी क्या गुल खिलाती है:toohappy:
 

Yamraaj

Put your Attitude on my Dick......
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परदेशी प्यार भागा- 6





दूसरे दिन कमल बाबी का रास्ता देखता रहा लेकिन वह नहीं आई। कमल मन ही मन बड़बड़ात रहा, साली मादरचोद दे गई धोखा। शाम करीब चार बजे खिड़की से उसे बाबी आती दिखी। वह अलमस्त चाल से चली आ रही थी। उसने पचलून और शर्ट पहन रखा था तथा काफी खूबसूरत लग रही थी। थोड़ी देर बाद कमल को वह नजर आना बंद हो गई तथा कुछ ही देर में बाहर वाले कमरे से उसकी और मां की बात करने का आवाज सुनाई दी। कुछ देर बाद बाबी उसके कमरे में थी। उसे देखते ही कमल ने मुंह घुमा लिया तो बाबी बोली,
नाराज हो क्या?
नाराज नहीं होउंगा क्या? पूरे दिन तुम्हारा रास्ता देखता रहा और तुम अब आ रही हो।
क्या करुं मनु सो ही नहीं रही थी। थोड़ी देर पहले ही उसकी झपकी लगी और मैं चली आई। अब नाराज मत होओ जो भी करना हो कर लो।
अब तो कुछ नहीं किया जा सकता क्योंकि मां उठ गईं है। तुम कल आना।
बाबी कुछ देर कमल से बातें करती रही। वह अपने बारे में उसे बताने लगी कि छुट्टियां खत्म हो रही है। उसे कुछ ही दिन बाद वापस लौटना पड़ेगा। इसी साल वह शहर के कॉलेज में एडमिशन लेने वाली है।
कमल ने उसके मां-बाप के बारे में पूछा तो बॉबी बोली-
मेरे पिताजी नहीं है। कई साल पहले एक्सीडेंट में उनकी मौत हो गई थी। मां हैं। बड़ा कारोबार है। मां ही सारा कारोबार संभालती हैं। मैं इकलौती संतान हूं।
कमल ने कहा, अरे वाह तुम तो काफी पैसे वाली हो।
हां हूं तो मगर बचपन से ही प्यार के लिए तरस रही हूं। पिताजी थे तो मां पार्टी, सहेलियों में व्यस्त रहती थीं। अब कारोबार में व्यस्त रहती हैं। मेरे लिए उनके पास जरा भी समय नहीं। कमल ने कहा तो क्या हुआ, तुम्हारे तो मजे हैं। जैसे चाहो जिंदगी जियो। जो चाहे करो। किसी की रोक-टोक नहीं। कोई चिंता फिकर नहीं।
तुम नहीं जानते कमल अकेले जिंदगी गुजारना कितना मुश्किल होता है।
हां लेकिन पैसे पास हों तो सब आसान लगने लगता है, कमल ने कहा। मेरे पिताजी को ही लो दिनभर खेतों में काम करते हैं। शाम को घर आते हैं। मां पूरे दिन घर के काम में लगी रहती है। दोनों मुझे बहुत प्यार करते हैं, मगर पैसे की कमी से हर छोटी-बड़ी इच्छा मारना पड़ती है।
तुम फिर भी सुखी हो कमल। तंगहाली है तो क्या, कम से कम मां-बाप का प्यार तो है। बॉबी ने आह भरते हुए कहा।
कमल बोला, हां वो तो है और मैं संतुष्ट भी हूं अपनी जिंदगी से।
तो तुम्हारा भविष्य को लेकर क्या प्लान है।
कुछ नहीं इंटर कर लिया है और अब चाहता तो हूं आगे पढ़ाई करूं मगर इसके लिए शहर जाना होगा और घर के हालात ऐसे नहीं हैं कि पिताजी बाहर रहने का खर्च उठा सकें।
फिर क्या करोगे? बॉबी ने पूछा।
करना क्या है। तुम्हारे ही शहर के एक कॉलेज में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन दिया है। यदि मिल गई तो पढ़ाई, नहीं तो खेती तो है ही। वही करूंगा। कमल ने जवाब दिया।
तुम्हें छात्रवृत्ति जरूर मिलेगी। आखिर तुम्हें शहर जो आना है। आखिर मेरी और मेरी चूत की जरूरत कौन पूरी करेगा। यह कहकर बॉबी खिलखिलाकर हंस पड़ी।
कमल ने कहा तुम्हें मजाक सूझ रहा है और यहां मैं चिंता में हूं कि पता नहीं क्या होगा?
कुछ नहीं होगा, सब ठीक हो जाएगा। बॉबी ने कहा।
अच्छा मैं चलती हूं। मनु उठ गई होगा। बॉबी ने कहा और चलने लगी।
कमल बोला कल आओगी न। आज की तरह धोखा तो नहीं दे जाओगी।
बॉबी अगले दिन आने का वादा करके वहां से चली गई। अगले दिन दोपहर को जब वह वहां पहुंची तो कमल नहीं मिला। उसने घर के सारे कमरे छान मारे लेकिन कमल का कहीं पता नहीें था। अंत में वह मन ही मन बड़बड़ाती हुई वहां से चली गई। वह चूत मरवाने के बारे में जाने क्या-क्या सोच कर वहां गई थी। कमल के न मिलने से उसके सारे मंसूबो पर पानी फिर गया। मौसी के घर आ कर वह मनु के कमरे में लेट गई। डबलबेड बिस्तर पर पास ही मनु सो रही थी। अचानक बाबी को एक ख्याल आया और उसने अपनी शर्ट के ऊपर के बटन खोल और मनु के हाथ से अपनी चूचिंयां दबवाने लगी। बाबी के मुंह से सिसकारिया निकल रही थी। तभी मनु की नींद खुल गई और उसने कहा,
ये क्या कर रही हो दीदी। मनु का स्वर सुनकर बाबी एक बार तो सकपका गई लेकिन दूसरे ही पल बोली,
मेरी अच्छी बहन किसी से ये बात कहना मत।
लेकिन दीदी ये तो गंदी बात है।
तुम्हे नहीं मालूम इस खेल में कितना मजा आता है। तुमने कभी किसी के साथ यह खेल खेला है? मनु ने नकारात्मक सिर हिला दिया तो बाबी बोली,
मेरे साथ खेलोगी?
मनु ने हां में सिर हिलाया। तब बाबी ने पहले तो उसके तमाम कपड़े उतार दिए। फिर अपने कपड़े भी उतार दिए।
 

Yamraaj

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कहानी का प्रारम्भ शानदार हुआ है, और सेक्स भी शुरू हो गया है, देखते है बाबी क्या गुल खिलाती है:toohappy:
Thanks bhai aapke protsahan ke liye .
 

Yamraaj

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परदेशी प्यार भागा- 7





मनु की चूत भी बाबी की चूत के सामान ही चिकनी थी। उसकी चूत थोड़ी फूली हुई थी और चूत के बीच से उभरा हुआ चने के दाने समान रचना बाबी की चूत की अपेक्षाकृत थोड़ा बड़ा था। मनु काफी शरमा रही थी। बाबी ने कहा,
तू तो ऐसे शरमा रही है जैसे मैं कोई लड़का हूँ। बाबी ने मनु की चूत पर हाथ फेरते हुए कहा, जानती हो इसे क्या कहते हैं।
हां मनु ने कहा।
क्या कहते हैं?
इसे चूत कहते हैं।
अरे जियो मेरी जान मैं तो तुझे काफी सीधी सादी लड़की समझती थी।
मनु शरमा सी गई। तो बॉबी बोली, अरे मुझसे कैसा शरमाना। मैं भी तेरी तरह लड़की ही हूं ना। आज मैं तुम्हें ऐसा मजा दूंगी कि तुमने कभी सोचा भी न होगा।
इतना कहकर बॉबी ने मनु को चित लिटा दिया और उसकी चूंचियों को धीरे-धीरे दबाने लगी। मनु कसमसाने लगी थी। बॉबी धीरे-धीरे उसकी चूंचियों को दबाती रही, फिर एक चूंची पर अपना मुंह रख दिया। मनु के सारे शरीर में गुदगुदी वाली सिहरन दौड़ गई। बॉबी ने आहिस्ता से उसकी एक चूंची को अपने मुंह में लिया और चूसने लगी। एक हाथ मनु की चूत पर रख दिया और सहलाने लगी। बॉबॉबी बारी-बारी मनु की दोनों चूंचियों को कुछ देर तक चूसती रही। मनु के मुंह से सिसकारी सी निकलने लगी-
ओह दीदी…ऐसे ही… चूसती रहो… अच्छा लग रहा है।
बॉबी ने उसकी चूंचियों से मुंह हटाया तो मनु उसकी तरफ प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगी। वह बॉबी के अगले कदम का इंतजार कर रही थी। बॉबी ने कहा घबरा मत मेरी जान अब तुझे जन्नत की सैर करवाती हूं।
इतना कहकर बॉबी मनु की जांघो की तरफ खिसक आई। उसने मनु की चूत पर धीरे से हाथ फिराया। मनु समझ नहीं पा रही थी कि वह क्या करने वाली है। अचानक बॉबी ने अपना मुंह मनु की चूत पर रखा तो वह सिहर उठी। उसे तो कल्पना भी नहीं थी बॉबी उसकी चूत को चूम लेगी। बॉबी ने केवल चूमने पर ही बस नहीं किया बल्कि कई बार उसकी चूत को यहां-वहां चूमा।
मनु कंपकंपाते हुए बोली, दीदी यह क्या कर रही हो। यह गंदी जगह होती है।
मगर बॉबी कुछ नहीं बोली उसे पता था कि मनु को मजा आ रहा है। उसने जीभ निकाली और चूत के बीच की रेखा पर फिराने लगी। गुदगुदी और मजे के कारण मनु के रोंये खड़े हो गए। बॉबी ने यहीं बस नहीं किया वह जीभ से मनु की चूत तो चाटने लगी। मनु की चूत का हलका नमकीन स्वाद उसे काफी पसंद आ रहा था। उसने मनु की पूरी चूत को चाटा और फिर हलके से उसकी टांगों को फैलाकर बीच में जीभ से सहलाने लगी।
…और मनु वह तो मानो इस दुनिया में ही नहीं थी। आनंद के कारण उसके मुंह से जोर-जोर से सिसकारियां निकल रही थी। बॉबी उसकी चूत के बीच उभरे हिस्से को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी। वह कल्पना कर रही थी कि मानो कमल का लंड चूस रही हो। आनंद के कारण मनु का पूरा शरीर कांपने लगा। अचानक बॉबी ने उसकी चूत से मुंह हटा लिया तो मनु जैसे किसी सपने से जागी।
उसने कहा दीदी रुक क्यों गई, बहुत मजा आ रहा था। प्लीज और चाटो न।
बॉबी ने कहा तुमने खूब मजा ले लिया। अब मेरी बारी है।
 

Yamraaj

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परदेशी प्यार भागा- 7





मनु की चूत भी बाबी की चूत के सामान ही चिकनी थी। उसकी चूत थोड़ी फूली हुई थी और चूत के बीच से उभरा हुआ चने के दाने समान रचना बाबी की चूत की अपेक्षाकृत थोड़ा बड़ा था। मनु काफी शरमा रही थी। बाबी ने कहा,
तू तो ऐसे शरमा रही है जैसे मैं कोई लड़का हूँ। बाबी ने मनु की चूत पर हाथ फेरते हुए कहा, जानती हो इसे क्या कहते हैं।
हां मनु ने कहा।
क्या कहते हैं?
इसे चूत कहते हैं।
अरे जियो मेरी जान मैं तो तुझे काफी सीधी सादी लड़की समझती थी।
मनु शरमा सी गई। तो बॉबी बोली, अरे मुझसे कैसा शरमाना। मैं भी तेरी तरह लड़की ही हूं ना। आज मैं तुम्हें ऐसा मजा दूंगी कि तुमने कभी सोचा भी न होगा।
इतना कहकर बॉबी ने मनु को चित लिटा दिया और उसकी चूंचियों को धीरे-धीरे दबाने लगी। मनु कसमसाने लगी थी। बॉबी धीरे-धीरे उसकी चूंचियों को दबाती रही, फिर एक चूंची पर अपना मुंह रख दिया। मनु के सारे शरीर में गुदगुदी वाली सिहरन दौड़ गई। बॉबी ने आहिस्ता से उसकी एक चूंची को अपने मुंह में लिया और चूसने लगी। एक हाथ मनु की चूत पर रख दिया और सहलाने लगी। बॉबॉबी बारी-बारी मनु की दोनों चूंचियों को कुछ देर तक चूसती रही। मनु के मुंह से सिसकारी सी निकलने लगी-
ओह दीदी…ऐसे ही… चूसती रहो… अच्छा लग रहा है।
बॉबी ने उसकी चूंचियों से मुंह हटाया तो मनु उसकी तरफ प्रश्नवाचक नजरों से देखने लगी। वह बॉबी के अगले कदम का इंतजार कर रही थी। बॉबी ने कहा घबरा मत मेरी जान अब तुझे जन्नत की सैर करवाती हूं।
इतना कहकर बॉबी मनु की जांघो की तरफ खिसक आई। उसने मनु की चूत पर धीरे से हाथ फिराया। मनु समझ नहीं पा रही थी कि वह क्या करने वाली है। अचानक बॉबी ने अपना मुंह मनु की चूत पर रखा तो वह सिहर उठी। उसे तो कल्पना भी नहीं थी बॉबी उसकी चूत को चूम लेगी। बॉबी ने केवल चूमने पर ही बस नहीं किया बल्कि कई बार उसकी चूत को यहां-वहां चूमा।
मनु कंपकंपाते हुए बोली, दीदी यह क्या कर रही हो। यह गंदी जगह होती है।
मगर बॉबी कुछ नहीं बोली उसे पता था कि मनु को मजा आ रहा है। उसने जीभ निकाली और चूत के बीच की रेखा पर फिराने लगी। गुदगुदी और मजे के कारण मनु के रोंये खड़े हो गए। बॉबी ने यहीं बस नहीं किया वह जीभ से मनु की चूत तो चाटने लगी। मनु की चूत का हलका नमकीन स्वाद उसे काफी पसंद आ रहा था। उसने मनु की पूरी चूत को चाटा और फिर हलके से उसकी टांगों को फैलाकर बीच में जीभ से सहलाने लगी।
…और मनु वह तो मानो इस दुनिया में ही नहीं थी। आनंद के कारण उसके मुंह से जोर-जोर से सिसकारियां निकल रही थी। बॉबी उसकी चूत के बीच उभरे हिस्से को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी। वह कल्पना कर रही थी कि मानो कमल का लंड चूस रही हो। आनंद के कारण मनु का पूरा शरीर कांपने लगा। अचानक बॉबी ने उसकी चूत से मुंह हटा लिया तो मनु जैसे किसी सपने से जागी।
उसने कहा दीदी रुक क्यों गई, बहुत मजा आ रहा था। प्लीज और चाटो न।
बॉबी ने कहा तुमने खूब मजा ले लिया। अब मेरी बारी है।
Lag raha h kahani kisi ko pasand nahi aa rahi h...koi baat nahi.
 

Yamraaj

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परदेशी प्यार भागा- 8







मनु ने पूछा, मतलब?
तो बॉबी बोली- जैसा-जैसा मैने तुम्हारे साथ किया है, वैसा ही तुम मेरे साथ भी करो।
इतना कहकर बॉबी लेट गई और मनु का मन तो नहीं हो रहा था, मगर उसके सामने बॉबी की बात मानने के अलावा कोई और रास्ता था भी नहीं। उसने पहले बारी-बारी बॉबी की चूंचियों को दबाया और फिर उन्हें चूसने लगी। बॉबी की चूंचियां चूसने में उसे भी मजा आने लगा। बॉबी उसके सिर पर हाथ रखकर सहला रही थी। काफी देर तक मनु उसकी चूंचिया ही चूसती रही तो बॉबी बोली,
बस कर मेरी लाड़ो अब क्या खा जाएगी, इन्हें। नीचे आ जरा मेरी चूत पर भी अपनी जीभ का कमाल दिखा।
मनु नीचे सरक गई, मगर वह झिझक रही थी। बॉबी की चूत पर मुंह लगाने में उसे घिन सी आ रही थी। वह सोच रही थी कि इसी अंग से पेशाब की जाती है, वह इसे कैसे चूम सकती है। बॉबी ने जब देखा कि मनु का हाथ तो उसकी चूत पर है, मगर वह वैसे ही बैठी है तो उसने कहा,
क्या हुआ मनु, तू चाटती क्यों नहीं?
दीदी मुझे घिन सी आ रही है। मैं नहीं चाट पाउंगी। प्लीज आप ही मेरी चूत तो चाटो न। मैं हाथ से सहलाकर आपको मजा देती हूं।
बॉबी ने कहा, वाह हाथ से कहीं मजा आता है। देख मनु ये तो सौदा है। तू मुझे पूरा मजा दे, तभी मैं तुझे मजा दूंगी। नहीं तो तेरी मर्जी मैं तो चली सोने।
बॉबी ने इतना कहकर मुंह घूमा लिया तो मनु बोली, अरे दीदी आप तो नाराज हो रही हो।
नाराज नहीं होउं तो क्या करूं। अभी जब मैं तेरी चूत चाट रही थी तो कैसे उछल-उछलकर मजा ले रही थी। मेरी बारी आई तो तुझे घिन आने लगी।
ठीक है दीदी, तुम कहती हो तो मैं भी चाट लूंगी।
अरे वाह बॉबी चहककर बोली। यह हुई न बात।
इसके बाद बॉबी फिर चित होकर लेट गई। मनु को उसकी टांगे भी नहीं फैलानी पड़ी। बॉबी ने खुद ही खोल दी। इसके बाद मनु ने उसकी चूत पर मुंह रख दिया और चूमने लगी। बॉबी की चूत पर पहले मुंह लगाने में उसे घिन आ रही थी, मगर जब चूमना शुरू किया तो चूमती ही चली गई। चूमने के साथ जीभ से आहिस्ता-आहिस्ता चाटने भी लगी। मनु ने कुछ देर बॉबी की चूत को चाटा। इसके बाद बोली
दीदी अब मेरी बारी है।
बॉबी बोली रुक, हम दोनों एक साथ एक-दूसरे को मजा देंगे।
इसके बाद बॉबी ने मनु को एक करवट पर लिटाया और खुद अपना मुंह उलटी तरफ करके इस तरह लेटी कि मनु की चूत उसके मुंह के सामने और उसकी चूत मनु के मुंह के सामने थी। इसके बाद वह बोली,
चल शुरू हो जा मेरी जान। दिखा दे अपना पूरा हुनर।
दोनों ने एक दूसरे की चूत तो चाटना और चूसना शुरू कर दिया। काफी देर तक दोनों एक दूसरे की चूत पर अपनी जीभ से चित्रकारी सी करती रहीं।
इसके बाद बॉबी उठी और कहा अब तुझे दूसरी तरह से मजा देती हूं।
उसने मनु को लिटाया और उसकी चूत पर अपनी चूंची रगडऩे लगी। जब कभी वह निपल को मनु की चूत में घुसडऩे की कोशिश करती तो मनु को इतना मजा आता कि वह आनंद से चूत को भींच लेती। कुछ देर तक बॉबी ऐसे ही खिलवाड़ करती रही फिर बोली,
चल उठ अब मेरी बारी।
इतना कहकर बॉबी लेट गई। मनु जब बॉबी की चूत की तरफ आई और अपनी चूंची से उसे रगडऩा शुरू किया तो अचानक बॉबी को एक खयाल आया और वह बोली,
ऐसे नहीं। तू एक काम कर मेरे ऊपर लेट जा और अपनी चूत का दाना मेरी चूत पर रगड़।
मनु ने कहा मगर दीदी तुमने तो ऐसा नहीं किया था।
बॉबी बोली, अरे पगली मेरी चूत का दाना छोटा है, अंदर ही दबकर रह गया। तेरी चूत का दाना काफी उभरा हुआ है।
मनु समझ गई और वह अपनी चूत को बॉबी की चूत से मिलाकर उसके ऊपर लेट गई। इसके बाद चूत को बॉबी की चूत पर रगडऩे लगी। बॉबी को वैसा मजा तो नहीं आ रहा था जैसा कमल के लंड को चूत में लेकर आया था, मगर मजा तो आ ही रहा था। दोनों शाम ढले तक यही खेल खेलती रहीं। इसके बाद थककर एक-दूसरे की बांहों में नंगी ही सो गईं।
 
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