,,,, रोहन अपनी मम्मी की मुलायम हाथों का स्पर्श अपने लिंग पर महसूस कर आनंद के सागर में चला गया था,,, उसे आज ऐसा महसूस हो रहा था जैसे भी आसमान में उड़ रहा है,,, धीरे-धीरे उसकी मम्मी उसके लिंग को सहला रही थी,, जैसे-जैसे सरोज के हाथ उसके लिंग पर स्पर्श कर रहे थे उसके लिंग में और ज्यादा तनाव आने लगता है नशे फूलने लगती है,, सरोज अपने बेटे की ओर देख रही थी वह शर्म की वजह से उसके लिंग को केवल हाथों से सहला रही थी लेकिन,, उसने उसे पर अभी तक नजरे नहीं डाली थी,, लेकिन जब उसके लिंग का आकार बदलने लगा तो वह अचंभित होकर एक बार अपनी बेटी के लिंग की ओर देखती है,,

,, सरोज अपने मन में ही विचार करती है,,
सरोज: मन में विचार करते हैं,,, हे भगवान इतना बड़ा और इतना मोटा मेरे तो हाथ में भी नहीं आ रहा,,
रोहन :- हां मम्मी कुछ करो ना दर्द हो रहा है अब इसमें,,
,,, रोहन की कर रहने की आवाज सुनकर सरोज उसके लिंग को छोड़ देती है,, और उसे अपनी गले लगा कर प्यार से कहती है,,

,, कर तो रही हूं मेरे बच्चे इतना परेशान क्यों हो रहा है,,
,, मम्मी दर्द हो रहा है इसमें,,,
,, तुझे अच्छा नहीं लग रहा,,,
,,, अच्छा तो लग रहा है मम्मी लेकिन दर्द हो रहा है,,,
,,, मेरे लाल तूने कभी हाथ से किया नहीं ना इसलिए दर्द हो रहा है अभी थोड़ी देर में सही हो जाएगा,,,
,, मम्मी सभी करते हैं क्या हाथ से,,
,,, मुझे नहीं पता मैं कर रही हूं ना तो शांत लेटर है मेरे को करने दे तुझे भी शांति मिल जाएगी मेरे बच्चे,,,
,, ठीक है मम्मी करो लेकिन आप कब तक करती रहोगी हाथ दर्द करने लगेंगे आपके,,,
,, सरोज रोहन के मुंह पर हाथ रखकर उसके लिंग को फिर से धीरे-धीरे सहलाने लगती है,,
,, सुशांत लेटर है मेरे लाल में कर दूंगी चाहे पूरी रात ही मुझे क्यों न करना पड़े,, आज मैं तुझे शांति दिल कर ही रहूंगी मेरे लाल जब तक इसका पानी निकलेगा नहीं तुझे चैन नहीं मिलेगा मेरे बच्चे,,, मुझे भी तेरी यह तड़प अच्छी नहीं जाती इसलिए मैं मजबूर हो गई हूं एक मां होते हुए भी,, यह सब कर रही हूं जो मुझे नहीं करना चाहिए,,,
,, मम्मी ऐसे दर्द कर रहा है आप रगड़ रही हो तो,,,
,,, सरोज कुछ देर सोते हुए अपने बेटे से कहती है,,
,, तुरुक मैं भी आई,,,
,,, और धीरे से रूठ कर जाने लगती है,, वह बाहर जाती है रसोई में से एक तेल की बोतल लाती है,, रोहन अपनी मम्मी के हाथों में तेल देखकर पूछता है,,
,,, मम्मी तेल किस लिए लाई हो अब इसका क्या करोगी,,,
,,, तेल लगाकर कर देती हो मेरे लाल ताकि तुझे दर्द ना हो,,,
,,, ठीक है मम्मी जैसे चाय कर दो लेकिन आज ही से शांत कर दो,, तेल से ही सही इसकी अच्छे से मालिश कर दो मम्मी बहुत परेशान करता है यह मुझे,,,
,,, रोहन की बात सुनकर उसकी मम्मी को बहुत शर्म आती है और वह शरमाते हुए अपनी नजरिया नीचे कर लेती है,,

,, ज्यादा आवाज मत कर मेरे लाल नहीं तो तेरे नाना नानी सुन लेंगे,,, मैं सोचेंगे कि क्या बात कर रहे हैं इतनी रात को यह,,,,
,,, सरोज एक नजर फिर से अपने बेटे की लिंग पर डालती है तो उसकी आंखें बड़ी होने लगती है,, उसे अपने सीने पर बरसा दिखाई देता है जैसे कि उसके स्तन कह रहे हो कि इनकी भी कोई मालिश करते बहुत अकड़ रहे हैं उसके स्तन,,,, लेकिन सरोज अपने आप पर कब और कर कर धीरे से सीसी खोलती है और अपने बेटे के लिंग को नहलाती है तेल से,,,
,, हां मम्मी ऐसे ही बहुत अच्छा लग रहा है बस ऐसे ही मल्टी रहो,,,
,,, रोहन को बहुत आनंद आ रहा था अपनी मम्मी की मुलायम हाथों का स्पर्श पाकर और वह उसके चेहरे की ओर ही देख रहा था,,, उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि आज उसकी मम्मी अपने फोटो को रंग कर और नाक में पहनी हुई उसी के हाथ की नाथ को,, पहनकर उसके ही बेटे की मुट्ठी मार रही है,,, साथियों से अपनी मम्मी के चेहरे के बदलते हुए रंग कभी एहसास हो रहा था,,, जैसे कि वह किसी तकलीफ में हो,, और उसे तकलीफ से जल्द से जल्द पीछा छुड़ाना चाहती है,,, आप सरोज के हाथ धीरे-धीरे उसके लिंग पर दोनों हाथों से मालिश करने लगते हैं,,
,,, रोहन अपनी मां की ओर देखा है,, जो कि उसकी होली देख रही थी फिर वह ही सारे में,,
,, अब कैसा लग रहा है मेरे लाल,,, अब तो दर्द नहीं हो रहा मेरे बच्चे को,,,
,,, नहीं मम्मी अब दर्द नहीं हो रहा अब अच्छा लग रहा है,,, बस आप ऐसे ही करते रहो मुझे बहुत सुकून मिल रहा है मम्मी,,,
,,, हमारे लाल में करती हूं,, जब तक तुझे पूरा सुकून नहीं मिलता मैं ऐसे ही करती रहूंगी मेरे बच्चे,,,
,,, मम्मी जवाब पापा की मुट्ठी मरती थी तो कितनी देर में उनका सुकून मिल जाता था,,,???
,, तू ऐसी बातें ना कर मेरे लाल,,, मैं कर रही हूं ना जो तू चाहता था,,,
,,, बताओ ना मम्मी और पापा आपसे किस तरह की बातें करते थे जब आप उनकी मुट्ठी मारते थे,,,
,,, तू अपने पापा की बात छोड़ मुझे बहुत शर्म आती है जो तू चाहता था वह मैं कर रही हूं ना,, अब मुझे शर्म के मारे ही मार डालेगा क्या मेरे बच्चे,,,
,,, ठीक है मम्मी लेकिन आप मुझे पापा की तरफ पुकारो ना जैसे उनका पुकारती थी मुझे ज्यादा अच्छा लगेगा,,,
,,, उससे क्या होगा,, जल्दी हो जाएगा,,,
,,, मुझे यह तो नहीं पता जल्दी होगा कि नहीं लेकिन मैं चाहता हूं कि आप मुझे एक पति की तरह पुकारे जैसे अपने पति को पुकारती थी,, और मैं आपको आपके नाम से पुकारू तो आपको बुरा नहीं लगेगा,,
,,, थोड़ी देर शांत लेटर है मेरे लाल मुझे कर देते हैं मैं तुझे शांति दिला दूंगी मेरे बच्चे,,
,, कैसे शांति दिलाओगे मम्मी,,,,
,,, हास्य करके निकाल दूंगी तेरा पानी,,,
,,,,, रोहणी है सुनकर अपनी मम्मी के बालों को पकड़ता है और उसको थोड़ा सा पीछे खींचकर चेहरे की ओर देखा है,, उसकी आंखों में देखते हुए कहता है,,

,,, कैसे निकलेगी मेरा अपनी एक बार बोल,,,
,, सरोज अपनी बेटी की आंखों में देखते हुए,, सोचने लगती है शायद जो वह चाहता है उसे बोल देना चाहिए,,, अब इतना बड़ा काम कर रही है तो यह बोलने में क्या ही हर्ष है,,,, इसलिए वह भी रोहन की आंखों में देखते हुए कहती है,,,
,,, मुट्ठी मार कर निकाल दूंगी.... जी... आपका पानी..... मुट्ठी मार कर छोड़ दूंगी.....जी...आपको.... यह तो बड़ा मोटा है...
,,,, अपनी मम्मी की बात सुनकर रोहन को और जोश आता है और वह आहे भरते हुए उसके चेहरे को चूम लेता है,,, और एक दर्द भरे स्वर में कहता है,,,
,,, ओ मेरी सरोज आई लव यू सरोज,,,.... बस ऐसे ही मालिश करती रहे कितना अच्छा लग रहा है तेरे हाथ में मेरा लैंड है.....
,,,

,,, सरोज शर्म से गाड़ी जा रही थी,, लेकिन न चाहते हुए भी वह दोनों हाथों से अपने बेटे के लिंग को पकड़ कर हिला रही थी,, रोहन का लिंग की माप उसके हाथों में भी नहीं आ रही थी,, उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि उसके बेटे का लिंग इतना बड़ा है,,, काफी समय बीत चुका था सरोज के हाथ भी अब दर्द करने लगते हैं इसलिए वह आहे भरते हुए कहती है,,,
,,, हे भगवान.... कितनी देर में झाड़ोगे जी आप....
,,, सरोज एक बात पूछूं,,,
,,, उसकी मम्मी कोई जवाब नहीं देती वह बस अपने हाथों को हिलाया जा रही थी,,, रोहन फिर से कहता है,,
,, सरोज सुन नहीं रही क्या,,,
,, जी बोलिए..... हाय मैं मर गई कितना टाइम लगेगा आपको....
,,, एक बार तेरे होठों का रस पी लो....
,,, नहीं जो आप बोलोगे मैं वह कर रही हूं ना ऐसे ही झाड़ दूंगी ऐसा मत करना,,, आपको मेरी कसम है मैं मुट्ठी मार कर निकाल दूंगी इसका,,,
,,, जल्दी से निकलना अब तो दर्द भी नहीं होगा मजा आ रहा है,,,
,,, कर तो रही हूं पता नहीं कितना टाइम लगेगा आपको,,, आपके पापा तो जल्दी झड़ जाते थे जी..... कितना लंबा है यह भगवान इतना लंबा तो मैंने कभी भी नहीं सोचा था....
,,, मेरा एक बार आई लव यू बोल दे,,, कह दे कि तू भी मुझसे प्यार करती है जिस तरह मैं तेरे लिए पागल हूं,,,
,,, आई लव यू रोहन आई लव यू जी मैं भी आपसे बहुत प्यार करती हूं,,, बस अब झाड़ दो ना बहुत दर्द हो रहा है मेरे हाथों में भी..... हे राम जी कितना टाइम लगेगा आज ही आपको.... क्यों इतना तड़प रहे हो निकाल दो ना इसका पानी... आपको भी सुकून मिल जाएगा...
,,, और तेरा मन नहीं करता क्या... सच-सच बताना तेरी च** में खुजली नहीं होती क्या सरोज....
,,, ऐसी बातें ना करो मुझे शर्म आ रही है....
,,, सच-सच बताना मम्मी सच में आपकी खुजली होती है उसमें मन नहीं करता लैंड लेने का..... आपको मेरी कसम बताओ ना...
,,, पहले नहीं करता था लेकिन अब जब से इसको देखा है तब से इसमें मीठी-मीठी खुजली होती है....
,, यह सुनकर रोहन अपनी मम्मी के चेहरे को पकड़ता है और धीरे से उसके कान में कहता है,,,
,, तो एक बार देते मिटा ले अपनी खुजली है और इसकी भी आंख ठंडी करते हैं,,,,
,,, नहीं मैं हाथ से मुट्ठी मार कर निकाल दूंगी ऐसा नहीं करना मेरे बच्चे,,, मैं मर जाऊंगी यह बहुत बड़ा पाप है मेरे लाल से ही मुट्ठी मार रही हो ना तेरी,,,,
,,, मगर यह हाथ से चढ़ता तो नहीं है ना बहुत टाइम बाद भी नहीं चढ़ता,,,
,,, मैं छोड़ दूंगी थोड़ी देर सावरकर मैं कर रही हूं ना मैं निकाल दूंगी से,,, मुझ पर विश्वास कर मैं निकाल दूंगी झाड़ दूंगी आपको,,,,
,,, ठीक है तो वादा कर जब जाएगा इसको मुंह में लगी,,,,
,,,, अच्छी मुंह में नहीं लूंगी बहुत गंदा है,,,,
,,,
,,, तो फिर च**...दे दे.. और ना तड़पा बर्दाश्त नहीं हो रहा...
,,, नहीं मैसेज झाड़ के निकाल दूंगी यह कर सकती है भगवान... मैं तेरे हाथ जोड़ती हूं मेरा लाल ऐसा मत कर...
,, रोहन जोश में आकर अपनी मां को बाहों में भर लेता है और बेचैनी में कहता है..

,,, एक बार दे दे मम्मी नहीं बर्दाश्त हो रहा मैं तेरे हाथ जोड़ता हूं एक बार देते,,,
,,, नहीं रोहन देख मैं तेरा हाथ जोड़ता हूं तुझे मेरी कसम है मैं यह नहीं कर सकती मेरे बच्चे मुट्ठी मार कर छोड़ दूंगी तुझे,,,,
,,, मुट्ठी मार कर कहां पर झाड़ होगी,,
,, यही तोलिया में कपड़े पर झाड़ दूंगी,,,
,, नहीं मैं तेरे सुंदर से मुंह में जाना चाहता हूं इसे पिलाना चाहता हूं एक बार पी ले बस,,, अगर छूट नहीं दे सकती तो अपने मुंह में झड़ने से,,,
,,,

,,, सरोज मरती है क्या ना करती की कहानी उसे पर साबित हो रही थी,,, इसलिए वह गुस्से में रहती है,,
,, ठीक है जल्दी झड़ को मुंह में झाड़ लूंगी,,,
,,, तभी रोहन अपना एक हाथ बढ़ाकर,, अपनी मम्मी के स्तन को जो गोली में उसके हाथ में भी नहीं आ रहे थे जोर से मसल देता है,,, सरोज को इसकी उम्मीद नहीं थी इसलिए वह चीज पड़ती है,,
,,, हाय मर गई क्या कर रहे हो,,,, जल्दी से झाड़ दो ना,,,
,,, कितनी भारी पड़ी है तू लेकिन फिर भी लैंड लेने को तैयार नहीं है कब तक संभाल के रखेगी इसको,,,
,,, जिद ना कर मेरे लाल जल्दी झड़ दे,,, अब तुम्हें मुंह में लेने के लिए भी तैयार हूं,, मुंह में झाड़ देना मेरे लेकिन जल्दी झड़ दे मेरे बच्चे,,,,
,,,, रोहन अपनी मम्मी के चेहरे को देखते हुए,,, तुझे पीना भी पड़ेगा बोलती है कि ना सारा रा....
,,, हां पी लूंगी मेरे लाल झाड़ देना पी लूंगी,,,... कितनी देर हो गई मुट्ठी मारते हुए अभी तक नहीं चल रहा....
,,, ओ मम्मी तुम कितनी अच्छी हो मुझे विश्वास नहीं होता,, कि आज तुम मेरी मुट्ठी मार रही हो थोड़ा तेज तेज चलाओ ना,,,,
,, हां मेरे लाल कर रही हूं जल्दी से जानते हैं ले लूंगी से मुंह में,,
,,, मुंह में लेकर पी जाना मम्मी सारा निकालना नहीं एक बूंद भी है,,,
,,, मेरे लाल एक बूंद भी तेरी बर्बाद नहीं होने दूंगी तो छोड़ देना मैं पी लूंगी आज से,,,
,,,, उसकी मम्मी मुंह खोलो में जाने वाला हूं मुंह खोलो मुंह खोलो मम्मी आ रहा हूं मैं,,,
,,, सरोज तुरंत ही अपना मुंह खोल देती है और ल** को सामने रखकर उसकी मुट्ठी मारती रहती है,,, तभी एक जोरदार पिचकारी रोहन के लिंग से निकलती है और सीधा सरोज के गले में जाकर टकराती है,,,
,,, 2 मिनट तक रोहन का वीर्य निकलता रहता है और सरोज उसका सारा वीर्य पीने लगते हैं लेकिन न चाहते हुए भी कुछ वीर्य बाहर निकल जाता है,, सरोज को ऐसा लगता है जैसे उसने एक गिलास दही पी ली हो,,, उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि इतना सारा वीर्य एक बार में कैसे निकल सकता है,,, रोहन राहत की सांस लेता है और बेड पर लेट जाता है,,,, तभी सरोज खड़ी होकर सर झुका कर अपने बेटे की ओर देखते हैं और प्यार से उसके सर पर हाथ फेर कर कहती है,,,
,,, मिल गया सुकून मेरे लाल,,, अब तो खुश है ना,,, अब तो कभी मरने की बात नहीं करेगा ना मुझसे नाराज नहीं होगा ना मेरे बच्चे,,,
,,, मम्मी मैं बात नहीं सकता कि आज मुझे कितना सुकून मिला है,,, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं मम्मी,,, क्या आप भी मुझसे उतना ही प्यार करती हो,,,
,,, मैं तो तुझे हमेशा से ही अपनी जान से ज्यादा चाहती हूं मेरे लाल,,, प्यार नहीं करती तो आज दीपावली के दिन यह पाप नहीं करती मेरे बच्चे,,,
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