• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Adultery Incest Related - बेटा एक माँ अनेक

🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

Bhosad pappu

New Member
1
15
4
ये कहानी एक रंडीखान से शुरू होती है , एक औरत जिसका नामे रेखा था जो ज्यादा पैसे के लालच मे बिना कोंडोम से चुदवाती रही , आन्ततः वही हुआ जिस डर था , वो पेट से हो गई वहाँ के मालिक थी वो बोली की बच्चा गिरा दो । पर रेखा बच्चे को जन्म देना चाहती थी और हुआ भी यही 9 महीने पेट मे रखी फिर बच्चे को जन्म दी और उसका नाम मोहन रखी , फिर से जिंदगी पहले के तरह ही चलने लागि ,

धंधा फिर से सुरू कर दी थी ये सब उसका रोज का था पर वो अपने बच्चे को अच्छी जिंदगी देना चाहती थी पर वो करे भी तो क्या वो नहीं चाहती थी उसका बेटा जाने उसकी माँ क्या करती है पर कोई भी मोहन को नाम से ना बुलाकर रंडी का बेटा बुलाते थी , ये रेखा को बहुत खराब लगती थी फिर किसी ने उससे बोला पास मे एक अनाथालय है वह डाल दे , ओर रेखा को ये सही लगा अपने से दूर करना नहीं चाहती थी पर एक अच्छे भविष्य के लिए करना पड़ा ।

मोहन 18 साल तक वही अनाथालय मे ही रहा अपनी 12 वी तक की पढ़ाई भी अनाथालय वाले ने ही कारवाई वो यही जनता था की उसका इस दुनिया मे कोई नहीं है । 18 साल होते ही अनाथालय वालों ने उसे फ्री कर दिया काही भी जा सकता है वो एक आच्छा लड़का था पढ़ाई लिखाई , खेल कूद , खान पीना किसी भी तरह का कोई गलत काम नहीं करता था , खेल कूद के कारण उसका सरीर काफी कठोर ओर कद काठी भी अच्छी थी 5 फुट 9 इंच और उसका लंड जो 9 इंच का था ।

20250401-140524

अनाथालय से बाहर निकलने के बाद एक छोटा सा गोदाम मे काम मिली जहां 10 आदमी थे जो बोरी को गाड़ी मे चढ़ना ओर उतारने का काम करते the और 6 औरते थी जो झाड़ू पोंछा खान पीना का ध्यान रखती थी रहने का भी वही व्यवस्था था 2 रूम बड़े बड़े एक रूम मे मर्द रहते थे दूसरे मे औरते हगने मूतने के लिए एक छोटा सा रूम बना हुआ था पर दरवाजे के जगह एक सारी का पर्दा बनाया हुआ था जो इतना पतला था की अंदर कोन बैठा है क्या कर रहा है सब दिखता था सिर्फ नाम का पर्दा था हल्की सी हवा मे भी उरते रहता था ।

3d5ea32a-7ae4-4189-95c8-84973ceb286d
गोदाम चारों तरफ से ऊंची दीवाल से घिरा हुआ था , मै भी वही काम करने लगा 9 से 5 बजे तक दिन मे बोरी उतरता ओर रात मे 8 बजे खाने के बाद 10 बजे तक पढ़ाई करता और फिर सो जाता । पर और सब लोग देर से खान खाते थे दारू सब भी पीते थे ।

धीरे धीरे मै भी वहाँ घुल मिल गया सभी मर्द से जो उम्र मे मेरे से ज्यादा थे 35 से 45 तक के थे हसी मजाक, गली गलोज, दारू पीना , चुदाई की बातें करना ये सब अब यहाँ पे आम बातें हो गई थी सभी मजदूर बाहर के रहने वाले थे अपने बीबी बच्चे से दूर महीने के आखरी मे पैसा भेज देते थे ।
और वह की औरते से भी घुल मिल गया था ये सब औरते भी कुछ कम नहीं थी गंदी गंदी बातें करना किसी को भी कुछ भी बोल देती थी जब बैठती थी तो दोनों पैर फैला के ओर थोड़ा मोर के बैठ जाती ये भी नहीं सोचती सामने कोण है मर्द तो सभी आँखें सेकते थे ओर मै भी भला देखता क्यू नहीं झांट से भारी हुई कला स भोंसड़ा जो दिखता था ।

20250405 140519
कुछ मर्द तो वही सब के सामने ही लंड निकाल के हिलाने लगते थी और ये सब देख के औरते और भी खुश होती ओर गली भी देती सारी ऊपर कर के अपना बुर भी दिखती बोलती "ले देख ले अपनी माँ का भोंसड़ा मधारचोद रंडी के औलाद इस बार छुट्टी मे जाएगा तो माँ का बुर चोद के आना " ये सब तो दिन भर का था । एसही दिन कटता गया अब मै भी ज्यादा खुल गया था ।
एक दिन की बात मै सुबह 5 बजे उठा मुझे पेशाब लगी थी जब मै बाथरूम मे पास गया तो सारी के परदे से देखा तो कोई अंदर था मै ज्यादा ध्यान नहीं दिया ओर वही एक तरफ बैठ गया निकलने का इंतजार करने लगा । 5 मिनट बैठा ही था की किसी की सिसकियाँ की आवाज़ें आने लगी थी जब मै ध्यान दिया तो बाथरूम से आ रही थी मै धीरे धीरे दबे पाव आगे गया ओर थोड़ी सी पर्दा हटाया की मेरे मुह के सामने ही एक औरत का मुह थी ओर उसने मुझे देख लिया जब मै ध्यान से देखा तो पता चल औरत खड़ी थी पैर फैले हुए थे और सारी कमर तक उठी हुई थी एक आदमी जो औरत के पीछे था वो कमर हिल रहा था ।

20250723 223026
औरत मुझे देखते ही बोली - तू यहाँ क्या कर रहा है ओर सिसकियाँ लेती रही ।
मै - मै तो पेशाब करने आया था आप यह क्या कर रही हो और ये चाचा पीछे क्या कर रहे है इतनी छोटी सी बाथरूम में ।
पीछे से मर्द - अरे बेटा आया तो मै भी पेशाब करने ही था पर ये साली अपनी गंड खोल के हग रही थी इतनी बड़ी गंड देख के रहा नहीं गया ओर साली के बुर मे लोड़ा पेल दिया
ये सब सुन के ओर देख के मेरा भी लोड खड़ा हो गया था ओर तोलिया से बाहर आ गया
औरत मेरा लंड देख के - देख इस मधारचोद का भी खड़ा हो गया
पीछे से मर्द- इसका भी चूस ले रंडी , बेटा देख क्या रहा है मुह मे पेल रंडी को
मै इतना सुनते ही अपना लंड उसके मुह मे घुस दिया ओर आगे पीछे करने लगा 5 मिनट मुह चोदने के पीछे वाला आदमी सीधा खड़ा हुआ ओर बोल आ बेटा अब तू चोद ले इसको
फिर मै पीछे गया ओर औरत की बुर देखा उसकी बुर पूरा खुला हुआ था ओर उसमे से चाचा ओर औरते का माल निकाल रहा था मै उसके माल निकलने भी नहीं दिया उसके बुर मे अपना लंड घुस दिया सट से घुस गया ओर अपना 9 इंच के लंड से औरत को पेलने लगा ओर वो औरत मर्द का लाँड़ चूसने लागि

Screenshot 2026 03 16 143510

20250408 234752
औरत - सिसकियाँ लेते हुए देख केसे अपनी माँ की उम्र की औरत चोद रहा है ।
मै - मेरी माँ नहीं है ।
मर्द- आर बेटा सब तेरी माँ ही है सब को माँ समझ ।
औरत - हा बेटा माँ ही समझ
मै - कौन बेटा अपनी माँ चोदता होगा ।
मर्द - बेटा चोदना तो सभी चाहते पर समाज के डर से नहीं चोद पाते, मै खुद अपनी माँ को खेत मे जबरदस्ती चोदता था ओर गंड भी मारता था पहले माना करती थी फिर उछाल उछाल के मरवाती थी।
मै - आपको डर नहीं लगता था खेत में कोई देख लेता तो
मर्द- देख लेता तो देख लेता गाँव मे ये सब आम बातें है । देख माँ की बातें करते ही लंड खड़ा हो गया ।
बेटा थोड़ा रुक
फिर मै लोड़ा बुर से निकाल के खड़ा हो गया चाचा औरत को गोद मे उठाया ओर बुर मे लंड पेल दिया ओर बोले तू भी घुस दे ।
मै - कहाँ घुसाऊ बुर मे तो आपने पेल दिया ।
मर्द - अरे एक और छेद नहीं दिख रहा क्या वहाँ घुसा ओर भी मज़ा आएगा ।
औरत - हाँ बेटा घुसा दे बहुत दिन हो गए 2 लंड से एक साथ नही चुदी ।
मै उसकी गांड की छेद पे लंड लगाया ओर एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया फिर मै औरत को बोला - माँ तेरी तो गंड भी ढीली है

20250417-081601
औरत - बेटा रोज ही तो चुदवाती हु ढीला तो होगा ही ।
मै - कब चुदवाती हो मै भी तो यही रहता हु
औरत - तेरे सोने के बाद दसों मर्द हम 6 औरते को बुर गंड मुहँ सब चोदते है
मर्द - हाँ बेटा तेरे सोने के बाद यहाँ चुदाई का खेल चलता है तभी तो हुमए बीबी की कमी महसूस नहीं होती ।
औरत - देख तेरी 6 माओ का बुर का भोंसड़ा ओर गंड का गोदाम बना दिया है इन कमीनों ने ।

20250612-211712
मर्द - बेटा तू भी चोद 6 माँ यानि 12 छेद है चोद जिसे चोदना है ।
मै - हाँ माँ रोज चोदूँगा ओर इतनी कामुक बात होने के बाद मेरा ओर चाचा का माल निकाल जाता है । फिर हम तीनों कपड़े ठीक कर के वापस रूम मे चले जाते है ।

20250417 062333 1
फिर वही दिनचर्या चलता है

आगे की कहानी दूसरे दिन ......
 
Last edited by a moderator:

sunoanuj

Well-Known Member
5,356
13,215
189
ये कहानी एक रंडीखान से शुरू होती है , एक औरत जिसका नामे रेखा था जो ज्यादा पैसे के लालच मे बिना कोंडोम से चुदवाती रही , आन्ततः वही हुआ जिस डर था , वो पेट से हो गई वहाँ के मालिक थी वो बोली की बच्चा गिरा दो । पर रेखा बच्चे को जन्म देना चाहती थी और हुआ भी यही 9 महीने पेट मे रखी फिर बच्चे को जन्म दी और उसका नाम मोहन रखी , फिर से जिंदगी पहले के तरह ही चलने लागि ,

Screenshot 2026 03 16 140210
धंधा फिर से सुरू कर दी थी ये सब उसका रोज का था पर वो अपने बच्चे को अच्छी जिंदगी देना चाहती थी पर वो करे भी तो क्या वो नहीं चाहती थी उसका बेटा जाने उसकी माँ क्या करती है पर कोई भी मोहन को नाम से ना बुलाकर रंडी का बेटा बुलाते थी , ये रेखा को बहुत खराब लगती थी फिर किसी ने उससे बोला पास मे एक अनाथालय है वह डाल दे , ओर रेखा को ये सही लगा अपने से दूर करना नहीं चाहती थी पर एक अच्छे भविष्य के लिए करना पड़ा ।

मोहन 18 साल तक वही अनाथालय मे ही रहा अपनी 12 वी तक की पढ़ाई भी अनाथालय वाले ने ही कारवाई वो यही जनता था की उसका इस दुनिया मे कोई नहीं है । 18 साल होते ही अनाथालय वालों ने उसे फ्री कर दिया काही भी जा सकता है वो एक आच्छा लड़का था पढ़ाई लिखाई , खेल कूद , खान पीना किसी भी तरह का कोई गलत काम नहीं करता था , खेल कूद के कारण उसका सरीर काफी कठोर ओर कद काठी भी अच्छी थी 5 फुट 9 इंच और उसका लंड जो 9 इंच का था ।

20250401-140524

अनाथालय से बाहर निकलने के बाद एक छोटा सा गोदाम मे काम मिली जहां 10 आदमी थे जो बोरी को गाड़ी मे चढ़ना ओर उतारने का काम करते the और 6 औरते थी जो झाड़ू पोंछा खान पीना का ध्यान रखती थी रहने का भी वही व्यवस्था था 2 रूम बड़े बड़े एक रूम मे मर्द रहते थे दूसरे मे औरते हगने मूतने के लिए एक छोटा सा रूम बना हुआ था पर दरवाजे के जगह एक सारी का पर्दा बनाया हुआ था जो इतना पतला था की अंदर कोन बैठा है क्या कर रहा है सब दिखता था सिर्फ नाम का पर्दा था हल्की सी हवा मे भी उरते रहता था ।

3d5ea32a-7ae4-4189-95c8-84973ceb286d
गोदाम चारों तरफ से ऊंची दीवाल से घिरा हुआ था , मै भी वही काम करने लगा 9 से 5 बजे तक दिन मे बोरी उतरता ओर रात मे 8 बजे खाने के बाद 10 बजे तक पढ़ाई करता और फिर सो जाता । पर और सब लोग देर से खान खाते थे दारू सब भी पीते थे ।

धीरे धीरे मै भी वहाँ घुल मिल गया सभी मर्द से जो उम्र मे मेरे से ज्यादा थे 35 से 45 तक के थे हसी मजाक, गली गलोज, दारू पीना , चुदाई की बातें करना ये सब अब यहाँ पे आम बातें हो गई थी सभी मजदूर बाहर के रहने वाले थे अपने बीबी बच्चे से दूर महीने के आखरी मे पैसा भेज देते थे ।
और वह की औरते से भी घुल मिल गया था ये सब औरते भी कुछ कम नहीं थी गंदी गंदी बातें करना किसी को भी कुछ भी बोल देती थी जब बैठती थी तो दोनों पैर फैला के ओर थोड़ा मोर के बैठ जाती ये भी नहीं सोचती सामने कोण है मर्द तो सभी आँखें सेकते थे ओर मै भी भला देखता क्यू नहीं झांट से भारी हुई कला स भोंसड़ा जो दिखता था ।

20250405 140519
कुछ मर्द तो वही सब के सामने ही लंड निकाल के हिलाने लगते थी और ये सब देख के औरते और भी खुश होती ओर गली भी देती सारी ऊपर कर के अपना बुर भी दिखती बोलती "ले देख ले अपनी माँ का भोंसड़ा मधारचोद रंडी के औलाद इस बार छुट्टी मे जाएगा तो माँ का बुर चोद के आना " ये सब तो दिन भर का था । एसही दिन कटता गया अब मै भी ज्यादा खुल गया था ।
एक दिन की बात मै सुबह 5 बजे उठा मुझे पेशाब लगी थी जब मै बाथरूम मे पास गया तो सारी के परदे से देखा तो कोई अंदर था मै ज्यादा ध्यान नहीं दिया ओर वही एक तरफ बैठ गया निकलने का इंतजार करने लगा । 5 मिनट बैठा ही था की किसी की सिसकियाँ की आवाज़ें आने लगी थी जब मै ध्यान दिया तो बाथरूम से आ रही थी मै धीरे धीरे दबे पाव आगे गया ओर थोड़ी सी पर्दा हटाया की मेरे मुह के सामने ही एक औरत का मुह थी ओर उसने मुझे देख लिया जब मै ध्यान से देखा तो पता चल औरत खड़ी थी पैर फैले हुए थे और सारी कमर तक उठी हुई थी एक आदमी जो औरत के पीछे था वो कमर हिल रहा था ।

20250723 223026
औरत मुझे देखते ही बोली - तू यहाँ क्या कर रहा है ओर सिसकियाँ लेती रही ।
मै - मै तो पेशाब करने आया था आप यह क्या कर रही हो और ये चाचा पीछे क्या कर रहे है इतनी छोटी सी बाथरूम में ।
पीछे से मर्द - अरे बेटा आया तो मै भी पेशाब करने ही था पर ये साली अपनी गंड खोल के हग रही थी इतनी बड़ी गंड देख के रहा नहीं गया ओर साली के बुर मे लोड़ा पेल दिया
ये सब सुन के ओर देख के मेरा भी लोड खड़ा हो गया था ओर तोलिया से बाहर आ गया
औरत मेरा लंड देख के - देख इस मधारचोद का भी खड़ा हो गया
पीछे से मर्द- इसका भी चूस ले रंडी , बेटा देख क्या रहा है मुह मे पेल रंडी को
मै इतना सुनते ही अपना लंड उसके मुह मे घुस दिया ओर आगे पीछे करने लगा 5 मिनट मुह चोदने के पीछे वाला आदमी सीधा खड़ा हुआ ओर बोल आ बेटा अब तू चोद ले इसको
फिर मै पीछे गया ओर औरत की बुर देखा उसकी बुर पूरा खुला हुआ था ओर उसमे से चाचा ओर औरते का माल निकाल रहा था मै उसके माल निकलने भी नहीं दिया उसके बुर मे अपना लंड घुस दिया सट से घुस गया ओर अपना 9 इंच के लंड से औरत को पेलने लगा ओर वो औरत मर्द का लाँड़ चूसने लागि

Screenshot 2026 03 16 143510

20250408 234752
औरत - सिसकियाँ लेते हुए देख केसे अपनी माँ की उम्र की औरत चोद रहा है ।
मै - मेरी माँ नहीं है ।
मर्द- आर बेटा सब तेरी माँ ही है सब को माँ समझ ।
औरत - हा बेटा माँ ही समझ
मै - कौन बेटा अपनी माँ चोदता होगा ।
मर्द - बेटा चोदना तो सभी चाहते पर समाज के डर से नहीं चोद पाते, मै खुद अपनी माँ को खेत मे जबरदस्ती चोदता था ओर गंड भी मारता था पहले माना करती थी फिर उछाल उछाल के मरवाती थी।
मै - आपको डर नहीं लगता था खेत में कोई देख लेता तो
मर्द- देख लेता तो देख लेता गाँव मे ये सब आम बातें है । देख माँ की बातें करते ही लंड खड़ा हो गया ।
बेटा थोड़ा रुक
फिर मै लोड़ा बुर से निकाल के खड़ा हो गया चाचा औरत को गोद मे उठाया ओर बुर मे लंड पेल दिया ओर बोले तू भी घुस दे ।
मै - कहाँ घुसाऊ बुर मे तो आपने पेल दिया ।
मर्द - अरे एक और छेद नहीं दिख रहा क्या वहाँ घुसा ओर भी मज़ा आएगा ।
औरत - हाँ बेटा घुसा दे बहुत दिन हो गए 2 लंड से एक साथ नही चुदी ।
मै उसकी गांड की छेद पे लंड लगाया ओर एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया फिर मै औरत को बोला - माँ तेरी तो गंड भी ढीली है

20250417-081601
औरत - बेटा रोज ही तो चुदवाती हु ढीला तो होगा ही ।
मै - कब चुदवाती हो मै भी तो यही रहता हु
औरत - तेरे सोने के बाद दसों मर्द हम 6 औरते को बुर गंड मुहँ सब चोदते है
मर्द - हाँ बेटा तेरे सोने के बाद यहाँ चुदाई का खेल चलता है तभी तो हुमए बीबी की कमी महसूस नहीं होती ।
औरत - देख तेरी 6 माओ का बुर का भोंसड़ा ओर गंड का गोदाम बना दिया है इन कमीनों ने ।

20250612-211712
मर्द - बेटा तू भी चोद 6 माँ यानि 12 छेद है चोद जिसे चोदना है ।
मै - हाँ माँ रोज चोदूँगा ओर इतनी कामुक बात होने के बाद मेरा ओर चाचा का माल निकाल जाता है । फिर हम तीनों कपड़े ठीक कर के वापस रूम मे चले जाते है ।

20250417 062333 1
फिर वही दिनचर्या चलता है

आगे की कहानी दूसरे दिन ......
नई कहानी के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएँ! बहुत ही बढ़िया कहानी है !

अगले भाग की प्रतीक्षा रहेगी !
 

1112

Well-Known Member
6,479
9,264
188
ये कहानी एक रंडीखान से शुरू होती है , एक औरत जिसका नामे रेखा था जो ज्यादा पैसे के लालच मे बिना कोंडोम से चुदवाती रही , आन्ततः वही हुआ जिस डर था , वो पेट से हो गई वहाँ के मालिक थी वो बोली की बच्चा गिरा दो । पर रेखा बच्चे को जन्म देना चाहती थी और हुआ भी यही 9 महीने पेट मे रखी फिर बच्चे को जन्म दी और उसका नाम मोहन रखी , फिर से जिंदगी पहले के तरह ही चलने लागि ,

Screenshot 2026 03 16 140210
धंधा फिर से सुरू कर दी थी ये सब उसका रोज का था पर वो अपने बच्चे को अच्छी जिंदगी देना चाहती थी पर वो करे भी तो क्या वो नहीं चाहती थी उसका बेटा जाने उसकी माँ क्या करती है पर कोई भी मोहन को नाम से ना बुलाकर रंडी का बेटा बुलाते थी , ये रेखा को बहुत खराब लगती थी फिर किसी ने उससे बोला पास मे एक अनाथालय है वह डाल दे , ओर रेखा को ये सही लगा अपने से दूर करना नहीं चाहती थी पर एक अच्छे भविष्य के लिए करना पड़ा ।

मोहन 18 साल तक वही अनाथालय मे ही रहा अपनी 12 वी तक की पढ़ाई भी अनाथालय वाले ने ही कारवाई वो यही जनता था की उसका इस दुनिया मे कोई नहीं है । 18 साल होते ही अनाथालय वालों ने उसे फ्री कर दिया काही भी जा सकता है वो एक आच्छा लड़का था पढ़ाई लिखाई , खेल कूद , खान पीना किसी भी तरह का कोई गलत काम नहीं करता था , खेल कूद के कारण उसका सरीर काफी कठोर ओर कद काठी भी अच्छी थी 5 फुट 9 इंच और उसका लंड जो 9 इंच का था ।

20250401-140524

अनाथालय से बाहर निकलने के बाद एक छोटा सा गोदाम मे काम मिली जहां 10 आदमी थे जो बोरी को गाड़ी मे चढ़ना ओर उतारने का काम करते the और 6 औरते थी जो झाड़ू पोंछा खान पीना का ध्यान रखती थी रहने का भी वही व्यवस्था था 2 रूम बड़े बड़े एक रूम मे मर्द रहते थे दूसरे मे औरते हगने मूतने के लिए एक छोटा सा रूम बना हुआ था पर दरवाजे के जगह एक सारी का पर्दा बनाया हुआ था जो इतना पतला था की अंदर कोन बैठा है क्या कर रहा है सब दिखता था सिर्फ नाम का पर्दा था हल्की सी हवा मे भी उरते रहता था ।

3d5ea32a-7ae4-4189-95c8-84973ceb286d
गोदाम चारों तरफ से ऊंची दीवाल से घिरा हुआ था , मै भी वही काम करने लगा 9 से 5 बजे तक दिन मे बोरी उतरता ओर रात मे 8 बजे खाने के बाद 10 बजे तक पढ़ाई करता और फिर सो जाता । पर और सब लोग देर से खान खाते थे दारू सब भी पीते थे ।

धीरे धीरे मै भी वहाँ घुल मिल गया सभी मर्द से जो उम्र मे मेरे से ज्यादा थे 35 से 45 तक के थे हसी मजाक, गली गलोज, दारू पीना , चुदाई की बातें करना ये सब अब यहाँ पे आम बातें हो गई थी सभी मजदूर बाहर के रहने वाले थे अपने बीबी बच्चे से दूर महीने के आखरी मे पैसा भेज देते थे ।
और वह की औरते से भी घुल मिल गया था ये सब औरते भी कुछ कम नहीं थी गंदी गंदी बातें करना किसी को भी कुछ भी बोल देती थी जब बैठती थी तो दोनों पैर फैला के ओर थोड़ा मोर के बैठ जाती ये भी नहीं सोचती सामने कोण है मर्द तो सभी आँखें सेकते थे ओर मै भी भला देखता क्यू नहीं झांट से भारी हुई कला स भोंसड़ा जो दिखता था ।

20250405 140519
कुछ मर्द तो वही सब के सामने ही लंड निकाल के हिलाने लगते थी और ये सब देख के औरते और भी खुश होती ओर गली भी देती सारी ऊपर कर के अपना बुर भी दिखती बोलती "ले देख ले अपनी माँ का भोंसड़ा मधारचोद रंडी के औलाद इस बार छुट्टी मे जाएगा तो माँ का बुर चोद के आना " ये सब तो दिन भर का था । एसही दिन कटता गया अब मै भी ज्यादा खुल गया था ।
एक दिन की बात मै सुबह 5 बजे उठा मुझे पेशाब लगी थी जब मै बाथरूम मे पास गया तो सारी के परदे से देखा तो कोई अंदर था मै ज्यादा ध्यान नहीं दिया ओर वही एक तरफ बैठ गया निकलने का इंतजार करने लगा । 5 मिनट बैठा ही था की किसी की सिसकियाँ की आवाज़ें आने लगी थी जब मै ध्यान दिया तो बाथरूम से आ रही थी मै धीरे धीरे दबे पाव आगे गया ओर थोड़ी सी पर्दा हटाया की मेरे मुह के सामने ही एक औरत का मुह थी ओर उसने मुझे देख लिया जब मै ध्यान से देखा तो पता चल औरत खड़ी थी पैर फैले हुए थे और सारी कमर तक उठी हुई थी एक आदमी जो औरत के पीछे था वो कमर हिल रहा था ।

20250723 223026
औरत मुझे देखते ही बोली - तू यहाँ क्या कर रहा है ओर सिसकियाँ लेती रही ।
मै - मै तो पेशाब करने आया था आप यह क्या कर रही हो और ये चाचा पीछे क्या कर रहे है इतनी छोटी सी बाथरूम में ।
पीछे से मर्द - अरे बेटा आया तो मै भी पेशाब करने ही था पर ये साली अपनी गंड खोल के हग रही थी इतनी बड़ी गंड देख के रहा नहीं गया ओर साली के बुर मे लोड़ा पेल दिया
ये सब सुन के ओर देख के मेरा भी लोड खड़ा हो गया था ओर तोलिया से बाहर आ गया
औरत मेरा लंड देख के - देख इस मधारचोद का भी खड़ा हो गया
पीछे से मर्द- इसका भी चूस ले रंडी , बेटा देख क्या रहा है मुह मे पेल रंडी को
मै इतना सुनते ही अपना लंड उसके मुह मे घुस दिया ओर आगे पीछे करने लगा 5 मिनट मुह चोदने के पीछे वाला आदमी सीधा खड़ा हुआ ओर बोल आ बेटा अब तू चोद ले इसको
फिर मै पीछे गया ओर औरत की बुर देखा उसकी बुर पूरा खुला हुआ था ओर उसमे से चाचा ओर औरते का माल निकाल रहा था मै उसके माल निकलने भी नहीं दिया उसके बुर मे अपना लंड घुस दिया सट से घुस गया ओर अपना 9 इंच के लंड से औरत को पेलने लगा ओर वो औरत मर्द का लाँड़ चूसने लागि

Screenshot 2026 03 16 143510

20250408 234752
औरत - सिसकियाँ लेते हुए देख केसे अपनी माँ की उम्र की औरत चोद रहा है ।
मै - मेरी माँ नहीं है ।
मर्द- आर बेटा सब तेरी माँ ही है सब को माँ समझ ।
औरत - हा बेटा माँ ही समझ
मै - कौन बेटा अपनी माँ चोदता होगा ।
मर्द - बेटा चोदना तो सभी चाहते पर समाज के डर से नहीं चोद पाते, मै खुद अपनी माँ को खेत मे जबरदस्ती चोदता था ओर गंड भी मारता था पहले माना करती थी फिर उछाल उछाल के मरवाती थी।
मै - आपको डर नहीं लगता था खेत में कोई देख लेता तो
मर्द- देख लेता तो देख लेता गाँव मे ये सब आम बातें है । देख माँ की बातें करते ही लंड खड़ा हो गया ।
बेटा थोड़ा रुक
फिर मै लोड़ा बुर से निकाल के खड़ा हो गया चाचा औरत को गोद मे उठाया ओर बुर मे लंड पेल दिया ओर बोले तू भी घुस दे ।
मै - कहाँ घुसाऊ बुर मे तो आपने पेल दिया ।
मर्द - अरे एक और छेद नहीं दिख रहा क्या वहाँ घुसा ओर भी मज़ा आएगा ।
औरत - हाँ बेटा घुसा दे बहुत दिन हो गए 2 लंड से एक साथ नही चुदी ।
मै उसकी गांड की छेद पे लंड लगाया ओर एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया फिर मै औरत को बोला - माँ तेरी तो गंड भी ढीली है

20250417-081601
औरत - बेटा रोज ही तो चुदवाती हु ढीला तो होगा ही ।
मै - कब चुदवाती हो मै भी तो यही रहता हु
औरत - तेरे सोने के बाद दसों मर्द हम 6 औरते को बुर गंड मुहँ सब चोदते है
मर्द - हाँ बेटा तेरे सोने के बाद यहाँ चुदाई का खेल चलता है तभी तो हुमए बीबी की कमी महसूस नहीं होती ।
औरत - देख तेरी 6 माओ का बुर का भोंसड़ा ओर गंड का गोदाम बना दिया है इन कमीनों ने ।

20250612-211712
मर्द - बेटा तू भी चोद 6 माँ यानि 12 छेद है चोद जिसे चोदना है ।
मै - हाँ माँ रोज चोदूँगा ओर इतनी कामुक बात होने के बाद मेरा ओर चाचा का माल निकाल जाता है । फिर हम तीनों कपड़े ठीक कर के वापस रूम मे चले जाते है ।

20250417 062333 1
फिर वही दिनचर्या चलता है

आगे की कहानी दूसरे दिन ......
Congratulations and nice start.
 
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

dickmaster98

New Member
48
51
18
ये कहानी एक रंडीखान से शुरू होती है , एक औरत जिसका नामे रेखा था जो ज्यादा पैसे के लालच मे बिना कोंडोम से चुदवाती रही , आन्ततः वही हुआ जिस डर था , वो पेट से हो गई वहाँ के मालिक थी वो बोली की बच्चा गिरा दो । पर रेखा बच्चे को जन्म देना चाहती थी और हुआ भी यही 9 महीने पेट मे रखी फिर बच्चे को जन्म दी और उसका नाम मोहन रखी , फिर से जिंदगी पहले के तरह ही चलने लागि ,

Screenshot 2026 03 16 140210
धंधा फिर से सुरू कर दी थी ये सब उसका रोज का था पर वो अपने बच्चे को अच्छी जिंदगी देना चाहती थी पर वो करे भी तो क्या वो नहीं चाहती थी उसका बेटा जाने उसकी माँ क्या करती है पर कोई भी मोहन को नाम से ना बुलाकर रंडी का बेटा बुलाते थी , ये रेखा को बहुत खराब लगती थी फिर किसी ने उससे बोला पास मे एक अनाथालय है वह डाल दे , ओर रेखा को ये सही लगा अपने से दूर करना नहीं चाहती थी पर एक अच्छे भविष्य के लिए करना पड़ा ।

मोहन 18 साल तक वही अनाथालय मे ही रहा अपनी 12 वी तक की पढ़ाई भी अनाथालय वाले ने ही कारवाई वो यही जनता था की उसका इस दुनिया मे कोई नहीं है । 18 साल होते ही अनाथालय वालों ने उसे फ्री कर दिया काही भी जा सकता है वो एक आच्छा लड़का था पढ़ाई लिखाई , खेल कूद , खान पीना किसी भी तरह का कोई गलत काम नहीं करता था , खेल कूद के कारण उसका सरीर काफी कठोर ओर कद काठी भी अच्छी थी 5 फुट 9 इंच और उसका लंड जो 9 इंच का था ।

20250401-140524

अनाथालय से बाहर निकलने के बाद एक छोटा सा गोदाम मे काम मिली जहां 10 आदमी थे जो बोरी को गाड़ी मे चढ़ना ओर उतारने का काम करते the और 6 औरते थी जो झाड़ू पोंछा खान पीना का ध्यान रखती थी रहने का भी वही व्यवस्था था 2 रूम बड़े बड़े एक रूम मे मर्द रहते थे दूसरे मे औरते हगने मूतने के लिए एक छोटा सा रूम बना हुआ था पर दरवाजे के जगह एक सारी का पर्दा बनाया हुआ था जो इतना पतला था की अंदर कोन बैठा है क्या कर रहा है सब दिखता था सिर्फ नाम का पर्दा था हल्की सी हवा मे भी उरते रहता था ।

3d5ea32a-7ae4-4189-95c8-84973ceb286d
गोदाम चारों तरफ से ऊंची दीवाल से घिरा हुआ था , मै भी वही काम करने लगा 9 से 5 बजे तक दिन मे बोरी उतरता ओर रात मे 8 बजे खाने के बाद 10 बजे तक पढ़ाई करता और फिर सो जाता । पर और सब लोग देर से खान खाते थे दारू सब भी पीते थे ।

धीरे धीरे मै भी वहाँ घुल मिल गया सभी मर्द से जो उम्र मे मेरे से ज्यादा थे 35 से 45 तक के थे हसी मजाक, गली गलोज, दारू पीना , चुदाई की बातें करना ये सब अब यहाँ पे आम बातें हो गई थी सभी मजदूर बाहर के रहने वाले थे अपने बीबी बच्चे से दूर महीने के आखरी मे पैसा भेज देते थे ।
और वह की औरते से भी घुल मिल गया था ये सब औरते भी कुछ कम नहीं थी गंदी गंदी बातें करना किसी को भी कुछ भी बोल देती थी जब बैठती थी तो दोनों पैर फैला के ओर थोड़ा मोर के बैठ जाती ये भी नहीं सोचती सामने कोण है मर्द तो सभी आँखें सेकते थे ओर मै भी भला देखता क्यू नहीं झांट से भारी हुई कला स भोंसड़ा जो दिखता था ।

20250405 140519
कुछ मर्द तो वही सब के सामने ही लंड निकाल के हिलाने लगते थी और ये सब देख के औरते और भी खुश होती ओर गली भी देती सारी ऊपर कर के अपना बुर भी दिखती बोलती "ले देख ले अपनी माँ का भोंसड़ा मधारचोद रंडी के औलाद इस बार छुट्टी मे जाएगा तो माँ का बुर चोद के आना " ये सब तो दिन भर का था । एसही दिन कटता गया अब मै भी ज्यादा खुल गया था ।
एक दिन की बात मै सुबह 5 बजे उठा मुझे पेशाब लगी थी जब मै बाथरूम मे पास गया तो सारी के परदे से देखा तो कोई अंदर था मै ज्यादा ध्यान नहीं दिया ओर वही एक तरफ बैठ गया निकलने का इंतजार करने लगा । 5 मिनट बैठा ही था की किसी की सिसकियाँ की आवाज़ें आने लगी थी जब मै ध्यान दिया तो बाथरूम से आ रही थी मै धीरे धीरे दबे पाव आगे गया ओर थोड़ी सी पर्दा हटाया की मेरे मुह के सामने ही एक औरत का मुह थी ओर उसने मुझे देख लिया जब मै ध्यान से देखा तो पता चल औरत खड़ी थी पैर फैले हुए थे और सारी कमर तक उठी हुई थी एक आदमी जो औरत के पीछे था वो कमर हिल रहा था ।

20250723 223026
औरत मुझे देखते ही बोली - तू यहाँ क्या कर रहा है ओर सिसकियाँ लेती रही ।
मै - मै तो पेशाब करने आया था आप यह क्या कर रही हो और ये चाचा पीछे क्या कर रहे है इतनी छोटी सी बाथरूम में ।
पीछे से मर्द - अरे बेटा आया तो मै भी पेशाब करने ही था पर ये साली अपनी गंड खोल के हग रही थी इतनी बड़ी गंड देख के रहा नहीं गया ओर साली के बुर मे लोड़ा पेल दिया
ये सब सुन के ओर देख के मेरा भी लोड खड़ा हो गया था ओर तोलिया से बाहर आ गया
औरत मेरा लंड देख के - देख इस मधारचोद का भी खड़ा हो गया
पीछे से मर्द- इसका भी चूस ले रंडी , बेटा देख क्या रहा है मुह मे पेल रंडी को
मै इतना सुनते ही अपना लंड उसके मुह मे घुस दिया ओर आगे पीछे करने लगा 5 मिनट मुह चोदने के पीछे वाला आदमी सीधा खड़ा हुआ ओर बोल आ बेटा अब तू चोद ले इसको
फिर मै पीछे गया ओर औरत की बुर देखा उसकी बुर पूरा खुला हुआ था ओर उसमे से चाचा ओर औरते का माल निकाल रहा था मै उसके माल निकलने भी नहीं दिया उसके बुर मे अपना लंड घुस दिया सट से घुस गया ओर अपना 9 इंच के लंड से औरत को पेलने लगा ओर वो औरत मर्द का लाँड़ चूसने लागि

Screenshot 2026 03 16 143510

20250408 234752
औरत - सिसकियाँ लेते हुए देख केसे अपनी माँ की उम्र की औरत चोद रहा है ।
मै - मेरी माँ नहीं है ।
मर्द- आर बेटा सब तेरी माँ ही है सब को माँ समझ ।
औरत - हा बेटा माँ ही समझ
मै - कौन बेटा अपनी माँ चोदता होगा ।
मर्द - बेटा चोदना तो सभी चाहते पर समाज के डर से नहीं चोद पाते, मै खुद अपनी माँ को खेत मे जबरदस्ती चोदता था ओर गंड भी मारता था पहले माना करती थी फिर उछाल उछाल के मरवाती थी।
मै - आपको डर नहीं लगता था खेत में कोई देख लेता तो
मर्द- देख लेता तो देख लेता गाँव मे ये सब आम बातें है । देख माँ की बातें करते ही लंड खड़ा हो गया ।
बेटा थोड़ा रुक
फिर मै लोड़ा बुर से निकाल के खड़ा हो गया चाचा औरत को गोद मे उठाया ओर बुर मे लंड पेल दिया ओर बोले तू भी घुस दे ।
मै - कहाँ घुसाऊ बुर मे तो आपने पेल दिया ।
मर्द - अरे एक और छेद नहीं दिख रहा क्या वहाँ घुसा ओर भी मज़ा आएगा ।
औरत - हाँ बेटा घुसा दे बहुत दिन हो गए 2 लंड से एक साथ नही चुदी ।
मै उसकी गांड की छेद पे लंड लगाया ओर एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया फिर मै औरत को बोला - माँ तेरी तो गंड भी ढीली है

20250417-081601
औरत - बेटा रोज ही तो चुदवाती हु ढीला तो होगा ही ।
मै - कब चुदवाती हो मै भी तो यही रहता हु
औरत - तेरे सोने के बाद दसों मर्द हम 6 औरते को बुर गंड मुहँ सब चोदते है
मर्द - हाँ बेटा तेरे सोने के बाद यहाँ चुदाई का खेल चलता है तभी तो हुमए बीबी की कमी महसूस नहीं होती ।
औरत - देख तेरी 6 माओ का बुर का भोंसड़ा ओर गंड का गोदाम बना दिया है इन कमीनों ने ।

20250612-211712
मर्द - बेटा तू भी चोद 6 माँ यानि 12 छेद है चोद जिसे चोदना है ।
मै - हाँ माँ रोज चोदूँगा ओर इतनी कामुक बात होने के बाद मेरा ओर चाचा का माल निकाल जाता है । फिर हम तीनों कपड़े ठीक कर के वापस रूम मे चले जाते है ।

20250417 062333 1
फिर वही दिनचर्या चलता है

आगे की कहानी दूसरे दिन ......
Update kitne dino me Diya karoge
 
  • Like
Reactions: Abhishek Kumar98

Haiwaan

Active Member
543
670
93
ये कहानी एक रंडीखान से शुरू होती है , एक औरत जिसका नामे रेखा था जो ज्यादा पैसे के लालच मे बिना कोंडोम से चुदवाती रही , आन्ततः वही हुआ जिस डर था , वो पेट से हो गई वहाँ के मालिक थी वो बोली की बच्चा गिरा दो । पर रेखा बच्चे को जन्म देना चाहती थी और हुआ भी यही 9 महीने पेट मे रखी फिर बच्चे को जन्म दी और उसका नाम मोहन रखी , फिर से जिंदगी पहले के तरह ही चलने लागि ,

धंधा फिर से सुरू कर दी थी ये सब उसका रोज का था पर वो अपने बच्चे को अच्छी जिंदगी देना चाहती थी पर वो करे भी तो क्या वो नहीं चाहती थी उसका बेटा जाने उसकी माँ क्या करती है पर कोई भी मोहन को नाम से ना बुलाकर रंडी का बेटा बुलाते थी , ये रेखा को बहुत खराब लगती थी फिर किसी ने उससे बोला पास मे एक अनाथालय है वह डाल दे , ओर रेखा को ये सही लगा अपने से दूर करना नहीं चाहती थी पर एक अच्छे भविष्य के लिए करना पड़ा ।

मोहन 18 साल तक वही अनाथालय मे ही रहा अपनी 12 वी तक की पढ़ाई भी अनाथालय वाले ने ही कारवाई वो यही जनता था की उसका इस दुनिया मे कोई नहीं है । 18 साल होते ही अनाथालय वालों ने उसे फ्री कर दिया काही भी जा सकता है वो एक आच्छा लड़का था पढ़ाई लिखाई , खेल कूद , खान पीना किसी भी तरह का कोई गलत काम नहीं करता था , खेल कूद के कारण उसका सरीर काफी कठोर ओर कद काठी भी अच्छी थी 5 फुट 9 इंच और उसका लंड जो 9 इंच का था ।

20250401-140524

अनाथालय से बाहर निकलने के बाद एक छोटा सा गोदाम मे काम मिली जहां 10 आदमी थे जो बोरी को गाड़ी मे चढ़ना ओर उतारने का काम करते the और 6 औरते थी जो झाड़ू पोंछा खान पीना का ध्यान रखती थी रहने का भी वही व्यवस्था था 2 रूम बड़े बड़े एक रूम मे मर्द रहते थे दूसरे मे औरते हगने मूतने के लिए एक छोटा सा रूम बना हुआ था पर दरवाजे के जगह एक सारी का पर्दा बनाया हुआ था जो इतना पतला था की अंदर कोन बैठा है क्या कर रहा है सब दिखता था सिर्फ नाम का पर्दा था हल्की सी हवा मे भी उरते रहता था ।

3d5ea32a-7ae4-4189-95c8-84973ceb286d
गोदाम चारों तरफ से ऊंची दीवाल से घिरा हुआ था , मै भी वही काम करने लगा 9 से 5 बजे तक दिन मे बोरी उतरता ओर रात मे 8 बजे खाने के बाद 10 बजे तक पढ़ाई करता और फिर सो जाता । पर और सब लोग देर से खान खाते थे दारू सब भी पीते थे ।

धीरे धीरे मै भी वहाँ घुल मिल गया सभी मर्द से जो उम्र मे मेरे से ज्यादा थे 35 से 45 तक के थे हसी मजाक, गली गलोज, दारू पीना , चुदाई की बातें करना ये सब अब यहाँ पे आम बातें हो गई थी सभी मजदूर बाहर के रहने वाले थे अपने बीबी बच्चे से दूर महीने के आखरी मे पैसा भेज देते थे ।
और वह की औरते से भी घुल मिल गया था ये सब औरते भी कुछ कम नहीं थी गंदी गंदी बातें करना किसी को भी कुछ भी बोल देती थी जब बैठती थी तो दोनों पैर फैला के ओर थोड़ा मोर के बैठ जाती ये भी नहीं सोचती सामने कोण है मर्द तो सभी आँखें सेकते थे ओर मै भी भला देखता क्यू नहीं झांट से भारी हुई कला स भोंसड़ा जो दिखता था ।

20250405 140519
कुछ मर्द तो वही सब के सामने ही लंड निकाल के हिलाने लगते थी और ये सब देख के औरते और भी खुश होती ओर गली भी देती सारी ऊपर कर के अपना बुर भी दिखती बोलती "ले देख ले अपनी माँ का भोंसड़ा मधारचोद रंडी के औलाद इस बार छुट्टी मे जाएगा तो माँ का बुर चोद के आना " ये सब तो दिन भर का था । एसही दिन कटता गया अब मै भी ज्यादा खुल गया था ।
एक दिन की बात मै सुबह 5 बजे उठा मुझे पेशाब लगी थी जब मै बाथरूम मे पास गया तो सारी के परदे से देखा तो कोई अंदर था मै ज्यादा ध्यान नहीं दिया ओर वही एक तरफ बैठ गया निकलने का इंतजार करने लगा । 5 मिनट बैठा ही था की किसी की सिसकियाँ की आवाज़ें आने लगी थी जब मै ध्यान दिया तो बाथरूम से आ रही थी मै धीरे धीरे दबे पाव आगे गया ओर थोड़ी सी पर्दा हटाया की मेरे मुह के सामने ही एक औरत का मुह थी ओर उसने मुझे देख लिया जब मै ध्यान से देखा तो पता चल औरत खड़ी थी पैर फैले हुए थे और सारी कमर तक उठी हुई थी एक आदमी जो औरत के पीछे था वो कमर हिल रहा था ।

20250723 223026
औरत मुझे देखते ही बोली - तू यहाँ क्या कर रहा है ओर सिसकियाँ लेती रही ।
मै - मै तो पेशाब करने आया था आप यह क्या कर रही हो और ये चाचा पीछे क्या कर रहे है इतनी छोटी सी बाथरूम में ।
पीछे से मर्द - अरे बेटा आया तो मै भी पेशाब करने ही था पर ये साली अपनी गंड खोल के हग रही थी इतनी बड़ी गंड देख के रहा नहीं गया ओर साली के बुर मे लोड़ा पेल दिया
ये सब सुन के ओर देख के मेरा भी लोड खड़ा हो गया था ओर तोलिया से बाहर आ गया
औरत मेरा लंड देख के - देख इस मधारचोद का भी खड़ा हो गया
पीछे से मर्द- इसका भी चूस ले रंडी , बेटा देख क्या रहा है मुह मे पेल रंडी को
मै इतना सुनते ही अपना लंड उसके मुह मे घुस दिया ओर आगे पीछे करने लगा 5 मिनट मुह चोदने के पीछे वाला आदमी सीधा खड़ा हुआ ओर बोल आ बेटा अब तू चोद ले इसको
फिर मै पीछे गया ओर औरत की बुर देखा उसकी बुर पूरा खुला हुआ था ओर उसमे से चाचा ओर औरते का माल निकाल रहा था मै उसके माल निकलने भी नहीं दिया उसके बुर मे अपना लंड घुस दिया सट से घुस गया ओर अपना 9 इंच के लंड से औरत को पेलने लगा ओर वो औरत मर्द का लाँड़ चूसने लागि

Screenshot 2026 03 16 143510

20250408 234752
औरत - सिसकियाँ लेते हुए देख केसे अपनी माँ की उम्र की औरत चोद रहा है ।
मै - मेरी माँ नहीं है ।
मर्द- आर बेटा सब तेरी माँ ही है सब को माँ समझ ।
औरत - हा बेटा माँ ही समझ
मै - कौन बेटा अपनी माँ चोदता होगा ।
मर्द - बेटा चोदना तो सभी चाहते पर समाज के डर से नहीं चोद पाते, मै खुद अपनी माँ को खेत मे जबरदस्ती चोदता था ओर गंड भी मारता था पहले माना करती थी फिर उछाल उछाल के मरवाती थी।
मै - आपको डर नहीं लगता था खेत में कोई देख लेता तो
मर्द- देख लेता तो देख लेता गाँव मे ये सब आम बातें है । देख माँ की बातें करते ही लंड खड़ा हो गया ।
बेटा थोड़ा रुक
फिर मै लोड़ा बुर से निकाल के खड़ा हो गया चाचा औरत को गोद मे उठाया ओर बुर मे लंड पेल दिया ओर बोले तू भी घुस दे ।
मै - कहाँ घुसाऊ बुर मे तो आपने पेल दिया ।
मर्द - अरे एक और छेद नहीं दिख रहा क्या वहाँ घुसा ओर भी मज़ा आएगा ।
औरत - हाँ बेटा घुसा दे बहुत दिन हो गए 2 लंड से एक साथ नही चुदी ।
मै उसकी गांड की छेद पे लंड लगाया ओर एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया फिर मै औरत को बोला - माँ तेरी तो गंड भी ढीली है

20250417-081601
औरत - बेटा रोज ही तो चुदवाती हु ढीला तो होगा ही ।
मै - कब चुदवाती हो मै भी तो यही रहता हु
औरत - तेरे सोने के बाद दसों मर्द हम 6 औरते को बुर गंड मुहँ सब चोदते है
मर्द - हाँ बेटा तेरे सोने के बाद यहाँ चुदाई का खेल चलता है तभी तो हुमए बीबी की कमी महसूस नहीं होती ।
औरत - देख तेरी 6 माओ का बुर का भोंसड़ा ओर गंड का गोदाम बना दिया है इन कमीनों ने ।

20250612-211712
मर्द - बेटा तू भी चोद 6 माँ यानि 12 छेद है चोद जिसे चोदना है ।
मै - हाँ माँ रोज चोदूँगा ओर इतनी कामुक बात होने के बाद मेरा ओर चाचा का माल निकाल जाता है । फिर हम तीनों कपड़े ठीक कर के वापस रूम मे चले जाते है ।

20250417 062333 1
फिर वही दिनचर्या चलता है

आगे की कहानी दूसरे दिन ......
Nice start bro
 

tera hero

Active Member
804
2,103
124
ये कहानी एक रंडीखान से शुरू होती है , एक औरत जिसका नामे रेखा था जो ज्यादा पैसे के लालच मे बिना कोंडोम से चुदवाती रही , आन्ततः वही हुआ जिस डर था , वो पेट से हो गई वहाँ के मालिक थी वो बोली की बच्चा गिरा दो । पर रेखा बच्चे को जन्म देना चाहती थी और हुआ भी यही 9 महीने पेट मे रखी फिर बच्चे को जन्म दी और उसका नाम मोहन रखी , फिर से जिंदगी पहले के तरह ही चलने लागि ,

धंधा फिर से सुरू कर दी थी ये सब उसका रोज का था पर वो अपने बच्चे को अच्छी जिंदगी देना चाहती थी पर वो करे भी तो क्या वो नहीं चाहती थी उसका बेटा जाने उसकी माँ क्या करती है पर कोई भी मोहन को नाम से ना बुलाकर रंडी का बेटा बुलाते थी , ये रेखा को बहुत खराब लगती थी फिर किसी ने उससे बोला पास मे एक अनाथालय है वह डाल दे , ओर रेखा को ये सही लगा अपने से दूर करना नहीं चाहती थी पर एक अच्छे भविष्य के लिए करना पड़ा ।

मोहन 18 साल तक वही अनाथालय मे ही रहा अपनी 12 वी तक की पढ़ाई भी अनाथालय वाले ने ही कारवाई वो यही जनता था की उसका इस दुनिया मे कोई नहीं है । 18 साल होते ही अनाथालय वालों ने उसे फ्री कर दिया काही भी जा सकता है वो एक आच्छा लड़का था पढ़ाई लिखाई , खेल कूद , खान पीना किसी भी तरह का कोई गलत काम नहीं करता था , खेल कूद के कारण उसका सरीर काफी कठोर ओर कद काठी भी अच्छी थी 5 फुट 9 इंच और उसका लंड जो 9 इंच का था ।

20250401-140524

अनाथालय से बाहर निकलने के बाद एक छोटा सा गोदाम मे काम मिली जहां 10 आदमी थे जो बोरी को गाड़ी मे चढ़ना ओर उतारने का काम करते the और 6 औरते थी जो झाड़ू पोंछा खान पीना का ध्यान रखती थी रहने का भी वही व्यवस्था था 2 रूम बड़े बड़े एक रूम मे मर्द रहते थे दूसरे मे औरते हगने मूतने के लिए एक छोटा सा रूम बना हुआ था पर दरवाजे के जगह एक सारी का पर्दा बनाया हुआ था जो इतना पतला था की अंदर कोन बैठा है क्या कर रहा है सब दिखता था सिर्फ नाम का पर्दा था हल्की सी हवा मे भी उरते रहता था ।

3d5ea32a-7ae4-4189-95c8-84973ceb286d
गोदाम चारों तरफ से ऊंची दीवाल से घिरा हुआ था , मै भी वही काम करने लगा 9 से 5 बजे तक दिन मे बोरी उतरता ओर रात मे 8 बजे खाने के बाद 10 बजे तक पढ़ाई करता और फिर सो जाता । पर और सब लोग देर से खान खाते थे दारू सब भी पीते थे ।

धीरे धीरे मै भी वहाँ घुल मिल गया सभी मर्द से जो उम्र मे मेरे से ज्यादा थे 35 से 45 तक के थे हसी मजाक, गली गलोज, दारू पीना , चुदाई की बातें करना ये सब अब यहाँ पे आम बातें हो गई थी सभी मजदूर बाहर के रहने वाले थे अपने बीबी बच्चे से दूर महीने के आखरी मे पैसा भेज देते थे ।
और वह की औरते से भी घुल मिल गया था ये सब औरते भी कुछ कम नहीं थी गंदी गंदी बातें करना किसी को भी कुछ भी बोल देती थी जब बैठती थी तो दोनों पैर फैला के ओर थोड़ा मोर के बैठ जाती ये भी नहीं सोचती सामने कोण है मर्द तो सभी आँखें सेकते थे ओर मै भी भला देखता क्यू नहीं झांट से भारी हुई कला स भोंसड़ा जो दिखता था ।

20250405 140519
कुछ मर्द तो वही सब के सामने ही लंड निकाल के हिलाने लगते थी और ये सब देख के औरते और भी खुश होती ओर गली भी देती सारी ऊपर कर के अपना बुर भी दिखती बोलती "ले देख ले अपनी माँ का भोंसड़ा मधारचोद रंडी के औलाद इस बार छुट्टी मे जाएगा तो माँ का बुर चोद के आना " ये सब तो दिन भर का था । एसही दिन कटता गया अब मै भी ज्यादा खुल गया था ।
एक दिन की बात मै सुबह 5 बजे उठा मुझे पेशाब लगी थी जब मै बाथरूम मे पास गया तो सारी के परदे से देखा तो कोई अंदर था मै ज्यादा ध्यान नहीं दिया ओर वही एक तरफ बैठ गया निकलने का इंतजार करने लगा । 5 मिनट बैठा ही था की किसी की सिसकियाँ की आवाज़ें आने लगी थी जब मै ध्यान दिया तो बाथरूम से आ रही थी मै धीरे धीरे दबे पाव आगे गया ओर थोड़ी सी पर्दा हटाया की मेरे मुह के सामने ही एक औरत का मुह थी ओर उसने मुझे देख लिया जब मै ध्यान से देखा तो पता चल औरत खड़ी थी पैर फैले हुए थे और सारी कमर तक उठी हुई थी एक आदमी जो औरत के पीछे था वो कमर हिल रहा था ।

20250723 223026
औरत मुझे देखते ही बोली - तू यहाँ क्या कर रहा है ओर सिसकियाँ लेती रही ।
मै - मै तो पेशाब करने आया था आप यह क्या कर रही हो और ये चाचा पीछे क्या कर रहे है इतनी छोटी सी बाथरूम में ।
पीछे से मर्द - अरे बेटा आया तो मै भी पेशाब करने ही था पर ये साली अपनी गंड खोल के हग रही थी इतनी बड़ी गंड देख के रहा नहीं गया ओर साली के बुर मे लोड़ा पेल दिया
ये सब सुन के ओर देख के मेरा भी लोड खड़ा हो गया था ओर तोलिया से बाहर आ गया
औरत मेरा लंड देख के - देख इस मधारचोद का भी खड़ा हो गया
पीछे से मर्द- इसका भी चूस ले रंडी , बेटा देख क्या रहा है मुह मे पेल रंडी को
मै इतना सुनते ही अपना लंड उसके मुह मे घुस दिया ओर आगे पीछे करने लगा 5 मिनट मुह चोदने के पीछे वाला आदमी सीधा खड़ा हुआ ओर बोल आ बेटा अब तू चोद ले इसको
फिर मै पीछे गया ओर औरत की बुर देखा उसकी बुर पूरा खुला हुआ था ओर उसमे से चाचा ओर औरते का माल निकाल रहा था मै उसके माल निकलने भी नहीं दिया उसके बुर मे अपना लंड घुस दिया सट से घुस गया ओर अपना 9 इंच के लंड से औरत को पेलने लगा ओर वो औरत मर्द का लाँड़ चूसने लागि

Screenshot 2026 03 16 143510

20250408 234752
औरत - सिसकियाँ लेते हुए देख केसे अपनी माँ की उम्र की औरत चोद रहा है ।
मै - मेरी माँ नहीं है ।
मर्द- आर बेटा सब तेरी माँ ही है सब को माँ समझ ।
औरत - हा बेटा माँ ही समझ
मै - कौन बेटा अपनी माँ चोदता होगा ।
मर्द - बेटा चोदना तो सभी चाहते पर समाज के डर से नहीं चोद पाते, मै खुद अपनी माँ को खेत मे जबरदस्ती चोदता था ओर गंड भी मारता था पहले माना करती थी फिर उछाल उछाल के मरवाती थी।
मै - आपको डर नहीं लगता था खेत में कोई देख लेता तो
मर्द- देख लेता तो देख लेता गाँव मे ये सब आम बातें है । देख माँ की बातें करते ही लंड खड़ा हो गया ।
बेटा थोड़ा रुक
फिर मै लोड़ा बुर से निकाल के खड़ा हो गया चाचा औरत को गोद मे उठाया ओर बुर मे लंड पेल दिया ओर बोले तू भी घुस दे ।
मै - कहाँ घुसाऊ बुर मे तो आपने पेल दिया ।
मर्द - अरे एक और छेद नहीं दिख रहा क्या वहाँ घुसा ओर भी मज़ा आएगा ।
औरत - हाँ बेटा घुसा दे बहुत दिन हो गए 2 लंड से एक साथ नही चुदी ।
मै उसकी गांड की छेद पे लंड लगाया ओर एक झटके मे पूरा लंड अंदर चला गया फिर मै औरत को बोला - माँ तेरी तो गंड भी ढीली है

20250417-081601
औरत - बेटा रोज ही तो चुदवाती हु ढीला तो होगा ही ।
मै - कब चुदवाती हो मै भी तो यही रहता हु
औरत - तेरे सोने के बाद दसों मर्द हम 6 औरते को बुर गंड मुहँ सब चोदते है
मर्द - हाँ बेटा तेरे सोने के बाद यहाँ चुदाई का खेल चलता है तभी तो हुमए बीबी की कमी महसूस नहीं होती ।
औरत - देख तेरी 6 माओ का बुर का भोंसड़ा ओर गंड का गोदाम बना दिया है इन कमीनों ने ।

20250612-211712
मर्द - बेटा तू भी चोद 6 माँ यानि 12 छेद है चोद जिसे चोदना है ।
मै - हाँ माँ रोज चोदूँगा ओर इतनी कामुक बात होने के बाद मेरा ओर चाचा का माल निकाल जाता है । फिर हम तीनों कपड़े ठीक कर के वापस रूम मे चले जाते है ।

20250417 062333 1
फिर वही दिनचर्या चलता है

आगे की कहानी दूसरे दिन ......
Nice story bro daily update dena
 
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories
Top