malikarman
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Nice updateमैंने लिफ्ट का बटन बहुत जल्दी-जल्दी दबाया, बार-बार, जैसे कोई और सेकंड बर्दाश्त न हो।मुझे वेट नहीं हो पा रहा था, इम्पेशेंटली नेहा का हाथ थामे खड़ा था, उसकी हथेली मेरी पसीने से गीली हो रही थी, लेकिन वो मुस्कुरा रही थी—एक नरम, शरारती स्माइल, जैसे वो मेरी इस बेचैनी का मजा ले रही हो।
उसने कभी मुझे इतना ईगर नहीं देखा था, उसकी आँखों में चमक थी, जैसे वो जानती हो कि मेरे अंदर क्या तूफान चल रहा है।रूम चौथी मंजिल पर था, और मैं सारे सीन से थक चुका था—लॉबी के वो घूरते चेहरे, वो गॉसिप, वो विंक—सब कुछ मेरे दिमाग में घूम रहा था, लेकिन अब सिर्फ एक ही चीज चाहिए थी: नेहा को अकेले पकड़ना।
लिफ्ट अभी भी नहीं आई, और मैं सोचने लगा—क्या इंतजार करूँ या नेहा को हाथ पकड़कर सीढ़ियों से भाग जाऊँ?मेरा दिल इतनी तेज़ धड़क रहा था कि सीढ़ियाँ चढ़ने की थकान भी महसूस नहीं हो रही थी, बस वो इच्छा थी कि जितनी जल्दी हो सके, दरवाजा बंद करूँ और उसकी साँसों की गर्मी महसूस करूँ।
नेहा ने मेरी उँगलियों को हल्का सा दबाया, जैसे कह रही हो—“जल्दी करो, मैं भी तैयार हूँ।”मैंने फैसला कर लिया—लिफ्ट का इंतजार नहीं, सीढ़ियाँ ही सही, और नेहा का हाथ थामे मैं तेज़ कदमों से सीढ़ियों की तरफ बढ़ा .
हम लिफ्ट के पास खड़े रहे, मैंने सीढ़ियों का प्लान छोड़ दिया क्योंकि लिफ्ट तीसरी मंजिल पर रुकी हुई थी और अब नीचे की तरफ मूव करना शुरू कर दी थी।मैंने फैसला किया कि वेट कर लूँ, नेहा का हाथ अभी भी मेरी मुट्ठी में था, उसकी उँगलियाँ हल्के-हल्के मेरी हथेली पर खेल रही थीं, जैसे वो मेरी बेचैनी को और बढ़ा रही हो।
तभी रिसेप्शन से एक जोरदार “हायyyyy” की आवाज़ आई, इतनी तेज़ और चंचल कि मेरी नज़र खुद-ब-खुद वहाँ चली गई।एक बहुत अट्रैक्टिव यंग लड़की, करीब 25 की उम्र की, हाई हील्स में तेज़ कदमों से आ रही थी—बहुत छोटी स्कर्ट, जो हर स्टेप पर ऊपर सरक रही थी, और टाइट टैंक टॉप जो उसके कर्व्स को परफेक्टली हाइलाइट कर रहा था, उसके बाल खुले, होंठों पर ब्राइट लिपस्टिक, और वो कॉन्फिडेंस जो हवा में महसूस हो रहा था।
वो उसी बूढ़े आदमी की तरफ जा रही थी जिसने पहले नेहा से बात की थी, दोनों हाथ मिलाने वाले थे, उसकी स्माइल में कुछ शरारत थी, जैसे कोई पुराना खेल फिर शुरू होने वाला हो।मैं एक सेकंड के लिए रुक गया, वो लड़की का ग्लिम्प्स लेने की कोशिश कर रहा था—उसकी स्कर्ट का हेम, टैंक टॉप से झलकती स्किन, हाई हील्स की क्लिक-क्लिक—लेकिन तभी लिफ्ट का “टिंग” हुआ, दरवाज़ा खुल गया।
मेरा दिमाग दो हिस्सों में बँट गया—एक तरफ वो सेक्सी गर्ल का सीन देखने की इच्छा, दूसरी तरफ नेहा को रूम में ले जाकर सब कुछ अनलीश करने की जलन।मैंने नेहा का हाथ और सख्ती से पकड़ा, उसकी तरफ देखा—उसकी आँखों में वही चमक थी, जैसे वो कह रही हो “चलो, अब बस रूम ही चाहिए”—और मैंने वो ग्लिम्प्स छोड़ दिया, लिफ्ट में घुस गया।
लिफ्ट ऊपर चढ़ रही थी, मेरी साँसें अभी भी तेज़, नेहा मेरे बगल में खड़ी थी, उसकी बॉडी की गर्मी मुझे छू रही थी।चौथी मंजिल पर दरवाज़ा खुला, मैंने नेहा को अंदर खींचा, चाबी लगाई, और दरवाज़ा बंद करते ही वो सारी दुनिया बाहर रह गई—अब सिर्फ हम दोनों, और वो तनाव जो अब फूटने को तैयार था।
रूम में घुसते ही मैंने चारों तरफ नज़र दौड़ाई, हर कोने को स्कैन करते हुए—क्या कोई ट्रेस है?वेटर ने क्या किया होगा? नेहा की यूज़्ड ब्रा और पैंटी कहाँ रखी होगी? शायद छिपाकर, या खेल-खेल में कुछ किया होगा... लेकिन सब कुछ परफेक्टली नीट एंड क्लीन था, जैसे हम पहली बार किसी फ्रेश रूम में एंटर कर रहे हों।
बेडशीट्स क्रिस्प, तौलिए फोल्डेड, फ्लोर स्पॉटलेस—कुछ भी सस्पिशियस नहीं, कोई गंध नहीं, कोई निशान नहीं।मुझे रिलीव्ड होना चाहिए था, खुश होना चाहिए था... लेकिन इसके बजाय एक हल्की सी डिसअपॉइंटमेंट महसूस हुई, जैसे कोई उम्मीद टूट गई हो।
मैं इतना ईगर था रूम में आने का—नेहा के कपड़े फाड़कर उतारने का, आज लव नहीं, हार्ड फक करने का प्लान था, रफ, इंटेंस, बिना रुकावट के।लेकिन अब वो सारी एक्साइटमेंट जैसे हवा में उड़ गई, बॉडी में वो आग ठंडी पड़ रही थी, साँसें अभी भी तेज़ लेकिन वो जलन कम हो गई।
नेहा ने दरवाज़ा बंद किया, मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा, उसकी आँखों में अभी भी वही चमक थी।मैं बिस्तर पर बैठ गया, हाथों में सिर थामे—क्या हुआ? वो सारे सीन, वो घूरती नज़रें, वो गॉसिप... सब कुछ बाहर रह गया, और अब ये खाली, परफेक्ट रूम मुझे और खाली सा लगा।
फिर भी, नेहा मेरे पास आई, उसने मेरी कमर पर हाथ रखा, धीरे से मेरे कान में फुसफुसाई—“क्या हुआ? अभी भी उतना ही गर्म हो?”उसकी साँस मेरे गले पर लगी
नेहा ने धीरे से अपना हाथ मेरे क्रॉच एरिया पर रखा, उँगलियाँ हल्के से दबाकर मेरे लुंड की हार्डनेस चेक करने लगी... लेकिन वो सॉफ्ट था, पूरी तरह ढीला।उसने मुझे हैरानी से देखा, आँखें थोड़ी बड़ी हो गईं, जैसे कोई अनजाना सवाल उसके मन में आ गया हो।
"ये तो पब्लिक में इतना हार्ड था... लोग देख भी सकते थे... इतना टाइट... कार में भी, लॉबी में भी... अब क्या हो गया?"उसकी आवाज़ में मिक्स्ड सरप्राइज और थोड़ी चिंता थी, लेकिन आँखों में अभी भी वो शरारती चमक बाकी थी।
मैंने कुछ नहीं कहा, बस चुपचाप कंधे उचकाए, चेहरा बनाया जैसे मुझे खुद नहीं पता क्या हुआ।दिमाग में वो सारे सीन घूम रहे थे—घूरती नज़रें, गॉसिप, वो विंक—लेकिन अब वो आग कहीं ठंडी पड़ गई थी, जैसे सब कुछ बाहर ही रह गया।
नेहा ने हल्के से मुस्कुराया, फिर कहा, "इट्स ओके... मैं इसे फिर से हार्ड कर दूँगी।"उसने पहले मेरी जींस का बटन खोला, ज़िप नीचे की, और एक झटके में जींस और अंडरवियर दोनों को नीचे सरका दिया—मेरा लुंड हवा में बाहर आ गया, एवरेज साइज़, एवरेज मोटाई का, नॉर्मल, जैसा मैं जानता हूँ कि बहुत से लड़कों के पास इम्प्रेसिव साइज़ होते हैं, लेकिन मेरा बस एवरेज है, जैसा मैंने रियल लाइफ में देखा है।
वो मेरे सामने घुटनों पर बैठ गई, उसकी साँसें मेरे लुंड पर लग रही थीं, गर्म और नरम।उसने धीरे से हाथ में लिया, हल्के से सहलाया, जैसे कह रही हो—अभी सब ठीक हो जाएगा, बस थोड़ा टाइम दो।
मैं बेड पर बैठा था, पीठ तकिए से टिकी हुई, और नेहा मेरे सामने घुटनों पर थी—उसने धीरे से अपना टॉप उतारा, एक झटके में ऊपर से निकाला और ज़मीन पर फेंक दिया।वो लाल ब्रा में खड़ी थी, जैसे कोई देवी—उसकी स्किन की चमक, ब्रा के लेस से झलकते उभार, और वो कॉन्फिडेंट लुक जो मुझे हमेशा पागल कर देता था।
मैंने कॉलेज में कुछ अफेयर्स किए थे, लेकिन नेहा जैसी औरत कभी नहीं देखी—वो कभी हिचकिचाती नहीं, ब्लोजॉब देने में बिल्कुल नेचुरल, जैसे ये उसकी आदत हो।पहली बार से ही, वो वर्जिन थी या नहीं, मैं नहीं जानता, लेकिन उसने कभी नहीं बताया कि इतना अच्छा कैसे सक्शन करती है—बस करती रहती है, और मैं बस देखता रह जाता हूँ।
उसने मेरे लुंड को हाथ में लिया, पहले नाक से पास ले जाकर सूँघा, गहरी साँस खींची।"आह्ह... मैं तुम्हारी ये खुशबू बहुत पसंद करती हूँ," उसने कहा, आँखें बंद करके, "सिगरेट जला ... बस लेट जाओ और किंग की तरह एंजॉय करो।"
उसकी साँसें मेरे लुंड पर गर्म-गर्म लग रही थीं, वो धीरे-धीरे जीभ से टिप को छू रही थी, हल्के-हल्के चाटते हुए।मेरा लुंड अब फिर से सख्त होने लगा, वो सॉफ्टनेस धीरे-धीरे गायब हो रही थी—नेहा की आवाज़, उसकी खुशबू, उसका टच सब कुछ वापस जगा रहा था।
उत्तेजना में मेरा लुंड उसके मुँह में गहराई तक चला गया, एक झटके में, जैसे कोई रोक-टोक न हो।एक हाथ में लाइट सिगरेट थी, धुआँ हवा में घुल रहा था, और दूसरे हाथ से मैंने उसके बाल पकड़कर सख्ती से खींचे, उसे और गहराई तक धकेलते हुए—डीप, और डीप, बिना सोचे कि वो कितनी असहज हो रही होगी।
ये पहली बार था... मैं इतना सेल्फिश था, शादी के इस छोटे से समय में पहली बार।मैंने उसकी असुविधा पर ध्यान नहीं दिया, बस अपना प्लेजर, अपना कंट्रोल—उसे फोर्स कर रहा था, जैसे वो मेरी प्रॉपर्टी हो।
लेकिन नेहा ने कोई हिचक नहीं दिखाई, कोई विरोध नहीं।वो रियल स्लेव की तरह एक्ट कर रही थी—आँखें बंद, मुँह पूरी तरह भरा हुआ, मेरी हर पुश को बिना रुके सहन करते हुए, जैसे ये उसकी ड्यूटी हो।
मेरा लुंड उसके गले तक पहुँच गया था, उसकी नाक मेरे लोअर एब्डोमेन को छू रही थी, साँसें तेज़ और गर्म।मैंने नीचे देखा—उसके चेहरे पर वो एक्सप्रेशन, वो सरेंडर—और अचानक बोला, "आँखें खोलो... और मुझे देखो।"
ये मेरे लिए भी शॉक था।हम कभी सेक्स के दौरान इतने वोकल नहीं थे, कभी कमांड नहीं दी, कभी ऑर्डर नहीं—लेकिन आज कुछ अलग था, जैसे वो सारी रोक-टोक टूट गई हो।
नेहा ने धीरे से आँखें खोलीं, उसकी पुतलियाँ मेरी तरफ उठीं—वो नज़रें, वो वेटिंग, वो सबमिशन।उसकी आँखों में आँसू थे, लेकिन कोई शिकायत नहीं—बस एक गहरा, साइलेंट "आई एम युअर्स"।
मैंने सिगरेट का एक कश लिया, धुआँ उसके चेहरे पर छोड़ा, और फिर बाल खींचकर उसे और गहराई में धकेला।वो चोक हुई, लेकिन रुकी नहीं—बस मेरी आँखों में देखती रही, जैसे कह रही हो कि जितना चाहो, उतना कर लो।
अब वो पुरानी वाली आग फिर से भड़क रही थी, और ज्यादा इंटेंस, ज्यादा रफ।मैं जानता था कि आज रात ये सिर्फ शुरुआत है—बाकी सब कुछ और गहरा, और ज्यादा वाइल्ड होने वाला था।
जब मैंने उसे छोड़ा, तो नेहा गहरी-गहरी साँसें ले रही थी, खाँसते हुए, गले से वो कर्कश आवाज़ निकल रही थी।मैंने उसके बाल नहीं छोड़े, अभी भी मुट्ठी में जकड़े हुए थे—उसकी साँसें तेज़, चेहरा लाल, आँखें नम।
30 सेकंड में वो फिर से होश में आई, धीरे से सिर उठाया और मेरी आँखों में देखने लगी—वो नज़रें, वो सरेंडर, वो गहराई।मैंने सिगरेट उसके होंठों के पास ले जाकर रखी, वो कभी-कभी स्मोक करती थी, लेकिन हमेशा असहज लगती थी, जैसे मजबूरी में।
मुझे नहीं पता स्मोकिंग से औरतें और अट्रैक्टिव क्यों लगती हैं, लेकिन मैं कभी-कभी उसे फोर्स करता था एक-दो ड्रैग लेने को—वो ले लेती, लेकिन कभी कम्फर्टेबल नहीं दिखती।इस बार उसने बिना कुछ कहे सिगरेट ले ली, आँखें मेरी हीं में टिकी हुईं—एक गहरी कश ली, धुआँ फेफड़ों में भरकर धीरे-धीरे बाहर छोड़ा।
इस बार वो इतनी नेचुरल, इतनी कम्फर्टेबल लग रही थी—जैसे पहले वो बस एक्टिंग कर रही थी, और अब असली वाली नेहा सामने है।उसका चेहरा, होंठों पर धुएँ की हल्की सी लेयर, वो सेक्सी लुक—दमदार, गॉडडैम सेक्सी।
उसने फिर मेरे लुंड की तरफ देखा—वो अब पूरी तरह गीला था, उसके थूक से कोटेड, टिप से लेकर बॉल्स तक चमक रहा था।वो और पास आई, नाक मेरे लुंड की बेस पर छू गई, और फिर जीभ से मेरी बॉल्स को क्लीन करने लगी—धीरे-धीरे, चाटते हुए, जैसे वो उनका स्वाद ले रही हो।
मैं स्वर्ग में था—उसकी गर्म जीभ, वो गीली सनसनी, उसके बाल अभी भी मेरे हाथ में, सिगरेट का धुआँ हवा में तैर रहा था।हर टच, हर चाट मेरी बॉडी में बिजली दौड़ा रही थी—अब वो पुरानी आग फिर से भड़क चुकी थी, और ज्यादा तेज़, ज्यादा डीप।
नेहा ने एक बार ऊपर देखा, आँखों में वो चमक, होंठों पर हल्की स्माइल—जैसे कह रही हो, “अभी तो बस शुरुआत है।”मैंने उसके बाल और सख्ती से पकड़े, और उसे फिर से ऊपर खींचा—रात अभी लंबी थी, और मैं जानता था कि आज सब कुछ और वाइल्ड होने वाला है।
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