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दोस्तो ये स्टोरी मेरी पहली स्टोरी का दूसरा पार्ट है । पहली स्टोरी में बहुत सी कमियां थी जिसकी वजह से मुझे उस स्टोरी को बीच में ही रोक कर दूसरा पार्ट शुरू कर रहा हु । इस स्टोरी में उन सभी कमियों को पूरा करने की कोशिश करूंगा ।
Update 01
सोनपुर गांव
सुबह से 9 बज रहे थे सूरज सिर पर चढ़ चुका था । लोग खेतों में जा चुके थे कुछ लोग जा रहे थे । गर्मी का मौसम में सूरज आग उगल रहा था । आसमान में बादलों का कोई नाम निसान नहीं । लोग उम्मीद भरी नजरों से आसमान की ओर देख रहे थे ।
ये है सोनपुर गांव जहां न जायदा लोग ओर न जायदा जमीन । ये गांव एक ऐसी जगह बसा है जहां लोग ज्यादा तर खेती करते है । ये गांव शहर से थोड़ी दूरी पर है जिसके कारण याह के लोग आज भी खेती पर ही अपना जीवन जीते है।
इसी गांव में एक घर में एक लड़का आराम से सो रहा था । खूबसूरत लड़कियों के सपने में खोया था नींद में भी हंस रहा था कि अचानक उसके ऊपर किसी ने पानी डाला । किसके कारण वो हड़बड़ा कर उठता है
लड़का - कौन ,कौन किसने पानी साला मुझे मुझ पर ।
ओर जब अपनी अपनी आंखे खोल कर देखता है तो सामने उसकी मां उसको गुस्से से देख रही थी जिसके कारण उसकी फट जाती है ।
औरत - ओर कौन होगी में हु तेरी मां सूरज सर पर आ चुका है ओर ये लाड साब आराम से सो रहे है ।
लड़का जब अपनी मां को इतने गुस्से में देखता है तो उसकी फट के हाथ में आ जाती ही ।
लड़का जल्दी से उठता है ओर खेतों की ओर भागता है ।
लड़का जल्दी से खेतों में पहुंच कर अपनी कर जोर जोर से सांसे ले रहा था । घर से लेकर खेत तक भागता जो आया था ।
औरत - आज फिर बच गया । सूरज सिर पर आ चुका है ओर ये महाराज आराम से सोए है ना कोई काम न धंधा अरे क्या पड़ा है इस खेती में गुजारा भी मुश्किल से होता है । लेकिन मेरी सुनता कौन है बाप को तो कुछ लेना देना है नहीं पी कर पड़ा होगा कही नाली में ।
लड़का अपनी सांसे सही कर रहा था कि पीछे से - लगता है आज फिर से लेट उठा है तू
लड़का - तुझे कैसे पता चला ।
लड़के का दोस्त - अरे यार पूरे रास्ते तू दौड़ता हुआ आया है । ओर तू जब भी ऐसा दौड़ता है है तो मुझे क्या पूरे गांव को पता है कि आज तू लेट उठा है ।
लड़का - यार दौड़ता नहीं तो आज मेरी मां मेरी मुझे डंडे से मारती ।
लड़के का दोस्त - हंस कर यार वैसे तू आंटी से डरता बहुत है । आज तक उन्होंने तुझे कभी मारा है ।
लड़का - यार मारा तो नहीं है लेकिन जब मैं मां को गुस्से में देखता हु तो मेरी फट जाती है
लड़के का दोस्त - देख राजू आंटी जितना तुझ पर गुस्सा करती है उतना तुझे प्यार भी तो करती है ।
लड़का - यार प्यार का तो पता नहीं लेकिन भाई की सादी के बाद मेरी क्लास हर रोज लगती है ।
लड़के का दोस्त जोर जोर से हंसने लगता है
लड़का - यार तुझे हंसी आ रही है ओर मेरी यहां गाड़ फट रही है ।
लड़के का दोस्त - यार हँसू ना तो क्या करूं सादी तो तेरी भाई की हुई मजे वो कर रहा है ओर तू यहां खेतों में पानी दे रहा है । वैसे यार एक बात बता आंटी तुझ पर इतना गुस्सा क्यों करती है । पहले तो तुझ पर इतना गुस्सा नहीं करती थी अब ऐसा क्या हो गया ।
लड़का - यार क्या बताऊं तुझे तो पता कि भाई की सादी हमने कितनी मुश्किल से की थी । भाई जब शहर में नौकरी करने लगे तो मा को लगा कि सादी के पैसे भाई अपनी तनख़ा से पैसे चुका देंगे और हमने पैसे उधर ले कर भाई की सादी कर दी ओर भाई सादी होने के बाद अलग हो गए ओर अब वो सब पैसे मुझे देने पड़ रहे है ।
लड़के का दोस्त - हु ये बात है वैसे तेरे भाई ने किया तो बहुत गलत ।
लड़का - अब क्या कर सकते है यार वैसे कोई काम बता ना यार शहर में ।
लड़के का दोस्त - शहर में आंटी जाने देंगी तुझे
लड़का - मा को मै मना लूंगा । तू बस काम बता कोई है तो ।
लड़के का दोस्त - हा काम तो है गैरिज में एक घंटे के 300 रुपए देगा । अगर काम अच्छा लगा तो 500 रुपए भी दे सकता है । अब तेरे ऊपर है कि तू काम कैसा करता है
लड़का - नहीं यार काम में अच्छा ही करूंगा तुझे तो पता है कि मुझे मशीनों को सही करने में मजा आता है ।
लड़के का दोस्त - हा ये बात तो है । चल तू खेतों में पानी दे मै तुझे कल ले चलूंगा काम पर ।
Family Introduction
घर में कुल तीन लोग रहते है
Father - subhas (52)
सारा दिन दारू पी कर गांव में पड़े रहते है । कोई काम धंधा नहीं करते । बाद इतना कमाते है कि रात को पीने का जुगाड हो जाए ।
मा - सिला (43 )

बहुत ही सुन्दर है ओर गांड़ का तो कहना ही क्या जब चलती है तो लोगों के मुंह में पानी आ जाता है ।
राकेश - ये है हमारे हीरो का बड़ा भी दारू पीना रण्डी खाने जाने सब करते है सादी हो के बाद भी । जब सिला ने बहुत रोका तो गुस्से में आ कर अलग हो गया ।
राकेश की पत्नी - मधु (27 )

अपनी सास की तरह बहुत ही सेक्सी ही गांड़ बूब्स ओर कमर का तो कहना ही क्या ।
ओर आखिर में आता है हमारा।
राजू - 20
रंग गोरा है अपनी मां की तरह शरीर एक दम मजबूत है । खेतों में सारा दिन काम करता है ।मशीनों से बहुत लगाव है खराब चीजों को सही करने में इसको इस अलग ही मजा आता है
सिला - जल्दी जल्दी खेतों की ओर आ रही थी । आज बहुत देर हो गई मेरा राजू भूखा होगा । सुबह मैने ही उसे डांटा था । लेकिन क्या करूं उधर भी तो चुकाना ही । सिला अपने आप से ही बोलती खेतों में पहुंच जाती है ओर राजू को देखती है कि पानी दे रहा ही ।
खेत में काम करने की वजह से राजू पसीने से भीग चुका था ।
दोस्तो आज के लिए इतना ही । बताना कि अपडेट कैसा लगा । इसमें वो गलतियां नहीं होगी। जो पहली वाली स्टोरी में हुई में हुई थी । हो सकता है कि अपडेट छोटा लगे लेकिन काम से थोड़ा बाहर हु अगली बार सही बड़ा अपडेट आएगा

Update 01
सोनपुर गांव
सुबह से 9 बज रहे थे सूरज सिर पर चढ़ चुका था । लोग खेतों में जा चुके थे कुछ लोग जा रहे थे । गर्मी का मौसम में सूरज आग उगल रहा था । आसमान में बादलों का कोई नाम निसान नहीं । लोग उम्मीद भरी नजरों से आसमान की ओर देख रहे थे ।
ये है सोनपुर गांव जहां न जायदा लोग ओर न जायदा जमीन । ये गांव एक ऐसी जगह बसा है जहां लोग ज्यादा तर खेती करते है । ये गांव शहर से थोड़ी दूरी पर है जिसके कारण याह के लोग आज भी खेती पर ही अपना जीवन जीते है।
इसी गांव में एक घर में एक लड़का आराम से सो रहा था । खूबसूरत लड़कियों के सपने में खोया था नींद में भी हंस रहा था कि अचानक उसके ऊपर किसी ने पानी डाला । किसके कारण वो हड़बड़ा कर उठता है
लड़का - कौन ,कौन किसने पानी साला मुझे मुझ पर ।
ओर जब अपनी अपनी आंखे खोल कर देखता है तो सामने उसकी मां उसको गुस्से से देख रही थी जिसके कारण उसकी फट जाती है ।
औरत - ओर कौन होगी में हु तेरी मां सूरज सर पर आ चुका है ओर ये लाड साब आराम से सो रहे है ।
लड़का जब अपनी मां को इतने गुस्से में देखता है तो उसकी फट के हाथ में आ जाती ही ।
लड़का जल्दी से उठता है ओर खेतों की ओर भागता है ।
लड़का जल्दी से खेतों में पहुंच कर अपनी कर जोर जोर से सांसे ले रहा था । घर से लेकर खेत तक भागता जो आया था ।
औरत - आज फिर बच गया । सूरज सिर पर आ चुका है ओर ये महाराज आराम से सोए है ना कोई काम न धंधा अरे क्या पड़ा है इस खेती में गुजारा भी मुश्किल से होता है । लेकिन मेरी सुनता कौन है बाप को तो कुछ लेना देना है नहीं पी कर पड़ा होगा कही नाली में ।
लड़का अपनी सांसे सही कर रहा था कि पीछे से - लगता है आज फिर से लेट उठा है तू
लड़का - तुझे कैसे पता चला ।
लड़के का दोस्त - अरे यार पूरे रास्ते तू दौड़ता हुआ आया है । ओर तू जब भी ऐसा दौड़ता है है तो मुझे क्या पूरे गांव को पता है कि आज तू लेट उठा है ।
लड़का - यार दौड़ता नहीं तो आज मेरी मां मेरी मुझे डंडे से मारती ।
लड़के का दोस्त - हंस कर यार वैसे तू आंटी से डरता बहुत है । आज तक उन्होंने तुझे कभी मारा है ।
लड़का - यार मारा तो नहीं है लेकिन जब मैं मां को गुस्से में देखता हु तो मेरी फट जाती है
लड़के का दोस्त - देख राजू आंटी जितना तुझ पर गुस्सा करती है उतना तुझे प्यार भी तो करती है ।
लड़का - यार प्यार का तो पता नहीं लेकिन भाई की सादी के बाद मेरी क्लास हर रोज लगती है ।
लड़के का दोस्त जोर जोर से हंसने लगता है
लड़का - यार तुझे हंसी आ रही है ओर मेरी यहां गाड़ फट रही है ।
लड़के का दोस्त - यार हँसू ना तो क्या करूं सादी तो तेरी भाई की हुई मजे वो कर रहा है ओर तू यहां खेतों में पानी दे रहा है । वैसे यार एक बात बता आंटी तुझ पर इतना गुस्सा क्यों करती है । पहले तो तुझ पर इतना गुस्सा नहीं करती थी अब ऐसा क्या हो गया ।
लड़का - यार क्या बताऊं तुझे तो पता कि भाई की सादी हमने कितनी मुश्किल से की थी । भाई जब शहर में नौकरी करने लगे तो मा को लगा कि सादी के पैसे भाई अपनी तनख़ा से पैसे चुका देंगे और हमने पैसे उधर ले कर भाई की सादी कर दी ओर भाई सादी होने के बाद अलग हो गए ओर अब वो सब पैसे मुझे देने पड़ रहे है ।
लड़के का दोस्त - हु ये बात है वैसे तेरे भाई ने किया तो बहुत गलत ।
लड़का - अब क्या कर सकते है यार वैसे कोई काम बता ना यार शहर में ।
लड़के का दोस्त - शहर में आंटी जाने देंगी तुझे
लड़का - मा को मै मना लूंगा । तू बस काम बता कोई है तो ।
लड़के का दोस्त - हा काम तो है गैरिज में एक घंटे के 300 रुपए देगा । अगर काम अच्छा लगा तो 500 रुपए भी दे सकता है । अब तेरे ऊपर है कि तू काम कैसा करता है
लड़का - नहीं यार काम में अच्छा ही करूंगा तुझे तो पता है कि मुझे मशीनों को सही करने में मजा आता है ।
लड़के का दोस्त - हा ये बात तो है । चल तू खेतों में पानी दे मै तुझे कल ले चलूंगा काम पर ।
Family Introduction
घर में कुल तीन लोग रहते है
Father - subhas (52)
सारा दिन दारू पी कर गांव में पड़े रहते है । कोई काम धंधा नहीं करते । बाद इतना कमाते है कि रात को पीने का जुगाड हो जाए ।
मा - सिला (43 )

बहुत ही सुन्दर है ओर गांड़ का तो कहना ही क्या जब चलती है तो लोगों के मुंह में पानी आ जाता है ।
राकेश - ये है हमारे हीरो का बड़ा भी दारू पीना रण्डी खाने जाने सब करते है सादी हो के बाद भी । जब सिला ने बहुत रोका तो गुस्से में आ कर अलग हो गया ।
राकेश की पत्नी - मधु (27 )

अपनी सास की तरह बहुत ही सेक्सी ही गांड़ बूब्स ओर कमर का तो कहना ही क्या ।
ओर आखिर में आता है हमारा।
राजू - 20
रंग गोरा है अपनी मां की तरह शरीर एक दम मजबूत है । खेतों में सारा दिन काम करता है ।मशीनों से बहुत लगाव है खराब चीजों को सही करने में इसको इस अलग ही मजा आता है
सिला - जल्दी जल्दी खेतों की ओर आ रही थी । आज बहुत देर हो गई मेरा राजू भूखा होगा । सुबह मैने ही उसे डांटा था । लेकिन क्या करूं उधर भी तो चुकाना ही । सिला अपने आप से ही बोलती खेतों में पहुंच जाती है ओर राजू को देखती है कि पानी दे रहा ही ।
खेत में काम करने की वजह से राजू पसीने से भीग चुका था ।
दोस्तो आज के लिए इतना ही । बताना कि अपडेट कैसा लगा । इसमें वो गलतियां नहीं होगी। जो पहली वाली स्टोरी में हुई में हुई थी । हो सकता है कि अपडेट छोटा लगे लेकिन काम से थोड़ा बाहर हु अगली बार सही बड़ा अपडेट आएगा