अपडेट 67
हॉगवर्ट्स :
त्यौहार के बाद कॉलेज खुल गए थे, लेकिन अभी भी सारे स्टूडेंट्स वापस नहीं आये थे। दोपहर का समय था, और इस समय लंच ब्रेक चल रहा था। सूरज की हल्की गर्मी और पेड़ों की छाँव में कॉलेज का माहौल शांत था। ‘कमल और माया’ की शादी के कार्ड छप कर आ गए थे। कमल और अजय, दोनों ही अपने शिक्षकों और प्रिंसिपल को विवाह का निमंत्रण पत्र देने के लिए प्रिंसिपल के ऑफिस की ओर बढ़ रहे थे। कमल के हाथ में सुंदर, सुनहरे और लाल रंग से सजे निमंत्रण पत्रों का एक पुलिंदा था, जिस पर माया और कमल के नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखे थे।
अजय इस समय उत्साह से भरा हुआ था, लेकिन कमल के चेहरे पर हल्की घबराहट थी।
कमल, हल्के से मुस्कुराते हुए बोला, “अज्जू, यार मुझे थोड़ा डर लग रहा है। प्रिंसिपल सर और बाकी टीचर्स क्या कहेंगे? चक्कू सर! ... यार कहीं वो ये न कह दें कि मैं बहुत छोटा हूँ शादी के लिए।”
अजय हँसते हुए बोला, “अरे जीजू, आप टेंशन मत लो! यू आर ऐन एडल्ट! कोई बच्चा थोड़े ही हैं!”
बातें करते हुए दोनों प्रिंसिपल के ऑफिस के बाहर पहुँचे। ऑफिस के अंदर प्रिंसिपल शर्मा अपने टेबल पर कुछ कागजात देख रहे थे। शर्मा सर की छवि एक सख़्त मिज़ाज़ वाले टीचर की थी, लेकिन थे वो बहुत दयालु स्वभाव के व्यक्ति। उनके साथ कमल के दो पसंदीदा शिक्षक, शशि मैम (गणित की शिक्षिका) और चक्कू सर (इंग्लिश के शिक्षक), एक अन्य शिक्षिका, रेखा मैम (हाई स्कूल में उन्होंने हिंदी पढ़ाया था) भी मौजूद थे।
कमल ने दरवाजा खटखटाया।
प्रिंसिपल शर्मा ने अंदर से ही गंभीर स्वर में कहा, “कम इन!”
कमल, थोड़ा घबराते हुए बोला, “सर, आई ऍम कमल... और ही इस अजय। व्ही वॉन्टेड अ फ्यू मिनट्स ऑफ़ योर टाइम,”
चक्कू सर ने दोनों को देखा तो मुस्कुराते हुए आश्चर्यजनक रूप से हिंदी में बोले, “अरे कमल! तूम यहाँ? और अजय, तूम भी? व्हाट आर माय टू फ़ेवरिट मस्कटीयर्स डूइंग? आल वेल?”
कमल ने चक्कू सर के ‘एक्सेंट’ पर हल्के से हँसते हुए कहा, “ऑल इस वेल सर!” फिर निमंत्रण पत्र आगे बढ़ाते हुए बोला, “दिस इस द इनविटेशन ऑफ़ माय वेडिंग… आई वुड लव इफ यू कुड बिकम अ पार्ट ऑफ़ दिस मोस्ट इम्पोर्टेन्ट डे ऑफ़ माय लाइफ,”
रेखा मैम ने आश्चर्य से कहा, “शादी? कमल, तुम तो अभी पढ़ ही रहे हो! इतनी जल्दी शादी? कितने साल के हो तुम?”
कमल ने आत्मविश्वास से कहा, “मैम, मैं उन्नीस साल का हूँ।”
प्रिंसिपल शर्मा ने त्योरियाँ चढ़ाते हुए कहा, “उन्नीस साल? कमल, ये उम्र शादी करने की नहीं, पढ़ाई करने और अपना कैरियर बनाने की है। तुम इतनी जल्दी इतना बड़ा फैसला कैसे ले सकते हो? तुमने इसके बारे में अच्छे से सोचा है?”
चक्कू सर ने भी सहमति में सर हिलाते हुए कहा, “बिल्कुल ठीक कह रहे हैं प्रिंसिपल सर! कमल बेटे… इन द पास्ट फ़्यू मंथ्स आई हैव सीन अमेजिंग चेंजेस इन यू! पढ़ने लिखने में तुम्हारा खूब मन लग रहा है। इन फैक्ट, गोईंग बाय योर परफॉरमेंस, यू आर अमंग आवर मेरिटोरियस स्टूडेंट्स! तुम्हें अपने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। शादी तो बाद में भी हो सकती है। शादी कर के तुम्हारी जिम्मेदारियाँ बढ़ जाएंगी।”
कमल ने गहरी साँस लेते हुए कहा, “सर, मैम, मैं आपकी बात समझता हूँ। और मैं ये भी मानता हूँ कि मैं उम्र में छोटा हो सकता हूँ। लेकिन माया... वो मेरे लिए सिर्फ मेरी होने वाली पत्नी ही नहीं, बल्कि मेरी ताकत है। हम दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। शी इस वैरी वाइस एंड रेस्पोंसिबल! वो मुझे कभी मेरे रास्ते से भटकने नहीं देंगी। और मेरे अंदर जो बदलाव हैं, वो उन्ही की बदौलत हैं। उनके ही कारण मुझको ढंग से पढ़ने लिखने की इंस्पिरेशन मिलती है!”
रेखा मैम ने उत्सुकता से कहा, “बहुत अच्छी लड़की प्रतीत होती है तुम्हारी माया!”
कमल ने मुस्कुराते हुए कहा, “बहुत अच्छी हैं! और बहुत समझदार भी। वो हमेशा मुझे मेहनत करने के लिए प्रेरित करती हैं। वो चाहती है कि मैं इंटरमीडिएट में अच्छे नंबरों से… अगर हो सके तो डिस्टिंक्शन से, पास होऊँ। उनके साथ होने से मुझे एक मकसद मिला है। वो मेरे लिए एक पॉजिटिव फोर्स हैं।”
शशि मैम ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “ये तो बहुत अच्छी बात है, कमल। लेकिन शादी एक बहुत बड़ा कदम है। तुम्हारी उम्र में इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी लेना आसान काम नहीं है। मेरी खुद की शादी अभी हाल ही में हुई है। इट इस चैलेंजिंग!”
अजय, इतनी देर में पहली बार सबकी बात काटते हुए बोला, “मैम, माया दीदी मेरी बड़ी बहन है। मैं आपसे कहना चाहता हूँ कि हम दोनों के परिवारों ने इस शादी को पूरी तरह से एक्सेप्ट किया है। कमल और माया दीदी एक-दूसरे के लिए बने हैं। और कमल सही कह रहे हैं… माया दीदी इनको हमेशा सही रास्ते पर रखेंगी!”
शर्मा सर ने गंभीर स्वर में कहा, “फिर भी कमल, उन्नीस साल की उम्र में शादी करना मुझे ठीक नहीं लगता। मैं चाहूँ तो इसकी शिकायत पुलिस में भी कर सकता हूँ। ये चाइल्ड मैरिज के दायरे में आ सकता है।”
अजय, थोड़ा गुस्से भरे लेकिन शांत स्वर में बोला, “सॉरी सर, लेकिन कमल कोई बच्चा नहीं है। ही इस ऐन एडल्ट, नाइनटीन इयर्स ओल्ड! फ़ॉर मेन, द ऐज कुड बी ट्वेंटी वन, लेकिन आप इस बेसिस पर पुलिस और कानून की धमकी नहीं दे सकते। ... कमल और माया दोनों एडल्ट्स हैं और उन दोनों की शादी के लिए हमारे परिवारों की पूरी रज़ामंदी है। अगर आप पुलिस में शिकायत करेंगे, तो आप इस खूबसूरत इवेंट में केवल खटास ही डालेंगे। इससे ज्यादा आपको कुछ हासिल नहीं होगा।”
कमल ने अजय का हाथ पकड़ते हुए शांत स्वर में कहा, “अजय, शांत।” फिर प्रिंसिपल सर की ओर देखते हुए बोला, “सर, मैं समझता हूँ कि आप मेरे भले के लिए चिंतित हैं। लेकिन मैं आपसे विनती करता हूँ कि आप हमें अपना आशीर्वाद दें। माया और मैं एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। हमने शादी करने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है।”
रेखा मैम ने बहुत भावुक हो कर कहा, “कमल, तुम्हारी बातों में सच्चाई और प्रेम झलक रहा है। मैं माया को नहीं जानती, लेकिन तुम्हारे शब्दों से लगता है कि वो बहुत खास लड़की है। … अगर तुम्हारे अंदर आए हुए बदलाव माया के कारण हैं, तो तुम दोनों बच्चों को तुम्हारी शादी पर आशीर्वाद देने मैं ज़रूर आऊँगी!”
शशि मैम ने भी हँसते हुए कहा, “हाँ, कमल। अगर तुम्हारी पत्नी के कारण तुम्हें गणित में डिस्टिंक्शन आती है, तो मैं भी इस शादी का पूरा सपोर्ट करूँगी! बट यू मस्ट प्रॉमिस कि तुम शादी के बाद अपनी पढ़ाई लिखाई में कोई कमी नहीं आने दोगे।”
कमल ने हाथ जोड़ते हुए कहा, “मैम, आई प्रॉमिस! और मैं आप सबको हमारी शादी में देखना चाहता हूँ।”
शर्मा सर ने लंबी साँस लेते हुए कहा, “ठीक है, कमल। आई ऍम इम्प्रेस्सड! मैं तुम्हें और माया को आशीर्वाद देने ज़रूर आऊँगा। लेकिन याद रखना, शादी के बाद जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं। तुम्हें अपने कैरियर और परिवार दोनों को सम्हालना होगा।”
अजय मुस्कुराते हुए बोला, “सर, आप चिंता न करें। माया दीदी और कमल मिलकर सब सम्हाल लेंगे। और हाँ, आप सबको पूरी फ़ैमिली के साथ शादी में आना है।”
रेखा मैम ने हँसते हुए कहा, “अजय हम ज़रूर आएँगे। कमल, हो सके तो माया को कॉलेज लाओ! मैं उससे मिलना चाहूँगी।”
शशि मैम भी बोलीं, “हाँ… मैं भी!”
शर्मा सर ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ, और कमल, अगर तुम इंटरमीडिएट में कॉलेज के टॉप फ़िफ़्टीन स्टूडेंट्स में आए, तो मैं तुम्हें और माया को कॉलेज की तरफ से एक ख़ास तोहफ़ा दूँगा।”
कमल ने बेहद खुश हो कर कहा, “थैंक यू सो मच सर! थैंक यू मैम! आप सबका आशीर्वाद हमारे लिए बहुत मायने रखता है।”
अजय ने उत्साह से कहा, “थैंक यू सर… मैम… ये रहा मेरी बड़ी बहन, माया और कमल की शादी का कार्ड... और ये मेरे बड़े भाई, प्रशांत की शादी का कार्ड!”
“ओह वाओ! थैंक यू कमल! मैनी मैनी हैप्पी न्यूज़ फॉर यू एंड योर फैमिलीज़,”
“यस सर! व्ही विल टेक योर लीव... बाकी दोस्तों को भी इन्वाइट करना है।”
दोनों ने प्रिंसिपल और शिक्षकों को इनविटेशन कार्ड्स दिए और उनके आशीर्वाद लेकर ऑफिस से बाहर निकल आये। कमल के चेहरे पर अब आत्मविश्वास और ख़ुशी के भाव थे। समाज के सामने अपने सम्बन्ध को स्वीकार करना और उसको डिफ़ेंड करने का कमल का पहला अनुभव था।
अजय ने कमल के कंधे पर हाथ रखा और कहा, “देखा न जीजू, मैंने कहा था ना, सब ठीक रहेगा!”
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अजय की रिपोर्ट्स के बारे में बातें करने के लिए अजय और अशोक जी दोनों साथ में वानप्रस्थ हॉस्पिटल गए। किरण जी भी साथ आना चाहती थीं, लेकिन अजय ने ही उनको मना कर दिया यह कह कर कि उसी दिन डॉक्टर ने बताया कि परेशान होने वाली कोई बात नहीं है, और रिपोर्ट में भी वही बात आएगी। मन मसोस कर किरण जी घर में ही रह गईं।
डॉक्टर देशपाण्डे से मुलाक़ात हुई तो बड़ी गर्मजोशी से हुई। उनको देख कर अशोक जी भी समझ गए कि अजय को कोई परेशानी नहीं है - कम से कम कोई ऐसी परेशानी, जिससे उसको ख़तरा हो। उनको रागिनी के बारे में अच्छी तरह से पता था और उनको यह भी समझ में आ रहा था कि अजय की बेहोशी का ट्रिगर रागिनी से उसकी मुलाकात ही थी। लेकिन शायद वो बस एक शॉक ही रहा हो। यही बातें डॉक्टर देशपाण्डे ने भी बताईं - स्कैन में कोई अनहोनी बात नहीं दिखी। अजय का सारा न्यूरल सिस्टम सुचारु रूप से चल रहा था।
उन्होंने फिर से अजय के साथ ‘कोलैबोरेशन’ की बात दोहराई। उस पर अजय ने कहा कि उसको जो भी पता रहेगा, वो उनके साथ ज़रूर शेयर करेगा। इसी अवसर पर अशोक जी ने डॉक्टर देशपाण्डे को माया और प्रशांत के विवाह उत्सवों में सपरिवार आमंत्रित भी किया। उन्होंने कहा कि वो ज़रूर आएँगे और नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद भी देंगे।
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