• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
43,625
79,420
304
Bhut hi badhiya update Bhai
Taufiq ki madad se lal pari ko to aazad kar diya
Dhekte hai baki teeno pari ko kese aazad karte hai
Tofke ke nishane per kisi ko koi shak ho sakta hai kya bhala 😁
Baaki bhi aajaad hogi tabhi to aage badh payenge. Lekin aasaani se nahi. Thanks for your valuable review and support bhai :thanks:
 
  • Like
Reactions: parkas

dhalchandarun

[Death is the most beautiful thing.]
6,468
19,847
174
#182.

चैपटर-2

वसंत ऋतु:
(तिलिस्मा 4.4)

सुयश सहित सभी लोग अब जमीन पर चमक रहे, ग्रीनलैंड के स्थान पर जाकर खड़े हो गये, जहां वसंत ऋतु से इनका सामना होना था।

सभी अब गायब होकर ग्रीनलैंड के एक स्थान पर पहुंच गये। परंतु उस स्थान पर नजर पड़ते ही, सभी बुरी तरह से हैरान हो गये।

वह एक बहुत सुंदर सी घाटी थी। उस स्थान पर पेड़, पर्वत, झील, परियां, तितली, झरना आदि सबकुछ था, जो कि एक प्रकृति की सुंदरता का कारक होता है, परंतु किसी भी चीज में कोई रंग नहीं था, यानि की सभी चीजें 70 के दशक के टेलीविजन की तरह ब्लैक एण्ड व्हाइट थीं।

इस स्थान को देख क्रिस्टी के मुंह से हंसी छूट गई।

“लगता है यह कैश्वर अब हमें किसी पुराने से टेलीविजन के अंदर ले आया है? जहां कि हर चीज का रंग उड़ गया है।” क्रिस्टी ने हंसते हुए कहा।

“मैं तो समझा था कि वसंत ऋतु में सबकुछ खुशनुमा होगा?” ऐलेक्स ने कहा- “पर यहां का तो अंदाज ही निराला लग रहा है।"

अब सबकी नजर उस बड़ी सी घाटी की ओर गई। सभी देखना चाहते थे कि वहां पर क्या-क्या है? और उस द्वार को किस प्रकार पार किया जा सकता है?

उस स्थान पर एक ओर 4 बड़े से ड्रम रखे थे। 3 ड्रम में लाल, नीला और पीला रंग था। एक ड्रम पूरी तरह से खाली था।

उस स्थान पर हवा में, एक 6 फुट का ड्रोन घूम रहा था, जिसके नीचे एक पिंजरा टंगा था और उस पिंजरे में एक परी बैठी थी, जिसने लाल रंग के वस्त्र पहन रखे थे। वह ड्रोन उस पिंजरे को लिये चारो ओर हवा में उड़ रहा था।

दूसरी ओर एक बड़ी सी चट्टान से, एक पानी का झरना गिर रहा था। उस झरने के पानी के एकत्र होने से, नीचे एक सुंदर परंतु छोटी सी झील बन गई थी।

उस झील के बीच में एक सफेद रंग का बड़ा सा लिली का फूल तैर रहा था। उस फूल के ऊपर दूसरा पिंजरा रखा था, जिसमें नीले रंग के वस्त्र पहने एक दूसरी परी बैठी थी।

तीसरा पिंजरा गायब होकर बार-बार अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रहा था। तीसरे पिंजरे में पीले रंग के वस्त्र पहने एक परी बैठी थी।

चौथी परी किसी पिंजरे में नहीं थी, बल्कि हवा में उपस्थित 6 फुट ऊंचे, एक सफेद रंग के हीरे में बंद थी।

उस हीरे के नीचे एक संगमरमर के पत्थर का, 4 फुट का वर्गाकार टुकड़ा जमीन में लगा था। चौथी परी ने हरे रंग के वस्त्र पहने थे।

“यहां के माया जाल को तो देखकर ही समझ में आ रहा है, कि हमें यहां करना क्या है?" जेनिथ ने कहा।

“यह एक घाटी है, जिसके सारे रंगों के लिये ये 4 परियां जिम्मेदार हैं, परंतु किसी ने इन 4 परियों को अलग-अलग जगहों पर कैद कर दिया है?” सुयश ने कहा- “हमें इन सभी परियों को छुड़ाकर, प्रकृति के इन रंगों को भरना होगा।

“सही कहा आपने कैप्टेन।" तौफीक ने कहा- “और जैसे ही हम इन रंगों को प्रकृति में भर देंगे, स्वतः ही प्रकृति पर वसंत ऋतु का प्रभाव हो जायेगा।"

“तो फिर देर ना करते हुए इस द्वार को शुरु करते हैं।” सुयश ने कहा- “पहले लाल रंग का ड्रम रखा है, तो हम पहले लाल रंग की परी को छुड़ाने की कोशिश करते हैं।”

“पर कैप्टेन, हवा में उड़ रहे उस ड्रोन की गति बहुत ज्यादा है, ऐसे में हम उस ड्रोन तक कैसे पहुंच पायेंगे?" ऐलेक्स ने कहा।

ऐलेक्स की बात सुनकर सुयश ध्यान से उस ड्रोन की गति का अध्ययन करने लगा। उस ड्रोन की गति कम से कम 60 किलोमीटर प्रति घंटा के आस-पास थी। ऐसे में उसे पकड़ पाना इतना भी आसान नहीं था।

तभी सुयश की नजर एक ऊंची सी चट्टान की ओर गई। ड्रोन बार-बार घूमते हुए उस चट्टान के पास से गुजर रहा था।

उस चट्टान के नीचे की ओर झील का पानी था। यह देख सुयश के दिमाग में एक युक्ति आ गई।

"हममें से किसी को उस चट्टान पर जाकर खड़ा होना होगा?” सुयश ने चट्टान की ओर इशारा करते हुए कहा और जैसे ही ड्रोन नीचे से निकलेगा, चट्टान से कूदकर उस ड्रोन पर सवार होने की कोशिश करनी होगी। क्यों कि ड्रोन पर लगे पंखे, उसके प्लेटफार्म के नीचे हैं, इसलिए वह पंखे हमें, किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचा सकते। मुझे तो यह तरीका ही आसान लगा क्यों कि अगर कोई नीचे गिर भी गया? तो नीचे झील का पानी होने की वजह से उसे चोट नहीं लगेगी।"

“ठीक है कैप्टेन, तो मैं चट्टान पर जाकर ड्रोन पर कूदने की कोशिश करती हूं।” क्रिस्टी ने स्वयं से आगे आते हुए कहा और सुयश की स्वीकृति पाकर उस चट्टान की ओर बढ़ गई।

कुछ ही पलों में क्रिस्टी चट्टान पर थी। अब क्रिस्टी की नजर पास आ रहे ड्रोन की ओर थी। कुछ देर तक क्रिस्टी ध्यान से ड्रोन को देखती रही और उसकी गति का पूर्ण अंदाजा लगा लेने के बाद, क्रिस्टी ने ड्रोन पर छलांग लगा दी।

एक पल के लिये ऐसा लगा मानो क्रिस्टी का शरीर, किसी सुपरगर्ल की भांति हवा में उड़ रहा हो।
पर जैसे ही ड्रोन इस बार चट्टान के समीप आया, उसकी गति अचानक से बढ़ गई और वह क्रिस्टी के नीचे से, उसे चिढ़ाता हुआ निकल गया।

एक पल के लिये क्रिस्टी की आँखों में आश्चर्य के भाव उभरे, परंतु इससे पहले कि क्रिस्टी ज्यादा आश्चर्य व्यक्त कर पाती, उसका शरीर ‘छपाक' की तेज आवाज करते हुए झील के पानी में आ गिरा।

क्रिस्टी ने पानी में एक डाइव मारी और झील से निकल कर बाहर आ गई।

क्रिस्टी ने सुयश से कुछ बोलने की कोशिश की, पर सुयश हाथ के इशारे से उसे रोकते हुए बोला- “कुछ बोलने की जरुरत नहीं है क्रिस्टी, हम सभी ने देखा कि कैसे ड्रोन की स्पीड एका एक तेज हो गई थी? अब यह साफ हो गया कि यह एक साधारण ड्रोन नहीं, बल्कि एक स्मार्ट ड्रोन है, जो अपने पर आ रहे खतरों को देख, अपने अंदर स्वयं बदलाव कर सकता है।....क्या अब किसी के पास इस ड्रोन को पकड़ने का कोई दूसरा तरीका है?"

"हां कैप्टेन।” इस बार ऐलेक्स ने अपना हाथ उठाते हुए कहा- “मुझे अभी-अभी यहां सामने की ओर कुछ अदृश्य सीढ़ियां बनी दिखाई दीं हैं, ड्रोन उन सीढ़ियों के नीचे से बार-बार निकल रहा है। जिस चट्टान से क्रिस्टी नीचे कूदी, वह चट्टान काफी ऊंचाई पर थी, जिससे क्रिस्टी को ड्रोन को पकड़ने के लिये, काफी पहले कूदना पड़ा था, पर उन सीढ़ियों और ड्रोन के बीच ज्यादा फासला नहीं है, इसलिये मुझे लगता है कि उन सीढ़ियों के माध्यम से आसानी से ड्रोन को पकड़ा जा सकता है?" यह कहकर ऐलेक्स ने एक दिशा की ओर इशारा करते हुए कहा।

“ठीक है ऐलेक्स, तुम भी कोशिश करके देख लो, हो सकता है कि इस तरीके से ही लाल परी के ड्रोन को पकड़ा जा सके?” सुयश ने ऐलेक्स को आज्ञा देते हुए कहा।

सुयश की बात सुन ऐलेक्स उन सीढ़ियों की ओर बढ़ गया। कुछ ही देर में ऐलेक्स उन सीढ़ियों पर चढ़कर, एक ऐसे स्थान पर खड़ा हो गया, जिसके नीचे से ड्रोन बार-बार निकल रहा था।

शैफाली के सिवा बाकी किसी को, अदृश्य सीढ़ियां दिखाई नहीं दे रहीं थीं, पर ऐलक्स को वह सब, अब हवा में एक स्थान पर खड़े देख रहे थे।

ऐलेक्स ने भी क्रिस्टी की ही भांति, ड्रोन की गति का अवलोकन किया और एक बार जैसे ही ड्रोन सीढ़ियों के एक ओर से नीचे घुसा, ऐलेक्स उसकी गति देख दूसरी ओर की सीढ़ियों से उतर गया।

पर इस बार ड्रोन सीढ़ियों के नीचे कुछ पलों के लिये बहुत धीमा हो गया, जिसकी वजह से ऐलेक्स नीचे धरती पर आ गिरा।

चूंकि सीढ़ियों की ऊंचाई जमीन से ज्यादा नहीं थी और ऐलेक्स की त्वचा शक्ति भी अभी थोड़ी काम कर रही थी, इसलिये ऐलेक्स को चोट नहीं आई।

अब ऐलेक्स अपना मुंह लटकाकर, क्रिस्टी के बगल आकर खड़ा हो गया। ऐलेक्स ने अपना सिर क्रिस्टी के कंधे से टिका लिया।

“कोई बात नहीं शक्ति धारक, तुम दुखी मत हो, ऐसा सबके साथ होता है।" क्रिस्टी ने ऐलेक्स के सिर को बिना अपने कंधे से हटाए, उसे थपकी देते हुए कहा।

ऐलेक्स ने थपकी से भाव विभोर हो, भोलेपन से अपनी आँखें बंद कर ली। क्रिस्टी और ऐलेक्स को देख सबके चेहरे पर मुस्कान आ गई।

“यह प्लान भी फेल हो गया।” सुयश ने बारी-बारी सभी की ओर देखते हुए कहा- “क्या किसी के पास कोई और प्लान है?"

"हां कैप्टेन अंकल, इस बार मैं कोशिश करके देखना चाहती हूं।” शैफाली ने अपना हाथ खड़ा करते हुए कहा।

“क्या तुम्हारे दिमाग में कोई विशेष प्लान है शैफाली?" जेनिथ ने शैफाली की ओर देखते हुए पूछा।

"हां, पर मैं उस प्लान को बताने की जगह करके दिखाना चाहती हूं।” यह कहकर शैफाली उनके पास से हटकर आगे की ओर बढ़ गई।

सभी की नजर अब पूर्णतया शैफाली की ओर थीं।

शैफाली वहां से आगे बढ़कर उस स्थान पर जा पहुंची, जहां बहुत सी बड़ी-बड़ी तितलियां उड़ रहीं थीं।

कुछ देर तक शैफाली वहां खड़ी होकर उड़ती हुई तितलियों को यूं ही निहारती रही और फिर वह उछलकर एक तितली पर सवार हो गई।

सभी आश्चर्य से शैफाली के इस अभूतपूर्व प्रदर्शन को देख रहे थे।

शैफाली ने कुछ ही देर में तितली पर अपने शरीर को पूरी तरह से संतुलित कर लिया। अब शैफाली ड्रोन के पीछे थी।

सभी को शैफाली का यह प्लान काफी अच्छा लगा। अब सभी को यह महसूस होने लगा था कि शैफाली जल्द ही उस लाल परी के ड्रोन को पकड़ लेगी।

शैफाली निरंतर ड्रोन के पास आती जा रही थी, परंतु जैसे ही शैफाली ने ड्रोन के बिल्कुल पास पहुंचकर, अपना हाथ ड्रोन की ओर बढ़ाया, वैसे ही अचानक ड्रोन की गति पहले से दुगनी हो गई।

अब शैफाली के लिये उस तितली पर बैठकर ड्रोन को पकड़ पाना अत्यंत ही मुश्किल हो गया। कुछ देर ऐसे ही प्रयास करने के बाद शैफाली हारकर तितली से उतरकर वापस सुयश के पास आ गई।

“यह ड्रोन तो कुछ ज्यादा ही स्मार्ट है? यह अपनी गति को घटा-बढ़ाकर हमें चकमा दे रहा है।” शैफाली ने मुंह लटकाते हुए कहा।

“नक्षत्रा, क्या तुम्हारे पास इस ड्रोन को पकड़ने का कोई प्लान है?" जेनिथ ने नक्षत्रा से पूछा।

"नहीं जेनिथ, मेरी समय को रोक देने वाली शक्ति अगर यहां काम करती? तो मैं आसानी से उस ड्रोन को पकड़ सकता था, पर अब तो मैं भी यहां मजबूर हूं।" नक्षत्रा ने कहा- “हां____, पर मैं तुम्हें एक सुझाव अवश्य दे सकता हूं।

"तो फिर कहो नक्षत्रा बताओ कि तुम्हारे पास क्या सुझाव है?" जेनिथ ने कहा।

“शायद तुम लोग हेफेस्टस की गुफा वाली घटना को भूल चुके हो, जिसमें तौफीक ने पत्थरों से निशाना लगा कर तेजी से हवा में उड़ रहे गोलों को मार गिराया था।" नक्षत्रा ने कहा।

“पर वह ड्रोन इतना स्मार्ट है कि वह तौफीक के पत्थरों से भी, अपनी गति को घटा या बढ़ाकर बच सकता है।" जेनिथ ने अपना शक जाहिर करते हुए कहा।

"जो तौफीक, हवा में उछाले गये 6 सिक्कों को, जमीन पर गिरने के पहले ही गोली से उड़ा सकता है, वह भला अपनी बुद्धि का प्रयोग कर इस ड्रोन को क्यों नहीं गिरा सकता?" नक्षत्रा के शब्दों में अतीत की यादें भी थीं, जिसे सुनकर एक पल के लिये जेनिथ विचलित हो गई।

“अतीत को भूलकर भावनाओं को नियंत्रित करो दोस्त। यह समय अतीत के सागर में मंथन करने का नहीं है, यह समय है, सभी भावनाओं को भुलाकर तिलिस्मा को पार करने का।” नक्षत्रा ने जेनिथ को समझाते हुए कहा।

नक्षत्रा की बात सुन जेनिथ ने धीरे से अपना सिर हिलाया और अपने चेहरे के बनते-बिगड़ते भावों को नियंत्रित कर लिया।

"तौफीक।” जेनिथ ने एक लंबे अंतराल के बाद तौफीक को संबोधित करते हुए कहा- “नक्षत्रा का कहना है कि तुम यह कार्य आसानी से कर सकते हो।

तौफीक का नाम लेते समय, एक बार को जेनिथ की जुबान लड़खड़ा गई, पर शीघ्र ही उसने स्वयं को नियंत्रित कर लिया।

“नक्षत्रा का?” तौफीक ने अर्थ भरी नजरों से जेनिथ की ओर देखते हुए पूछा।

"नहीं...म.....म....मेरा भी मानना है।" जेनिथ ने तौफीक के चेहरे से नजर हटाते हुए कहा।

जेनिथ की बात सुन तौफीक का चेहरा खुशी से चमकने लगा। अचानक ही उसमें एक गजब का विश्वास नजर आने लगा।

अब तौफीक ने ध्यान से उस ड्रोन को देखा और फिर जमीन से 6 पत्थर उठाकर अपने हाथ में पकड़ लिये। पत्थरों का आकार कंचे से थोड़ा सा ही ज्यादा था।

तौफीक अब लगातार उस ड्रोन को देख रहा था। कुछ देर, ड्रोन की गति का अध्ययन करने के बाद तौफीक की नजर ड्रोन के घूम रहे पंखों पर जम गई।

अब तौफीक ने बिजली की फुर्ती दिखाते हुए एकएक कर सभी पत्थर ड्रोन की ओर उछाल दिये।

तौफीक ने सभी पत्थरों की गति और स्थान को अलग-अलग रखा था।

जैसे ही पहला पत्थर ड्रोन के पास पहुंचा, ड्रोन ने एकाएक अपनी गति बढ़ा दी, पर तौफीक का फेंका हुआ दूसरा पत्थर उसी स्थान की ओर आ रहा था, यह देख ड्रोन ने इस बार अपनी गति को धीमे कर दिया।

बस इसी स्थान पर वह ड्रोन फंस गया, क्यों कि तौफीक का फेंका तीसरा पत्थर, उसी स्थान को केंद्र में रखकर फेंका गया था।

तीसरा पत्थर ड्रोन के एक पंखे पर जाकर लगा, जिसकी वजह से ड्रोन अनियंत्रित होकर, एक चट्टान से टकराकर नीचे आ गिरा।

ड्रोन को नीचे गिरता देख सभी ने तौफीक के नाम का जयकारा लगाया और उस ओर भाग लिये जहां ड्रोन गिरा था।

जेनिथ की आँखों में एक बार फिर तौफीक के लिये तारीफ के भाव उभरे।

इसी पल, बस एक क्षण के लिये तौफीक और जेनिथ की नजरें आपस में टकराईं और फिर जेनिथ ने अपना मुंह फेर लिया।


“अब समझ में आया जेनिथ कि मैंने तौफीक का रहस्य अभी किसी और से बताने को क्यों मना किया था?" नक्षत्रा ने कहा- “क्यों कि हमें इस तिलिस्म में तौफीक की जरुरत है।"

“पर तुम तो इतनी दूर का भविष्य नहीं देख पाते नक्षत्रा, फिर तुम्हें कैसे पता था कि हमें तौफीक की जरुरत इस तिलिस्म में पड़ने वाली है?" जेनिथ ने शक भरे अंदाज में नक्षत्रा से पूछा।

"मैं....मैं...भविष्य नहीं देख सकता ज़े ज़ेनिक्स मैंने तो बस ऐसे ही गणना की थी।" नक्षत्रा ने लड़खड़ाती जुबान में कहा।

"ये तुम मुझे ज़ेनिक्स क्यों कह रहे हो नक्षत्रा?" जेनिथ के चेहरे पर उलझन के भाव उभरे।

"उप्स सॉरी 'ज़ेनिक्स' शब्द गलती से निकल गया।” इतना कह नक्षत्रा चुप हो गया। शायद वह समझ गया था कि इस समय कुछ ना ही बोलना उचित होगा।

नक्षत्रा को अचानक से चुप होते देख जेनिथ, उस ड्रोन की ओर बढ़ गई, जिधर सभी गये थे।

सुयश ने पत्थर मारकर पिंजरे का द्वार खोल दिया।

लाल परी अब निकलकर बाहर आ गई, पर उसने ना तो किसी की ओर देखा? और ना ही किसी से कुछ कहा? लाल परी चलती हुई, वहां रखे, लाल रंग से भरे ड्रम के पास पहुंची।

अचानक ही लाल परी के हाथों में एक पेंट करने वाली कूची दिखाई देने लगी। लाल परी ने अपनी कूची को पेंट से भरे ड्रम में डुबाया और बिजली की तेजी से उस घाटी में मौजूद हर लाल रंग की चीज को रंगना शुरु कर दिया।

कुछ ही देर में लाल परी ने घाटी में उपस्थित, लाल रंग के फलों और फूलों को रंग दिया।

रंगों का कार्य पूर्ण होने के बाद वह लाल परी हवा में कहीं गायब हो गई? अब सभी का ध्यान नीले रंग के वस्त्र पहने परी की ओर गया, जो कि झील के पानी में मौजूद सफेद लिली के फूल पर रखे एक पिंजरे में थी।


जारी रहेगा_____✍️
Shayad pahli baar Shefali ka idea kaam nahi aaya hai, khair failure is the part of life, bas hume koshish karte rahna chahiye. Anyway thanks to Taufiq ki usne Drone ka kaam tamam kar diya aur red colour ka kaam pura ho gaya hai, wonderful update brother 💕 💕 💕.
 
  • Like
Reactions: parkas
Top