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Incest शिघ्रपत्नी

Lefty69

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सानिया ने अपनी अम्मी की बात मानने से साफ इंकार करते हुए कहा,
"मैं पापा से अपना प्यार नहीं लूटने दूंगी। अम्मी मैं कॉलेज में सलमान से प्यार करती हूं। मैं उस से बेवफाई नहीं कर सकती।"

सलमा, "बेटा अगर तुम चाहती हो तो मैं खुद सलमान से बात करके उसे समझा दूंगी। पर अगर तुम्हारे पापा ने तुम्हें अपने पानी से नहीं भरा तो वो दोनों वही काम बड़ी बेरहमी से करेंगे।"

सानिया, "
क्या भरोसा है इसका? शायद इसी ने उन दोनों को बुलाया है ताकि आप के बाद अब ये हमें लूट ले। मैं अपनी जवानी सलमान के नाम कर चुकी हूं। कॉलेज खत्म होने पर हम निकाह कर लेंगे। तब तक मैं किसी को छुने भी नही दूंगी।"

सोफिया, "सलमान को पता भी नहीं की तुम जिंदा हो। उसे बस उसका homework करने के लिए कोई बेवकूफ चाहिए।"

सानिया, "तुम मुझसे जलती हो की सलमान मुझे चाहता है और तुम्हे नही। तुम जाओ किसी भी मर्द के साथ सोने अगर मुझे प्यार मिला तो वो सिर्फ सलमान से मिलेगा वरना मैं नफरत ही ले लूंगी।"

सलमा ने गुस्से से सानिया को पकड़ कर विशाल की ओर खींचते हुए, "तुझे नफरत चाहिए तो नफरत ही मिलेगी लेकिन तू किसी अनजान पराए मर्द संग अपना मुंह काला नहीं करेगी।"

सानिया ने विरोध किया तो सलमा ने सानिया को एक थप्पड़ लगा दिया और सानिया रोते हुए चुप हो गई। सलमा ने सानिया की कमीज को खींच कर उतार दिया तो सानिया ने अपनी बाहों को मोड़ कर अपनी सफेद ब्रा को ढकने की कोशिश करते हुए रोती रही।

सलमा, "तुझे नफरत से चुदाना है ना तो देख मैं तुझे कितनी नफरत से चुधवा ती हूं।"

सलमा ने सानिया कि सलवार का नाडा खोला और एक झटके में सानिया की पैंटी के साथ सलवार को जमीन पर रख दिया।

सानिया, "पापा बचाओ!!… मैं लूटना नहीं चाहती!!…"

विशाल को सानिया ने उस पर लगाए इल्जाम से गुस्सा आया था पर वह बेचारी लड़की को अपनी मां के हाथो लूटता देख चोदने को बेताब होने लगा।

सलमा, "खबरदार, अगर इस पर तरस खाया तो। इसे पराए मर्दों से नफरत में चुधना हैं तो आप का गुस्सा तो झेल ही लेगी।"

सकीना की जवानी ने अंगड़ाई लेते हुए सफेद चादर के बीच में खून का दाग लगाया था। सानिया को और डर से बचाने के लिए सलमा बेड के बीच में दाग पर बैठ गई। सलमा ने सानिया को अपनी ओर खींच लिया तो सानिया घुटनों के बल बेड के किनारे खड़ी हो गई।

सानिया अब घोड़ी बन कर बेड पर खड़ी थी और विशाल को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था। सानिया की चिकनी और मुलायम चूत के गुलाबी होंठ उसकी जवानी को बखूबी छुपा रहे थे। हालांकि सानिया डर कर गीली नहीं थी पर फिर भी सानिया के निचले होठों पर नमी से चमक उठी थी। सबसे ज्यादा ललचाने वाला हिस्सा तो सानिया के होठों के थोड़े ऊपर बनी भूरी गुलाबी कली थी जो विशाल के गंदे मन से अनजान कस कर बंद थी।

विशाल ने मुश्किल से अपनी आंखों को सानिया की गांड़ से हटाते हुए सलमा को देखा। सानिया विशाल से बेखबर सलमा को रोते हुए चिपकी हुई थी।

सानिया, "अम्मी!!… दर्द होगा!!… मुझे डर लग रहा है!!… मैं सलमान को क्या मुंह दिखाऊंगी?…"

सलमा, "मेरे बच्चे अगर तू इतनी शिद्दत से सलमान को चाहती है तो अपनी आंखे बंद करके सोच की सलमान से ही तू प्यार पा रही है। तुझे कोई और नहीं सलमान ही नजर आयेगा और सलमान की ही खुशी भी मिलेगी।"

सानिया, "अम्मी झूठ मत बोलो!! ऐसा भी होता है क्या? करे कोई और दिखे कोई और?"

सलमा, "बेटा होता है, मैंने इसी तरह तेरे अब्बू के साथ जिंदगी गुजारी।"

सकीना, सानिया और सोफिया, "क्या!!"

सलमा, "बड़ी कच्ची उम्र में मेरे वालिद ने मेरा निकाह करा दिया। तुम्हारे अब्बू मुझे वक्त देने से रहे। फिर मैं विशाल की शादी में शरीक हुई जब मैंने विशाल को दुबारा देखा। विशाल अब बहुत अच्छा लग रहा था। हालांकि उस रात तुम्हारे अब्बू गुस्से में थे और हमेशा की तरह उन्होंने अपना पूरा गुस्सा मेरे अंदर भर दिया। पर उस रात मैंने पूरी शिद्दत से सोचा कि मैंने विशाल से निकाह किया है। जिंदगी में पहली बार मेरी रात दहशत की जगह जवानी के एहसास में बीती। फिर मैं हर बार तुम्हारे अब्बू के साथ विशाल को याद करते हुए मजे लेती और उन्हें तसल्ली हो गई की वो मुझे जवानी का मजा देने में कामयाब हो गए।"

सलमा की बातों को सुन कर तीनों लड़कियां को अपने अब्बू के बारे में सब दुबारा सोचना होगा। पर सानिया के पास इतना समय नहीं था और उसे सलमा की बात पर भरोसा करना पड़ा।

सलमा ने सानिया को धीरज देते हुए गले लगाया और सानिया की ब्रा को खोल कर उतार दिया।

सानिया शर्माकर सलमा के कंधे में अपना मुंह छुपाते हुए, "अम्मी!!!… अम्मी दर्द होगा!!!…"

सलमा, "मेरा प्यारा बच्चा!… चल मैं तुझे उसका भी इलाज देती हूं। तू मेरी ब्रा उतार कर मेरे सीने में मुंह छुपा लेना। अम्मी के साथ में कोई दर्द तुझे परेशान नही कर सकता।"

डरी हुई सानिया को यह दवा भी काफी थी। सानिया ने अपनी अम्मी की नीली ब्रा उतारी और अपना मुंह अम्मी के भरे हुए मम्मों के बीच डाल दिया। सलमा ने सानिया के सर पर हाथ रख कर उसके बाल सहलाते हुए विशाल को इशारा किया। विशाल सलमा की कबूली से खुश होकर सानिया पर गुस्सा भूलने वाला था कि विशालने सानिया को सलमा के मम्मों को "सलमान… सलमान… सलमान…" सुनाते हुए पाया।

विशाल की मर्दानगी ने हुंकार भरी और विशाल सानिया को अपना नाम सिखाने निकला।
 
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विशाल ने बेड के पास जा कर उसपर घोड़ी बनी सानिया के पीछे खड़ा हो गया। सानिया की ऐडियों में अब भी पैंटी और सलवार फंसी हुई थी। विशाल ने उन दोनों को खींच कर सानिया को नंगी कर दिया।

सानिया को विशाल के होने का एहसास हुआ तो होने वाला हमला भी याद आया। अपनी अम्मी से लिपटकर सानिया ने आंखे बंद कर ली।

सानिया ने सलमा की चुचियों को चूमते हुए, "सलमान… सलमान…"

सलमा ने सानिया की पीठ के ऊपर से विशाल को देखा। विशाल की आंखों में गुस्सा देख सलमा ने दिल पर पत्थर रखकर विशाल को हां कर दिया।

विशाल ने एक पल के लिए सोचा कि वह इस मौके का फायदा उठाकर अपने सूखे लौड़े से सानिया की गांड़ खोल दे। पर सानिया की एक मासूमियत भरी सिसकी ने उसके अंदर के भेड़िए को रोक दिया।

विशाल ने सानिया के जवान दिल में पनपती आशिकी को पहचान कर झुकते हुए सानिया की पंखुड़ियों को चाटा। सानिया सलमान का नाम जपते हुए अटक गई तो विशाल मन ही मन मुसकाया। विशाल ने सानिया के निचले होठों को धीरे धीरे चाटते हुए गिला कर फैलाया। सानिया न चाहते हुए जवानी के झूले पर चढ़ गई और उसकी पंखुड़ियों ने फूलते हुए अंदर के शहद के भंडार का दरवाजा खोल दिया। विशाल ने अपनी जीभ से चूत के अंदर चाटा तो नीचे से ऊपर आते हुए विशाल की जीभ सानिया के अब फुले हुए जवानी के अंगूर को छू गई।

सानिया, "पापा!!!… ई!!!… गंदा!!… नहीं!!!… रुक जाओ!!!… पापा!!!…"

सानिया सलमान को भूल गई देख विशाल सानिया की चूत में मुस्कुराया और इनाम के तौर पर अपनी जीभ से सानिया की जवानी में गोता लगाया। सानिया ने चीख कर अपनी अम्मी को पकड़ लिया।

सलमा, "सुनो जी, अब बच्ची को और मत तड़पाओ। पेल दो इसे!!"

हरी झंडी मिलते ही विशाल का फौलादी दोस्त झूम उठा। विशाल ने अपने लौड़े के सुपाड़े को सानिया के छेद पर टिका दिया तो वह फिर से सलमान का नाम लेने लगी।

विशाल ने पेहचाना की सानिया के प्यार में शिद्दत नहीं मासूमियत है। सानिया पर टूटने वाले कहर को पहचान कर विशाल ने मुस्कुराकर सानिया की कमर को अपने हाथों में कस कर पकड़ा।

विशाल ने अपनी कमर को आगे की ओर तेज़ झटका देते हुए सानिया को पूरी जोर से अपनी ओर खींच लिया।

सानिया, "सलमान!… सलमान!… सलमा… आ!!!… आ!!!… आह!!!… अम्मी!!!… बचाओ!!!… अम्मी!!!… आह!!!… अंम… मी!!… आऽह!!…"

विशाल ने सानिया की फैली पंखुड़ियों पर अपने लौड़े की injection लगी जड़ को दबाए रखा। सानिया की चीखें कुछ कम होने लगी तो विशाल को एहसास हुआ कि उसके गोटों पर से बहते हुए गरम तरल की बूंदे चादर को रंग रही हैं। खून के प्यासे शेर ने हुंकार भरी और विशाल ने अपने लौड़े को सुपाड़े तक बाहर खींच लिया।

भोली सानिया को लगा की उसकी चूत से बहती गर्मी विशाल का मर्दाना पानी है। सानिया,
"अम्मी अंदर से कुछ बह रहा है। पापा का हो गया है तो उन्हे हटने को कहो। मुझे दर्द हुआ और अब मुझे और नही करना।"

सलमा, "मेरी गुड़िया रानी, अंदर से तो तेरी झिल्ली का खून निकल रहा है। पापा का प्यार तुझे बहुत मजा देने पर ही अपना पानी छोडेगा।"

सानिया, "क्या? और भी सहना होगा? नहीं अम्मी!!… और नही सहा जायेगा!!…"

सानिया ने अपनी कमर को आगे बढ़ाने की कोशिश की तो विशाल के मजबूत हाथों ने उसे अपने लौड़े पर खींच लिया। पूरा लौड़ा फिर से यौन कमरे में दाखिल हो गया तो सानिया की दुबारा चीख निकली।

सानिया अब एक लड़की या औरत नहीं बस एक जख्मी मादा थी जो वहशी मर्द से बचना चाहती थी। सानिया जोर लगाकर आगे बढ़ती तो विशाल अपनी कमर को पीछे करते हुए उसकी चूत में से अपने लौड़े को सुपाड़े तक बाहर निकलने देता। जब सानिया आखरी 1 इंच से छुटकारा पाने में लगी होती तब विशाल की मजबूत बाहें सानिया के रेशमी बदन को खींच कर आगे बढ़ती कमर पर ठोक देते।

सानिया दर्द में बिलबिलाती अपनी चूत में विशाल के लौड़े को भींच कर सिसकते हुए विशाल को मजे देती। सानिया अब सलमान को पूरी तरह भूल गई थी और विशाल के साथ जवानी का खेल खेलने में व्यस्त थी।

विशाल ने इसका फायदा उठाकर अपनी बाहों को सानिया की बगल में से डाल कर सानिया को उठा लिया। सानिया अब विशाल के लौड़े पर नाच रही थी।

सानिया ने मदद के लिए सलमा से गुहार लगाई, "अम्मी!!… आह!!…"

सलमा ने आगे बढ़कर सानिया को बाएं हाथ से सहारा दिया और अपना दाहिने हाथ को आगे बढ़ाते हुए सानिया की जख्मी पंखुड़ियों के जोड़ पर फूले जवानी के अंगूर को सहलाया।


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सानिया इस दोहरे वार से चीख पड़ी तो सलमा ने उसे चूम कर चुप कराया। विशाल ने मां बेटी को चूमने देते हुए सानिया के संतरों को मुट्ठी में भर कर निचोड़ा।

चूत में होते घमासान और अपनी अम्मी के चुम्मे ने सानिया को जवानी की खुशी के कगार पर पहुंचाया था। अपनी अम्मी से अपनी कोरी चूत को सहलाने की उत्तेजना और मम्मों के निचोड़े जाने के दर्द से कराह कर सानिया का बदन कांपने लगा।

सानिया की चूत से खून की छटा लिए काम रस फूट पड़ा और सानिया झड़ते हुए ढेर हो गई।

सानिया, "अम्मी!!… मैं थक गई हूं!!… मेरा बदन… जैसे गल गया है!!… पापा को… रोको!!… और… नहीं!!…"

सलमा, "मेरी बहादुर बच्ची, थोड़ी देर और। तय हुआ था मर्दाना पानी, जनाना पानी नहीं। तेरी आपा को भरने से अब पापा को थोड़ी देर लगेगी।"

सलमा ने सानिया को चूमते हुए विशाल के गोटों को सहलाया। विशाल ने सानिया को अपने लौड़े पर खींच कर उसकी कोख में अपना रस भर दिया।

सानिया, "अम्मी!!… अम्मी!!!… अम्मी!!!!… मेरे अंदर आग लगी है!!… मेरा पेट जलने वाला है!!…"

सलमा ने हंसकर, "उफ्फ… तुम भी ना बहुत ड्रामेबाज हो। अभी तो पापा ने तुम्हें अपनी गर्मी से भर कर तुम्हे बचाया है। चलो अब अच्छी बच्ची की तरह अपने पापा को शुक्रिया कहो!"

सलमा वहीं बेड पर पेट के बल पैर फैलाए लेट गई। सलमा की चूत में से खून से सना गाढ़ा सफेद घोल मोटी मोटी बूंदों में चादर पर छलकने लगा। सानिया ने शर्माकर पीछे देखते हुए कहा, "Thank You, Papa!!"
 
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Lefty69

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Rumana

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Awesome update bhai,bahut h kamuk tharika se likha aapne
behad hi shandaar aur lajawab update hai bhai,
ekdom kamaal ki kahani hai,
 

Lefty69

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Awesome update bhai,bahut h kamuk tharika se likha aapne
behad hi shandaar aur lajawab update hai bhai,
ekdom kamaal ki kahani hai,
Thank you.

Friends please give suggestions as this story is still open ended. I will try to add your thoughts here to make it more fun for all.

PS no violence or BDSM except possibly some mild fun stuff. Vishal is a good guy who had hard time. We don't want to change the basic character of people.
 
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