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Adultery शक्ति की भूख

bull devil

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अगले दिन शाम को भोला बहुत खुश हो कि आता है
"सरोज सरोज कहाँ हो तुम?"
"क्या हुआ ?"
"ज़रा ये फोटो तो देखो"
फ़ोटो देखते ही चौक जाती है ये तो?
"क्या हुआ सुंदर है न लड़का ?"
"हां सुंदर है मगर मिला कहाँ?"
"अरे बाजार में टकरा गया ये "
"कैसे?"
"मैं दुकान का सामान लेने गया था वहां वो अपने पिता के साथ समान लेने आया था। ऐसे ही बात हुई तो पता चला इसके लिए पिता जी लड़की ढूंढ रहे है।मैने कहा मेरी बेटी है कहो तो , तो बोले दिखाओ जल्दी मैं 2 दिन में शादी कर दूंगा।
मैं उनको फ़ोटो और कुंडली दे के आया उनकी ले के आया। बड़े सेठ है बिटिया राज करेगी"
"अच्छा चलो पंडित के पास "
"चलो"
पंडित के पास पहुच के कुण्डली दी तो पंडित ने पहले लड़के की कुंडली अच्छे से देखी फिर आंख बंद की और ध्यान में चला गया।
5 मिनट बाद आंख खोल के बोले "देखो लड़के की कुंडली बहुत शक्तिशाली है। ऐसी कुंडली कभी नही देखी।लड़की की कुंडली से मेल खाती है ये 27 गुण मिल रहे है शादी कर सकते हो मगर बच्चा होने के बाद लड़की की ज़िंदगी मे कुछ भूचाल आएगा जो होनी होगी वो अच्छे के लिए होगी। तो परेशान न होना।सब अच्छा होगा। "
"क्या होनी होगी महाराज"
"कहा न वो लड़की की किस्मत है अच्छा ही होगा।"
"तो शादी कर दे या द"
"भोला शादी कर दे""यही विधि है"
हाथ जोड़ के दोनो वापस आ गए।अब सरोज का दिमाग खराब हो गया किसकी कुंडली है ये कौन मिल गया।
फिर भोला ने रात बहुत बेचैनी से काटी और उसकी आँखों में खुशी बहुत झलक रही थी बिटिया की शादी की। फिर सुबह होते ही तयार हो के दुकान चला गया और दोपहर को वो वापस आया और घर मे मिठाई ले के "लो खाओ मिठाई "
"क्यों क्या हुआ "
"अरे बिटिया की शादी तय कर दी है उंसके घर नही नही बंगला जा के"
"क्या?""इतनी जल्दी?"
"हाअह"क्यों क्या हुआ कुछ गलत किआ क्या?"
"नही मगर मुझे भी ले चलते साथ मे मैं भी बात करती देखती "
"कल चलना "
"कल?"
"हां बुलाया है उन्होंने"
"ठीक है"
"अब मैं दुकान जा रहा हु रात को आता हूं"
"ठीक है"
सरोज भी बाथरूम में गयी और चिड़िया बाथरूम से उड़ गई।पहाड़ के बीच मे गुफा में पहुच के अपने असली रूप में आ गयी। "अघोरी उसकी शादी उंसके बाप ने तय कर दी है किसके साथ पता है तुझे?"
"शैतान के साथ""वो लड़का कोई और नही शैतान है "
"तूने क्यों नही ऐसा किया?"
"क्यों के मुझे मा काली ने मना किया कि वही उस लड़की का प्रारब्ध है उसको होने दो मुझे सिर्फ बच्चा चाहिए ताकि मैं वो करु जो मा ने मुझे आदेश दिया है।"
"समझ गयी"
"उन तीन लड़कियों की शादी मुझसे होगी तू कराएगी ।मैं एक अलग चक्रव्यूह रचूंगा"
"उनसे क्यों?"
"क्यों के उनकी भी पहली संतान मेरे काम आएगी"
"अच्छा ठीक है"
"अब इस सरोज का क्या करूँ?"
गुफा के कोने में बेहोश पड़ी सरोज की तरफ बिना देखे इशारा करते हुए बोली।
"इसको यही रहने दो अभी शादी के बाद देखा जाएगा"
चिड़िया वापस आ गयी तभी शैतान आया घर गेट खटखटाया।
सरोज ने गेट खोला "अरे राजा आओ अंदर आओ"
"कहाँ थी 4 दिन से बहुत मन था "अंदर आते हुए शैतान बोला।
"अच्छा इतना मन है मेरे राजा का?"
"हम्म्म्म"
"चलो फिर तेरे घर चलते है"
"यहां कर लो"
"लड़कियां ऊपर है "
"अच्छा फिर जाओगी कैसै?"
"एक काम कर गाँव के बाहर इंतज़ार कर मैं आ रही हु"
"ठीक"
सरोज घर मे गयी लड़कियों को देख के हाथ हिलाया लड़कियां सो गई गेट पे ताला लटका के चुपके से बाहर निकली और जंगल की तरफ बढ़ी।वहां एक पेड़ के पास शैतान खड़ा था।जैसे ही वो पास गई शैतान ने उसको गोद मे उठाया और भाग के अपने घर झोपड़ी में पहुचा और सरोज को चारपाई जो के बहुत बड़ी थी उसमें पटक दिया। ऊपर चढ़ के चुम्मा लेने लगा आज शैतान बहुत जल्दी में था जल्दी जल्दी करते हुए उसने सरोज की अंगिया उतार दी और बिना ब्रा के गोरी चूची देख के पागल हो गया और उसको मसलने लगा इतनी कड़ी चूची उफ़्फ़फ़फ़ शैतान के दिमाग मे केवल हवस छाई हुई थी। चूंसने और दबाने का दौर चला जिसको सरोज बहुत एंजॉय कर रही थी। फिर कमर पे चाटने लगा काटने लगा। जिसमे सरोज की चूत गीली हो गयी।अब शैतान चूत की तरफ बढ़ चला।चूत में जीभ डाल के चूंसने को हुआ तो सरोज बोली" रुको "
"क्या हुआ?"
"मुझे भी तयार करना है मेरा समान"
"अच्छा"
तो शैतान पीछे आ गया और खुद नीचे लेट के सरोज को ऊपर लिटा लिया और अपने मुह में जीभ निकाल के सरोज के चूत में जीभ घुसा दी और सरोज ऊपर के शैतान के लण्ड को पकड़ के चूसने लगी।
5 मिनट ही हुए होंगे अचानक शैतान अकड़ने लगा।सरोज ने जल्दी से लण्ड बाहर निकाल दिया और पिचकारी कमरे भर में गिर गयी।
"आह तूने मुझे इतनी जल्दी कैसे झाड़ दिया ?"
"मैने क्या किया तू खुद झड गया मैं सिर्फ चूस रही थी।"
"कमाल का चूसती है तू मैं 5 मिनट भी नही टिक पता पता नही क्यों?"
मगर मैं नही झड़ी अभी जल्दी से झडा दो मुझे।शैतान फिर से चूंसने और चाटने लगा।मगर तभी सरोज फिरसे झड़े लण्ड को चूंसने लगी और 10 मिनट में शैतान का खड़ा हो गया और वो सरोज को नीचे लिटा के टांग मोड़ के चढ़ गया ऊपर।2 धक्के में पूरा अंदर कर दिया।
"हम्म्म्म बहुत बढ़िया ""और तेज़ करो"
अब शैतान जोर जोर से धक्का मारने लगा तभी उसको लगा जैसे सरोज की चूत ने लण्ड को कस के पकड़ लिया
है और चूत बिल्कुल टाइट हो गयी है। मगर धक्के के कारण जल्दी झड गया और झड़ने पे चूत उंसके माल को खींच रही है । "आहह कैसे कर रही है तू ये?"
"क्या कर रही हु मैं?"
"मेरा माल कैसे चूस रही है?"
"मैं नही चूस रही तू जम के झड रहा है बहुत दिन के बाद।"
अब शैतान थक के लेट गया। सरोज ऊपर आ के लेट गयी शैतान के।और उसके लण्ड को मुट्ठी में पकड़ के आगे पीछे करने लगी।थोड़ी देर करने के बाद नीचे जा के चूंसने लगी अब शैतान बोला "मैं बहुत थक गया हु अभी नही करो।"
"मेरा मन कर रहा है अभी मन नही भरा तुमसे।"
बोल के फिर से चूंसने लगी और अपने उंगली को शैतान की गाँड़ में डाल दिया। जिससे शैतान का लण्ड फिर से खड़ा हो गया । सरोज उछाल मार के बैठ गयी और खुद ही आगे पीछे करते हुए चुदने लगी चुदते हुए केवल15 मिनट हुए के शैतान फिर से कांपने लगा और अकड़ के।झड गया साथ ही सरोज भी झड गयी । फिर सरोज उठी कपडे पहन के बाहर चली गयी और शैतान इतना थकान में था कि उठा भी नही गया उससे और सो गया क्यों के 3 4 गिलास भर के माल निकल चुका था या यूं कहें कि 4 ग्लास माल को सरोज ने चूस के निकाल दिया था। सरोज जल्दी से घर आ के बाथरूम में गयी मूतने लगी और माल निकलने लगा शैतान का। मूतने के बाद सरोज ने हाथ घुमा के माल में आग लगा दिया। और नहा के बाहर आई और खाना जल्दी से हाथ के इशारे के साथ आ गया। उन तीन लड़कियों को जगाने गयी तो देखा वो तो है ही नही कमरे में।
"कहाँ गयी लड़कियां?"
सरोज ने आवाज़ दी "लाकिनी"

1मिनट में लाकिनी हाज़िर हो गयी।
 

sunoanuj

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अगले दिन शाम को भोला बहुत खुश हो कि आता है
"सरोज सरोज कहाँ हो तुम?"
"क्या हुआ ?"
"ज़रा ये फोटो तो देखो"
फ़ोटो देखते ही चौक जाती है ये तो?
"क्या हुआ सुंदर है न लड़का ?"
"हां सुंदर है मगर मिला कहाँ?"
"अरे बाजार में टकरा गया ये "
"कैसे?"
"मैं दुकान का सामान लेने गया था वहां वो अपने पिता के साथ समान लेने आया था। ऐसे ही बात हुई तो पता चला इसके लिए पिता जी लड़की ढूंढ रहे है।मैने कहा मेरी बेटी है कहो तो , तो बोले दिखाओ जल्दी मैं 2 दिन में शादी कर दूंगा।
मैं उनको फ़ोटो और कुंडली दे के आया उनकी ले के आया। बड़े सेठ है बिटिया राज करेगी"
"अच्छा चलो पंडित के पास "
"चलो"
पंडित के पास पहुच के कुण्डली दी तो पंडित ने पहले लड़के की कुंडली अच्छे से देखी फिर आंख बंद की और ध्यान में चला गया।
5 मिनट बाद आंख खोल के बोले "देखो लड़के की कुंडली बहुत शक्तिशाली है। ऐसी कुंडली कभी नही देखी।लड़की की कुंडली से मेल खाती है ये 27 गुण मिल रहे है शादी कर सकते हो मगर बच्चा होने के बाद लड़की की ज़िंदगी मे कुछ भूचाल आएगा जो होनी होगी वो अच्छे के लिए होगी। तो परेशान न होना।सब अच्छा होगा। "
"क्या होनी होगी महाराज"
"कहा न वो लड़की की किस्मत है अच्छा ही होगा।"
"तो शादी कर दे या द"
"भोला शादी कर दे""यही विधि है"
हाथ जोड़ के दोनो वापस आ गए।अब सरोज का दिमाग खराब हो गया किसकी कुंडली है ये कौन मिल गया।
फिर भोला ने रात बहुत बेचैनी से काटी और उसकी आँखों में खुशी बहुत झलक रही थी बिटिया की शादी की। फिर सुबह होते ही तयार हो के दुकान चला गया और दोपहर को वो वापस आया और घर मे मिठाई ले के "लो खाओ मिठाई "
"क्यों क्या हुआ "
"अरे बिटिया की शादी तय कर दी है उंसके घर नही नही बंगला जा के"
"क्या?""इतनी जल्दी?"
"हाअह"क्यों क्या हुआ कुछ गलत किआ क्या?"
"नही मगर मुझे भी ले चलते साथ मे मैं भी बात करती देखती "
"कल चलना "
"कल?"
"हां बुलाया है उन्होंने"
"ठीक है"
"अब मैं दुकान जा रहा हु रात को आता हूं"
"ठीक है"
सरोज भी बाथरूम में गयी और चिड़िया बाथरूम से उड़ गई।पहाड़ के बीच मे गुफा में पहुच के अपने असली रूप में आ गयी। "अघोरी उसकी शादी उंसके बाप ने तय कर दी है किसके साथ पता है तुझे?"
"शैतान के साथ""वो लड़का कोई और नही शैतान है "
"तूने क्यों नही ऐसा किया?"
"क्यों के मुझे मा काली ने मना किया कि वही उस लड़की का प्रारब्ध है उसको होने दो मुझे सिर्फ बच्चा चाहिए ताकि मैं वो करु जो मा ने मुझे आदेश दिया है।"
"समझ गयी"
"उन तीन लड़कियों की शादी मुझसे होगी तू कराएगी ।मैं एक अलग चक्रव्यूह रचूंगा"
"उनसे क्यों?"
"क्यों के उनकी भी पहली संतान मेरे काम आएगी"
"अच्छा ठीक है"
"अब इस सरोज का क्या करूँ?"
गुफा के कोने में बेहोश पड़ी सरोज की तरफ बिना देखे इशारा करते हुए बोली।
"इसको यही रहने दो अभी शादी के बाद देखा जाएगा"
चिड़िया वापस आ गयी तभी शैतान आया घर गेट खटखटाया।
सरोज ने गेट खोला "अरे राजा आओ अंदर आओ"
"कहाँ थी 4 दिन से बहुत मन था "अंदर आते हुए शैतान बोला।
"अच्छा इतना मन है मेरे राजा का?"
"हम्म्म्म"
"चलो फिर तेरे घर चलते है"
"यहां कर लो"
"लड़कियां ऊपर है "
"अच्छा फिर जाओगी कैसै?"
"एक काम कर गाँव के बाहर इंतज़ार कर मैं आ रही हु"
"ठीक"
सरोज घर मे गयी लड़कियों को देख के हाथ हिलाया लड़कियां सो गई गेट पे ताला लटका के चुपके से बाहर निकली और जंगल की तरफ बढ़ी।वहां एक पेड़ के पास शैतान खड़ा था।जैसे ही वो पास गई शैतान ने उसको गोद मे उठाया और भाग के अपने घर झोपड़ी में पहुचा और सरोज को चारपाई जो के बहुत बड़ी थी उसमें पटक दिया। ऊपर चढ़ के चुम्मा लेने लगा आज शैतान बहुत जल्दी में था जल्दी जल्दी करते हुए उसने सरोज की अंगिया उतार दी और बिना ब्रा के गोरी चूची देख के पागल हो गया और उसको मसलने लगा इतनी कड़ी चूची उफ़्फ़फ़फ़ शैतान के दिमाग मे केवल हवस छाई हुई थी। चूंसने और दबाने का दौर चला जिसको सरोज बहुत एंजॉय कर रही थी। फिर कमर पे चाटने लगा काटने लगा। जिसमे सरोज की चूत गीली हो गयी।अब शैतान चूत की तरफ बढ़ चला।चूत में जीभ डाल के चूंसने को हुआ तो सरोज बोली" रुको "
"क्या हुआ?"
"मुझे भी तयार करना है मेरा समान"
"अच्छा"
तो शैतान पीछे आ गया और खुद नीचे लेट के सरोज को ऊपर लिटा लिया और अपने मुह में जीभ निकाल के सरोज के चूत में जीभ घुसा दी और सरोज ऊपर के शैतान के लण्ड को पकड़ के चूसने लगी।
5 मिनट ही हुए होंगे अचानक शैतान अकड़ने लगा।सरोज ने जल्दी से लण्ड बाहर निकाल दिया और पिचकारी कमरे भर में गिर गयी।
"आह तूने मुझे इतनी जल्दी कैसे झाड़ दिया ?"
"मैने क्या किया तू खुद झड गया मैं सिर्फ चूस रही थी।"
"कमाल का चूसती है तू मैं 5 मिनट भी नही टिक पता पता नही क्यों?"
मगर मैं नही झड़ी अभी जल्दी से झडा दो मुझे।शैतान फिर से चूंसने और चाटने लगा।मगर तभी सरोज फिरसे झड़े लण्ड को चूंसने लगी और 10 मिनट में शैतान का खड़ा हो गया और वो सरोज को नीचे लिटा के टांग मोड़ के चढ़ गया ऊपर।2 धक्के में पूरा अंदर कर दिया।
"हम्म्म्म बहुत बढ़िया ""और तेज़ करो"
अब शैतान जोर जोर से धक्का मारने लगा तभी उसको लगा जैसे सरोज की चूत ने लण्ड को कस के पकड़ लिया
है और चूत बिल्कुल टाइट हो गयी है। मगर धक्के के कारण जल्दी झड गया और झड़ने पे चूत उंसके माल को खींच रही है । "आहह कैसे कर रही है तू ये?"
"क्या कर रही हु मैं?"
"मेरा माल कैसे चूस रही है?"
"मैं नही चूस रही तू जम के झड रहा है बहुत दिन के बाद।"
अब शैतान थक के लेट गया। सरोज ऊपर आ के लेट गयी शैतान के।और उसके लण्ड को मुट्ठी में पकड़ के आगे पीछे करने लगी।थोड़ी देर करने के बाद नीचे जा के चूंसने लगी अब शैतान बोला "मैं बहुत थक गया हु अभी नही करो।"
"मेरा मन कर रहा है अभी मन नही भरा तुमसे।"
बोल के फिर से चूंसने लगी और अपने उंगली को शैतान की गाँड़ में डाल दिया। जिससे शैतान का लण्ड फिर से खड़ा हो गया । सरोज उछाल मार के बैठ गयी और खुद ही आगे पीछे करते हुए चुदने लगी चुदते हुए केवल15 मिनट हुए के शैतान फिर से कांपने लगा और अकड़ के।झड गया साथ ही सरोज भी झड गयी । फिर सरोज उठी कपडे पहन के बाहर चली गयी और शैतान इतना थकान में था कि उठा भी नही गया उससे और सो गया क्यों के 3 4 गिलास भर के माल निकल चुका था या यूं कहें कि 4 ग्लास माल को सरोज ने चूस के निकाल दिया था। सरोज जल्दी से घर आ के बाथरूम में गयी मूतने लगी और माल निकलने लगा शैतान का। मूतने के बाद सरोज ने हाथ घुमा के माल में आग लगा दिया। और नहा के बाहर आई और खाना जल्दी से हाथ के इशारे के साथ आ गया। उन तीन लड़कियों को जगाने गयी तो देखा वो तो है ही नही कमरे में।
"कहाँ गयी लड़कियां?"
सरोज ने आवाज़ दी "लाकिनी"

1मिनट में लाकिनी हाज़िर हो गयी।
बहुत ही उम्दा अपडेट है !
 
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Ajju Landwalia

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अगले दिन शाम को भोला बहुत खुश हो कि आता है
"सरोज सरोज कहाँ हो तुम?"
"क्या हुआ ?"
"ज़रा ये फोटो तो देखो"
फ़ोटो देखते ही चौक जाती है ये तो?
"क्या हुआ सुंदर है न लड़का ?"
"हां सुंदर है मगर मिला कहाँ?"
"अरे बाजार में टकरा गया ये "
"कैसे?"
"मैं दुकान का सामान लेने गया था वहां वो अपने पिता के साथ समान लेने आया था। ऐसे ही बात हुई तो पता चला इसके लिए पिता जी लड़की ढूंढ रहे है।मैने कहा मेरी बेटी है कहो तो , तो बोले दिखाओ जल्दी मैं 2 दिन में शादी कर दूंगा।
मैं उनको फ़ोटो और कुंडली दे के आया उनकी ले के आया। बड़े सेठ है बिटिया राज करेगी"
"अच्छा चलो पंडित के पास "
"चलो"
पंडित के पास पहुच के कुण्डली दी तो पंडित ने पहले लड़के की कुंडली अच्छे से देखी फिर आंख बंद की और ध्यान में चला गया।
5 मिनट बाद आंख खोल के बोले "देखो लड़के की कुंडली बहुत शक्तिशाली है। ऐसी कुंडली कभी नही देखी।लड़की की कुंडली से मेल खाती है ये 27 गुण मिल रहे है शादी कर सकते हो मगर बच्चा होने के बाद लड़की की ज़िंदगी मे कुछ भूचाल आएगा जो होनी होगी वो अच्छे के लिए होगी। तो परेशान न होना।सब अच्छा होगा। "
"क्या होनी होगी महाराज"
"कहा न वो लड़की की किस्मत है अच्छा ही होगा।"
"तो शादी कर दे या द"
"भोला शादी कर दे""यही विधि है"
हाथ जोड़ के दोनो वापस आ गए।अब सरोज का दिमाग खराब हो गया किसकी कुंडली है ये कौन मिल गया।
फिर भोला ने रात बहुत बेचैनी से काटी और उसकी आँखों में खुशी बहुत झलक रही थी बिटिया की शादी की। फिर सुबह होते ही तयार हो के दुकान चला गया और दोपहर को वो वापस आया और घर मे मिठाई ले के "लो खाओ मिठाई "
"क्यों क्या हुआ "
"अरे बिटिया की शादी तय कर दी है उंसके घर नही नही बंगला जा के"
"क्या?""इतनी जल्दी?"
"हाअह"क्यों क्या हुआ कुछ गलत किआ क्या?"
"नही मगर मुझे भी ले चलते साथ मे मैं भी बात करती देखती "
"कल चलना "
"कल?"
"हां बुलाया है उन्होंने"
"ठीक है"
"अब मैं दुकान जा रहा हु रात को आता हूं"
"ठीक है"
सरोज भी बाथरूम में गयी और चिड़िया बाथरूम से उड़ गई।पहाड़ के बीच मे गुफा में पहुच के अपने असली रूप में आ गयी। "अघोरी उसकी शादी उंसके बाप ने तय कर दी है किसके साथ पता है तुझे?"
"शैतान के साथ""वो लड़का कोई और नही शैतान है "
"तूने क्यों नही ऐसा किया?"
"क्यों के मुझे मा काली ने मना किया कि वही उस लड़की का प्रारब्ध है उसको होने दो मुझे सिर्फ बच्चा चाहिए ताकि मैं वो करु जो मा ने मुझे आदेश दिया है।"
"समझ गयी"
"उन तीन लड़कियों की शादी मुझसे होगी तू कराएगी ।मैं एक अलग चक्रव्यूह रचूंगा"
"उनसे क्यों?"
"क्यों के उनकी भी पहली संतान मेरे काम आएगी"
"अच्छा ठीक है"
"अब इस सरोज का क्या करूँ?"
गुफा के कोने में बेहोश पड़ी सरोज की तरफ बिना देखे इशारा करते हुए बोली।
"इसको यही रहने दो अभी शादी के बाद देखा जाएगा"
चिड़िया वापस आ गयी तभी शैतान आया घर गेट खटखटाया।
सरोज ने गेट खोला "अरे राजा आओ अंदर आओ"
"कहाँ थी 4 दिन से बहुत मन था "अंदर आते हुए शैतान बोला।
"अच्छा इतना मन है मेरे राजा का?"
"हम्म्म्म"
"चलो फिर तेरे घर चलते है"
"यहां कर लो"
"लड़कियां ऊपर है "
"अच्छा फिर जाओगी कैसै?"
"एक काम कर गाँव के बाहर इंतज़ार कर मैं आ रही हु"
"ठीक"
सरोज घर मे गयी लड़कियों को देख के हाथ हिलाया लड़कियां सो गई गेट पे ताला लटका के चुपके से बाहर निकली और जंगल की तरफ बढ़ी।वहां एक पेड़ के पास शैतान खड़ा था।जैसे ही वो पास गई शैतान ने उसको गोद मे उठाया और भाग के अपने घर झोपड़ी में पहुचा और सरोज को चारपाई जो के बहुत बड़ी थी उसमें पटक दिया। ऊपर चढ़ के चुम्मा लेने लगा आज शैतान बहुत जल्दी में था जल्दी जल्दी करते हुए उसने सरोज की अंगिया उतार दी और बिना ब्रा के गोरी चूची देख के पागल हो गया और उसको मसलने लगा इतनी कड़ी चूची उफ़्फ़फ़फ़ शैतान के दिमाग मे केवल हवस छाई हुई थी। चूंसने और दबाने का दौर चला जिसको सरोज बहुत एंजॉय कर रही थी। फिर कमर पे चाटने लगा काटने लगा। जिसमे सरोज की चूत गीली हो गयी।अब शैतान चूत की तरफ बढ़ चला।चूत में जीभ डाल के चूंसने को हुआ तो सरोज बोली" रुको "
"क्या हुआ?"
"मुझे भी तयार करना है मेरा समान"
"अच्छा"
तो शैतान पीछे आ गया और खुद नीचे लेट के सरोज को ऊपर लिटा लिया और अपने मुह में जीभ निकाल के सरोज के चूत में जीभ घुसा दी और सरोज ऊपर के शैतान के लण्ड को पकड़ के चूसने लगी।
5 मिनट ही हुए होंगे अचानक शैतान अकड़ने लगा।सरोज ने जल्दी से लण्ड बाहर निकाल दिया और पिचकारी कमरे भर में गिर गयी।
"आह तूने मुझे इतनी जल्दी कैसे झाड़ दिया ?"
"मैने क्या किया तू खुद झड गया मैं सिर्फ चूस रही थी।"
"कमाल का चूसती है तू मैं 5 मिनट भी नही टिक पता पता नही क्यों?"
मगर मैं नही झड़ी अभी जल्दी से झडा दो मुझे।शैतान फिर से चूंसने और चाटने लगा।मगर तभी सरोज फिरसे झड़े लण्ड को चूंसने लगी और 10 मिनट में शैतान का खड़ा हो गया और वो सरोज को नीचे लिटा के टांग मोड़ के चढ़ गया ऊपर।2 धक्के में पूरा अंदर कर दिया।
"हम्म्म्म बहुत बढ़िया ""और तेज़ करो"
अब शैतान जोर जोर से धक्का मारने लगा तभी उसको लगा जैसे सरोज की चूत ने लण्ड को कस के पकड़ लिया
है और चूत बिल्कुल टाइट हो गयी है। मगर धक्के के कारण जल्दी झड गया और झड़ने पे चूत उंसके माल को खींच रही है । "आहह कैसे कर रही है तू ये?"
"क्या कर रही हु मैं?"
"मेरा माल कैसे चूस रही है?"
"मैं नही चूस रही तू जम के झड रहा है बहुत दिन के बाद।"
अब शैतान थक के लेट गया। सरोज ऊपर आ के लेट गयी शैतान के।और उसके लण्ड को मुट्ठी में पकड़ के आगे पीछे करने लगी।थोड़ी देर करने के बाद नीचे जा के चूंसने लगी अब शैतान बोला "मैं बहुत थक गया हु अभी नही करो।"
"मेरा मन कर रहा है अभी मन नही भरा तुमसे।"
बोल के फिर से चूंसने लगी और अपने उंगली को शैतान की गाँड़ में डाल दिया। जिससे शैतान का लण्ड फिर से खड़ा हो गया । सरोज उछाल मार के बैठ गयी और खुद ही आगे पीछे करते हुए चुदने लगी चुदते हुए केवल15 मिनट हुए के शैतान फिर से कांपने लगा और अकड़ के।झड गया साथ ही सरोज भी झड गयी । फिर सरोज उठी कपडे पहन के बाहर चली गयी और शैतान इतना थकान में था कि उठा भी नही गया उससे और सो गया क्यों के 3 4 गिलास भर के माल निकल चुका था या यूं कहें कि 4 ग्लास माल को सरोज ने चूस के निकाल दिया था। सरोज जल्दी से घर आ के बाथरूम में गयी मूतने लगी और माल निकलने लगा शैतान का। मूतने के बाद सरोज ने हाथ घुमा के माल में आग लगा दिया। और नहा के बाहर आई और खाना जल्दी से हाथ के इशारे के साथ आ गया। उन तीन लड़कियों को जगाने गयी तो देखा वो तो है ही नही कमरे में।
"कहाँ गयी लड़कियां?"
सरोज ने आवाज़ दी "लाकिनी"

1मिनट में लाकिनी हाज़िर हो गयी।

BAhut hi umda update he Mitra

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