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सुबह के 9 बजे अजय अपने बिस्तर से उठने लगा पेट के बल बांहे फैलाकर लेता हुआ था, उठते ही अपना कच्छा (shorts) दिखा जो जांघों तक नीचे था ।
मुस्कराते हुए अपने कच्छे को ऊपर करने लगा और रात की बात याद करने लगा कैसे अपनी पुरानी gf को याद करके 3_4 बार मूठ मारके सोया हुआ था,।
तभी पास में पड़ी हुई बीड़ी का बंडल उठाकर
उसमें से एक बीड़ी निकालकर सुलगाई और पुराने दिन याद करके एकाएक अपने हाथ से कच्छे के ऊपर से लन्ड को दबा दिया फिर जल्दी से बीड़ी खत्म करके नीचे की ओर भागा,,,,
(अजय एक 30 साल का लड़का है जो अभी कुंवारा है मतलब अभी शादी नहीं हुई है पर वैसे कुंवारा नहीं है अपनी चढ़ती जवानी के दिनों बहुत सी लड़कियां चोदी थी पर उसे आखिरी बार chudai किए हुए 5_6 साल हो गए थे ।
उसकी शादी न होने का कारण उसकी बुरी आदतें थी शराब पीना, जुआ खेलना, लड़ाई झगड़े करना इनकी वजह से जो रिश्ते आए गांव वालों ने बीच में टांग अड़ाकर इसके रिश्ते नहीं होने दिए)
अजय बीड़ी पीने के बाद उसके पेट में दबाव बना ओर वो अपने कमरे से भागकर नीचे की तरफ टॉयलेट में घुस गया, इसे ऐसे भागते आंगन में खड़ी चन्दा मन में मुस्करा दी और वापस आंगन में झाड़ू निकलने लगी, अकसर चन्दा सुबह जल्दी उठकर झाड़ू निकालती है पर रात को नींद देरी से आने की वजह से सुबह जल्दी नहीं उठ पाई।
(चन्दा अजय से 2 साल छोटी उसकी बहन है उसकी भी उमर 28 साल हो चुकी है, अजय के ब्याह न होने के कारण अभी इसकी भी शादी नहीं हुई ,क्यों की अजय उससे बड़ा था।
चन्दा 28 के होने के कारण पूरा बदन gadraya हुआ था , उसका रंग सावला था पर 34D की छाती ओर 38 की कमर 5.5 फुट कद पूरी मांसल बदन तीखे नैन नक्स कोई उसके चूंचे ओर गान्ड देख ले तो बूढ़े भी लन्ड खड़ा करके मुठिया ले,
आज उसने नीले रंग का सूट सलवार पहन रखा था और चुनी कमर पर बांध रखी थी और झाड़ू निकाल रही थी)
अजय शौचक्रिया करके बाहर आया और अपर अपने माले में जाने लगा आंगन पार कर रहा था तब उसकी नजर अपनी मादक बहन पर जो झुककर झाड़ू निकाल रही थी उसकी चूंचियां मानो सूट फाड़ कर बाहर आ रही हो
अजय उसके नीले सूट में बनी बड़े बड़े चूंचो के बीच बनी घाटी देखकर सुन्न सा पड़ गया एकबार तो पर उसने जल्दी से नजर घूमा कर वापस सीडीओ की तरफ जाने लगा एकबार सीढ़ियों पर जाके वापस मुड़कर अपनी बहन की तरफ देखा पर उसकी चन्दा का मुंह दूसरी तरफ था पर वो अपनी बहन की गान्ड देखने लगा जो कि बहुत ही बड़ी दिखाई दे रही थी सूट में ओर उसने अपने लण्ङ को दबाया और फिर अपने माले में चला गया,
माले में आकर वो नीचे अपनी बहन चन्दा के उस नजारे को याद करके गुनगना गया और बार बार उसके चेहरे के आगे उसकी बहन चन्दा की मोटी मोटी चूचों की घाटी नजर आने लगी और सोचने लगा चन्दा कब तक तड़पाएगी ओर अपना हाथ लण्ङ पर ले गया और उसे कच्छे के ऊपर से मसलने लगा और सोचने लगा
की गांव में सबसे भरा बदन उसकी बहन चन्दा का है और उसकी बहन की टकर की कोई लड़की नहीं है लड़की क्या औरतों को भी चन्दा दूर बैठती है, पर गांव में उसकी उमर की सभी लड़कियां ब्याही हुई है उनके कुछ के बच्चे भी है परन्तु उसके भारी शरीर का तोड़ किसी के पास नहीं है , थोड़ा काला सांवली रंग की होने के बाद भी वो मस्त घोड़ी है और सोचने लगा उसकी बहन की शादी होगी तो वो कितना नसीबवाला होगा जिससे शादी होगी ऐसी लड़की मिल जाए तो मजा आ जाए जिंदगी हसीन हो जाए।
तभी उसे बाहर के दरवाजा खुलने का शोर सुनाई दिया जिससे वो होश में आया ।
बाहर से रामसिंह दरवाजा खोल कर अंदर आया जैसे ही रामसिंह ने दरवाजा खोला चन्दा ने अपनी चुनी कमर से हटाकर दुपट्टा लेने लगी क्यों की वो अपने पिताजी की लाज करती थी क्यों भी न करे 28 साल की पूरी जवान घोड़ी थी अपने बाप के सामने शर्मा कर रहती थी।
रामसिंह जब दरवाजा खोला तो उसकी नजर अपनी बेटी पर पड़ गई थी जो चुनी कमर से अपनी छाती को ढक रही थी तब कुछ लम्हों के लिए उसे भी अपनी मादक बेटी चन्दा की गले की घाटी दिख गई थी पर उसने ज्यादा एहसास नहीं किया और आंगन में नीम के पेड़ के नीचे खटिया पर बैठ गया
मुस्कराते हुए अपने कच्छे को ऊपर करने लगा और रात की बात याद करने लगा कैसे अपनी पुरानी gf को याद करके 3_4 बार मूठ मारके सोया हुआ था,।
तभी पास में पड़ी हुई बीड़ी का बंडल उठाकर
उसमें से एक बीड़ी निकालकर सुलगाई और पुराने दिन याद करके एकाएक अपने हाथ से कच्छे के ऊपर से लन्ड को दबा दिया फिर जल्दी से बीड़ी खत्म करके नीचे की ओर भागा,,,,
(अजय एक 30 साल का लड़का है जो अभी कुंवारा है मतलब अभी शादी नहीं हुई है पर वैसे कुंवारा नहीं है अपनी चढ़ती जवानी के दिनों बहुत सी लड़कियां चोदी थी पर उसे आखिरी बार chudai किए हुए 5_6 साल हो गए थे ।
उसकी शादी न होने का कारण उसकी बुरी आदतें थी शराब पीना, जुआ खेलना, लड़ाई झगड़े करना इनकी वजह से जो रिश्ते आए गांव वालों ने बीच में टांग अड़ाकर इसके रिश्ते नहीं होने दिए)
अजय बीड़ी पीने के बाद उसके पेट में दबाव बना ओर वो अपने कमरे से भागकर नीचे की तरफ टॉयलेट में घुस गया, इसे ऐसे भागते आंगन में खड़ी चन्दा मन में मुस्करा दी और वापस आंगन में झाड़ू निकलने लगी, अकसर चन्दा सुबह जल्दी उठकर झाड़ू निकालती है पर रात को नींद देरी से आने की वजह से सुबह जल्दी नहीं उठ पाई।
(चन्दा अजय से 2 साल छोटी उसकी बहन है उसकी भी उमर 28 साल हो चुकी है, अजय के ब्याह न होने के कारण अभी इसकी भी शादी नहीं हुई ,क्यों की अजय उससे बड़ा था।
चन्दा 28 के होने के कारण पूरा बदन gadraya हुआ था , उसका रंग सावला था पर 34D की छाती ओर 38 की कमर 5.5 फुट कद पूरी मांसल बदन तीखे नैन नक्स कोई उसके चूंचे ओर गान्ड देख ले तो बूढ़े भी लन्ड खड़ा करके मुठिया ले,
आज उसने नीले रंग का सूट सलवार पहन रखा था और चुनी कमर पर बांध रखी थी और झाड़ू निकाल रही थी)
अजय शौचक्रिया करके बाहर आया और अपर अपने माले में जाने लगा आंगन पार कर रहा था तब उसकी नजर अपनी मादक बहन पर जो झुककर झाड़ू निकाल रही थी उसकी चूंचियां मानो सूट फाड़ कर बाहर आ रही हो
अजय उसके नीले सूट में बनी बड़े बड़े चूंचो के बीच बनी घाटी देखकर सुन्न सा पड़ गया एकबार तो पर उसने जल्दी से नजर घूमा कर वापस सीडीओ की तरफ जाने लगा एकबार सीढ़ियों पर जाके वापस मुड़कर अपनी बहन की तरफ देखा पर उसकी चन्दा का मुंह दूसरी तरफ था पर वो अपनी बहन की गान्ड देखने लगा जो कि बहुत ही बड़ी दिखाई दे रही थी सूट में ओर उसने अपने लण्ङ को दबाया और फिर अपने माले में चला गया,
माले में आकर वो नीचे अपनी बहन चन्दा के उस नजारे को याद करके गुनगना गया और बार बार उसके चेहरे के आगे उसकी बहन चन्दा की मोटी मोटी चूचों की घाटी नजर आने लगी और सोचने लगा चन्दा कब तक तड़पाएगी ओर अपना हाथ लण्ङ पर ले गया और उसे कच्छे के ऊपर से मसलने लगा और सोचने लगा
की गांव में सबसे भरा बदन उसकी बहन चन्दा का है और उसकी बहन की टकर की कोई लड़की नहीं है लड़की क्या औरतों को भी चन्दा दूर बैठती है, पर गांव में उसकी उमर की सभी लड़कियां ब्याही हुई है उनके कुछ के बच्चे भी है परन्तु उसके भारी शरीर का तोड़ किसी के पास नहीं है , थोड़ा काला सांवली रंग की होने के बाद भी वो मस्त घोड़ी है और सोचने लगा उसकी बहन की शादी होगी तो वो कितना नसीबवाला होगा जिससे शादी होगी ऐसी लड़की मिल जाए तो मजा आ जाए जिंदगी हसीन हो जाए।
तभी उसे बाहर के दरवाजा खुलने का शोर सुनाई दिया जिससे वो होश में आया ।
बाहर से रामसिंह दरवाजा खोल कर अंदर आया जैसे ही रामसिंह ने दरवाजा खोला चन्दा ने अपनी चुनी कमर से हटाकर दुपट्टा लेने लगी क्यों की वो अपने पिताजी की लाज करती थी क्यों भी न करे 28 साल की पूरी जवान घोड़ी थी अपने बाप के सामने शर्मा कर रहती थी।
रामसिंह जब दरवाजा खोला तो उसकी नजर अपनी बेटी पर पड़ गई थी जो चुनी कमर से अपनी छाती को ढक रही थी तब कुछ लम्हों के लिए उसे भी अपनी मादक बेटी चन्दा की गले की घाटी दिख गई थी पर उसने ज्यादा एहसास नहीं किया और आंगन में नीम के पेड़ के नीचे खटिया पर बैठ गया

