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Incest विवाह के बीच में रोड़ा

Chanda pehle kiske sath chudai kre??


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Darkest_lust

Bade_dil_wala
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सुबह के 9 बजे अजय अपने बिस्तर से उठने लगा पेट के बल बांहे फैलाकर लेता हुआ था, उठते ही अपना कच्छा (shorts) दिखा जो जांघों तक नीचे था ।
मुस्कराते हुए अपने कच्छे को ऊपर करने लगा और रात की बात याद करने लगा कैसे अपनी पुरानी gf को याद करके 3_4 बार मूठ मारके सोया हुआ था,।

तभी पास में पड़ी हुई बीड़ी का बंडल उठाकर
उसमें से एक बीड़ी निकालकर सुलगाई और पुराने दिन याद करके एकाएक अपने हाथ से कच्छे के ऊपर से लन्ड को दबा दिया फिर जल्दी से बीड़ी खत्म करके नीचे की ओर भागा,,,,


(अजय एक 30 साल का लड़का है जो अभी कुंवारा है मतलब अभी शादी नहीं हुई है पर वैसे कुंवारा नहीं है अपनी चढ़ती जवानी के दिनों बहुत सी लड़कियां चोदी थी पर उसे आखिरी बार chudai किए हुए 5_6 साल हो गए थे ।

उसकी शादी न होने का कारण उसकी बुरी आदतें थी शराब पीना, जुआ खेलना, लड़ाई झगड़े करना इनकी वजह से जो रिश्ते आए गांव वालों ने बीच में टांग अड़ाकर इसके रिश्ते नहीं होने दिए)

अजय बीड़ी पीने के बाद उसके पेट में दबाव बना ओर वो अपने कमरे से भागकर नीचे की तरफ टॉयलेट में घुस गया, इसे ऐसे भागते आंगन में खड़ी चन्दा मन में मुस्करा दी और वापस आंगन में झाड़ू निकलने लगी, अकसर चन्दा सुबह जल्दी उठकर झाड़ू निकालती है पर रात को नींद देरी से आने की वजह से सुबह जल्दी नहीं उठ पाई।


(चन्दा अजय से 2 साल छोटी उसकी बहन है उसकी भी उमर 28 साल हो चुकी है, अजय के ब्याह न होने के कारण अभी इसकी भी शादी नहीं हुई ,क्यों की अजय उससे बड़ा था।

चन्दा 28 के होने के कारण पूरा बदन gadraya हुआ था , उसका रंग सावला था पर 34D की छाती ओर 38 की कमर 5.5 फुट कद पूरी मांसल बदन तीखे नैन नक्स कोई उसके चूंचे ओर गान्ड देख ले तो बूढ़े भी लन्ड खड़ा करके मुठिया ले,
आज उसने नीले रंग का सूट सलवार पहन रखा था और चुनी कमर पर बांध रखी थी और झाड़ू निकाल रही थी)

अजय शौचक्रिया करके बाहर आया और अपर अपने माले में जाने लगा आंगन पार कर रहा था तब उसकी नजर अपनी मादक बहन पर जो झुककर झाड़ू निकाल रही थी उसकी चूंचियां मानो सूट फाड़ कर बाहर आ रही हो
अजय उसके नीले सूट में बनी बड़े बड़े चूंचो के बीच बनी घाटी देखकर सुन्न सा पड़ गया एकबार तो पर उसने जल्दी से नजर घूमा कर वापस सीडीओ की तरफ जाने लगा एकबार सीढ़ियों पर जाके वापस मुड़कर अपनी बहन की तरफ देखा पर उसकी चन्दा का मुंह दूसरी तरफ था पर वो अपनी बहन की गान्ड देखने लगा जो कि बहुत ही बड़ी दिखाई दे रही थी सूट में ओर उसने अपने लण्ङ को दबाया और फिर अपने माले में चला गया,
माले में आकर वो नीचे अपनी बहन चन्दा के उस नजारे को याद करके गुनगना गया और बार बार उसके चेहरे के आगे उसकी बहन चन्दा की मोटी मोटी चूचों की घाटी नजर आने लगी और सोचने लगा चन्दा कब तक तड़पाएगी ओर अपना हाथ लण्ङ पर ले गया और उसे कच्छे के ऊपर से मसलने लगा और सोचने लगा
की गांव में सबसे भरा बदन उसकी बहन चन्दा का है और उसकी बहन की टकर की कोई लड़की नहीं है लड़की क्या औरतों को भी चन्दा दूर बैठती है, पर गांव में उसकी उमर की सभी लड़कियां ब्याही हुई है उनके कुछ के बच्चे भी है परन्तु उसके भारी शरीर का तोड़ किसी के पास नहीं है , थोड़ा काला सांवली रंग की होने के बाद भी वो मस्त घोड़ी है और सोचने लगा उसकी बहन की शादी होगी तो वो कितना नसीबवाला होगा जिससे शादी होगी ऐसी लड़की मिल जाए तो मजा आ जाए जिंदगी हसीन हो जाए।

तभी उसे बाहर के दरवाजा खुलने का शोर सुनाई दिया जिससे वो होश में आया ।

बाहर से रामसिंह दरवाजा खोल कर अंदर आया जैसे ही रामसिंह ने दरवाजा खोला चन्दा ने अपनी चुनी कमर से हटाकर दुपट्टा लेने लगी क्यों की वो अपने पिताजी की लाज करती थी क्यों भी न करे 28 साल की पूरी जवान घोड़ी थी अपने बाप के सामने शर्मा कर रहती थी।

रामसिंह जब दरवाजा खोला तो उसकी नजर अपनी बेटी पर पड़ गई थी जो चुनी कमर से अपनी छाती को ढक रही थी तब कुछ लम्हों के लिए उसे भी अपनी मादक बेटी चन्दा की गले की घाटी दिख गई थी पर उसने ज्यादा एहसास नहीं किया और आंगन में नीम के पेड़ के नीचे खटिया पर बैठ गया
 

Abhishek Kumar98

Well-Known Member
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सुबह के 9 बजे अजय अपने बिस्तर से उठने लगा पेट के बल बांहे फैलाकर लेता हुआ था, उठते ही अपना कच्छा (shorts) दिखा जो जांघों तक नीचे था ।
मुस्कराते हुए अपने कच्छे को ऊपर करने लगा और रात की बात याद करने लगा कैसे अपनी पुरानी gf को याद करके 3_4 बार मूठ मारके सोया हुआ था,।

तभी पास में पड़ी हुई बीड़ी का बंडल उठाकर
उसमें से एक बीड़ी निकालकर सुलगाई और पुराने दिन याद करके एकाएक अपने हाथ से कच्छे के ऊपर से लन्ड को दबा दिया फिर जल्दी से बीड़ी खत्म करके नीचे की ओर भागा,,,,


(अजय एक 30 साल का लड़का है जो अभी कुंवारा है मतलब अभी शादी नहीं हुई है पर वैसे कुंवारा नहीं है अपनी चढ़ती जवानी के दिनों बहुत सी लड़कियां चोदी थी पर उसे आखिरी बार chudai किए हुए 5_6 साल हो गए थे ।

उसकी शादी न होने का कारण उसकी बुरी आदतें थी शराब पीना, जुआ खेलना, लड़ाई झगड़े करना इनकी वजह से जो रिश्ते आए गांव वालों ने बीच में टांग अड़ाकर इसके रिश्ते नहीं होने दिए)

अजय बीड़ी पीने के बाद उसके पेट में दबाव बना ओर वो अपने कमरे से भागकर नीचे की तरफ टॉयलेट में घुस गया, इसे ऐसे भागते आंगन में खड़ी चन्दा मन में मुस्करा दी और वापस आंगन में झाड़ू निकलने लगी, अकसर चन्दा सुबह जल्दी उठकर झाड़ू निकालती है पर रात को नींद देरी से आने की वजह से सुबह जल्दी नहीं उठ पाई।


(चन्दा अजय से 2 साल छोटी उसकी बहन है उसकी भी उमर 28 साल हो चुकी है, अजय के ब्याह न होने के कारण अभी इसकी भी शादी नहीं हुई ,क्यों की अजय उससे बड़ा था।

चन्दा 28 के होने के कारण पूरा बदन gadraya हुआ था , उसका रंग सावला था पर 34D की छाती ओर 38 की कमर 5.5 फुट कद पूरी मांसल बदन तीखे नैन नक्स कोई उसके चूंचे ओर गान्ड देख ले तो बूढ़े भी लन्ड खड़ा करके मुठिया ले,
आज उसने नीले रंग का सूट सलवार पहन रखा था और चुनी कमर पर बांध रखी थी और झाड़ू निकाल रही थी)

अजय शौचक्रिया करके बाहर आया और अपर अपने माले में जाने लगा आंगन पार कर रहा था तब उसकी नजर अपनी मादक बहन पर जो झुककर झाड़ू निकाल रही थी उसकी चूंचियां मानो सूट फाड़ कर बाहर आ रही हो
अजय उसके नीले सूट में बनी बड़े बड़े चूंचो के बीच बनी घाटी देखकर सुन्न सा पड़ गया एकबार तो पर उसने जल्दी से नजर घूमा कर वापस सीडीओ की तरफ जाने लगा एकबार सीढ़ियों पर जाके वापस मुड़कर अपनी बहन की तरफ देखा पर उसकी चन्दा का मुंह दूसरी तरफ था पर वो अपनी बहन की गान्ड देखने लगा जो कि बहुत ही बड़ी दिखाई दे रही थी सूट में ओर उसने अपने लण्ङ को दबाया और फिर अपने माले में चला गया,
माले में आकर वो नीचे अपनी बहन चन्दा के उस नजारे को याद करके गुनगना गया और बार बार उसके चेहरे के आगे उसकी बहन चन्दा की मोटी मोटी चूचों की घाटी नजर आने लगी और सोचने लगा चन्दा कब तक तड़पाएगी ओर अपना हाथ लण्ङ पर ले गया और उसे कच्छे के ऊपर से मसलने लगा और सोचने लगा
की गांव में सबसे भरा बदन उसकी बहन चन्दा का है और उसकी बहन की टकर की कोई लड़की नहीं है लड़की क्या औरतों को भी चन्दा दूर बैठती है, पर गांव में उसकी उमर की सभी लड़कियां ब्याही हुई है उनके कुछ के बच्चे भी है परन्तु उसके भारी शरीर का तोड़ किसी के पास नहीं है , थोड़ा काला सांवली रंग की होने के बाद भी वो मस्त घोड़ी है और सोचने लगा उसकी बहन की शादी होगी तो वो कितना नसीबवाला होगा जिससे शादी होगी ऐसी लड़की मिल जाए तो मजा आ जाए जिंदगी हसीन हो जाए।

तभी उसे बाहर के दरवाजा खुलने का शोर सुनाई दिया जिससे वो होश में आया ।

बाहर से रामसिंह दरवाजा खोल कर अंदर आया जैसे ही रामसिंह ने दरवाजा खोला चन्दा ने अपनी चुनी कमर से हटाकर दुपट्टा लेने लगी क्यों की वो अपने पिताजी की लाज करती थी क्यों भी न करे 28 साल की पूरी जवान घोड़ी थी अपने बाप के सामने शर्मा कर रहती थी।

रामसिंह जब दरवाजा खोला तो उसकी नजर अपनी बेटी पर पड़ गई थी जो चुनी कमर से अपनी छाती को ढक रही थी तब कुछ लम्हों के लिए उसे भी अपनी मादक बेटी चन्दा की गले की घाटी दिख गई थी पर उसने ज्यादा एहसास नहीं किया और आंगन में नीम के पेड़ के नीचे खटिया पर बैठ गया
Congratulations Bhai for your first thread jabardast start hai bhai Ajay main heir rahe aur bahut saari chut chode ghar parivaar me bhi aur gaon me bhi aur jinhone uski shadi nahi hone di hai unse badla se unki ghar ki aurto ko apni kutiya aur gulam bana kar
 

phudi ka dewana

Lund ki bhok ziyada housewife ko...hoti😍
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Congratulations Bhai for your first thread jabardast start hai bhai Ajay main heir rahe aur bahut saari chut chode ghar parivaar me bhi aur gaon me bhi aur jinhone uski shadi nahi hone di hai unse badla se unki ghar ki aurto ko apni kutiya aur gulam bana kar
Is se bhi or ganda socho bro
 

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रामसिंह का परिवार गंगानगर जिले (राजस्थान) के एक गांव में है जहां 200-300 घर होंगे कुल मिलाकर, रामसिंह के घर में अंदर दो कमरे ओर एक रसोई है, ओर बाहर आंगन में गेट के पास शौचालय है जो कि अपर से छत नहीं है खुला है ओर उसके गेट नहीं है सिर्फ चादर लगी हुई है , उसके थोड़ी दूर नीम का पेड़ है ओर गेट के दूसरी तरफ एक कमरा है जो बैठक के रूप में है जिसका एक गेट बाहर ओर एक गेट अंदर खुलता है,,
ओर आंगन के एक तरफ सीढ़ियां बनी हुई है जो ऊपर अजय के माले में जाकर रुकती है छत पर मंडेर है जिसके अंदर छोटे छोटे होल है।

अब हमारी भरी जवानी मादक बदन वाली चन्दा के बारे में जानते है जब वो 18 साल की थी तो उसका गांव के 2 लड़कों से चकर भी था शुरू से ही कामवासना से भरी हुई थी उनसे एक दो बार chud भी चुकी थी पर उस समय उसके घर पर पता चल गया तो उसका उन लड़कों से संबंध टूट गया और कुछ महीनों बाद उसकी मां चल बसी , ओर चन्दा का परिवार टूट सा गया सारे घर की जिम्मेदारी उस पर आ गई उसने खुद को घर के कामों में व्यस्त रखा और वक्त के साथ साथ उसका शरीर भरने लगा आज 10 साल हो गए उसने किसी को आंख उठा कर भी नहीं देखा पहले से समझदार हो गई।
घर की मन मर्यादा का ख्याल रखने लगी घर के साथ साथ खेत के कामों में भी हाथ बटाने लगी,,,,
चन्दा के साथ की लड़कियां मां बन चुकी है , जब इसकी सहेलियों से मिलती है तो अपने आप को कोसती है जब वो अपने पति के साथ chudai की बाते करती है,,,पर चन्दा को भी पता है अगर उसकी शादी हो गई तो घर में पिताजी ओर भाई का खाना पीना कौन करेगा और अजय के लिए तो रिश्ते आने भी बंद हो गए है,,,उसे लगता है कि उसका ये जीवन ऐसे ही कट जाएगा,,,, कभी कभार रात को जब मौका मिलता है तो अपनी चूत को शांत कर लेती है,,



अजय ने भी अपनी जुए व शराब की लत को छोड़ दिया आज 5 साल हो गए है ज्यादा तर अपने कमरे में ही रहता है ऊपर, इसके साथ के लड़कों की शादी कब की हो गई उनके बच्चे खेलने की उमर के हो गए है , गांव के लोग इसे तुच्छ नजरों से देखते है ,,इसी वजह से ज्यादा घर के बाहर नहीं जाता ऊपर अपने कमरे में रहता है

To be continued....
Is se bhi or ganda socho bro
भाई मेरी पहली स्टोरी है ओर इसे बहुत उत्तेजक बनाऊंगा
 

Darkest_lust

Bade_dil_wala
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शाम के 7 बजे:
हल्की हल्की बारिश हो रही थी मौसम सुहावना था ठंडी ठंडी हवा चल रही थी

चन्दा बरामदे में बने चूल्हे के पास पीढ़ी पर अपने चोड़े चूतड़ टीकाकार बैठकर रोटियां बना रही थी तभी बारिश देखकर रामसिंह ने बरामदे में बैठकर रात्रि भोजन करना उचित समझा, अक्सर वो अपने बाहर के कमरे में खाना खाता है पर आज वो बरामदे में एक पीढ़ी लेकर चंदा के पास बैठ गया और चन्दा ने आगे बढ़कर थाली में खाना परोस दिया ,
अजय भी बारिश की वजह से नीचे आ गया खाने के लिए ओर पिता जी के बगल में बैठ गया ,,
चन्दा के पिताजी ओर अजय अक्सर अपने कमरे में खाना खाते है तो वो बिना चुनी के खाना बनाती है क्यों कि चुनरी बार बार आटे में गिरती है वो बिना चुनरी के बैठी थी,,,
दोनों बाप बेटे बगल में बैठे थे और उनके सामने 2-3 फिट की दूरी पर चन्दा बैठी थी,,,, चंदा ने अपनी चुनरी का ध्यान नहीं दिया क्यों कि वो अपने काम में व्यस्त थी,,,तभी

Ajay- बहन एक रोटी देना

चन्दा अजय की बात सुनकर जैसे ही रोटी देने को आगे झुकी उसकी पहाड़ जैसी मध्यम काली चूंचियां मानो सूट के गले से बाहर आ रही हो,,,,
अजय ओर रामसिंह दोनों की नजर उसकी बड़ी बड़ी चूंचियों पर पड़ गई और दोनों सकपका गए पर एक दूसरे से अनजान थे,,

चन्दा वापस रोटी बेलने लगी उधर दोनों बाप बेटे को अभी का नजारा देख कर दोनों खाना खाते खाते नजर चन्दा के मादक शरीर में गड़ाए बैठे थे चन्दा की मोटी गान्ड जो पीढ़ी पर समा नहीं रही थी और जैसे रोटी बेलती उसकी चूंची हिलती,,
रामसिंह - बेटी चन्दा एक रोटी देना
इतना सुनते ही अजय के कान खड़े हो गए ,, रोटी उन दोनों के सामने एक छोटी छाबड़ी में थी,,,वो आसानी से उठा सकते थे,,,

चन्दा ने फिर से रोटी उठाने के लिए आगे झुकी और उसी वक्त आसमान में बिजली चमकी जिससे उसकी काली गहरी घाटी दोनों बाप बेटे को दिखाई दे गई उसका चिकना बदन,,,
एक पल के लिए दोनों के मुंह से हल्की सी आहह निकल गई पर बिजली ही गड़गड़ाहट में किसी ने किसी को नहीं सुना,,,,

जैसे ही चन्दा वापस पीछे हुई,,,
अजय - बहना एक रोटी अपने भाई को भी देना ,,

इतना सुनते ही रामसिंह न चाहते हुए भी एक टुकड़ा हाथ में लिए नजर ऊपर उठा ली,,,
फिर से दोनों बाप बेटे एक दूसरे से वंचित दोनों की नजर चन्दा की छातियों में चली गई,,, इस बार चंदा ने अपने पिताजी ओर भाई की नजरों को देख लिया और उसे पता लग गया कि उनकी नजर कहा है,,,,वो अंदर से एकदम हिल गई,,, ओर मन में सोचने लगी क्या सच में दोनों मेरी छातियों को देख रहे थे,,,
नहीं वो क्यों देखेंगे भला,,

अजय - आज बहना खाना बहुत स्वादिष्ट है बहुत दिन बाद तुम्हारे पास बैठकर खाना खाने में अच्छा लग रहा है।

रामसिंह - हां चंदा बेटी आज तो रोटियां बहुत ही स्वादिष्ट लग रही है,,

चन्दा अपने खाने के तारीफ सुनकर अंदर अंदर खुश हुई और दोनों को बिना देखे रोटी बेलते समय ,,

Chanda- अच्छा इतने दिन खाना स्वाद नहीं था

रामसिंह - नहीं बेटा कभी तुम्हारे पास बैठकर कभी इतने प्यार से नहीं खाया ना,,,

Ajay- बहन एक रोटी देना,,,

रामसिंह की आंखों में सुनते ही चमक आ गई उसे पता था क्या होने वाला है

इस बार चंदा झुकी तो फिर से बिजली चमकी तो बड़ी बड़ी काली चूंचियां की घाटियों में दोनों का मुंह मानो जैसे खा जाने वाली नजरों से देखने लगा,,, इस बार चंदा ने दोनों को फिर से देख लिया,,,ओर चन्दा समझ गई दोनों उसकी मोटी मोटी चूंचियों को निहार रहे है,,,,चन्दा अपने बाप भाई को अपनी तरफ ऐसे देखने से उसके अंदर एक करंट सा लगा,,उसे यकीन हो गया कि दोनों क्या देख रहे है,,,

तभी ramsingh- बेटा ऐसे खाना तुम्हारी मां के पास बैठ कर खाते थे और थोड़ा भावुक हो गया,,, आज तुम्हारी मां जिंदा होती तो कितना अच्छा होता तुम दोनों की शादी भी हो जाती,,,,

चन्दा अपनी शादी की बात सुनके सिहर गई ओर बोली

Chanda - पिताजी आप उदास मत होइए,, मां नहीं है तो क्या हुआ मैं हु ना मां की हर कमी पूरी करूंगी,,,,,

चन्दा का मतलब उन दोनों की देखभाल से था अचानक उसके मुंह से हर पूरी कमी पूरी कमी करूंगी निकल गई,,,उसे खुद भी नहीं एहसास हुआ वो क्या बोल गई,,,

रामसिंह अपनी बेटी के मुंह से ये बात सुनकर अंदर से सिहर गया,,

रामसिंह - बेटा क्या करूं मैं अभागा बाप तुम दोनों के लिए कुछ नहीं कर पा रहा तुम्हारी भी शादी की उमर निकल रही है ,,,रामसिंह भावुक हो गया उसकी आंख से आंसू निकल गए।।

चन्दा ओर अजय उठकर रामसिंह के अगल बगल बैठ गए और दोनों ने अपना एक एक हाथ रामसिंह की कमर पर रख कर उन्हें शांत करने लगे,,,
चन्दा - ऐसा मत बोलिए पिताजी हम दोनों खुश है आप चिंता मत कीजिए ,यहां मैं आप दोनों की देखभाल करना करूंगी मुझे नहीं करनी शादी,,,

इस वक्त अजय का हाथ चन्दा के हाथ के ऊपर हो गया रामसिंह की कमर पर और चन्दा के मखमली हाथ पर हाथ रखने से अजय तो उसके मुलायम saprasrh से गदगद हो गया और अचानक उससे रहा नहीं गया और हल्का सा चंदा का हाथ दबा दिया,,,,चन्दा के हाथ पर मर्दाना हाथ लगने से वो थोड़ी सी सिहर उठी,,, रामसिंह भी अब normal हो चुका था सबने खाना खा कर अपने अपने कमरे में चले गए,,,,
बारिश रुक चुकी थी और बाहर ठंडी हवाएं चल रही थी चंदा ने अपनी चारपाई बाहर आंगन में एक तरफ सीढ़ियों की तरफ चार पाई डालकर लेट गई ओर खाने के समय हुए लम्हों को याद करके सोचने लगी,,,,,


चन्दा के मन में शाम का दर्शाया चल रहा था कि कैसे उसके बाप भाई उसके मोटे बोबे घूर रहे थे,, वो सोच कर सिहर गई थी अंदर तक चारपाई पर अपनी मोटी गान्ड ओर भारी मादक शरीर फैला कर लेटी थी,,,उसने सोचा पिता जी कितने अकेले हो गए है मां की कितनी याद आती है उन्हें उनका क्या कसूर है बेचारे का,,,10 साल हो गए हमारे लिए खेत में काम करते है,,चन्दा को अपने पिताजी पर दया आ रही थी,,,, रात के 11 बज रहे थे की तभी ऊपर मंडेर पर उसे साइड में किसी की आहट सुनी चन्दा का ध्यान उधर गया और चांदनी रात होने के कारण अजय की बगल दिखाई दी,,, उसने सोचा भैया इस वक्त क्या कर रहे है तभी उसे जैसे पानी गिरता है जमीन पर आवाज सुनाई दी,,वो आवाज बगल में खाली पड़े मैदान से आ रही थी जैसे टूटी से पानी गिरता हो,,,,चन्दा का माथा ठनका ओर उसे पता चलते देर नहीं लगी कि उसका 30 साल का भाई खड़े खड़े बाहर की ओर mut रहा है,,,ये सोचते ही वो अंदर से सिहर गई वो आज सुबह से पहले ही अपने बाप ओर भाई से घूरने की वजह से उत्तेजित थी अब ये उसके बड़े भाई का ऐसे मूतना,,,,करीब एक मिनट तक मूतने के बाद आवाज आना बंद हो गई अजय वहां से चला गया,,,,अजय के जाने के बाद चन्दा सोचने लगी आज ये मेरे साथ क्या हो रहा है,,,ओर वो चारपाई पर कसमसाने लगी क्यों न कसमसाई पूरी भरी जवान घोड़ी थी उसे कोई उसे मसलने वाला मर्द चाहिए था,,,ओर उसका हाथ न चाहते हुए भी अपनी पाव रोटी जैसी चूत पर सलवार के ऊपर से चला गया,,,,,उसने सोचा मेरे अजय भैया भी क्या करे इस उमर में भी कुंवारे है उनकी क्या गलती मेरी तरह वो भी तड़फ रहे है,,, चन्दा को अपने पिताजी ओर भाई पर दया आई और उसने ठान लिया कि वो अपने पिताजी ओर भाई से कभी गुस्सा नहीं करेगी,,,,


इधर खाना खाने के बाद अपने कमरे में अपर chala गया बीड़ी सुलगाई ओर अपना हाथ लण्ङ पर ले गया,,, हाए मेरी घोड़ी बहना काश मेरी शादी तुझसे होती तेरे काले चूंचे जी करता है उन्हें चूस चूस कर पी जाउ,,,ऐसे अपनी बहन की कल्पना करते अपने लण्ङ को बाहर निकालने लगा और मूठ मार ली उसकी रोज की आदत हो गई थी अब मूठ मारना,,,क्या करे बेचारा करता भी तो क्या करता ,,,रोज मूठ मारने से उसका लण्ङ पतला हो गया था लण्ङ पर नशे आ गई थी पर लंबा 6 इंची ओर 2 इंच मोटा था,,,

उधर बाहर के कमरे में खाना खाने के बाद रामसिंह अपने कमरे में हुक्का पी रहा था,,ओर अपनी पत्नी को याद करके अपने पजामे में 10 इंची लण्ङ ओर 4 इंच मोटा लण्ङ सहला रहा था ,,, उसके आज दिन ओर शाम में अपनी बेटी की मोटी चूंचियों को देखकर ये हालत हो गई थी उसका मन धीरे धीरे अपनी बेटी के प्रति आकर्षित हो रहा था कुछ देर मसलने के बाद वो नींद की आगोश में चला गया,,,

तीनों बाप बेटे बेटी में आज एक हल्की सी चिंगारी पनपी थी,,,देखते है आगे क्या होता है,,,
 

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Update -4
अगली सुबह 7 बजे
रामसिंह अपने कमरे में बैठकर हुक्का पी रहा था, उसने चन्दा को आवाज लगाई चन्दा बिटिया, ओह चंदा बिटिया
चन्दा ने जब अपने पिताजी की बात सुनी तो दौड़कर अपने पिताजी के पास गई जैसे ही कमरे के सामने पहुंची और वो रुकी और वापस मुड़ने लगी तभी रामसिंह बेटी चन्दा मैने ही बुलाया था
तभी चन्दा थोड़ी संकुचित होकर,, पिताजी वो..वो चुनरी अंदर ही रह गई... रामसिंह ने कहा कोई बात नहीं बेटी तू तो मेरी बेटी ही है ओर सूट के ऊपर उभार को देखते हुए चन्दा को कहा।
चन्दा थोड़ी सहज महसूस किया कि उसके पिताजी कितने अच्छे है ओर बोली - पिताजी कोई काम था क्या?

रामसिंह - काम तो तू हमेशा करती है बिटिया ,पर मुझे तुमसे ओर अजय से बात करनी थी तुम जाओ और उसे बुलाकर ले आयो।
चन्दा - जी पिताजी

चन्दा जब ऊपर सीडीओ पर जा रही थी छत पर पहुंचते ही उसे एक दुर्गंध महसूस हुई उसने इधर उधर देखा तो मंडेर के पास पानी सा दिखाई दिया और आसपास बहुत से धब्बे दिखाई दिए जो कि पुराने से थे , उसने दुर्गंध पहचान ने में देर नहीं की ये मूत था जो अजय रोज रात को यही करता है। चन्दा थोड़ी शर्मा गई ओर एक लंबी सांस ली जैसे कि दुर्गंध को सूंघ रही हो और कमरे की ओर चल पड़ी ,,,चन्दा ने बाहर से आवाज लगाई भैया ओह भैया,,पर अंदर से आवाज न आने पर आज पहली बार वो अपने भाई के कमरे में घुसी अपर के कमरे में भी गेट नहीं था सिर्फ चादर थी ,,,, उनके घर में सिर्फ बाहर के कमरे में गेट थे जहां रामसिंह सोता है,,,

जैसे ही चन्दा अंदर घुसी उसकी नाक में बीड़ी ओर एक अजीब सी महक आई... उसने कमरे को चारों ओर देखा वहां पर कमरा पूरा बिखरा पड़ा था ,,छोटे छोटे बीड़ी के टुकड़े जमीन पर पड़े थे और जमीन पर कुछ क्रीम सा गिरा पड़ा दिखाई दिया ... उसने पास जाकर देखा तो दंग रह गई उसे समझते देर नहीं लगी कि उसके भाई का वीर्य है,,,,चन्दा अंदर से पूरी हिल गई ओर मानो कर्रेंट सा dour गया हो उसके शरीर में... ये वीर्य बहुत सारा था ओर पहले के धब्बे वहां पर थे... चन्दा मन में क्या भैया इतना मूठ मारते है,,hayeeeeeeeeeee भैया के मूठ के बारे में सोचने से वो सकपका गई ओर जल्दी से माथा ठनका कर वापस सोचने लगी कि पिताजी ने बुलाया था तभी उसने देखा उसके भैया पेट के बल उल्टे लेटे हुए है,,,उनको आवाज देकर उठने लगी पर अजय ढीठ लड़का 9 बजे उठें वाला ऐसे थोड़ी न आवाज से उठ जाएगा ,,,अजय केवल घुटनों तक कच्चे में सोया हुआ था उसकी पीठ पूरी नंगी थी,,,,चंदा के 2-3 बार आवाज देने पर नहीं उठने पर चन्दा ने अजय की पीठ पर हाथ रख कर हिलाया चन्दा को जब अजय की काली पीठ पर हाथ लगा तो वो सिहर गई पहली बार उसने मर्दाना पीठ पर हाथ रखा था उसने फिर से दिमाग को नियंत्रण करके भाई ओह भाई उठो ,,,
इतने में अजय की नींद खुली ओर उसने चन्दा को सामने देख कर चौंक गया और बोला चंदा तुम यहां क्या बात हुई।।।

Chanda- भैया वो पिताजी बुला रहे है आपको

अजय - अच्छा क्या कम है, अभी तो नींद आ रही है

चन्दा - पता नहीं भैया ,,ओर मन में इतना मेहनत करोगे तो नींद ही आएगी

अजय - तू चल मैं आता हूँ

चन्दा नीचे जाने लगती है ओर जाते जाते एक बार नीचे पड़े वीर्य को देख लेती है फिर वापस पिताजी के पास चली जाती है ,,,


अजय जब अपने कपड़े पहन लेता है तो नीचे पड़े वीर्य को देख के उसे होश आता है कि चन्दा ने तो नहीं देख लिया ,,फिर सोचता है नहीं देखा होगा देखती तो मुझे पूछती कि ये क्या गिरा है,,,

फिर अजय नीचे अपने पिताजी के पास आ जाता है वहां चन्दा पहले से खड़ी थी।

आ गए तुम रामसिंह अजय को देख कर बोलता है
अजय जी पिताजी..

देखो अजय चन्दा घर का ओर खेत का भी काम करती है , पूरा दिन मेहनत करती है हम अब इसकी मदद किया करेंगे,,, घर के कामों में हाथ बटवाएंगे

तभी चन्दा - नहीं पिताजी इसकी क्या जरूरत है मैं सम्भल लेती हु सारा काम

रामसिंह - नहीं बेटी तुम सारा घर का कम करती हो , हमारा खाना पीना सब देखती हो, हम दोनों भी तुम्हारा ख्याल रखेंगे मतलब तुम्हे किसी चीज की कमी नहीं होने देंगे,,,रामसिंह ने बात संभालते हुए कहा

चन्दा अपने पिताजी का प्यार देख कर मन मन खुश हुई।

रामसिंह - देखो अजय आज से हम दोनों घर के कम में हाथ बताएंगे चन्दा बिटिया का

Ajay- हां पिताजी क्यों नहीं ,

पर क्या क्या काम करने है

Ramsingh- ये तो मैने भी नहीं सोचा ,,कुछ देर सोचने के बाद रामसिंह हां मैं गायों का ख्याल रखूंगा ( रामसिंह के घर के सामने 4 दिवारी का बाड़ा है जहां 2 कमरे है एक में चारा ओर एक में बांधते है ओर एक टीन का शेड है उसके पास ही अपना ट्रैक्टर खड़ा करके रखते है)

रामसिंह - गायों को चारा खिलाना और दूध निकालने का काम मेरा।

चन्दा - पिताजी आप क्यों तकलीफ कर रहे है मैं कर लूंगी सब काम

रामसिंह - नहीं बेटा ये हमारा फ़र्ज़ है tum हमारा ख्याल रखती हो हमारा भी फ़र्ज़ हेतुमहारा ख्याल रखे,,,
चन्दा सब आराम से सुन रही थी फिर अचानक बोली
चन्दा- पर पिताजी आपको तो दूध निकालना आता है क्या? (इस पर रामसिंह दूध निकालने की बात सुनकर सकपका गया)

( चन्दा ही हमेशा से दूध निकालती थी गाय का उससे पहले उसकी मां निकालती थी)

रामसिंह _ अपनी मादक बेटी की चूंचियों को देख कर बेटी तुम मुझे सिखा देना दूध निकालना,,ये बात थोड़ी जोर देकर कही

रामसिंह की बात सुनकर थोड़ा शर्मा गई ओर अपनी आंखे नीचे कर ली

रामसिंह _ सिखा दोगी न बेटी चन्दा

चन्दा कुछ बोल भी पाई सिर्फ ,,जी बोलकर रह गई

अजय चुपचाप सुन रहा था तभी अजय बोला_ मैं मेरी बहन का घर के कामों में हाथ बताऊंगा

चन्दा बाप भाई की बाते सुनकर उनके प्रति निश्चल प्रेम की भावना से देखने लगी
और बोली आप दोनों मुझे कितना प्यार करते हो ।

और पिताजी के गले लग गई रामसिंह गए सीने में अपनी बेटी की गुदाज छातियों का जैसे ही मिलन हुआ तो उसके पायजामा में झटका लगा ,,रामसिंह ने भी मौका पाकर अपनी बेटी को बाहों में भर लिया ,,अपनी पीठ पर भारी हाथ पाकर चन्दा थोड़ी सी सिहर गई,,,
अजय पास खड़ा ये सब देख कर बोला क्यों बहना मैं नहीं करता प्यार इस पर अपने पिताजी के गले से एक बाह निकल कर बोली है भाई तुम भी करते हो और अजय को अपने पास आने का बांहे फैलाकर आमंत्रण दिया,,,अजय टपक से गले लग गया ,,,तीनों बाप बेटी गा गले मिलना मानो मंत्रमुग्ध दर्शाया था,,, अगले क्षण सभी अलग हो गए

तभी ajay- पिताजी गंगानगर में मेला भरा है क्यों ने चंदा को मेला घूमा लाऊं

रामसिंह_ हां दोनों भाई बहन जा आओ

चन्दा की तो मानो आज खुशियों की लॉटरी लग गई थी एक अरसा हो गया था घूमे हुए वो भी मेले में

अजय - तो ठीक है चन्दा शाम को तैयार रहना मेला देखने चलेंगे

30 साल का कुंवारा भाई अपनी
28 साल की कुंवारी मादक बहन को मेला दिखाएगा


To be continued.....
 
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