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Incest मां और खेत

sam00023

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Update 2

मैं मां को वही खिड़की से देख के मुठ्ठी मर रहा था। और मां की कच्छी(panty) को अपने नाक से लगा के सुंघ रहा था।

मां की कच्छी(panty) में दाग धब्बे देखता हु जो की कच्छी में लगा था और ऐसा लग रहा था की मां की चुत से जो काम रस निकलता है वो इस कच्छी में लगा है। फिर मैं उस दाग धब्बे वाले हिस्से को अपनी नाक में लगा के एक लम्बी सांस लेता हु । और जब मैं लम्बी सांस लेता हु तो कुछ अलग ही महक आ रही थी । मुझे समझ नहीं आ रहा था की ये खुशबु है या फिर बदबु है दोनों का मिक्स महक आ रहा था।


IMG-20260428-110432

फिर मैं मां की कच्छी को अपनी नाक से हटा के देखता हु और दाग धब्बे वाले हिस्से को अपनी जीभ से चखना को सोचता हु।

मैं: मां तेरी कच्छी से जो महक आ रही है मेरे से रहा नहीं जा रहा है। तू वहा नहा रही है और मैं तेरी कच्छी से खेल रहा हु।

फिर मैं कच्छी को अपने दोनों हाथों से फैला लाता हु और अपनी जीभ निकाल के उस दाग धब्बे वाले को हिस्से को चाटने लगता हु।


FB IMG 1740089992742

मैं: ummm ummm मां ahhhhhh।

मुझे उसका स्वाद अजीब लगता है मगर मेरी कामवासना मेरे को और चाटने को कह रही थी। और मैं अपनी मां को अपनी आंखों के सामने नहाता देख उसकी कच्छी चाट रहा था।

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मेरा ध्यान मां से हट के उसकी कच्छी पर चला गया था मैं इतना उस कच्छी को चाटने में खो गया था की मेरा ध्यान मां पर गया ही नहीं और मैं यह सब भुल गया था की मुझे मां को नहाते देखना था।और मैं कुछ देर में उस दाग धब्बे को अपनी जीभ से चाट के साफ कर दिया था।

मैं: ahhhhhh अब हो गई साफ मां की कच्छी। मगर मेरा मुंह का स्वाद कुछ बदल गया है इस कच्छी को चाटने से।

फिर मैं देखता हु कि मां अब नहा ली थी और वही रसी पर अपना पेटीकोट रखी थी फिर मां उस पेटीकोट को उठा के और अपने शर से पहन ती है और अपनी चुचियों के पास लाके रोक देती है और अपनी गीली पेटिकोट का नाड़ा खोल के नीचे गिरा देती है और दूसरे पेटिकोट को अपनी चुचियों के पास लाकर नाड़ा बांध देती है। फिर मैं सोचता हु की मां अब अपने रूम में जाएगी तो मैं वहा से निकल के मां के रूम में जा कर उस कच्छी को वैसे ही रख देता हु जैसे मां छोड़ के गई थी और मैं वहा से निकल के अपने रूम में चला जाता हु।

अब मां अपने रूम में आती है और मेरी जीभ से चाटी हुई अपनी कच्छी पहनती हैं मगर मां को एहसास नहीं होता है कि उसकी कच्छी गीली है।

और मैं अपने रूम में लेट के एक पॉर्न वेबसाईट खोलता हु। और इस वेबसाईट पर Real Mom and Son Porn था और भी कुछ था मगर मैने यह वेबसाईट पहले नहीं देखा था मैं पहली बार इस वेबसाईट को ओपन किया था । यह वेबसाईट देख के मेरे अंदर की जिज्ञासा उठी है की क्या या सही मैं Real Mom and Son वाली वेबसाईट है। तो मैं एक वीडियो प्ले करता हु और वीडियो के इंट्रो से लग जाता है की यह सही में रियल वाले हैं। फिर भी में उस वीडियो को पूरा देखता हु खाली इंट्रो देख के पता नहीं कर सकता था की या वीडियो रियल है।

फिर मैं और भी वीडियो देखता हु जब मैं या सब वीडियो देख रहा था तो मेरा लौड़ा पेंट में ही खड़ा हुआ था। या वीडियो देखी रहा था तो मुझे एक वीडियो दिखती है जिस का नाम था Buy For Your Mom फिर मैं तुरंत इस वीडियो को प्ले करता हु। जैसे ही प्ले करता ही हु तभी मां मेरे रूम का गेट बजाती है और मैं मोबाइल की वॉल्यूम को काम कर देता हु ।

मां: रोहित रोहित।

वैसे भी मोबाइल का वॉल्यूम कम ही था फिर भी कम कर देता हु। और अपने खड़े लंड को पैंट में सही करता हु। यह सब मैं इतना जल्दी कर रहा था। और गेट के पास आके।

मां: रोहित रोहित सो गया क्या ।
मैं: आया मां।

फिर मैं गेट खोलता हु।

मां: अच्छा सुन मैं बाजार जा रही हु बबिता के साथ ।
मैं: ठीक है मां जाओ।
मां: घर देखता रही ओ कुत्ते बिल्ली ना आजाएं अंदर।
मैं: ठीक है मां आप जाओ मैं देख लूंगा।

फिर मां घर से चली जाती है और मैं अपने रूम जा के उस वीडियो को प्ले कर के दिखने लगता हु।

उस वीडियो में:-
(बेटा): देखो मां में क्या लेके आया हु।
(मां): क्या ले के आया है बेटा।
फिर वह लड़का बैग खोलता है जो वह लेके आया था और उस में से एक पाउडर निकलता है और अपनी मां से कहता है।
(बेटा): मां जल्दी से अपनी panty निकल के दो।
(मां): बता पहले क्या है यह।
(बेटा): अपनी panty निकालो तो सही ।
(मां): ठीक है।

फिर उसकी मां उसके सामने नंगी हो जाती है और अपनी panty उतार के अपने बेटे के हाथ में दे देती है। और फिर बेटा उस पाउडर को अपनी मां की panty पर लगाता है। उसकी मां वही खड़ी हो के यह सब देख रही थी की उसका बेटा यह पाउडर क्यों लग रहा है।

(बेटा): लो मां अब इसे पहन लो।

फिर उसकी मां उस पाउडर लगी panty को पहन लेती है।

(मां): यह जो तूने मेरी पैंटी में पाउडर लगाया है इससे क्या होगा।
(बेटा): थोड़ी देर रुको तो मां अभी पता चलेगा कि मैने यह क्यों लगाया है।

फिर 5 मिनट बाद पाउडर अपना असर शुरू करने लगता है। और उसकी मां थोड़ा सा हिलने लगती है और अपनी चुत पर हाथ लगाने लगती है।

(मां): बेटा यह क्या हो रहा है मुझे मेरे चुत में खुजली और गर्मी क्यों लग रही है।
(बेटा): यही तो इस पाउडर का कमाल है मेरी मां।
(मां): बेटा मैं कुछ समझी नहीं।

फिर वह लड़का कैमरे के पास आके कहता।

(बेटा): हेलो दोस्तों यह एक मस्त पाउडर है जो कि आप अपनी मां के पैंटी में यूज कर सकते हो और हा अपनी मां की चुत की गर्मी और खुजली दोनों मिटा सकते हो घंटे तक। इस पाउडर को चुत पर लगाने से औरतों की कामवासना जाग जाती है और वह चुदाई के लिए तैयार हो जाती है।

फिर वह कैमरे को अपनी मां के पास लाता है और उसकी मां पसीने से बिल्कुल तर बतर थी और आहे भर रही थी।

(बेटा): आप लोग देख ही रहे हैं कैसे मेरी मां तड़प रही है। आप लोग इस प्रोडक्ट को खरीदना चाहते हैं तो मेरे वीडियो के नीचे दिए गए लिंक से खरीद सकते हैं। और हा इस पाउडर का एक ट्रांसपेरेंट वाला भी है जो आप लोग उसे यूज कर सकते है जिसे लगाने से पता नहीं चलेगा कि पाउडर लगाया है सफेद वाला जो पाउडर का असली रंग होता है सफेद। तो मिलते है नेक्स्ट वीडियो में। Bye

मैं यह वीडियो देख के उस ट्रांसपेरेंट वाले पाउडर को ऑर्डर कर देता हु। मगर मै आज का आर्डर सेलेक्ट करता हु की आज ही आ जाए यह प्रोडक्ट।

मैं: हा कर दिया ऑर्डर अब बस जल्दी आ जाए यह पाउडर फिर मैं अपनी मां पे इस्तेमाल करूंगा ।

कुछ घंटे बाद:-

मां अब बाजार से आ जाती है और घर के आंगन में चारपाई रखी हुई थी उसे पर बैठ जाती है और मुझसे कहती है।

मां: बेटा एक ग्लास पानी ले के आजा बहुत जोरो की प्यास लगी है।
मैं: ला रहा हु मां।

फिर मैं एक ग्लास में मां के लिए पानी लाता हु। और मां को दे देता हु।

मैं: लो मां।

मां पानी पीने लगते हैं और मां को पसीना भी बहुत आया हुआ होता है बाहर इतनी धूप और गर्मी थी इसके कारण मां पसीने से लटपट थी। मां पानी पीके गिलास को नीचे रख देती है।


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फिर हमारे घर पर बबीता आंटी आती है।

बबीता: संगीता चल मेरे घर पर कुछ काम है।
मां: क्या हुआ।
बबीता: तू चल तो सही।
मां: ठीक है चल रही हु।

और दोनों घर से निकली रही होती है तभी डिलीवरी वाला गेट पर आता है।

डिलीवरी बॉय: रोहित के नाम से ऑर्डर था।
मैं: हा में ही हु।
तभी बबीता आंटी बोलती है।
बबीता: क्या मंगाया है रोहित।
मैं: मैं वो कुछ पढ़ाई का सामान है।
बबीता: अच्छा ठीक है संगीता चल चलते है।

मैं उस प्रोडक्ट को ले लेता हु और मां और आंटी भी अब जा चुकी थी। अब मैं अपने रूम में आके उस पैकेट को खोलता हु और उस में से पाउडर निकल के देखने लगता हु।


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और इधर बबीता आंटी का घर:-
मां: बता क्यों किस लिए लेकर आई है।
बबीता: चल तो सही मेरे रूम में।
दोनों रूम की तरफ चलते हुए जा रही थी।
मां: अभी मैं घर आके आराम ही कर रही थी जब तक तू आ गई।

रूम में आते ही बबीता आंटी एक किताब निकलती है जो उन्होंने बेड के बिस्तर के नीचे रख रखा था।

बबीता: यह देख कौन सी किताब है।
मां उस किताब का नाम पड़ती है।
मां: ये क्या लिखा है " मेरी मां मेरी रखेल"।
बबीता: अभी तो यह सुनकर चौंक जाएगी की यह किताब आई कहां से है।
मां: कहा से आई है।
बबीता: यह किताब मैने अपने बेटे के रूम से निकाला है।
मां: क्या।
बबीता: हा सही कह रही हु।

तभी मैं मां को कॉल करता हु यह पूछने के लिए की कब तक आएंगी घर पर। ताकि मैं उस पाउडर को मां की कच्छी में लगाके रख दूं। मां कॉल उठा ती है।

मां: एक मिनट रुक बबीता रोहित का कॉल आ रहा है।

मै फोन को स्पीकर को लाउड मोड पर रख के बात करता हु।

मां: बोल बेटा।
मैं: मां कब तक आओगी घर पर।
मां: अभी थोड़ा टाइम लगेगा बेटा।
मैं: तो भी कितना टाइम लगेगा।
मां: 1 घंटा लग जाएगा अभी बबीता आंटी का कुछ काम कर रही हु।
मैं: ठीक है मां।

और मैं फोन नहीं कट करता हु और फोन को अपने जेब में डाल के घर के पीछे जा के जहां मां की कच्छी सुख रही थी उस कच्छी को ले के अपने रूम में आ जाता हु । तभी मुझे फोन पे मां की आवाज सुनाई देती हैं।

मां: ये किताब तुने अपने बेटे के रूम से निकाली है।

मैं फोन को अपनी जेब में से निकलता हु और उन दोनों की बातें सुनने लगता हु।

बबीता: हा मैं डेली रात को देखी थी उसे पढ़ते हुए इस किताब को ।
मां: यह किताब तेरे बेटे को मिली कहां से।
बबीता: यही तो नहीं पता मुझे। मुझे लगता है इसके कुछ आवारा दोस्त है उन्हीं से लिया होगा इसने किताब को।
मां: हा या भी हो सकता हैं।

मैं दोनों की बातें सुन के समझ नहीं पा रहा था की किस किताब की बात हो रही है।

बबीता: इस किताब को खोल कर देख इसके अंदर और भी कहानी है।

मां फिर कुछ कहानियों का नाम लेती है।

मां: ये क्या बबीता इस किताब के अंदर तो कुछ ज्यादा ही गंदी-गंदी कहानियों के नाम है।
मां: यह देख क्या लिखा है । " मां मेरी पालतू कुत्तिया" और इस वाले का नाम देख " बुर फाड़वाने को तैयार मेरी मां"।

मैं जैसे ही कहानियों के नाम सुनता हु तो एकदम से हिल जाता हु और सोचता हु की कौन सी किताब इन दोनों के हाथ लग गई है।

बबीता: अब तु ही बता संगीता क्या करूं मैं।
मां: एक बार तु अपने बेटे से बात कर इस बारे में।
मां: मगर यह बात तो बाजार जाते वक़्त भी बता सकती थी।
बबीता: कैसे बताती हम रोड पर यह सब बातें करते हैं और कोई हमारे बातें सुन लेता तो क्या सोचता।
मां: hmm चल एक बार अपने बेटे से बात कर आज।
बबीता: ठीक है।
मां: जब बेटा बड़ा हो जाता है तो उसकी पहली औरत उसकी मां ही होती है जिसे वह पसंद करता हैं।
बबीता: ये क्या कह रही है तु ।
मां: सही कह रही हु।
बबीता: मतलब मैं समझी नहीं तु कहना क्या चाहती है सही से बता।

मैं यह सुन के चोक जाता हु की मां यह क्या कह रही हैं।



मिलते हैं नेक्स्ट अपडेट में।
Bahut hi badhiya update diya.....aur end bhi aise point pe kiya hai jaha utsukta aur badha gai hai....keep updating..

beautiful cock cumming 001
 

bubul

The net
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Bilkul sahi kaha ladlon ki pahli pasand maa ki hoti
 

Sidh

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Update 2

मैं मां को वही खिड़की से देख के मुठ्ठी मर रहा था। और मां की कच्छी(panty) को अपने नाक से लगा के सुंघ रहा था।

मां की कच्छी(panty) में दाग धब्बे देखता हु जो की कच्छी में लगा था और ऐसा लग रहा था की मां की चुत से जो काम रस निकलता है वो इस कच्छी में लगा है। फिर मैं उस दाग धब्बे वाले हिस्से को अपनी नाक में लगा के एक लम्बी सांस लेता हु । और जब मैं लम्बी सांस लेता हु तो कुछ अलग ही महक आ रही थी । मुझे समझ नहीं आ रहा था की ये खुशबु है या फिर बदबु है दोनों का मिक्स महक आ रहा था।


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फिर मैं मां की कच्छी को अपनी नाक से हटा के देखता हु और दाग धब्बे वाले हिस्से को अपनी जीभ से चखना को सोचता हु।

मैं: मां तेरी कच्छी से जो महक आ रही है मेरे से रहा नहीं जा रहा है। तू वहा नहा रही है और मैं तेरी कच्छी से खेल रहा हु।

फिर मैं कच्छी को अपने दोनों हाथों से फैला लाता हु और अपनी जीभ निकाल के उस दाग धब्बे वाले को हिस्से को चाटने लगता हु।


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मैं: ummm ummm मां ahhhhhh।

मुझे उसका स्वाद अजीब लगता है मगर मेरी कामवासना मेरे को और चाटने को कह रही थी। और मैं अपनी मां को अपनी आंखों के सामने नहाता देख उसकी कच्छी चाट रहा था।

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मेरा ध्यान मां से हट के उसकी कच्छी पर चला गया था मैं इतना उस कच्छी को चाटने में खो गया था की मेरा ध्यान मां पर गया ही नहीं और मैं यह सब भुल गया था की मुझे मां को नहाते देखना था।और मैं कुछ देर में उस दाग धब्बे को अपनी जीभ से चाट के साफ कर दिया था।

मैं: ahhhhhh अब हो गई साफ मां की कच्छी। मगर मेरा मुंह का स्वाद कुछ बदल गया है इस कच्छी को चाटने से।

फिर मैं देखता हु कि मां अब नहा ली थी और वही रसी पर अपना पेटीकोट रखी थी फिर मां उस पेटीकोट को उठा के और अपने शर से पहन ती है और अपनी चुचियों के पास लाके रोक देती है और अपनी गीली पेटिकोट का नाड़ा खोल के नीचे गिरा देती है और दूसरे पेटिकोट को अपनी चुचियों के पास लाकर नाड़ा बांध देती है। फिर मैं सोचता हु की मां अब अपने रूम में जाएगी तो मैं वहा से निकल के मां के रूम में जा कर उस कच्छी को वैसे ही रख देता हु जैसे मां छोड़ के गई थी और मैं वहा से निकल के अपने रूम में चला जाता हु।

अब मां अपने रूम में आती है और मेरी जीभ से चाटी हुई अपनी कच्छी पहनती हैं मगर मां को एहसास नहीं होता है कि उसकी कच्छी गीली है।

और मैं अपने रूम में लेट के एक पॉर्न वेबसाईट खोलता हु। और इस वेबसाईट पर Real Mom and Son Porn था और भी कुछ था मगर मैने यह वेबसाईट पहले नहीं देखा था मैं पहली बार इस वेबसाईट को ओपन किया था । यह वेबसाईट देख के मेरे अंदर की जिज्ञासा उठी है की क्या या सही मैं Real Mom and Son वाली वेबसाईट है। तो मैं एक वीडियो प्ले करता हु और वीडियो के इंट्रो से लग जाता है की यह सही में रियल वाले हैं। फिर भी में उस वीडियो को पूरा देखता हु खाली इंट्रो देख के पता नहीं कर सकता था की या वीडियो रियल है।

फिर मैं और भी वीडियो देखता हु जब मैं या सब वीडियो देख रहा था तो मेरा लौड़ा पेंट में ही खड़ा हुआ था। या वीडियो देखी रहा था तो मुझे एक वीडियो दिखती है जिस का नाम था Buy For Your Mom फिर मैं तुरंत इस वीडियो को प्ले करता हु। जैसे ही प्ले करता ही हु तभी मां मेरे रूम का गेट बजाती है और मैं मोबाइल की वॉल्यूम को काम कर देता हु ।

मां: रोहित रोहित।

वैसे भी मोबाइल का वॉल्यूम कम ही था फिर भी कम कर देता हु। और अपने खड़े लंड को पैंट में सही करता हु। यह सब मैं इतना जल्दी कर रहा था। और गेट के पास आके।

मां: रोहित रोहित सो गया क्या ।
मैं: आया मां।

फिर मैं गेट खोलता हु।

मां: अच्छा सुन मैं बाजार जा रही हु बबिता के साथ ।
मैं: ठीक है मां जाओ।
मां: घर देखता रही ओ कुत्ते बिल्ली ना आजाएं अंदर।
मैं: ठीक है मां आप जाओ मैं देख लूंगा।

फिर मां घर से चली जाती है और मैं अपने रूम जा के उस वीडियो को प्ले कर के दिखने लगता हु।

उस वीडियो में:-
(बेटा): देखो मां में क्या लेके आया हु।
(मां): क्या ले के आया है बेटा।
फिर वह लड़का बैग खोलता है जो वह लेके आया था और उस में से एक पाउडर निकलता है और अपनी मां से कहता है।
(बेटा): मां जल्दी से अपनी panty निकल के दो।
(मां): बता पहले क्या है यह।
(बेटा): अपनी panty निकालो तो सही ।
(मां): ठीक है।

फिर उसकी मां उसके सामने नंगी हो जाती है और अपनी panty उतार के अपने बेटे के हाथ में दे देती है। और फिर बेटा उस पाउडर को अपनी मां की panty पर लगाता है। उसकी मां वही खड़ी हो के यह सब देख रही थी की उसका बेटा यह पाउडर क्यों लग रहा है।

(बेटा): लो मां अब इसे पहन लो।

फिर उसकी मां उस पाउडर लगी panty को पहन लेती है।

(मां): यह जो तूने मेरी पैंटी में पाउडर लगाया है इससे क्या होगा।
(बेटा): थोड़ी देर रुको तो मां अभी पता चलेगा कि मैने यह क्यों लगाया है।

फिर 5 मिनट बाद पाउडर अपना असर शुरू करने लगता है। और उसकी मां थोड़ा सा हिलने लगती है और अपनी चुत पर हाथ लगाने लगती है।

(मां): बेटा यह क्या हो रहा है मुझे मेरे चुत में खुजली और गर्मी क्यों लग रही है।
(बेटा): यही तो इस पाउडर का कमाल है मेरी मां।
(मां): बेटा मैं कुछ समझी नहीं।

फिर वह लड़का कैमरे के पास आके कहता।

(बेटा): हेलो दोस्तों यह एक मस्त पाउडर है जो कि आप अपनी मां के पैंटी में यूज कर सकते हो और हा अपनी मां की चुत की गर्मी और खुजली दोनों मिटा सकते हो घंटे तक। इस पाउडर को चुत पर लगाने से औरतों की कामवासना जाग जाती है और वह चुदाई के लिए तैयार हो जाती है।

फिर वह कैमरे को अपनी मां के पास लाता है और उसकी मां पसीने से बिल्कुल तर बतर थी और आहे भर रही थी।

(बेटा): आप लोग देख ही रहे हैं कैसे मेरी मां तड़प रही है। आप लोग इस प्रोडक्ट को खरीदना चाहते हैं तो मेरे वीडियो के नीचे दिए गए लिंक से खरीद सकते हैं। और हा इस पाउडर का एक ट्रांसपेरेंट वाला भी है जो आप लोग उसे यूज कर सकते है जिसे लगाने से पता नहीं चलेगा कि पाउडर लगाया है सफेद वाला जो पाउडर का असली रंग होता है सफेद। तो मिलते है नेक्स्ट वीडियो में। Bye

मैं यह वीडियो देख के उस ट्रांसपेरेंट वाले पाउडर को ऑर्डर कर देता हु। मगर मै आज का आर्डर सेलेक्ट करता हु की आज ही आ जाए यह प्रोडक्ट।

मैं: हा कर दिया ऑर्डर अब बस जल्दी आ जाए यह पाउडर फिर मैं अपनी मां पे इस्तेमाल करूंगा ।

कुछ घंटे बाद:-

मां अब बाजार से आ जाती है और घर के आंगन में चारपाई रखी हुई थी उसे पर बैठ जाती है और मुझसे कहती है।

मां: बेटा एक ग्लास पानी ले के आजा बहुत जोरो की प्यास लगी है।
मैं: ला रहा हु मां।

फिर मैं एक ग्लास में मां के लिए पानी लाता हु। और मां को दे देता हु।

मैं: लो मां।

मां पानी पीने लगते हैं और मां को पसीना भी बहुत आया हुआ होता है बाहर इतनी धूप और गर्मी थी इसके कारण मां पसीने से लटपट थी। मां पानी पीके गिलास को नीचे रख देती है।


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फिर हमारे घर पर बबीता आंटी आती है।

बबीता: संगीता चल मेरे घर पर कुछ काम है।
मां: क्या हुआ।
बबीता: तू चल तो सही।
मां: ठीक है चल रही हु।

और दोनों घर से निकली रही होती है तभी डिलीवरी वाला गेट पर आता है।

डिलीवरी बॉय: रोहित के नाम से ऑर्डर था।
मैं: हा में ही हु।
तभी बबीता आंटी बोलती है।
बबीता: क्या मंगाया है रोहित।
मैं: मैं वो कुछ पढ़ाई का सामान है।
बबीता: अच्छा ठीक है संगीता चल चलते है।

मैं उस प्रोडक्ट को ले लेता हु और मां और आंटी भी अब जा चुकी थी। अब मैं अपने रूम में आके उस पैकेट को खोलता हु और उस में से पाउडर निकल के देखने लगता हु।


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और इधर बबीता आंटी का घर:-
मां: बता क्यों किस लिए लेकर आई है।
बबीता: चल तो सही मेरे रूम में।
दोनों रूम की तरफ चलते हुए जा रही थी।
मां: अभी मैं घर आके आराम ही कर रही थी जब तक तू आ गई।

रूम में आते ही बबीता आंटी एक किताब निकलती है जो उन्होंने बेड के बिस्तर के नीचे रख रखा था।

बबीता: यह देख कौन सी किताब है।
मां उस किताब का नाम पड़ती है।
मां: ये क्या लिखा है " मेरी मां मेरी रखेल"।
बबीता: अभी तो यह सुनकर चौंक जाएगी की यह किताब आई कहां से है।
मां: कहा से आई है।
बबीता: यह किताब मैने अपने बेटे के रूम से निकाला है।
मां: क्या।
बबीता: हा सही कह रही हु।

तभी मैं मां को कॉल करता हु यह पूछने के लिए की कब तक आएंगी घर पर। ताकि मैं उस पाउडर को मां की कच्छी में लगाके रख दूं। मां कॉल उठा ती है।

मां: एक मिनट रुक बबीता रोहित का कॉल आ रहा है।

मै फोन को स्पीकर को लाउड मोड पर रख के बात करता हु।

मां: बोल बेटा।
मैं: मां कब तक आओगी घर पर।
मां: अभी थोड़ा टाइम लगेगा बेटा।
मैं: तो भी कितना टाइम लगेगा।
मां: 1 घंटा लग जाएगा अभी बबीता आंटी का कुछ काम कर रही हु।
मैं: ठीक है मां।

और मैं फोन नहीं कट करता हु और फोन को अपने जेब में डाल के घर के पीछे जा के जहां मां की कच्छी सुख रही थी उस कच्छी को ले के अपने रूम में आ जाता हु । तभी मुझे फोन पे मां की आवाज सुनाई देती हैं।

मां: ये किताब तुने अपने बेटे के रूम से निकाली है।

मैं फोन को अपनी जेब में से निकलता हु और उन दोनों की बातें सुनने लगता हु।

बबीता: हा मैं डेली रात को देखी थी उसे पढ़ते हुए इस किताब को ।
मां: यह किताब तेरे बेटे को मिली कहां से।
बबीता: यही तो नहीं पता मुझे। मुझे लगता है इसके कुछ आवारा दोस्त है उन्हीं से लिया होगा इसने किताब को।
मां: हा या भी हो सकता हैं।

मैं दोनों की बातें सुन के समझ नहीं पा रहा था की किस किताब की बात हो रही है।

बबीता: इस किताब को खोल कर देख इसके अंदर और भी कहानी है।

मां फिर कुछ कहानियों का नाम लेती है।

मां: ये क्या बबीता इस किताब के अंदर तो कुछ ज्यादा ही गंदी-गंदी कहानियों के नाम है।
मां: यह देख क्या लिखा है । " मां मेरी पालतू कुत्तिया" और इस वाले का नाम देख " बुर फाड़वाने को तैयार मेरी मां"।

मैं जैसे ही कहानियों के नाम सुनता हु तो एकदम से हिल जाता हु और सोचता हु की कौन सी किताब इन दोनों के हाथ लग गई है।

बबीता: अब तु ही बता संगीता क्या करूं मैं।
मां: एक बार तु अपने बेटे से बात कर इस बारे में।
मां: मगर यह बात तो बाजार जाते वक़्त भी बता सकती थी।
बबीता: कैसे बताती हम रोड पर यह सब बातें करते हैं और कोई हमारे बातें सुन लेता तो क्या सोचता।
मां: hmm चल एक बार अपने बेटे से बात कर आज।
बबीता: ठीक है।
मां: जब बेटा बड़ा हो जाता है तो उसकी पहली औरत उसकी मां ही होती है जिसे वह पसंद करता हैं।
बबीता: ये क्या कह रही है तु ।
मां: सही कह रही हु।
बबीता: मतलब मैं समझी नहीं तु कहना क्या चाहती है सही से बता।

मैं यह सुन के चोक जाता हु की मां यह क्या कह रही हैं।



मिलते हैं नेक्स्ट अपडेट में।
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sunoanuj

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मैं मां को वही खिड़की से देख के मुठ्ठी मर रहा था। और मां की कच्छी(panty) को अपने नाक से लगा के सुंघ रहा था।

मां की कच्छी(panty) में दाग धब्बे देखता हु जो की कच्छी में लगा था और ऐसा लग रहा था की मां की चुत से जो काम रस निकलता है वो इस कच्छी में लगा है। फिर मैं उस दाग धब्बे वाले हिस्से को अपनी नाक में लगा के एक लम्बी सांस लेता हु । और जब मैं लम्बी सांस लेता हु तो कुछ अलग ही महक आ रही थी । मुझे समझ नहीं आ रहा था की ये खुशबु है या फिर बदबु है दोनों का मिक्स महक आ रहा था।


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फिर मैं मां की कच्छी को अपनी नाक से हटा के देखता हु और दाग धब्बे वाले हिस्से को अपनी जीभ से चखना को सोचता हु।

मैं: मां तेरी कच्छी से जो महक आ रही है मेरे से रहा नहीं जा रहा है। तू वहा नहा रही है और मैं तेरी कच्छी से खेल रहा हु।

फिर मैं कच्छी को अपने दोनों हाथों से फैला लाता हु और अपनी जीभ निकाल के उस दाग धब्बे वाले को हिस्से को चाटने लगता हु।


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मैं: ummm ummm मां ahhhhhh।

मुझे उसका स्वाद अजीब लगता है मगर मेरी कामवासना मेरे को और चाटने को कह रही थी। और मैं अपनी मां को अपनी आंखों के सामने नहाता देख उसकी कच्छी चाट रहा था।

Image

मेरा ध्यान मां से हट के उसकी कच्छी पर चला गया था मैं इतना उस कच्छी को चाटने में खो गया था की मेरा ध्यान मां पर गया ही नहीं और मैं यह सब भुल गया था की मुझे मां को नहाते देखना था।और मैं कुछ देर में उस दाग धब्बे को अपनी जीभ से चाट के साफ कर दिया था।

मैं: ahhhhhh अब हो गई साफ मां की कच्छी। मगर मेरा मुंह का स्वाद कुछ बदल गया है इस कच्छी को चाटने से।

फिर मैं देखता हु कि मां अब नहा ली थी और वही रसी पर अपना पेटीकोट रखी थी फिर मां उस पेटीकोट को उठा के और अपने शर से पहन ती है और अपनी चुचियों के पास लाके रोक देती है और अपनी गीली पेटिकोट का नाड़ा खोल के नीचे गिरा देती है और दूसरे पेटिकोट को अपनी चुचियों के पास लाकर नाड़ा बांध देती है। फिर मैं सोचता हु की मां अब अपने रूम में जाएगी तो मैं वहा से निकल के मां के रूम में जा कर उस कच्छी को वैसे ही रख देता हु जैसे मां छोड़ के गई थी और मैं वहा से निकल के अपने रूम में चला जाता हु।

अब मां अपने रूम में आती है और मेरी जीभ से चाटी हुई अपनी कच्छी पहनती हैं मगर मां को एहसास नहीं होता है कि उसकी कच्छी गीली है।

और मैं अपने रूम में लेट के एक पॉर्न वेबसाईट खोलता हु। और इस वेबसाईट पर Real Mom and Son Porn था और भी कुछ था मगर मैने यह वेबसाईट पहले नहीं देखा था मैं पहली बार इस वेबसाईट को ओपन किया था । यह वेबसाईट देख के मेरे अंदर की जिज्ञासा उठी है की क्या या सही मैं Real Mom and Son वाली वेबसाईट है। तो मैं एक वीडियो प्ले करता हु और वीडियो के इंट्रो से लग जाता है की यह सही में रियल वाले हैं। फिर भी में उस वीडियो को पूरा देखता हु खाली इंट्रो देख के पता नहीं कर सकता था की या वीडियो रियल है।

फिर मैं और भी वीडियो देखता हु जब मैं या सब वीडियो देख रहा था तो मेरा लौड़ा पेंट में ही खड़ा हुआ था। या वीडियो देखी रहा था तो मुझे एक वीडियो दिखती है जिस का नाम था Buy For Your Mom फिर मैं तुरंत इस वीडियो को प्ले करता हु। जैसे ही प्ले करता ही हु तभी मां मेरे रूम का गेट बजाती है और मैं मोबाइल की वॉल्यूम को काम कर देता हु ।

मां: रोहित रोहित।

वैसे भी मोबाइल का वॉल्यूम कम ही था फिर भी कम कर देता हु। और अपने खड़े लंड को पैंट में सही करता हु। यह सब मैं इतना जल्दी कर रहा था। और गेट के पास आके।

मां: रोहित रोहित सो गया क्या ।
मैं: आया मां।

फिर मैं गेट खोलता हु।

मां: अच्छा सुन मैं बाजार जा रही हु बबिता के साथ ।
मैं: ठीक है मां जाओ।
मां: घर देखता रही ओ कुत्ते बिल्ली ना आजाएं अंदर।
मैं: ठीक है मां आप जाओ मैं देख लूंगा।

फिर मां घर से चली जाती है और मैं अपने रूम जा के उस वीडियो को प्ले कर के दिखने लगता हु।

उस वीडियो में:-
(बेटा): देखो मां में क्या लेके आया हु।
(मां): क्या ले के आया है बेटा।
फिर वह लड़का बैग खोलता है जो वह लेके आया था और उस में से एक पाउडर निकलता है और अपनी मां से कहता है।
(बेटा): मां जल्दी से अपनी panty निकल के दो।
(मां): बता पहले क्या है यह।
(बेटा): अपनी panty निकालो तो सही ।
(मां): ठीक है।

फिर उसकी मां उसके सामने नंगी हो जाती है और अपनी panty उतार के अपने बेटे के हाथ में दे देती है। और फिर बेटा उस पाउडर को अपनी मां की panty पर लगाता है। उसकी मां वही खड़ी हो के यह सब देख रही थी की उसका बेटा यह पाउडर क्यों लग रहा है।

(बेटा): लो मां अब इसे पहन लो।

फिर उसकी मां उस पाउडर लगी panty को पहन लेती है।

(मां): यह जो तूने मेरी पैंटी में पाउडर लगाया है इससे क्या होगा।
(बेटा): थोड़ी देर रुको तो मां अभी पता चलेगा कि मैने यह क्यों लगाया है।

फिर 5 मिनट बाद पाउडर अपना असर शुरू करने लगता है। और उसकी मां थोड़ा सा हिलने लगती है और अपनी चुत पर हाथ लगाने लगती है।

(मां): बेटा यह क्या हो रहा है मुझे मेरे चुत में खुजली और गर्मी क्यों लग रही है।
(बेटा): यही तो इस पाउडर का कमाल है मेरी मां।
(मां): बेटा मैं कुछ समझी नहीं।

फिर वह लड़का कैमरे के पास आके कहता।

(बेटा): हेलो दोस्तों यह एक मस्त पाउडर है जो कि आप अपनी मां के पैंटी में यूज कर सकते हो और हा अपनी मां की चुत की गर्मी और खुजली दोनों मिटा सकते हो घंटे तक। इस पाउडर को चुत पर लगाने से औरतों की कामवासना जाग जाती है और वह चुदाई के लिए तैयार हो जाती है।

फिर वह कैमरे को अपनी मां के पास लाता है और उसकी मां पसीने से बिल्कुल तर बतर थी और आहे भर रही थी।

(बेटा): आप लोग देख ही रहे हैं कैसे मेरी मां तड़प रही है। आप लोग इस प्रोडक्ट को खरीदना चाहते हैं तो मेरे वीडियो के नीचे दिए गए लिंक से खरीद सकते हैं। और हा इस पाउडर का एक ट्रांसपेरेंट वाला भी है जो आप लोग उसे यूज कर सकते है जिसे लगाने से पता नहीं चलेगा कि पाउडर लगाया है सफेद वाला जो पाउडर का असली रंग होता है सफेद। तो मिलते है नेक्स्ट वीडियो में। Bye

मैं यह वीडियो देख के उस ट्रांसपेरेंट वाले पाउडर को ऑर्डर कर देता हु। मगर मै आज का आर्डर सेलेक्ट करता हु की आज ही आ जाए यह प्रोडक्ट।

मैं: हा कर दिया ऑर्डर अब बस जल्दी आ जाए यह पाउडर फिर मैं अपनी मां पे इस्तेमाल करूंगा ।

कुछ घंटे बाद:-

मां अब बाजार से आ जाती है और घर के आंगन में चारपाई रखी हुई थी उसे पर बैठ जाती है और मुझसे कहती है।

मां: बेटा एक ग्लास पानी ले के आजा बहुत जोरो की प्यास लगी है।
मैं: ला रहा हु मां।

फिर मैं एक ग्लास में मां के लिए पानी लाता हु। और मां को दे देता हु।

मैं: लो मां।

मां पानी पीने लगते हैं और मां को पसीना भी बहुत आया हुआ होता है बाहर इतनी धूप और गर्मी थी इसके कारण मां पसीने से लटपट थी। मां पानी पीके गिलास को नीचे रख देती है।


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फिर हमारे घर पर बबीता आंटी आती है।

बबीता: संगीता चल मेरे घर पर कुछ काम है।
मां: क्या हुआ।
बबीता: तू चल तो सही।
मां: ठीक है चल रही हु।

और दोनों घर से निकली रही होती है तभी डिलीवरी वाला गेट पर आता है।

डिलीवरी बॉय: रोहित के नाम से ऑर्डर था।
मैं: हा में ही हु।
तभी बबीता आंटी बोलती है।
बबीता: क्या मंगाया है रोहित।
मैं: मैं वो कुछ पढ़ाई का सामान है।
बबीता: अच्छा ठीक है संगीता चल चलते है।

मैं उस प्रोडक्ट को ले लेता हु और मां और आंटी भी अब जा चुकी थी। अब मैं अपने रूम में आके उस पैकेट को खोलता हु और उस में से पाउडर निकल के देखने लगता हु।


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और इधर बबीता आंटी का घर:-
मां: बता क्यों किस लिए लेकर आई है।
बबीता: चल तो सही मेरे रूम में।
दोनों रूम की तरफ चलते हुए जा रही थी।
मां: अभी मैं घर आके आराम ही कर रही थी जब तक तू आ गई।

रूम में आते ही बबीता आंटी एक किताब निकलती है जो उन्होंने बेड के बिस्तर के नीचे रख रखा था।

बबीता: यह देख कौन सी किताब है।
मां उस किताब का नाम पड़ती है।
मां: ये क्या लिखा है " मेरी मां मेरी रखेल"।
बबीता: अभी तो यह सुनकर चौंक जाएगी की यह किताब आई कहां से है।
मां: कहा से आई है।
बबीता: यह किताब मैने अपने बेटे के रूम से निकाला है।
मां: क्या।
बबीता: हा सही कह रही हु।

तभी मैं मां को कॉल करता हु यह पूछने के लिए की कब तक आएंगी घर पर। ताकि मैं उस पाउडर को मां की कच्छी में लगाके रख दूं। मां कॉल उठा ती है।

मां: एक मिनट रुक बबीता रोहित का कॉल आ रहा है।

मै फोन को स्पीकर को लाउड मोड पर रख के बात करता हु।

मां: बोल बेटा।
मैं: मां कब तक आओगी घर पर।
मां: अभी थोड़ा टाइम लगेगा बेटा।
मैं: तो भी कितना टाइम लगेगा।
मां: 1 घंटा लग जाएगा अभी बबीता आंटी का कुछ काम कर रही हु।
मैं: ठीक है मां।

और मैं फोन नहीं कट करता हु और फोन को अपने जेब में डाल के घर के पीछे जा के जहां मां की कच्छी सुख रही थी उस कच्छी को ले के अपने रूम में आ जाता हु । तभी मुझे फोन पे मां की आवाज सुनाई देती हैं।

मां: ये किताब तुने अपने बेटे के रूम से निकाली है।

मैं फोन को अपनी जेब में से निकलता हु और उन दोनों की बातें सुनने लगता हु।

बबीता: हा मैं डेली रात को देखी थी उसे पढ़ते हुए इस किताब को ।
मां: यह किताब तेरे बेटे को मिली कहां से।
बबीता: यही तो नहीं पता मुझे। मुझे लगता है इसके कुछ आवारा दोस्त है उन्हीं से लिया होगा इसने किताब को।
मां: हा या भी हो सकता हैं।

मैं दोनों की बातें सुन के समझ नहीं पा रहा था की किस किताब की बात हो रही है।

बबीता: इस किताब को खोल कर देख इसके अंदर और भी कहानी है।

मां फिर कुछ कहानियों का नाम लेती है।

मां: ये क्या बबीता इस किताब के अंदर तो कुछ ज्यादा ही गंदी-गंदी कहानियों के नाम है।
मां: यह देख क्या लिखा है । " मां मेरी पालतू कुत्तिया" और इस वाले का नाम देख " बुर फाड़वाने को तैयार मेरी मां"।

मैं जैसे ही कहानियों के नाम सुनता हु तो एकदम से हिल जाता हु और सोचता हु की कौन सी किताब इन दोनों के हाथ लग गई है।

बबीता: अब तु ही बता संगीता क्या करूं मैं।
मां: एक बार तु अपने बेटे से बात कर इस बारे में।
मां: मगर यह बात तो बाजार जाते वक़्त भी बता सकती थी।
बबीता: कैसे बताती हम रोड पर यह सब बातें करते हैं और कोई हमारे बातें सुन लेता तो क्या सोचता।
मां: hmm चल एक बार अपने बेटे से बात कर आज।
बबीता: ठीक है।
मां: जब बेटा बड़ा हो जाता है तो उसकी पहली औरत उसकी मां ही होती है जिसे वह पसंद करता हैं।
बबीता: ये क्या कह रही है तु ।
मां: सही कह रही हु।
बबीता: मतलब मैं समझी नहीं तु कहना क्या चाहती है सही से बता।

मैं यह सुन के चोक जाता हु की मां यह क्या कह रही हैं।



मिलते हैं नेक्स्ट अपडेट में।
नई कहानी के लिए आपको बहुत बहुत शुभकामनाएँ !

बहुत जी अच्छी कहानी है !

👏🏻👏🏻👏🏻
 
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