chapter 102
( कहानी वैसे ही चलेगी जैसा मेने सोचा है जनता हु अच्छे से कुछ भाइयो को कुछ चीजे पसंद नही आयेगी और किया पसंद नही आयेगी वो भी मुझे अच्छे से पता है
उमीद करता हु वो भाई लोग मुझे समझ पायेंगे

आसा अभय के लिये आप सब इंतज़ार कर रहे है जनता हु लेकिन जल्दी बाज़ी करना मज़ा खराब कर देगा तो थोरा इंतज़ार करे
मे खुद कोई स्टोरी लम्बा सालों साल लेके चलने वाला बंदा नही हु ये पहली मेरी स्टोरी है जो इतना लम्बा गया वजह कई करेक्टर है
लेकिन चिंता मत करो अभी तो अभय आसा का टाइम आया है
तो शुरू करते है
अभय औरत को देखता है तो देखता ही रह जाता है अभय औरत को देखते हुवे मन मे - यार कितनी खूबसूरत हॉट लग रही है पहले से भी साला कुछ महीने मे कोई इतना बदल सकता है

औरत अभय को देख बहोत खुश होती है साथ मे सर्माने भी लगती है औरत अभय के पास जाते हुवे मन मे - मे शर्मा कियु रही हु मेरा दिल जोर से कियु धरक् रहा है मे इस बच्चे को देख इतना खुश कियु हो रही हु, सोचते हुवे अभय के पास आ जाती है
अभय औरत के आखो मे देख - ऑन्टी आज तो आप बहोत जायदा ही खूबसूरत हॉट लग रही है कसम से
औरत अभय के कान पकर सर्माते गुस्सा करते हुवे - बेसरम मुझे हॉट बोलता है बहोत मरुगी
अभय दर्द मे - माफ कर दो ऑन्टी मुह से निकल गया मे क्या करू आप सच मे बहोत ही जायदा खूबसूरत हॉट है
अभय तारीफ औरत को बहोत अच्छी लगती है औरत अभय का कान छोर सर्माते हुवे अभय को देख - हा हा ठीक है ये बता रुकने वाला है ना
अभय मुस्कुराते हुवे - जा आप जैसी ऑन्टी के साथ रहुंगा तो किस मिलता रहेगा
औरत एकदम से सर्म से दूसरी तरफ मुह करके - बेसरम
अभय औरत के पास आके - एक किस मिलेगी
औरत अभय को देख सर्म से - नही आस पास लोग है साम को मिलते है
अभय - अच्छा समझ गया लेकिन हमे मिले महीने हो गये लेकिन आपने अपना नाम नही बताया
औरत एकदम से अपने सर पे हाथ रख - अरे रे सच मे कितनी पागल हु मे लेकिन तुम ने भी तो नही बताया
अभय - मेरा नाम राहुल है आपका
औरत - मेरा नाम सुसमा है
अभय सुनते ही हैरान शोक होता है
सुसमा - क्या हुआ अच्छा नाम नही है
अभय - नही नही बहोत अच्छा नाम है आपका वैसे आपके पति का नाम किया है
सुसमा - मोहन कियु
अभय शोक होके सुसमा को देखते हुवे मन मे - इसकी मा का ये तो मेरी मासी है
हा सुसमा अभय की मासी है काजल जिस गाव मे रहती है उसी के बगल मे xxx गाव की रहने वाली है
काजल का घर गाव के एंड पे है इस लिये वहा से सुसमा का घर यानी ससुराल बहोत पास मे है

अभय सुसमा को गोर से देखते हुवे मन मे - मेने नोटिस कियु नही किया मासी बिल्कुल मा जैसी दिखती है आखिर दोनों सगी बहने जो है
सुसमा - ऐसे क्या देख रहे हो हा बेसरम
अभय - आप मुझे अपने घर लेके नही चलेगी
सुसमा हैरान होती है फिर मुस्कुराते हुवे - ले चलुंगी लेकिन घर पे किया बोलुगी तुम कोन हो
अभय सुसमा के कान मे धीरे से - केह देना मे आपका बॉयफ्रेंड हु
सुसमा हैरान होती है फिर अभय के गाल पे मारते हुवे - बेसरम कही का चल मेरे साथ
सुसमा आगे चलते हुवे मन मे - हद है बेसरम मेरा बॉयफ्रेड बनेगा , फिर सर्म से लाल हो जाती है

अभय पीछे चल रहा था लेकिन अभय की नजर सुसमा की बरी गांड पे थी सुसमा जब चल रही थी तो मस्त गांड हिल डोल रहे थे
अभय गांड को देखते हुवे - उफ क्या मस्त गांड है मासी की अब तो और मजा आयेगा मासी को प्यार करने मे आह मेरी मासी की हिलती गांड बरी मोती गांड उफ कैसे हिले जा रही है
घर आता है सुसमा अभय को देख - देखो मे सब को ये बटाउगी की तुम मेरे गाव के परोसी मेरे दोस्त के बेटे को
अभय मुस्कुराते हुवे - बॉयफ्रेड बोलती तो
सुसमा बीच मे - टाँगे तोर दूंगी चल अंदर
अभय मन मे - जैसा मा ने कहा था वैसी ही है दोनों बहने एक जैसी है खुल के बोलने वाली
अभय घर को देखते हुवे अंदर जाते हुवे मन मे - हु तो ये है मासी का ससुराल अच्छा है
सुसमा का घर ईट का है कोई बहोत बरा नही है छोटे छोटे कमरे है छत भी है आगन् भी है घर मुश्किल से पैसे जोर बनाया गया है साफ दिख रहा था

अभय अंदर जाता है तो अभय की नजर कमरे से आती एक औरत पे परती है जिसे देख अभय मन मे - किया ही खूबसूरती है ये जरूरी इस घर की बहु मेरी भाभी ( मिनाक्षी ) होगी उफ नैन कजराले मस्त चिकनी कमर गहरी ढोरी उपर से नीचे तक गजब की है भइया की किस्मत मान गये
तभी औरत की नजर पे जाती है तो कुछ देर तक तो अभय के हैंडसम फेस बॉडी देखती रहती है लेकिन जब एहसास होता है वो क्या कर रही है तो जल्दी से चेहरा सारी से धक कमर पे सारी कर लेती है
अभय ये देख मुस्कुरा देता है
औरत सारी के अंदर से अभय को देख मन मे - ये कोन है मुझे इस तरह कियु देख रहा है बेसरम कही का लेकिन हैंडसम बहोत है

तभी एक दूसरे कमरे मे एक खूबसूरत लरकी बाहर आते हुवे - भाभी
तभी लरकी की नजर भी अभय पे जाती है तो लरकी भी अभय को देखती रह जाती है अभय भी लरकी को देख मन मे - ये तो मेरी दीदी ( मितल ) है मेरी मासी की बेटी कितनी खूबसूरत सेक्सी है मा पे जो गई है और दोनों बहोत बरे बरे भी है
लरकी अभय को देख - तुम कोन हो
सुसमा दोनों को देख - ये मेरी दोस्त का बेटा है काम से आया था रास्ते मे देखा तो लेके आ गई
लरकी - हु
अभय औरत के पैर छुटे हुवे - भाभी कैसी है भाभी
औरत - जी मे ठीक हु
अभय मितल के पास जाके - दीदी आप कैसी है
मितल - ठीक हु मिल लिया सब से अब जाओ यहा से
सुसमा मितल पे गुस्सा करते हुवे - मितल ये क्या बतमिज़ी है घर आये मेहमान से कोई ऐसे बाते करता है
मितल गुस्से मे - कोई घर आये मेहमान किसी को ऐसे घूर के नही देखता
अभय - ठीक है मे जाता हु माफ करना
अभय जाने लगता है सुसमा अभय को रोकते हुवे - बेटा रुक जाओ
अभय पीछे मूर - नही ऑन्टी आप से मिल लिया अब रुकने का कोई fफायेदा नही
अभय चला जाता है लेकिन सुसमा गुस्से से पागल होके मितल को देख - मितल तूने ये क्या किया मे अपने दोस्त को क्या कहूगी उसका बेटा आया तो उसे मेरी बेटी न भगा दिया
मिनाक्षी मितल को देख - ननद जी आपको ऐसा नही करना चाहिये था
मितल - भाभी आपने देखा नही कैसे घूर के देख रहा था जैसे खा जायेगा
मिनाक्षी - जानती हु देखा मेने लेकिन इसका मतलब ये तो नही की वे बुरी नजर से देख रहे थे
मितल गुस्से से - भार मे जाये जो कमीना
मितल गुस्से से घर के बाहर चली जाती है सुसमा गुस्से से लाल देखती रह जाती है मिनाक्षी - मम्मी जी सन्त हो जाइये असल मे शादी नजदीक है कुछ ही दिन बचे है लेकिन आपने अभी तक अपनी बहन मेरी मासी को नही बुलाया है इस लिये गुस्से मे ही रहती है
सुसमा अपना सर पकर - किया करू मे
अभय घर जाते हुवे मन मे - शादी नजदीक है खैर दीदी तो बहोत गुस्से वाली है मुझे भगा ही दिया, अभय मुस्कुराते हुवे, साम को आऊगा रुकुगा भी देखता हु कोन मुझे घर से निकलता है
ट्रेन मे
शोभा बैठी हुई अभय के खयालो मे खोई हुई थी रीना फोन पे जीतू से मैसेज पे बात कर रही थी तो वही राज रेखा धीरे बाते कर रहे थे
राज - गुरिया रात को बहोत मजा आया
रेखा सर्म से - मुझे भी भइया
रात को रेखा राज उपर वाले सीट पे बैठे बाते करते रहे जब सब सो गये तो रेखा को राज लेता के खुद चिपक के लेत जाता है किस करने लगता है चूचे दबाने लगता है
राज धीरे से - सारी उपर करो पैंटी भी
रेखा सर्म से - हा करती हु
राज लंड निकाल लेता है रेखा लेती सारी पेटीकोट उपर कर लेती है पैंटी निकाल नीचे कर देती है
राज लंड पकर बुर के छेद पे रख धीरे से घुसा देता है और रेखा को बाहों ने कस धीरे धीरे चुदाई करने लगता है रेखा भी राज से पूरा चिपक जाती है लेते लेते ही चुदाई शुरू हो जाती है

राज - आह उफ बहोत मजा आ रहा है गुरिया मस्त बुर है तेरी
रेखा मजे मे - उफ भइया करते रहिये मुझे भी बहोत मजा आ रहा है
राज - गुरिया गांड कब दोगी अपनी
रेखा - उफ भइया पापा जब मार लेगे तब उफ करते रहिये आने वाला है
रात का सीन खतम
शोभा बैठी खिरकी से बाहर देखते हुवे - पति जी कल हम मिलेंगे

अभय घर आता है तो अभय को कोई नही दिखता तो अभय जाता है रूमा के कमरे मे तो देखता है रूमा अपने बेटे को दूध पिला रही है रूमा अभय को देख जल्दी से सारी से अपने चूचे धक देती है सर्म से लाल हो जाती है
अभय रूमा को देख - इस किये उमीद लेके आया हु ताकि जो देखना चाहता हु उसे आप छुपा ले जा रहा हु मे उमीद रखना ही भी बेकार है
अभय जाने लगता तो रूमा - रुक जाओ अभय
अभय पीछे देखता है तो रूमा ने सारी हटा ली थी और रूमा के एक बरे गोरे चुके साफ दिखने लगते है जिसे देख अभय का लंड खरा हो जाता है अभय रूमा के पास बात चूचे देख - दीदी बहोत खूबसूरत है
रूमा सर्म से - तुझे मेरे चूचे अच्छे लगे
अभय - शैतान पीने मे लगा है अच्छे से सब दिखा नही रहा है
रूमा सर्म से - सो जायेगा तो अच्छे से देख लेना
अभय खुश होके - सच
रूमा सर्म से - हु
अभय रूमा के जांघों पे हाथ रख रूमा को देख - दीदी बहोत मन है
रूमा अभय को देख - भाई समय टाइम सही नही है
अभय रूमा का हाथ अपने लंड पे रख - जनता हु लेकिन इसका कुछ करिये अभी
रूमा कपते हुवे सर्म से - मे क्या करू

अभय अपना लंड निकाल रूमा को देख - हिलाना है चूसना है
रूमा जैसे ही अभय का मोटा लम्बा लंड देखती है काप् जाती है सिहर जाती है रूमा अभय का लंड देख मन मे -बाप रे जैसा भाभी ने कहा था

अभय रूमा का हाथ लंड पे रख - दीदी चमरे को उपर नीचे करो ना
रूमा कपते हाथो से सर्म से अभय का लंड पकर चमरे को उपर नीचे कर हिलते हुवे मन मे - उफ कितना मोटा गर्म है मेरी बुर तो गीली भी होने लगी है पहली बार पति के अलावा किसी का लंड देख पकर हिला रही हु उफ अजीब जोस बढ़ रहा है
अभय रूमा को देख - दीदी मजा आ रहा है करते रहिये दीदी कैसा है मेरा लंड बताया नही
रूमा अभय को देख सर्म से - बहोत मोटा लम्बा है गर्म भी
अभय - दीदी सो गया आपका लाल
रूमा - हा रुको सुला सेती हु

रूमा खरी होती है और बेटे को एक जगह लेता है उपर चादर दाल देती है तभी पीछे से अभय रूमा के गर्दन पे किस करने लगता है रूमा जोस से सिसकिया लेते हुवे -आह उफ अभय मेरे भाई
अभय किस करते हुवे - दीदी बहोत बेचैन हु आप की बुर लेने के लिये

अभय धीरे से दोनों हाथ रूमा के चिकनी पतली कमर पे रख कस के पकर किस करते रहता है गर्दन को चूमते रहता है सारी सीने से नीचे गिर जाती है लाल ब्लाउस मे कसे दोनों चूचे का उभार दिखने लगता है
रूमा सिसकिया लेते हुवे मन मे - पहली बार पति के अलावा कोई मुझे इस तरह छु रहा है प्यार कर रहा है उफ मे मदहोस हो रही हु अजीब सा नसा छा रहा है अजीब सा सुकून मजा मिल रहा है

अभय एकदम से रूमा को अपनी तरह करके चेहरे को पकर किस करने लगता है रूमा का पहला किस किसी और के साथ अभय पगलो की तरह रूमा के होठ चूसने लगता है रूमा भी जोस मे आ गई थी दोनों एक दूसरे का होठ चूसने लगते है
रूमा मन मे -ये किस का एहसास अभय का छुना सब कुछ बहोत अजीब है मुझे इतना मजा पति जोस पति के साथ कभी नही आता
अभय मन मे - उफ क्या मस्त होठ है दीदी के और स्वाद भी

अभय किस तोरते हुवे नीचे आके रूमा के पतली कमर ढोरी को चूमने लगता है रूमा सिहर जाती है सिसकिया लेते हुवे अपने पेट को अंदर ले लेती है रूमा जोर से सिसकिया लेते हुवे - आह अभय अच्छा लग रहा है उफ मेरे भाई
अभय चूमने के बाद खरा होता है और बिस्तर पे जाके लेत के रूमा को देख - दीदी जल्दी कोई कभी भी आ सकता है
रूमा जल्दी से बिस्तर पे अभय के लंड के पास बैठ शर्मा के - समझ गई

रूमा अभय का लंड पकर मुह मे लेके चूसने लगती है रूमा अपने पति का लंड चूसती है इस लिये कोई सवाल नाकुर् कुछ नही करती सीधा मुह मे लेके चूसने लगती है रूमा उपर से नीचे पूरे लंड के टोपे चमरे को अच्छे से चाटने चूसने लगती है रूमा मन मे -इतना मजा तो पति के लंड चूसने मे भी नही आता जितना अभय के लंड चूसने मे आ रहा है स्वाद भी कितना अच्छा है मजा आ रहा है चूसने मे उफ ये स्वाद
अभय रूमा को देख - दीदी आप बहोत मस्त चूस रही है बहोत मजा आ रहा है उफ दीदी चूसते रहिये 4 मिनट बाद
रूमा मुह पकरे अभय को देख सर्म से - बस मुह दर्द करने लगा है
अभय - समझ गया दीदी

अभय रूमा को बिस्तर पे लेता देता है खुद उपर रूमा के फेस ले पास आके लंड जोर जोर से हिलते हुवे - दीदी लंड का पानी पीना है तो मुह खोल के रखिये
रूमा अभय को देखते हुवे मुह खोल देती है अभय तेज तेज जोर से हिलते हुवे आह दीदी करते हुवे अपना सारा माल रूमा के मुह मे गिरा देता है गर्म गर्म माल रूमा मुह मे लेके पी जाती है
रूमा मन मे - उफ पे कितना मस्त स्वाद है मजा आ गया पहली बार मेने लंड का पानी पिया है
अभय - उफ दीदी लंड साफ कर दो
अभय सीधा लंड रूमा के मुह मे घुसा देता है रूमा अच्छे से चूस के लंड साफ कर देती है अभय भी लंड अंदर कर लेता है
अभय रूमा के ऊपर आके रूमा को देख - दीदी मजा आया ना
रूमा सर्म से अभय को देख - हा बहोत लेकिन भाई कोई आ जायेगा
अभय रूमा के ऊपर से नीचे खरा होके -जी दीदी मुझे भी बहोत मजा आया
अभय फिर बाहर आता है घर के पीछे जाता हो तो देखता है काजल ममता अदिति बैठे बाते कर रहे है
अभय सभी के पास बैठे - क्या बाते हो रही है
अदिति - भइया आप कहा गये थे
अभय - मासी के घर
काजल ममता अदिति शोक मे - क्या
अभय सब बता देता है
काजल - यकीन नही होता तुम्हारी मासी मेरे बगल वाले गाव मे रहती है
ममता - देवर जी लेकिन अपने अपना नाम गलत कियु बताया
अदिति - हा जब दीदी आपको निकाल रही थी तो सब को सच बता देते
काजल मुस्कुराते हुवे - जरूर अभय बेटे के दिमाग मे खुरेपाती चल रही होगी
अभय काजल को देख मुस्कुराते हुवे - आप सही है, अभय अदिति को देख, गुरिया आज साम चलेंगे मासी के घर ठीक है
अदिति खुश होते हुवे - जी भाई मुझे भी मासी से मिलना देखना है
अभय - हु
दोपहर दो बज रहे थे अभय कमरे मे लेता अपनी मा को फोन करता है
आसा - बोल मेरे लाल
अभय - मा कहा हो आप
आसा - कमरे मे हु कियु
अभय - ऐसे ही मासी से मिला बहोत खूबसूरत सेक्सी है
आसा हैरान शोक मे - क्या कहा बेसरम, आसा इमोसनल होके, कैसी है दीदी बाकी सब
अभय - मा उदास दुखी मत को मेने नही बताया मे उनका भांजा हु लेकिन साम को जाने वाला हु वादा है मा शाम को मासी खुद आपको फोन करेगी और अपनी गलती की माफी मांगेगी
आसा - नही लाल माफ़ी नही चाहिये मुझे तो अपनी दीदी चाहिये
अभय - समझ गया मा लेकिन मा मासी की गांड भी आपकी जैसी मस्त है
आसा - बेसरम कही का दीदी बहोत गुस्से वाली है बच के रहना
अभय मुस्कुराते हुवे - समझ गया लेकिन मा रात बहोत मजा आया आपके चूचे गांड दबा के
आसा की सासे रुक जाती है रात का सीन याद कर आसा - बेसरम तूने रात मेरे चूचे गांड कियु दबाये हा मना किया था ना
अभय मुस्कुराते हुवे - अच्छा आपने रोका भी तो नही बलकी आह उफ सिसकिया ले रही थी
आसा सर्म से पानी पानी हो जाती है
अभय - अरे हा एक जरूरी बात बताना भूल ही गया
आसा - वो क्या है
अभय - मा आपकी भांजी की शादी है 10 दिन मे
आसा पूरी हैरान शोक मे - क्या कहा
अभय - हा आप सब को आना होगा
आसा दुखी होके - दीदी बोलायेगी नही तो कैसे आउंगी
अभय - मा कहा ना आज रात को ही मासी खुद फोन करके आपको बोलायेगी वादा है मेरा
आसा खुश होके - सच कह रहा है ना
अभय - कसम से
आसा इमोसनल होके - दीदी से मिलना देखना चाहती हु
अभय - मा मिल लेना आज सब सही हो जायेगा फिर आप सब आ जाना
आसा खुश होके - हु ठीक है लाला
अभय - मा वीडियो कॉल करता हु मुझे आपको देखना है
आसा - नही तुम जरूर शैतानी करोगो
अभय - करुगा ना इस लिये तो वीडियो कॉल कर रहा हु
आसा सर्म से - बेसरम
अभय वीडियो कॉल करता है आसा फोन को एक जगह रख के - देख ले

आसा जब झुकती है सारी सीने से हट जाती है और बरे बरे गोरे चूचे ब्लाउस के अंदर झूलते हुवे अभय को साफ दिख जाते h अभय लंड फुल टाइट होके झटके मरने लगता है अभय मन मे -उफ मा
अभय - मा मस्त सीन है ऐसे ही अपने लाला पे कृपा बनाये रखे
आसा सर्म से - बेसरम कही का अपनी मा के चूचे देखता है सर्म नही आती
अभय मुस्कुराते हुवे - मा आपके मस्त बरे चूचे पे पहले मेरा ही हक था लेकिन अब नही है
अभय की बात सुन आसा फोन लेके बिस्तर पे बैठ - सही कहा
अभय - मा अपनी मस्त कीचनी कमर ढोरी दिखाओ ना
आसा शर्मा के - नही बहोत बिगर रहा है
अभय दुखी आवाज मे - मेरी मा तो मुझसे अब प्यार ही नही करती
आसा - बस बस दिखती हु नोटकी बाज कही का

आसा फिर फोन एक जगह रख के केमरे के सामने सारी नीचे कर दोनों हाथ उपर करके - देख ले अच्छे से दिख रहा है ना अच्छे से
अभय आसा के चिकनी कमर पेट को देखता है जो बहोत ही मस्त लग रहे थे अभय फिर अपनी मा के गहरी ढोरी को देखता है जो बहोत गजब के थे पेट पे सबसे गजब तो कमर मे बंधा धागा कमर को और खूबसूरत गजब बना रहा था मस्त सीन देख अभय - मा जितना देखु दिल नही भरता अभय मस्त कमर है खास कर आपकी गहरी ढोरी
आसा सर्म से - अच्छा तुझे तो सब अच्छा लगता है
अभय - कियु नही लगेगा मेरी मा मे कोई कमी है ही नही
अभय की बात सुन आसा अंदर ही अंदर बहोत जायदा खुश होती है
अभय - मा बिकनी कोन से कलर की पहनी है दिखाओ ना
आसा अभय को देख - ना तो ना
अभय - मेरी मा तो
आसा जल्दी से - रुक जा बेसरम दिखाती हु
आसा ब्लाउस के बटन खोलने लगती है अभय ये देख मुस्कुराने लगता है आसा बटन खोलते हुवे मन मे - बेसरम कही का मा से क्या क्या करवाता रहता है और मे हु की करती रहती हु

आसा ब्लाउस के बटन खोल साइड पे रख अच्छे से अभय की तरफ देख - देख ले लाल कलर की बिकनी पहनी है अब खुश
अभय गोर से देखता है लाल बिकनी के कैद चूचे को निपल जो थे साफ दिख रहे थे जिसे देख अभय का लंड फटने लगता है अभय लंड पकर - उफ मा आपके खरे निपल तो बिकनी के ऊपर से साफ दिख रहे है बोला था ना आपके चूचे बहोत टाइट है इस उमर मे भी
अभय की बात सुन फिर आसा सर्म से पानी पानी हो जाती है
अभय - मा बिकनी निकाल अपने मस्त गोरे टाइट चूचे दिखाओ ना
आसा हैरान शोक मे अभय को देखती है फिर मुस्कुराते हुवे - अच्छा अपनी मा के चूचे देखेगा
अभय खुश होते हुवे - हा देखना है
आसा मुस्कुराते हुवे -ठीक है दिखाती हु

आसा केमरा के सामने अभय की तरह पीठ करके एक हाथ पीछे अपनी बिकनी के हुक पकर हुक खोलने लगती है आसा की खूबसूरत चिकनी पीठ उफ बिकनी का पत्ता चिपका मजे ले रहा था
अभय लंड पकरे आखे फ़ारे एक तक देखते जा रहा था इंतज़ार मे कब उसकी मा चूचे देखायेगी आसा हुक खोल देती है लेकिन फिर लगा के अभय की तरफ पलट अभय को जिब दिखा के - बरा आया मेरे चूचे देखने वाला
अभय तो अपनी मा की हरकत से शोक हो जाता है बेचारे के उमीद जोस पे आसा पानी फेर देती है अभय का मोय मोय हो जाता है
अभय आसा को घूर के देखते हुवे - अच्छा नही किया मा आपने बस यहा यहा आइये ऐसी सजा दूंगा आपको की कई दिन की नींद आपकी उर जायेगी
आसा अभय की बात सुन बहोत डर जाती है आसा को पता था उसके बेटे ने कहा तो करेगा और ऐसा कुछ करेगा जिसके कई दिन उसकी नींद उर जायेगी
आसा अभय को देख डरते हुवे - बेटा माफ करदे
अभय - ना तो ना सजा मिलके रहेगी
आसा डरते हुवे - ठीक है फिर
अभय - मा बुर पे आपके बाल बरे हो रहे होगे ना बताओ ना कितने बरे हुवे है
आसा सर्म से - छोटे है एक इंच से थोरा कम है
अभय लंड मसलते हुवे - मा आपके बुर के बाल बहोत जल्दी बरे हो जाते है
आसा सर्म से - मुझे क्या पता
आसा ब्लाउस पहन सारी सीने पे रख - हो गया ना अब तेरा
अभय मुस्कुराते हुवे - अभी हो गया आपको किया लगा मे आपके पास नही हु तो कुछ नही करुगा हु अब जल्दी से आ जाइये फिर प्यार करुगा जी भर के
आसा की सासे ही रुक जाती है
आसा - बेसरम कही का
अभय हस्ते हुवे - अच्छा मा रखता हु साम को फोन आयेगा मासी का
आसा - इंतज़ार करुगी दीदी के फोन का
अभय - लोव यू मा
आसा - लोव यू बेटा
फोन कट
अभय मन मे - आज तो मासी को मा के पास फोन करना ही होगा
तभी दिशा का फोन आता है
अभय - हा मेरी जान
दिशा - क्या हो रहा है वहा
अभय सारी बाते बता देता है
दिशा हैरान होके - क्या मासी की बेटी मितल दीदी की शादी है वो भी 10 दिनों मे
अभय - हा एक बात बताया नही जिस औरत से बस मे मिला वही मासी निकली
दिशा और शोक मे - क्या आपने तो अपनी मासी को भी नही छोरा
अभय मुस्कुराते हुवे - कभी तो कहा जायदा कुछ क्या है लेकिन अब और मजा आयेगा और हा शादी है तो तुम सब को आना ही पड़ेगा
दिशा खुश होके - ये तो अच्छी बात है मुझे भी घूमने मा मोक्का मिल गया
अभय - हु तुम बताओ तेरा देवर कहा है
दिशा सारी बाते बता देती है
अभय- मुझे छोटे से यही उमीद थी उसको लगता है मे बुरा मान जाउंगा या मेरे नजर मे गिर जायेगा लेकिन मे खुद खोले मौज मस्ती वाला बंदा हु थोरा प्यार कर भी लेगा तो मे कियु बुरा मानूँगा इतना खुदगर्ज़ मे नही लाइफ मे थोरा मस्ती मौज होनी चाहिये
दिशा - उनको लगता है वो गलत कर रहे है
अभय - जनता हु बहोत भोला सीधा है खैर मे बात करता हु बाकी मासी का मामला जैसे ही खतम होता है तुम सब सीधा आ जाना समझ गई
दिशा - समझ गई
फोन कट
अभय विजय को फोन करता है
विजय - जी भाई
अभय - कहा है
विजय - घर पे हु
अभय - तेरी भाभी मे बताया मुझे सब
विजय डरते हुवे - भइया मेने कुछ नही किया
अभय - जनता हु देख विजय मे खुदगर्ज़ इंसान नही हु तूने अपना प्यार अपनी बीवी मुझे देदी खुद को भी मुझे दे दिया खुद से जायदा मेरी परवाह करता है छोटे तु मेरी बीवी अपनी भाभी से मस्ती मजाक या जो करेगा बुरा नही मानुगा कियुंकी मुझे पता है दिशा तुम लिमिट से आगे नही जाओगे छोटे बाकी तेरी मर्ज़ी है पर तेरा भाई बुरा नही मनेगा
विजय - भाई जनता हु आप खुदगर्ज़ नही है साफ दिल के है किसी का फायेदा नही उठाते सब को एक नजर से देखते है प्यार करते है एसी लिये तो मे सब आपको मानते है प्यार करते है ठीक है
अभय मुस्कुराते हुवे - डर मत मजे कर लेकिन एक बात याद रख कोई भी जो उसकी मर्ज़ी के बैगर आगे मत जाना दूसरी सुन रीमा तेरी शादी होगी तो सुहागरात के दिन हम दोनों एक साथ रीमा के साथ सुहागरात बनायेगे
विजय पुरा शोक जोर से सर्म से - क्या भइया नही मुझे बहोत सर्म आयेगी
अभय - छोटे सर्म को गोली मार लाइफ मे मजे करने ही ना तो सर्म छोर मजा आयेगा यार दोनों भाई रीमा के दोनों छेद खोल देगे क्या बोलता है
विजय सर्म से - जी जी भाई जैसा आप कहे
अभय मुस्कुराते हुवे - और सुन मासी की बेटी की शादी है जब बोलू सब को लेके आ जाना
विजय हैरान होके - कब है
अभय - 10 ही बचे है मामला सही कर लू फिर रात या कल फोन करके बताऊंगा कब सब को लेके आना है
विजय - जी भाई समझ गया
फोन कट
विजय जल्दी से रीमा को फोन करता है
विजय - जान पता है अभी भइया ने क्या कहा
रीमा - क्या कहा भइया ने
विजय - सुहागरात के दिन.....
रीमा पूरी शोक मे कपते हुवे - क्या भइया ने ऐसा कहा
विजय - हु
रीमा -मर गई सुहागरात मेरी आखिरी रात ना हो
विजय - ऐसा मत बोलो तुम क्या कहती हो
रीमा सर्म से - भइया ने कहा है तो करना ही परेगा
विजय - हु मुझे भी सोच सर्म आ रही ही लेकिन करना ही होगा
साम 3 बजे
अभय कमरे मे अभय ममता काजल की चुदाई कर रहा था अदिति रूमा घर के पीछे बैठे बाते कर रहे थे चुदाई के बाद
अभय दोनों को देख - मासी के घर जा रहा हु सुबह आऊगा बाकी शादी है तो आना जाना आप लोगो को भी करना होगा कियुंकी आप सब भी मेरे अपने है
काजल ममता अभय के सीने से लग - जी जैसा आप कहे
अभय - वैसे फूफा भइया को कैसे पता चला और उन्होंने कुछ नही बोला
काजल अभय को देख - मे बताती हु 5 दिन पहले रात को जब तेरे फूफा मे बिस्तर पे लेते थे
गगन - घर मे अभय बेटे का लंड लेती हो तुम्हे लगा किसी को पता नही चलेगा
काजल पूरी शोक डरते कपते गगन को देख - वो आपको मे
गगन - सांत कोई बात नही मे बुढा हो गया तुम अभी पूरी फिट हो जनता हु तेरी जरूरत को वैसे भी अभय बेटा बाहर का नही है
काजल हैरान होके - आपको बुरा नही लगा
गगन काजल को देख - नही ये भी जनता हु बहु भी साथ मे है तेरे
काजल और शोक होती है
गगन - महेस को भी पता चल गया होगा मेरी तरह खैर उसने कुछ नही कहा यानी उसे भी दिकत नही है
काजल - हु
गगन काजल को देख - सुन ना मे कुछ कर नही सकता अगर हो सके तो बहु के चूचे दबाना थोरा समझ रही है ना
काजल हैरान आखे फ़ारे गगन को देख गुस्से से - रंडि नही है हम
गगन डरते हुवे - माफ कर दो
काजल गहरी सास लेते हुवे - अभय बेटे से बात करुगी फिर देखते है
काजल यादों से बाहर आके अभय को देख - यही हुआ फिर मेने बहु को बताया
अभय भी सब जान हैरान होता है फिर सोचने के बाद काजल ममता को देख - फूफा जी भी बाहर के नही है भाभी अगर हो सके तो उनकी इक्छा पूरी कर दीजिये मे यहा आप सभी के साथ नही रहुंगा थोरा मजे कर लेना आपका भी दिल लगा रहेगा
ममता - देवर जी आपने कहा हो तो ठीक है ससुर जी की भी इक्छा पूरी कर दूंगी लेकिन आपके भाई का क्या
अभय हैरान होके - ये मत कहना की भइया बुआ के साथ
काजल - हा आप सही है
अभय सर पकर - हु यही होना था, अभय दोनों को देखते हुवे, पूरी कर दो इक्छा दोनों की मेरे ना रहने से आप लोगो का दिल लगा रहेगा प्यार भी मिलता रहेगा दोनों अपने ही है फूफा भइया सब जान चुप रहे किसी को नही बोले लेकिन करना ना करना आप दोनों पे है
काजल ममता - समझ गये
अभय मन मे - मे आप लोगो के साथ हमेसा नही रह सकता फूफा भइया गैर नही इसमें दोनों का दिल लगा रहेगा मे आऊगा तो प्यार देखे जाउंगा ही इस लिये मेने रेखा को राज की इक्छा पूरी करने के लिये कहा था
अभय अदिति के पास आके - गुरिया रेडी होना है तो हो जाओ मासी के घर जाना है
अदिति खरी होके - जी भाई
अदिति चली जाती है अभय रूमा को देख - दीदी
रूमा अभय को देख सर्म से -हु
अभय लंड निकाल - जल्दी से करो ना
रूमा अभय का लंड देख - छी अभी करके आया है नही लुगी मुह मे
अभय - प्लेस दो बुर का स्वाद साथ मे मिलेगा

रूमा भी क्या करती बैठ मुह मे लेके चूसने लगती काजल ममता ले बुर मे गया लंड का स्वाद रूमा को अलग ही अजीब सा लगता है
रूमा मन मे - उफ अजीब जवाब है लेकिन अच्छा लग रहा है मेरी मा भाभी की बुर मे गया गिला लंड मे चूस रही हु उफ
4 मिनट बाद
अभय रूमा के चूचे दबाते हुवे - मोक्का मिलेगा तो दूध पिलाना
रूमा सिसकिया लेके - पिला डुगी
अभय फिर आगन् मे आता है अदिति रेडी होके आती है अभय सब का देख - जाते है कल सुबह आऊगा
अभय अदिति को लेके निकल परता है पैदल ही 10 मिनट का रास्ता था
अदिति - भाई दीदी ने भगा दिया था फिर देखेंगे की तो पता नही किया करेगी वैसे आप ठरकी बेसरम तो है दीदी ने एक नजर पे ही आपको पहचान लिया
अभय हैरान मुह खोले अदिति को देख - अब तु अपने भाई को ऐसा बोलेगी
अदिति अभय को देख मुह बना के - सच ही तो कहा
अभय अदिति के कान मे - रात को बताऊंगा तुम्हे मे
अदिति की सासे रुक जाती है
अभय आस पास देखता है फिर धीरे से अदिति के चूचे पे हाथ रख दबाते हुवे कान मे - मदद करना मासी भाभी दीदी के सामने ताकि मेरा काम जल्दी हो जाये
अपने चूचे को दबाते देख अदिति पूरी तरह काप् जाती है सिहर जाती है सासे कुछ देख रुक जाती है अदिति फुट परती है
अदिति सिसकिया लेते हुवे - भइया कोई देख लेगा हम रास्ते मे है और हा मे मदद करुगी
अदिति की बात सुन अभय चूचे से हाथ हटा के - हु
अभय हाथ को देख मन मे - कितना सॉफ्ट बरे टाइट है दबाते हुवे ऐसा लगा मे मुलायम रूई के तकिये को दबा रहा हु सॉफ्ट नरम टाइट और गुरिया ने कहा कोई देख लेगा यानी मेरी गुरिया को बुरा नही लगा ये सोच अभय खुश हो जाता है और लंड भी खुशी से झटके मरने लगता है
वही अदिति पूरी शोक सर्म से मन मे - भइया मे मेरे चूचे दबाये मेरी तो सासे रुक गई थी मेरी पूरी बॉडी काप् गई थी लेकिन मेरी बुर मचल कियु गई आह भइया भी ना कही भी शुरू हो जाते है
अभय के घर
आसा तारा को सब बता रही थी पूजा भी बैठी सुन रही थी दिशा कमरे मे लेती आराम कर रही थी तभी विजय का फोन आता है
दिशा - बोलिये देवर जी
विजय - भाभी भइया से बाते हुई उन्होंने बताया मासी के यहा जाना है दीदी की शादी है
दिशा - हा जाना है रात को या कल बतायेगे कब निकलना है
विजय - जी कहा भइया ने लेकिन कुछ बाते और कही
दिशा मुस्कुराते हुवे - किया
विजय सर्माते हुवे - वो रीमा सुहागरात.....
सारी बाते सुनने के बाद दिशा हैरान होती है फिर मुस्कुराते हुवे - आपके भइया से यही उमीद थी क्या सोचा अपने मजा आयेगा दोनों भाई मिल रीमा की सुहागरात को और मस्त बना देना दोनों का दोनों छेद मे लेगी तो रीमा को अलग मजा आयेगा आपको भी
विजय सर्म से - भाभी आप भी ना लेकिन सोच के ही सर्म आ रही है मे भइया कैसे
दिशा - हु सर्म तो आयेगी लेकिन एक बार घुस गये मजे की दुनियाय मे तो जो मजा आयेगा भूल नही पायेंगे और क्या कहा आपके भइया ने
विजय - और.......
दिशा - हु ऐसा क्या हा वो ऐसे ही है देवर जी किया सोचा अपने
विजय - भइया ने केह दिया है तो डर कैसा भाभी पे देवर का हक होता है लेकिन भाभी पे डिपेंड होता है भाभी अपने देवर को कितना हक देती है और आपने बहोत हक दिया है
दिशा - हा कियुंकी आप अलग है सब से और इतने मे बाकी तो मेरे लिये आपके भइया ही काफी है
विजय सर्म से - जनता हु
दिशा - रीमा से मिले
विजय - जा रहा हु मिलने भाभी
दिशा मुस्कुराते हुवे - मिलने या चुदाई करने
विजय सर्म से - दोनों
दिशा - ये हुई ना बात
विजय - कल आऊगा भाभी अपना हक लेने जब भइया ने कह दिया है तो मे भी भइया की तरह लाइफ मे मजे करुगा लेकिन मुझसे कोई दूसरी पटेगी नही
दिशा हस्ते हुवे - कोसिस करेगे तब ना पट जायेगी बस अपने भैया की तरह बनाना होगा
विजय - जी भाभी समझ गया बाय
फोन कट
दिशा मुस्कुराते हुवे - देखते है कितनी पटाते है
तभी पूजा कमरे मे आते हुवे - दीदी बरी मम्मी मा को बाते करते सुना हम जीजा जी के पास जाने वाले है
दिशा पूजा को देख - हा मासी की बेटी की शादी है
पूजा खुश होके -ये हुई ना बात अब तो मजा आने वाला है
सिला के घर
मधु बिस्तर पे लेती बुर के उंगली करते हुवे - उफ भइया चले गये मेरी बुर लंड के लिये तरप रही है उफ आह भइया
तभी दिशा का फोन आता है दिशा मधु को बताती है सब कुछ
मधु खुश होके - भाभी सच मे
दिशा - हा सच वैसे भइया की याद आ रही होगी हु
मधु सर्म से - छी भाभी आप भी ना
फोन कट
मधु अपनी गीली उंगली देख - हा बहोत आ रही है
सिला घास गाय को खिलाते हुवे - पता नही मेरा लाला कब आयेगा
तभी मधु आती है और सिला को सब बताती है
सिला खुश होके - सच
मधु खुश होके - हा मा भाभी ने कहा है
सिला - ठीक है मे लाला से खुद बात कर लुगी
वही अभय सुसमा के घर आता है अंदर जाता है तो आगन् मे मितल मिनाक्षी बैठी हुई थी मितल की नजर जैसे ही अभय पे जाते है गुस्से से लाल हो जाती है लेकिन अदिति को देख एकदम सांत हो जाती है
अभय की मासी की बेटी मितल की शादी मे सब एक साथ आने वाले है शादी के माहौल मे अभय अपनी मा बाकी सब से कैसे प्यार करेगा कितनी नई बुर मे अभय का लंड जायेगा
आज के लिये इतना ही दोस्तो कॉमेंट करके बताना आज का update कैसा था बाकी फिर मिलेंगे

