• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Erotica ड्रेगन हार्ट (लव, सेक्स एण्ड क्राईम)

redhat.ag

Active Member
505
3,652
139
ड्रेगन हार्ट (लव, सेक्स एण्ड क्राईम)



DH


(INDEX)
Update 001Update 003Update 004Update 005Update 006Update 007Update 008
Update 009Update 010Update 011Update 012Update 013Update 014Update 015Update 016
Update 017Update 018Update 019Update 020Update 021Update 022Update 023Update 024
Update 025Update 026Update 027Update 028Update 029Update 030Update 031Update 032
Update 033Update 034Update 035Update 036Update 037Update 038Update 039Update 040
Update 041Update 042Update 043Update 044Update 045Update 046Update 047Update 048
Update 049Update 050Update 051Update 052Update 053Update 054Update 055Update 056
Update 057Update 058Update 059Update 060Update 061Update 062Update 063Update 064
Update 065Update 066Update 067Update 068Update 069Update 070Update 071Update 072
Update 073Update 074Update 075Update 076Update 077Update 078Update 079Update 080
Update 081Update 082Update 083Update 084Update 085Update 086Update 087Update 088
Update 089Update 090Update 091Update 092Update 093Update 094Update 095Update 096
Update 097Update 098Update 099Update 100Update 101Update 102Update 103Update 104
Update 105Update 106Update 107Update 108Update 109Update 110Update 111Update 112
Update 113Update 114Update 115Update 116Update 117Update 118Update 119Update 120
Update 121
Update 122
Update 123
Update 124
Update 125
Update 126
Update 126
Update 128
Update 129
Update 130
Update 131
Update 132
Update 133
Update 134
Update 135
Update 136
Update 137
Update 138
Update 139
Update 140
Update 141
Update 142
Update 143
Update 144
Update 145
Update 146
Update 147
Update 148
Update 149
Update 150
Update 151
Update 152
Update 153
Update 154
Update 155
Update 156
Update 157
Update 158
Update 159
Update 160
Update 161
Update 162
Update 163
Update 164
Update 165
Update 166
Update 167
Update 168
Update 169
Update 170
Update 171
Update 172
Update 173
Update 174
Update 175
Update 176
Update 177
Update 178
Update 179
Update 180
Update 181
Update 182
Update 183
Update 184
Update 185
Update 186
Update 187
Update 188
Update 189
Update 190
Update 191
Update 192
Update 193
Update 194
Update 195
Update 196
Update 197
Update 198
Update 199
Update 200

कहानी जारी है......
 
Last edited:

redhat.ag

Active Member
505
3,652
139
Update 001 -

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम निशा गुप्ता है। मैं 25 साल की हूँ और दिल्ली में रहती हूँ। मैं देखने में बहुत खूबसूरत हूँ। मेरा रंग गोरा है और फिगर 32-30-36 है। मेरे पति अमन गुप्ता एक मल्टी नेशनल कम्पनी में साप्टवेयर इंजीनियर हैं। इसलिए अक्सर वो इण्डिया से बाहर आते जाते रहते हैं। मैं भी एक डॉमेस्टिक साफ्टवेयर कम्पनी में काम करती हूँ। जहाँ मेरा काम साफ्टवेयर टेस्टिंग और बैक-एण्ड सपोर्ट का है। हमारी शादी को 3 साल हो गए हैं। पर अभी तक हमने कोई बच्चा प्लान नहीं किया है और ना ही फिलहाल ऐसा कोई इरादा है। बैसे तो मुझे सेक्स करना पसंद है पर मेरे पति अक्सर इण्डिया से बाहर ही रहते हैं। जिस कारण हम कम ही सेक्स कर पाते हैं।

करीब एक महिने पहले की बात है। मेरे पति अमन कम्पनी के काम से 3 महिने के लिए लंदन गए हुए थे। मेरी कम्पनी डॉमेस्टिक साफ्टवेयर का काम करती है। जहाँ मैं टीम लीडर की पोस्ट पर हूँ। एक दिन मध्यप्रदेश के एक गवर्मेंट डिपार्टमेंट से हमारे साफ्टवेयर की कम्प्लेंट आई। उस समय हमारी कम्पनी के ज्यादातर फील्ड ऑफिसर आउट ऑफ सिटी थे। इसलिए मेरे मैंनेजर ने उस कम्प्लेंट को हैंडिल करने का काम मुझे सौंप दिया था। गवर्मेंट का काम था और उस साफ्टवेयर से हमारी कम्पनी को बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी होने बाला था। इसलिए मैं मध्यप्रदेश की कैपिटल भोपाल जाने के लिए तैयार हो गई।

बैसे भी मेरे पति पिछले 1 महिने से लंदन में थे और उनके वापिस आने में अभी 2 महिनों का समय और लगने बाला था। जिस कारण बैसे भी मैं घर पर बोर होती रहती थी। कम्पनी ने मेरा 1 हफ्ते का टूर फिक्स कर दिया था। इसलिए मैं उसी दिन रात की ट्रेन से भोपाल निकल गई। अलगे दिन सुबह करीब 6 बजे मैं भोपाल पहूँच गई। भोपाल में कम्पनी ने मेरे लिए पहले से ही होटल में एक रूम बुक कर दिया था। इसलिए स्टेशन से मैं सीधा होटल पहूँची और फ्रेस होकर अपने काम पर निकल गई।

जब में कम्प्लेंट बाली जगह पर पहूँची तो पता चला कि वो लोग काफी ओल्ड मॉडल के कम्प्यूटर सिस्टम पर साफ्टवेयर चला रहे थे। जिसे देखकर मुझे सारी बात समझ में आ गई। मैंने तुरंत वहाँ एक इमरजेंसी मीटिंग अरेंज्ड करने की रिक्वेस्ट की। जिसके बाद मैंने मीटिंग में सभी लोगों को प्राब्लम समझाई और उसे दूर करने का तरीका भी बताया। वहाँ के सीनियर आफिसर को मेरी बात समझ में आ गई थी। इसलिए उन्होंने उसी दिन मेरी देखरेख में सारे सिस्टम अपग्रेड करवा दिए। जिसके बाद जब उस साफ्वेयर को चलाया गया तो कोई प्राब्लम नहीं हुई।

ये सब काम खत्म होते होते शाम के 4 बज गए थे। ऑफिस का काम 6 बजे तक चलना था। इसलिए मैं 2 घंटे और वहाँ पर रुकी ताकि अगर कोई और प्राब्लम आती है तो उसे दूर कर सकूँ पर कोई प्राब्लम नहीं आई। जिसके बाद मैं सीधा अपने होटल बापिस आ गई। मेरा काम पूरा हो गया था। इसलिए मेरा भोपाल रुकने का कोई मतलब नहीं रह गया था। जिस कारण मैंने उसी दिन रात की ट्रेन से बापिस दिल्ली जाने का फैसला कर लिया। मैंने ऑनलाईन चैक किया तो पता चला कि भोपाल से दिल्ली के लिए रात 9 बजे की एक ट्रेन है। इसलिए मैंने तुरंत ऑनलाईन टिकिट बुक कर लिया और अपना सामान पैक कर के अपना खाना रूम में ही मंगा लिया था।

चूंकि रेलवे स्टेशन मेरे होटल के पास में ही था, इसलिए मैं रात करीब 8:30 बजे होटल से चेक आउट कर के स्टेशन के लिए निकल गई। सर्दी का समय था और चारों तरफ हल्का कोहरा भी छाया हुआ था। इसलिए मैं रेलवे स्टेशन के वेटिंग ऐरिया में काफी देर तक अपनी ट्रेन आने का इंतजार करती रही। लेकिन जब रात 9:30 बजे तक ट्रेन नहीं आई तो मैंने इंक्वारी काऊँटर पर जाकर पूछताछ की। तब मुझे पता चला कि कोहरा ज्यादा होने के कारण ट्रेन कैंसिल हो गई है। इसलिए टिकिट के पैसे मेरे अकॉऊंट में रिटर्न हो जाऐंगे। अब उस स्टेशन से सुबह 9 बजे के बाद ही दिल्ली के लिए कोई ट्रेन मिलेगी। यह सब जानकर मेरा पूरा मूड ही खराब हो गया था। अब इतनी रात को मैं कहाँ जाऊँ होटल से भी मैंने चैक आऊट कर दिया था। इसलिए मैं स्टेशन से बाहर आकर खडी हो गई।

तभी मैंने देखा कि स्टेशन के बाहर थोडी दूर सुनसान जगह पर 3-4 लडकियाँ भडकीले कपडे पहने खडीं हैं। मैं उनकी तरफ ध्यान से देखने लगी। कुछ देर बाद एक आदमी उनके पास आया और उनसे बातें करने लगा। फिर अचानक से उस आदमी ने एक लड़की के सीने पार हाथ रख दिया और उसके बूब्स को सहलाने लगा। यह सब देखकर तो मैं हैरान ही रह गई। पहले तो मुझे लगा कि वो आदमी अब पक्का पिटने बाला है। पर उस आदमी ने जिस लड़की के सीने पर हाथ रखा था वो अब भी मुस्कुरा रही थी।

यह सब देखकर मैं कुछ रियेक्ट कर पाती उससे पहले ही उस आदमी ने अपने पर्स में से कुछ पैसे निकाले और उस लड़की को दे दिए। फिर वो आदमी उस लड़की के साथ स्टेशन के यार्ड की तरफ चला गया। जहाँ ट्रेन और मालगाडी के पुराने डिब्बे रखे हुए थे। ये सब देखकर मैं समझ गई कि वो लडकियाँ कालगर्ल हैं। थोडी ही देर बाद एक एक कर के सारी लडकियाँ वहाँ से चलीं गई थीं। मेरे पास अब कोई काम तो था नहीं और ना ही रुकने की कोई जगह थी। इसलिए मैंने सोचा क्यों ना होटल बापिस जाकर देखा जाऐ। हो सकता है मुझे अपने रूम की चावी बापिस मिल जाऐ। बैसे भी होटल का रूम मेरे नाम से पूरे 7 दिन के लिए बुक था।

आज मेरी किस्मत काफी अच्छी थी, क्योंकि होटल स्टॉफ ड्यूटी अब तक चेंज नहीं हुई थी। इसलिए रिसेप्शनिस्ट ने मुझे पहचानकर रूम की चाबियाँ मुझे बापिस कर दीं थी। मैं अपने रूम में जाकर कपडे चेंज करके लेट गई और सोने की कोशिश करने लगी पर मुझे नींद ही नहीं आ रही थी। मेरी आँखों के सामने बार बार स्टेशन के बाहर खडीं उन कॉलगर्लस का चेहरा आ रहा था। पिछले 2 महिने से मेरे पति लंदन में थे। जिस कारण मैंने 2 महिने से बिल्कुल भी सेक्स नहीं किया था। ऊपर से मेरे पति की सेक्स परफॉरमेंश भी कुछ खास नहीं थी। कई बार तो मैं सैटिसफाई भी नहीं हो पाती थी। पर मैंने आज तक उनसे कोई शिकायत नहीं की थी।

मैं पिछले 2 महिने से सेक्स के लिए उताबली थी। पर मेरे पति को बापिस आने में अभी समय लगने बाला था। अक्सर मेरे साथ ऐसा ही होता था। जिस कारण मैं काम में अपने आप को बिजी कर लेती थी। पर यहाँ भोपाल में आकर मेरे पास अब कोई काम ही नहीं था। ऊपर से रेलवे स्टेशन की घटना ने मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर दिया था। जिस कारण मेरे मन में कई सारी बातें एक साथ चल रहीं थीं

“साले अमन कमीने तू इतने दिनों के लिए क्यों जाता है... पक्का तेरा किसी और के साथ चक्कर है या फिर तू विदेश में जाकर गोरी लडकियों को चोदता होगा है। तभी तो तूझे कोई फर्क नहीं पडता। पर मैं क्या करूँ। अपनी आग कैसे बुझाऊँ मैं... “

“क्या करूँ… क्या मैं भी उन लडकियों की तरह स्टेशन के बाहर जाकर खडी हो जाऊं। कोई ना कोई मिल ही जाऐगा जो मेरी आग बुझा सके“

“नहीं नहीं ये ठीक नहीं है.... ये तो अमन के साथ धोखा होगा और फिर मैं ऐसी बैसी लड़की नहीं हूँ जो अपना जिस्म बेचती फिरूँ.... “

“पर मैं जिस्म कहाँ बेच रही हूँ। मैं तो ये सब बस मजे के लिए कर रही है। रही बात अमन की तो जब उसे मेरी कोई फिक्र नहीं है तो फिर मैं क्यों उसके बारे में इतना सोच रही हूँ। मैंने कितनी बार कहा है उससे की ये फॉरेन ट्रिप बंद कर दो। पर वो मानता ही नहीं है।“

“पर वो ये सब हमारे भविष्य के लिए ही तो कर रहा है।“

“अरे भाड में जाऐ ऐसा भविष्य... किस चीज की कमी है हमारे पास। सब कुछ तो है। फिर भी उसकी पैसों की भूख कभी खत्म ही नहीं होती है। उसके इस भविष्य के चक्कर में अपना वर्तमान क्यों खराब करना, और फिर जब मेरी सारी जबानी निकल जाऐगी तो फिर उसके यहाँ रुकने से क्या फायदा होगा। कुछ सालों बाद तो बैसे भी मुझे बच्चा पैदा करना ही पडेगा। एक बार बच्चा हो गया तो समझो सेक्स लाईफ खत्म। तो फिर ये सती सवित्री होने का नाटक बंद कर और मजे कर। बैसे भी कौन सा रोज रोज ये सब करना है। आज मौका मिला है तो मजे कर ले।“

“लेकिन अगर किसी को पता चल गया तो...“

“तो क्या होगा। अरे तू दिल्ली की है, यहाँ भोपाल ऑफिस के काम से आई है... अगर यहाँ किसी अंजान आदमी के साथ थोडा बहुत मजा कर भी लिया तो कौन सा वो दिल्ली जाकर तेरे पति से बोलने बाला है। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। मजे भी ले लेगी और एक रात के लिए कालगर्ल बनने की फैंटसी भी पूरी हो जाऐगी“

इतना सोचते ही मैं उठकर खडी हो गई और अपना बैग खोलकर उसमें कपडे चैक करने लगी। कॉलगर्ल की तरह दिखने के लिए मेरे पास ज्यादा ऑप्शन नहीं थे, क्योंकि मैं ऑफिस टूर पर थी। जिस कारण मेरे पास इस वक्त केवल प्रोफेशनल कपडे ही थे। इसलिए मैंने नीले रंग का स्किन टाईट बूटी जींस निकला, जो काफी पतले कपडे का था और स्ट्रेचेबल भी था। इसकी सबसे बडी खासियत ये थी कि इसे पहनने पर इसका पिछला हिस्सा मेरी दोनों गांड के थोडा अंदर की तरफ चला जाता था। जिस कारण मेरी दोनों गाँड अलग अलग उभरी हुईं दिखाई देतीं थी। इसके बाद मैंने एक शार्ट जैकेट और पुश-अप ब्रा सेट निकाला। ब्रा के ऊपर टॉप पहने का इस वक्त मेरा कोई ईरादा नहीं था।

थोडी देर बाद मैं तैयार होकर आईने में अपने आप को निहार रही थी। मैं इस वक्त बहुत ज्यादा सैक्सी बिल्कुल किसी मॉडल की तरह दिखाई दे रही थी। खुले बाल होँठो पर डार्क रेड लिपिस्टिक। ब्लैक कलर की शार्ट जैकेट जो मेरे कमर से ऊपर तक थी। जिस कारण मेरी पतली कमर साफ साफ दिखाई दे रही थी। जैकेट के अंदर पुश-अप ब्रा। जिससे मेरे बूब्स सीधे तने हुए दिखाई दे रहे थे और ऊपर से मेरी क्लीवेज भी साफ साफ दिखाई दे रही थी, नीचे टाईट फिटिंग जींस। मैंने चारों तरफ से अपने आप को देखा और फिर अपना मंगलसूत्र और बाकी सुहाग कि निशानी निकली और संभाल कर रख दीं।

अब मैं 22-23 साल की कुँवारी लड़की की तरह दिखाई दे रही थी, ना कि किसी शादीसुदा औरत की तरह। तैयार होने के बाद मैं अपने छोटे से कैरी बैग में कुछ पैसे और मोबाईल रख कर रूम लॉक करके बाहर आ गई। थोडी देर बाद में स्टेशन के बाहर खडी कॉलगर्ल के पास जाकर खडी हो गई। मैं नई थी और वहां पहली बार आई थी। इसलिए वहाँ खडी लडकियों ने मुझे अपना कॉम्पटीशन समझकर मुझसे बिल्कुल भी बात करने की कोशिश नहीं की थी। खैर मुझे भी इससे कोई फर्क नहीं पडा। मैंने अभी जैकेट बंद की हुई थी। क्योंकि मैं किसी ग्राहक को वहाँ खडी कॉलगर्ल से बात करते हुए सुनना चाहती थी। असल में मुझे नहीं पता था कि ग्राहक से कैसे बात करनी है और पैसे कितने माँगने हैं। थोडी ही देर इंतजार करने बाद वहाँ एक आदमी आया और लडकियों के पास खड़ा हो गया। उनमें से एक लड़की बोली

लड़की- चलता है क्या

लड़का- क्या लोगी

लड़की- एक राऊँड के 2

लड़का- ज्यादा हैं

लड़की- मंगता है तो बोल बर्ना फूट ले... दो से कम में कोई नहीं देगी यहाँ

लड़का- पूरी रात का क्या लोगी

लड़की- 20 हजार

लड़का- साली राँड तेरा तो भाव बडता ही जा रहा है। खुद को ऐश्वर्या समझ रही है क्या.. साला एक रात का 20 हजार। मैं अकेला कितनी बार कर लूँगा तेरी

लड़की- मेरे को क्या पता कि तू अकेला है या 10 लोंडे हैं। मैं तो तेरे साथ जायेगी तब पता चलेगा ना। पूरी रात का तो यही लगेगा। चाहे तू अकेला सारी रात कर या 10 लोंडे के साथ मिलकर कर। बस मैं सुबह 5 बजे से पहले निकल आऊँगी।

लड़का- 10 दूँगा बोल चलती है क्या

लड़की- 15 आखरी है... देता है तो बोल बर्ना टाईम खोटी मत कर

उस लडकी की बात सुनकर लडका थोडा सोचते हुए बोला

लड़का- चल ठीक है 15 दूँगा, पर पीछे भी लूँगा

उस लडके की बात सुनकर वो कॉलगर्ल थोडो झल्लाते हुए बोली

लड़की- चल हट साले.... 15 चोदने का है। पीछे करने के और मूँह में लेने के 5-5 हजार अलग से लगेंगे

लडकी की बात सुनकर अब वो लडका भी थोडा चिढ गया था। इसलिए वो भी थोडा गुस्से में बोला

लड़का- ये तो गलत बात है.... जब 15 में बात तय हो गई है, तो अब फिर से पैसे बड़ा रही हो...

लड़की- चोदने की बात हुई है गाँड मारने की नहीं

लड़का- 15 में सब कुछ बोलती है तो चल, बर्ना यहाँ और भी हैं

लडके की बात सुनकर उस लड़की ने उस लडके का एक हाथ पकडकर अपने बूब्स पर रख दिया और उसे सि़ड्यूज करते हुए बोली

लड़की- अरे सेठ पैसा क्या देखता है... माल देख ना माल, एक दम कडक माल है

वो लड़का उस कॉलगर्ल के बूब्स को सहलाते हुए बोला

लड़का- माल तो बाकई कडक है, पर पैसे ज्यादा हैं... कुछ कम करो तो बात बने

लड़की- चल ठीक है एक काम कर ना तेरे ना मेरे 20 फाईनल करते हैं। मैं तेरा अपनी चूत गाँड और मूँह तीनों में लूँगी। अगर चाहो तो 1-2 दोस्तों को भी बुला लेना

उस कॉलगर्ल की बात सुनकर लडका थोडा सोचते हुए बोला

लड़का- ठीक है बैठ जा गाडी पर

लड़की- पहले रोकडा फिर चलूँगी

उस लड़की की बात सुनकर लडके ने अपनी जेब से 100-100 रूपये की दो गडियाँ निकालकर उस लड़की को दे दीं। लड़की ने वो पैसे तुरंत अपने पर्स में रख लिए और उस लडके की बाईक पर जाकर बैठ गई। जिसके बाद वो दोनों वहाँ से निकल गए। मैं उन लोगों की बातें बडे ध्यान से सुन रही थी। एक ही बार में मैं समझ गई कि क्या बात करनी है और कितने पैसे माँगने हैं। इसके बाद मैं उन लडकियों से थोडा दूर जाकर खडी हो गई और अपनी जैकेट आगे से खोल दी। अब में पूरी तरह से तैयार थी। मुझे ज्यादा इंतजार नहीं करना पडा। थोडी ही देर में एक आदमी मेरे पास आया और बोला

आदमी- कितना लोगी

निशा- 5 हजार एक शॉट का

आदमी- बहुत ज्यादा हैं... कुछ कम करो

निशा- आगे जो लडकियाँ खडीं हैं ना, उनको ले जा... 2 हजार में चली जाऐंगी। तेरा काम भी हो जाऐगा और पैसे भी बच जाऐंगे। मेरी लेनी है तो पूरे 5 हजार देने होंगे।

मेरी बात सुनकर वो आदमी बाकई में आगे चला गया। जिसे देखकर मैं तो हैरान ही रह गई। मैं तो बस यूँ ही बारगेनिंग कर रही थी। कौन सा मुझे सच में पैसे चाहिए थे। ये तो सब मैं मजे लेने के लिए कर रही थी। सोचा था थोडी सी बारगेनिंग करूँगी तो सच में कॉलगर्ल लगूँगी। इतनी देर खडे रहने के बाद एक ग्राहक मिला था और वो भी मेरी बेबकूफी से चला गया। वो आदमी उन लडकियों के पास जाकर कुछ देर खड़ा रहा और फिर बापिस मेरे पास आने लगा। उसे बापिस आता देख मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई। मेरे पास आकर वो आदमी बोला

आदमी- चल ठीक है 5 दूँगा तेरे को

निशा- क्या हुआ सेठ वहाँ भी पैसे कम नहीं हुए क्या

मेरी बात सुनकर वो आदमी अपनी मोटर साईकिल से उतर कर मेरे एकदम पास आ गया और मेरे एक बूब्स को बेरहमी से दवाते हुए बोला

आदमी- पैसे तो कम ही थे पर माल तेरे जैसा नहीं था जानेमन

उस आदमी के छूते ही मेरे पूरे बदन में एक सनसनी दौड गई। जिंदगी में पहली बार मेरे पति के अलावा किसी दूसरे इंसान ने मेरे सीने पर हाथ लगाया था। एक पल को तो मेरे मन में ख्याल आया कि मैं मना कर दूँ। क्योंकि मैं एक शरीफ औरत हूँ और कभी भी गैर मर्द के बारे में कभी सोचा भी नहीं था, पर आज पता नहीं कैसे मैंने इतना बड़ा फैसला कर लिया। ऊपर से मैं ये सब पहली बार कर रही थी।

पर अगले ही पल मेरे ऊपर वासना फिर हावी हो गई। उस आदमी के बेरहमी से मेरे बूब्स को मसलने से मुझे दर्द तो हुआ, पर मजा भी आया था। अमन ने कभी भी मेरे साथ बाईल्ड सेक्स नहीं किया था। पर मेरी फ्रेंड अपने बाईल्ड सेक्स का एक्सपीरियंस मेरे साथ अक्सर शेयर करती थी। अलग अलग लोगों के सेक्स एक्सीरियंस सुन कर मुझे बड़ा मजा आता था। इसलिए जब अमन बाहर जाता तो मैं घर पर खाली समय में नेट पर सेक्स स्टोरी भी पढती थी, और फिर उन्हें अक्सर मन ही मन अपने साथ फैंटसाईज भी करती थी। जिस कारण मैंने अपनी कुछ बाईल्ड फैंटसी की एक लिस्ट बना रखी थी। जिसके बारे में मैंने आज तक किसी को भी नहीं बाताया था। मेरी उस लिस्ट में से कॉलगर्ल बनने की एक इच्छा आज पूरी होने बाली थी। स्टेशन के बाहर सबके सामने ही उस आदमी के मेरे बूब्स को एक बार फिर से बेरहमी से मसला तो मैं अपने ख्यालों से बाहर आकर हल्के से चीखते हुए बोली

निशा- आआआहहहह…. सेठ थोडा धीरे से दर्द होता है... चलो कहाँ चलना है

आदमी- तू बता कहाँ चलना है... लगता है नई नई है धंधे पर.. अरे तेरा कोई अड्डा तो होगा ही आस पास

निशा- वाहर की हूँ सेठ... आज पहली बार यहाँ आई हूँ

वो आदमी कुछ सोचते हुए बोला

आदमी- चल ठीक है रेलवे यार्ड में चलते हैं। वहाँ वहूत सारे पुरानी ट्रेन के डिब्बे रखे हुए हैं। यहाँ कि ज्यादातर धंधे बाली वहीं जाती हैं।

इतना बोलकर उस आदमी ने अपनी जेब से 5 हजार रूपये निकाल कर मुझे दे दिये। मैंने वो पैसे अपने कैरी बैग में रखे और फिर उस आदमी के साथ रेलवे यार्ड की तरफ चली गई।

कहानी जारी है.........
 
Last edited:

redhat.ag

Active Member
505
3,652
139
Update 002 -

रेलवे यार्ड के अंदर पहुँचकर हम दोनों एक खाली डिब्बे में चड गए, जिसके अंदर कोई भी नहीं था। यार्ड के बाहर कई सारी स्ट्रीट लाईट जल रहीं थी। डिव्वा पूरी तरह लॉक होने के कारण उसमें अंदर एकदम अंधेरा था। उस आदमी ने डिब्बे को अंदर से लॉक कर लिया और मोबाईल की फ्लैश लाईट में उस डिब्बे को अच्छी तरह से चैक करने लगा। वो एक स्लीपर कोच डिब्बा था, जिसकी लगभग सारी सीटें पहले ही निकाली जा चुकीं थीं। पर कुछ सीटों के बेड अब भी वहाँ एक साईड रखे हुए थे। उस आदमी ने एक बेड नीचे जमीन पर विछा दिया और सामने बाली खिड़की खोल दी। जिस कारण उस खिड़की से पर्याप्त रोशनी अंदर आने लगी।

मैं बहुत ज्यादा डरी हुई थी पर साथ साथ नये एक्सपीरियंस के लिए एक्साईटेड भी हो रही थी। अब आगे जो भी वहाँ होने बाला था उसके लिए मैं मन ही मन अपने आप को तैयार करने लगी। फिर मैंने जैसे ही अपना कैरी बैग और अपनी जैकेट उतार कर एक तरफ रखा, तो उस आदमी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरी गाँड को अपने हाथों से सहलाते हुए मेरे होंठों पर किस करने लगा। जिस कारण मेरे शरीर में एक बार फिर से सनसनाहट दौड गई। किसी और आदमी के द्वारा अपने शरीर को ऐसे छूने से मुझे बहुत शर्म आ रही थी। जिस बजह से मेरे चेहरा शर्म से लाल हो गया था।

लेकिन तभी मुझे ऐहसास हुआ कि उस आदमी को जरा जल्दी है। इसलिए थोडी देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उस आदमी ने मेरी ब्रा उतार दी और मेरे बूब्स को सहलाने लगा। थोडी देर मेरे बूब्स को बेरहमी से मसलने के बाद उसने मेरे कंधों को नीचे दबाकर बैठने का इशारा किया। उसकी इस हरकत से मैं समझ गई कि वो अपना लण्ड चुसवाना चाहता है। मैंने पहले भी 4-5 बार अपने पति अमन का लण्ड चुसा था। जिस कारण मुझे उसका लण्ड चूसने में कोई प्राब्लम नहीं थी। इसलिए उस आदमी का इशारा मिलते ही मैं भी चुपचाप घुटनों के बल नीचे बैठ गई।

मेरे बैठते ही उस आदमी ने अपने पेंट की जिप खोलकर अपना लण्ड बाहर निकाला, जिसे देखकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। क्योंकि उसका लण्ड अमन के लण्ड से बड़ा और मोटा था। इससे पहले मैं कुछ सोच पाती उस आदमी ने अपने हाथ का दबाब डालकर मेरे सर को अपने लण्ड पर झुकाया। अब मेरे पास पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं था। बैसे भी मैं यहाँ अपनी मर्जी से आई थी। इसलिए मैंने चुप चाप उसका लण्ड अपने मूँह में ले लिया और चूसने लगी।

उस आदमी के लण्ड से गंदी सी स्मैल आ रही थी और उसका स्वाद भी कुछ अजीब सा और थोडा नमकीन था। इससे पहले मैंने जब भी अपने घर पर अमन का लण्ड चूसा था। तो हर बार अमन अपने लण्ड को अच्छी तरह से धोकर साफ करता था। उसके बाद ही वो अपना लण्ड मुझसे चुसवाता था। लेकिन वो तो पति पत्नि की आपसी समझ है। पर यहाँ तो मैं एक रण्डी बनी बैठी थी। तो फिर वो आदमी भला क्यों अपने लण्ड को धोकर साफ करने लगा। इसलिए मैं चुपचाप उसके लण्ड को चूसती रही। उस आदमी को मेरी चुसाई बहुत पसंद आ रही थी। इसलिए वो बोला

आदमी- साली राण्ड क्या मस्त चूसती है तू.. आआआहहहह मजा ही आ गया.. मन कर रहा है चुसवाता रहूँ और तेरे मूँह में ही माल छोड दूँ। पर तेरी चूत भी चोदनी है साली... कुछ देर और ऐसे ही चूसती रही तो पक्का पानी निकल जाऐगा मेरा।

इतना बोलकर उस आदमी ने मेरे बालों को पकड कर अपना लण्ड़ मेरे मूँह से निकाल लिया और मुझे वहाँ बिछे बेड पर लेटने का इशारा किया। तो मैं चुप चाप बेड पर पीठ के बल लेट गई। उस आदमी ने जल्दी से अपने कपडे निकाले और फिर मेरी जींस और पैंटी भी निकाल दी। फिर मेरी कमर के पास जाकर बैठ गया और अपना लण्ड मेरी चूत से सटा कर मेरे ऊपर लेट गया। मैं समझ गई कि अब मेरी चुदाई होने बाली है। मेरे ऊपर आते ही उस आदमी ने अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को पकडा और मेरे होँठों को चूसते हुए मेरी चूत में अपने लण्ड का एक धक्का मारा।

मेरे पति का लण्ड इस आदमी से छोटा है। जिस कारण मेरी चूत ज्यादा खुली नहीं थी। जिस कारण उस आदमी के धक्के से उसका मोटा लण्ड जैसे ही करीब 2 इंच मेरी चूत के अंदर गया तो मुझे तेज दर्द महसूस हुआ, पर उस आदमी ने मेरे होंठों को अपने होंठों के बीच दबा रखा था। जिस कराण मेरी चीख अंदर ही घुट कर रह गई। उस आदमी ने एक के बाद एक 4-5 जोरदार धक्के दिये और अपना पूरा लण्ड बेरहमी से मेरी चूत में घुसा दिया। दर्द के कारण मेरा बुरा हाल था। मैंने अपने दोनों पैर उस आदमी की कमर से लपेट लिए और अपने हाथों को उसकी पीठ पर कस लिया। अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसाने के बाद उस आदमी ने मेरे होंठो को छोडा और बोला

आदमी- साली क्या चूत है तेरी... एक दम टाईट... मजा ही आ गया आज तो....

इतना बोलकर वो आदमी अपनी कमर हिला कर पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। हालाँकि मुझे दर्द हो रहा था। पर में चीख कर किसी को ये नहीं बताना चाहती थी कि यहाँ इस डिब्बे के अंदर मेरी चुदाई चल रही है। इसलिए मैं दर्द को बरदास्त करने की कोशिश करने लगी। मैंने अपने निचले होंठ को अपने दांतों से दबा लिया ताकि मेरी आबाज ना निकले। कुछ ही देर की चुदाई के बाद मेरा दर्द कम हो गया और मेरी चूत पानी छोडने लगी। जिस कारण अब मुझे भी मजा आने लगा था।

अब मैं उस आदमी की पीठ को अपने दोनों हाथों से सहालने लगी और अपनी कमर हिलाकर उसका साथ देने लगी। कुछ देर तक वो आदमी यूँ ही मुझे चोदता रहा और मेरे होंठो और गर्दन पर किस करता रहा। फिर उसने मेरे बुब्स को चूमना और निप्पलस् को अपने मूँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। जिस कारण मैं उत्तेजना के कारण झर गई। पर वो आदमी अपना काम करता रहा। करीब 10-15 मिनट मेरी यूँ ही चुदाई करने के बाद अचानक से वो रुक गया और बोला

आदमी- साली हरामजादी राण्ड….. ऐसे तो तू मेरा 2 मिनट में ही पानी निकाल देगी। चल साली कुतिया बन जा…. अब मैं तुझे कुतिया बनाकर चोदूँगा

इतना बोलकर वो मुझसे अलग हो गया और मैं चुप चाप कुतिया की तरह खडी हो गई। उस आदमी ने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से मजबूती से पकडा और एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। जिस कारण मेरे मूँह से हल्की सी चीख निकल गई

“आआआहहहहह”

मेरे चीखने पर उस आदमी ने मेरी गाँड पर एक थप्पड मारा और बोला

आदमी- चुप हो जा साली राण्ड…. क्या सारी दुनिया को बताऐगी कि यहाँ चुदाई चल रही है। मुझे तो कोई प्राब्लम नहीं है, पर तेरी चूत का जरूर चबूतरा बन जाऐगा।

मुझे उस आदमी की बात सही लगी। इसलिए मैं चुप चाप अपने निचले होंठ को अपने दांतों से दबाकर अपनी चुदाई करवाती रही। उस आदमी का लण्ड इतना बड़ा था कि चुदाई करते वक्त वो सीधे मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा था। इसके अलाबा वो आदमी बीच बीच में मेरी गाँड पर थप्पड भी मार रहा था। जिस कारण मुझे दर्द होने के साथ साथ मेरे पूरे बदन में एक अजीब सी सनसनाहट भी दौड रही थी। उस आदमी ने मुझे कुतिया बनाकर करीब 30-35 मिनट तक चोदा।

इस बीच में 3 बार झर गई थी। अमन ने मुझे कभी भी इतनी देर तक नहीं चोदा था। उसे अपना पानी छोडने में कभी भी 5-10 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता था। हाँ यदि कभी वियाग्र खा ले तो भी वो ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट तक ही चोद पाता था। कई बार तो मेरे झरने से पहले ही वो अपना पानी छोड देता था। जिस कारण मैं अक्सर प्यासी ही रह जाती थी। पर इस आदमी ने तो बहुत ज्यादा ही समय ले लिया था और 3 बार मेरा पानी भी निकाल दिया था। मैं अभी ये सब सोच ही रही थी कि अचानक उस आदमी की स्पीड बड गई। जिस कारण मैं समझ गई कि अब ये आदमी अपना पानी छोडने बाला है।

बैसे तो मैंने 2 महिने पहले ही कॉपर-टी लगवाई थी। इसलिए प्रेग्नेंसी का मुझे कोई डर नहीं था। लेकिन फिर भी मैं नहीं चाहती थी की वो आदमी मेरी चूत के अंदर ही अपना पानी छोडे। पर ठीक उसी समय मैं एक बार फिर से झरने की करीब पहूँच गई। जिस कारण मैं उसे नहीं रोक पाई और उस आदमी ने मेरी चूत के अंदर ही अपना पानी छोड दिया। जैसे ही उसका गर्म गर्म पानी मेरी चूत के अंदर गिरा तो उसके साथ साथ मैं भी झर गई और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी। जब उस आदमी का सारा पानी मेरी चूत में समा गया तो वो मुझसे अलग हो गया। और अपने कपडे पहने लगा।

मैं अब भी वहीं लेट कर लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी और अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रही थी। जब तक मैं नार्मल हुई, तब तक बो आदमी अपने कपडे पहनकर जाने लगा था। हालाँकि वो जगह स्टेशन से ज्यादा दूर नहीं थी। पर मैं यहाँ अकेले तो बिल्कुल भी नहीं रहना चाहती थी। इसलिए मैंने भी जल्दी जल्दी अपने कपडे पहने और फिर जैसे ही हम दोनों उस डिब्बे से बाहर निकले तो मेरी गाँड बुरी तरह से फट गई। क्योंकि उस डिब्बे के बाहर वहाँ के दो सिक्योरिटी गार्ड खडे हुए थे। हमें उस स्लीपर कोच से बाहर निकलता देख उनमें से एक बोला

गार्ड1- सालो बहनचोद क्या कर रहे थे दोनों अंदर

इससे पहले हम उस गार्ड के सबाल का जबाब देते दूसरा गार्ड बोला

गार्ड2- लगता है अंदर चुदाई चल रही थी।

गार्ड1- क्यों बे तेरी गर्डफ्रेंड है या राण्ड

आदमी- राण्ड है गार्ड सहाब

उस आदमी की बात सुनकर दोनों गार्ड मुझे हैरानी से देखने लगे फिर एक बोला

गार्ड1- माल को कडक है... क्या रेट है तेरा

उस आदमी कि चुदाई से मैं पहले ही काफी थक गई थी। जिंदगी में पहली बार इतनी देर चुदाई हुई थी। पर पता नहीं क्यों मैं मन ही मन एक्साईटेड भी थी। शायद पहली बार चुदाई में इतना मजा आया था। पता नहीं आज के बाद फिर कभी मौका मिले ना मिले। इसलिए मैंने मन ही मन उन दोनों से चुदने का मन बना लिया और बोली

निशा- 5 हजार

गार्ड2- ओह बहनचोद… ये तो बहुत मंहगी राण्ड है। कुछ कम कर ले तो हम भी मजे ले लेंगे तेरे

निशा- मेरा रेट तो यही है सहाब। करना है तो बोला… बर्ना जाने दो…

गार्ड1- नखरे बाली भी है साली.... 5 हजार दोनों का देगें बोल देती है क्या

निशा- बोला तो है सहाब… अगर मेरी मर्जी से करना है तो पैसे कम नहीं होंगे। वर्ना तुम दोनों तो हट्टे कट्टे मर्द हो जबरदस्ती भी कर सकते हो।

मेरी बात सुनकर दूसरा गार्ड मुझे धमकाते हुए बोला

गार्ड2- चुप चाप मान जा बर्ना रेलवे की प्रापर्टी में बिना इजाजत घुसने और यहाँ धंधा करने के जुर्म में पुलिस के हवाले कर देंगे।

उस गार्ड की बात सुनकर वो आदमी जिसने मुझे अभी अभी चोदा था वो बोला

आदमी- अरे गार्ड सहाब गुस्सा क्यों कर रहे हो। माल एकदम कडक है। धंधे में भी एकदम नई है। एकदम टाईट चूत है इसकी और मजे भी बहुत देती है। मूँह में लेने पर भी कोई नखरे भी नहीं दिखती। इस हिसाब से 5 हजार में कोई बुराई नहीं है। आगे आपकी मर्जी, पुलिस के हबाले करना है तो कर दो। लेकिन एक बात याद रखना कि ये रण्डी है और रण्डी की काहे की इज्जत। पुलिस थाने जाने पर कौन सी बदनामी होगी। आप जानते तो हैं सब कुछ। कुछ देर बैठाकर छोड देंगे।

उस आदमी की बात सुनकर गार्ड सोचते हुए बोला

गार्ड1- चल ठीक है... तू निकल

गार्ड की बात सुनकर वो आदमी चला गया और मैं वहीं खडी रह गई। उस आदमी के जाते ही वो गार्ड बोला

गार्ड1- चल ठीक है दूँगा पूरे 5 पर मजे लूँगा और हाँ मूँह में भी लेना होगा

निशा- ठीक है सहाब पर 5 एक के हैं...

गार्ड2- हाँ हाँ ठीक है मैं भी दूँगा अब चल अंदर

उसकी बात सुनकर मैं बापिस उस डिब्बे के अंदर चली गई और उसी बेड के पास जाकर अपने कपडे उतारने लगी। तभी उनमें से एक गार्ड अंदर आया और दूसरा बाहर खड़ा होकर रखबाली करने लगा। जैसे ही मैंने अपने सारे कपडे उतारे तो उस गार्ड ने मुझे दीबार से सटा दिया और मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे बूब्स को सहलाने लगा। कुछ देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उसने मेरे निप्पलस को बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया। जिस कारण मेरे शरीर में फिर से बासना की आग भडकने लगी। कुछ देर तक यूँ ही मेरे मजे लेने के बाद उस गार्ड ने अपने सारे कपडे उतार दिए और मुझे बैठने का इशारा किया तो मैं चुप चाप नीचे घुटनों के बाल बैठ गई और उसका लण्ड चूसने लगी। उस गार्ड का लण्ड चूसते हुए मैं अपने ऊपर हैरान थी। और मन ही मन सोच रही थी कि

“मैं ये सब क्या कर रही हूँ। ये गार्ड जिसका मैं लण्ड किसी लालीपॉप की तरह बडे मजे से चूस रही थी वो मेरे बाप की उम्र का आदमी है, जो देखने में भी एकदम काला और बदसूरत है। इसके जैसे कई आदमी मेरी कम्पनी में छोटे मोटे काम करते हैं। जिन्हें मैंने आज तक नजर भर के देखा तक नहीं था और आज मैं एक मामूली से गार्ड का लण्ड चूस रही हूँ और उससे चुदने बाली हूँ। वो भी मात्र 5 हजार रूपये के लिए“

पर अगले ही पल मेरे मन में फिर दूसरा ख्याल आया

“नहीं ये सब पैसों के लिए नहीं है। पैसे तो बस बहाना है मैं तो ये सब बस मजे के लिए और अपनी संतुष्टी के लिए कर रही हूँ। कौन सा हर रोज करना है... आज मौका मिला तो कर लिया। आज के बाद फिर कभी नहीं, और फिर मामूली गार्ड है तो क्या हुआ, है तो इंसान ही, और फिर इसका लण्ड भी तो अच्छा खासा बड़ा और मोटा है। अमन का तो इससे आधा भी नहीं है।“

मैं ये सब सोच ही रही थी कि तभी उस गार्ड ने अपना लण्ड मेरे मूँह से बाहर निकाल लिया और खुद उस बैड पर पीठ के बल लेट कर मुझसे बोला

गार्ड1- चल ऊपर आ जा

उस गार्ड की बात सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हो गई थी। क्योकि मैं कई बार खुद ऊपर चडकर चुदाई करवाने के बारे में सोचती थी। पर मेरे पति ने मुझे ऐसे चुदाई करवाने का कभी कोई मौका ही नहीं दिया। शायद वो उन आदमियों में से है, जो हमेशा औरत को अपने के कम समझते हैं और औरत को हमेशा अपने नीचे दबाकर रखना ही पसंद करते हैं। खैर जो भी हो पर आज मेरी यह इच्छा भी पूरी होने बाली थी। इसलिए मैं चुपचाप उसके ऊपर चड गई और उसके लण्ड को अपनी चूत पर टिका कर धीरे धीरे बैठने लगी।

अभी उसका लण्ड करीब 2 ईंच ही अंदर गया था कि तभी उस गार्ड ने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से पकडा और एकदम नीचे की तरफ दवा दिया। जिस कारण उसका पूरा लण्ड एक दम से मेरी चूत को फाडता हुआ सीधे मेरी बच्चेदानी से जा टकराया। जिस कारण मेरी चीख निकल गई

“आआआआहहहहहह मममाँ“

मेरी चीख सुनकर बाहर खड़ा गार्ड बोला

गार्ड2- उस्ताद जरा धीरे करो बेचारी की जान लोगे क्या... कुछ मेरे लिए भी छोड देना

गार्ड1- ओये चुप कर अभी तो घुसया ही है। चुदाई शुरू कहाँ हुई है। आभी से चिल्लाने लगी। लगता है प्रैक्टिस कम है।

इतना बोलकर मेरे नीचे लेटा गार्ड अपनी कमर हिलाकर अपना लण्ड अंदर बाहर करने की कोशिश करने लगा तो मैं भी ऊपर नीचे होकर खुद ही अपनी चुदाई करवाने लगी। शूरूआत में तो मुझे थोडा दर्द हुआ और अजीब भी लगा, पर फिर मुझे इसमें मजा आने लगा। उस गार्ड ने अपने दोनों हाथ से मेरे बूब्स पकडे हुए थे, और उन्हें सहला रहा था कभी कभी वो मेरे निप्पलस् को अपनी उंगलियों से मसल देता, तो कभी मेरे गाँड पर अपने हाथ रख कर मुझे तेजी से ऊपर नीचे करने लगता।

मैं करीब 20 मिनट तक यूँ ही ऊपर नीचे होते हुए अपनी चुदाई करवा रही थी। मैं इस वक्त मजे के सातवे आसमान पर थी। इतना मजा मुझे जिंदगी में पहले कभी नहीं आया था। इस दौरान मैं 2 बार पानी भी छोड चुकी थी। जिस कारण उसका लण्ड अब आसानी से मेरी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। पर अब मैं बुरी तरह से थक गई थी। इसलिए मैंने उपर नीचे होना बंद कर दिया और उसके चेहरे पर झुककर उसे खुद ही चूमने और सहलाने लगी। ये पहली बार था कि मैंने खुद से किसी को ऐसे चूमा और सहलाया था। वो गार्ड समझ गया की मैं बहुत ज्यादा थक गई हूँ। इसलिए वो बोला

गार्ड1- चल साली अब तू कुतिया बन जा

उस गार्ड की बात सुनकर मैं उसके ऊपर से उतर गई और बेड पर कुतिया बन कर खडी हो गई। जिसके बाद उस गार्ड ने बिना देर किये अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया और मेरी कमर पकडकर मेरी चुदाई करने लगा। इस पोजीशन में भी मुझे बहुत मजा आ रहा था। उस गार्ड ने मुझे कुतिया बनाकर एक बार फिर 20-25 मिनट तक चोदा और फिर मेरी चूत में ही अपना पानी छोड दिया। उसके अलग होते ही मैं वहीँ बैठकर अपनी सांसें कंट्रोल करने की कोशिश करने लगी। जवकि उस गार्ड ने जल्दी से अपने कपडे पहने और अपने जेब से 5 हजार रूपये निकाल कर मुझे दिए और बाहर निकल गया।

मैंने वो पैसे अपने बैग में डाल दिए। तब तक दूसरा गार्ड भी अंदर आ गया था। उसने बिना देर किये अपने कपडे उतारे और मेरे मूँह के आगे अपना लण्ड कर दिया। मैंने उसके कुछ कहने से पहले ही उसका लण्ड चूसना शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट आपना लण्ड चुसवाने के बाद उसने मुझे कुतिया बनने के लिए कहा। जैसे ही मैं कुतिया बनकर खडी हुई तो दूसरे गार्ड ने एक ही बार में अपना लण्ड मेरी चूत में घुसाकर मेरी चुदाई शुरू कर दी। इसका लण्ड पहले बाले आदमी और पहले गार्ड से थोडा छोटा था पर फिर भी मेरे पति अमन से तो काफी बड़ा था।

इसलिए मैं चुपचाप किसी आवारा कुतिया की तरह खडी होकर अपनी चुदाई के मजे लेने लगी। इस दूसरे गार्ड ने भी मुझे 30-40 मिनट चोदने के बाद अपना पानी मेरी चूत के अंदर ही छोड दिया और जल्दी से कपडे पहन कर मुझे 5 हजार रूपये दिए और वहाँ से बहार चला गया। अब तक मैं बुरी तरह से थक गई थी। इसलिए मैं वहीं लेटकर अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रही थी। करीब 10-15 मिनट रेस्ट करने के बाद जब मुझे कुछ अच्छा फील होने लगा तो मैंने भी जल्दी से अपने कपडे पहने और वहाँ से बाहर निकल आई।


कहानी जारी है.........
 
Last edited:

redhat.ag

Active Member
505
3,652
139
Bhai meri jung ko bhi pura karo plz
हाँ भाई जल्द ही उसे भी पूरा करूँगा....

1-2 दिन में उसके भी अपडेट आने शुरू हो जाऐंगे। लेकिन मेरी जंग के आगे के अपडेट अब हिन्दी फोन्ट में आऐंगे।
 
  • Like
Reactions: parkas

redhat.ag

Active Member
505
3,652
139
नई कहानी के लिए शुभकामनाएं।

बहुत ही उत्तेजक कहानी मित्र..

क्या ये कहानी लंबी चलेगी ?
बिल्कुल....
 
  • Love
Reactions: rajeev13

kas1709

Well-Known Member
13,064
14,145
228
Update 002 -

रेलवे यार्ड के अंदर पहुँचकर हम दोनों एक खाली डिब्बे में चड गए, जिसके अंदर कोई भी नहीं था। यार्ड के बाहर कई सारी स्ट्रीट लाईट जल रहीं थी। डिव्वा पूरी तरह लॉक होने के कारण उसमें अंदर एकदम अंधेरा था। उस आदमी ने डिब्बे को अंदर से लॉक कर लिया और मोबाईल की फ्लैश लाईट में उस डिब्बे को अच्छी तरह से चैक करने लगा। वो एक स्लीपर कोच डिब्बा था, जिसकी लगभग सारी सीटें पहले ही निकाली जा चुकीं थीं। पर कुछ सीटों के बेड अब भी वहाँ एक साईड रखे हुए थे। उस आदमी ने एक बेड नीचे जमीन पर विछा दिया और सामने बाली खिड़की खोल दी। जिस कारण उस खिड़की से पर्याप्त रोशनी अंदर आने लगी।

मैं बहुत ज्यादा डरी हुई थी पर साथ साथ नये एक्सपीरियंस के लिए एक्साईटेड भी हो रही थी। अब आगे जो भी वहाँ होने बाला था उसके लिए मैं मन ही मन अपने आप को तैयार करने लगी। फिर मैंने जैसे ही अपना कैरी बैग और अपनी जैकेट उतार कर एक तरफ रखा, तो उस आदमी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरी गाँड को अपने हाथों से सहलाते हुए मेरे होंठों पर किस करने लगा। जिस कारण मेरे शरीर में एक बार फिर से सनसनाहट दौड गई। किसी और आदमी के द्वारा अपने शरीर को ऐसे छूने से मुझे बहुत शर्म आ रही थी। जिस बजह से मेरे चेहरा शर्म से लाल हो गया था।

लेकिन तभी मुझे ऐहसास हुआ कि उस आदमी को जरा जल्दी है। इसलिए थोडी देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उस आदमी ने मेरी ब्रा उतार दी और मेरे बूब्स को सहलाने लगा। थोडी देर मेरे बूब्स को बेरहमी से मसलने के बाद उसने मेरे कंधों को नीचे दबाकर बैठने का इशारा किया। उसकी इस हरकत से मैं समझ गई कि वो अपना लण्ड चुसवाना चाहता है। मैंने पहले भी 4-5 बार अपने पति अमन का लण्ड चुसा था। जिस कारण मुझे उसका लण्ड चूसने में कोई प्राब्लम नहीं थी। इसलिए उस आदमी का इशारा मिलते ही मैं भी चुपचाप घुटनों के बल नीचे बैठ गई।

मेरे बैठते ही उस आदमी ने अपने पेंट की जिप खोलकर अपना लण्ड बाहर निकाला, जिसे देखकर मैं बुरी तरह से हैरान रह गई। क्योंकि उसका लण्ड अमन के लण्ड से बड़ा और मोटा था। इससे पहले मैं कुछ सोच पाती उस आदमी ने अपने हाथ का दबाब डालकर मेरे सर को अपने लण्ड पर झुकाया। अब मेरे पास पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं था। बैसे भी मैं यहाँ अपनी मर्जी से आई थी। इसलिए मैंने चुप चाप उसका लण्ड अपने मूँह में ले लिया और चूसने लगी।

उस आदमी के लण्ड से गंदी सी स्मैल आ रही थी और उसका स्वाद भी कुछ अजीब सा और थोडा नमकीन था। इससे पहले मैंने जब भी अपने घर पर अमन का लण्ड चूसा था। तो हर बार अमन अपने लण्ड को अच्छी तरह से धोकर साफ करता था। उसके बाद ही वो अपना लण्ड मुझसे चुसवाता था। लेकिन वो तो पति पत्नि की आपसी समझ है। पर यहाँ तो मैं एक रण्डी बनी बैठी थी। तो फिर वो आदमी भला क्यों अपने लण्ड को धोकर साफ करने लगा। इसलिए मैं चुपचाप उसके लण्ड को चूसती रही। उस आदमी को मेरी चुसाई बहुत पसंद आ रही थी। इसलिए वो बोला

आदमी- साली राण्ड क्या मस्त चूसती है तू.. आआआहहहह मजा ही आ गया.. मन कर रहा है चुसवाता रहूँ और तेरे मूँह में ही माल छोड दूँ। पर तेरी चूत भी चोदनी है साली... कुछ देर और ऐसे ही चूसती रही तो पक्का पानी निकल जाऐगा मेरा।

इतना बोलकर उस आदमी ने मेरे बालों को पकड कर अपना लण्ड़ मेरे मूँह से निकाल लिया और मुझे वहाँ बिछे बेड पर लेटने का इशारा किया। तो मैं चुप चाप बेड पर पीठ के बल लेट गई। उस आदमी ने जल्दी से अपने कपडे निकाले और फिर मेरी जींस और पैंटी भी निकाल दी। फिर मेरी कमर के पास जाकर बैठ गया और अपना लण्ड मेरी चूत से सटा कर मेरे ऊपर लेट गया। मैं समझ गई कि अब मेरी चुदाई होने बाली है। मेरे ऊपर आते ही उस आदमी ने अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को पकडा और मेरे होँठों को चूसते हुए मेरी चूत में अपने लण्ड का एक धक्का मारा।

मेरे पति का लण्ड इस आदमी से छोटा है। जिस कारण मेरी चूत ज्यादा खुली नहीं थी। जिस कारण उस आदमी के धक्के से उसका मोटा लण्ड जैसे ही करीब 2 इंच मेरी चूत के अंदर गया तो मुझे तेज दर्द महसूस हुआ, पर उस आदमी ने मेरे होंठों को अपने होंठों के बीच दबा रखा था। जिस कराण मेरी चीख अंदर ही घुट कर रह गई। उस आदमी ने एक के बाद एक 4-5 जोरदार धक्के दिये और अपना पूरा लण्ड बेरहमी से मेरी चूत में घुसा दिया। दर्द के कारण मेरा बुरा हाल था। मैंने अपने दोनों पैर उस आदमी की कमर से लपेट लिए और अपने हाथों को उसकी पीठ पर कस लिया। अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसाने के बाद उस आदमी ने मेरे होंठो को छोडा और बोला

आदमी- साली क्या चूत है तेरी... एक दम टाईट... मजा ही आ गया आज तो....

इतना बोलकर वो आदमी अपनी कमर हिला कर पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। हालाँकि मुझे दर्द हो रहा था। पर में चीख कर किसी को ये नहीं बताना चाहती थी कि यहाँ इस डिब्बे के अंदर मेरी चुदाई चल रही है। इसलिए मैं दर्द को बरदास्त करने की कोशिश करने लगी। मैंने अपने निचले होंठ को अपने दांतों से दबा लिया ताकि मेरी आबाज ना निकले। कुछ ही देर की चुदाई के बाद मेरा दर्द कम हो गया और मेरी चूत पानी छोडने लगी। जिस कारण अब मुझे भी मजा आने लगा था।

अब मैं उस आदमी की पीठ को अपने दोनों हाथों से सहालने लगी और अपनी कमर हिलाकर उसका साथ देने लगी। कुछ देर तक वो आदमी यूँ ही मुझे चोदता रहा और मेरे होंठो और गर्दन पर किस करता रहा। फिर उसने मेरे बुब्स को चूमना और निप्पलस् को अपने मूँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। जिस कारण मैं उत्तेजना के कारण झर गई। पर वो आदमी अपना काम करता रहा। करीब 10-15 मिनट मेरी यूँ ही चुदाई करने के बाद अचानक से वो रुक गया और बोला

आदमी- साली हरामजादी राण्ड….. ऐसे तो तू मेरा 2 मिनट में ही पानी निकाल देगी। चल साली कुतिया बन जा…. अब मैं तुझे कुतिया बनाकर चोदूँगा

इतना बोलकर वो मुझसे अलग हो गया और मैं चुप चाप कुतिया की तरह खडी हो गई। उस आदमी ने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से मजबूती से पकडा और एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। जिस कारण मेरे मूँह से हल्की सी चीख निकल गई

“आआआहहहहह”

मेरे चीखने पर उस आदमी ने मेरी गाँड पर एक थप्पड मारा और बोला

आदमी- चुप हो जा साली राण्ड…. क्या सारी दुनिया को बताऐगी कि यहाँ चुदाई चल रही है। मुझे तो कोई प्राब्लम नहीं है, पर तेरी चूत का जरूर चबूतरा बन जाऐगा।

मुझे उस आदमी की बात सही लगी। इसलिए मैं चुप चाप अपने निचले होंठ को अपने दांतों से दबाकर अपनी चुदाई करवाती रही। उस आदमी का लण्ड इतना बड़ा था कि चुदाई करते वक्त वो सीधे मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा था। इसके अलाबा वो आदमी बीच बीच में मेरी गाँड पर थप्पड भी मार रहा था। जिस कारण मुझे दर्द होने के साथ साथ मेरे पूरे बदन में एक अजीब सी सनसनाहट भी दौड रही थी। उस आदमी ने मुझे कुतिया बनाकर करीब 30-35 मिनट तक चोदा।

इस बीच में 3 बार झर गई थी। अमन ने मुझे कभी भी इतनी देर तक नहीं चोदा था। उसे अपना पानी छोडने में कभी भी 5-10 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता था। हाँ यदि कभी वियाग्र खा ले तो भी वो ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट तक ही चोद पाता था। कई बार तो मेरे झरने से पहले ही वो अपना पानी छोड देता था। जिस कारण मैं अक्सर प्यासी ही रह जाती थी। पर इस आदमी ने तो बहुत ज्यादा ही समय ले लिया था और 3 बार मेरा पानी भी निकाल दिया था। मैं अभी ये सब सोच ही रही थी कि अचानक उस आदमी की स्पीड बड गई। जिस कारण मैं समझ गई कि अब ये आदमी अपना पानी छोडने बाला है।

बैसे तो मैंने 2 महिने पहले ही कॉपर-टी लगवाई थी। इसलिए प्रेग्नेंसी का मुझे कोई डर नहीं था। लेकिन फिर भी मैं नहीं चाहती थी की वो आदमी मेरी चूत के अंदर ही अपना पानी छोडे। पर ठीक उसी समय मैं एक बार फिर से झरने की करीब पहूँच गई। जिस कारण मैं उसे नहीं रोक पाई और उस आदमी ने मेरी चूत के अंदर ही अपना पानी छोड दिया। जैसे ही उसका गर्म गर्म पानी मेरी चूत के अंदर गिरा तो उसके साथ साथ मैं भी झर गई और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी। जब उस आदमी का सारा पानी मेरी चूत में समा गया तो वो मुझसे अलग हो गया। और अपने कपडे पहने लगा।

मैं अब भी वहीं लेट कर लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी और अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रही थी। जब तक मैं नार्मल हुई, तब तक बो आदमी अपने कपडे पहनकर जाने लगा था। हालाँकि वो जगह स्टेशन से ज्यादा दूर नहीं थी। पर मैं यहाँ अकेले तो बिल्कुल भी नहीं रहना चाहती थी। इसलिए मैंने भी जल्दी जल्दी अपने कपडे पहने और फिर जैसे ही हम दोनों उस डिब्बे से बाहर निकले तो मेरी गाँड बुरी तरह से फट गई। क्योंकि उस डिब्बे के बाहर वहाँ के दो सिक्योरिटी गार्ड खडे हुए थे। हमें उस स्लीपर कोच से बाहर निकलता देख उनमें से एक बोला

गार्ड1- सालो बहनचोद क्या कर रहे थे दोनों अंदर

इससे पहले हम उस गार्ड के सबाल का जबाब देते दूसरा गार्ड बोला

गार्ड2- लगता है अंदर चुदाई चल रही थी।

गार्ड1- क्यों बे तेरी गर्डफ्रेंड है या राण्ड

आदमी- राण्ड है गार्ड सहाब

उस आदमी की बात सुनकर दोनों गार्ड मुझे हैरानी से देखने लगे फिर एक बोला

गार्ड1- माल को कडक है... क्या रेट है तेरा

उस आदमी कि चुदाई से मैं पहले ही काफी थक गई थी। जिंदगी में पहली बार इतनी देर चुदाई हुई थी। पर पता नहीं क्यों मैं मन ही मन एक्साईटेड भी थी। शायद पहली बार चुदाई में इतना मजा आया था। पता नहीं आज के बाद फिर कभी मौका मिले ना मिले। इसलिए मैंने मन ही मन उन दोनों से चुदने का मन बना लिया और बोली

निशा- 5 हजार

गार्ड2- ओह बहनचोद… ये तो बहुत मंहगी राण्ड है। कुछ कम कर ले तो हम भी मजे ले लेंगे तेरे

निशा- मेरा रेट तो यही है सहाब। करना है तो बोला… बर्ना जाने दो…

गार्ड1- नखरे बाली भी है साली.... 5 हजार दोनों का देगें बोल देती है क्या

निशा- बोला तो है सहाब… अगर मेरी मर्जी से करना है तो पैसे कम नहीं होंगे। वर्ना तुम दोनों तो हट्टे कट्टे मर्द हो जबरदस्ती भी कर सकते हो।

मेरी बात सुनकर दूसरा गार्ड मुझे धमकाते हुए बोला

गार्ड2- चुप चाप मान जा बर्ना रेलवे की प्रापर्टी में बिना इजाजत घुसने और यहाँ धंधा करने के जुर्म में पुलिस के हवाले कर देंगे।

उस गार्ड की बात सुनकर वो आदमी जिसने मुझे अभी अभी चोदा था वो बोला

आदमी- अरे गार्ड सहाब गुस्सा क्यों कर रहे हो। माल एकदम कडक है। धंधे में भी एकदम नई है। एकदम टाईट चूत है इसकी और मजे भी बहुत देती है। मूँह में लेने पर भी कोई नखरे भी नहीं दिखती। इस हिसाब से 5 हजार में कोई बुराई नहीं है। आगे आपकी मर्जी, पुलिस के हबाले करना है तो कर दो। लेकिन एक बात याद रखना कि ये रण्डी है और रण्डी की काहे की इज्जत। पुलिस थाने जाने पर कौन सी बदनामी होगी। आप जानते तो हैं सब कुछ। कुछ देर बैठाकर छोड देंगे।

उस आदमी की बात सुनकर गार्ड सोचते हुए बोला

गार्ड1- चल ठीक है... तू निकल

गार्ड की बात सुनकर वो आदमी चला गया और मैं वहीं खडी रह गई। उस आदमी के जाते ही वो गार्ड बोला

गार्ड1- चल ठीक है दूँगा पूरे 5 पर मजे लूँगा और हाँ मूँह में भी लेना होगा

निशा- ठीक है सहाब पर 5 एक के हैं...

गार्ड2- हाँ हाँ ठीक है मैं भी दूँगा अब चल अंदर

उसकी बात सुनकर मैं बापिस उस डिब्बे के अंदर चली गई और उसी बेड के पास जाकर अपने कपडे उतारने लगी। तभी उनमें से एक गार्ड अंदर आया और दूसरा बाहर खड़ा होकर रखबाली करने लगा। जैसे ही मैंने अपने सारे कपडे उतारे तो उस गार्ड ने मुझे दीबार से सटा दिया और मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे बूब्स को सहलाने लगा। कुछ देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उसने मेरे निप्पलस को बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया। जिस कारण मेरे शरीर में फिर से बासना की आग भडकने लगी। कुछ देर तक यूँ ही मेरे मजे लेने के बाद उस गार्ड ने अपने सारे कपडे उतार दिए और मुझे बैठने का इशारा किया तो मैं चुप चाप नीचे घुटनों के बाल बैठ गई और उसका लण्ड चूसने लगी। उस गार्ड का लण्ड चूसते हुए मैं अपने ऊपर हैरान थी। और मन ही मन सोच रही थी कि

“मैं ये सब क्या कर रही हूँ। ये गार्ड जिसका मैं लण्ड किसी लालीपॉप की तरह बडे मजे से चूस रही थी वो मेरे बाप की उम्र का आदमी है, जो देखने में भी एकदम काला और बदसूरत है। इसके जैसे कई आदमी मेरी कम्पनी में छोटे मोटे काम करते हैं। जिन्हें मैंने आज तक नजर भर के देखा तक नहीं था और आज मैं एक मामूली से गार्ड का लण्ड चूस रही हूँ और उससे चुदने बाली हूँ। वो भी मात्र 5 हजार रूपये के लिए“

पर अगले ही पल मेरे मन में फिर दूसरा ख्याल आया

“नहीं ये सब पैसों के लिए नहीं है। पैसे तो बस बहाना है मैं तो ये सब बस मजे के लिए और अपनी संतुष्टी के लिए कर रही हूँ। कौन सा हर रोज करना है... आज मौका मिला तो कर लिया। आज के बाद फिर कभी नहीं, और फिर मामूली गार्ड है तो क्या हुआ, है तो इंसान ही, और फिर इसका लण्ड भी तो अच्छा खासा बड़ा और मोटा है। अमन का तो इससे आधा भी नहीं है।“

मैं ये सब सोच ही रही थी कि तभी उस गार्ड ने अपना लण्ड मेरे मूँह से बाहर निकाल लिया और खुद उस बैड पर पीठ के बल लेट कर मुझसे बोला

गार्ड1- चल ऊपर आ जा

उस गार्ड की बात सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हो गई थी। क्योकि मैं कई बार खुद ऊपर चडकर चुदाई करवाने के बारे में सोचती थी। पर मेरे पति ने मुझे ऐसे चुदाई करवाने का कभी कोई मौका ही नहीं दिया। शायद वो उन आदमियों में से है, जो हमेशा औरत को अपने के कम समझते हैं और औरत को हमेशा अपने नीचे दबाकर रखना ही पसंद करते हैं। खैर जो भी हो पर आज मेरी यह इच्छा भी पूरी होने बाली थी। इसलिए मैं चुपचाप उसके ऊपर चड गई और उसके लण्ड को अपनी चूत पर टिका कर धीरे धीरे बैठने लगी।

अभी उसका लण्ड करीब 2 ईंच ही अंदर गया था कि तभी उस गार्ड ने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से पकडा और एकदम नीचे की तरफ दवा दिया। जिस कारण उसका पूरा लण्ड एक दम से मेरी चूत को फाडता हुआ सीधे मेरी बच्चेदानी से जा टकराया। जिस कारण मेरी चीख निकल गई

“आआआआहहहहहह मममाँ“

मेरी चीख सुनकर बाहर खड़ा गार्ड बोला

गार्ड2- उस्ताद जरा धीरे करो बेचारी की जान लोगे क्या... कुछ मेरे लिए भी छोड देना

गार्ड1- ओये चुप कर अभी तो घुसया ही है। चुदाई शुरू कहाँ हुई है। आभी से चिल्लाने लगी। लगता है प्रैक्टिस कम है।

इतना बोलकर मेरे नीचे लेटा गार्ड अपनी कमर हिलाकर अपना लण्ड अंदर बाहर करने की कोशिश करने लगा तो मैं भी ऊपर नीचे होकर खुद ही अपनी चुदाई करवाने लगी। शूरूआत में तो मुझे थोडा दर्द हुआ और अजीब भी लगा, पर फिर मुझे इसमें मजा आने लगा। उस गार्ड ने अपने दोनों हाथ से मेरे बूब्स पकडे हुए थे, और उन्हें सहला रहा था कभी कभी वो मेरे निप्पलस् को अपनी उंगलियों से मसल देता, तो कभी मेरे गाँड पर अपने हाथ रख कर मुझे तेजी से ऊपर नीचे करने लगता।

मैं करीब 20 मिनट तक यूँ ही ऊपर नीचे होते हुए अपनी चुदाई करवा रही थी। मैं इस वक्त मजे के सातवे आसमान पर थी। इतना मजा मुझे जिंदगी में पहले कभी नहीं आया था। इस दौरान मैं 2 बार पानी भी छोड चुकी थी। जिस कारण उसका लण्ड अब आसानी से मेरी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। पर अब मैं बुरी तरह से थक गई थी। इसलिए मैंने उपर नीचे होना बंद कर दिया और उसके चेहरे पर झुककर उसे खुद ही चूमने और सहलाने लगी। ये पहली बार था कि मैंने खुद से किसी को ऐसे चूमा और सहलाया था। वो गार्ड समझ गया की मैं बहुत ज्यादा थक गई हूँ। इसलिए वो बोला

गार्ड1- चल साली अब तू कुतिया बन जा

उस गार्ड की बात सुनकर मैं उसके ऊपर से उतर गई और बेड पर कुतिया बन कर खडी हो गई। जिसके बाद उस गार्ड ने बिना देर किये अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया और मेरी कमर पकडकर मेरी चुदाई करने लगा। इस पोजीशन में भी मुझे बहुत मजा आ रहा था। उस गार्ड ने मुझे कुतिया बनाकर एक बार फिर 20-25 मिनट तक चोदा और फिर मेरी चूत में ही अपना पानी छोड दिया। उसके अलग होते ही मैं वहीँ बैठकर अपनी सांसें कंट्रोल करने की कोशिश करने लगी। जवकि उस गार्ड ने जल्दी से अपने कपडे पहने और अपने जेब से 5 हजार रूपये निकाल कर मुझे दिए और बाहर निकल गया।

मैंने वो पैसे अपने बैग में डाल दिए। तब तक दूसरा गार्ड भी अंदर आ गया था। उसने बिना देर किये अपने कपडे उतारे और मेरे मूँह के आगे अपना लण्ड कर दिया। मैंने उसके कुछ कहने से पहले ही उसका लण्ड चूसना शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट आपना लण्ड चुसवाने के बाद उसने मुझे कुतिया बनने के लिए कहा। जैसे ही मैं कुतिया बनकर खडी हुई तो दूसरे गार्ड ने एक ही बार में अपना लण्ड मेरी चूत में घुसाकर मेरी चुदाई शुरू कर दी। इसका लण्ड पहले बाले आदमी और पहले गार्ड से थोडा छोटा था पर फिर भी मेरे पति अमन से तो काफी बड़ा था।

इसलिए मैं चुपचाप किसी आवारा कुतिया की तरह खडी होकर अपनी चुदाई के मजे लेने लगी। इस दूसरे गार्ड ने भी मुझे 30-40 मिनट चोदने के बाद अपना पानी मेरी चूत के अंदर ही छोड दिया और जल्दी से कपडे पहन कर मुझे 5 हजार रूपये दिए और वहाँ से बहार चला गया। अब तक मैं बुरी तरह से थक गई थी। इसलिए मैं वहीं लेटकर अपने आप को नार्मल करने की कोशिश कर रही थी। करीब 10-15 मिनट रेस्ट करने के बाद जब मुझे कुछ अच्छा फील होने लगा तो मैंने भी जल्दी से अपने कपडे पहने और वहाँ से बाहर निकल आई।
Nice update....
 
  • Like
Reactions: ajmal1231
Top