• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Adultery कर्ज की कीमत

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
हैल्लो दोस्त मे आज एक नई कहानी शुरू करने जा रहा हु जिसकी मुझे प्रेरणा मिली हैं उम्मीद हैं आप सभी को अच्छी lagegi
 
  • Love
Reactions: SKYESH

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
शुरुआत

कहानी शुरुआत होती हैं महाराष्ट्र क़े एक छोटे से गांव से जहा श्रीकांत ओर उसकी पत्नी सानवी रहते थे श्रीकांत गांव का एक आम किसान था जो खेती करके अपना जीवन यापन करता था दिखने मे ना तो ज्यादा सुन्दर ओर ना ही बदसूरत गांव वालो की नज़र मे भी वो एक अच्छा इंसान था गांव क़े सभी लोग उसे पसंद करते थे वी भी सभी का सम्मान करता था श्रीकांत क़े घर मे चार लोग रहते थे एक श्रीकांत की माँ कमला उसकी पत्नी सानवी ओर उसकी 2 साल की छोटी बेटी परी श्रीकांत की शादी को लगभग 3 साल से ज्यादा हो गए थे दोनों पति पत्नी आपस मे बहुत ही प्यार क़े साथ खुश थे काम क़े साथ श्रीकान्त सेक्स मे भी ठीक था उसकी पत्नी उससे खुश थी श्रीकांत क़े पिता श्रीकांत क़े शादी क़े कुछ साल बाद ही चल बसें तब से श्रीकांत ही घर की सब ज़िम्मेदारी उठता हैं अब बात करते हैं सानवी की... तो वाह एक गांव की एक साधारण सी ग्राहनी हैं परन्तु दिखने मे वो किसी मॉडल से कम नहीं हैं उसका रंग भले ही सावला हो पर शरीर की बनावट लाजवाब हैं लम्बा नुकिला चेहरा बड़ी आँखे घने बाल सपात पेट पतला परन्तु सुडोल बदन 34 क़े दूध ओर 34 की ही गांड किसी का भी लन्ड खड़ा करने क़े लिए काफ़ी हैं गांव क़े सभी मर्द ने उसे सोच क़े एक ना एक बार मुठ मेरी ही होंगी पर सानवी की को भी भाव नहीं देती थी क्युकी उसके लिए उसका पति ही सबकुछ हैं ओर जैसा वो चाहते हैं वैसा ही वो करती हैं शादी क़े पहले भी सानवी कुंवारी ही थी उसे किसी मर्द ने छुआ तक नहीं tha
 

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
सुहागरात क़े दिन ही उसकी सील टूटी थी ओर उसने चुदाई का स्वाद चखा था ऐसा नहीं था की उसे चुदाई की इच्छा नहीं होती थी पर वो अपनी इच्छा पे काबू कर लेती थी पहली चुदाई क़े बाद उसे चुदाई मे मज़ा आने लगा ओर वो ओर श्रीकांत लगभग हर दो या तीन दिन मे चुदाई करते थे ओर वो बड़े मज़े से चुदती थी आखिर उम्र ही कितनी थी उसकी 25 साल बस उस समय श्रीकान्त 30 साल का था पर पिताजी क़े जाने क़े बाद ओर परी क़े पैदा होने क़े बाद श्रीकांत कु जिम्मेदारी बढ़ गयी ओर उसे ज्यादा काम करना पड़ रहा था अपना घर चलाने क़े लिए इसलिए वो महीने मे एक या दो बार ही चुदाई कर पाते थे इसके बाद भी सानवी ने कुछ नहीं कहती थी वो जानती थी की उसके पति ज्यादा काम क़े वजह से उसे चोद नहीं पर रहे हैं इसलिए वो ख़ुद ही अपनी इच्छाओ को दबा लेती थी ऐसी ही उसकी जिंदगी चलती रही ओर अब वो 28 की हो गयी थी इसी तरह जीते हुए एक दो साल ओर निकल गए ओर अब सानवी 30 साल की हो चुकी थी उसके शरीर मे अब ओर भराव आ गया था जिससे अब वो ओर भी ज्यादा सेक्सी लगने लगी थी एक दिन की बात हैं जब सानवी ओर उसकी सास साथ मे बैठ कर चावल बिन रहे थे तब

कामला - बहु
सानवी - जी माजी
कमला - तेरे ओर श्रीकान्त क़े बिच सब ठीक तो हैं ना
सानवी - ऐसा क्यों कह रही हो माजी आप हमारे बिच तो कुछ गलत नहीं हैं

कमला - बात ऐसी हैं बहु की परी क़े पैदा होने क़े बाद काफी समय हो गया तुम दोनों ने कोई दूसरा बच्चा पैदा नहीं किया सब ठीक तो हैं ना...

सासु माँ की बात सुन क़े सानवी थोड़ा सा चौक जाती हैं . दरअसल परी क़े पैदा होने क़े बाद श्रीकांत दोनों बच्चो क़े बिच कुछ सालो का गेप चाहता था ओर अभी उससे हालत भी ऐसे नहीं थे की वो दूसरा बच्चा पैदा कर पाए इसलिए श्रीकांत कंडोम का उसे करता था चुदाई क़े लिए ओर वैसे वी वो महीने मे एक या दो ही बार चोदता था ... सानवू जवाब देती हैं

सानवी - नहीं नहीं माजी ऐसी कोई बात नहीं दरअसल परी क़े पैदा होने क़े बाद ये थोड़ा बिजी रहने लग गए थे तो ये चाहते थे की दूसरा बच्चा थोड़ी देर बाद करें बस ऐसी कोई ख़ास बात नहीं हैं

कमला - बेटा समय तो काफ़ी हो गया हैं परी को पैदा हुए भी 4 होने वाले हैं अब समय ा गया हैं की तुम दोनों अपना परिवार पूरा कर लो..

सानवी - जी माजी वो मे इनसे बात करके देखती हु.....
ऐसा कह क़े सानवी ने बात को ताल दिया हलाकि बच्चा तो उसे भी चाहिए था पर अपने पति क़े हालात देखते हुए वो कुछ बोल नहीं पाती थी ऐसा ही दिन गुजर गया ओर रात को सानवी अपने पति क़े बगल मे बैठी सुबह की बात को सोच रही थी की माजी बात इनको कहु या नहीं
 

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
आगे की कहानी


सानवी - सुनो जी
श्रीकांत - हा कहो
श्रीकांत - माजी कह रही थी की अब हमें दूसरा बच्चा कर लेना चाहियऐ

श्रीकांत - चाहता तो मे भी हु पर तुम तो जानती हो ना की अभी अमारे हालत कैसे हैं ओर कर्जा भी हैं सर पर ऐसे मे दूसरे बच्चे को कैसे पाल पाएंगे

श्रीकांत की बात सुन कर सानवी थोड़ी उदास हो जाती हैं पर वो ख़ुद को मना लेती हैं ओर कहती हैं
सानवी - ठीक हैं जी जैसा आपको ठीक लगे
ओर सो जाती हैं
उसी साल गांव मे ठीक से बारिश ठीक से नहीं होती ओर श्रीकांत को काफ़ी नुकसान होता हैं ओर उसे काफ़ी लोगो से कर्जा लेना पड़ता हैं
एक दिन की बात हैं जब सानवी घर पे अकेली होती हैं तक की उसका गेट जोर क़े ठोकता हैं ओर आवाज देता हैं

निकल साले बाहर इतने दिनों से मेरा पैसा ले क़े रखा हैं हैं ओर लोटा नहीं रहा हैं आज तो सारा पैसा ले की ही जाऊंगा निकल

इतना शोर सुन क़े सानवी दरवाजा खोलती हैं ओर बोलती हैं कौन हैं तब वो अपने सामने जम्मिदार ठाकुर रामसिंग को देखती हैं

रामसींग गांव का बहुत बड़ा ज़मींदार था जो लोगो को ब्याज पे पैसे देता था ओर जो कोई भी उसका पैसा नहीं देता था उसका घर जप्त कर लेता था दिखाने मे भी रामसिंह काफ़ी हैंडसम था ऊंचा लम्बा कद घने बाल बलवान शरीर गांव मे सभी लोग रामसिंह से डरते थे राम सिंह वैसे काफ़ी अय्याश भी था गांव की कई औरतों को चोद चूका था क्युकी वो उसके पास पैसा ओर शरीर दोनों थे पर सुन्दर बीवी ओर दो बच्चे होने क़े बाद भी उसका मन नहीं मानता था कुसी औरत की लेने मे....

सानवी - मालिक आप क्या हुआ
रामसिंह - क्या हुआ? अरे कब से कर्जा ले कर रखा हैं तेरे पति ने ओर लौटने की बात करो तो बोलता हैं मालिक अभी पैसे नहीं हैं आज तो उसकी खाल से भी पैसा निकलूंगा मे बता कहा हैं वो

सानवी -वो घर पे नहीं हैं
राम - मेने ऐसे बहुत बहाने सुने हैं जल्दी से बुला साले को कहा हैं मुझे आज क़े आज ही मेरा पैसा चाहिए मुझे बुला उसको ओर बाते जोर से करने लगता हैं तो आस पड़ोस क़े लोग जमा होने लगते हैं ऐ देख क़े सानवी कहती कहती है

सानवी - मालिक धीरे बोलिये ना सब लोग सुन रहे हैं हमारी इज़्ज़त का क्या होगा

राम - क्यों पैसा लेते टीम कहा गयी थी इज़्ज़त मे तो बोलूंगा ही ऐसे लोग सुने तो सुने
सानवी - प्लीज मालिक आप अंदर आइये अंदर ा क़े बात करते हैं
सानवी की बात सुन क़े रामसिंग उसे एक बार ऊपर से नीच तक देखता हैं ओर अंदर आने क़े लिए मान जाता हैं अंदर काने क़े बाद
सानवी -देखिये मालिक ऐ कुछ दिन मे आपका पैसा दे देंगे हमें थोड़ा वक्त दे दीजिये

राम - नहीं बिलकुल नहीं मेने काफी समय दे दिया तेरे पति को अब ओर नहीं या तो आज क़े आज मेरा पैसा दो या ऐ घर खाली करो ओर कहा हैं तेरा पति बुला उसको

ऐ सुनकर सानवी अपने पति को फ़ोन लगाती हैं ओर कहती हैं सुनो जी मालिक घर पे आये हैं ओर पैसा मांग रहे हैं आप जल्दी घर पे ा जाओ.... पत्नी की बात सुनकर श्रीकान्त फ़ौरन अपने घर पे ा जाता हैं
 

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
अब आगे

सानवी की बात सुन क़े श्रीकांत ट्ररंत घर पर आ जाता हैं ओर रामसिंग से कहता हैं

श्रीकान्त - जी मालिक बोलिये

राम - मालिक क़े बच्चे साले इतने दिन से मेरा पैसा ले कर रखा हैं ओर जब वापस मांगो तो नखरे करता हैं की मालिक आज नहीं कल दूंगा परसो दे दूंगा दो दिन बाद दे दूंगा पर तेरा दिन आता ही नहीं आज तो तेरे से सारे पैसे ले कर ही जाऊंगा नहीं तो ऐ घर तू अभी आज क़े आज खाली कर.. समझा..

मालिक की बात सुनकर श्रीकान्त बिल्कुल घबारा जाता हैं ओर वो रामसिंह को बोलता हैं की

श्रीकांत - मालिक आप तो जानते ही हैं इस साल बारिश कुछ खास नहीं हुई ओर खेत मे काफ़ी नुकसान हो गया बड़ी मुश्किल से मे अपना घर चला रहा हु अभी आपके पैसे कैसे दू आप कुछ दिन की मोहलत ओर दे दीजिये मे आपके सारे पैसे वापस दे दूंगा....

राम - अरे कैसे दे देगा खाने क़े लिए पैसे नहीं हैं ओर चल बोलने की पैसे वापस दे देगा मुझे कुछ नहीं सुनना हैं तू आज क़े आज पैसे दे नहीं तो ऐ घर खाली कर..

श्रीकांत - मालिक हम पे रहम की कीजिए अगर घर दे देंगे तो हम कहा जायेंगे

राम - मुझे उससे क्या लेना देना मुझे तो मेरे पैसे चाहिए बस

श्रीकांत - मालिक कोई ओर रास्ता तो होगा आपके पैसे चुकाने का प्लीज मालिक हमें घर से मत निकालिये

श्रीकांत की बात सुनकर रामसिंग क़े दिमाग़ मे एक बात ा जाती हैं ओर वो सानवी को एक बार निचे से ऊपर तक देखता हैं ओर उसकी आँखे उसकी गांड दूध ओर कमर का अच्छे से मोईना करते हैं वैसे भी रामसिंग को दूसरे की बीवी को चोदने मे अलग सा मज़ा आता था ओर उसकी काफी दिन से सानवी पे नज़र भी थी अपने दिमाक की कमुख्ता को समेटकर रामसिंह श्रीकांत को एक कोने मे ले जाता हैं ओर कहता हैं

रामसिंह - एक रास्ता हैं तेरे सर से कर्जा उतरने का

श्रीकांत - क्या मालिक बताइये आप जो बोलेंगे मे वो करूँगा बस बताइये क्या करना हैं

रामसिंग - सोच ले काम बहुत मुश्किल हैं तेरे से हो पायेगा फिर मत कहना....

श्रीकांत - आप एक बार बस काम बताइये मे पूरी जान लगा दूंगा बस हुकुम कीजिये

मालिक - ठीक हैं तू कहता हैं तो तू एक काम कर { ओर श्रीकांत क़े पास जा क़े कहता हैं } तू अपनी बीवी को एक महीने मेरे साथ सोने दे मे तेरा सारा कर्जा माफ़ कर दूंगा ओर जो ब्याज हुआ हैं वो भी माफ़ कर दूंगा

रामसिंह की बात सुनकर श्रीकांत एकदम सन्न रह जाता हैं ओर फिर उसे गुस्सा आ जाता हैं जो की किसी भी पति को आ जाता ओर वो रामसिंग से बोलता हैं
श्रीकांत - ये क्या बोल रहे हैं आप मालिक आप आप अपनी सीमा लाँघ रहे हैं आप ऐसा कैसे कह सकते हैं

रामसिंह - साल अभी तो कह रहा था की जो कहूंगा वो करूँगा अब क्या हुआ याद हैं ना कितना कर्जा हैं मेरा तेरे सर पर एक तो आसान मौका दे रहा हु ओर तू मुझे आँखे दिखता हैं अगर नहीं मानना हैं बात तो तो चुप चाप ऐ घर खाली कर दे....
मालिक की बात सुनकर श्रीकांत का गुस्सा डर मे बदल जाता हैं उसे अपनी हकीकत समझ आ जाती हैं की वो बिलकुल बेबस हैं अगर मालिक ने घर से निकाल दिया तो उसकी पुरे गांव मे बदनामी हो जाएगी उसकी हालत वैसे ही ठीक नहीं थे ऐसे मे वो अपने परिवार को ले क़े कहा जायेगा ऐ सोचकर वो एक बार फिर मालिक से दबे हुए आवाज मे कहता हैं
श्रीकांत - ऐसा नहीं हो सकता मालिक कुछ तो रहम कीजिये कोई दूसरा रास्ता नहीं हैं क्या मालिक

मालिक - कोई ओर दूसरा रास्ता नहीं हैं ये एकलौता ओर आखरी रास्ता हैं इसे मान नहीं तो ऐ घर तुरंत खाली कर दे

मालिक की बात सुनकर श्रीकांत बहुत दुखी हो जाता हैं उसका मान रोने सा लगता हैं वो अपनी बीवी से बहुत प्यार करता था आखिर वो किसी ओर को उसके साथ कैसे सोने को कह सकता था पर उसके बॉस ओर कोई रास्ता भी नहीं था नहीं तो उसे घर से निकाल दिया जाता ऐसे मे वो बुद्धि माँ बीवी ओर बच्ची को लेकर कहा जाता ऐ सब सोचने क़े बाद ना चाहते हुए भी श्रीकांत हा कहने को मान जाता हैं

मालिक - जल्दी जवाब दे पूरा दिन नहीं हैं मेरे पास
अपने आँख मे आंसू लिए श्रीकान्त जवाब देता हैं

श्रीकांत - ठीक हैं मालिक आप जैसा कहेँगे वैसा होंगा
श्रीकांत की बात सुन कर रामसिंग की आँखो मे चमक ा जाती हैं उसे यकीन नहीं होता की जिस औरत क़े पीछे वो इतने महीने से लगा था वो आखिर उससे चुदाने वाली हैं ओर ऐ बात को सोचकर रामसिंग का लुंड खड़ा होने लगता हैं
श्रीकान्त - पर सानवी इस बात क़े लिए कभी नहीं मानेगी मालिक

मालिक - नहीं मानेगी तो उसे मनाओ मुझे नहीं पता कैसे पर वो इस बात क़े लिए मसन जानी चाहिए मे तुम्हे कल तक का वक्त देता हु या तो उसे इस बात क़े लिए मनाओ नहीं तो कल घर खाली कर देना कल मे इसी समय आऊंगा अभी मे चलता हु अभी मे चलता हु.....

मालिक को जाता देख श्रीकांत की जान मे जान आई पर अब वो सोचने लगा था की उसकी बीवी को मालिक क़े साथ सोने क़े लिए कैसे मनाये ओर कैसे ऐ बात करें इसे ख़ुद पे बहुत गुस्सा ा रहा था... पर वो करता भी क्या उसके पास दूसरा कोई रास्ता भी नहीं था अपनी सारी हिम्मत को जमा कर क़े वो घर क़े अंदर जाता हैं ओर सानवी क़े सामने खड़ा हो जाता हैं...

क्या सानवी इस बात क़े लिए मानेगी या फिर श्रीकांत को अपना घर छोड़ना होगा अगले भाग मे जानिए
 
  • Like
Reactions: Curiousbull

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
अब आगे

रामसिंह क़े जाने ले बाद श्रीकांत उदास होकर अपने घर क़े अंदर वापस आता हैं ओर सानवी की तरफ देखता हैं उसके मन मे सो ख्याल आ रहे होते हैं की सानवी से कैसे वो ये बात करें जो अभी उसकी मालिक क़े साथ हुई है अंदर आते ही सानवी ने उस पर सवालों की बारिश कर दी

सानवी - सुनो जी मालिक चले गए क्या , क्या बोले वो कुछ बोलिये ना बोलते क्यों नहीं...
श्रीकांत सानवी की बातो को सुनता हैं ओर अपनी सारी हिम्मत जूता कर सानवी को जवाब देता हैं

श्रीकांत - मेरी मालिक से बात हुई हैं वो हमारा कर्जा माफ़ करने क़े लिए तैयार हो गए हैं..

श्रीकांत की बात सुनकर सानवी ख़ुश हो जाती हैं ओर सोचती हैं मालिक तो बड़े दयालु हैं
श्रीकांत - लेकिन
सानवी - लेकिन..... लेकिन क्या
श्रीकांत - उनकी एक शर्त हैं
सानवी - शर्त? केसी शर्त
श्रीकांत - शर्त ये हैं की उसके लिए तुमको मालिक क़े साथ 30 दिनों तक सोना होगा

सानवी जैसे ही श्रीकांत क़े मुँह से ऐ बात सुनती हैं उसके पैरो क़े निचे से ज़मीन निकल जाती हैं उसे अपने कानो पे विश्वास नहीं होता जो भी उसने सुना उसे लगा जैसे वो कोई सपना देख रही हो उसने आज तक सिर्फ अपने पति क़े साथ चुदाई की थी दूसरे आदमी क़े बारे मे तो उसके लिए सोचना भी पाप था ओर ऐ बात वो अपने पति से सुन रही हैं उसे यकीन नहीं हुआ

सानवी - ये क्या बोल रहे हैं आप होश मे भी हैं या नहीं जानते भी हैं क्या कह रहे हैं अपनी पत्नी को किसी प्रए मर्द क़े साथ सोने का कह रहे हैं आपको शर्म जी ऐ बात कहने से पहले आखिर ऐसी घटिया बात क़े लिए आप मान कैसे गए....
सानवी को अपने पति पे बहुत गुस्सा ा रहा था
श्रीकांत - चाहता तो मे भी नहीं हु तुम ही बाताओ कोनसा ऐसा पति होगा जो अपनी बीवी को किसी ओर क़े साथ सोने को कहेगा पर मे करू भी तो क्या करू हमारे पास कोई ओर रास्ता भी तो नहीं हैं मालिक ने साफ कहा हैं की अगर तुम इस बात क़े लिए नहीं मानती तो या तो हम कल उनके सारे पैसे वापस कर दे या ऐ घर खाली कर दे मे करता भी तो क्या करता... बाताओ

सानवी - आखिर इतना भी क्या कर्जा हैं जिसके लिए आप अपनी पत्नी तक को किसी ओर क़े साथ सोने क़े लिए मान गए ऐसा कोनसा कर्जा हैं जो चुकाया नहीं जा सकता बताइये...
श्रीकांत - वो मालिक से मेने 5 लाख रुपये कर्ज पे लिए थे हमारे घर क़े काम क़े लिए सोचा था की फसल बेच कर जितना मुनाफा होगा उसमे से मालिक का आधा कर्ज
दे दूंगा ओर बाकी का कुछ ना कुछ काम करके चूका दूंगा पर बारिश ना होने से फसल ही नहीं हुई ओर ब्याज भी बढ़ता गया ओर ऐसी नौबत आ गयी

कर्ज की रकम सुन क़े सानवी भी सकते मे ा गयी थी इतनी बड़ी रकम एक दिन मे लाना नामुमकिन था वो भी गहरे सोच मे पड़ गयी

श्रीकांत - पर मे तुमपे कोई भी दबाव नहीं डालूंगा तुम्हारा जो भी फैसला होगा मुझे मंजूर होगा आगे जैसी तुम्हारी मर्जी कल सुबह तक सोच क़े बता दो मालिक ने हमें कल तक का समय दिया हैं कल वो इसी समय आएंगे...

श्रीकांत की बात सुनकर सानवी कहती हैं
सानवी - नहीं मे अपनी इज्जत ओर मर्यादा को दाँव पे नहीं लगा सकती मे ऐसा कभी नहीं करुँगी उससे तो अच्छा मे मर जाना पसंद करुँगी
ओर रोते हुए अपने कमरे मे चली जाती हैं ओर बिस्तर पे सर दबाकर रोने लगती हैं श्रीकांत भी उसे कुछ नहीं बोलता ओर घर क़े बाहर जा क़े बैठ जाता हैं फिर भी श्री कांत अंदर नजर रखता हैं की सानवी कही कुछ कर ना ले.. ऐसे ही करते शाम हो जाती हैं ओर सानवी की सास पड़ोस से वापस ा जाती हैं परि क़े साथ ओर सानवी को आवाज देती हैं
सास - बहु ओ बहु कहा हो जरा पानी देदो बहुत थक गयी हु
सासुमा की बात सुनकर सानवी अपने आंसू पोचकर कमरे से बहर अति हैं
सानवी - जी माजी बोलिये
सास - अरे पानी दे दे बेटा बहुत थक गयी हु आज तो चला भी नहीं जा रहा क्या करू उम्र जो हो गयी हैं
माजी की बात सुनकर सानवी पानी लेकर अति है ओर माजी को देती हैं ओर माजी ओर अपनी बेटी को देखती हैं

दोनों को देखकर सानवी क़े मन मे कई विचार आने लगते हैं की माजी की काफ़ी उम्र हो गयी हैं उनसे तो ठीक से बैठा भी नहीं जा रहा अगर मालिक ने हमें घर से निकल दिया तो माजी का क्या होगा ओर मेरी बेटी अभी कितनी छोटी हैं उसका क्या होगा अगर मे मर भी गयी तो फिर उसकी देख रेख कौन करेगा.. नहीं मे सिर्फ अपनी ख़ुशी क़े लिए माजी ओर मेरी बेटी को दुख नहीं दे सकती इसी तरह क़े विचार उसके दिमाग मे चल रहे होते हैं शाम से रात हो जाती हैं सानवी ने खाना बनाकर सबको खिला दिया था खाना खाते समय भी श्रीकांत ओर सानवी की कोई बात नहीं होतो ओर दोनों आँखे तक नहीं मिलते खाना खाने क़े बाद माजी अपने कमरे मे चली जाती हैं ओर सानवी परि को लेकर अपने कमरे मे.. थोड़ी देर बाद श्रीकांत भी कमरे मे ा जाता हैं ओर सानवी क़े बगल मे बैठ जाता हैं उसे हिम्मत नहीं हो रही थी.. तभी

सानवी - ठीक हैं जी मे तैयार हु

सानवी की बात सुनकर श्रीकांत हैरान हो जाता हैं उसे लगा था की सानवी इस बात क़े लिए कभी नहीं मानेगी ओर उसे ऐ घर खाली करना पड़ेगा पर वो भी समझ गया था की सानवी क्यों हा कह रही हैं क्युकी उनके पास को चारा नहीं था
श्रीकांत - सच मे
सानवी - जी हा अपने परिवार को मुसीबत से निकलने क़े लिए अगर मुझे मेरी पवित्रता का त्याग भी करना पड़े तो भी मे करुँगी पर मालिक हमारा पूरा कर्जा माफ़ तो कर देंगे ना

श्रीकान्त - हा सानवी मे मालिक को बहुत अच्छे तरीके से जनता हु वो भले ही सख्त हैं ओर अय्याश हैं पर वो अपनी बात क़े भी बहुत पक्के हैं अगर वो किसी से कुछ वादा कर देते हैं तो उसे जरूर पूरा करते हैं

सानवी - ठीक हैं पर एक महीने कुछ ज्यादा नहीं हैं उनसे कहो ना एक हफ्ते क़े लिए सोने क़े लिए मे एक महीने भला कैसे

श्रीकांत - वो नहीं मानेंगे वो जो कहते हैं वो कर के ही मानते हैं एक महीने से एक दिन भी वो कम नहीं करेंगे

सानवी - ऐसा हैं तो ठीक हैं पर माजी ओर परिवार का क्या वो तो कल यही पे रहेंगे.
सानवी की बात सुनके श्रीकांत कुछ सोचता हैं ओर कहता हैं
श्रीकांत - एक काम कर सकते हैं मे कम माजी तो को परी क़े साथ उनकी बहन क़े यहाँ पे छोड़ आऊंगा उनकी तबियत भी काफ़ी ठीक नहीं रहती तो मिल लेगी बोलके
सानवी इस बात को मान जाती हैं ओर दोनों अपनी अपनी तरफ लेट जाते हैं ओर सोने की कोशिश करते हैं पर नींद तो दोनों को ही नहीं ा रही थी जैसे तैसे रात बिताती हैं ओर सुबह हो जाती हैं .... सुबह श्रीकांत प्लान क़े अनुसार माजी ओर परी को उनकी बहन क़े यहाँ छोड़ क़े आ जाता हैं ओर शाम को लेने आता हु कहाके वापस आ जाता हैं घर आ क़े दोने पति पत्नी मालिक क़े आने का इतेज़ार करते हैं जिसका समय होने ही वाला था ओर दोनों की दिल की धड़कने तेज़ चल रही थी... कुछ ही देर मे उनको मालिक क़े आने की आवाज आते हैं जिसे सुनकर सानवी अपने कमरे मे चली जाती हैं ओर श्रीकान्त मालिक से मिलने बाहर आता हैं......
 
  • Like
Reactions: Curiousbull

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
अब आगे की कहानी

मालिक - श्रीकांत अरे कहा मर गया घर पे हैं या नहीं
श्रीकांत मालिक की बात का जवाब देता हैं

श्रीकांत - जी मालिक
मालिक - क्यों श्रीकांत तेरी बीवी मानी या नहीं या घर खाली करवाऊ तुझसे अभी क़े अभी. बोल

श्रीकांत - नहीं मालिक ऐसी नौबत नहीं आएगी सानवी मान गयी हैं आपके साथ सोने क़े लिए..

श्रीकांत की बात सुनकर रामसिंग की आँखे एकदम चमक आ जाती हैं ओर चेहरे पे मुस्कुराहट आ जाती हैं ओर लंड मे भी थोड़ा उभर आ जाता हैं जो उसकी पहनी हुई धोती से साफ दीखता हैं जिसे श्रीकांत भी देख लेता हैं उस गुस्सा तो आता हैं पर वो कुछ कर भी नहीं सकता था ओर वो दोनों अंदर आ जाते हैं
मालिक - कहा हैं तेरी बीवी
श्रीकांत - अंदर हैं मालिक
दोनों सानवी ओर श्रीकांत क़े बैडरूम मे घुसते हैं जहा सानवी पहले से खड़ी थी सानवी को देखते ही रामसिंग पगला जाता हैं वो उसे ऊपर से निचे तक देखता हैं पर सानवी नज़र फॉर लेती हैं रामसिंह सानवी तो ठीक से देखता हैं उनसे हलके पीले रंग की सारी पहन रखी थी मांग मे सिंदूर लगाया हुआ था ओर अपने सुहाग की निशानी उसका मंगलसूत्र उसके दोनों स्थनो क़े बिच लटका हुआ था.. ऐ सब देख कर रामसिंग ओर भी ज्यादा उत्तेजित होने लगा उसने कहा
मालिक - ठीक हैं श्रीकांत अब तू जा आगे मे देख लूंगा
श्रीकांत सानवी क़े आँखो मे देखकर ओर मालिक की तरफ देख कर कमरे से बाहर चला जाता हैं ओर रामसिंह कमरे का दरवाजा बंद कर देता हैं. ओर धीरे से सानवी क़े पास जाता हैं श्रीकान्त बाहर दरवाजे क़े पास ही रहता हैं ताकि अगर सानवी को कुछ अलग लगे या वो एकदम अंकम्फर्टेबल फील हो तो वो उसकी मदद कर सके

मालिक - सानवी डरो मत मुझे अपना ही समझो
ओर सानवी क़े पास जाकर उसका हाथ पकड़ लेता हैं सानवी थोड़ा असहज हो जाती हैं ऐ पहली बार था की कोई गैर मर्द उसका इस तरह से हाथ पकड़ा हो वो सोच चुकी थी की वो मालिक को जो कुछ हो अपने साथ करने देगी पर ख़ुद कुछ नहीं करेंगी

रामसिंग सानवी को अपनी तरफ कीच लेता हैं ओर उसके गले को चूमने लगते हैं इससे सानवी कर्मसा जाती हैं रामसिंग समझ गया था की सानवी उसका साथ नहीं देगी.. चुदाई मे पर रामसिंग भी कोई कच्चा खिलाडी नहीं था उसे अच्छे से पता था की औरत को कैसे गरम करना हैं ओर वो वही करता हैं..

लगातार अपने होठो से सानवी को हर जगह चूमने लगता हैं....
 

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
रामसिंग सानवी क़े पीछे आ जाता हैं ओर सानवी की गर्दन पे चूमाता रहता हैं सानवी भी अब ना चाहते हुए भी गरम होने लगती हैं ओर उसकी सिसकियाँ निकालनी चालू हो जाती हैं रामसिंग समझ जाता हैं की औरत गरम हो रही हैं ओर फिर वो उसका हाथ सानवी कर ब्लाउज़ अंदर डालकर उसके दूध को दबाने लगता हैं ओर उसकी सारी ऊपर करके उसकी पेंटी क़े अंदर हाथ डाल देता हैं ओर चुत क़े दाने को जोर से रागढ़ता हैं अब सानवी से बिलकुल भी कंट्रोल नहीं होता ओर वो उसकी सिसकियाँ तेज़ होने लगती हैं वो ना चाहते हुए भी मदहोश होने लगती हैं क्युकी वैसे भी उसकी चुत बहुत समय से ठीक से चुद नहीं थी इतने दिनों से ओर ऐसे मे एक गैर मर्द का स्पर्श से उसका शरीर उसकी बात नहीं मान रहा था ओर उसकी चुत गीली होने लगी थी ओर इस बात को रामसिंह महसूस कर पर रहा था
रामसिंग - क्यों बहु रानी मज़ा आ रहा हैं ना
आह अहाह अह्ह्ह्ह मालिक सानवी क़े मुँह से करहने की आवाज निकलने लगी जिससे रामसिंग को ओर जोश आने लगा
देर ना करते हुए रामसिंग मे सानवी क़े ब्लाउज ओर ब्रा को निकल दिया ओर सानवी क़े दूध को आजाद कर दिया ओर अब दोनों हाथो से दूध को दबाने लगते हैं ओर सानवी की सिसकियाँ ओर आवाज ओर तेज होने लगती हैं

आह्हः मालिक आराम से करिये आआहह अह्ह्हह्ह्ह्ह
अब सानवी की आवाज दरवाजा क़े बाहर भी हलकी हलकी जाने लगी थी ओर श्रीकांत को सुनाई देने लग रही थी वो इन अवजो को समझ पर रहा था की मालिक ओर सानवी क़े बिच चुदाई की कार्यक्रम चालू हो गया हैं ओर शुरुआत मे हैं ये सोचकर उसका दिमाग़ फटा जा रहा था वो इस बात को लेकर अपनी भावना को समझ नहीं पर रहा था की उसकी संस्कारी ओर पवित्र बीवी को कोई हाथ लगा रहा हैं ओर जल्द ही चोदने वाला हैं

अंदर रामसिंग पुरे जोश मे ा चूका था उसने अपना शर्ट उतर दी थी ओर बस धोती मे हो गया था

रामसिन - बेटा सानवी कब से तेरे ऊपर मेरी नजर थी आज मौका मिला हैं तुझे चोदने का देख आज मे तुझे दिखता हु की असली चुदाई क्या होती हैं
ओर मालिक सानवी की सारी को उतर क़े फेक देता हैं ओर धीर से सानवी की पेंटी भी उतर देता हैं जो की काली कलर की होती हैं अब सानवी मालिक क़े सामने पूरी तरह से नंगी थी उसे शर्म भी ा रही थी क्युकी वो पहली बार अपने पति क़े अलावा किसी ओर मर्द क़े सामने नंगी थी उसने अपने आप को हाथ से ढाकाने की कोशिश की पर उसका कोई फायदा नहीं हुआ
रामसिंह ने सानवी को बिस्तर की तरफ ले गया ओर उसे पीठ क़े बाल लेता दिया वो उसीकी होठो का रस पिने लगे ओर धीरे दधीरे उनको चूमते हुए निचे आने लगते हैं ऐसा करते हुए रामसिंग को सानवी का मंगलसूत्र दिख जाता हैं जो उसकी दूध क़े बिच मे था उसे देखकर रामसिंग का लन्ड ओर तन गया चूमते हुए वो सानवी की चुत क़े पास आया ओर उसने उसकी दोनों टांगे फैला दी ओर खड़े हो क़े अपनी धोती खोल दी जिससे उसका लंड सानवी को दिखने लगा रामसिंग का लंड 7 इंच लम्बा ओर 4 इंच मोठा था दिखने मे एक दम तगादा सानवी ने जब उसे देखा तो उसे अपने पति क़े लंड की याद ा गयी उसके पति का लंड बस 5 इंच का था ओर पतला था हलाकि रामसिंग का लन्ड उसके पति से ज्यादा बड़ा नहीं था पर मोटा बहुत था
खैर रामसिंह सानवी क़े दोनों पैर फैलाकर सानवी की चुत को एक बार देखता हैं एकदम रसीली ओर गद्देदार चुत जिसमे थोड़ीबहुत झट भी थी ओर एक कैसी हुई एक दम एक बच्चे क़े बाद भी बहुत टाइट थी रामसिंग दोनों टांगो क़े बिच मे आ कर सानवी की चुत को उसके जीभ से चाटने लगता हैं सानवी की चीखे निकलने लगती हैं
आआईई उउउउईईमा ओह्ह्ह्ह मालिक आआआआ
ऐसा एहसास सानवी को कब्बी नहीं हुआ था क्युकी श्रीकांत ने उसकी चुत आज तक नहीं चाटी थी इसलिए सानवी बिलकुल पागल सी होने लगी ओर रामसिंग क़े मुँह को अपनी चुत की तरफ दबाने लगी ओर पैर को समेतने लगी उसे एक अजीब सा नशा सा छा रहा था ओर बढ़ता ही जा रहा था रामसिंह भी बिना रुके सानवी की चुत चाटता रहा ओर 4 या 5 मिनट चुत चाटने क़े बाद सानवी अपनी चुत का पानी छोड़ देती हैं ज़िदगी मे उसे पहली बार एहसास हुआ था क्युकी इस तरह से वो कभी श्रीकांत क़े साथ नहीं झड़ी अजीब सा सुकून उसे मिल रहा था अब रामसिंग अभी भी नहीं रुका वो चुत चाटते जा रहा था ओर 6 मिनट बाद सानवी फिर से गरम हो गयी
 

Eknath555

Fuckmaster
162
167
59
अब आगे की कहानी

चुत का पानी गिरने क़े बाद भी रामसिंग सानवी की चुत को अपनी जीभ से चाटता रहता हैं इससे ऐ होता हैं की सानवी वापस से गर्म होने लगती हैं ओर 6 7 मिनट मे फिर से गरम हो जाती हैं अब तो सानवी से भी साहब नहीं जा रहा था वो अब चाहती थी की जल्दी मालिक अपना लंड उसकी चुत मे डाल दे पर पति क़े बंधन ने उसे ऐ बोलने से रोके रखा था वो केवल अपने मुँह से करहने की आवाज निकाल सकती थी
आआआआहहहह ाआहे उउउईई मा अंह्म्मम्म्म्म उफ़ मालिक बस सानवी क़े मुँह से लगातार ऐ आवाजे निकल रही थी जिसको बाहर से श्रीकांत भी सुन रहा था ओर बस बेबस खड़ा हो कर देख सकता था अब रामसिंह को लगा सही समय हैं सानवी की चुत मे अपना लंड डालने का ओर वो सानवी की चुत को चाटना बंद करता हैं ओर उठ क़े सानवी क़े कमर क़े पास आ जाता हैं चुदाई वाली पोजीशन मे रामसिंग सानवी क़े कमर क़े निचे तकिया रख देता हैं जिससे उसकी चोट थोड़ी उठ जाती हैं ओर चुत का मुँह खुल जाता हैं रामसिंग अपने लंड पे हाथ फेर क़े उसे खड़ा करने लगता हैं सानवी समझ जाती हैं की मालिक अब लंड को चुत मे डालने वाले हैं

सानवी - मालिक कंडोम तो लगा लीजिये
दरसल परी क़े जन्मदिन क़े बाद से ही श्रीकांत सानवी को कंडोम पहन क़े चोदता था ताकि उसे गर्भ ना ठहरे पर मालिक को ऐसा ना करते देख वो बोल पड़ी

मालिक - मे तो बिना कंडोम क़े ही चुदाई करता हु कॉन्डम क़े साथ मुझे मज़ा नहीं आता....

सानवी - लेकिन मालिक

मालिक - लेकिन वेकीन कुछ नहीं जैसे मे चाहता हु वैसे ही तुम चुडोगी ओर मुझे कुछ नहीं सुनना अगर ऐसा नहीं किया तो मे तुम्हारा कर्जा माफ़ नहीं करूँगा ... मालिक क़े बात सुन कर सानवी डर जाती हैं की अब तक का किया त्याग बेकार ना चला जाए ओर जैसा मालिक कहते हैं वैसा ही करने लगती हैं मालिक थूक लगाकर अपने लंड को हाथ से हिलाते हैं ओर खड़ा करने लगते हैं जब लंड खड़ा हो जाता हैं तो वो उसे चुत क़े दोनों फको पे रागाने लगते हैं इस हरकत से पहली बार अपनी चुत पे किसी दूसरे मर्द का लन्ड महसूस हो रहा था अब एक ऐ एहसाह केवल उसने श्रीकान्त क़े साथ ही लिया था रामसिंग लंड को चुत पे रागड़ाते हुए लंड क़े सुपारे को चुत क़े मुझे क़े थोड़े अंदर डालता हैं ओर चुत क़े मुँह मे फसा देता हैं इसके बाद वो एकदम जोर का धक्का लगता हैं जिससे उसका लंड आधे से ज्यादा सानवी की चुत क़े अंदर चला जाता हैं ओर सानवी की बहुत जोर से चीख निकल जाती हैं

अअअअअअअअअअअअह्ह्ह्ह उउउउईईमम्माआआ मर कगयीईई मालीकककक

रामसिंग ने ऐसा जानबूझ क़े किया था ताकि सानवी की चीख बाहर तक जाये ओर श्रीकांत को सुनाई दे जिससे उसे पता चल जाये की उसकी पवित्र संस्कारी पत्नी की चुत क़े अंदर एक गैर मर्द क़े लंड ने प्रवेश कर लिया हैं अब उसकी पत्नी पवित्र नहीं रही ओर एक गैर मर्द क़े लंड को लेने वाली बन गयी हैं सानवी की आँखो मे भी ऐ सोचकर आंसू आ जाते हैं की आखिर रामसिंग ने लंड उसकी चुत मे डालकर उसकी पवित्रता भंग कर दी हैं श्रीकांत को भी समझ आ जाता हैं की मालिक ने उसकी बीवी की चुत मे लंड डाल दिया हैं ओर वो माथा पकड़ क़े रोने लगता हैं
रामसिंग अब हलके हलके धक्के देने लगता हैं ओर सानवी की चुदाई चालू कर देता हैं ओर थिरे धीरे स्पीड को बढ़ाने लगता हैं ओर चुदाई क़े धक्को से पूरा बेड हिलाने लगता हैं
 
Top