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नोट : यह एक इरोटिक कहानी है जो काफी लम्बी चलेगी इसमें चुदाई के दृश्यों का वर्णन सीन के हिसाब से होगा,ब्लू फिल्मो की तरह मशीनी चुदाई के वर्णन की अपेक्षा ना करें और इसेें बहुत ही खुले दिमाग के लोग पढ़े,क्यूंकि इसमें threesome,bisexual,lesbian,incest और kinky fetish sex की घटनाओं का वर्णन रहेगा :
जैसा कि पिछले भाग में हमने पढ़ा की रश्मि ने आमिर को फोन करके बुलाया क्योंकि होली आनेवाली थी और उसे घर का सामान खरीदना था।
थोड़ी ही देर में आमिर रश्मि के घर के नीचे पहुंच के उसको कॉल करके के बताता है की वो आ गया है और नीचे पार्किंग में है,रश्मि थोड़ी ही देर में पार्किंग में पहुंच जाती है...आज उसने एक ढीला ढाला कुर्ता और प्लाजो पहना रखा था..जिसमें वो एक संस्कारी घरेलू और मैच्योर महिला लग रही थी, आमिर को उसकी यहीं बात बेहद पसंद थी की वो मॉडर्न दिखने के चक्कर में शरीर दिखाने वाले कपड़े नहीं पहनती थी...हालांकि रश्मि जो भी कपड़े पहनती थी उसमे उसके विशाल स्तनों की जोड़ियां और उसके थिरकते हुए नितम्ब से कोई कह नही सकता था की वो पचास की उम्र के करीब पहुंच चुकी है और उसकी एक जवान बेटी भी है...अच्छों अच्छों की निगाहे उसे पलट कर देखने पर मजबूर हों जाती थी...जिसका की रश्मि को बखूबी एहसास था।
रश्मि के आते ही आमिर ने कार का आगे का दरवाज़ा खोला और बड़ी अदा से मुस्कुराते हुए उसे बैठने का इशारा किया,जैसा कि दूसरे भाग में मैंने लिखा है की आमिर एक कसरती शरीर का मालिक हैं जो हमेशा स्टाइलिश कपड़े पहनता है और स्त्रियों को उत्तेजित करने वाला परफ्यूम हमेशा लगा के रखता है, इस परफ्यूम के बारे में उसे दुबई में पता चला था की वहां के शेख इस परफ्यूम से कैसे किसी भी स्त्री को कामोत्तेजित कर देते है, जैसे ही इस परफ्यूम की सुगंध रश्मि की नाक से टकराई उसके दिल और दिमाग में घंटियां बजने लगी पर अब आमिर उसके लिए अंजान नहीं रह गया था इसलिए उसने तुरंत ही अपने आप पर काबू पा लिया ।
आमिर ने रश्मि से पूछा की मैडम कहां चलना हैं तो रश्मि ने मॉल का नाम बताया जहां से उसे शॉपिंग करनी थी, वो मॉल उसके शहर से लगभग बीस किलोमीटर की दूरी पर था...थोड़ा सा आगे बढ़ते ही आमिर रश्मि की तरफ देखता है...जो आज काफी उदास लग रही थी...वो अपना एक हाथ बढ़ाकर कर धीरे से रश्मि का हाथ पकड़ता है और उसे दबाता है...रश्मि चौंक कर उसकी तरफ देखती है...उस वक्त आमिर का ध्यान ट्रैफिक की तरफ होता है...रश्मि उसको एक बार फिर ध्यान से देखती है बेहद आकर्षक जिस्म,मजबूत हाथ और ग्रीक देवताओं की तरह चेहरा और नाक...वो उसकी तरफ से नज़र हटा ही नहीं पाती है की आमिर पूछता है की क्या बात है आज वो इतनी चुप चुप क्यों है कोई विशेष बात...तब रश्मि उसे बताती हैं की कल रात को उसके पति की तबियत फिर बिगड़ गई थी और उसने अपनी बहनों और ससुरालवालो को फोन किया था क्यूंकि उससे अकेले तनाव बर्दाश्त नहीं हो रहा था पर किसी ने भी उसका फोन नहीं उठाया...यहां तक कि सुबह होने के बाद भी उसके ससुराल वालो ने फोन करके नही पूछा की इतनी रात को रश्मि ने उनको फोन क्यों किया था...रश्मि की बहनों का जरूर फोन आया था और उनमें से एक ने बताया की रात को वो अपने पति के साथ काफी देर से सोई थी तो पता नही चला और दूसरी बहन जिनी अपने ससुर के कमरे में उनकी मालिश करके वहीं सो गई थी तो उसे पता नहीं चला...आमिर को तो जिनी के बारे में सब पता था तो वो कुछ नहीं बोला और उसने रश्मि से कहा की आगे जब कभी भी जरूरत पड़े तो किसी भी रिश्तेदार को फ़ोन करने के बजाए वो आमिर को फोन करे अगर वो शहर में होगा तो तुरंत उसके पास पहुंच जाएगा और नहीं हुआ तो वो उसके एक बेहद ख़ास मित्र को भेज देगा पर रश्मि को परेशान नहीं होने देगा, यह कहते हुए वो रश्मि के पति को मोबाइल करता है और उसके हालचाल पूछने के बाद कहता है की अंकल, मैंने मैडम को बोला है की अगर कभी भी आपकी तबियत गड़बड़ हो तो मुझे बुला ले मैं आपको डॉक्टर के यहां या फिर हॉस्पिटल ले कर चलूंगा... आप लोग परेशान ना हो, यह सुनकर रश्मि के पति की आंखो में आंसू आ जाते है और वो कहता है की थैंक यू दोस्त, हमारा ख्याल रखने के लिए...
अब रश्मि अपना हाथ आगे बढ़ाकर कर आमिर का हाथ पकड़ लेती है और उसे दबाते हुए कहती है की तुम भी कहीं बीच में मेरा साथ छोड़ तो ना दोगे...तब आमिर रश्मि की तरफ झुकते हुए कहता है की जब तक इस जिस्म में जान है , मैं अपनी जान का साथ कभी नहीं छोडूंगा और यह कहते हुए वो अपने होंठ रश्मि के होंठो के करीब ले जाता है...रश्मि के दिल की धड़कने तेज हो जाती है...उसे लगता है की आमिर अब उसे चूम लेगा पर...पर आमिर दूर हो जाता है और सामने ट्रैफिक को देखने लगता है...
रश्मि को अपने होंठों पे प्यास सी महसूस होती हैं और पानी की बॉटल निकाल कर एक घूंट ही भरती है की आमिर उसके हाथ से पानी की बॉटल ले लेता है और उसे अपने होंठो से लगाकर इस अदा से पानी पीता है की मानो वो रश्मि के होंठो का रस पी रहा हो,रश्मि यह देखकर शरमा जाती है और उसे लगता है की उसकी चूत गीली हो गई...
आमिर पानी पी ही रहा होता है की उसको अचानक से ब्रेक लगाना पड़ता है जिसकी वजह से काफी सारा पानी उसकी सफेद टी शर्ट पर गिर जाता है और वो गीली हो जाती है...जिसकी वजह से आमिर की छाती के बाल और उसके निप्पल दिखने लगते है..जैसे ही रश्मि की नजर उसपे पड़ती है तो उसके शरीर में एक करेंट सा दौड़ जाता है और फिर वो कामोत्तेजित करने वाली परफ्यूम की खुशबु...रश्मि को लगता है की वो अब कंट्रोल नही कर पाएगी और आमिर को अपनी बाहों में वहीं जकड़ लेगी...पर...वो स्थिति को संभाल लेती है...और ऐसा कुछ नहीं करती...!
अब वो मॉल पहुंच जाते है वहां से रश्मि अपनी खरीदारी कर रही होती है और आमिर उसके माता पिता से बातें कर रहा होता है...मॉल में रश्मि आमिर से खाने का पूछती है तो मना कर देता हैं की नही घर पर अम्मी अब्बा इंतज़ार कर रहे है इसलिए वो घर पर ही खायेगा...तब रश्मि उसके और उसके पति के लिए खाना पैक करवाती है और फिर वो लौट जाते है...रश्मि के घर पहुंचने पर आमिर उसको गुड नाईट बोल कर जाने लगता है की रश्मि उसका हाथ पकड़ लेती है और उसकी आंखो में झांकते हुए कहती है की इतनी जल्दी है जाने की और धीरे धीरे उसका हाथ सहलाती है... आमिर उसको कहता है की हां घर पर खाने पर उसका इंतज़ार हो रहा है और लेट होना ठीक नहीं है...तब रश्मि उसको कहती है की एक मिनिट आंखे बंद करो जब में चली जाऊं तब खोलना...आमिर उसकी इस जिद पर मुस्कुरा देता है और अपनी आंखे बंद कर लेता है...जैसे ही वो आंखे बंद करता है उसको अपने लबों पर एक नाज़ुक, मक्खन जैसा मुलायम एहसास होता है..वो उसे महसूस कर ही रहा होता है की उसको कार का दरवाजा बंद होने की आवाज आती है...जब वो अपने होंठो पर हाथ लगाता है तो उसको गीलापन और लिपस्टिक की खुशबू आती है...वो समझ जाता है की रश्मि ने उसको किस किया है...रश्मि की इस अदा पे वो फ़िर कुर्बान जाऊ कह कर चल पड़ता है....
रात को खाना खाने के बाद वो सोने लगता है की रश्मि का फोन आता है...जैसे ही वो फोन उठाता है रश्मि की मादक आवाज़ गूंजती है क्या कर रहे हो ?, खाना हो गया तो आमिर मजाकिया अंदाज़ में कहता है की हां तुम्हारे बाबू ने खाना खा लिया....तब रश्मि कहती है की तुम मेरे बाबू नहीं हो मेरा बाबू तो मेरे पास है,,तो वो पूछता है की फिर मैं क्या हूं....तब रश्मि शरमाते हुए जवाब देती है की उसे नहीं पता.... आमिर कहता हैं की अगर उसे नहीं पता तो वो रश्मि की बात उसकी अम्मी से करवा देता है वो बता देगी की मैं तुम्हारा क्या लगता हूं...और वैसे भी वो तुमसे मिलना चाहती है,यह सुनकर रश्मि को लगता हैं की पता नही क्या हो रहा है...वो एकदम से फोन काट देती है...उसका दिल जोरों से धड़कने लगता है...उसे लगता है की आमिर फिर इस मामले में जल्द बाजी कर रहा है, वो किसी भी हाल में अपने पति को नहीं छोड़ना चाहती थी और ना ही वो आमिर के साथ अपनी नयी-नयी दोस्ती को खत्म करना चाहती थी..क्योंकि आमिर के रूप में उसको एक बेहद भरोसेमंद और मज़बूत मर्द मिल गया था जिसके कंधे पर वो अपना सिर रख कर दुख हल्का कर सकती थी...
अब वो इस बारे में अपनी खास सहेली रिया से बात करने का सोचती है...अगले भाग में देखते है की रिया रश्मि को क्या सलाह देती है, रश्मि की जीवन में जो कलियां उगी हैं वो कैसे फूल बनकर उसकी जिंदगी को मेहकाएगी...और क्या आमिर को उसकी बेड पार्टनर मिलेगी...।

रश्मि आमिर की आँखों में झांकते हुए...
जैसा कि पिछले भाग में हमने पढ़ा की रश्मि ने आमिर को फोन करके बुलाया क्योंकि होली आनेवाली थी और उसे घर का सामान खरीदना था।
थोड़ी ही देर में आमिर रश्मि के घर के नीचे पहुंच के उसको कॉल करके के बताता है की वो आ गया है और नीचे पार्किंग में है,रश्मि थोड़ी ही देर में पार्किंग में पहुंच जाती है...आज उसने एक ढीला ढाला कुर्ता और प्लाजो पहना रखा था..जिसमें वो एक संस्कारी घरेलू और मैच्योर महिला लग रही थी, आमिर को उसकी यहीं बात बेहद पसंद थी की वो मॉडर्न दिखने के चक्कर में शरीर दिखाने वाले कपड़े नहीं पहनती थी...हालांकि रश्मि जो भी कपड़े पहनती थी उसमे उसके विशाल स्तनों की जोड़ियां और उसके थिरकते हुए नितम्ब से कोई कह नही सकता था की वो पचास की उम्र के करीब पहुंच चुकी है और उसकी एक जवान बेटी भी है...अच्छों अच्छों की निगाहे उसे पलट कर देखने पर मजबूर हों जाती थी...जिसका की रश्मि को बखूबी एहसास था।
रश्मि के आते ही आमिर ने कार का आगे का दरवाज़ा खोला और बड़ी अदा से मुस्कुराते हुए उसे बैठने का इशारा किया,जैसा कि दूसरे भाग में मैंने लिखा है की आमिर एक कसरती शरीर का मालिक हैं जो हमेशा स्टाइलिश कपड़े पहनता है और स्त्रियों को उत्तेजित करने वाला परफ्यूम हमेशा लगा के रखता है, इस परफ्यूम के बारे में उसे दुबई में पता चला था की वहां के शेख इस परफ्यूम से कैसे किसी भी स्त्री को कामोत्तेजित कर देते है, जैसे ही इस परफ्यूम की सुगंध रश्मि की नाक से टकराई उसके दिल और दिमाग में घंटियां बजने लगी पर अब आमिर उसके लिए अंजान नहीं रह गया था इसलिए उसने तुरंत ही अपने आप पर काबू पा लिया ।
आमिर ने रश्मि से पूछा की मैडम कहां चलना हैं तो रश्मि ने मॉल का नाम बताया जहां से उसे शॉपिंग करनी थी, वो मॉल उसके शहर से लगभग बीस किलोमीटर की दूरी पर था...थोड़ा सा आगे बढ़ते ही आमिर रश्मि की तरफ देखता है...जो आज काफी उदास लग रही थी...वो अपना एक हाथ बढ़ाकर कर धीरे से रश्मि का हाथ पकड़ता है और उसे दबाता है...रश्मि चौंक कर उसकी तरफ देखती है...उस वक्त आमिर का ध्यान ट्रैफिक की तरफ होता है...रश्मि उसको एक बार फिर ध्यान से देखती है बेहद आकर्षक जिस्म,मजबूत हाथ और ग्रीक देवताओं की तरह चेहरा और नाक...वो उसकी तरफ से नज़र हटा ही नहीं पाती है की आमिर पूछता है की क्या बात है आज वो इतनी चुप चुप क्यों है कोई विशेष बात...तब रश्मि उसे बताती हैं की कल रात को उसके पति की तबियत फिर बिगड़ गई थी और उसने अपनी बहनों और ससुरालवालो को फोन किया था क्यूंकि उससे अकेले तनाव बर्दाश्त नहीं हो रहा था पर किसी ने भी उसका फोन नहीं उठाया...यहां तक कि सुबह होने के बाद भी उसके ससुराल वालो ने फोन करके नही पूछा की इतनी रात को रश्मि ने उनको फोन क्यों किया था...रश्मि की बहनों का जरूर फोन आया था और उनमें से एक ने बताया की रात को वो अपने पति के साथ काफी देर से सोई थी तो पता नही चला और दूसरी बहन जिनी अपने ससुर के कमरे में उनकी मालिश करके वहीं सो गई थी तो उसे पता नहीं चला...आमिर को तो जिनी के बारे में सब पता था तो वो कुछ नहीं बोला और उसने रश्मि से कहा की आगे जब कभी भी जरूरत पड़े तो किसी भी रिश्तेदार को फ़ोन करने के बजाए वो आमिर को फोन करे अगर वो शहर में होगा तो तुरंत उसके पास पहुंच जाएगा और नहीं हुआ तो वो उसके एक बेहद ख़ास मित्र को भेज देगा पर रश्मि को परेशान नहीं होने देगा, यह कहते हुए वो रश्मि के पति को मोबाइल करता है और उसके हालचाल पूछने के बाद कहता है की अंकल, मैंने मैडम को बोला है की अगर कभी भी आपकी तबियत गड़बड़ हो तो मुझे बुला ले मैं आपको डॉक्टर के यहां या फिर हॉस्पिटल ले कर चलूंगा... आप लोग परेशान ना हो, यह सुनकर रश्मि के पति की आंखो में आंसू आ जाते है और वो कहता है की थैंक यू दोस्त, हमारा ख्याल रखने के लिए...
अब रश्मि अपना हाथ आगे बढ़ाकर कर आमिर का हाथ पकड़ लेती है और उसे दबाते हुए कहती है की तुम भी कहीं बीच में मेरा साथ छोड़ तो ना दोगे...तब आमिर रश्मि की तरफ झुकते हुए कहता है की जब तक इस जिस्म में जान है , मैं अपनी जान का साथ कभी नहीं छोडूंगा और यह कहते हुए वो अपने होंठ रश्मि के होंठो के करीब ले जाता है...रश्मि के दिल की धड़कने तेज हो जाती है...उसे लगता है की आमिर अब उसे चूम लेगा पर...पर आमिर दूर हो जाता है और सामने ट्रैफिक को देखने लगता है...
रश्मि को अपने होंठों पे प्यास सी महसूस होती हैं और पानी की बॉटल निकाल कर एक घूंट ही भरती है की आमिर उसके हाथ से पानी की बॉटल ले लेता है और उसे अपने होंठो से लगाकर इस अदा से पानी पीता है की मानो वो रश्मि के होंठो का रस पी रहा हो,रश्मि यह देखकर शरमा जाती है और उसे लगता है की उसकी चूत गीली हो गई...
आमिर पानी पी ही रहा होता है की उसको अचानक से ब्रेक लगाना पड़ता है जिसकी वजह से काफी सारा पानी उसकी सफेद टी शर्ट पर गिर जाता है और वो गीली हो जाती है...जिसकी वजह से आमिर की छाती के बाल और उसके निप्पल दिखने लगते है..जैसे ही रश्मि की नजर उसपे पड़ती है तो उसके शरीर में एक करेंट सा दौड़ जाता है और फिर वो कामोत्तेजित करने वाली परफ्यूम की खुशबु...रश्मि को लगता है की वो अब कंट्रोल नही कर पाएगी और आमिर को अपनी बाहों में वहीं जकड़ लेगी...पर...वो स्थिति को संभाल लेती है...और ऐसा कुछ नहीं करती...!
अब वो मॉल पहुंच जाते है वहां से रश्मि अपनी खरीदारी कर रही होती है और आमिर उसके माता पिता से बातें कर रहा होता है...मॉल में रश्मि आमिर से खाने का पूछती है तो मना कर देता हैं की नही घर पर अम्मी अब्बा इंतज़ार कर रहे है इसलिए वो घर पर ही खायेगा...तब रश्मि उसके और उसके पति के लिए खाना पैक करवाती है और फिर वो लौट जाते है...रश्मि के घर पहुंचने पर आमिर उसको गुड नाईट बोल कर जाने लगता है की रश्मि उसका हाथ पकड़ लेती है और उसकी आंखो में झांकते हुए कहती है की इतनी जल्दी है जाने की और धीरे धीरे उसका हाथ सहलाती है... आमिर उसको कहता है की हां घर पर खाने पर उसका इंतज़ार हो रहा है और लेट होना ठीक नहीं है...तब रश्मि उसको कहती है की एक मिनिट आंखे बंद करो जब में चली जाऊं तब खोलना...आमिर उसकी इस जिद पर मुस्कुरा देता है और अपनी आंखे बंद कर लेता है...जैसे ही वो आंखे बंद करता है उसको अपने लबों पर एक नाज़ुक, मक्खन जैसा मुलायम एहसास होता है..वो उसे महसूस कर ही रहा होता है की उसको कार का दरवाजा बंद होने की आवाज आती है...जब वो अपने होंठो पर हाथ लगाता है तो उसको गीलापन और लिपस्टिक की खुशबू आती है...वो समझ जाता है की रश्मि ने उसको किस किया है...रश्मि की इस अदा पे वो फ़िर कुर्बान जाऊ कह कर चल पड़ता है....
रात को खाना खाने के बाद वो सोने लगता है की रश्मि का फोन आता है...जैसे ही वो फोन उठाता है रश्मि की मादक आवाज़ गूंजती है क्या कर रहे हो ?, खाना हो गया तो आमिर मजाकिया अंदाज़ में कहता है की हां तुम्हारे बाबू ने खाना खा लिया....तब रश्मि कहती है की तुम मेरे बाबू नहीं हो मेरा बाबू तो मेरे पास है,,तो वो पूछता है की फिर मैं क्या हूं....तब रश्मि शरमाते हुए जवाब देती है की उसे नहीं पता.... आमिर कहता हैं की अगर उसे नहीं पता तो वो रश्मि की बात उसकी अम्मी से करवा देता है वो बता देगी की मैं तुम्हारा क्या लगता हूं...और वैसे भी वो तुमसे मिलना चाहती है,यह सुनकर रश्मि को लगता हैं की पता नही क्या हो रहा है...वो एकदम से फोन काट देती है...उसका दिल जोरों से धड़कने लगता है...उसे लगता है की आमिर फिर इस मामले में जल्द बाजी कर रहा है, वो किसी भी हाल में अपने पति को नहीं छोड़ना चाहती थी और ना ही वो आमिर के साथ अपनी नयी-नयी दोस्ती को खत्म करना चाहती थी..क्योंकि आमिर के रूप में उसको एक बेहद भरोसेमंद और मज़बूत मर्द मिल गया था जिसके कंधे पर वो अपना सिर रख कर दुख हल्का कर सकती थी...
अब वो इस बारे में अपनी खास सहेली रिया से बात करने का सोचती है...अगले भाग में देखते है की रिया रश्मि को क्या सलाह देती है, रश्मि की जीवन में जो कलियां उगी हैं वो कैसे फूल बनकर उसकी जिंदगी को मेहकाएगी...और क्या आमिर को उसकी बेड पार्टनर मिलेगी...।

रश्मि आमिर की आँखों में झांकते हुए...
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