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devil971700

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Bahut shaandar update ajay bhaii bss yar ye past ab jld se jld khatam karo or jesa story ka naam kismat ki lakir shuru karo yar sahil ki lakir .. Baki ajay bhai tum kamal ho tumhari sari story lajawab hoti jisme khaskaar Maa Beta 😘 🤤🌚
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Ek number

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chapter 11

अरुण तो सुमिता को कपड़े उतरते देख पागल हो रहा था जैसे ही सुमिता का दीवाना पुरा गाव था उसमे अरुण भी था कई बार अरुण सुमिता को याद करके मुठ मरते आ रहा था लेकिन अरुण ने सोचा भी नही होगा एक दिन वो उस खूबसूरत औरत को चोद पायेगा

सुमिता जानती थी अब कोसिस करना बेकार है इस लिये सुमिता हार मन कपड़े निकलते जाती है फिर सुमिता पूरी नंगी अरुण के सामने खरी थी एक खूबसूरत मस्त भरी बदन वाली औरत अरुण सुमिता को नँगा देख पागल होने लगता है लंड झटके मरने लगते है अरुण विश्वास नही कर पा रहा था जिस औरत को इमजीनेस् करके मुठ मरता था अब वो उसके सामने नंगी है


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अरुण सुमिता की नंगी बॉडी को देखते हुवे - ये हुस्न ये कयामत बॉडी इसी के दीवाना पुरा गाव h अब जब देख रहा हु तो यकीन नही होता ऑन्टी उफ किया खूबसूरत बॉडी है आपकी ये खरे आपके चुचे भरा बदन छोटे काले बालो वाली बुर मोती जांघे गोरा बदन आह आज तो मेरी किस्मत खुल गई है
सुमिता चुप चाप खरी रहती है

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अरुण जल्दी से नँगा हो जाता है जब सुमिता की नजर अरुण के लंड पे जाती है तो सिहर जाती है सुमिता अरुण का लंड देखते है मन मे - बहोत बरा है मर गई मे कहा फस गई कियु मेरे साथ ही ऐसा होता है
अरुण सुमिता के पास जाके - चुसो जितना मजा मुझे दोगी खुश करोगी मे तेरी वीडियो डिलीट कर दूंगा

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सुमिता अरुण को देखती है फिर नीचे बैठ अरुण का लंड पकर मुह मे लेके मजे से चूसने लगती है अरुण पागल होके सुमिता को देख - आह ये मजा मेरा लंड आप चूस रही है ऑन्टी उफ बहोत मजा आ रहा है
सुमिता लंड मजे से चुस्टे हुवे मन मे - लंड का स्वाद तो बहोत अच्छा है मजा भी आ रहा है मुझे अरुण को खुश करना होगा तभी वीडियो डिलीट करेगा उफ मा मेरे साथ ही कियु
3 मिनट बाद

अरुण सुमिता को बिस्तर पे लेता के सुमिता के ऊपर आके चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है सुमिता सिसकिया लेने लगती है सुमिता मन मे - आह मुझे मजा आने लगा है मे चुदासी होने लगी हु उफ ये लरका मेरे साथ जबरदस्ती कर रहा है लेकिन फिर भी उफ चुसो मेरे चुचे को
अरुण तो पागल जोस मे लगा था जैसे एक भूखे को कई दिन बाद एकदम से मस्त बिरयानी खाने को मिली हो

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अरुण सुमिता के टाँगो के बीच झुक के बुर को मुह मे लेके चूसने लगता है सुमिता सिसकिया लेने लगती है मचलने लगती है सुमिता मन मे - आह चुसो मेरी बुर को उफ बहोत आग है मेरी बुर मे साली ठंडी नही होती बढ़ती ही जाती है उफ मा मजा आ रहा है
अरुण मन मे - उफ कितनी गर्म बुर है उफ ऑन्टी की बुर रस से भरी है आह पीके मजा आ रहा है उफ आज मे पागल ना हो जाऊ
सुमिता फिर कपते हुवे झर जाती है
अरुण सुमिता को देखता है तो सुमिता नजरे फेर लेती है


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अरुण सुमिता के बुर मे लंड एक धक्के के साथ पुरा घुसा के चुदाई करना सुरु कर देता है तेज धक्के के साथ सुमिता आह उफ करने लगती है अरुण सुमिता की चुदाई करते हुवे - आह ये मजा ऑन्टी आपकी बुर तो बहोत टाइट है यकीन नही होता अंदर तो आग लगी हुई है ऑन्टी मजा आ रहा है या नही बोलिये
सुमिता अरुण को देख आह उफ करते मन मे - बहोत मजा आ रहा है चोदो और फार दो मेरी बुर अरुण बेटे आह बहोत मस्त लंड है तेरा

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सुमिता को अरुण फिर घोरी बना के चोदने लगता है अरुण सुमिता की चुदाई करते हुवे सुमिता की गांड देख - उफ किया मस्त बरी गांड है आपकी, अरुण सुमिता की गांड दबाते मसलते चुदाई करने लगता है फट फट फच् फच् के साथ सुमिता मजे मे पागल होने लगती है
सुमिता मन मे - जानती हु मेरी भी गलती है मे मेरी किस्मत मुझे इस दलदल. मे लेके आई जिससे मे सायद निकल ना पाउ

चुदाई 20 मिनट बाद खतम होती है सुमिता कपड़े पहन अरुण को देख - वीडियो डिलीट करो
अरुण सुमिता को देख वीडियो डिलीट करो
अरुण फोन लिये सुमिता को देख मुस्कुराते हुवे - मजा आया या नही सच बताओ पहले

सुमिता - बहोत मजा आया 2 बार झरी देखा नही अब डिलीट करो
अरुण मुस्कुराते हुवे फोन पॉकेट मे रख - अभी नही पुरे मजे लेने के बाद
सुमिता शोक गुस्से मे - कमीने
अरुण मुस्कुराते हुवे - नही गई कोई आ गया तो क्या सोचेगा और आह चाची को कल इसी टाइम लेके मेरे घर आना समझ गई

सुमिता गुस्से से घर आ जाती है

रात को सुमिता सुनीता को सब बता देती है सुनीता हैरान शोक मे - क्या वो कमीना अरुण के पास हमारी वीडियो है लग गये

सुमिता डरते हुवे - वीडियो किसी के पास गई तो हम गये
सुनीता सुमिता को देख - चिंता मत करिये कुछ सोचते है

रात कुनाल सुमिता अंजलि की मस्त चुदाई करता है

सुबह सुनीता और सुमिता अरुण के घर आते है अरुण सुनीता की चुदाई करना सुरु कर देता है

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अरुण सुनीता की चुदाई करते हुवे - आह चाची आपकी बुर भी बहोत मस्त गर्म है मजा आ रहा है उफ आह चाची आपको मजा आ रहा है
सुनीता मन मे - उफ यार बहोत मजा आ रहा है सुमिता तूने भी फूल मजे लिये होगे आह लेकिन साला जबरदस्ती करने वाले मुझे पसंद नही खैर आह अभी चुदाई का मजा ले लेती हु

15 मिनट बाद

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अरुण सुमिता को देख जो नंगी बैठी थी - घोरी बनो
सुमिता घोरी बन जाती है अरुण पुरा लंड अंदर घुसा के चुदाई करने लगता है अरुण सुनीता को देख - उफ आप मस्त माल है लेकिन ऑन्टी आह सबसे जयदा मस्त माल है उफ आह आज तो मर भी गया तो साला कोई गम नही दो खूबसूरत औरत की एक साथ चुदाई करने का सपना उफ सोचा नही था आप दोनों के साथ पुरा होगा


4 महीने बाद


सुमिता महीने मे एक बार कुनाल के घर जाती थी तब अरुण सुमिता को खूब चोदता था सुमिता सुनीता अरुण के नीचे ना चाहते आना परता था

सुमिता जब घर पे रहती तो भोला खूब मजे लेता सुमिता भी लेकिन सुमिता कई बार खुद को रोकने की कोसिस करती लेकिन जब बुर मे जयदा गर्मी बढ़ती तो रोक नही पति थी

दोपहर 2 बजे

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भोला सुमिता के कमर पकरे तेज धक्के मारे जा रहा था सुमिता दर्द मजे मे - आह भोला ऐसे ही आह बहोत मजा आ रहा है उफ भोला
भोला तेज धक्के मरते हुवे - मेरी रण्डी आह मेरे बच्चे को गिरा दिया
सुमिता - उफ आह भोला बेटे मेरी आह मजबूरी थी आह
भोला चुदाई करते हुवे - कोई बात नही उफ तेरी बुर मिल रही है बस इतना काफी है आह तू मस्त रण्डी है साली कमीनी
सुमिता - उफ भोला आह मे तेरी रण्डी हु चोद मुझे और जोर से

एक महीने बाद सुमिता फिर कुनाल अपने भाई के घर आती है
कुनाल को कुछ दिनों के लिये काम से दूर जाना परता है तब सुमिता की बुर लंड के लिये बेचैन होने लगती है

रात सुनीता सुमिता को देख - ननद जी बहोत मन है तो अरुण के पास चली जाइये आपकी प्यास भुजा देगा

सुमिता सुनीता को देख - जरूरत नही है
सुनीता मुस्कुराते हुवे - जैसा आपकी मर्ज़ी

सुनीता जब सो जाती है और सुमिता बेचैन जो जाती है तो रात को ही अरुण को फोन करके अरुण के घर सुमिता पहुँच जाती है बुर की आग मे सुमिता हद से गुजर जाने लगी थी

अरुण को यकीन नही हो रहा था सुमिता खुद आई है

अरुण सुमिता नंगे बिस्तर पे थे अरुण सुमिता को देख - ऑन्टी आप खुद आई है अच्छा लगा

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अरुण चुदाई करना सुरु कर देता है सुमिता तांगे उठाये सिसकिया लेते हुवे - आह अरुण बेटा आज पूरी रात मेरी बुर को चोदो बहोत गर्मी है साली मेरी बुर मे आह बहोत मजा आता है तेरा लंड लेके आह मा
अरुण सुमिता की तरप् जोस को देख पागल होके - साली तू तो रण्डी निकली आह लेकिन अच्छा लगा ये रूप देख के
अरुण तेज मोटा लंड सुमिता की बुर मे पेलने लगता है

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सुमिता फिर अरुण के लंड की सवारी करने लगती है अपनी गांड उपर नीचे करते हुवे लंड लेने लगती है अरुण - आह किया मस्त सवारी करती है रण्डी आह मेरे बच्चो की मा बन जा रण्डी
सुमिता - आह नही अरुण बेटा मे ऐसा नही कर सकती
अरुण - उफ आह तो एक बार पेग्नेंट हो जा बच्चा गिरा देना
सुमिता जोस मे अरुण को देख - आह ठीक है निकाल दे अपना गर्म माल मेरी बुर मे कर दे मुझे पेग्नेंट
अरुण जोस मे पागल होके - अभी लो रण्डी ऑन्टी आह मजा आ गया

सुबह होने से पहले सुमिता घर आ जाती है


नतीजा एक महीने बाद सुमिता पेग्नेंट हो जाती है लेकिन गोली खाके बचा गिरा देती है जिसका इफेक्ट सुमिता की बॉडी मे परता है

अंजलि घर पे थी अमर पप्पू से बातें करते रहती थी राघव बिना डरके सिलु की चुदाई करते रहता है

आज संडे था साहिल राधीमा को घुमाने लेके गया था जब साहिल राधीमा कोफ़ी शॉप मे बैठे कोफ़ी पीते बातें कर रहे होते है तब दीपक भी एक कोने मे एक लरकी के साथ बैठा था जो राधीमा को साहिल के साथ हस्ते हुवे बातें करते देख लेता है

दीपक के अंदर खून उबल आता है दीपक मुठी कसते हुवे राधीमा को देख - मेरे पास पैसा सब कुछ है फिर भी साली मुझे भाव नही देती और ये कमीना साहिल के के साथ गलत किया राधीमा तूने उसकी सजा तुझे जरूर मिलेगी

राधीमा साहिल के साथ बैठे बातें करते हुवे साहिल को देख मन मे - कैसे बताऊ साहिल आपको कमीना दीपक मेरी मा पापा को राजी करके मुझसे शादी करना चाहता है मेरी मा पापा तो पैसों के लिये राजी है मुझसे तो दोनों वैसे भी परेसान है

दीपक साहिल को जनता था बस कभी मिले बातें नही हुई थी


साहिल जब राधीमा को घर छोर के जाता है उसके बाद दीपक राधीमा के घर मिलने आता है
बता दु राधीमा के मा पापा जो सौतेले है वो राधीमा की शादी दीपक से ही करवाने का फैसला ले चुके थे वजह थी पैसा इस लिये राधीमा के घर दीपक जब चाहे आ जा सकता था


दीपक कमरे मे जाता है राधीमा दीपक को देख - कियु आये हो
दीपक राधीमा के पास बैठ जाता है दीपक गुस्से से लाल था

दीपक राधीमा को गुस्से से देख - हु तो मुझे छोर उस गरीब साहिल के साथ घूम रही हो अच्छा नही क्या तूने राधीमा

राधीमा पूरी शोक मे डर के - देखो मे साहिल से प्यार करती हु उसी से शादी करुगी

दीपक का गुस्सा और बढ़ जाता है

दीपक गन निकाल राधीमा के सामने रखते हुवे - एक ही रास्ता है अब तेरे पास मे तुझसे शादी करना चाहता था लेकिन अब माइड चेंज कर लिया है

राधीमा गन देखते ही डर के काप् जाती है

दीपक राधीमा को देख मुस्कुराते हुवे - पहला तुम मेरी बीवी बनके रहोगी जब तब साहिल तुमसे शादी नही कर लेता वादा मे खुद तेरी मा पापा से कहके शादी करवा दूंगा नही तो साहिल को मे मार दूंगा

राधीमा डर के कपते हुवे रोते हुवे - प्लेस साहिल को कुछ मत करना
दीपक मुस्कुराते हुवे - ये तो तुमपे है बोलो क्या फैसला लिया है

राधीमा - ऐसा नही होगा मे अपने साहिल को झूठा कैसे दे सकती हु इससे अच्छा है साहिल के अलावा कोई मेरी बॉडी टच करे मे खुद को मार लुंगी

दीपक हैरान नही होता जनता था राधीमा ऐसा कुछ बोलेगी

दीपक मुस्कुराते हुवे - अरे रे तुम तो राधीमा खुदगर्ज़ निकली खुद के बारे मे सोचा लेकिन साहिल के बारे मे नही तेरे जाने के बाद साहिल का किया होगा सोचा है बेचारा जीते जी मर जायेगा और तेरे अलावा किसी से शादी भी नही करेगा

राधीमा हिल जाती है राधीमा जानती थी दीपक ने जो कहा सच है दोनों एक जिस्म जान थे एक के जाने के बाद दूसरा जीते जी मर ही जायेगा

दीपक मुस्कुराते हुवे - देखो राधीमा मेरा सर्ट मनलो इसमे तेरी साहिल दोनों की भलाई है साहिल को फर्क नही परेगा खुद जाके एक बार बोल के देखो तेरा पहले किसी ने रेप किया है फिर भी साहिल सब जान तुमसे शादी करेगा बल्कि और प्यार करेगा जनता हु उसे कैसा लरका है दिल का साफ भोला है

राधीमा उलझन मे फस चुकी थी समझ नही आ रहा था किया करे

दीपक राधीमा को देख - चलो जिस दिन तुम दोनों के शादी का कार्ड चपेगा उसी दिन मे तुझे आजाद कर दूंगा लेकिन तब तब तुम मेरी बीवी रहूगी एक बीवी की तरह बर्ताओ करोगी मुझे प्यार करने दोगी कभी रोकोगी नही

राधीमा आसु बहाये जा रही थी क्या करे सोच रही थी

दीपक गन लेके - ठीक है साहिल को मार देता हु तुझे तो वैसे ही रण्डी बना लूंगा

दीपक जाने लगता है तो राधीमा रोते हुवे - मंजूर है
दीपक पीछे राधीमा को देख मुस्कुराते हुवे - फिर से बोलो
राधीमा रोते हुवे - मंजूर है लेकिन तुम मुकर गये तो

दीपक राधीमा के पास जाके आखो मे देख - मे वादा नही तोरता जब तक साहिल तुझसे शादी करेगा तब तब मे तुझे अच्छे से जी भर चोद चुका रहुंगा तो टेनसन मत लो चलो अब मेरी बीवी हो रोना बंद करो


राधीमा ना चाहते हुवे दिल पे पथर् रख आसु साफ करती है

दीपक बैठ जाता है और राधीमा को देख - आओ मेरी बीवी अपने पति के गोद मे बैठो

राधीमा दीपक को देखती है दीपक - दुबारा ना कहना परे मे बहोत गुस्से वाला हु कही गुस्से मे साहिल को मार ना दु
इतना सुनते ही राधीमा दीपक के गोद मे बैठ जाती है दीपक राधीमा को बाहों मे लेके - आह किया मस्त फैली गर्म गांड है तेरी उफ बुर की गर्मी तो आह मेरे लंड को झटके देने पे मजबूर कर रही है राधीमा

राधीमा अंदर ही अंदर रोते हुवे मन मे - माफ करना साहिल आपके लिये मुझे ये सब करना ही होगा

दीपक राधीमा को देख - उफ बताओ ना बीवी मन है ना चुदाई करने का आज अपने पति को बुर दोगी ना

राधीमा अंदर से रोते हुवे - जी आप मेरे पति है बना कैसे कर सकती हु
दीपक - कसम खाओ साहिल की पुरा साथ दोगी मेरा
राधीमा कपते होठों से - हा साहिल की कसम पुरा साथ दुगी
दीपक मुस्कुराते हुवे - ये हुई ना बात

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दीपक राधीमा को किस करने लगता है ना चाहते हुवे भी राधीमा को साथ लेना परता है दोनों मे किस सुरु होता है दीपक पागलो की तरह राधीमा को किस करने लगता है राधीमा मजबूर होके कसम की वजह से पुरा साथ देती है 2 मिनट बाद

दीपक राधीमा को देख - उफ मजा आ गया बीवी मस्त रसीले रस है तुझे मजा आया
राधीमा - जी बहोत आया

दीपक खरा होके जाते हुवे - रात आऊगा अभी जाना होगा रेडी रहना

दीपक जाते हुवे रुक पीछे देख राधीमा को - अरे एक बात पूछना भूल गया साहिल ने तेरी सील तोरी है या नही
राधीमा कपते होठो से - नही
दीपक खुश होके - वाह वाह क्या किस्मत है मेरी अब सोचना भी नही रात आऊगा चलता हु

दीपक चला जाता है और राधीमा फुट फुट के रोने लगती है

राधीमा - मेरे साथ ऐसा कियु हो रहा है मे तो बस साहिल के साथ अपनी जिंदगी जीना चाहती थी लेकिन उपर वाले को ये भी मंजूर नही है अब मुझे खुद पे गुस्सा आ रहा है कस कास साहिल को अपना जिस्म पहले ही दे देती अब वो भी नही कर सकती अब वो कमीना मुझे पहली बार भोगेगा माफ करदो साहिल तुम बहोत अच्छे हो कभी मुझे फोर्स नही किया मेरी बातो को माना लेकिन अब मुझे खुद पे गुस्सा आ रहा है


रात 8 बजे फोन पे

राधीमा - किया कर रहे है आप
साहिल मुस्कुराते हुवे - अपनी जान को याद
राधीमा - हु एक बात पूछूँ
साहिल - हा पूछो ना
राधीमा हिम्मत करके - मान लो मेरा किसी से अफेयर होता हमारे बीच सब हो गया होता मे वर्जिन नही होती तो भी मुझसे प्यार करते

साहिल थोरा हैरान होता है
साहिल - हु राधीमा तुम ऐसी लरकी नही हो जनता हुई मान लो किसी से तुम प्यार करती हो उस लरके ने तेरे साथ सब करके धोका दे देता है तो ये सब जानने के बाद भी मे तुमसे और जयदा प्यार करता

साहिल की बात सुन राधीमा के आखो से आसु निकल आते है

साहिल खुद को संभलते हुवे - कियु
साहिल - कियुंकी प्यार करता हुई तुमसे मेरे किये पीछे तुमने क्या क्या हुआ फर्क नही परता मुझे तो बस अपनी जान के साथ पूरी जिंदगी जीनी है

माधुरी आसु साफ करते हुवे - आप बहोत अच्छे है
साहिल मुस्कुराते हुवे - तुम भी मेरी जान वैसे अचनाक् ये सवाल कियु
माधुरी - बस ऐसे ही
माधुरी को साहिल पे यकीन था और अब जयदा हो जाता है

20 मिनट बातें करने के बाद फोन कट्

राधीमा बिस्तर पे लेते - मुझे भी आपके साथ जीना है लेकिन एक गम हमेसा रहेगा मेने आपको पहला हक दे नही पाई

10 मिनट बाद दीपक कमरे मे आता है जिसे देख राधीमा सिहर जाती है दीपक दरवाजा बंद करके राधीमा को देख - चिंता मत करो अंकल ऑन्टी को पता है कोई नही आयेगा

दीपक राधीमा के पास बैठ मुस्कुराते हुवे - याद रखना कसम और मेरी बीवी हो तो मुझे पुरा मजा देना लेना भी समझ गई

राधीमा खुद को रेडी करते हुवे - जी

दीपक - चलो दिखाओ अपना खाजना
राधीमा खरी होके कपड़े निकालने लगती है

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏
Shandaar update
 
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sam00023

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chapter 4

एक साल पहले पास्ट

अंजली उस समय 10 मे थी साहिल 9 मे था अंजली अपने मामा कुनाल के यहा आती है साहिल लेके आता है लेकिन साहिल एक दिन रहके अपने घर लौट आता है

अंजली जब पैदा हुई तब से जयदा तर अपने मामा कुनाल के यहा ही रही है बरे होने तक इस लिये अंजलि कुनाल मामा भांजी का रिस्ता बहोत दोस्ताना टाइप रहा है

यानी की साथ मे घूमने जाना मस्ती करना यहा तक अंजली कुनाल एक दूसरे के ऊपर बिस्तर पे लरते मस्ती करते इस दोरान कुनाल कई बार अंजलि के बरे चुचे बॉडी की गर्मी बुर की गर्मी बरी बरी गांड कहे तो सब कुछ फिल करके मचल जाता लेकिन भांजी है ये सोच गलत सोच को वही रोक देता

अंजली जयदा तर कुनाल के यहा बरी हुई तो जाहिर है कई दोस्त बने जिसमे एक लरका भी था जिसका नाम था अमर जो अच्छे घर का था
परोसी भी

अमर अंजली को अपने नीचे लाना चाहता था जिसके लिये अमर अंजली के पीछे परा रहता अंजली को भी ये एहसास था अमर उसके प्यार करता है

एक दिन अमर अंजली को अकेले देख परपोस् कर देता है अंजली जवान थी दोनों लम्बे समय से दोस्त थे तो अंजली के दिल मे भी अमर के लिये प्यार था बस अंजली हा कर देती है

अमर कितना कमीना था अंजली को नही पता था और ये प्यार अंजली को कहा किस दलदल मे लेके जाने वाली थी उसका भी अंजली को अंदाज़ा नही था

अंजली 4 दिन रहती है फिर अपने घर आ जाती है लेकिन फोन पे बातें होती रहती है एक महीने गुजर जाते है

और नतीजा अंजली अमर के प्यार मे दीवानी हो गई थी अमर इतना कमीना चालक था समय का इंतज़ार कर रहा था और वो आ गया था कियुंकी अब बातें खुल के होने लगी थी

रात 11 बजे

जहा सुमिता साहिल के लाइफ मे अभी तक बुरी किस्मत नही आई थी पर अंजली के आ गई थी

सुमिता साहिल सब से अंजान आराम से कमरे मे सो रहे थे वही अंजली अमर से फोन पे बातें कर रही थी

अमर - जान फिर कम आउंगी मुझे जी भर तुझे प्यार करना है
अंजली मुस्कुराते हुवे - अच्छा ही इतनी बेताबी ठीक नही है वैसे भी मेरा एक्जाम है इस महीने उसके बाद ही आ पाउंगी

अमर - अरे यार मे भी भूल ही गया था किया करू तेरे प्यार मे सब भूल जाता हु
अंजली सर्म से - झूठा
अमर मुस्कुराते हुवे - सुनो ना जान किया पहना है तुमने
अंजली - फिर सुरु हो गये
अमर - बताओ ना प्लेस
अंजली सर्म से - नाइट सूट
अमर - और अंदर मे
अंजली - छी गंदे नही बटाउगी
अमर - प्यार नही करती मुझे
अंजली - बहोत करती हु
अमर - तो बताओ ना
अंजली सर्म से धीरे से - बिकनी पैंटी अब खुश
अमर मुस्कुराते हुवे - कोन कलर की
अंजली सर्म से धीरे से - वो वो लाल
अमर - उफ बरे बरे चुचे को लाल बिकनी मे कैद करके रखा है हु
अंजली सर्म से लाल होके - छी बेसर्म गंदे
अमर हस्ते हुवे - दिखाओ ना
अंजली - ना बाबा सर्म आती है मुझे
अमर मुस्कुराते हुवे - अच्छा जी जब हमारी शादी होगी तब वो सब कैसे करोगी हा
अंजली सर्म से - तब का तब सोचेंगे
अमर - अरे यार दिखाओ ना प्लेस तुमने वादा किया था आज का
अंजली - अच्छा अच्छा ठीक है एक
अमर - ये हुई ना बात

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अंजली सर्माते नइट सूट उपर करते हुवे अपने बरे बरे चुचे जो लाल बिकनी मे कैद थे उसे अमर को दिखाने लगती है अमर जैसे ही देखता है अपना लंड जोर से हिलाने लगता है हा अमर सुरु से ही लंड निकाल हिलाने मे लगा था जो अंजली को दिखा नही रहा था
अमर - मेरी जान उफ कितने बरे टाइट है तुम्हारे चुचे दबाने मे मजा आयेगा
अंजली नाइट सूट नीचे करके अमर को देख सर्म से - छी जब देखो गंदी बातें
अमर मुस्कुराते हुवे - जब गिर्लफ्रेंड इतनी खूबसूरत हो तो किया ही करे फिर अच्छा जान मेरी सासु मा ससुर साले साहब कैसे है

अंजली - सब अच्छे है और हा अपनी कोई तुम्हारा सासु ससुर साले नही है समझ गये शादी करोगे तब बनेगे
अमर मुस्कुराते हुवे - कर लेगे वादा जो किया है
अंजली सिर्यस् होके - पक्का ना धोका नही दोगे ना
अमर - तेरी कसम जान
अंजली खुश हो जाती है
फोन कट

अमर मुस्कुराते हुवे - शादी तुमने कोन करने वाला है मे तो तेरी लेना चाहता हु हा तू बहोत खूबसूरत है लेकिन मेरी शादी की बात बहोत बरे घर की लरकी से हो रही है अमीर घर का दमाद बनुगा ना की उस गरीब घर का

अंजली प्यार के दीवानी अमर के कमीने रूप को देख ही नही पा रही थी यही तो प्यार मे जयदा तर होता है लरकी को कमीने लरके उसकी बातें सब सच लगती है उन्हें ही अच्छा सच्चा मान उनकी बातों मे गिर जाते है

लेकिन जीतने अच्छे लरके होते है उन्हें लरकिया गिरे कमीने झूठे नजर आते है

खैर महीने गुजर जाते है अंजली के एक्जाम खतम हो जाते है और अंजली फिर अपने मामा के यहा जाने के लिये रेडी थी

साम 3 बजे

सुमिता अंजली के कमरे मे अंजली को देख जो बाल बना रही थी

सुमिता - मामा मामा करती रहती है यहा मे पापा भाई है पर नही इस मैडम का मन अपने मामा के यहा लगा रहता है

अंजली पीछे सुमिता को देख - मा मामा के बरे मे कुछ मत बोलिये मेरे प्यारे मामू बहोत अच्छे है मुझे बहोत प्यार करते है आपसे भी जयदा समझ गई आपको कही जलन तो नही होती

सुमिता मुह बना के - चल चल मुझे कियु जलन होगी तेरे मामू मुझे भी बहोत प्यार करते है कियुंकी मे उनकी छोटी बहन हो हु

अंजली हस्ते हुवे - समझ गई मा वैसे साहिल रेडी हुआ या नही
साहिल अंदर आते हुवे - हम लरके है नहाने रेडी होने के लिये 30 मिनट काफी है लेकिन आप को 2 घंटे कम पर जाते है

अंजली सुमिता को देख - मा देख सुन रही है मुझे ताना मार रहा है
सुमिता मुस्कुराते हुवे साहिल को देख - वैसे सही तो कहा मेरे बेटे ने
साहिल मुस्कुराते हुवे अंजली को देख - सुना ना
अंजली सुमिता को देख - सच बताना मा आप मुझसे जयदा इस शैतान को प्यार करती है ना
सुमिता दोनों को देख - हु ये सवाल का जवाब है मा के लिये बेटी हो या बेटा दोनों के लिये प्यार बराबर होता है अब चलो जाना नही है

अंजली साहिल - हा चलो

बाहर साहिल बाइक पे बैठ जाता है अंजलि भी सुमिता दोनों को देख - अच्छे से जाना साहिल बेटे तु तो आ जायेगा ना कल
साहिल सुमिता को देख - मा आपसे दूर रहने मेरा दिल नही लगता

सुमिता साहिल के गाल पे किस करते हुवे प्यार से - मेरा बच्चा कितना प्यार करता है मुझसे मेरा ख्याल रखता है, सुमिता अंजली को देख, और एक है ये छुट्टी मिलते ही मामा के यहा भाग जाती है

अंजली सुमिता को देख - बस करो मा बस ताना मारती रहती है आप
साहिल - अच्छा मा चलते है मे कल आ जाउंगा
सुमिता - ठीक है बेटा

साहिल निकल जाता है सुमिता दोनों को जाते देख मन मे - मेरे बच्चे अब बरे हो गये है शादी के लायक पहले अंजलि के लिये कोई लरका देखना परेगा

कुनाल के घर

साहिल अंजली 4 बजे के पास पहुँच जाते है अंदर कुनाल सुनीता बैठे बातें कर रहे थे

कुनाल साहिल अंजली को देख खरा होके खुश होके - देखो सुनीता हमारे भांजे भांजी आ गये

सुनीता खरी होके साहिल अंजली को देख मुस्कुराते हुवे - सही देख रही हु

तभी अंजलि तेजी से जाके कुनाल के गले लगते हुवे - मामू
कुनाल अंजली को बाहों मे कसते हुवे - मेरी प्यारी भांजी

साहिल सुनीता के गले लगते हुवे - मेरी प्यारी मामी
सुनीता साहिल को सीने से लगाये हुवे - मेरा प्यारा भांजा

अंजली कुनाल के बीच बहोत प्यार था और सुनीता साहिल के बीच

साहिल अंजली को देख - हु मेरी प्यारी भाभी मुझसे बहोत प्यार करती है मामा से जयदा
अंजली मुह बना के - मेरे मामू मुझे जयदा प्यार करते है मामी से जयदा
सुनीता कुनाल दोनों को लरते देख हसने लगते है

सच ये ना सुनीता कुनाल साहिल अंजली दोनों को बहोत प्यार करते है जब बात ये है अंजली कुनाल के नजदिक और साहिल सुनीता के

रात 9 बजे खाना पीने होने के बाद आगन मे बैठे सब बातें कर रहे थे सुमिता कुनाल से फोन पे बातें कर रही थी

सुमिता - भैया आपकी लाडली तो आपके पास ही रहने वाली है ख्याल रखना
कुनाल हस्ते हुवे अंजली को गोद मे बैठाये - चिंता मत करो गुरिया मे अपनी भांजी का अच्छे से ख्याल रखुंगा
राघव - साले साहब आपने तो मेरी बेटी पे जादू कर दिया है यहा से जयदा आपके यहा रहती है
कुनाल हस्ते हुवे - बहनोई जी मेने जादू नही किया प्यार है प्यार
राघव - समझ गया
सुमिता - भाभी कैसी है आप
सुनीता - अच्छी हु ननद जी आप सब कैसे है
राघव - अच्छे है मस्त है चल रही है लाइफ
सुनीता हस्ते हुवे - अच्छा है

बातें होने के बाद सब अपने कमरे मे चले जाते है

इस समय ऐसा था साहिल अंजली कम बातें करते साहिल का रिस्ता अपनी मा बहन पापा से उतना गहरा नही था मेरे कहने का मतलबyey है साहिल अपने मे रहता मा बहन पापा के साथ कम समय बिताता बातें करता

अंजली बिस्तर पे लेती थी बेताब थी अमर से बात करने मिलने के लिये तभी कुनाल आता है और अंजलि को बाहों मे लेके प्यार से देखते हुवे - मेरी भांजी तु नही होती तो मेरा दिल नही लगता है

अंजली कुनाल के सीने के समाते प्यार से - मुझे भी मामू आपके मामी के साथ रहना अच्छा लगता है

कुनाल अंजली को देख - छोटी सी थी अब देखो जवान हो गई अब तो मुझे अपनी प्यारी भांजी के लिये लरका देखना परेगा
अंजली सर्म से लाल होते हुवे - आप भी ना मामू
कुनाल हस्ते हुवे - सही तो कहा

कुनाल अंजली के होठों पे हल्का किस करते हुवे - गुड नाइट मेरी गुरिया
अंजली - गुड नाइट मामू

अंजली के होठो पे किस करना दोनों के बीच नॉर्मल है कुनाल के अंदर अभी तक अंजली को लेके कोई गंदा विचार नही था

कुनाल अपने कमरे मे आता है सुनीता कुनाल को देख - आ गये अपनी भांजी को आप बहोत प्यार करते है
कुनाल सुनीता के ऊपर आते हुवे सुनीता को देख - तुमसे भी तो करता हु अपनी बेटी को भी

सुनीता मुस्कुराते हुवे - अच्छा जी तो करो ना प्यार
कुनाल मुस्कुराते हुवे सुनीता को नँगा कर देता है सुनीता सिर्फ ब्लाउस मे थी - कर ही तो रहा हु जान

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कुनाल खुद फिर नँगा हो जाता है और सुनीता के टाँगे फैलाये लेती थी कुनाल एक हाथ से बुर के फाके दूसरे हाथो से बुर मे लंड घुसा के के सुनीता के दोनों टैंगो को पकरे चुदाई करने लगता है सुनीता दर्द मजे मे - आह उफ एक बेटी हुई अब वो भी ससुराल चली गई आह उपर वाले ने मुझे दूसरा बच्चा कियु नही दिया आह

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कुनाल चुदाई करते हुवे सुनीता को देख - फिर तुम इस टाइम इमोसनल बातें करने लग गई जो किस्मत मे वही मिलेगा ना हमने पूरी कोसिस की करते रहे नही हुआ तो अब हम कर भी किया सकते है
सुनीता दर्द मजे मे थोरा दुखी आवाज मे - उफ आह आप ने सही कहा


वही साहिल के घर सुमिता का बरा मन था चुदाई का लेकिन राघव सो गया था सुमिता नइटी उठा के बुर मे उंगली करते हुवे मन मे दुखी होके - पता नही आह उफ अब पति जी जयदा नही करते किया अब उमर के साथ उनका दिल नही करता

उंगली सुमिता के बुर के अंदर से पानी निकलने मे लगी थी उफ फूली मोती चमरे वाली काले बालों से ढकी बुर मे सुमिता उंगली करते जा रही थी सुनीता आह उफ करते तेजी से उंगली करते हुवे झर जाती है

सुमिता फिर आखे बंद करते हुवे मन मे - सायद अब चुदाई का सुख मिलेगा नही

कुनाल के घर साहिल के लाइफ मे राधिमा अभी नही आई थी इस लिये साहिल मस्त सोया हुआ था नींद ले रहा था वही कुनाल सुनीता की चुदाई करने के बाद मस्त सो गये थे

लेकिन अंजली अमर से बातें करने मे लगी हुई थी

अमर - मेरी जान आखिर तुम आ ही गई मुझे तुमसे मिलना है तुझे बाहों मे लेना है मे आता हु तुमसे मिलने

अंजली डरते हुवे - नही नही अमर कोई देख लेगा तो गजब हो जायेगा मुझे भी तुमसे मिलना है लेकिन कल अभी रिस्क है

अमर - रिस्क मे ही तो इस्क है मे आता हु दरवाजा खुला रखना मिलुगा जल्दी चला जाउंगा

अंजली डरते हुवे - लेकिन
अमर - उफ जान इतना भी मत डरो
अंजली - ठीक है जैसा तुम कहो

फोन कट

अंजली डरते हुवे मन मे - डर लग रहा है सब के होने के बाद भी अगर हम पकरे गये तो बवाल हो जायेगा भाई भी है

10 मिनट बाद कमरे मे अमर आता है जिसे देख अंजली खुश हो जाती है अमर अंजली को बाहों मे लेके - बहोत मिस किया जान
अंजली अमर की बाहों मे समाते हुवे - मेने भी जान

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अमर अंजली के चेहरे को पकरता है और किस करने लगता है अंजली पहला किस पाके फिल करके मदहोस होने लगती है अमर किस करते हुवे मन मे - अब साली जल मे फस गई है मे जो कहुंगा करेगी
किस करने के बाद

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अमर अंजली के गले गर्दन पे किस करने लगता है चूमने लगता है अंजली गर्म होके आह सिसकिया लेने लगती है अब तक अमर ने गंदी चुदाई की बातें करते हुवे अंजली के अंदर की प्यास को जगा दिया था
अंजली जोर जोर से सिसकिया लेके तरप् मचल रही थी

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अमर जोस मे पागल होके अंजली के चूचे दबाने लगता है अंजली और जयदा जोर मे होस खोने लगती है जोर से सिसकिया लेते हुवे - उफ मा अमर मेरी जान अच्छा लग रहा है बताओ मेरे चुचे को उफ मा
अमर मन मे मुस्कुराते चुचे दबाते हुवे - हा मेरी रंडि इतनी मेहनत इस लिये तो किया था इस मोक्के को बनाने के लिये

अंजली जो पूरी गर्म होके सब भूल के मजे मे खोई थी तभी अंजली को एहसास होता है ये टाइम जगह सही नही है

अंजली अमर को दूर करके तेज ससे लेते हुवे - अमर ये जगह टाइम सही नही उफ बस बहोत कर लिया हमने अब तुम जाओ

अमर अंजली को देखते हुवे - ठीक है जान लेकिन वादा करो कल तुम मेरे घर आओगी और मेरे लंड को मुह मे लोगी देखो तुम ने ही कहा था करोगी अब मुकर नही सकती

अंजली सर्म से - अच्छा बाबा लुगी अब जाओ
अमर अंजली को किस करके - अच्छा जान गुड नाइट
अंजली मुस्कुराते हुवे - हु गुड नाइट जान

अमर चुपके से बाहर आके घर की तरफ जाते मुस्कुराते हुवे - साली जल मे पूरी तरफ फस ही गई अब मे जो कहुंगा करेगी पूरी दीवानी हो गई है मेरे प्यार मे

वही अंजली बिस्तर पे लेती अभी जो मजा हुआ जो एहसास मजा फिल किया उसी मे खोई थी
अंजली बुर पे हाथ रखते हुवे - उफ गीली हो गई है आह
अंजली नीचे से नंगी होके धीरे से बुर मे बीच वाली उगली अपनी सील पैक बुर मे अंदर घुसा के धीरे धीरे उंगली करते हुवे एक हाथ से अपने एक चुचे दबाते हुवे सिसकिया लेते - आह उफ अमर मेरी जानु तुमने मुझे उफ आह मा दीवाना बना दिया है उफ

अंजली की ये प्यास अमर का आना सब अंजली को एक दलदल मे ले जाने वाला था जिसका अंदाज़ा अंजली को नही था


सुबह 10 बजे

साहिल रेडी था जाने को सुनीता - मेरे बच्चे बाइक ध्यान से चला के जाना
साहिल सुनीता को गले लग - ठीक है मेरी प्यारी मामी
सुनीता मुस्कुराते हुवे साहिल के होठो के छोटा किस करते हुवे - हु

अंजली कुनाल को देख - मामू मुझे भी ऐसे ही किस करते है समझ गया
साहिल अंजली को देख - तो किया दीदी फ़िर लरना है किया मुझसे
कुनाल बीच मे हस्ते हुवे - बस बस जब देखो तब लरने लगते हो साहिल बेटा अच्छे से जाना तु गुरिया का लाडला है वो तेरे बिना एक दिन बहोत मुश्किल से रह पति है

साहिल मुस्कुराते हुवे - ये बात तो अपने सही कही मामू अच्छा मे चलता हु

साहिल घर के लिये निकल परता है

साहिल अपने गाव के पास वाले गाव से होते हुवे आ रहा था तो साहिल देखता है पेर के नीचे ठंडे वाली जगह पे एक लरकी साइकिल लेके खरी है और साहिल की तरफ ही देख रही थी

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साहिल समझते हुवे मामला किया हो सकता है लरकी के पास अपनी बाइक रोक लरकी को जब देखता है तो साहिल देखता ही रह जाता है लरकी बहोत खूबसूरत थी काले कजराले नासिलि आखे गोरा चेहरा गुलाबी होठ हवा से लहराते काले बाल साहिल तो मानो अलग ही दुनिया मे हो दिल धक धक करने लगता है अंदर एक अलग एहसास चाहत अलग फीलिंग को साहिल पहली बार फिल करता है

लरकी साहिल को घुर के देखते हुवे - किया आप मेरी मदद करेगे
साहिल आवाज सुन होस मे आते हुवे जल्दी से बाइक से उतर - जी जी कियु नही इसी लिये तो रुका हु अभी करता हु

साहिल बिना लरकी के फिर देखे साइकिल का फसा चैन निकाल सही करके खरा होके लरकी को एक नजर देख - हो गया मे चलता हु

साहिल फिर सीधा बाइक तेजी से दोरा देता है और लरकी बस हैरान देखती रह जाती है

साहिल एक हाथ दिल पे रख - ये कैसी फीलिंग एहसास है उस लरकी को देखते ही मेरा दिल इतनी तेज कियु धरक् रहा था कई लरकिया देखी लेकिन इस लरकी को देखते ही पता नही मे उफ यार जाने दो

अलग मे साहिल लरकी के मामले मे अब तक नही परा इस लिये दूसरी साहिल लरकी से बात करने मे अच्छा नही है लरकी से साहिल दूर ही रहता है केह सकते है सर्माता भी है


लरकी साहिल को जाते देख मन मे - अजीब है पहले तो मुझे घूर घूर के एकटक देखे जा रहा था उसके बाद पता नही कियु उफ जाने तो मुझे किया लेकिन वो लरका बहोत हैंडसम था उसका मासूम चेहरा उसे देख मेरा दिल

लरकी अपने सर झटकते हुवे - अरे राधिमा तु किया सोचने लगी चल घर चलते है

बता हु राधिमा का कोई नही है लेकिन जब राधिमा छोटी थी यानी 6 साल की तक एक परिवार ने राधिमा को गोद ले लिया बहोत खूबसूरत अच्छी थी इस लिये


राधिमा जब घर आती है अंदर जाती है तो एक औरत राधिमा को गुस्से से देखते हुवे - कियु इतना लेत हुआ हा बोल कहा थी अब तक

राधिमा औरत को देख डरते हुवे - मा वो साइकिल का चैन उतर गया था तो देर हो गई

औरत राधिमा के गाल मे चाटा मारते हुवे गुस्से से - झुठ बोलती है अरे मेरी फूटी किस्मत जो तुझे लेके आई लरका लेके आती तो अच्छा था तेरी कम से कम सहारा तो बनता मेरे पति कि सब गलती है पता नही तुझे देख लेके आ गये अब मुझे सेहना परता है सब

राधिमा आसु लिये गाल मे हाथ रख नजरे नीचे किये खरी थी

कुनाल के घर


अंजली रेडी होके मस्त एक घर के बाहर खरी थी और वो घर पक्के मकान था दो मंजिला

अंजली घर को देखते हुवे मन मे - किया अमर के पापा मम्मी मुझ जैसे गरीब लरकी से अमर की शादी करायेंगे

जब अंजली सोचने मे लगी थी तब किस्मत का खेल देखो कुनाल साइकिल से घर जा रहा था तो उसकी नजर अंजली पे पर जाती है अमर का घर रोड साइड गाव से थोरा हट के खेतो मे था

कुनाल साइकिल दूर रोक अंजली को देखते हुवे मन मे - ये अंजली अमर के घर के बाहर कियु खरी है

तभी कुनाल देखता है अंजली अंदर जा रही है ये देख कुनाल मन मे - अमर तो हमारे घर आता ही रहता है दोनों अच्छे दोस्त है जनता हु लेकिन कुछ फिर भी अंजली बिना बताये कभी कही नही जाती है


कुनाल को कुछ गर्बर् का एहसास होता है इस लिये कुनाल घर के बाहर साइकिल लगाके दरवाजे के पास जाके खोलता है तो दरवाजा खुल जाता है कुनाल होल मे था

अमर के पापा और कुनाल की दोस्ती थी इतनी भी अच्छी नही पर कुनाल कुछ बार आ चुका था और अमर के पापा को अच्छे से पता था उसका बेटा अमर अंजली दोस्त है

कुनाल चारों तरफ देखता ही कोई दिखाई नही देता कुनाल नीचे सारे कमरे चेक करता है कुछ खुले कुछ बंद थे लेकिन अंजली अमर नही दिखे

कुनाल उपर वाले कमरे मे जाता है चार कमरे मे कुनाल जब बीच वाले कमरे मे जाता है तो दरवाजा बंद था कुनाल पास वाली खिरकी के पास जाता है जो खुला था किस्मत से

तभी कुनाल को अंदर से आवाजे अमर अंजली की आने लगती है कुनाल हैरान शोक मे अंदर देखता है तो कुनाल की आखे फैल जाती है पूरा शोक मे हिल जाता है

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अंजली के ऊपर अमर लेता किस होठो पे गर्दन पे किये जा रहा था और अंजली तरप् मचल के जोर जोर से सिसकिया लिये जा रही थी
अमर किस करते हुवे - जान मेरी बीवी बनके रहोगी या मेरी रंडि
अंजली गर्म होके मदहोस मे - आह मेरे बाबू तुम जैसे रखोगे मे रहूगी

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अमर गर्दन के किस करते हुवे - मे तुझे रंडि की तरह चोदुगा तेरी बुर से कई बच्चे निकालूँगा बोलो मेरी रंडि बनोगी
अंजलि प्यार मे अंधी होके जिस्म की आग मे पागल होके सिसकिया लेते हुवे - उफ बाबू हा मे तेरी रंडि हु जितना चोदना है मुझे चोद के बच्चो की मा बना दो आह अमर मेरी जान उफ मे तरप् रही हु


अमर अंजली को देख - बहोत आग ही तेरे अंदर
अंजली नासिलि आखो से देख - बहोत है तूने ही जगाया है
अमर मुस्कुराते हुवे - पहले अपने मस्त चुचे दिखाओ फिर लंड चुसना है मेरी रंडि

अंजली बैठ के अमर को देखते हुवे पागल जोस मे - हा मे तेरी रंडि लुगी अपना लंड मुह मे उफ
अमर मुस्कुराते हुवे मन मे - साली देखो तो कितनी गर्म हो गई है आज तभी सिल तोर ही दूँगा

अमर मुस्कुराते हुवे - तो दिखाओ ना अपने चुचे rha नही जाता
अंजली सर्म जोर मदहोस होके अपने टिसर्ट उपर उठा देती है और बस अंजली के बरे बरे गोरे काले निपल वाले चुचे नंगे अमर के समाने थे जिसे दो लोग अमर कुनाल देख पागल हो जाते है

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कुनाल खिरकी से अंजली अपनी भांजी के बरे गोरे काले निपल वाले इतनी टाइट मस्त चुचे देख पागल होके - उफ कितने मस्त चुचे है मेरी भांजी के बिकनी पहन के नही आई ही इस लिये टिसर्ट उठाते ही दोनों चुचे नंगे बाहर आ गये एक मिनट कई बार मेने अंजलि को जब बाहों मे लेता था तू फिल होता था मुझे अंदर बिकनी नही है जब भी अंजली आती है रोज मे इसी मस्त चुचे को सीने पे फिल करता था अब देख रहा हु ये खजाना मन गये भांजी तु तो मस्त है


तभी कुनाल मन मे - मे ये किया सोच रहा हु ये गलत है
दूसरा मन - गलत नही है कुनाल तेरी भांजी जवान है उसके अंदर बहोत आग ही देख कैसे अपनी आग बुझाने अपनी सिल तोरवाने आई है तू तो अच्छे से अपनी भांजी के चुचे बुर की गर्मी कई बार फिल करके तेरे मन में भी कई बार गंदे विचार आये थे देख अब मोक्का है ये मोक्का तेरे किस्मत मे दिया है जाने मत दे फायेदा उठा इस कमीने को रोक और तु सिल तोर अपनी भांजी की बुर का

पहला मन - नही कुनाल ऐसा मत कर ये तेरी गुरिया की बेटी है जिसे तूने अपनी बेटी की तरह पाला प्यार दिया है उसके बरे मे गलत मच सोच बस जाके बचा रोक इतना ही

कुनाल अपना सर पकर अदिति के मस्त चुचे को देख मन मे - हा कई बार जब मे अंजली को बाहों मे लेता हु बिस्तर पे उसके उपर होता हु तो उसकी टाइट गर्म बुर की गर्मी सीने पे ये बरे चुचे फिल करके कई बार मे पागल होके सोचे बगैर नही रह पता था लेकिन अब जब मे अपनी भांजी का ये रूप गंदी बातें उसके नंगे चुचे देख रहा हु तो अब रुलना मुश्किल है मुझे मोक्का मिला है जो किस्मत ने मुझे दिया है ऐसे ही जाने नही दुगा हा मे ही सिल तोऊगा अपनी भांजी की

कुनाल मन बना चुका था असल में कुनाल के अंदर तो पहले से ही अंजली की जवानी देख गलत विचार आते रहते थे जाहिर है इतना चिपक के लेतेगे बातें करेगे तो होगा ही लेकिन भांजी है सोच मन झटका देता लेकिन अब मोक्का था और कोई भी इंसान को जाने नही देता

कुनाल जल्दी से जाके दरवाजा कटखटाटा है अंदर अमर अंजली हैरान शोक डर जाते है

अंजली जल्दी से टिसर्ट पहन अमर को देख डरते हुवे - तुमने तो कहा था कोई नही है अंकल ऑन्टी साम को आयेगे

अमर डरते हुवे - सही कहा था एक काम करो बेड के पीछे छुप जाओ मे देखता हु

अंजलि बेड के पीछे छुपते हुवे - ठीक है
अंजली मन मे डरते हुवे - कहा फस गई प्लेस पकरी ना जाऊ

अमर दरवाजा जाके खोलता है सामने कुनाल को देख अमर की फट जाती है अमर कपते हुवे - चाचा आप

अंजली जैसे ही देखती है अंदर आने वाला उसका मामा ही तो डर के कापने लगती है

कुनाल अमर के गले को पकर गुस्से से - तेरी ये हिम्मत तु मेरी भांजी के साथ गलत करे

अंजली समझ जाती है उसके मामू ने सब देख लिया है लेकिन देखती है कुनाल अमर के गले को पकरी h तो जल्दी से बीच मे आके डरते हुवे - मामू प्लेस अमर को मत मारो इसमें मे अमर से प्यार करती हु

अमर की हालत खराब हो रही थी कुनाल अमर के गले को छोर अंजली को देखता है अंजली डरते नजरे नीचे कर लेती है


कुनाल अंजली को देख - मेरी बेटी जैसी है मेरी गुरिया की बेटी मेरी गुरिया जैसी लेकिन खैर मे तेरी बात सुनिगा फिर देखेंगे चलो मेरे साथ


कुनाल रास्ते मे अंजली से - मामी को पता ना चले तु मेरी बेटी जैसी है बहोत प्यार से पाला बरा किया है इस लिये रात आराम से बात करेगे
अगर तेरा प्यार सच्चा है अमर भी तुझसे बहोत प्यार करता है तो मे सोचुगा

कुनाल कि बात सुन अंजली हैरान के साथ खुश होके - सच मामू
कुनाल मुस्कुराते हुवे - हा

🙏🙏

pic gif बिना update देना मुझे खुद अच्छा नही लगता लेकिन तभी मे लागता हु जब असली कहानी चल रही होती है तो समझ गये होगे जैसे अब लगेगी हर वो सीन पे जहा pic gif लगाना चाहिये

मिलते है 🙏🙏🙏🙏🙏
Till now.....supub update
 
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ajay bhai

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chapter 12

दीपक राधीमा कमरे मे थे राधीमा कपड़े निकाल रही थी दीपक भी बेताब होके अपने कपड़े निकाल रहा था

राधीमा की बॉडी काप् रही थी आखो से आशु निकल रहे थे ये देख दीपक राधीमा से - फिर वही मे जब तेरे पास रहु साहिल को भूल जाना ना रहू तो तुम रो या कुछ भी करो कसम खाई है साहिल की
राधीमा दीपक की बात सुन आसु साफ करते हुवे - जी

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राधीमा पूरी नंगी होके खरी थी दीपक भी नँगा था राधीमा की खूबसूरत नंगी बॉडी देख दीपक पागल होने लगता
दीपक - उफ राधीमा मेरी जान किया मस्त बॉडी है तेरे चुचे बुर कमर आह उपर से नीचे तक मस्त हो तुम

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दीपक राधीमा के पास जाके दोनों चुचे दबाने लगता है और एक चुचे मुह मे लेके चूसने लगता है राधीमा सिसकिया लेने लगती है और दीपक मजे से चूसने लगता है पागल होके राधीमा ने कसम खाई थी तो मजबूर थी दीपक का साथ देने के लिये

दीपक चुचे दबाने चूसने के बाद राधीमा से - मेरी जान अपनी बुर का रस पिला दो

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राधीमा बिस्तर पे लेत तांगे उठा के दीपक को देख - आईये पी लीजिये
दीपक मुस्कुराते हुवे नीचे झुक बुर चाटने चूसने लगता है राधीमा आह उफ सिसकिया लेने लगती है मचलने लगती है दीपक मन मे - उफ कितनी गर्म बुर है रस का स्वाद भी मस्त है

दीपक फिर राधीमा के टाँगो के बीच आके अपना लंड बुर के रख राधीमा को देख मुस्कुराते हुवे - आज कली से फुल बना दूंगा
दीपक एक धक्का मरता है राधीमा दर्द मे चीख परती है दीपक दूसरा मारके पुरा घुसा देता है सिल टूट जाती है खुन निकल आता है राधीमा दर्द मे रोने लगती है तरपने लगती है

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दीपक जोस पगल मे रुकता नही चुदाई करते रहता है राधीमा दर्द मे - आह बहोत हो रहा है
दीपक चुदाई करते हुवे राधीमा को देख - आह राधीमा तेरी सील तोरके मजा आ गया उफ कितनी गर्म बुर है तेरी कसम से किस्मत खुल गई मेरी तेरी सील तोर पाया
माधुरी की बॉडी दर्द मजे ले रही थी लेकिन आत्मा रो रहा था

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दीपक घोरी बनाके चुदाई करते हुवे - उफ राधीमा मजा आ रहा है
राधीमा - आह उफ बहोत मजा आ रहा है दर्द भी आह मा
दीपक तेज धक्के मरते हुवे - दर्द मे ही मजा है मेरी जान
फट फट फच् फच् की आवाजे गुज रही थी कमरे मे

रात दीपक 2 बार राधीमा की चुदाई करता था साथ मे ही सोता है सुबह चला जाता है दीपक के जाते ही राधीमा फुट फुट के रोने लगती है अपनी किस्मत को कोसने लगती है


2 दिन तक राधीमा साहिल से मिलने नही आती फोन पे ही बातें होती रहती है वक़्त के साथ दीपक राधीमा की मदद से साहिल का दोस्त बन जाता है जबकि साहिल भोला था पीछे किया हो रहा है दीपक कैसा इंसान है साहिल देख नही पाया

साहिल के सचाई पता लगने के 2 महीने पहले


साहिल के मन मे एक दिन पिकनिक पे जाने का मन करता है राधीमा के साथ ये बात साहिल राधीमा दीपक को बताता है जबकि दीपक अच्छा दोस्त साहिल का मन गया था

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अगले दिन दीपक की गारी से साहिल राधीमा दीपक 2 घंटे का सफर करके एक खूबसूरत जंगलो से भरी पहरो झरनो वाली जगह आते है चारों तरह हरे भरे जंगल झरने भी थे लोग हमेसा आते रहते थे कियुंकी ये जगह बहोत खूबसूरत थी लेकिन खतरनाक भी इस लिये जयदा अंदर ना वाले वाला साइन बोर्ड भी लगाया गया था

साहिल सभी झरने के पास आते है खूबसूरत नजारा होता है

साहिल - यार नहाने का दिल कर रहा है
दीपक राधीमा को देखते हुवे - सोचना किया है चलते है नहाते है
राधीमा कुछ बोलती नही खरी रहती है

साहिल राधीमा को देख - जान किया कहती हो चले नहाने
राधीमा - जैसा आप कहे साहिल
साहिल - चलो फिर नहाते है

साहिल दीपक चड्डी पे आके पानी मे चले जाते है राधीमा भी बिकनी पैंटी मे पानी मे आके नहाने लगती है

साहिल राधीमा को बाहों मे लिये दीपक को देख - यार दीपक अब समय आ गया है मे अपने पापा मा को बताऊ राधीमा के बारे मे

राधीमा ये सुन खुश होती है लेकिन दीपक अंदर से गुस्से मे आग बबूला हो जाता है

दीपक मुस्कुराते हुवे - ये तो अच्छी बात है मे तेरे साथ हु अंकल ऑन्टी को मे मना लूंगा तेरी शादी राधीमा से ही होगी

साहिल - थैंक्स यार

दीपक - थैंक्स मत बोल दोस्त हु तेरा राधीमा भी मेरी दोस्त है

दीपक साहिल ले पास आके - यार एक खेल खेलते है पकरम पकराइ
साहिल हस्ते हुवे - चल ठीक है खेलते है

दीपक हस्ते हुवे - तुम दोनों भागो मे पकरूँगा
साहिल - ठीक है फिर

राधीमा समझ जाती है दीपक कुछ करेगा लेकिन मजबूर थी बेचारी

साहिल तेरते हुवे भागने लगता है लेकिन दीपक तो राधीमा को पकरना चाहता था दीपक राधीमा को पीछे से पकर धीरे से - पैंटी निकाल दो
राधीमा अपनी पैंटी निकाल देती है दीपक राधीमा के चुचे भी बिकनी से निकाल देता है
राधीमा साहिल को देखते हुवे - प्लेस साहिल को पता ना चले
दीपक राधीमा की बुर मे लंड घुसते हुवे साहिल को देख हस्ते हुवे नही पता चलेगा

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दीपक एक तांगे उठा के चुदाई करने लगता है राधीमा दर्द मे - आह धीरे दर्द हो रहा है उफ मा मर गई
माधुरी साहिल को देखते हुवे अंदर हि अंदर रोते हुवे - माफ करना साहिल मे मजबूर हु
साहिल पीछे देख - अरे राधीमा तुम पकरी गई
राधीमा के गले तक पानी था इस किये पानी मे क्या हो रहा है साहिल देख नही पा रहा था
दीपक चुदाई करते हुवे साहिल को देख - हा यार राधीमा पकरी गई अब तेरी बरी है
साहिल मुस्कुराते हुवे - पकर के दिखा फिर अच्छा सुसु आ गई मे आता हु
दीपक मुस्कुराते हुवे - ठीक है जा

साहिल जंगल के अंदर एक जगह सुरु करने लगता है तभी साहिल के पास एक बहोत खूबसूरत लाल रंग छोटे दो सिंग अलग ही खरगोस दिखाई देता है

साहिल - ये कितना सुंदर खरगोस है लाल कलर का मेने पहले नही देखा इसकी बनावट यार ऐसा खरगोस् भी होता है नही यार

खरगोस् साहिल को देख भागने लगता है साहिल खरगोस् के पीछे भागते हुवे - रुक कहा जा रहा है तू मुझे रेयर खरगोस् मालूम परता है आज तुझे मे पकर के ही रहुंगा

वही झरने मे दीपक तेज चुदाई करते हुवे - आह मजा आ रहा है मेरी जान
राधीमा - आह बहोत मजा आ रहा है मे झरने वाली हु और तेज करो
दीपक मुस्कुराते हुवे - ये लो आह
दीपक राधीमा के अंदर झर जाता है

राधीमा पैंटी पहन चुचे बिकनी के अंदर कर लेती है

राधीमा दीपक को देख - मे पेग्नेंट हु
दीपक - तो क्या
राधीमा - मुझे बच्चे गिराना है
दीपक मुस्कुराते हुवे - गिरा दो मुझे क्या

राधीमा अंदर ही अंदर रोने लगती है

वही साहिल खरगोस् ले पीछे भागते भागते एक गुफा मे आ जाता है

साहिल आस पास देखते हुवे - ये साला किधर चला गया मिल जाता तो अच्छे पैसे मिलते और ये गुफा कैसी है

साहिल अंदर तक जाता है आस पास देखते हुवे साहिल जब एक जगह जाता है तो सामने एक अजीब मूर्ति थी जिसके उपर एक वाइट रोसानी तेज चमक रही थी

साहिल - ये तेज रोसानी कैसी है
साहिल पास जाके उस रोसनी को जैसे ही छूता है रोसनी सहिल के अंदर समा जाती है और साहिल वही बेहोस हो जाता है

वही झरने के पास साहिल नही आता तो राधीमा दीपक से - साहिल कियु नही आया अभी तक

दीपक राधीमा को बाहों मे लेके - वो हल्का होने गया होगा चलो ना एक बार फिर करते है

राधीमा ना चाहते हुवे ठीक है

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दीपक फिर चुदाई करने लगता है माधुरी दर्द मजे मे ना चाहते मजा लेने लगती है दीपक चुदाई करते हुवे - उफ किया मस्त बुर है तेरी
माधुरी दर्द मे - आह और जोर से आह बहोत मजा आ रहा है उफ
दीपक मुस्कुराते हुवे - हा मेरी रण्डी ये ले आह और ले उफ

20 मिनट बाद

साहिल को होस आता है और खरा होके अपना सर पकरे - aah मेरा सर बहोत दर्द कर रहा है मे बेहोस कैसे हो गया

साहिल पीछे देखता है ना रोसनी थी ना मूर्ति

सहिल टाइम देख - अरे यार जाना होगा सब परेसान हो रहे होगे
साहिल तेजी से डोरते हुवे जब राधीमा दीपक के साथ आता है तो देखता है दोनों बैठे बातें कर रहे है

राधीमा परेसान होके सहिल के गले लग - आप कहा चले गये थे
साहिल राधीमा को गले लगाते हुवे - चिंता मत करो मे बस थोरा अंदर घुमने चला गया था

दीपक राधीमा को गले लगते देख दीपक गुस्से से पागल हो जाता है


साहिल फिर सभी साम घर आ जाते है अंधेरा होने से पहले

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अगले दिन दीपक राधीमा को थोरा जंगल सांत जगह गारी मे लेके आता है और गारी मे राधीमा को घोरी बना के चुदने लगता है
दीपक - उफ जान गारी मे चुदवा के मजा आ रहा है ना
राधीमा - उफ बहोत मजा आ रहा है आह मे झरने वाली हु आह
राधीमा झर जाती है और दीपक भी

राधीमा दीपक गारी से बाहर आके खरे हो जाते है

दीपक राधीमा को देख - तेरे पेट मे मेरा बच्चा है राधिका भूल जाओ साहिल को मुझसे शादी करलो जैसे हम रहते आये है तुझे भी तो बहोत मजा आता है कैसे मेरा लंड लेके झरति हो

राधीमा का गुस्सा हाई हो जाता है

राधीमा दीपक को देख गुस्से से - भूल है लेरी कसम की वजह से मे तेरा साथ देती थी मेरी कियुंकी साहिल मेरा सब कुछ है तेरे छूने से मुझे घिन आती है कमीने तुझसे शादी थु मेरी मजबूरी का फायेदा उठा के मेरा रेप करता आ रहा है तुझे लगा मे तेरे प्यार मे गिर गई ना दीपक तुझ जैसे कमीने से कोई प्यार नही कर सकती कोई लरकी नही


अब दीपक का गुस्सा हाई हो जाता है

दीपक गुस्से मे - अच्छा ये बात है आज मे तेरी हालत खराब कर दूंगा कमीनी
दीपक अपने दोस्त को फोन लगाते हुवे - हा सुन सभी दोस्त को लेके मेरे बंगलो पे आ एक मस्त माल मिली है सब मिलके खूब पहले

दोस्त खुश होके - अभी आता हु यार ऐसे मोक्के कोन जाने देगा

राधीमा जब सुनती है तो उसकी रूह काप् जाती है राधीमा डरते हुवे तेजी से भागने लगती है ये देख दीपक गुस्से मे चिल्लाते हुवे - रुक जाओ नही तो अच्छा नही होगा राधीमा

दीपक बहोत गुस्से वाला लरका था गुस्से मे कुछ भी कर देता था राधीमा जब नही रुकती तो दीपक गन निकाल राधीमा पे निसाना लगाते हुवे - बहोत हो गया तेरी लास के साथ भी मजे करेगे मेरे दोस्त

दीपक गोली चलाने वाला था लेकिन रुक जाता है और जल्दी से गारी मे बैठ तेजी से गारी ले जाके पीछे से राधीमा को ठोक देता है राधीमा उड़ते हुवे दूर जाते गिरती है

दीपक गुस्से से गारी से निकल राधीमा के पास जाके देखता है तो राधीमा के सर पैर से खुन निकल रहा था राधीमा दर्द मे टरप् रही थी
दीपक राधीमा को देख गुस्से से - कहा था कहा था मुझे गुस्सा मत दिलाना

दीपक जल्दी से गारी मे जाके बैठ भाग जाता है और राधीमा खुन से लातपट अपना फोन निकाल साहिल को फोन कर देती है लेकिन कुछ शब्द मुश्किल से बोल पाती है

साहिल जब वहा आता है तो राधीमा की आखरी सासे चल रही थी
साहिल जब राधीमा को लेके जाने लगता है तब राधिका अपना दम तोर देती है


राधीमा के जाने के बाद साहिल टूट जाता है लेकिन साहिल को ये एक्सीडेंट लगा था जबकि दीपक ने मारा था पुलिस ने छन् बिन की लेकिन दीपक का बाप पैसे देखे एक्सीडेंट के केस बनवा देता है


जब साहिल सुमिता को लेके कुनाल के घर दो महीने बाद तब साहिल के अंदर रेह रहा वो रोसनी साहिल से बात करता है अपने बारे मे बताना है किया हो रहा है सुमिता अंजलि उसके पीछे सारे घटना दिखता है उसके आगे आप सब को पता ही है


पास्ट् खतम


साहिल वाला पास्ट् सुरु होता है अभी से

सुबह होने वाली होती है लेकिन साहिल जब से पास्ट् मे आया है नींद उरी थी साहिल रात भर सोचता रहा उसकी मा दीदी राधीमा के साथ किया कैसे हुआ और बदला कैसे लेना है


साहिल उठ के बैठ मन मे - गलती मेरी भी थी मे मा दीदी के साथ समय वक़्त नही गुजारता था मे किसी के दर्द उसकी परवाह जयदा नही कर पाया सायद मे और करीब मा दीदी के रहता तो

साहिल मुठी कसते हुवे - साहिल रोना नही है अब रुलाया है तुझे उन सब को और खुद को बदलना है भोला नही शैतान बनके रहना है उन सब कमीनो के लिये

साहिल फोन पे तारीख देख - इसकी मा का कल दीदी को लेके मुझे मामा के यहा जाना है जहा दीदी के साथ अमर फिर मेरा कमीना मामा

साहिल मुस्कुराते हुवे - खेल सुरु मे साहिल किस्मत की लकीर को बदल के रख दूंगा

हा दोस्तों सहिल उस दिन पास्ट् मे आया है जब अंजलि को साहिल अपने मामा के घर छोरने जाता है और फिर क्या हुआ था आप सब को पता ही होगा

यानी अंजलि अमर प्यार मे है अंजलि मे अपनी बिकनी वाली फोटो दिखा दी है बाकी असली कांड अंजलि के मामा के यहा जाने के बाद सुरु होती है जोकि अब साहिल पास्ट् मे आया था सब जनता था तो होने देने वाला नही था

सुबह होती है सुमिता उठती है अंजलि राघव सब उठते है किसी को पता नही था आगे किया हुआ था लेकिन साहिल को पता था

सुमिता कमरे मे रेडी हो रही थी अंजलि नहा रही थी राघव खेत गया था तब साहिल सुमिता के कमरे मे आता है सुमिता बाल सवार रही थी
साहिल सुमिता को देख इमोसनल हो गया था
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सुमिता पीछे मूर साहिल को देख - बेटा तुम मेरे कमरे मे कैसे
तभी साहिल तेजी से जाके सुमिता को बाहों मे भर देता है सुमिता हैरान होती है फिर मुस्कुराते हुवे साहिल को बाहों मे कसते हुवे - किया बात है आज मेरा लाल अपनी मा को बाहों मे भर रहा है पहले तो ऐसा कभी नही करता था
साहिल के आखो मे आसु थे साहिल अपने आसु साफ करते हुवे - बेवकूफ था जो इतनी खूबसूरत मा के साथ वक़्त नही गुजरता था


सुमिता साहिल के चहरे को पकर हैरान होके - तेरे सर पे चोट तो नही नही है
साहिल हस्ते हुवे - कियु पूछ रही है
सुमिता साहिल को देख - कियुंकी आज तूने मुझे हग किया तारीफ भी कर रहा है पहले तो ऐसा नही करता था

साहिल मुस्कुराते हुवे - अब करुगा ना आपके साथ रहुंगा खूब बातें मस्ती करुगा
सुमिता मुह बना के - चल चल सिर्फ बातें करता है अपनी मा के साथ कभी अच्छे से बात समय बिताया है अपने मे लगा रहता है

साहिल सुमिता के गाल पे किस करते हुवे - वादा अब से आपके पास रहुंगा बस दीदी को छोर के आ जाऊ

सुमिता और हैरान गाल पे हाथ रखते हुवे - ओये गाल पे किस कियु किया
साहिल हस्ते हुवे - कियुंकी आपके गाल बहोत मस्त नर्म है और आप मेरी मा है
सुमिता साहिल को देखते हुवे - नही पक्का तुझे सर पे चोट लगी है

तभी अंजलि अंदर आते हुवे - किसे चोट लगी है
साहिल अंजलि को देख के भी इमोसनल हो जाता है
साहिल अंजलि को देख - किसी को नही मेरी प्यारी खूबसूरत दीदी
अब अंजलि हैरान होके साहिल को देखने लगती है

सुमिता अंजलि को देख - देखा सुना ना आज ये लरका अजीब बातें कर रहा है इस लिये बोला मेने

अंजलि साहिल के पास जाके सर को पकर - मेरे भाई ने मेरी तारीफ की दिखा कही सर पे लगी तो नही है

साहिल - हद है मा दीदी मे ठीक हु

तभी राघव अंदर आते हुआ - किया हो रहा है
साहिल राघव को देखते ही गुस्से से लाल होने लगता है लेकिन खुद को सन्त करते हुवे मन मे - कमीने तेरी बरी भी आयेगी

साहिल - कुछ नही दीदी रेडी हो गई है तो मे भी रेडी हो जाता हु खाके निकलेगे

साहिल चला जाता है सुमिता अंजलि हैरान रह जाते है

राघव - ये साहिल बदला कियु लग रहा है
सुमिता अंजलि कुछ नही बोलते

10 बजे

अंजलि रेडी थी साहिल सुमिता को बाहों मे लिये प्यार से - मा जाने का दिल नही कर रहा आपको छोर के

सुमिता - इतना बदल कब से गया तू इतनी परवाह मेरी हाय पहले तो कभी नही की

साहिल सुमिता को देख - कियुंकी अब जाके देखा अच्छे से मेरी मा कितनी खूबसूरत है
सुमिता सर्म से - बेसरम
अंजलि दोनों को देख - मा सच मे ये लरके का इतना प्यार मुझे हजम नही हो रहा

साहिल अंजलि को देख - आपको कोन प्यार कर रहा है मे अपनी मा को कर रहा हु
अंजलि मुह बना के - तेरा प्यार किसे चाहिये दे अपनी मा को

सुमिता हस्ते हुवे साहिल को देख - बेटा मे नही जानती तू एकदम से कैसे बदल गया लेकिन मे खुश हु बहोत

साहिल मुस्कुराते हुवे - तो एक किस दो
सुमिता मुस्कुराते हुवे साहिल के गाल पे किस करते हुवे - अब खुश

साहिल - हा

अंजलि - अब चले
साहिल - ठीक है दीदी कितना बेचैन है आप

साहिल सुमिता को प्यार से देखता फिर अंजलि को लेके अपने मा के घर निकल परता है पीछे सुमिता खरी मनमे - मेरा साहिल बदल गया है पता नही कैसे लेकिन मुझे बहोत खुशी है मे यही चाहती थी साहिल मेरा लाल मेरे पास रहे मेरे साथ टाइम बिताए बातें करे


वही साहिल अंजलि को ले जाते हुवे मन मे - आ रहा हु मामा मामी पप्पू अरुण सजा के लिये तैयार रहना इस बार कहानी बदलने वाली है


आधे रास्ते पे पहुँच साहिल एक सन्त पेर के नीचे बाइक रोक देता है दूर दूर तक खेत था कोई नही था अंजलि बाइक से उतर साहिल को देख - यहा बाइक कियु रोकी

साहिल अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - आपसे बातें करनी है आइये बैठिये

साहिल एक जगह बैठ जाता है अंजलि हैरान कंफ्यूज साहिल के पास बैठ जाती है

अंजलि - बोलो क्या बातें करनी है
साहिल मुस्कुराते हुवे - आप किससे बातें करती है दीदी
अंजलि पूरी शोक मे हिल जाती है

अंजलि डरते हुवे - तुम ये क्या बक रहे हो

साहिल गुस्से से मुस्कुराते हुवे - सब जनता हु अमर से बातें करती है अपनी बॉडी दिखती है उसके लिए ही जा रही है ना आप

अंजलि की आखे फैल जाती है
अंजलि कपते हुवे - तुझे कैसे पता चला
साहिल मुस्कुराते हुवे - बस चल गया मा पापा को बता दु
अंजलि डरते हुवे - भाई प्लेस मा पापा को मत बताना मे अमर से प्यार करती हु उससे शादी करना चाहती हु

साहिल मुस्कुराते हुवे - मे चाहुंगा तो होगा नही तो नही सीधे बात बोलता हु ध्यान से सुनिये अमर से शादी करनी है तो पहले मुझे खुश करना होगा

अंजलि हैरान होके - मतलब क्या है तेरा
साहिल अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - बुर देनी होगी मुझे
एक जोरदार चाटा साहिल के गाल पे परता है

साहिल फिर भी मुस्कुराते हुवे जोर जोर से हसने लगता है पागलो की तरफ हस्ते हुवे - जितना मारना है मारो मुझे दीदी लेकिन

साहिल अंजलि के पास जाके अंजलि की आखो मे देख - अमर से शादी करनी है तो ये कीमत देनी होगी नही तो

अंजलि गुस्से से साहिल के कोलर पकर - कितना कमीना निकला तू भोला दिखता था लेकिन तू थु तेरे पे तेरा जैसा भाई नही चाहिये मुझे

साहिल अंजलि को देख हस्ते हुवे - चलो एक सर्ट लगाते है मे आपको कुछ बातें बताने वाला हु वैसा हुआ तो आप मेरी बनके रहेगी

अंजलि गुस्से से - और वो क्या है
साहिल हस्ते हुवे अंजलि के कान मे कुछ केहता है जैसे जैसे साहिल बताते जाता है अंजलि पूरी शोक मे हिल जाती है और शोक मे साहिल को देखती है

साहिल मुस्कुराते हुवे - तो सर्ट नही कसम खानी होगी ऐसा हुआ तो आप मेरी बनके रहेगी मंजूर

अंजलि कपते हुवे - नही ये सच नही हो सकता
साहिल मुस्कुराते हुवे - होगा चले देखते है खुद पता चल जायेगा

साहिल अंजलि को लेके आता है अंजलि अभी भी पुरा शोक मे थी सुनीता कुनाल को देख साहिल गुस्से से मन मे - घर तभी जाउंगा जब तुम सब को सजा दे दूंगा

अगले दिन साहिल जब अंजलि को छोर जाता है और अंगली अमर से मिलने गई वो सीन हुआ वही सीन फिर बनने वाला था सब वैसा ही होता है अंजलि अंदर जाती है कुनाल अंदर जाता है अंदर अंजलि बातें कर रहे थे अमर अंजलि को चुचे दिखाने के के लिये कहने लगता है

अजलि मुस्कुराते हुवे - दिखा दूंगी सब कुछ करेगे भी लेकिन आज नही कल
अमर हैरान होके - लेकिन कियु
अंजलि मुस्कुराते हुवे - प्लेस मेरे राजा मान जाओ
अमर - अच्छा ठीक है
अंजलि कमरे से बहार आने लगती है तो कुनाल जल्दी से भाग जाता है


रात कुनाल अंजलि के कमरे मे आके वही फायेदा उठाने और बातो मे फसाने लगता है
कुनाल या अंजलि से - अंजलि बेटा मेने सब देखा है देखो मे तेरी शादी करवा दूंगा अमर से लेकिन मुझे खुश करोगी तो
अंजलि - लेकिन मामा ये गलत है मे आपकी बहन की बेटी भांजी हु
कुनाल अंजलि को बिस्तर पे लेटाते हुवे - तो क्या हुआ करने दे शादी करवा दूंगा मे आह मेरी भतीजी

तभी साहिल अंदर आता है और अंजलि को देख मुस्कुराते हुवे - मे जीत गया देखा जैसा मेने बोला हुआ ना
अंजलि पूरी हिली परी थी यकीन नही कर पा रही थी साहिल ने जो बोला वही हुआ था

कुनाल साहिल को देख हैरान होके - भतीजे तू तो चला गया था ना
साहिल कुनाल के पास आके एक चाटा देते हुए - नही कमीने मे आया हु और जाउंगा तेरी मामी की गांड मारके

कुनाल गुस्से से साहिल को मरने जाता है तो साहिल एक चाटा फिर दे देता है और कुनाल को पकर हाथ पैर बांध के मुह मे कपड़े ठूस देता है
सहिल मन मे - तेरे अंदर ये ताकत कैसी है कही ये ताकत
साहिल मुस्कुराते हुवे मन मे - थैंक्स दोस्त
तभी संगीता आ जाती है कुनाल को बाधा देख हैरान होके - किया हो रहा है ये सब यहा

साहिल सुनीता को देख मुस्कुराते हुवे - आइये आइये मेरी प्यारी मामी आपको ही याद कर रहा था

साहिल एक चाकू निकाल कुनाल के गले पे रख सुनीता को देख - चलिये जल्दी से नँगा हो जाइये
सुनीता शोक मे - साहिल ये तुम क्या कर रहे हो पता भी है
साहिल कुनाल के गले पे एक कट लगते हुवे - अच्छे से पता है जल्दी कपड़े निकालो नही तो

सुनीता डरते हुवे - ठीक है ठीक है अपने मामा को कुछ मत करो तुम ये कियु कर रहे हो
साहिल मुस्कुराते हुवे - आपको जानने की जरूरत नही है

अंजलि सब देख रही थी सच जान पूरी हिली थी हजम करने मे लगी थी समझने की कोसिस कर रही थी आखिर कैसे उसके भाई को पता था किया होने वाला है

पहला शिकार और सजा साहिल अपने मामा मामी को देने वाला था


सेम वही घटना रिपित हुई लेकिन चीजे बदली साहिल ने किस्मत को अपने मुताबिक बदल दिया था और अमर कुनाल की सचाई दिखाई
 
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