Update 21:
ऐसे ही एक सप्ताह तक बाप बेटी की काम पूर्ति होती रही । पापा बिना चोदे ही अपनी बेटी का मजा लेते रहते थे । दादी को भी इंतजार था, कि कब उनके बेटा का अगला मिलन हो पाएगा । लगभग 9 दिनों बाद प्राची की योनि एक दम सही हो गई । वो थोड़ा खुश भी थी और थोड़ा डरी भी हुई थी । खुश इसलिए कि पापा को, अब वो, बिना ना नुकर किए हुए, प्यार दे पाएगी, और डरी हुई इसलिए कि योनि में फिर से पापा अपनी जगह बनाने वाले थे अपने लन्ड से। ऊपर से पापा की वो बात भी उसे याद थी, कि पापा गांड़ भी मारेगे, क्योंकि पापा ने पहले ही कह दिया था ।
उस दिन सबेरे ही दादी ने प्राची से पूछा : बेटी , वहां का दर्द कैसा है ?
प्राची : दादी अब पूरा छूट गया है। कोई भी दर्द नहीं हो रहा है ।
दादी : वाह, मै इसी दिन का इंतजार कर रही थी बेटी , की कब तेरा दर्द खत्म हो और तू फिर से पापा के साथ सहवास कर पाए । बेचारे मेरे बेटे को मैने पत्नी होते हुए भी तड़पा दिया । तू अभी छोटी है, इसलिए मैने उसे रोक दिया। और वो तुझ से प्यार भी बहुत करता है ,इसलिए उसने संयम रखा ,शायद उसके अंदर का बाप भी जाग गया होगा, और बेटी को तकलीफ में नहीं देख सकता है वो।
प्राची दादी की बाते ध्यान से सुन रही थी ।
दादी : और मेरी लाडो , तैयार है न आज रात के लिए ,पहला दिन तो तेरे पापा ने ही तेरे मजे ले लिए , अब तू वो पुरुष का मजा लेना सिख ले । कोई स्त्री अपने जोश में आ जाए तो अच्छे अच्छे मर्दों का पानी निकाल दे और उसकी हवा टाइट कर दे सेक्स के टाइम । तू तो अभी कच्ची है इस खेल में मगर जिस दिन तू पापा के लिंग को उनके ऊपर बैठ के लेने में कामयाब हो जाएगी उस दिन समझ की सेक्स के दौरान तूने पापा को कंट्रोल कर लिया। अगर किसी मर्द के लिंग पे बैठ जाओ और तुम अपने हिसाब से चूदबाओ, उस दिन समझ जाना कि तुम सेक्स का असली मजा लेना सीख गई हो।
प्राची दादी की बात पे बस हामी भर रही थी: जी दादी ।
More updates will be coming soon...ye thora chota update rh gya.