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Incest तू लौट के आजा मेरे लाल

sunoanuj

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chapter 104

आज की सुबह अभय का अपनी मासी के घर होता है सुबह होते ही सभी औरते उठ के नहाने धोने मे लग जाते है

सुसमा की भी नींद खुलती है तो देखती है वो अभय से चिपकी है अभय उसे बाहों मे लिये आराम से हो रहा है अभय का एक पैर उसके मोटे जांघो पे है सुसमा अभय को प्यार से देखते हुवे मन मे - किस्मत भी अजीब खेल खेलती है जिस लरके से बस मे मिली बाते कर रही थी जिसके लिये मेरे दिल मे फीलिंग जागी तो मेरी छोटी का बेटा मेरा भांजा होगा सोच नही था

सुसमा अभय के होठो पे किस करते हुवे - अजीब उलझन मे फस गई हु

सुसमा भी उठ कर कमरे मे बाहर आती है 40 मिनट बाद कमरे मे कोई आता है और अभय को जगाने लगता है अभय नींद मे ही किसी का हाथ पकर जोर से खीचता है जो भी थी वो आउच करते बिस्तर पे गिरती है और अभय उसके उपर चढ़ जाता है

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अभय आधी नींद पे था और जब आखे खोल देखता है तो अभय की फट जाती है अभय जोर से - भाभी आप
मिनाक्षी मुस्कुराते हुवे - मे नही तो कोन हा
अभय हकलाते हुवे - मुझे लगा अदिति है
मिनाक्षी मुस्कुराते हुवे - हर किसी को ऐसे ही हु
अभय मुस्कुराते हुवे - हर किसी को नही आप जैसी खूबसूरत औरत को
मिनाक्षी सर्म से - अब उठेगे मेरे उपर से
अभय मुस्कुराते हुवे - एक किस्सी देनी होगी
मिनाक्षी हैरान सर्म से लाल - नही बिक्कुल नही
अभय मुस्कुराते हुवे - बस एक छोटा सा प्लेस
मिनाक्षी अभय को देखती रहती है अभय - माफ करना भाभी आदत से मजबूर हु आप भी सोच रही होगी कैसा इंसान है आते ही इस तरह की हरकत करने लग गया
मिनाक्षी अभय को देख - नही ननद जी ने बताया मुझे आप किस के पीछे परे रहते है चाहे कोई भी हो
अभय हैरान होके - गुरिया ने
मिनाक्षी मुस्कुराते हुवे - हु ठीक है एक छोटी सी किस
अभय खुश होके - ठीक है

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अभय अपना होठ मिनाक्षी के गुलाबी होठ पे पास ले जाने लगता है तो मिनाक्षी की सासे तेज होने लगती है अभय अपना होठ मिनाक्षी के होठ से सता देता है वैसे ही मिनाक्षी के पूरे बॉडी मे एक अजीब एहसास डोर जाता है पहली बार पति के अलावा किसी ने किस किया था अभय फिर मिनाक्षी के ऊपर से हट के नीचे खरा हो जाता है

मिनाक्षी जल्दी से खरी होके अभय को देख सर्म से - आप देवर जी बहोत बुरे है दूर रहना परेगा आप से, ये केह मिनाक्षी भाग जाती है
अभय मुस्कुराते हुवे - भाग के जायेगी कहा

अभय भी बाहर आता है मितल रेडी होके कमरे से बहार आती है अभय मितल को देख पास जाके गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग मेरी प्यारी खूबसूरत दीदी
मितल मुस्कुराते हुवे अभय के गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग मेरे हैंडसम भाई

सुसमा आते हुवे मुस्कुराके - वाह क्या गुड मोर्निंग विस की है dono भाई बहन ने

अभय सुसमा के गाल पे किस करते हुवे मुस्कुराके - गुड मोर्निंग मेरी खूबसूरत मासी
मितल हस्ते हुवे - मा अब बोलो बोलो
सुसमा अभय के गाल पे किस करते हुवे मुस्कुराके - गुड मोर्निंग मेरे हैंडसम भांजे

अदिति कमरे से रेडी होके आते हुवे - मे भी हु
अभय अदिति के पास जाके गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग मेरी प्यारी गुरिया
अदिति खुश होके अभय के गाल पे किस करते हुवे - गुड मोर्निंग प्यारे भइया

मिनाक्षी खरी सब देख रही थी मितल अभय को देख - भाभी को गुड मोर्निंग विस नही करेगा
अभय मिनाक्षी को देख मुस्कुराते हुवे - हमारी गुड मोर्निंग विस अच्छे से हो गई है
मिनाक्षी अभय को देखते अभय की बात समझ शर्मा जाती है


फिर सब अपने काम पे लग जाते है 10 बजे खाना रेडी होता है सभी बैठे खाते है फिर बाते शुरू हो जाती है

सुसमा -बेटा तो तुम काजल बुआ के यहा आते रहते थे मिनिता jiska बेटा भी तेरे साथ किडनैप हो गया था

अभय - जी मासी उसके बाद ही हमारे बीच एक रिस्ता बन गया
मितल - अरे तो बुआ सब को भी बुलाओ ना
अभय - जी दीदी लेके आऊगा सब आयेगे आपकी शादी के चिंता मत करिये
मिनाक्षी मितल को देख - देखा किस्मत ने आपको जो चाहती थी सब दे दिया
मितल इमोसनल होके - हु अपने सही कहा भाभी

20 मिनट बाद

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कमरे मे अभय अदिति को बाहों मे पकरे किस करने मे लगा हुआ था साथ मे दोनों भाई बहन एक दूसरे का रस चूसने पे लगे हुवे थे
2 मिनट बाद

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अभय अदिति के एक चूचे उपर से ही कस के पकरते हुवे अदिति को देख - गुरिया कैसा लगा रात को जब मेने तेरे चूचे दबाये तो
अदिति दर्द मे अभय को देख सिसकिया लेते हुवे - भइया दर्द हो रहा है आप जोर से दबा रहे है
अभय हाथ हटा के - माफ करना गुरिया तेरे चूचे इतने बरे सॉफ्ट है दबाने मे बहोत मजा आता है
अदिति सर्म से लाल होके - भइया सर्म आती है लेकिन मुझे भी अच्छा लगता है
अभय कान मे धीरे से - सच
अदिति धीरे से - हा सच

अभय - गुरिया यही रहो मे बुआ के यहा जाता हु
अदिति सर्म से - जी भाई

अभय चला जाता है अदिति अपने चूचे सेहलते हुवे - उफ ये दर्द

अभय काजल के घर आता है काजल ममता के साथ एक कमरे मे बाते करता है फिर दोनों की मस्त चुदाई करने के बाद

अभय काजल ममता को देख - मे चाहता हु आप पीछे चली जाये मे रुमा दीदी को चोदने वाला हु

काजल - समझ गई लेकिन आराम से
ममता मुस्कुराते हुवे - आराम से भी देवर जी का लंड जायेगा तो भी ननद जी की फटेगी जरूर

काजल अभय हसने लगते है

होता वही है काजल ममता बच्चो को लेके पीछे चली जाती है अभय रुमा एक कमरे मे बैठे थे

अभय - दीदी आप को सब पता है बुआ भाभी को भी तो हम खुल के सब कर सकते है

रुमा शर्म से -ठीक है
अभय - हु

अभय रुमा को बिस्तर पे लेता के किस करने लगता है चूचे दबाने लगता है रुमा की सिसकिया निकलने लगती है

अभय खरा होके कपड़े निकालते हुवे - दीदी निकालो ना रहा नही जाता मुझे आपका नँगा जिस्म खजाना देखना है

रुमा सर्माते हुवे - ठीक है

रुमा जब उपर से पूरी नंगी होती है तो रुमा के मस्त बरे दूध वाले चूचे अभय के समाने आ जाते है जिसे देख अभय देखता रह जाता है
अभय रुमा के पास आते हुवे चूचे को देख - उफ दीदी आपकी चूचे तो बहोत बरे गोरे गजब के है
रुमा सर्म से - क्या सच मे तुझे मेरे चूचे बहोत अच्छे लगे
अभय रुमा को देख - बहोत जायदा दीदी

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अभय दोनों हाथ दोनों पे रख रख अंगूठे से दोनों निपल को रुब् करने लगता है तो रुमा सिहर जाती है सिसकिया लेने लगती है
अभय रुमा के निपल रुब् करते हुवे - उफ दीदी आपके निपल उफ
रुमा सिसकिया लेते हुवे - उफ अभय मेरे भाई अच्छा लग रहा रहा है

अभय फिर नीचे बैठ रुमा के पेटीकोट निकाल देता है फिर काले पैंटी को भी निकाल देता है रुमा के मस्त काले बालों वाली बुर अभय के समाने आ जाती है जिसे अभय देखता रहता है रुमा बहोत जायदा ही सर्म से पानी पानी हो जाती है

अभय खरा होके रुमा को देख - दीदी लेत जाइये
रुमा बिस्तर पे लेत जाती है

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अभय खरा रुमा के नंगे बॉडी को उपर से नीचे तक अच्छे से देखने लगता है रुमा की बॉडी सच मे बहोत गजब की थी गोरा बदन बरे चूचे पतली कमर और मोटे जांघो के बीच छोटे काले से घिरे बुर
अभय रुमा को देख - दीदी आपकी बॉडी उफ कमाल की है
रुमा सर्म से लाल पानी पानी होते जा रही थी पति के अलावा आज वो अभय के सामने नंगी थी
अभय रुमा के ऊपर आता है और रुमा को देख - मुझे दूध पीना है
रुमा सर्म से - पीले रोका किसने है

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अभय भी झुक के एक चूचे पकर जोर से दबाता h तो निपल से दूध बाहर आने लगते है अभय तुरंत मुह में निपल लेके चूचे दबाते हुवे चूस चूस के दूध पीने लगता है अभय मन मे - उफ दीदी के चूचे के दूध का स्वाद बहोत मस्त h अब तक मेने ममता भाभी और अब दीदी के दूध पी रहा हु उफ ये एहसास मुझे जोस बढ़ा रहा है
रुमा बिस्तर पकरे सिसकिया लेते हुवे - उफ अभय मेरे भाई चूस चूस के पीले जितना पीना है आह तेरी दीदी के चूचे मे बहोत दूध आता है
4 मिनट बाद

अभय रुमा को देख - दीदी उफ आपके चूचे के दूध पीके मजा आया
रुमा सर्म से - हु

अभय - दीदी लंड चुसो ना उसके बाद आपके बुर का रस भी पीना है
रुमा हैरान होके - भाई बुर का रस छी
अभय हैरान होके - एक मिनट ये मत कहना जीजा जी आपके बुर नही चाटते
रुमा - गंदा होता है कियु चतेगे
अभय - अच्छा गंदा होता है तो आप लंड कियु चुस्ती है हा बोलिये
रुमा कोई जवाब नही दे पाती
अभय - कितना मजा आता है पता चल जायेगा

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रुमा भी हु कर अभय का लंड मजे से चुस्ती है उसके बाद अभय रुमा के टांगे फैला के बुर के फाके फैला के जिब से फाको के बीच चाटने लगता है रुमा पूरी सिहर जाती है काप् जाती है रुमा बिस्तर पकरे जोर जोर से सिसकिया लेते हुवे - उफ अभय ये कैसा मजा है मुझे बहोत अच्छा लग रहा है उफ भाई चाटते रह चूस जोर से आह मुझे ये मजा कियु नही मिला पहले भाई उफ चुस्टे रह अपनी दीदी की बुर
अभय मजे से बुर चाटता है चुस्ता है बुर का रस पिता है एसी मे रुमा कपते हुवे झर जाती h

अभय रुमा के टाँगों के बीच बैठ लंड पे थूक लगा के बुर पे घिसता है फिर लंड छेद पे रख रुमा को देख - दीदी रेडी है लंड लेने के लिये
रुमा बिस्तर जोर से पकरे थोरा डरते हुवे - भाई धीरे घुसाना प्लेस
अभय रुमा को देख - ठीक है दीदी

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अभय रुमा के ऊपर लेत किस करते हुवे एक धक्का मारता है फिर दूसरा रुमा की सासे रुक जाती है अभय का लंड रुमा की बुर फैलाते हुवे पुरा अंदर तक जाके गुस् जाता है अभय मन मे - उफ बहोत टाइट गर्म है आह ये एहसास उफ मजा आ गया यार दीदी की बुर मे लंड घुसा के उफ ये गर्मी बुर की

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रुमा दर्द मे तरपने लगती आसु भर भर के निकलने लगते है अभय धक्का मारने लगता है रुमा को पकरे बाहों मे लिये अभय किस तोरता है तो रुमा दर्द मे रोते हुवे -मर गई मर गई भाई बहोत दर्द हो रहा है
अभय धक्का मारते हुवे - दीदी बस हो गया अब जायदा दर्द नही होगा
चुदाई चलती रहती है रुमा दर्द मे आह उफ मा करती रहती है लेकिन धीरे धीरे दर्द मे जायदा मजा आने लगता है फट फच् की आवाजे भी

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अभय धक्के मारे जा रहा था धक्के के साथ रुमा के पूरी बॉडी चूचे मस्त हिले जा रहे थे रुमा दर्द मजे मे आह उफ करते जा रही थी
अभय धक्के मरते हुवे - उफ दीदी कसम से बहोत टाइट है आपकी बुर मजा आ रहा है उफ आपकी बुर मारने मे
रुमा सिसकिया लेते हुवे - आह भाई बहोत दर्द हो रहा है लेकिन मजा भी आ रहा है तेरा लंड बहोत बरा है मेरी बुर आह मा भाई करते रह
अभय लंड निकाल - दीदी घोरी बन जाओ
रुमा घोरी बन जाती है

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अभय रुमा के गांड पे हाथ रख रुमा की मस्त गांड देखते हुवे - उफ दीदी आपकी गांड भी बहोत मस्त बरी है
अभय दो चार चाटे जोर से रुमा के गांड पे मरता है और गांड को जोर से दबाने मसलने लगता है
रुमा दर्द मे - उफ मर गई भाई बहोत जोर से मसल रहा है उफ

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अभय लंड बुर के छेद पे रखता है और जोर से धक्का मरने घुसा देता है रुमा दर्द में -मर गई ऐसे जोर से मत घुसा दर्द होता है
अभय धक्के मरते हुवे -उफ दीदी घोरी बना के आपकी बुर मारने मे और भी मजा आ रहा है आपकी गांड भी मारुंगा किसी दिन


घर के पीछे ममता - मम्मी जी आपकी बेटी मेरी ननद भी चुद रही है एक और लिस्ट मे देवर जी के आ गई
काजल मुस्कुराते हुवे - पता नही कितने और जायेगी

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कमरे मे अभय रुमा को नीचे लेटाये जोर जोर से धक्के मार रहा था रुमा दर्द मे रोते हुवे - भाई धीरे जोर से धक्का मत मार दर्द होता है
अभय - आह दीदी आने वाला है मेरा
अभय रुमा दोनों साथ मे झर जाते है
45 मिनट चुदाई चली

रुमा पसीने से भीगी जोर जोर से सासे लेते हुवे -मर गई बुर मे बहोत दर्द जलन हो रही है
अभय रुमा को देख - उफ मजा आ गया दीदी आपकी बुर मारके

रुमा अभय को देख - मजा तो मुझे भी बहोत आया ऐसी चुदाई मेरी किसी ने नही की तेरे जीजा तो जाने दो

अभय रुमा को बाहों मे लेके प्यार से - जीजा खुश नही पर पाते ना आपको
रुमा - हु जब मुझे पता चला तु मेरी मा भाभी तो बस मेने अंदर भी चाहत जाग गई लेकिन अब कोई पचतावा नही
अभय रुमा को किस करते हुवे -मे हु ना वादा है प्यार देता रहुंगा
रुमा अभय के गले लग - हा मुझे भी तेरा प्यार चाहिये

10 मिनट बाद

अभय काजल ममता के पास आता है

ममता मुस्कुराते हुवे - हो गया मेरी ननद जी की बुर फैला दी
अभय मुस्कुराते हुवे - बहोत मजा आया कसम से
काजल - मेरी बच्ची ठीक है ना बेटा
अभय - हा थक गई है दर्द जलन है आराम कर रही है अच्छा सुनो मासी ने आप सब को बुलाया है आप सब मेरे अपने है
काजल - जरूर आयेगे बाबू लेकिन साम को
ममता - हा पास मे ही तो है घर का काम कर आयेगे तब तक आपके भाई पापा जी भी आ जायेंगे

अभय - ठीक है तो मे चलता हु साम को आ जाना कल मा दिशा बाकी सब भी आ जायेंगे
काजल ममता - ठीक है

अभय मासी के घर जाते हुवे आसा को फोन करता है

आसा - हा लाला
अभय - सीधे सीधे बोलते है बुर देगी की नही
अभय की बात सुन आसा की बोलती बंद हो जाती है शोक भी
आसा मुस्कुराते हुवे - सीधे सीधे बोलते है नही दूंगी मा हु तो तेरी जिस बुर से निकाला है तुझे उसी मा की बुर मे अपना लंड घुसाना चाहता है बेसरम
अपनी मा की बात सुन अभय का लंड पुरा जोस मे खरा हो जाता है दोनों मा बेटे एक दूसरे की गंदी बाते सुन गर्म होने लग गये थे

अभय मुस्कुराते हुवे - बुर के बाल बरे होते है तो साफ करती रहती है जबकि बुर का मालिक है नही अरे मा आपकी बुर की छेद भी अब बहोत छोटी हो गई होगी
आसा - तो क्या हो गया मेरी बुर की छेद छोटी हो गई तो
अभय - कुछ नही लेकिन मे केहता हु अपना लंड दाल फैला देता हु
आसा मुस्कुराते हुवे - कोई जरूरत नही है समझ गया बेसरम
अभय हस्ते हुवे - ठीक है ठीक है लेकिन लंड मेरा हिलाना है याद है ना
अभय की बात सुन आसा सिहर जाती है शर्मा जाती है

अभय - अच्छा ये सब तो जब आयेगी उफ मजा आयेगा लेकिन अभी जरूरी बात मासी से बात की अपने
आसा - अरे अभी तो की दीदी से बहोत सारी बाते सच कहु दीदी से बात करके बहोत अच्छा लगा
अभय - हु अब मिलके खूब बाते करना मे केह रहा हु कल निकलना है तो आज सब को लेके शोपिंग चले जाना दीदी की शादी है तो कुछ ना कुछ देना परेगा ना सब को
आसा - लाला ये बात तो तूने सही कही साम को हम शोपिंग पे जायेंगे
अभय - हा मेने विजय को बोल दिया है लेके सब को जायेगा
आसा - ठीक है
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अभय मन मे -कल बाकी सब भी आ जायेंगे और शोभा रीना रेखा राज भी चलो सब से बात कर लेता हु

अभय शोभा रेखा मधु सिला नीतिका मीका सब से बाते करते गाव घूमने लगता है

साम 3 बजे - अभय के घर

रीमा सिला मधु मिनिता कोमल सब रेडी होके हॉल मे बैठे हुवे थे

नितिका मीका नही आ सकती थी कियुंकी नितिका को छुट्टी नही मिली मीका इतने दिन के लिये मा को पढाई छोर जा नही सकती थी

सुमन भी अपने पति खेत गाय सब को छोर जा नही सकती थी लेकिन रीमा को जाने का पर्मिसन दे दिया था आज शोपिंग होने वाली थी कल निकलना जो था

आसा रीमा को देख - रीमा बेटी तुम आई खुशी हुई
रीमा - जी ऑन्टी भइया ने मा को कहा तब जाके मा मानी है
आसा - हु, आसा मिनिता सिला को देख, भाई जी नही आये

सिला मिनिता - दोनों एक साथ रहेगे लेकिन साथ नही चलेंगे

कमरे मे दिशा रेडी हो चुकी थी बाल मे कन्घी करते हुवे विजय को देख - रीमा चल रही है मजे ही मजे हु
विजय सर्म से - आप भी ना भाभी
दिशा - एक बात बताइये अपने अपने भइया का लंड देखा है
विजय - हा बहोत मोटा लम्बा है पहली बार जब मे जीत जीतू मे देखा तो हम पुरे शोक मे चले गये थे
दिशा हैरान होके - अच्छा कब कैसे देखा
विजय - अरे भाभी जैसे एक औरत दूसरे औरत के सामने कपड़े बदल लेती है या साथ मे नहा लेती है तो हम लरके भी हा हालत ऐसे बने तो
दिशा - समझ गई बहोत कुछ झेला है आपके भइया आप सब मे भी वैसे अपना लंड कितना बरा है दिखाइये जरा
विजय शोक मे सर्म से - भाभी नही ना
दिशा - दिखाइये

विजय भी दिशा की बात ताल नही सकता था विजय खरा होता है पैंट खोल नीचे कर देता है विजय का लंड दिशा के समने था
दिशा - ये क्या है सोया कियु है खरा कीजिये
विजय रीमा के बारे मे सोचता है और लंड खरा हो जाता है

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दिशा विजय का लंड देख मुस्कुराते हुवे - अच्छा है भैया से छोटा पतला है लेकिन अच्छा है रीमा के बुर पे जाता होगा तो मजा बहोत आता होगा
विजय सर्म से लंड अंदर करते हुवे - आप भी ना

दिशा विजय के पास आके चिपक के - मासी की बेटी मितल दीदी की शादी है कई लरकिया ऑन्टी आयेगी आपके भइया कई बुर मे लंड डालेंगे पता नही लेकिन मे चाहती हु मेरा प्यारा देवर कम से कम 5 लरकी या ऑन्टी की बुर मे अपना लंड घुसाये समझ गये ना अगर नही क्या तो आपसे बात नही करुगी

विजय सर्म से - जी भाभी जरूर करुगा
दिशा - बहोत खुद
दिशा फिर आगे मूर आईने मे खुद को देखने लगती है

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विजय दिशा के पीछे से कमर पकर डरते हुवे अपने से चिपका लेता है और गर्दन पे किस करने लगता है दिशा सिसकिया लेने लगती है
विजय दिशा के चूचे भी दबाने लगता है दिशा - उफ देवर जी

विजय फिर दिशा को छोर भाग जाता है कमरे मे

दिशा हस्ते हुवे - अभी भी डरते है

तभी अभय का फोन आता है

अभय - जान तुम सब निकले की नही
दिशा - जी बस निकलने वाले है
अभय - अच्छा है ये बताओ तुम देवर भाभी मे क्या चल रहा है
दिशा हस्ते हुवे - डरते है कही मे गुस्सा या बुरा ना मान जाऊ
अभय - समय तो खुल जायेगा अच्छा निकलो और याद से सब के लिये शोपिंग कर लेना पैसे का मत सोचना
दिशा मुस्कुराते हुवे - समझ गई पति जी

विजय मारिया दो गारी मे सभी को लेके निकल परते है मॉल मे शोपिंग शुरू हो जाती है लेकिन इस बार हर किसी के एकदम पास कोई ना कोई था

आसा के घटना के बाद अभय मे कई लोगो को लगा दिया था ताकि फिर किसी के साथ कोई कुछ कर ना सके

सुसमा अभय के मासी के घर - साम 4 बजे

मिनिता काजल ममता रुमा सब आये थे सुसमा मिनाक्षी मितल सब बाते करने मे लगे हुवे थे

सुसमा काजल से - तो ऐसे रिस्ता बना आप सब से
काजल - जी सायद किस्मत यही चाहती थी
सुसमा इमोसनल होके - मेरी छोटी ने बहोत कुछ सहा है जरूरत के वक़्त मे नही थी लेकिन आप सब थे जान खुशी हुई
काजल - हा भाभी मे बहोत कुछ सहा है कल सब आने वाले है
सुसमा - हु मे बेचैन हु अपनी छोटी से मिलने के लिये

अभय कमरे मे बिस्तर पे लेता मन मे - जीत जीतू आ नही पायेंगे जब शादी निपट जायेगी तो जाउंगा सब से मिलने

बाते करते ही अंधेरा हो जाता है काजल ममता रुमा घर चले जाते है
खाना बनाने का समय जो हो गया था

दूसरी तरफ आसा सभी शोपिंग करके आ गये थे

मिनाक्षी भी खाना बनाने लगती है सुसमा बाकी सब बाते करने मे लगे थे

अभय - मासी बुआ कब जायेगी
सुसमा - शादी के तीन दिन पहले
अभय - बुआ का नंबर दीजिये और हा जैसा कहा बुआ को मत बताना हमारे बरे मे
सुसमा अभय को नंबर देते हुवे मुस्कुराके - समझ गई बाबा

अभय अंदर लेता है और बाहर निकाल फोन लगा देता है

औरत - हेल्लो कोन
अभय - हेलो जी मुझे राकेश से बात करना है आप कोन
औरत - रोंग् नंबर यहा कोई राकेश नही है
अभय - माफ करना जी सायद गलत नंबर लग गया
औरत - कोई बात नही रखती हु
अभय - रुकिये आप का नाम क्या है
औरत थोरा गुस्से से - मे एक अंजान को अपना नाम कियु बताऊं
अभय - माफ करना किया है ना आपकी आवाज बहोत सुरीली मीठी है तो इस किये जानना चाहता था ये मधुर सुरीली आवाज किसकी है
अभय की बात सुन औरत एकदम हैरान शोक होती है इस तरह आज तक किसी ने तारीफ जो नही की थी
औरत -मेरा नाम पुष्पा है चलो रखो फोन
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पुष्पा अभय के पापा की छोटी बहन अभय की बुआ बहोत ही जायदा खूबसूरत हॉट है 40 की है लेकिन फिगर बहोत गजब का है

पुष्पा के कान मे अभय की बाते गुज रही थी आप की आवाज बहोत मधुर है सुरीली है पुष्पा मन मे - ये कोन था आवाज से तो कोई जवान लरका लग रहा था क्या मेरी आवाज सच मे मधुर है हद है मे ये क्या सोचने लगी

वही अभय अपनी बुआ के मजे लेके मुस्कुराते हुवे - मेरी बुआ जब आयेगी तब प्यार करुगा अच्छे से तब तक ऐसे हि फोन पे बाते होते रहेगी

खाना रेडी था फिर सब एक साथ बैठ खाते है और बाते करते है फिर कमरे मे चले जाते है

अदिति मितल से बाते कर रही थी मिनाक्षी अभय के कमरे मे आते हुवे - देवर जी
अभय मिनाक्षी को देख उठ के बैठ - अरे भाभी मुझे लगा गई तो आयेगी नही भइया प्यार कर रहे होगे

मिनाक्षी अभय के पास बैठ सर्म से - सोचा थोरि बात करके जाउं
अभय - अच्छा क्या आपसे बाते करके अच्छा लगेगा
मिनाक्षी - वैसे देवर जी देवरानी आपका खिस्सा बताया नही अपने हु
अभय मुस्कुराते हुवे - जानना है तो बताता हु
मिनाक्षी - हा बताइये

अभय - एक दिन दोस्त के घर सुबह गया तो मेरी दोस्त की बहन नहा के नंगी आगन् मे खरी थी मेने देख लिया
मिनाक्षी शोक सर्म से मुह पे हाथ रखे - क्या फिर
अभय - कुछ नही हुआ पहली बार किसी लरकी को नंगे देखा था तो जवानी जोस मारने लगी दिशा उस समय मेरी भाभी थी मस्ती मजाक करते थे प्यार भी था लेकिन एहसास नही था जब भाभी को मायके लेके गया तो रात,,,,,,, ये सब फिर सब को पता चला फिर शादी हो गई
मिनाक्षी शोक मे - आप से बच के रहना पड़ेगा मुझे

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मिनाक्षी खरी होके सर्म से लाल जाने लगती है तो अभय जल्दी से मिनाक्षी के पीछे आके पकर कमर पकर गर्दन मे किस करने लगता है मिनाक्षी एकदम से हैरान शोक हो जाती है लेकिन अभय की इस हरकत से मिनाक्षी मदहोस होने लगती है सिसकिया लेने लगती है
मिनाक्षी कपते हुवे - प्लेस देवर जी आह मत करिये ये गलत है

अभय तुरंत पीछे हट के - माफ करना भाभी

मिनाक्षी जोर जोर से सासे लेते हुवे अभय को देखती है फिर चली जाती है अभय बिस्तर पे बैठ - कही बुरा ना मान जाये भाभी

अभय आसा को फोन करता है

अभय - मा क्या कर रही h आप
आसा - अभी कमरे मे आई हु सब से बाते करते टाइम का पता नही चलता
अभय - हु ये तो है कल दोपहर को निकल जाना आप सब
आसा बिस्तर पे बैठ - समझ गई
अभय -मा इंतज़ार नही होता समझ रही है मा
आसा धीरे से - हु आ तो रही हु
अभय - हु मा मस्त बिकनी मे फोटो भेजो ना
आसा सर्म से - अच्छा रुक भेज देती हु

आसा ब्लाउस निकल ले बिस्तर पे लेत सीने से सारी हटा के एक फोटो अभय को भेज देती है
अभय जैसे ही फोटो देखता है मुह खुले आखे फटे रह जाते है लंड खरा होके झटके मरते गिला होने लगता है आसा ने फोटो इंगल से गजब की बिकनी मे फोटो भेजी थी

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आसा ने मस्त गुलाबी बिकनी पहनी थी जिस इंगल से फोटो लिया था आसा के दोनों बरे बरे गोरे चूचे आधे से जायदा दिख रहे थे लेकिन अभय की नजर दोनों चूचे के बीच बनी दरार पे टिकी थी
अभय - उफ दोनों चूचे के बीच के ये दरार को देख दिल करता है अपना लंड घुसा के धक्का मारू, तभी अभय एकदम से अपने होठ कटते हुवे, मर गया
अभय भूल गया था आसा लाइन पे है और उसने मन मे नही खोल के बोला था
आसा अभय की बात सुन पुरे शोक मे जोर से चिल्लाते हुवे - नालायक बेसरम तु ये सब करेगा मेरे चूचे के साथ अपनी मा के चूचे के साथ आने दे मुझे तेरी खैर नही बहोत बिगर गया है तू
अभय डरते हुवे - मा माफ कर दो क्या करू आपके चूचे उसके बीच दरार देख समझिये ना
आसा - ना मार परेगी मुझे आने दे बस
फोन कट
अभय मन मे - लग गये

आसा जोर जोर से सासे लेते अपने चूचे उसके बीच के दरार को देख - क्या ऐसा भी करते है उफ मेरी बुर गीली हो गई

आसा को गुस्सा नही आया था वो तो सब गुस्से होने का नाटक कर रही थी लेकिन अभय की बात आसा को जोस के साथ के सोचने पे मजबूर कर दिया था

बेचारी आसा को क्या पता आज मे समय कैसे कैसे प्यार करते हो मजे लिये जाते है

अदिति अभय के पास आती है और अभय से चिपक लेत जाती है अभय अदिति को बाहों मे लेके - क्या मेरे साथ सोने वाली हो
अदिति - नही तो मासी सोयेगी आपके साथ मे तो बस

अभय अदिति के हाथ लंड रख अदिति के दोनों चूचे दबाते हुवे - गुरिया सच मे तेरे चूचे दबाने मे जो मजा आता है केह नही सकता
अदिति भी अभय के लंड को पैंट के ऊपर से मुठी के पकरे मसलते हुवे सिसकिया लेके सर्म से - भाई मुझे भी अच्छा लगता है लेकिन हम गलत तो नही कर रहे ना

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अभय - तुझे मजा आता है ना मेरे ये सब करने से
अदिति सर्म से - पहले अजीब लगा लेकिन अब अच्छा लगता है
अभय - बस तो बाकी फिकर छोरो उफ मजा आ रहा है अच्छे से मसलो अपने भाई के लंड को गुरिया बुर मे कभी उंगली डाली है
अदिति सर्म से - नही भाई उपर उपर से किया है
अभय - हु बुर पे बाल है अभी
अदिति सर्म से - जी जी है
अभय - बरे या छोटे
अदिति सर्म से लाल होके - वो बरे है
अभय - अच्छा
दोनों भाई बहन पुरे गर्म हो गये थे बिना एक दूसरे के देखे बाते कर रहे थे

अभय - अपने भाई का लंड देखोगी
अभय की बात सुन अदिति की सासे दिल सब रुक जाता है काप् जाती है
अभय - बोलो ना गुरिया
अदिति होस मे आते हुवे कपते होठो से - सच कहु भइया तो मुझे भी, अदिति अभय के लंड मसलते हुवे, देखना है
अभय - क्या खुल के बोलो
अदिति सर्म से - आपका लंड भइया
अभय - ठीक है दिखाता हु

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अभय पैंट चड्डी नीचे कर देता है अभय का लंड पुरा टाइट लोहे जैसा खरा नशे फटने जैसा हो गया था जाहिर है सामने उसकी सगी छोटी बहन थी जोस हाई था अभय का अदिति जैसे ही अपने भाई का मोटा लंबा लंड देखती है अदिति सिहर जाती है कप् जाती है
अदिति लंड देखते हुवे मन मे - इतना मोटा बरा
अभय - गुरिया कैसा लगा अपने भाई का लंड
अदिति कपते सर्म से लाल होके - जी जी बहोत मोटा बरा है
अभय - पकर के देखो और मजा आयेगा तुम्हे
अदिति थूक निगलते हुवे -जी भइया

अदिति अभय के लंड के पास बैठ धीरे से अपनी बुर को एक बार दबती है कियुंकी बुर पूरी गीली हो गई थी और अदिति को चिप चिपा फिल हो रहा था अदिति लंड को देखते हुवे मन मे - सोचा नही था एक दिन ऐसा भी पल आयेगा जब मे अपने भइया का लंड देखुंगी पकरुगी

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अदिति कपते हाथो से अभय का लंड के टोपी को टच करती है फिर मुठी के जैसे ही पकरति है बहोत हाड गर्म गर्म फिल करके फिर सिहर जाती है सासे तेज दिल जोर जोर से धक धक करने लगता है अभय जैसे ही अपनी गुरिया के पाचो उंगली ला दबाव अपने लंड पे फिल करता है अभय को वो मजा आता है उसमे अभय खो जाता
अभय अदिति को देखता है फिर लंड को कैसे उसकी प्यारी गुरिया लंड पकरे हुवे है अभय - उफ गुरिया तूने मेरा लंड पकरा है आह बता नही सकता मुझे कितना अच्छा लग रहा है
अदिति सर्म से अभय को देखती है फिर लंड को अच्छे से देखते हुवे मन मे -तो यही लंड भाभी सब की बुर मे जाता है उफ तो लंड ऐसा दिखता है


अभय - गुरिया रहा नही जाता
अभय बिस्तर से नीचे आके खरा होके - गुरिया मेरे लंड को पकर हिलाओ जल्दी उफ
अदिति हैरान सर्म से अभय के पास खरी होके लंड पकर - भैया कैसे करू
अभय लंड पकर चमरे उपर नीचे करके दिखाते हुवे -उफ ऐसे करो गुरिया जल्दी
अदिति सर्म से अभय का लंड पकर के - जी भइया करती हु

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अदिति अभय के लंड जो जोर जोर से हिलाने लगती है चमरे को उपर नीचे करके मुठ मारने लगती है अभय को बहोत जायदा मजा आने लगता है अभय अदिति के एक चूचे दबाते हुवे - उफ गुरिया मजा आ रहा है करती रहो उफ मा गुरिया आह गुरिया मेरी प्यारी गुरिया आह उफ करते अभय फच् के साथ पिचकारी मारते झर जाता है अभय का माल अदिति के हाथो पे भी गिर जाता है

अदिति जल्दी से भाग जाती है अभय - उफ आज तो बहोत मजा आया सब से जायदा उफ गुरिया तूने बहोत अच्छे से लंड हिलाया है

अभय सब साफ करके पैंट पहन लेत जाता है 5 मिनट बाद सुसमा आती है नाइटी मे अभय के साथ लेत जाती है दोनों एक दूसरे के आमने सामने चेहरा करके

अभय - मासी क्या सोचा अपने
सुसमा - बेटा लेकिन छोटी तु समझ ना किसी को पता चला तो
अभय - मासी प्यार करती है मुझसे
सुसमा - हा करती हु लेकिन अब रिस्ता है बीच मे
अभय - मासी वादा है कुछ नही होगा मे हु ना आप बहोत अच्छी है मासी पे पहली बार आपको देखते ही आप मुझे पसंद आ गई थी
सुसमा - ठीक है लाला लेकिन किसी को पता ना चले
अभय - वादा मासी फूफा नही करते ना सेक्स
सुसमा थोरा शर्मा जाती है फिर नॉर्मल होके - हु 6 साल से
अभय हैरान होके -क्या पर कियु
सुसमा - खरा होना बंद हो गया खरा होता भी है तो जायदा देर टिक नही पाते तो उन्होंने भी करना बंद कर दिया
अभय - ये बात है
अभय सुसमा के ऊपर आके प्यार से - लेकिन ये रात आपकी सब से खूबसूरत थोरा दर्द लेकिन सुकून वाली रात होगी सुबह उठेगी तो आप के चेहरे पे खुशी होगी एक चमक होगी तो इज़ाज़त है
सुसमा खुद को अभय के हवाले करते हुवे - लाला प्यार करने लगी हु भरोसा भी सब गलत सही भूल तुझे अपना सब देती हु
अभय - वादा है मेरा भी प्यार करता रहुंगा
अभय फिर किस करने लगता है सुसमा मन मे - सायद यही किस्मत चाहती थी इस लिये हम एक अंजान बनके मिले जब हमे पता चला तब तक प्यार हो चुका था

बस कमरे मे दर्द भरी आह उफ फट फच् की आवाजे गुजने लगती है

आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏

Bahut hee shandaar update hai!
 
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sunoanuj

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chapter 105

कमरे मे आज की रात मासी भांजे पुरे गर्म जोस मे थे अभय सुसमा को किस करते हुवे चूचे बॉडी पे चूमते हुवे - मासी तो आप बुर मे उंगली तो करती ही होगी ना

सुसमा सिसकिया लेते हुवे सर्म से - उफ बेटा किया करती उसके अलावा जब जायदा मन होता था करना परता था

अभय खरा होके कपड़े निकालते हुवे - मासी अब जरूरत नही परेगी आपका भांजा है ना पूरी गर्मी निकलने के लिये

सुसमा सर्म से अभय को देख - बेटा मुझे अभी भी गलत लग रहा है
अभय सुसमा को देख - क्या आप बाकी की जिंदगी बुर पे उंगली करते निकालना चाहती है

सुसमा अभय को देख - नही पर
अभय सुसमा को देखता है फिर कपड़े पहनते हुवे - ठीक है नही करते
सुसमा जल्दी से - नही नही करना है, सुसमा सर्म से लाल हो जाती है
अभय मुस्कुराते हुवे - तो नाइटी पहन कियु रखा है
सुसमा सर्म से - निकालने की क्या जरूरत है ऐसे ही कर ले ना
अभय चड्डी पे खरा सुसमा को देख - हद है मासी मे आज का लरका हु आप के समय का नही मुझे अपनी मासी के पुरे जिस्म को देखना प्यार करना है अब जल्दी से देखा दीजिये

सुसमा अभय को देखती है फिर नाइटी निकाल नंगी सर्माते हुवे बिस्तर पे आराम से लेटते हुवे मन मे - ऐसा कुछ होगा सोचा नही था आज मे अपने पति के अलावा दूसरे एक जवान लरके के सामने नंगी लेती हु जो मेरी छोटी बहन का बेटा है मेरा भांजा कितना अजीब लग रहा है bah सर्म भी आ रही है

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अभय तो सुसमा अपनी मासी की नंगी बॉडी देख अलग की जोस मे पुरा गर्म हो जाता है नंगी सुसमा की बॉडी उफ अभय के सामने की भरा बदन बरे बरे चूचे काले निपल कमर उफ मोटी जांघे बुर के किया ही कहने फूली उभरी गुडे से भरी हुई
अभय मन मे अपनी मासी की बॉडी बुर देख के - मा मासी दोनों बहने है उफ मा से कम नही है मासी, अभय बुर देखते हुवे, मा की बुर मासी की बुर से और मोटी गुडे मास से भरी होगी फिल किया है मेने
अभय सुसमा को देख - मासी उफ किस्मत खुल गई आज मेरी आपका ये जिस्म उफ गजब का है बुर गीली है आपकी
सुसमा अभय को देख सर्म से - ऐसी बाते मत कर सर्म आती है

अभय चड्डी निकलते हुवे - गंदी बाते करते चुदाई मे असली मजा है मासी

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अभय पुरा नँगा सुसमा के सामने खरा हो जाता है सुसमा जैसे ही अभय के गढ़े जैसा मोटा लंबा लंड फुल खरा देखती है बाकी सब की तरह सुसमा की सासे रुक जाती है पूरी काप् जाती है सुसमा डरते हुवे अभय को देख - ये ये इतना बरा कैसे है
अभय अपना लंड पकर हिलाते हुवे मुस्कुराके - नॉर्मल है मेने कुछ नही क्या इतना बरा ही है
सुसमा मन मे डरते हुवे - मर गई आज तो मे गई काम से

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अभय बिस्तर पे सुसमा के पास आके सुसमा के चूचे देखते हुवे - मासी आपके चूचे बहोत बरे गोरे है सच मे
सुसमा अभय को देख सर्म से - बेटा बहोत सर्म आ रही है मुझे
अभय सुसमा को देख मुस्कुराते हुवे - वादा है बेसरम बन जायेगी
सुसमा हैरान अभय को देखती है अभय मुस्कुरा देता है

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अभय सुसमा के दोनों चूचे जोर जोर से मसलते दबाते हुवे - मासी उफ आपके चूचे दबाने मे बहोत मजा आ रहा है कितने बरे सॉफ्ट है
सुसमा बिस्तर जोर से पकरते हुवे सिसकिया लेते हुवे - बेटा धीरे दबा आह दर्द हो रहा है
अभय चूचे दबाते हुवे - मासी आपके अंदर बहोत गर्मी है सच है ना
सुसमा अभय को देख - तु सही है बेटा बहोत जायदा गर्मी है
अभय मन मे - कही मा की तरह ही तो मासी के अंदर

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अभय जायदा नही सोचता और सुसमा के एक चूचे दबाते हुवे मुह मे लेके चूसने लगता है सुसमा पूरी गर्म होके सिसकिया लिये जा रही थी 6 साल की प्यासी बुर पानी पे पानी निकाले जा रही थी
अभय चूचे चुस्टे हुवे मन मे - मासी के चूचे चूसने मे अलग ही मजा आ रहा है उफ वो दिन कब आयेगा जब मे दोनों बहनो को मा मासी को एक साथ चोदूगा उफ सोच कर ही कितना मजा जोस आ रहा है


अभय - मासी भांजे का लंड चुसो ना मुह मे लेके
सुसमा जोर जोर से सासे लेते हुवे अभय को देख - तु पागल हो गया है क्या छी लंड कोई उफ मुह मे लेता है
अभय मुस्कुराते हुवे - लेते है मासी आज के समय मे जायदा तर लेते है बहोत मजा आयेगा शुरू मे गंदा लगेगा सोचिये मत

सुसमा अभय के लंड के पास आके सर्म से - मे नही जानती लेते है या नही लेकिन तुमने कहा है तो लुंगी मुह मे
अभय मुस्कुराते हुवे - देखना बहोत मजा आयेगा

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सुसमा झुक के अभय के लंड पकर देखती है फिर हिम्मत करके मुह मे लेके चूसने लगती है अभय तो मजे मे चला जाता है उसकी सगी मासी मा की बरी बहन को लंड चुस्टे चुस्वाते देख - उफ मासी बता नही सकता कितना मजा आ रहा है उफ चुस्टे रहिये रुकना मत
सुसमा को भी अब मजा आने लगता है पहली बार लंड का स्वाद लेके सुसमा और जोस मजे से लंड को चूसने चाटने लगती है
सुसमा मन मे लंड चुस्टे हुवे - सच मे बहोत मजा आ रहा है यकीन नही होता लंड चूसने मे इतना मजा आयेगा ये लंड का स्वाद भी अजीब है लेकिन बहोत अच्छा लग रहा है 3 मिनट बाद

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अभय सुसमा के टाँगे के पास आके बुर को देख - मासी लगता है कुछ दिन पहले ही बाल साफ किये है छोटे छोटे बाल है आपकी बुर पे और तो और आपकी बुर पूरी गीली हो चुकी है लंड लेके के लिये
सुसमा सर्म से लाल होके - उफ बेटा तूने सही कहा
अभय मुस्कुराते हुवे - बहोत खूबसूरत बुर है आपकी
सुसमा सर्म से - तुझे मेरी बुर खूबसूरत लगी
अभय सुसमा को देख - मुझे तो आप पूरी खूबसूरत अच्छी लगती है
सुसमा सर्म से लाल हो जाती है अभय की तारीफ से खुश भी

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अभय झुकता है फाके फैला के गीली बुर को जिब से रस चाट ले पीने लगता है अपनी बुर पे पहली बार जिब फिल कर अभय को मजे से चाटता देख सुसमा हैरान होती है लेकिन जो मजा सुसमा को मिलता है उस मे सुसमा जोस से मदहोसी मे बिस्तर पे मचलने लगती है
सुसमा - उफ बेटा ये कैसा मजा है बुर चाटने मे इतना मजा आयेगा उफ सोचा नही था बेटा चाट चूस अपनी मासी की बुर आह बहोत मजा आ रहा है रुकना मत
सुसमा बिस्तर पकरे मजे से बुर चुसाई का मजा लेने लगती है तभी सुसमा बिस्तर और जोस से पकर कपने लगती है
सुसमा अभय को देख - आह बेटा अभय आने वाला है मे आह मा करते सुसमा गांड उठा उठा के कपते झरने लगती है
अभय अपनी मासी को झरते देख मुस्कुरा देता है

झरने के बाद सुसमा पसीने से भीगी जोर जोर से सासे लेते हुवे सर्म से लाल दूसरी तरफ मुह किये मन मे - हालत खराब हो गई मेरी इतना जोर से तो कभी भी नही झरी जबकि चुदाई तो बाकी है

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अभय सुसमा के टाँगों के बीच बैठ बुर के फको के बीच लंड घिसने लगता है तो सुसमा एकदम से काप् जाती है अभय को देखते हुवे मन मे - आज मेरी बुर मे पति के अलावा मेरे भांजे का लंड जायेगा उफ
अभय सुसमा को देख लंड घिसते हुवे - उफ मासी बहोत गर्म है

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अभय सुसमा के ऊपर लेत किस करते हुवे 2 धक्के जोर से मरता है अभय को भी थोरा दर्द फिल होता है सुसमा की बुर बहोत टाइट थी
सुसमा एकदम से अपनी बुर की गहराई मे मोटा लम्बा लंड फिल करते ही जो दर्द होता है सुसमा चिल्ला भी नही पाती बस तरपने लगती है आसु निकल आते है अभय सुसमा को पकरे रहता है किस करते रहता है सुसमा पैर हाथ चलाते रहती है 2 मिनट बाद

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अभय धीरे धीरे चुदाई करने लगता है फिर किस तोर सुसमा को देखता है सुसमा दर्द मे रोते हुवे - ऐसे कोई करता है क्या मुझे कितना दर्द हो रहा है उसका अंदाज़ा भी है तुझे
अभय चुदाई करते हुवे सुसमा को देख - जनता हु मासी लेकिन दर्द तो होना ही था पर अब मजे लीजिये
अभय चूचे दबाते हुवे किस करते हुवे चुदाई करने लगता है सुसमा जो कई साल से लंड के लिये चुदाई के लिये तरस रही थी अब दर्द मे मजे लेने लगती है दर्द बहोत था लेकिन चुदाई के नशे मे दर्द फिल नही हो रहा था सुसमा को

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अभय अपनी मासी के दोनों टांगे पुरा उपर उठा देता है सुसमा की गांड भी उपर उठ जाती है अभय उपर से धक्के पे धक्के मारने लगता है फट फच् फट फच् के साथ तेजी से लंड सुसमा की बुर के अंदर बाहर होते जा रहा था सुसमा दर्द मे मजे मे आह उफ करते जा रही थी
अभय धक्के मारते हुवे - उफ मा कसम बुआ आपकी टाइट गर्म बुर मारने मे बहोत ही जायदा मजा आ रहा है उफ आपकी बुर मस्त है
सुसमा दर्द मे सिसकिया देते हुवे - उफ मा अभय बेटा धीरे कर उफ

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अभय सुसमा के ऊपर से बिस्तर पे लेत सुसमा को देख - आईये उपर
सुसमा भी पूरी गर्म जोस मे अभय के उपर आके बुर मे लंड लेके बैठ कूद कूद के अपने भांजे के लंड की सवारी करते हुवे - उफ अभय बेटा बहोत बरा लंड है तेरा मेरी बुर के पुरा अंदर तक फिल हो रहा है उफ बहोत मजा आ रहा है बेटा ऐसी चुदाई के लिये मे तरप् रही थी
अभय नीचे से धक्का जोर से मरता है सुसमा दर्द मे जल्दी से मुह बंद कर लेती है दर्द मे आसु लिये
अभय - उफ मासी मुझे भी बहोत मजा आ रहा है मासी घोरी बन जाइये

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सुसमा दर्द मे घोरी बनते हुवे - बेटा अभय एकदम से जोर से धक्का मत मार बहोत दर्द होता है घर मे सब है पता चल गया तो
अभय अपनी मासी को घोरी बनते देख - समझ गया मासी उफ किया गजब की लग रही है घोरी मे आपकी बरी बरी गांड बुर गांड के छेद मस्त दिख रहे है कसम से औरत जब घोरी बनती है तो बवाल लगती है

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अभय सुसमा के गांड दबाते हुवे एक हाथ से लंड बुर के छेद रख एक धक्के मे पुरा घुसा देता है सुसमा दर्द मे रोते हुवे - कहा था ना धीरे मर गई बहोत दर्द हुआ मुझे
अभय गांड पकरे दबाते मसलते हुवे धक्का मारते हुवे - माफ करना मासी आप की बुर आप है ही कमाल की उफ बहोत मजा आ रहा है
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अभय फिर सुसमा के ऊपर लेत चुदाई करने लगता है सुसमा अभय को पकरे लेते टांगे उठाये लंड लेते रहती है सुसमा दर्द मे - अभय बेटा दर्द जलन होने लगी है तेरा कब होगा घंटे हो गये मे कई बार झर चुकी हु लेकिन तु कब झरेगा
अभय धक्के मारते हुवे - बस बुआ झरने वाला है
सुसमा - बेटा अंदर मत निकालना
अभय तेज धक्के मारते हुवे - गोली दे दूंगा अंदर निकालना है
सुसमा अभय को कस के पकर - आह ठीक है मे भी झरने वाली हु आह अभय बेटा
अभय एक तेज धक्का मरते हुवे - मासी आह मेरी मासी उफ

घण्टो चुदाई के बाद मासी भांजे की चुदाई खतम होती है

सुसमा अभय पसीने से भीगे तेज सासे लिये जा रहे थे सुसमा सासे लेते हुवे मन मे - यकीन नही होता कोई घंटों चुदाई कर सकता है आज जितना मे झरी हु उफ अभय बेटे ने तो मुझे शोक कर दिया मन गई

अभय सुसमा को बाहों मे लेके सुसमा को देख - मासी सच कहु बहोत जायदा मजा आया इस लिये भी की आप मेरी मासी है आपका जिस्म बहोत कमाल का है आपकी टाइट गर्म बुर उफ अंदर डालते ही मजा जो आया बता नही सकता

सुसमा सर्म से अभय को देख - अभय बेटा सच है मुझे भी बहोत जायदा मजा आया इतना की केह नही सकती लंड चुदाई बुर चुसाई तो जानती ही नही थी लेकिन अब वो मजा सुख तूने दिया सच मे बेटा ऐसी चुदाई के लिये हर औरत तरसती है
अभय - अब आपकी बुर की गर्मी सांत हुई या एक और राउंड करे
सुसमा डरते हुवे - नही बेटा जोस मे थी कई साल से तरप् रही थी इस लिये दर्द जलन का एहसास चुदाई के टाइम पता नही चला लेकिन अब कसम से बहोत दर्द जलन हो रहा है
अभय - ठीक है नही करते

अभय गोली निकाल देते हुवे - खा लीजिये
सुसमा बैठ गोली लेके खा लेती है

अभय सुसमा दोनों मासी भांजे नंगे बाहों मे लेते रहते है
अभय - कहा था ना बेसरम बना दूंगा
सुसमा अभय की बात समझ अभय को देख सर्म से - हा बन गई तु बाते ही इतनी गंदी करता है की अलग ही जोस मेरे अंदर आ जाता था और मे भी तू बहोत बेसरम है
अभय मुस्कुराते हुवे - हा ये तो है
अभय सुसमा के नंगे गांड पे हाथ रख दबाते हुवे - गांड कब देगी मासी
सुसमा शोक हैरान अभय को देख - सोचना भी मत समझ गया
अभय मुस्कुराते हुवे - मेने तो सोच भी लिया है

बाते करते करते दोनों सो जाते है

सुबह का समय

दरवाजे के खटखटाने की आवाज सुन सुसमा ki नींद खुलती है अपने आप को नँगा देख अभय को नँगा देख रात का सीन याद आता है तो सुसमा सर्म से लाल हो जाती है

मिनाक्षी - मम्मी जी देवर जी सुबह हो गई है
मिनाक्षी की आवाज सुन सुसमा डर जाती है
सुसमा जल्दी से - बहु आती हु तुम जाओ
मिनाक्षी - ठीक है मम्मी जी
सुसमा जल्दी से नाइटी पहले अभय को जगाते हुवे -उठ जा अभय बेटा सुबह हो गई है

अभय उठते हुवे बैठ सुसमा को देख - मासी सोने भी नही देती आप
सुसमा - अरे बेसरम नँगा है इस लिये
अभय सुसमा को देख - हु चलो करते है ना मासी
सुसमा अभय के चेहरे को पकर किस करते हुवे - बाद मे जल्दी कपड़े पहन समझ गया

अभय - हु ठीक है

सुसमा भी जल्दी से निकल जाती फिर धीरे धीरे सब उठ के नहाने धोने मे लग जाते है अदिति अभय के सामने जाने से सर्म मेहसूस कर रही थी जो अभय देख समझ गया था


अभय के घर 9 बजे


यहा भी चहल पहल थी सभी रेडी होने मे लगे थे निकालना जो था

विजय रीमा को लेने गया था कमरे मे रीमा रेडी थी विजय रीमा को देख - जान करते है ना एक बार

रीमा - मेने कहा तो था पिरियड आये है
विजय - गांड तो मारने तो
रीमा विजय के पास आके - अपने ही तो कहा था मेरी गांड पहले भइया मरेगे फिर आप
विजय - अरे हा भूल गया था ठीक है ठीक है
विजय रीमा के चूचे दबाते हुवे - तो और कुछ
रीमा बीच मे विजय को दूर करते हुवे मुस्कुरा के - ना जाना है देरी हो रही है लेकिन मेरे राजा मोक्के कई मिलेंगे

विजय - ठीक है चलो

विजय रीमा गारी मे बैठ जाते है विजय गारी लेके अभय के घर निकल परता है रीमा मोबाइल से किसी को मैसेज करती है

रीमा - आ रहे है
सामने से - समझ गई सब सही है
रीमा - संभाल लिया है
समाने से - ध्यान रखना

अभय के घर हॉल मे आसा मिनिता कोमल दिशा पूजा तारा सिला मधु सब रेडी थे और पुरे जोस खुशी मे भी

कोमल - ये गधा कहा रह गया आया नही अभी तक
दिशा हस्ते हुवे - रीमा को लेने गया है
पूजा मधु - मुझसे तो इंतज़ार नही होता जल्दी चलो ना
आसा मुस्कुराते हुवे - बस बस विजय बेटे को आने तो दो

तभी गारी की आवाज सुन सब बाहर आते है विजय - चलो चलते है

दो गारी लगी थी आसा तारा सिला मिनिता एक गारी मे

कोमल पूजा दिशा मधु रीमा एक गारी मे

दिशा खरी थी अभी बाहर ही विजय धीरे से - भाभी मेरे साथ आगे बैठिये ना
दिशा धीरे से - नही देवर जी रीमा को बैठाये बुरा लगेगा उसे
विजय दिशा के चूचे देखते हुवे - भाभी कल मजा आया अब मे सर्म छोर चुका हु आधे रास्ते मे आगे बैठेगी ना प्लेस

दिशा - ठीक है

सभी बैठ चूचे थे गारी निकल परती है लेकिन दो गारी के आगे एक और गारी पीछे एक गारी थी

मारिया छत से सब देखते हुवे - बॉस सब निकल गये है जैसा अपने कहा हमारे लोग है किसी को कुछ नही होगा

अभय - हु मारिया पता चला कुछ
मारिया - जी सुराग मिल गये है हम उसी के पीछे जा रहे है उमीद है हमे वो मिल जाये
अभय मुठी कसते हुवे - मारिया प्लेस पता लगाओ आज के आज बहोत कुछ दाव पे लगा है तुम जानती तो सब कुछ
मारिया - जी जानती हु मेने अपने सारे लोगो को काम पे लगा दिया है साम तक पता चल जायेगा
अभय - करना ही होगा मारिया एक एक दिन खैर मुझे तुमपे भरोसा है जैसे ही पता चले तुरंत मुझे बताना
मारिया - जी
फोन कट

अभय मुठी कसे हुवे - तूने सही नही किया dp devil कसम खाके केहता हु बस पता चल जाये तु कहा है तुझे मे तरपा तरपा के मारुंगा

रास्ते मे विजय आगे आगे गारी चलाते हुवे पीछे एक लरकी थी जो मधु को या किसी को कही जाना होता तो लेके जाती थी

विजय गारी चलाते हुवे धीरे से रीमा के जांघो के बीच हाथ रख बुर सेहलाने लगता है रीमा विजय का हाथ हटा के धीरे से - मत करो कोई देख लेगा
विजय रीमा को देखता है फिर सीसे में दिशा को देखने लगता है
सभी बाते करने मे लगे हुवे थे

मिनिता - दीदी आज आप बरी दीदी से मिलने वाली है
आसा इमोसनल होके - हा आज बहोत खुश हु मे
तारा सिला - बस दीदी थोरा इंतज़ार और


ट्रेन मे

शोभा बेचैन बेसबरी से इंतज़ार कर रही थी अभय से मिलने जो वाली थी

रेखा शोभा को देख मुस्कुराते हुवे - बस मा साम को हम पहुँच जायेंगे फिर पापा से जितना गले लगना है बाहों मे रहना है रह लेना
शोभा रेखा को देख सर्म से - चुप कर
रीना मुस्कुराते हुवे - दीदी अपने बात तो सही कही

सुसमा के घर के पीछे अभय खरा एक पेर से सत् के मन मे - मा बाकी सब दोपहर को आ जायेगी साम को शोभा बाकी सब को लेने भी जाना है अभय मुठी कसते हुवे -प्लेस मारिया अच्छी खबर सुनना प्लेस

मिनाक्षी अभय के पास आते हुवे - देवर जी आप अकेले मे क्या कर रहे है
अभय मिनाक्षी को देख - कुछ नही भाभी रात के लिये माफ कर देना
मिनाक्षी अभय के पास आके - कोई बात नही मे नाराज नही हु
अभय मिनाक्षी को देख - आप बहोत अच्छी है भाभी
मिनाक्षी मुस्कुराते हुवे - अच्छा जी
अभय मुस्कुराते हुवे - हु बहोत खूबसूरत हॉट भी
मिनाक्षी सर्म से - आप भी ना
अभय - भाभी रात को भइया खूब प्यार करते होंगे
मिनाक्षी अभय के कान पकर जोर से - बेसरम है आप बीवी हु उनकी प्यार करेगे ही
अभय दर्द मे - मुझे भी थोरा प्यार दीजिये
मिनाक्षी और जोस से कान पकरे - अच्छा प्यार चाहिये
अभय कान छुरा के मिनाक्षी को एकदम से कमर कमर अपने से सता के - हा चाहिये
मिनाक्षी अभय के सीने से चिपकी अभय को देख सर्म से - प्लेस कोई देख लेगा देवर जी
अभय हैरान मन मे - यानी भाभी को कोई दिकत नही
अभय मिनाक्षी को छोर - जी समझ गया

तभी मितल आते हुवे - देवर भाभी मे क्या बाते हो रही है
अभय मितल को देख - भाभी पूछ रही है मेरी कोई गिर्लफ्रेंड हो की नही
मिनाक्षी हैरान अभय को देख मन मे - मेने ये कब पूछा
मितल अभय के साथ आके - बचू दिशा मार डालेगी शादी तुझे
अभय मुस्कुराते हुवे - अपने ये तो सही कहा आप बताइये जीजा जी से फोन पे हु
मितल सर्म से - मार खायेगा बहोत
अभय मिनाक्षी को देख - भाभी मेने कुछ गलत कहा आज के समय मे शादी फिक्स होते ही फोन मे बाते शुरू हो जाती है

मिनाक्षी - बात तो आपकी सही है
मितल - हु तो गलत क्या है
अभय मुस्कुराते हुवे - मेने गलत तो नही कहा ना

यहा ऐसे ही बाते होती रहती है

अदिति अभी भी अभय से दूर भाग रही थी सच ये है सर्म से अभय के पास जा नही पा रही थी

दोपहर 12 बजे


विजय सभी एक ढाबे पे रुके नास्ता करने मे लगे हुवे थे विजय दिशा के पास बैठा था दूसरी साइड रीमा थी

विजय सब को देखता है फिर धीरे से दिशा के जांघो के बीच हाथ फेरते हुवे बुर की तरफ ली जाने लगता है तो दिशा एकदम से विजय का हाथ पकर लेती है और हाथ हटा के धीरे से - जो करना चाहते है कर लेना मेरे प्यारे देवर जी बस अभी टाइम सही नही है

विजय दिशा को देखता है फिर खाना खाने लगता है

नास्ता होने के बाद फिर सभी गारी मे बैठने लगते है तो विजय दिशा के पास आके धीरे से -भाभी मेरे साथ आगे बैठो ना

तभी रीमा आगे वाली सीट पे जाके बैठ जाती है दिशा मुस्कुराते हुवे - फिर कभी
विजय रीमा को देखता है और अपनी मुठी कस लेता है

गारी फिर निकल परती है

दोपहर 2 बजे सुसमा के घर के बाहर 2 नई गारी आके रुकती है देखने वाले भी आस पास के देखते ही रह जाते है

गारी दे आसा निकलती है घर को देखती है फिर आसा की नजर सुसमा बाकी सब पे जाती है अपनी दीदी को देख आसा की आखो मे आसु आ जाते है

आसा चलते हुवे सुसमा के पास जाने लगती है सुसमा भी आसा की तरफ आसु लिये बढ़ने लगती है दोनों आमने सामने आके एक दूसरे को देख

आसा - दीदी
सुसमा - छोटी
दोनों एक दूसरे के गले लग जोर जोर से रोने लगते है
सुसमा - माफ करदे छोटी माफ कर दे अपनी इस बहन को
आसा रोते हुवे - कोई बात नही दीदी किस्मत सायद यही चाहती थी
अभय विजय को एक नजर देखता है फिर अपनी मा मासी को बाकी सब दो बहने की इमोसनल सीन देख इमोसनल हो गये थे

आसा - दीदी मेरे साथ और भी लोग आये है मेरी बहु आपकी बहु समधन जी मेरी छोटी बहन भी

आसा दिशा को देख - दिशा बेटी
दिशा मासी के पैर छुटे हुवे - मासी
सुसमा दिशा को गले लगा के - मेरी बहु तो बहोत खूबसूरत है
मिनाक्षी दिशा को देख - ननद जी सच मे बहोत खूबसूरत है देवरानी जी
मितल दिशा को देख मुस्कुराते हुवे - मेरा भाई हैंडसम है तो बीवी भी होगी ही

पूजा सुसमा के पैर छूके - मासी मे हु जीजा जी की प्यारी साली
सुसमा पूजा को गले लगा के हस्ते हुवे - हा आप सच मे बहोत प्यारी है

मधु सुसमा के पैर छूके - मासी मे हु भइया की प्यारी गुरिया
सुसमा मधु को गले लगाते हुवे -तुम सब मे गुरिया हो मेरी बच्ची
सिला सुसमा के गले लग - दीदी मे हु
सुसमा बीच मे गले लगते हुवे - छोटी मा लाला की है ना
सिला - जी अपने सही कहा दीदी

सुसमा तारा को देख - आप है समधन जी
तारा सुसमा के गले लग - जी अपने सही कहा
विजय सुसमा के गले लग - मे हु विजय भइया का प्यारा छोटा भाई
सुसमा विजय को गले लगाते हुवे - जानती हु सब अभय बेटे ने मुझे बताया है

मितल सब को देख इमोसनल होके - सोचा नही था मेरी शादी मे सब आयेगे मेरा सपना पुरा हुआ

मिनाक्षी मितल ले कंधे पे हाथ रख - दिल से मंगा था अपने मिल गया

मिनाक्षी दोनों गारियो को देख - ननद जी अपने भाई मासी गरीब तो नही लगते
मितल दोनों गारी को देख - तो क्या अमीर हो तो अच्छी बात है ना

सुसमा - चलो चलो अंदर अच्छे से बैठ बहोत सारी बाते करेगे छोटी चल
आसा अभय को एक बार देखती है फिर सब अंदर चले जाते है

फिर भाई जो औरतो के बीच बाते होती है वो चलते रहती है

आसा सुसमा दोनों बहने कई साल बाद मिले थे तो बाते बहोत सारी करने को थी तारा सिला मिनिता भी थे साथ मे

दिशा पूजा कोमल मितल मिनाक्षी रीमा अदिति एक कमरे मे थे

अभय अदिति को फोन करके बुलाता है अदिति बाहर आके नजरे नीचे किये - जी भइया

अभय अदिति को देख - तेरी भाभी को लेने जाना है चलोगी
अदिति - जी

अभय गारी मे बैठता है अदिति भी साथ मे बैठ जाती है अभय अदिति निकल परते है कुछ दूर जाने के बाद बहोत गारी रोक अदिति को देख - गुस्सा हो रात जो हुआ उस वजह से
अदिति अभय को देख - नही भाई बस सर्म आ रही थी इस लिये
अभय - सच ना
अदिति - आपकी कसम
अभय अदिति के चूचे दबाते हुवे - तो रात को मजा आया ना तुझे
अदिति सिसकिया लेते हुवे - जी जी भाई

अभय अपना लंड निकाल - गुरिया हिलाओ ना रात जैसे किया वैसे
अदिति अभय के लंड पकर मुठ मारते हुवे सर्म से - जी
अभय मजे से आह करते हुवे - गुरिया रात जाने के बाद बुर मे उंगली की ना तुम ने सच कहना
अदिति हैरान अभय को देख सर्म से नजरे नीचे किये - की बस थोरि देर
अभय - उफ करती रहो गुरिया मजा आ रहा है
अदिति अभय का लंड हिलाते हुवे मन मे - मुझे मजा आने लगा है भाई का लंड हिलाने मे कितना गर्म होता है मेरी मुठी मे भी नही आ रहा

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अदिति अदिति के चूचे जोर से दबाने लगता है अदिति दर्द मे अभय को देख - भाई जोर से मत बताओ दर्द हो रहा है आह
अभय - उफ गुरिया आने वाला है तेज करो
अदिति तेज मुठ मारते हुवे सर्म से - भाई पैट पे गिर जाएगा
अभय मुस्कुराते हुवे - उफ क्या गुरिया
अदिति सर्म से - वो वो वही तो रात निकला था
अभय - रुक जाओ तुमने सही कहा

अदिति रुक जाती है अभय लंड अंदर करके - फिर बाद मे निकाल देना हु
अदिति सर्म से - जी


xxx स्टेसन

एक ट्रेन आके रुकती है एक गेट से शोभा निकलती है शोभा जब सामने देखती है तो अभय अदिति खरे दिख जाते है अभय को देख शोभा इमोसनल हो जाती है और बिना देरी किये भागते हुवे अभय के पास आके अभय से लिपट जाती है अभय भी शोभा को बाहों मे भर लेता है

रेखा रीना राज भी आके खरे हो जाते है अदिति तीनों को देख - वाह भाई के तो इतने बरे बेटे बेटी भी है मे इस उमर मे ही बुआ बन गई

शोभा अभय के गले लगे रोते हुवे - आपको बहोत मिस किया
अभय - पागल रो कियु रही हो मे हु ना तेरे पास देखो मेरे साथ कोन है
शोभा अदिति को देख - आपकी प्यारी गुरिया मेरी प्यारी ननद
अदिति शोभा के पैर छूके - भाभी
शोभा अदिति के गले लगा के - मेरी प्यारी ननद

रेखा रीना अभय से चिपक के - पापा आपको बहोत मिस किया
अभय दोनों को गले लगा के - मेने भी

अभय राज को सीने से लगा के - कैसा है
राज - जी बहोत अच्छा हु
रेखा रीना अदिति के पैर छूके - बुआ
अदिति सर्म से - खुश रहो
अभय हस्ते हुवे - अजीब लग रहा है ना गुरिया
अदिति - अजीब है लेकिन अच्छा है
अभय - चलो सब देख रहे है घर चलते है

अभय फिर सब को लेके एक घर आता है जहा शोभा रुकने वाली थी हॉल मे सब बैठे हुवे थे

अभय शोभा को देख - कुछ दिन यही रहना है मासी की बेटी मितल दीदी की शादी के 3 दिन पहले मे सब को साथ लेके चलूँगा मेने सब प्लान बना रखा है

शोभा - जी जैसा आप कहे
अभय शोभा को गले लगा के - चिंता मत करो जल्दी ही हम सब साथ रहेगे
शोभा अभय के गले लगे - आपसे पुरा भरोसा है

तभी अभय का फोन बजता है

अभय नंबर देख - मे आता हु

अभय दूर जाके - हा मारिया
मारिया - मिल गया
अभय ये सुन सास मे सास आती है
अभय - फोन दो उसे
मारिया - जी
सामने से डरते हुवे कोई केहता है - भाई
अभय - कैसा है
सामने से - जी जी ठीक हु
अभय - .................. ?
मारिया - जी बॉस
अभय - उसे भेजो यहा dp devil का कुछ पता चला
मारिया - चल गया बॉस लेकिन मुझे लगता है उसे भी पता चल गया होगा

अभय मुठी कसते हुवे - उसने अच्छा नही क्या मारिया जंग का ऐलान कर दो अपने लोगो को एक जगह बुलाओ कही भी हो सब को dp devil को पैगाम भेज तो xxx जगह आर पार की जंग होगी 7 दिन बाद मेरी दीदी की शादी है इस लिये नही तो अभी जाके कमीने को मार देता शादी खतम होते ही खेल शुरू करेगे

मारिया - जी समझ गई बॉस हम रेडी रहेगे जंग के लिये
अभय - हा शादी खतम होते ही dp devil का chaptar खतम होगा
मारिया - जी बॉस
फोन कट
मारिया सामने उस बंदे को देख - आपसे ये उमीद नही थी किया से किया हो सकता था आपको पता भी h
समाने खरा इंसान नजरे नीचे किये - सोर्री तुम सब से जो सजा मिलेगी मंजूर है


अभय बात करने के बाद एक मैसेज किसी को भेजता है
समाने से - समझ गई

सुसमा के घर

एक कमरे मे रीमा बैग से कुछ समान लेने आती है पीछे से विजय आके रीमा को पकर चूचे दबाने लगता हो रीमा डरती है फिर विजय को देख - उफ आप भी ना मत करिये आह

विजय एक हाथ रीमा के बुर पे रख दबा के मसलते हुवे - करने दो

तभी दिशा अंदर आते ही - देवर जी सर्म करिये कोई देख लेगा
विजय दिशा को देख दिशा के पास जाके एकदम से दिशा को बाहों मे लेके दिशा के चूचे दबाते हुवे - सर्म कैसी भाभी रीमा की बुर तो लाल है पर आपके मजे तो ले सकता हु ना

दिशा सिसकिया लेते विजय का हाथ चूचे से दूर करके प्यार से - क्या करना है
विजय दिशा को देख - सब कुछ
दिशा - आपके भइया को पता चला तो
विजय रीमा को देख - तुम बटाउगी कुछ भइया को
रीमा - जी जी नही
विजय दिशा को देख - भाभी सुन लिया तो क्या ख्याल है
दिशा विजय को देख - अपने तो कहा था आप मेरी इज़त करते है कभी गलत कर नही सकते सोच नही सकते लेकिन अब दो दिन से आप मेरे पीछे ही परे हुवे है
विजय एकदम से घबरा के - नही नही तो
दिशा एकदम से हसने लगती है और विजय के कान मे धीरे से - ठीक है आज रात घर के पीछे खेत में जो करना है कर सकते है सच कहु आपका लंड देखने के बाद मेरी बुर भी तरप् रही है
विजय जोस मे - सच पक्का भाभी
दिशा रीमा को देख मुस्कुराते हुवे - सच पक्का

दिशा रीमा को देख - समान ले लिया तो चले
रीमा - जी भाभी

दोनों चले जाते है विजय लंड मसलते हुवे - उफ आज रात आह मजा आयेगा भाभी की बुर मारके


आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏🙏
बहुत ही शानदार अपडेट है एक दम मजेदार!
 
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sunoanuj

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chapter 106

( कोई मुझे गाली दे जो बोलना है बोले मुझे फरक नही परता लेकिन वो लोग जो पहले ही स्टोरी ना समझ कुछ भी कॉमेंट करने लगते है ये मत करो वो , किसी भी स्टोरी करेक्टर को स्टोरी लिखने वाले को समझ लिया समझो अपने अंदाज़ा लगा लिया किया हो सकता है स्टोरी मे किया नही

मुझे नाराजगी उन लोगो से होता है जो स्टोरी पढ़ते है हर सवाल का जवाब भी स्टोरी मे होता है मे हीन्त् भी देता हु कई बार सब चीजे किलर होता है फिर भी लोग ना समझ के कॉमेंट करते है ना उनके मुझे नाराजगी होती है

अभय सुसमा के बीच सब हो गया अभय ने अपनी मासी को चोद दिया तो एक भाई फॉमेंट करते है अभय ने अपनी मासी को 2 दिन भी नही हुवे चोद दिया, अब मे उस भाई को किया बोलू किया बोलू कैसे कहु अभय सुसमा की मुलाकात एक महीने पहले हो गई थी हा उस समय दोनों नही जानते थे दोनों भांजा मासी है महीने पहले मुलाकात बाते के बाद दोनों मे सेक्स हुआ कियुंकी जब जब दोनों को पता चला दिल दिमाग तो आगे बढ़ गया था
हा ये सब मेने स्टोरी मे अच्छे से जिगर किया फिर भी लोग कॉमेंट करते

कसम से हर सवाल का जवाब जब स्टोरी मे होते हुवे ना समझ के कॉमेंट करते है ना हो मेरा सर दर्द करने लगता है दिल करता है साला सब छोर दु खतम कर दु कियु फोकट का टेंसन लेना

सुसमा के घर

अभी भी सब के बीच बाते चल रही थी जाहिर है दो बहन लम्बे समय बाद मिले थे कमरे मे मितल आती है सुसमा मितल को देख - कई महीनों से परेसान करके रखा था मासी नही आयेगी तो शादी नही करुगी देख मासी बाकी सब आ गये अब करेगी ना शादी

मितल आसा के पीछे से गले लगते हुवे मुस्कुराते हुवे - हा मेरी प्यारी मासी आ गई मेरा भाई सब आ गये तो कियु ना करुगी

आसा मितल को गले लगाते हुवे - मेरी बच्ची की शादी है मे आ गई हु ना अच्छे से होगी तेरी शादी

मिनिता - अच्छा हुआ दीदी सब पहले ही अभय से सही कर दिया मामला नही तो मितल शादी ही नही करती
सिला हस्ते हुवे - सही कहा अपने लेकिन समय रहते सब सही हो गया
तारा - बिल्कुल अब तो बस धूम धाम से शादी होगी मितल बेटी की
मितल शर्मा जाती है


दूसरी तरफ अभय शोभा को इसारे से कमरे मे चलने को कहता है शोभा समझ जाती है और सर्म से मन मे - कितने बेसरम है सब के सामने

शोभा खरी होके - तुम सब बाते करो हम आते है कियु जी चले
अभय मुस्कुराते हुवे - हा कियु नही

रेखा मन मे हस्ते हुवे - जैसे हमे पता ही नही कियु जा रहे है
रीना मन मे हस्ते हुवे - रुका भी नही जा रहा
अदिति मन मे सर्म से - हद है क्या क्या देखना परेगा मुझे

कमरे मे अभय आते ही शोभा को बिस्तर पे लेता के - जाना होगा इस लिये अभी कर लेते है
शोभा सर्म से - जी समझ सकती हु मे भी तरपि हु
अभय मुस्कुराते हुवे - मे भी मेरी जान

अभय शोभा को किस करने लगता है फिर धीरे धीरे दोनों नंगे होके एक दूसरे को चूमने लगते है अभय शोभा के चूचे दबाते हुवे मजे से चूसने लगता है शोभा सिसकिया लेते हुवे - उफ पति जी मेरी जिस्म आपके प्यार के लिये तरप् रही थी उफ अब जाके वो प्यार मिल रहा है

दोनों मिया बीवी पुरे जोस मे लगे रहते है अभय शोभा की मस्त बुर का रस पिता है और शोभा लंड का स्वाद लेती है फिर अभय शोभा की एक पैर उठा के अपने कन्धे पे रख बिस्तर के नीचे खरा शोभा की बुर के छेद पे लंड रख जोर से धक्का मारने पुरा घुसा देता है और चुदाई शुरू हो जाती है

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शोभा दर्द अभय को देख - एक बार मे ही घुसा देते है दर्द होता है
अभय शोभा के चूचे दबाते चुदाई करते हुवे - क्या करू मेरी जान रुक नही पाता
शोभा - उफ आह पति जी मेरी बुर आपके लंड के लिये बहोत तरपी है
अभय तेज धक्के मारते हुवे - अब नही तरपे गी उफ बहोत गर्म है
33 मिनट बाद

अभय शोभा को बाहों मे लिये - कितनी गर्म टाइट थी तुम्हारी बुर
शोभा सर्म से - बेशर्म पति जी एक महीने से तरप रही थी गर्म तो होगी ही
शोभा अभय को देखते हुवे थोरा सर्म से - सुनिये मुझे आपको कुछ बताता है
अभय शोभा को देख - हा बोलो ना
शोभा सर्म से - वो वो आप ना पापा बनने वाले है मे मा
अभय जोर से - क्या कहा सच्ची मे
शोभा अभय का हाथ अपने पेट पे रख - हु सच्ची

अभय शोभा को बाहों मे कस के - मे बहोत खुश हु शोभा मे चाहता ही था हमारे बच्चे हो
शोभा अभय के बाहों मे समाये - मे भी बहोत खुश हु आपके बच्चो की मा बन के
अभय शोभा के चेहरे को पकर प्यार से - एक और बच्चा करेगे किया कहती हो
शोभा सर्म से - जैसा आप कहे
अभय - शोभा केह तो नही सकता कब लेकिन एक दिन हम साथ रहेगे तुम अपने ससुराल मे रहोगी
शोभा खुश होके - सच
अभय - हा बस थोरा इंतज़ार करना होगा
शोभा अभय के लगे लगते हुवे इमोसनल होके - कर लुगी इंतज़ार

अभय - हु जान रेखा बेटी को चोदना है अभी क्या करू
शोभा मुस्कुराते हुवे - रेखा भी बेचैन है आपका लंड लेने के लिये बुला लीजिये मे नहाने जा रही हु
अभय मुस्कुराते हुवे - ठीक है
अभय रेखा को फोन करता है रेखा भी कमरे मे आती है शोभा नहाने चली जाती है

रेखा अभय के पास जाके अभय का लंड पकर हिलाते हुवे अभय को देख - मुझे लगा मेरे पापा को अब मेरी जरूरत नही है
अभय मुस्कुराते हुवे - बेटी की बुर से मन भर सकता है क्या
रेखा - उफ पापा बहोत तरपी हु आह मेरी बुर
रेखा अभय का लंड मुह मे लेके चूसने लगती है अभय - उफ रेखा बेटी आह

रेखा फिर सारी पेटीकोट उपर करके तांगे फैला के अभय को देख - पापा देखिये आपकी बेटी की बुर कैसे गीली होके तरप रही है
अभय रेखा की बुर देख मुस्कुराते हुवे - अभी इसकी तरप मीटा देता हु
अभय रेखा के बुर चूसने चाटने लगता है रेखा मजे से सिसकिया लेते हुवे - उफ पापा बहोत मजा आ रहा है चूसते रहिये उफ मा पापा आह
चुसाइ मे ही रेखा झर जाती है

Z s87GWUn1ICr5oe
अभय फिर छेद पे लंड रख जोर का धक्का मारता है रेखा दर्द मे आह मा मर गई अभय तेज धक्के मारते हुवे - उफ रेखा बेटी तेरी बुर तो सच मे बहोत गर्म है राज अच्छे से चोदता नही है क्या
रेखा सिसकिया लेते हुवे अभय को देख - उफ पापा भाई चोदते है आह अच्छे से लेकिन आपकी बात ही अलग है उफ आप तो पूरी गर्मी अच्छे से निकाल देते है पापा बहोत मजा आ रहा है चोदते रहिये उफ
25 मिनट बाद

रेखा सारी बाल सही करके बैठे बाते करने लगते है शोभा नाहके आती है और अभय रेखा को देख मुस्कुराते हुवे - हो गया पापा बेटी का प्यार
रेखा सर्म से - मा आप भी ना
अभय मुस्कुराते हुवे - हो गया जान मे क्या कहता हु खाना मंगवा लेते है खाके घर जाउंगा

शोभा - नही बिल्कुल नही मे बनाउगी आप मेरे पति है अपने हाथो का खाना खिलाऊँगी
अभय - लेकिन जान सफर से तुम सब थक गई होगी
शोभा - नही मे बनाउगी
अभय - अच्छा बाबा ठीक है

शोभा रेडी होके खाना बनाने लगती अभय ने पहले ही सब इंतज़ाम करके रखा हुआ था

किचन मे अदिति शोभा के गले लग - भाभी बधाई हो आपको
शोभा अदिति को गले लगा के सर्म से - आपको भी आप बुआ जो बनने वाली है
अदिति मुस्कुराते हुवे - जी भाभी
अदिति मन मे - पता नही और कितनी बार बुआ बनुगी
अदिति - भाभी मे आपकी मदद कर देती हु
शोभा मुस्कुराते हुवे - जी मुझे खुशी होगी मेरी प्यारी ननद मदद करेगी तो

वही अभय छत पे खरा मन मे - जंग होने वाली है कहना मुश्किल है क्या होगा डर तो लग रहा है मे मरने से नही डरता लेकिन मेरे चाहने वाले मा सब

तभी रीना आते हुवे - पापा किस सोच मे है आप
अभय पीछे रीना को देख मुस्कुराते हुवे - तुम्हारी
रीना मुस्कुराते हुवे - मेरी सोच मे कियु
अभय रीना को बाहों मे लेके - तुम मेरी बेटी बहोत खूबसूरत हो थोरा प्यार पापा को भी देदो जैसे रेखा बेटी देती है
अभय की बात सुन समझ रीना सर्म से - छि गंदे पापा
अभय रीना के होठ पे उंगली रखते हुवे - किस करलू हु
रीना अभय को देख सर्म से - पापा प्यार दुगी सब दुगी लेकिन
अभय मुस्कुराते हुवे - समझ गया पहला हक हु जीतू
रीना सर्म से - जी आप करना चाहे तो कर सकते है
अभय रीना के चूचे देख - बहोत बड़े है ठीक है इंतज़ार कर लूंगा
अभय धीरे से कान मे - उसके बाद बुर दोगी ना
रीना की सासे रुक जाती है
रीना - उफ पापा दीदी ने दिया है तो मे भी उफ दुगी
अभय रीना के एक चूचे दबा के - ठीक है

सुसमा के घर

अशोक राहुल आ गये थे अंधेरा होने लगा था आगन मे मिनाक्षी मितल खाना बना रहे थे बाकी सब बाते कर रहे थे

राहुल आसा के पैर छूके - मासी आप आई बहोत खुशी हुई
आसा राहुल को गले लगा के - मुझे भी मेरे बच्चे
अशोक आसा को देख - साली जी हमे माफ कर दीजियेगा आप ने इतना सब सहा और हम
आसा - कोई बात नही जीजा जी मे किसी से नाराज नही ये तो किस्मत का खेल था जो होना था हो गया
सुसमा - मेरी छोटकी दिल से बरी है अरे हा ये लरका अभय बेटा कहा गया दिख नही रहा है
दिशा - जी वो एक दोस्त मिल गये उनके बुआ के घर है आ जायेंगे
सुसमा - अच्छा अदिति बेटी भी गई है साथ मे
दिशा - जी मासी
आसा मन में - ये लरका भी ना

वही अभय सभी के साथ बैठ सभी खाना खा रहे थे

अदिति - भाभी आप खाना बहोत अच्छा बनाती है
शोभा - आपको अच्छा लगा
अदिति - जी भाभी बहोत अच्छा लगा
अभय शोभा को देख - मेरी बीवी जो है कियु मेरी जान
शोभा सर्म से - सर्म करिये
रेखा हस्ते हुवे - सर्म करे पर कियु
रीना मुस्कुराते हुवे - हम सब है ना इस लिये
राज - खाना खाओ चुप चाप
रेखा रीना चुप हो जाते है

बाते करते खाना पीना हो जाता है
अभय शोभा रेखा रीना राज को देख - अब हमे जाना होगा लेकिन मे आता रहुंगा पास मे ही हम है

अदिति - मे भी आती रहूगी बरी भाभी जो लोग आप के बारे में जानते है वो भी आपसे मिलने आते रहेगे

शोभा - जी समझ गई
अभय शोभा को बाहों मे लेके - अपने पति को माफ कर देना शोभा साथ रह नही पा रहा तुम्हारे
शोभा अभय के बाहों मे समा के इमोसनल होके - नही जी आपके जैसे प्यार करने वाला पति मुझे मिले है मे किस्मत वाली हु आपका थोरा भी प्यार मुझे मिलेगा उसी मे खुश रहूगी लेकिन आप बहोत अच्छे है पति जी आई लोव यू
अभय शोभा के होठ पे किस करते हुवे - आई लोव यू तू

अभय सब से गले लगता है फिर बाय बोल गारी मे आके बैठ जाता है
अदिति - देखा मेने मुझे खुशी है की मेरे भइया सब को कितना प्यार करते है
अभय अदिति को देख - वो मेरे अपने है उन्हें प्यार देना ख्याल रखना मेरी जिमेदारी है अब चले
अदिति - हु चलिये

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अभय गारी लेके निकल परता है लेकिन आधे रास्ते मे साइड पे गारी रोक अदिति को देख - गुरिया
अदिति समझ जाती है सर्म से - भाई
अभय अपना लंड बाहर निकल हिलाने हुवे - हिलाओ ना गुरिया जब तुम मेरे लंड को हाथो पे पकर हिलाती तो तो बहोत अच्छा लगता है अदिति सर्म से नजरे बीचे किये धीरे से अभय के लंड पकर - सच
अभय अदिति को देख - उफ हा जैसे अभी तूने पकरा उफ गुरिया हिलाओ मुठ मारो आह

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अदिति अभय के लंड के चमरे को उपर नीचे करते मुठ मारते हुवे मन मे - उफ कितना बरा गर्म है हाथो मे पकरते ही मेरी बॉडी गर्म और बुर गीली होने लगती है नशे कैसे फूली हुई है भइया के लंड की
अभय अदिति को देख - गुरिया मजा आ रहा है एक बात कहु मेरे लंड को देख मुह मे लेके चूसने का दिल नही करता तेरा सच कहना
अदिति हैरान शोक अभय को देखती है फिर नजरे नीचे कर लंड को देखते हुवे सर्म से - मुझे नही पता भाई
अभय अदिति को देख - गुरिया खुल के बोल अब हम कोई बात नही छुपाते
अदिति लंड हिलाते हुवे अभय को देख - जी करता है
अदिति के मुह से ये सुन अभय का लंड और टाइट होने लगता है
अभय - कब से
अदिति सर्म से - जी वो मधु ने बताया फिर आपका लंड देखा तब से
अभय जोस मे अदिति को देख - तो सोचना क्या है तेरा भी हक है मुझे भी बहोत अच्छा लगेगा मेरी गुरिया मेरे लंड को मुह मे लेगी तो

अदिति अभय के लंड को देखती है फिर मन मे - हा लेना है जब से मधु ने कहा लंड चूसने मे बहोत मजा आता है तब से मेरे अंदर भी उफ अब तो देख रहा नही जाता बहोत सर्म आ रही है लेकिन दिल मान नही रहा
अभय - उफ गुरिया देरी मत करो घर भी जाना है
अदिति - जी जी भाई

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अदिति हिम्मत करके सर्म से लाल झुक के अभय के लंड पकरे लंड के टोपे को चूमती है थोरा स्वाद लेती है अपनी प्यारी गुरिया को ऐसा करते देख होठ अपने लंड के टोपे पे फिल कर अभय को जो मजा आता है वो तो एक भाई अभय ही फिल कर रहा था
अभय - उफ मा कसम गुरिया सुकून मिल गया आह
अदिति टोपे का स्वाद लेके मन मे सर्म से - गंदा है लेकिन मधु ने कहा था शुरू मे पहली बार गंदा लगता है बाद मे बहोत मजा आता है हु

अदिति गर्म थी जवान लरकी थी इतना सब होने देखने के बाद जाहिर है उसका भी मन करेगा ही अदिति तय कर चुकी थी आज अपने भाई के लंड का स्वाद लेके ही रहेगी

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अदिति झुकती है मुह खोल अपने भाई का मोटा लंड धीरे धीरे जितना हो सके अंदर लेके चूसने लगती है अपना पुरा लंड अपनी प्यारी गुरिया के मुह मे फिल करके अपनी गुरिया के होठ अपने लंड पे दबाव फिल करके अभय को आज वो मजा मिला जो एक भाई को बहन से मिल सकता है अभय मजे से आह करते अदिति के सर पे हाथ रख - बहोत अच्छे गुरिया अच्छा कर रही हो उफ तूने तो आज अपने भाई को जो मजा दे रही हो उफ केह नही सकता कितना मजा आ रहा है
अदिति एक हाथ से लंड पकरे मजे से चुस्टे हुवे मन मे - उफ मधु सही केह रही थी आह भाई का लंड चूसने मे बहोत मजा आ रहा है लंड का स्वाद नमकीन जैसा है लेकिन उफ चूस के पीते रहने का दिल कर रहा है

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अभय भी पुरे जोस मे आके नीचे से अदिति के मुह मे धकके मारके लंड घुसाने लगता है अभय - उफ गुरिया ये मजा उफ आज तक ऐसा मजा मुझे किसी के लंड चूसने से नही आया जो मजा तेरे चूसने से आ रहा है गुरिया मेरी जान चुस्टे रहो रुकना मत ये मजा उफ आह गुरिया
अदिति लंड चूसते हुवे मन मे - भाई को बहोत मजा आ रहा है तो और अच्छे से मुझे चूसना होगा ताकि भाई को और मजा आये

अदिति और मजे से लंड के टोपे पे गोल जीब घुमा घुमा के चाटने चूसने लगती है अभय को और मजा आने लगता है अभय - उफ कसम से गुरिया गजब अच्छा कर रही हो उफ बहोत जयदा मजा आ रहा है हा ऐसे ही चुसो चाटो जीब से अपने भाई का लंड उफ आह
अदिति - उफ मुझे भी मजा आ रहा है मोटा गर्म गर्म चिप चिपा रस से भरा भाई का लंड चूसने मे आह ये स्वाद तो गजब है आज मुझे ये स्वाद मिला ये मजा मिला है भाई उफ आपका लंड कमाल का है
अभय जोर से आह करते हुवे - गुरिया आने वाला है तुझे सब रस मुह मे लेने पीना होगा जोर से करो आह जल्दी उफ आह गुरिया
अदिति अभय की बात सुन जल्दी से तेज मुह मे लेके चूसने लगती है अभय अदिति के सर पकर दबाते नीचे से धक्के मारते हुवे - आह उफ गुरिया मेरी प्यारी गुरिया ये ले भाई का रस पीले आह
अभय अदिति के सर पकर दबाते हुवे पिचकारी मारते झरने लगता है एक मिनट तक गर्म गर्म सारा माल अदिति के मुह मे गिरा देता है आज अभय गजब का झरा था कियुंकी लंड चूसने वाली उसकी सगी छोटी बहन गुरिया थी

अदिति अपने मुह मे इतना सारा गर्म गर्म अपने भाई का माल लेके उसकी ससे फूलने लगी थी अभय जल्दी से अदिति के सर को छोर देता है अदिति लंड पे होठ दबा के धीरे धीरे मुह से लंड निकाल मुह मे अपने भाई का गर्म पानी लेके अभय को देखती है

अभय अदिति को देख - पी जाओ गुरिया तेरे भाई के लंड का पानी है
अदिति भी बरी मुश्किल से पुरा का पुरा माल पी जाती है पीते ही अदिति जोर जोर से खासने लगती है ससे लेने लगती है

अभय अदिति के पीठ सेहलते हुवे - गुरिया तुम ठीक तो हो ना
अदिति जोर जोर से सासे लेते अपना मुह साफ करके अभय को देख सर्म से - जी जी भइया मे ठीक हु वो सासे रुक सी गई थी उफ
अभय अदिति को सीने से लगा के - आज तूने अपने भाई को बरी खुशी दी है सुक्रिया
अदिति सर्म से - नही भाई सुक्रिया मत कहिये मुझे भी बहोत मजा आया
अभय अदिति के चेहरे को पकर आखो मे देख - सच
अदिति सर्म से - आपकी कसम
अभय खुश होके - तो जब बोलुगा चुसोगी
अदिति सर्म से - जी भाई

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अभय अदिति के होठ चूसने लगता है अदिति भी पुरे जोस से अपने भइया का साथ देते हुवे दोनों भाई बहन होठ का रस पीने लगते है
2 मिनट बाद

अभय - गुरिया बुर मे उंगली मत करना ना ही पानी निकालना समझ रही हो ना मेरी बात को

अदिति की सासे रुक जाती है अभय की बात सुन कियुंकी अदिति समझ गई थी उसका भाई ये कियु केह रहा है

अदिति दूसरी तरफ देख धीरे से सर्म से - जी जी भाई जैसा आप बोले
अभय गारी चालू करते हुवे - आज जो मजा आया उफ केह नही कहता गुरिया पैंटी गंदी हो गई होगी बदल लेना
अदिति हैरान अभय को देखती है अभय मुस्कुराते हुवे - तेरा भाई इस सब मे खिलाडी है
अदिति सर्म से पानी पानी हो जाती है तभी अभय का फोन बजता है

अभय - हा
सामने से ......?
अभय - ठीक है आता हु
अदिति - कोन था भाई
अभय मुस्कुराते हुवे - कोई नही चलते है


सुसमा के घर के पीछे दिशा विजय खेत की तरफ जा रहे थे विजय दिशा के हाथ पकरे हुवे था तभी विजय दिशा को एकदम से बाहों मे लेके चूचे जोर से दबाने लगता है

दिशा सिसकिया लेते हुवे - नही देवर जी और आगे यहा कोई आ सकता है
विजय दिशा के ब्लाउस के अंदर हाथ डालते हुवे - नही रुका नही जाता

दिशा विजय का हाथ पकर प्यार से - यहा अच्छे से नही कर पायेंगे 10 मिनट का रास्ता है आगे एक माचन् है लालटेन है मेने सब रेडी करके रखा है

विजय - ठीक है चलते है रहा नही जाता भाभी उफ
दिशा मुस्कुराते हुवे - हु चलिए मुझे भी रहा नही आता

खेतो से होते चादनी रातों मे दिशा विजय माचन् के पास आ जाते है दूर दूर तक खेत थे और कोई नही था विजय एक नजर चारों तरफ देखता है चादनी रात की वजह से कुछ दूर देखा जा सकता था

विजय दिशा के पास सत् के एक चूचे पे हाथ रख दबाते हुवे - उफ मस्त है
दिशा विजय को देख मुस्कुराते हुवे - अच्छा लेकिन इसकी सजा तुम सेह नही पाओगे
विजय हैरान दिशा को देख - मतलब

विजय के पीछे से कोई कहता है - मे बताता हु
विजय शोक मे पीछे देखता है तो एक विजय और खरा था तभी खेत मे छुपे 20 लोग जब खरे होते है तो विजय की हालत खराब हो जाती है

हा दो विजय लेकिन एक नकली था एक असली

दूसरा विजय पहले विजय के पास जाने लगता है लेकिन पहला विजय जल्दी से एक चाकू निकाल दिशा की तरफ देखता है तो दिशा के आगे दो लरकी खरी थी मास्क पहने

दूसरा विजय तेजी से पहले विजय के चाकू वाले हाथ को पकर - तूने इसी हाथ से मेरी प्यारी भाभी को मेरी जान रीमा को छुवा है ना

पहला विजय कुछ कर पता तब तक दूसरा जो असली था पहले विजय का हाथ तोर देता है कराक् के आवाज के साथ
पहला नकली विजय दर्द मे चीखने ही वाला था पीछे से कोई उसके मुह को बंद कर अछे से पकर लेता है

विजय दिशा को देखता है फिर एकदम से दिशा के पैर पे गिर रोते हुवे - माफ कर दीजिये भाभी मेरी गलती की वजह से आप को रीमा को इतना सब सेहना परा मेरी वजह से सब खतरे मे आ गये थे

दिशा विजय को उठा के ; गलती तो आपसे हुई है देवर जी लेकिन जरूरी ये है खतरा तल गया है

विजय रोते हुवे - लेकिन भाभी इस कमीने ने आपको छुवा इस कमीने ने आपको सिर्फ मेरे भइया छु सकते है और कोई नही

दिशा लाल आखो से नकली विजय को देख - हा उसकी सजा तो उसे मिल के रहेगी

तभी अभय आते हुवे - सही कहा दिखा मेरी बीवी मेरे अपनो पे हाथ डाला है सजा भी ऐसी मिलेगी रूह काप् जाए

अभय एक नजर नकली विजय को देखता है फिर असली विजय को
विजय अभय को देख डर जाता है अभय मे नियम बनाये थे गलती की सजा सब को मिलके ही रहेगी चाहे कोई भी हो

दिशा अभय के सीने से लग - पति जी उसने
अभय दिशा को बाहों मे लेके - रोना मत तुमने बहोत अच्छा क्या दिशा अब सजा की बरी है

अभय नकली विजय को देख - तुम विकास हो ना हु

नकली विजय अभय को देख डरता नही जाहिर है नकली विजय यानी विकास को पता है अभय कोन है फिर दिशा उसकी कोन है फिर भी उसने सब करा

अभय अपने बंदे को इशारा करता है तो जिस बंदे ने विकास का मुह बंद किया था खुल देता है

विकास दर्द मे तरपते हुवे अभय को देख - तो आह तुम जान गये
अभय - जानते तो हो मे कोन हु
विकास दर्द मे भी मुस्कुराते हुवे - अच्छे से जनता हु कमीने तेरी वजह से मे पीछे रह जाता तु आगे लोग सब तेरी बाते करते मुझे कोई देखता भी नही था जबकि मेरे अंदर भी वो दम पावर थी

अभय - हु ये सच है चलो मरने से पहले बता भी दो कैसे तुम विजय के जगह लिये
विकास अभय को देखता है फिर हस्ते हुवे विजय को देख - आसान था

dp devil तुम्हे कही से भी ढुंढ के मारना चाहता था कियुंकी तूने उसका सब कुछ खतम कर दिया dp devil के कई लोग तुझे पगलो की तरह ढुंढ रहे थे उसमे मे भी था

किस्मत ने मेरा साथ दिया मुझे विजय दिख गया एक लरकी के साथ बाइक पे जाते हुवे बस उसी दिन से विजय को फ्लोव् करने लगा

विकास विजय को देख - ये पागल उस लरकी मे इतना खोया रहता था की आस पास ध्यान ही नही देता उसका पुरा फायेदा मुझे मिला जब दोनों पार्क मे बैठ बाते करते तो मे चुपके से सुनता था दोनों की बाते सुन मुझे पता चला वो लरकी रीमा है जिसके विजय प्यार करता है दोनों की बाते सुन आह आह मुझे ये भी पता चला तुम जाने वाले हो और , विकास दिशा को देख मुस्कुराते हुवे, तेरी बीवी के बारे मे भी

विजय विकास की तरफ गुस्से से जाते हुवे - साले मेरी भाभी को
अभय बीच मे - सन्त बोलने दो
विजय एक जगह सन्त खरा हो जाता है

विकास - दोनों की बाते सुनके मुझे बहोत कुछ पता चला इतना काफी था तेरे घर के अंदर जाने का प्लान भी बन गया

जिस दिन तु गया उसी साम विजय घर बाइक से आ रहा था बीच मे ही मे अपने लोगो के साथ रेडी था बस विजय को बेहोस करके उसकी जगह मे ले लिया


दिशा आगे आके - फिर तुम रीमा के पास गये कियुंकी तु हवस से भरा इंसान है तुझे लगा रीमा आसान शिकार है

विकास हस्ते हुवे दिशा को देख - एकदम सही विजय रीमा दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे दोनों के बीच सब हो भी चुका था लेकिन सोचा नही था उस दिन मे कुछ कर नही पऊगा
दिशा - तुम रूप बदलने मे माहिर हो सच कहूं तुझे देख कोई केह नही सकता तुम नकली विजय हो लेकिन तुम एक बात भूल गये
विकास - वो क्या
दिशा - फीलिंग एहसास ये तिलिंग एहसास तब आती है जब कोई अपने प्यारे को देखते है रीमा के पास तुम गये लेकिन रीमा तुझे देख तेरी आखो मे देख समझ गई तुम विजय नही हो रीमा को वो फीलिंग एहसास जो देवर जी को देख होती थी वो हुई ही नही इस लिये उन्होंने बहाना बनाया की पीरियड आये है

विकास हैरान होता है
दिशा - उसी रात रीमा ने मुझे फोन करके बताया

रीमा - भाभी आज ऐसा हुआ मुझे लग ही नही रहा वो विजय जी है समझ नही आ रहा कुछ

दिशा हैरान होके - क्या रीमा अगर ऐसा है तो दो ही चीजे हो सकती है पहला वो कोई दूसरा है दूसरा देवर जी बदल गये मुझे पहला लगता है देवर जी को मेने टेस्ट लिया करीब से जानी हु तो देवर जी बदल नही सकते

रीमा हैरान होके - तो भाभी कोन हो सकता है
दिशा - बात नही लेकिन वो भी है आया गलत इरादे से ही है एक बात बताओ देवर जी के जिस्म पे कोई ऐसा निसान है जिसे देख पहचान सके

रीमा - जी सीने पे वो इंसान
दिशा - नही दूसरा ये काम नही करेगा जब कोई देवर जी के जगह आया है तो जाहिर है उसे सब पता होगा कोई ऐसा जिसपे ध्यान जाये भी तो इंग्नोर कर दे
रीमा सोचते हुवे सर्म से - वो वो इनके लंड के ऊपर तिल है काला
दिशा सर्म से - हु समझ गई सुनो वो जो भी है फिर कोसिस करेगा तेरे साथ कुछ करने की तो सावधान रहना मे पति को को बताती हु सब

रीमा - जी समझ गई

दिशा विकास को देख - फिर मेने पति जी को सब बताया

अभय - किया दिशा तुम सब ठीक तो हो ना उसने किसी के साथ
दिशा - नही अभी कोसिस की है
अभय - जो भी है उसे पता था मे जाने वाला हु तब वो आया विजय का रूप लेके दिशा उसे टाइम को आदत पर जायेगी समझ रही हो ना तुझे उसे सक होने नही देना है अगर ऐसा हुआ तो

दिशा विकास को देख - फिर मेने वैसा ही किया तुझे अपने आप को छूने दिया ताकि तुम किसी और पे धयान ना दे सको मुझे कैसे भी पति जी के पास तुझे ले जाते हुवे नाटक करना था जब तक देवर जी मिल नही जाते देवर जी मिल गये फिर तेरी फील्डिंग सेट करदी देख तो रहे ही हो

विकास सन्त रहता है फिर जोर जोर से हसने लगता है

विकास हस्ते हुवे - मेरा कम बस इतना था जनकारी निकालना shadow के बारे मे पता करना लेकिन मेने देखा साला shadow के आस पास एक पे एक लरकी औरत है तो उफ और तुम आह ये सच है मे हवस की वजह से पकरा गया कियुंकी मुझे रोज एक बुर चाहिये ही होता था खैर सायद मेरी मौत यही लिखी थी लेकिन मजा बहोत आया जितना भी तेरे

इतने मे ही विजय तेजी से जाके विकास के दूसरे हाथ को भी तोर देता है और मुह बंद करके गुस्से से - एक बार फिर इस गंदी जुबान से मेरी भाभी का नाम भी लिया तो अच्छा नही होगा

अभय दिशा के पास जाके गले लगा के - मेरी जान तूने अच्छा क्या हा उस कमीने ने तुझे टच किया लेकिन
दिशा - नही पति जी करना जरुरी था बाकी अब उसकी सजा आप उसे दे ही दोगे
अभय दिशा को किस करके - हु जाओ हम आते है
दिशा - लेकिन मुझे उसे मरते हुवे देखना है
अभय - नही जान हमारी मजबूरी किस्मत हमे एस रास्ते पे लेके आई है लेकिन मे नही चाहता तुम हमारा बच्चा पे ये सब परे

दिशा - ठीक है जी जैसा आप कहे

दिशा जाने लगती है अभय दिशा को देखता है जाते huw फिर विकास के पास आके मुह कस के पकर् गुस्से से आखो मे देख - मेरे बारे मे सब जनता था किस पे हाथ डाल रहा है उसकी सजा तुझे किया मिलेगी ये भी जनता था लेकिन अगर तु ये सोच रहा है मे गुस्से से एक बार मे ही मुझे मार दूँगा तो तु गलत है
अभय की बात सुन विकास की आखो मे वो डर दिखने लगता


विकास का मुह बंद किया जाता है और अभय एक एक उंगली हाथ के पैर के पैर भी तोर देता है फिर सीने के हड्डी भी कोई कट खून नही बस अंदर की हड्डी टूटने की आवाज सुनाई दे रही थी और विकास दर्द पे तरप रहा था लेकिन आवाज नही निकल पाती 10 मिनट मे ही दर्द ना सहने की वजह से विकास दम तोर देता है

अभय j, k लोगो को देख - लाश ठिकाने लगा तो और मासी के घर के चारों तरफ लोगो को लगा दो

j. k - जी बॉस

अभय विजय को देख - चले
विजय डरते हुवे - जी जी भाई

विजय - भाई माफ
अभय बीच मे - बहोत कुछ हो गया जो होना नही चाहिये था इस बारे मे कल आराम से बात करेगे

घर पे आगँन मे सब लाइन दे बैठे थे खाना लग रहा था आसा दिशा को देख - बहु लाला विजय बेटा दोनों कहा है
दिशा - मम्मी जी आ रहे है
सुसमा - ये दोनों भी ना खाने के समय हो गया और पता नही किया कर रहे है
मिनिता - आने दो खबर लेती हु दोनों की
सिला - और नही तो किया टाइम का ख्याल भी नही है दोनों को
तारा हसने लगती है
पूजा - मा आप हस कियु रही है
तारा - हसू नही तो क्या सब दामाद जी पे गुस्सा कर रहे है लेकिन आयेगे तो कोई कुछ बोल नही पायेगा
अदिति हस्ते हुवे - अपने एकदम सही कहा
सुसमा - कियु कोई नही बोलेगा
sabhi सुसमा को देखने लगते है

tabhi अभय विजय आते है रीमा विजय को देखती है विजय रीमा को रीमा के दिल मे एहसास फीलिंग आती है हा यही उसका विजय है

मिनिता अभय विजय को देख - अरे तुम दोनों आ गये आ जाओ बैठो
सिला - तुम दोनों का ही इंतज़ार कर रहे थे
तारा फिर हसने लगती है तो सब हसने लगते है तारा ने जैसा कहा किसी ने गुस्सा नही किया

अभय आसा के पास बैठ - मा सब हस कियु रहे है
विजय मिनिता के पास बैठ - हा बताओ ना
दिशा - बस ऐसे ही
अशोक - चलो खाते है मुझे खुशी है मेरी साली बाकी आप सब आये मेरी बेटी की शादी मे
मितल - हा खास कर मेरी प्यारी मासी को
आसा मुस्कुराते हुवे - आना ही था आ गये
मिनाक्षी - सुकर है आप आ गई मासी नही तो ये शादी तो टूट के रहती
सुसमा - हु छोटी बहु सही केह रही है

खाना पीना होने के बाद फिर सब बाते करने लगते है लेकिन सवाल ये था सब कैसे सोने वाले थे

सुसमा - मितल अदिति पूजा बेटी एक कमरे मे ,
अभय बीच मे - कोई कही भी सोये लेकिन हम मा बेटे साथ सोयेंगे
आसा की सासे रुक जाती है वही सुसमा हैरान होके - किया मुझे लगा हम साथ सोयेंगे अच्छा मा के आते ही मासी को भूल गया

अभय आसा को गले लग - नही मासी आपके साथ कल
सुसमा - ठीक है भाई तुम मा बेटे को एक कमरा मिल जायेगा
अभय धीरे से - मा रेडी हो ना
आसा सिहर जाती है

तीन चार एक एक कमरे मे सोने वाले थे जिसको जिसके साथ सोना था जोरि बना के लेत जाते है

सुसमा लेती नाइटी के अंदर बुर पे उंगली करते हुवे मन मे - उफ बहोत दिल कर रहा है लेकिन अब कल ही ले पयुगी लंड उफ अभय बेटे ने फिर प्यास जगा दी तो वही आग ठंडी करेगा

एक कमरे मे अदिति पूजा कोमल दिशा थे

दिशा कोमल पूजा बाते कर रहे थे लेकिन अदिति बार बार होठ छु रही थी जीब फेर रही थी कियुंकी अदिति को लंड का स्वाद अभी भी फिल हो रहा था गारी वाला सीन याद आ रहा था वो मजा कैसे भाई का लंड चुस्के स्वाद लिया कितना मजा आया सब याद मे खोई थी

दिशा कोमल पूजा अदिति को देखते है फिर मुस्कुराने लगते है तीनो को समझ आ चुकी थी कुछ ना कुछ हुआ तो है

वही अभय आसा कमरे मे आते है आसा खरी थी अभय जाके अच्छे से दरवाजा बंद कर देता है ये देख आसा की सासे रुक जाती है

अभय आसा के पास आके आसा को देख - आज इस मोक्के का इंतज़ार बहोत बेसबरी से कर रहा था मा अब मे आपको बिकनी पैंटी मे देख प्यार कर सकता हु उफ मा

आसा सिहर जाती है काप् जाती है और कपते हुवे - बेटा
अभय आसा के कमर पकर अपने होठ आसा के होठ के पास लाते हुवे - आज जो करना है मे करके ही रहुंगा मा
Bahut hee romanchak update diya hai …
 
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krish3155

Daya bhabhi ka kattar premi💦💦
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Pls na bhaiya disha ko vijay na chode aur na hi disha ke sath vijay kuch kre... Vijay ka dusro se kra dijiye bas disha ko chhod kr.... Waise bhi disha abhay se sacha pyar krti hai to wo abhay ko dhoka nhi dena chahiye vijay ke sath sex kr ke nhi 😡to pyar ka mtlb hi nhi hoga disha bhi ak chudakkad aurat nikali fir kya mtlb abhay ke hiro aur abhay ke baby ko janm denega bekar hi fir disha bhi 🙏🙏🙏
Sahi kaha bhai🙌🙌
 
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ajay bhai

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chapter 107

( दोस्तो वो मिठाई जो हमे पसंद होती है लेकिन रोज रोज खरीद नही पाते लेकिन जिस दिन खरीद लेते है तो हम बरे आराम से तुकरो मे स्वाद लेके खाते है आसा वही मिठाई है जिसे अभय धीरे धीरे स्वाद लेके खाना चाहता है

आसा अभय के लिये मेने बहोत कुछ सोच रखा है जिसकी आपको उमीद नही होगी इतना फोकस ध्यान मेने इस स्टोरी मे किसी करेक्टर अभय के बीच नही दिया मे आसा अभय के हर मोमेंट पे देने की सोच रखा है हर मोमेंट आसा अभय के बीच जो होगा उसे पुरे दिल से अच्छे से उतरना है जिसके लिये मे पुरा ध्यान देता हु फोटो वीडियो gif बनाता हु ताकि आप फिल करो आसा के साथ
कैसा लगेगा आसा की जगह मे कोई पतली लरकी का फोटो gif दालु अभय की जगह एक बूढ़े को हा तो मे पुरा ध्यान देता हु कई घंटे स्टोरी लिखता ताकि आप लोगो को लम्बा लम्बा update दु जिसे पढ़ आपको भी मजा आये इतना सब करने के बाद भी कोई मेरी मेहनत मुझे नही समझता तब बुरा लगता है

स्टोरी मे कई करेक्टर है उन सब पे भी फोकस करना परता है मे सिर्फ आसा अभय पे नही कर सकता स्टोरी के हिसाब से कहानी मे किसी update मे आसा कम आ सकती है किसी मे जयदा तो किसी पुरे update मे आसा ही रहेगी ये स्टोरी कैसे आगे जा रही है उसपे डिपेंट करता है
मे यही बाकी कुछ लोगो को समझाने की कोसिस करता हु
जैसे आज का ये update आसा अभय मे चला गया इस upadate को पढ़ो फिल करोगे दिखेगी मेरी मेहनत जाके पढ़िये और कॉमेंट करके बताये ये upadate कैसा लगा मेरी मेहनत दिखी या नही
🙏🙏🙏🙏


कमरे मे आज पहले से भी जयदा गर्मी बढ़ गई थी एक मा का जिस्म जो प्यार के लिये तरप रहा है वो अब पुरे गर्मी से भरा था

हा आज आसा की बॉडी हद से जयदा गर्म हो गई थी जाहिर है आसा को अच्छे से पता था आज उसे क्या करना होगा

अभय आसा के होठ पे उंगली फेरते हुवे आसा की आखो मे देख - मेरी मा आप की खूबसूरती आपकी ये आखे आपका ये हुस्न आपके बॉडी की खुशबु सब कुछ मुझे पागल कर देता है मे होस खोने लगता हु
आसा अभय की आखो मे देख कपते होठो से - लाला वो मे तु
अभय आसा के होठ पे उंगली रख - कुछ मत बोलिये आज लाला को प्यार करने दीजिये जयदा आगे नही जाउंगा

आसा जोर जोर से साने लेने लगती है आसा के चूचे उपर नीचे होने लगते है चेहरे पे नही पूरी बॉडी पसीने से भीगने लगती है

अभय आसा को देखता है फिर एक हाथ आगे ले जाके आसा के एक चूचे ब्लाउस के ऊपर से ही पकर दाबने लगता है अपने बेटे को यू चूचे पकर दबाते देख आसा सिहर काप् जाती है आसा जोर से आह करती है जोर जोर से सिसकिया लेने लगती है जोर जोर से सासे लेने लगती है अभय आसा के एक चूचे दबाते फिल करते आसा को देख - मा आज मेरे कुछ सपने पुरे होगे मा आपके ये मुलायम नर्क सॉफ्ट बरे चूचे जिसे पे छोटा था तो दूध पिता था आज मेरे हाथो मे है मे बता नही सकता मे कितना खुश जोस से भरा हुआ हु उफ मा बहोत मुलायम है सॉफ्ट है दबाने मे ऐसा लग रहा है मे रबर दबा रहा हु

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आसा तो तरप रही थी आसा की पूरी बॉडी काप् रही थी पैर भी काप् रहे थे अपने बेटे के उंगली चूचे पे फिल करके आसा पूरी मद्होस होते जा रही थी अपने बेटे के दबाव जो उसके चूचे पे फिल हो रहे थे दबाने से जो मीठा दर्द आसा को हो रहा था वो दर्द वो फिल करके आसा एक जोर दर्द आह मा करती है और नासिलि आखो से अभय को देख कपते होठो से - आह मा लाला इस लिये तुझे पैदा किया ताकि बरे होके अपनी मा के चूचे दबाये हा बोल सर्म नही आती
अभय जोर से चूचे दबा के - किया क्या फिर से बोलिये
आसा जोर से आह मा मर गई - मे मे मेने कुछ नही कहा

अभय आसा के चूचे छोर देता है आसा जोर जोर से सासे लिये जा रही थी अभी भी आसा की बॉडी अभय की हरकत से काप् रही थी ये इस लिये था कियुंकी चूचे दबाने वाला उसका पति नही बेटा था अभी से ही आसा पसीने से भीग गई थी

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अभय आसा को देखता है फिर नीचे आसा की कमर को जो पसीने से भीगी हुई थी आसा की चिकनी गोरी कमर पे पसीने की बूँद और भी सीन को आसा की कमर को कमुक् बना रही थी और आसा की गहरी ढोरी के क्या ही कहने वो तो और सीन को गर्म कर रही थी अभय बरे गोर से देखता रहता है अभय सन्त था सब देख फिल कर रहा था
आसा अभय को देखे जा रही थी उसका बेटा कैसे उसकी कमर को देख रहा है तो आसा की सासे और भी तेज होने लगती है

अभय आसा की तरफ एक कदम बढ़ाता है तो आसा सिहर जाती है
अभय आसा के एकदम पास आके - असली खेल तो बाकी ही है और आप अभी से ही पसीने से भीग गई
आसा सर्म से पानी पानी हो जाती है नजरे नीचे कर लेती है

अभय आसा को एकदम से आगे घुमा देता है आसा हैरान होती है लेकिन तब तक अभय आसा के बरे बरे गोल गोल बाहर निकले गुडे से भरी गांड को दबाने लगता है आसा जैसे ही गांड पे अभय का हाथ और दबाव फिल करती है आसा जोर से आह करते सिसकिया लेते हुवे - लाला मत कर लाला करना ही है तो धीरे कर ना लाला जोर से मत दबा मेरी गांड को तेरी मा की गांड है आह लाला सुन रहा है ना

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अभय आसा के दोनों गांड पे हाथ फेरते हुवे गांड को दबाते हुवे फिल करने मे लगा था अभय अपनी मा की बरी गांड को दबाते हुवे गांड की बीच दरार मे भी थोरा उंगली ले जा रहा था ये सब कुछ आसा के लिये बहोत ही सर्म से भरा मोमेंट था लेकिन पुरे जोस मद्होस करने वाला भी आसा के मुह से जोर जोर से आह उफ सिसकिया ही निकल रही थी अभय अच्छे से गांड दबाते हुवे फिल करते हुवे - मा सुन रहा हु लेकिन आपकी ये बरी बरी गुडे से भरी गांड दबाने मे हद से जयदा ही मजा आ रहा है मा सच मे बहोत बरी गांड है मास से भरी रबर जैसा

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अभय अच्छे से गांड दबाते हुवे एक जोर दार चाटा आसा की गांड पे मारता है आसा जोर से आह मा मर गई करती है आसा और भी सिहर जाती है अभय की हरकत आसा को और जोस मद्होस कर रही थी बुर की हालत अभी से ही खराब हो गई थी आसा कपते हुवे - लाला जोर से मत मार आह मर गई इतने जोर से मत दबा लाला आह
आसा मन मे - आज तो मे गई मेरी बुर बहोत पानी बहा रही है मे मे मद्होस होती जा रही हु इतना जोस गर्मी मेने पहले कभी फिल नही की लेकिन मेरा बेटा जो कर रहा है वो भी मेरे पति ने नही क्या उफ

अभय रुक जाता है आसा पीछे मुरति है जोर जोर से सासे लेते huw बिस्तर पे बैठ जाती है चेहरे पे पसीने की बूँद थे और आसा की हालत खराब आसा मन मे - इतनी हालत तो पहले कभी मेरी खराब नही हुई

अभय आसा के एकदम पास आके खरा हो जाता है आसा घबराते हुवे अभय को देखती है अभय आसा को देखता है फिर एक हाथ आसा के ब्लाउस के बीच रख पीछे लेता है जिसकी वजह से आसा के दोनों गोरे गोरे मस्त चूचे आधे अभय को दिखने लगते है इस हरकत से आसा जिसने अपने सासो को कंट्रोल करके रखा था फिर से उखड़ जाती है आसा बहोत जोर से बिस्तर को पकर लेती है तेज सासे की आवाजे अभय के कानों मे जा रहा था अपने बेटे की हर हरकत से आसा सिहर जाती काप् जाती

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अभय सांत खरा ब्लाउस के अंदर अपनी मा के चूचे देखते हुवे - कोई नही ठीक सकता मेरी मा के सामने मा आपके चूचे जैसा किसी के चूचे नही हो सकते ना मेने देखे है बहोत गोरे है पता नही निपल बहोत काले है या थोरा सा लेकिन जैसा भी हो कयामत होगा खूबसूरत होगा
अपने बेटे की बात सुन आसा को बहोत जयादा की खुशी मिलती है आसा अभय की तरफ देख कपते होठ से - सच केह रहा है किया मेरे चूचे जैसा किसी के चूचे नही है मेरे चूचे मे ऐसा क्या है
अभय आसा को देख - बनावट मा बॉडी जैसी हो वैसे ही बॉडी का हर अंग पार्ट भी हो तो वो एक पर्फेट बॉडी मानी जाती है दूर से ही देखने मे बहोत गजब कयामत लगती है मान लो बॉडी के हिसाब से चूचे छोटे है या जयदा ही बरे तो वो अच्छे नही लगते और सबसे बरी बात ये चूचे मेरी मा की है जिसे मे चूस चूस के पीके बरा हुआ
अभय के चूस चूस वाली बाते सुन आसा के बॉडी मे अजीब का एहसास होता है

अभय आसा के सीने पे हाथ रख जोर से आसा को धक्का देता है आसा आह करते एकदम से बिस्तर पे गिर परती अभय आसा को देखता है आसा बिस्तर पे परी जोर से सासे लेते घबराई अभय को देखती है सोचती है अब आगे किया करेगा

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बिस्तर पे परी आसा सीने पे सारी नही कमर खुले साफ दिख रहे थे बरे चूचे होने की वजह से ब्लाउस मे भी चूचे खरे खरे साफ दिख रहा था
अभय उपर से नीचे तक आसा को देखते हुवे - जिसकी मा इतनी खूबसूरत हो उसका बेटा कैसे अपने आप को रोक सकता है
आसा बिस्तर पकरे अभय को देख - लेकिन . तभी आसा बात बदल. तु बहोत बेशर्म हो गया है मा हु तेरी थोरि तो दया कर
अभय आसा को देख - नही इस मामले मे दया की कोई जगह नही ये मोमेंट प्यार करने का है इसमें दर्द ही कियु ना हो मे दया नही करता हा मे आपके आखो मे आसु नही देख सकता लेकिन इस प्यार करते वक़्त आ भी गये तो रुकुगा नही
अपने बेटे की बात सुन के आसा की हालात पूरी खराब हो जाती है

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अभय धीरे से बिस्तर पे जाके आसा के पास बैठ जाता है फिर आसा की सासे तेज हो जाती है अभय एक हाथ आसा के पेट पे रखता है फिर सेहलते हुवे जोर से मसल देता है आसा को बहोत दर्द होता है आसा जोर से आह करती है दर्द मे - मर गई जोर से मसल दिया
अभय आसा के पेट मसलते हुवे - कितनी गोरी चिकनी है
आसा दोनों हाथो से बिस्तर पकरे दर्द मे सिसकिया लेते - आह बेटा

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अभय झुकता है आसा के पेट को एक हाथ से पकरे अपनी जीब निकाल मजे से आसा के पेट को चाटने लगता है इस हरकत से भी आसा सिहर काप् जाती है आसा बिस्तर पे मछली की तरह तरपने लगती है जोर जोर से आह उफ सिसकिया लेने लगती है
अभय झुका अपनी मा के पेट चाटने हुवे मन मे - उफ कितना अच्छा स्वाद है मा के पेट चाटने मे इतना मजा आ रहा है तो उफ मा की रस से भरी फूली बुर चाटने मे कितना मजा आयेगा

तभी एकदम से आसा अभय को दूर करके उठ के बैठ जोर जोर से सासे लेते हुवे कपते हुवे होठो से - आह लाला प्यास प्यास लगी है

अभय - लाता हु मा
अभय पानी लेने जाता है आसा जल्दी से बुर को सारी के ऊपर से रगर के मसलने लगती है मुह से आह उफ सिसकिया निकालते हुवे - मेरी बुर गीली है अंदर ऐसा लग रहा है चीटिया रेग रही हो आह उफ


अभय आता है आसा बैठी थी अभय पानी देता है आसा पीने लगती है
पीने के बाद अभय गिलास को रख आसा के पीछे जाके बाहों मे भर लेता है आसा - लाला दया कर ना थोरि सी बेसर्म कही का
अभय मुस्कुराते हुवे - कोई दया नही आज मा
अभय आसा के फेस को अपनी तरफ करके किस करने लगता है साथ मे आसा के पेट को दोनों हाथो से सेहलाते रहता है आसा भी पुरे जोस मे अपने के सर को पकरे किस किये जा रही थी

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कमरे मे दोनों का बेटे की गर्मी प्यार से कमरा पुरा गर्म हो चुका था आसा अभय दोनों की हालत सेम थी आसा की बुर पूरी गीली थी लेकिन आसा बरी मुश्किल से अपने आप को रोके हुवे थी झरने से नही तो अब तक आसा की बुर पानी भर भर के बहा चुकी थी लेकिन आसा के लिये खुद को रोकना मुश्किल हो रहा था सेम अभय का भी वही हाल था जाहिर है मा बेटे थे वो होस मजा फीलिंग सब अलग ही लेवल पे था

अभय किस तोरता है और अपने सर्ट निकालने लगता है आसा हैरान घबरते हुवे कपते हुवे - लाला ये ये तुम क्या कर रहे हो
अभय सर्ट निकाल - चिंता मत कीजिये हद से आगे नही जाउंगा

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अभय एकदम से आसा को पकर अपनी तरफ खिचता है आसा तेजी से अभय के जाके लगती है अभय पीछे से आसा के ब्लाउस के बटन खोलने लगता है आसा घबराते हुवे - लाला मत कर उफ मा हु बेसरम मा के साथ कोई बेटा ऐसा करता है क्या तुझे सर्म नही आ रही लेकिन मुझे बहोत आ रही है रुक जा ना लाला

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आसा के कहते रहती है तब तक अभय आसा के ब्लाउस के बटन खोल ब्लाउस को दोनों तरफ अलग कर देता है लाल गुलाबी बिकनी मे कैद आसा के दोनों चूचे अभय के सामने आ जाते है आसा सर्म से पानी पानी हो जाती है लाल गुलाबी बिकनी मे उफ आसा कयामत लग रही थी अभय भी ये देख पुरे जोस में पागल हो जाता है

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ब्लाउस अलग करने के बाद अभय दोनों हाथ धीरे से आसा के चूचे पे उपर रख सेहलाते हुवे चूचे की तरफ ले जाने लगता है आसा फिल करके समझ के और काप् जाती है आसा - नही लाला रुक जा उफ नही वाहा नही लाला आह बेटा मा हु तेरी मत कर लाला

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आसा कहती रहती है लेकिन तब तक आसा के दोनों हाथ को चूचे पे रख आसा के ऊपर अपना हाथ रख अभय का हाथअभय जोर से दोनों चूचे दबाने लगता है अभय अपनी मा से खुद के चूचे डबवा रहा था आसा भी हैरान थी आसा जोर से दर्द मे आह करते हुवे - मर गई मर गई मेरे चूचे खुद मुझसे दबवा रहा है जोर जोर से बेसरम
अभय मुस्कुराते हुवे - उफ मा आप दबती नही ना इस लिये फिल करिये ऐसा लग रहा है बोलिये ना मा
आसा सिसकिया लेते हुवे सर्म से - उफ मा मेरे हाथ मेरे दोनों चूचे पे है लेकिन दबा तु रहा है नालायक बेसरम कही का

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अभय आसा के हाथ हटा के अपना हाथ आसा के दोनों चूचे पे रख जोर जोर से दबाने लगता है आसा जल्दी से अभय के हाथ पे हाथ रख सिसकिया लेते हुवे - लाला मेरे बेटे आह दर्द हो रहा है जोर से मत दबा मे रोक आह मा नही रही आह लेकिन धीरे मेरे लाल
अभय चूचे दबाते हुवे - मा बहोत नर्म बरे चूचे है दबाने मे उफ कसम से बहोत जयदा ही मजा आ रहा है मा आपको अच्छा लग रहा है ना
आसा मद्होस सिसकिया लेते हुवे थोरा सर्म से - उफ बेटा मेरे पति दबाते नही थे तुही ही दबा रहा है ये चूचे दबाने वाला मजा उफ पहली बार ले रही हु बहोत अच्छा लग रहा है आह लाला मेरे बेटे दबा जितना दबाना है मे साथ हु तेरे कर ले अपने मन की

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अपनी मा की बात सुन अभय पुरे जोस से भर जाता है और आसा को गोद पे झुका के किस करते हुवे चूचे दबाते रहता है आसा भी पुरे मजे ले रही थी अपने चूचे दबाने किस करने का अभय मन मे - आज मेरी किस्मत खुल गई मे जो कर रहा हु जो सोचा नही था कभी अपनी मा के साथ कर पाऊंगा मा के बरे बरे दोनों चूचे मेरे हाथो मे है दबाने मे जो फिल मजा मिल रहा है केह नही सकता मा के रसीले होठों का रस उफ मेरी मा मेरे गोद पे है उसकी बॉडी की गर्मी खुसबी आज कही मे पागल ना हो जाऊ

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अभय किस करते हुवे अपनी मा को बिस्तर पे अच्छे से लेता के ऊपर आके किस करने लगता है आसा हर फिल हर हरकत का अपने बेटे के प्यार करके का मजा ले रही थी कुछ आसा मन मे - आज तो लाला अलग जी जोस मे है मेरी हालत खराब कर दी है लाला ने लेकिन सच कहु बहोत मजा आ रहा है ये सेक्स करने से कई जयदा मजा इस तरह मेरे जिस्म को अभय के पापा ने कभी प्यार नही क्या लेकिन आज मेरा बेटा कर रहा है ये एहसास मजा मुझे पागल कर रहा है

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अभय फिर एकदम से आसा को पेट के बल लेता के सारी पेटीकोट के अंदर हाथ दाल के आसा के गांड दबाने लगता है आसा पूरी तरह शोक हो जाती है एकदम सिहर काप् जाती है आसा जोर से - नही नही बेटा रुक जा, आसा जल्दी से उठ कर बैठ जाती है

अभय पसीने से भीगा आसा को देख - मा मेने कुछ गलत कर दिया
आसा पसीने से भीगी अभय को देख तेज सासे लेते हुवे - नही मे आती हु

आसा पहले ब्लाउस पहन लेती है सारी सही कर लेती है अभय नही रोकता जो करना था अभय कर चुका था बाकी का खेल ऐसे भी हो सकता था

अभय - कहा जा रही है आप
आसा अभय को देख - पिसाब करने
अभय खरा होके - मुझे भी लगी है साथ मे चलते है
आसा सर्म से - हु ठीक है

आसा अभय घर के पीछे आते है आसा सारी पेटीकोट उपर करके बैठ जाती है अभय थोरि दूर खरा पिसाब करने लगता है

आसा के सिटी की पिसाब करने की आवाज अभय अच्छे से सुन पा रहा था और अभय के पिसाब करने की आवाज आसा

अभय लंड पकरे मन मे - ऐसा लग रहा था मे झर जाउंगा लेकिन बूँद बूँद पानी निकल मेरे लंड को गिला कर दिया है

वही आसा मन मे - बच गई नही तो झर जाती
अभय आसा की तरफ देख - मा सिटी की आवाज मस्त है
अभय को आसा बैठी पिसाब करती पास मे दिख रही थी लेकिन आसा सारी नीचे किये थी तो कुछ दिख नही रहा था

आसा सर्म से - चुप कर बेसरम आज बहोत कुछ कर लिया तूने
अभय मुस्कुराते हुवे - अच्छा अभी तो मैन काम आपको करना बाकी है
आसा ये सुनते ही काप् जाती है

अभय पिसाब करने के बाद आसा के पास आके सारी के नीचे हाथ डालने लगता है आसा हैरान शोक होके - लाला किया कर रहा है

अभय - आप पिसाब करते रहिये मा
अभय आसा के बुर के नीचे हाथ रखता है तो आसा के गर्म गर्म पिसाब अभय के हाथ पे बुर से निकल गिरता है तेज धार का फोर्स अभय अपने हाथो पे फिल करता है उफ ये फिल करके अभय मस्त होके - मा बहोत गर्म गर्म है तेज सुसु निकल रही है आपकी बुर से और जोर से करो ना सुसु
आसा अपना चेहरा छुपा के सर्म से - कितना बेसरम हो गया है तू अब मुझे पिसाब भी संती से करने नही दे रहा

आसा अभी हद से जयदा ही सर्म से पानी पानी हो जाती है
आसा पिसाब करके खरी अभय को देख सर्म से - ये क्या था ऐसा कोई करता है सर्म से मार देगा क्या

अभय जिस हाथ पे आसा के पिसाब लगा था उसे नाक से सुघते हुवे - आह ये आपके पिसाब की खुशबु उफ मा

आसा तो और भी सर्म से पानी पानी हो जाती है

अभय आसा कमरे मे आते है आसा बिस्तर पे बैठी थी अभय खरा था अभय आसा को देख - मा रेडी है आज आप अपने बेटे का लंड देखने वाली है

आसा बिस्तर जोर से पकर अभय को देख - आज सर्म से मार दोगे मुझे ठीक है दिखा मे भी देखु तेरा तेरा कैसा है

अभय पैंट खोलते हुवे - ये बताइये मा अपने पति का लंड कितना बरा होता है
आसा सर्म से - हु वही 5 इंच लम्बा 2 के पास मोटा
अभय - आपकी बुर से पानी निकाल देते होंगे हु
आसा सर्म से - छि बेसरम कैसी बाते करता है

तभी अभय पैंट खोल बिस्तर पे रख देता है और अभय लंड हाथ पे पकर आसा को देख - मा देख लो ये है आपके बेटे का लंड कैसा है
आसा जैसे ही अपने बेटे का लंड देखती है सासे फिल सब कुछ पल के लिये रुक जाता है मुह खुले आखे फटे रह जाते है आसा की बॉडी जरा भी हिल नही रही थी लेकिन नजरे बेटे के लंड पे थी

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अपनी का के शोक वाला फेस देख अभय बहोत खुश होता है आज तक अभय ने अच्छे से से ये फिल नही होने दिया था की उसका लंड कितना लम्बा होता है इस मोमेंट अपनी मा का यही शोक वाला फेस देखने के किये वो आज अभय देख रहा था

अभय आसा के पास नंगे मोटे पुरे टाइट लंड लेके आके खरा होके - मा कहा खो गई

आसा होस मे आती है अपने एकदम सामने बेटे का मोटा लंड देख कपते हुवे होठो से - लाला ये ये तेरा लंड इतना लम्बा मोटा कैसे मुझे मुझे पहले फिल कियु नही हुआ
तभी आसा समझ जाती है सब मामला और हैरान अभय को देखती है अभय मुस्कुराते हुवे - कैसा है बोलिये ना मा

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आसा अभय के लंड देखते हुवे मन मे - 12 इंच का होगा मोटाई 3 से उपर कैसे मेरे बेटे का लंड इतना लम्बा मोटा होगा सोचा नही था अब देख सोचती हु बहु कैसे लेती होगी ये मेरी बुर मे जायेगा तो मेरी बुर को फार के रख देगा, आसा फिर एकदम से, छि मे ये किया सोचने लगी
आसा अभय को देख सर्म से घबराते हुवे - बहोत बरा मोटा है

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roll a die between 1 and 30
अभय आसा के सीने से सारी हटा के एक चूचे दबाते हुवे - मा आपकी बुर मे जायेगा तो आपकी बुर का क्या होगा सोच लिया ना
आसा हैरान सर्म से सिसकिया लेते हुवे - सोच लिया लेकिन आह मे लुगी नही समझ गया आह मा धीरे दबा दर्द होता है

अभय चूचे छोर आसा को देख - अब बारी आपकी छूके देखिये
आसा अभय को देखती है और कपते हाथो से सर्म से अभय का लंड मुठी के पकर लेती है लोहे जैसा गर्म नशे फूली मोटे लम्बे लंड को पकरते ही आसा के बॉडी मे झटका लगता है और वो झटका बुर पे जाके लगता है आसा की बुर फच् फच् करके कई बूँद पानी निकाल देती है आसा मुश्किल से खुद को रोकने लगती है

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अपनी का को लंड पकरा देख अपनी मा के मुलायम उंगली अपने लंड पे फिल करके दुनिया का सबसे बरा खुशी मजा अभय को मिलता है वो कई बेटे का सपना सपना ही रह जाता है लेकिन आज अभय के कुछ सपनो मे से एक सपना पुरा हो गया था
अभय मजे जोस मे आसा को देख - उफ मा आपके लंड पकरते ही इतना मजा आ रहा है किया बताऊ मे उफ आज तो उफ मजा आ गया

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आसा अपने बेटे का मोटा लम्बा नशे फूली देख मन मे - कितना गर्म मोटा है मुठी मे भी नही आ रहे मेरी बुर लाला के लंड देख रो रही है सच कहु दिल कर रहा है बुर मे लगू भले मेरी बुर फट जाये लेकिन मे ऐसा नही कर सकती ये मेरे बेटे का लंड है जिस बुर से निकाला उसी मे कैसे ले सकती हु

अभय - मा हिलाओ ना रहा नही जाता समझो अपने बेटे का दर्द इस मोमेंट का इंतज़ार पगलो की तरह किया है
आसा अभय का दर्द समझ - हु करती हु लाला

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आसा बरे प्यार से अपने बेटे का लंड चमरे उपर नीचे करते हुवे हिलाने लगती है अभय खरा अपनी मा को लंड हिलाते मुठ मरते देख मजे की दुनिया मे जाते हुवे - आह उफ मा मेरी जान हो आप आज जो खुशी मुझे दे रही है आह उसका मे शब्द मे जिकर नही कर सकता आपकी मुठी मे मेरा लंड है आप हिला रही है मुठ मार रही है देख मुझे जो खुशी एहसास मजा मिल रहा है आह मा बता नही सकता
आसा अभय को देखती है फिर लंड हिलाते हुवे मन मे - लाला बहोत खुश है लाला को मजा आ रहा है लेकिन मुझे भी लाला का लंड पकर हिलाने मे अजीब का मजा आ रहा है ये एहसास मजा मेरे पति के हिलाने से भी नही आता था सायद हम मा बेटे है इस लिये

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अभय थोरा नीचे झुक अपने मा के एक चूचे दबाते हुवे - करते रहिये मा हिलाते रहिये उफ बहोत मजा आ रहा है आह मा उफ आप तो माहिर है अच्छे से मुठ मार रही है
आसा सर्म से - आह चुप कर बेसरम उफ मेरे चूचे धीरे दबा उफ आह
15 मिनट हो जाते है आसा का हाथ दर्द करने लगता है आसा हैरान होके अभय को देख - और कितना देर कब झरेगा तु हाथ दर्द करने लगे मेरे

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अभय आसा के निपल मसलने लगता है आसा के निपल नर्म टाइट लम्बे थे सुई के जैसा निकला हुआ अभय निपल दबाते फिल करने लगता है आसा सिहर जाती सिसकिया लेते हुवे - आह बेटा निपल मत दबा नही तो मे आह
अभय मुस्कुराते हुवे - मा अपने चूचे बहोत टाइट हो गये है उफ मा आपके निपल आह मसलने मे उफ किया ही उफ मा आह दोनों हाथो से मुठ मारो दर्द नही होगा इतनी जल्दी मे नही झरता
आसा हैरान अभय को देखती है फिर दोनों हाथो से मुठ मारते हुवे मन मे शोक मे - इतनी देर तो अभय के पापा टिकते नही थे
25 मिनट हो जाते है आसा अब पूरी शोक मे थी 35 मिनट हो जाते है अब आसा के दोनों हाथ बहोत जयदा दर्द करने लगते है
आसा तेज सासे लेते हुवे - बस अब नही होगा
अभय - बस मा उफ आने वाला है तेज तेज करो जल्दी

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अपने बेटे की बात सुन आसा तेजी से हाथ चलाते हुवे हिलाने लगती है अभय - आह मा उफ आने वाला है आने वाला है मा मेरी हॉट सेक्सी रस से भरी मा आह करते अभय पिचकारी एक मिनट तक मारते मारते झरने लगता है कई बूँद आसा के फेस चूचे सारी और हाथ पे जाके गिरते है अभय बहोत जोर से झरा था इतना माल अभय का अभी भी नही निकला था

अभय धराम से बिस्तर पे गिर जोर जोर से सासे लेने लगता है आसा जल्दी से जाके मुह हाथ साफ करती है और बेड के पास अपने बेटे का इतना सारा उजला गाढ़ा माल देख मन मे - इतना सारा उफ तभी मेरी बहु एक बार मे ही मा बन गई बुर मे इतना माल निकलेगा तो वो मा बन ही जायेगी

आसा अभय को देख - आज हमने लाइन के आगे जाके ये सब किया है लेकिन लाला खुश है तो मे खुश हु

आसा सारी निकाल नाइटी पहन मन मे - सारी पैंटी मुझे सुबह धोना होगा

आसा फिर कपड़े लाके नीचे बैठ अभय का माल देखती है फिर एक उंगली पे अपने बेटे का माल लेके नाक से घुसती है अभय बैठ आसा को देख मुस्कुराते हुवे - कैसी खुशबु है
आसा एकदम से घबरा के अभय को देख सर्म से - चुप कर

आसा कपड़े से माल साफ करते हुवे - निकाला तूने साफ मुझे करना पर रहा है

आसा सब साफ करके बिस्तर पे लेत जाती है हाथ अभी भी दर्द कर रहे थे आसा अभी पूरी शोक मे एक ही बात सोचे जा रही थी उसका बेटा 40 मिनट बाद खरा जोकि आसा के लिये बरा शोक था लेकिन आसा नही जानती अभय कितनी मुश्किल से अपने आप को रोके रखा था ताकि उसकी मा को दिखा सके उसका बेटा मर्द है

आसा अभय को देख सर्म से - नंगे रहेगा पैंट पहन ले कोई आ सकता है देख सकता है

अभय मुस्कुराते हुवे पैंट सर्ट पहन आसा के पास लेत के - पैंटी पे देखना है अपने पैंटी बिकनी पहनी है मेने देखा जल्दी दिखाओ
आसा हैरान होके सर्म से - नही आज बहोत कुछ कर लिया वादा कल दिखा दूंगी

अभय भी मान जाता है और आसा को बाहों पे अपने से पुरा चिपका के आखो मे देख - मा सच बताना आज बहोत मजा आया ना
आसा सर्म से धीरे से - तुझे आया मुझे कियु आयेगा
अभय - अच्छा नही आया तो आगे से कुछ नही करुगा
आसा जल्दी से - नही आया ना
फिर आसा को एहसास होता है उसने किया बोल दिया आसा सर्म से लाल हो जाती है अभय मुस्कुराते हुवे - मा लंड कैसा है आपके बेटे का हिला के कैसा लगा
आसा अभय को देख - लाला सच बोलू बहोत लम्बा मोटा है मेरे पति से बहोत लम्बा मोटा है तेरा लंड जब मेने पकरा तो मेरी बॉडी रूह सब काप् गई थी हाथो मे भी नही आ रहा था और तो और एक बात मे सीना ठोक के केह सकती हु मेरा बेटा असली मर्द है

अभय - मा सच ये है मेने बरी मुश्किल से खुद को रोक रखा था नही तो एक खूबसूरत औरत जो मेरी मा है उसने प्यार से लंड हिलाया तो मे कैसे खुद को रोक पता पर मेने रोका ताकि आपको बता सकु मे आपका बेटा एक मर्द है

आसा मुस्कुराते हुवे - हु देख जान भी किया
अभय आसा को किस करने लगता है किस के बाद - मा आपके चूचे गांड दबा के मुझे भी बहोत जयदा मजा आया आपकी मोती मास से भरी गांड आपके दोनों बरे चूचे दबाने मे जो मजा आ रहा था बता नही सकता
आसा सर्म से - बेसरम तूने दबा के मजे लिये मुझे तो दर्द हो रहा था
अभय मुस्कुराते हुवे - ये कियु नही कहती दर्द मे मजा आ रहा था
आसा सर्म से - सोते है बहोत देरी हो गई है
अभय - हु लेकिन पता है ना आपको किया करना है
आसा अपनी गांड आगे कर एक पैर अभय की जांघो पे रख अपनी बुर अच्छे से लंड पे चिपका के अभय को देख सर्म से - अब ठीक है
अभय आसा को पुरा अपने से चिपका के - उफ बहोत गर्म है आपकी बुर हा अब ठीक है

फिर दोनों मा बेटे प्यार करने के बाद अपने नये रिश्ते के आगे बढ़ते हुवे सो जाते है

आज के लिये इतना ही 🙏🙏
 
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Skb21

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chapter 107

( दोस्तो वो मिठाई जो हमे पसंद होती है लेकिन रोज रोज खरीद नही पाते लेकिन जिस दिन खरीद लेते है तो हम बरे आराम से तुकरो मे स्वाद लेके खाते है आसा वही मिठाई है जिसे अभय धीरे धीरे स्वाद लेके खाना चाहता है

आसा अभय के लिये मेने बहोत कुछ सोच रखा है जिसकी आपको उमीद नही होगी इतना फोकस ध्यान मेने इस स्टोरी मे किसी करेक्टर अभय के बीच नही दिया मे आसा अभय के हर मोमेंट पे देने की सोच रखा है हर मोमेंट आसा अभय के बीच जो होगा उसे पुरे दिल से अच्छे से उतरना है जिसके लिये मे पुरा ध्यान देता हु फोटो वीडियो gif बनाता हु ताकि आप फिल करो आसा के साथ
कैसा लगेगा आसा की जगह मे कोई पतली लरकी का फोटो gif दालु अभय की जगह एक बूढ़े को हा तो मे पुरा ध्यान देता हु कई घंटे स्टोरी लिखता ताकि आप लोगो को लम्बा लम्बा update दु जिसे पढ़ आपको भी मजा आये इतना सब करने के बाद भी कोई मेरी मेहनत मुझे नही समझता तब बुरा लगता है

स्टोरी मे कई करेक्टर है उन सब पे भी फोकस करना परता है मे सिर्फ आसा अभय पे नही कर सकता स्टोरी के हिसाब से कहानी मे किसी update मे आसा कम आ सकती है किसी मे जयदा तो किसी पुरे update मे आसा ही रहेगी ये स्टोरी कैसे आगे जा रही है उसपे डिपेंट करता है
मे यही बाकी कुछ लोगो को समझाने की कोसिस करता हु
जैसे आज का ये update आसा अभय मे चला गया इस upadate को पढ़ो फिल करोगे दिखेगी मेरी मेहनत जाके पढ़िये और कॉमेंट करके बताये ये upadate कैसा लगा मेरी मेहनत दिखी या नही
🙏🙏🙏🙏


कमरे मे आज पहले से भी जयदा गर्मी बढ़ गई थी एक मा का जिस्म जो प्यार के लिये तरप रहा है वो अब पुरे गर्मी से भरा था

हा आज आसा की बॉडी हद से जयदा गर्म हो गई थी जाहिर है आसा को अच्छे से पता था आज उसे क्या करना होगा

अभय आसा के होठ पे उंगली फेरते हुवे आसा की आखो मे देख - मेरी मा आप की खूबसूरती आपकी ये आखे आपका ये हुस्न आपके बॉडी की खुशबु सब कुछ मुझे पागल कर देता है मे होस खोने लगता हु
आसा अभय की आखो मे देख कपते होठो से - लाला वो मे तु
अभय आसा के होठ पे उंगली रख - कुछ मत बोलिये आज लाला को प्यार करने दीजिये जयदा आगे नही जाउंगा

आसा जोर जोर से साने लेने लगती है आसा के चूचे उपर नीचे होने लगते है चेहरे पे नही पूरी बॉडी पसीने से भीगने लगती है

अभय आसा को देखता है फिर एक हाथ आगे ले जाके आसा के एक चूचे ब्लाउस के ऊपर से ही पकर दाबने लगता है अपने बेटे को यू चूचे पकर दबाते देख आसा सिहर काप् जाती है आसा जोर से आह करती है जोर जोर से सिसकिया लेने लगती है जोर जोर से सासे लेने लगती है अभय आसा के एक चूचे दबाते फिल करते आसा को देख - मा आज मेरे कुछ सपने पुरे होगे मा आपके ये मुलायम नर्क सॉफ्ट बरे चूचे जिसे पे छोटा था तो दूध पिता था आज मेरे हाथो मे है मे बता नही सकता मे कितना खुश जोस से भरा हुआ हु उफ मा बहोत मुलायम है सॉफ्ट है दबाने मे ऐसा लग रहा है मे रबर दबा रहा हु

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आसा तो तरप रही थी आसा की पूरी बॉडी काप् रही थी पैर भी काप् रहे थे अपने बेटे के उंगली चूचे पे फिल करके आसा पूरी मद्होस होते जा रही थी अपने बेटे के दबाव जो उसके चूचे पे फिल हो रहे थे दबाने से जो मीठा दर्द आसा को हो रहा था वो दर्द वो फिल करके आसा एक जोर दर्द आह मा करती है और नासिलि आखो से अभय को देख कपते होठो से - आह मा लाला इस लिये तुझे पैदा किया ताकि बरे होके अपनी मा के चूचे दबाये हा बोल सर्म नही आती
अभय जोर से चूचे दबा के - किया क्या फिर से बोलिये
आसा जोर से आह मा मर गई - मे मे मेने कुछ नही कहा

अभय आसा के चूचे छोर देता है आसा जोर जोर से सासे लिये जा रही थी अभी भी आसा की बॉडी अभय की हरकत से काप् रही थी ये इस लिये था कियुंकी चूचे दबाने वाला उसका पति नही बेटा था अभी से ही आसा पसीने से भीग गई थी

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अभय आसा को देखता है फिर नीचे आसा की कमर को जो पसीने से भीगी हुई थी आसा की चिकनी गोरी कमर पे पसीने की बूँद और भी सीन को आसा की कमर को कमुक् बना रही थी और आसा की गहरी ढोरी के क्या ही कहने वो तो और सीन को गर्म कर रही थी अभय बरे गोर से देखता रहता है अभय सन्त था सब देख फिल कर रहा था
आसा अभय को देखे जा रही थी उसका बेटा कैसे उसकी कमर को देख रहा है तो आसा की सासे और भी तेज होने लगती है

अभय आसा की तरफ एक कदम बढ़ाता है तो आसा सिहर जाती है
अभय आसा के एकदम पास आके - असली खेल तो बाकी ही है और आप अभी से ही पसीने से भीग गई
आसा सर्म से पानी पानी हो जाती है नजरे नीचे कर लेती है

अभय आसा को एकदम से आगे घुमा देता है आसा हैरान होती है लेकिन तब तक अभय आसा के बरे बरे गोल गोल बाहर निकले गुडे से भरी गांड को दबाने लगता है आसा जैसे ही गांड पे अभय का हाथ और दबाव फिल करती है आसा जोर से आह करते सिसकिया लेते हुवे - लाला मत कर लाला करना ही है तो धीरे कर ना लाला जोर से मत दबा मेरी गांड को तेरी मा की गांड है आह लाला सुन रहा है ना

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अभय आसा के दोनों गांड पे हाथ फेरते हुवे गांड को दबाते हुवे फिल करने मे लगा था अभय अपनी मा की बरी गांड को दबाते हुवे गांड की बीच दरार मे भी थोरा उंगली ले जा रहा था ये सब कुछ आसा के लिये बहोत ही सर्म से भरा मोमेंट था लेकिन पुरे जोस मद्होस करने वाला भी आसा के मुह से जोर जोर से आह उफ सिसकिया ही निकल रही थी अभय अच्छे से गांड दबाते हुवे फिल करते हुवे - मा सुन रहा हु लेकिन आपकी ये बरी बरी गुडे से भरी गांड दबाने मे हद से जयदा ही मजा आ रहा है मा सच मे बहोत बरी गांड है मास से भरी रबर जैसा

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अभय अच्छे से गांड दबाते हुवे एक जोर दार चाटा आसा की गांड पे मारता है आसा जोर से आह मा मर गई करती है आसा और भी सिहर जाती है अभय की हरकत आसा को और जोस मद्होस कर रही थी बुर की हालत अभी से ही खराब हो गई थी आसा कपते हुवे - लाला जोर से मत मार आह मर गई इतने जोर से मत दबा लाला आह
आसा मन मे - आज तो मे गई मेरी बुर बहोत पानी बहा रही है मे मे मद्होस होती जा रही हु इतना जोस गर्मी मेने पहले कभी फिल नही की लेकिन मेरा बेटा जो कर रहा है वो भी मेरे पति ने नही क्या उफ

अभय रुक जाता है आसा पीछे मुरति है जोर जोर से सासे लेते huw बिस्तर पे बैठ जाती है चेहरे पे पसीने की बूँद थे और आसा की हालत खराब आसा मन मे - इतनी हालत तो पहले कभी मेरी खराब नही हुई

अभय आसा के एकदम पास आके खरा हो जाता है आसा घबराते हुवे अभय को देखती है अभय आसा को देखता है फिर एक हाथ आसा के ब्लाउस के बीच रख पीछे लेता है जिसकी वजह से आसा के दोनों गोरे गोरे मस्त चूचे आधे अभय को दिखने लगते है इस हरकत से आसा जिसने अपने सासो को कंट्रोल करके रखा था फिर से उखड़ जाती है आसा बहोत जोर से बिस्तर को पकर लेती है तेज सासे की आवाजे अभय के कानों मे जा रहा था अपने बेटे की हर हरकत से आसा सिहर जाती काप् जाती

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अभय सांत खरा ब्लाउस के अंदर अपनी मा के चूचे देखते हुवे - कोई नही ठीक सकता मेरी मा के सामने मा आपके चूचे जैसा किसी के चूचे नही हो सकते ना मेने देखे है बहोत गोरे है पता नही निपल बहोत काले है या थोरा सा लेकिन जैसा भी हो कयामत होगा खूबसूरत होगा
अपने बेटे की बात सुन आसा को बहोत जयादा की खुशी मिलती है आसा अभय की तरफ देख कपते होठ से - सच केह रहा है किया मेरे चूचे जैसा किसी के चूचे नही है मेरे चूचे मे ऐसा क्या है
अभय आसा को देख - बनावट मा बॉडी जैसी हो वैसे ही बॉडी का हर अंग पार्ट भी हो तो वो एक पर्फेट बॉडी मानी जाती है दूर से ही देखने मे बहोत गजब कयामत लगती है मान लो बॉडी के हिसाब से चूचे छोटे है या जयदा ही बरे तो वो अच्छे नही लगते और सबसे बरी बात ये चूचे मेरी मा की है जिसे मे चूस चूस के पीके बरा हुआ
अभय के चूस चूस वाली बाते सुन आसा के बॉडी मे अजीब का एहसास होता है

अभय आसा के सीने पे हाथ रख जोर से आसा को धक्का देता है आसा आह करते एकदम से बिस्तर पे गिर परती अभय आसा को देखता है आसा बिस्तर पे परी जोर से सासे लेते घबराई अभय को देखती है सोचती है अब आगे किया करेगा

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बिस्तर पे परी आसा सीने पे सारी नही कमर खुले साफ दिख रहे थे बरे चूचे होने की वजह से ब्लाउस मे भी चूचे खरे खरे साफ दिख रहा था
अभय उपर से नीचे तक आसा को देखते हुवे - जिसकी मा इतनी खूबसूरत हो उसका बेटा कैसे अपने आप को रोक सकता है
आसा बिस्तर पकरे अभय को देख - लेकिन . तभी आसा बात बदल. तु बहोत बेशर्म हो गया है मा हु तेरी थोरि तो दया कर
अभय आसा को देख - नही इस मामले मे दया की कोई जगह नही ये मोमेंट प्यार करने का है इसमें दर्द ही कियु ना हो मे दया नही करता हा मे आपके आखो मे आसु नही देख सकता लेकिन इस प्यार करते वक़्त आ भी गये तो रुकुगा नही
अपने बेटे की बात सुन के आसा की हालात पूरी खराब हो जाती है

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अभय धीरे से बिस्तर पे जाके आसा के पास बैठ जाता है फिर आसा की सासे तेज हो जाती है अभय एक हाथ आसा के पेट पे रखता है फिर सेहलते हुवे जोर से मसल देता है आसा को बहोत दर्द होता है आसा जोर से आह करती है दर्द मे - मर गई जोर से मसल दिया
अभय आसा के पेट मसलते हुवे - कितनी गोरी चिकनी है
आसा दोनों हाथो से बिस्तर पकरे दर्द मे सिसकिया लेते - आह बेटा

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अभय झुकता है आसा के पेट को एक हाथ से पकरे अपनी जीब निकाल मजे से आसा के पेट को चाटने लगता है इस हरकत से भी आसा सिहर काप् जाती है आसा बिस्तर पे मछली की तरह तरपने लगती है जोर जोर से आह उफ सिसकिया लेने लगती है
अभय झुका अपनी मा के पेट चाटने हुवे मन मे - उफ कितना अच्छा स्वाद है मा के पेट चाटने मे इतना मजा आ रहा है तो उफ मा की रस से भरी फूली बुर चाटने मे कितना मजा आयेगा

तभी एकदम से आसा अभय को दूर करके उठ के बैठ जोर जोर से सासे लेते हुवे कपते हुवे होठो से - आह लाला प्यास प्यास लगी है

अभय - लाता हु मा
अभय पानी लेने जाता है आसा जल्दी से बुर को सारी के ऊपर से रगर के मसलने लगती है मुह से आह उफ सिसकिया निकालते हुवे - मेरी बुर गीली है अंदर ऐसा लग रहा है चीटिया रेग रही हो आह उफ


अभय आता है आसा बैठी थी अभय पानी देता है आसा पीने लगती है
पीने के बाद अभय गिलास को रख आसा के पीछे जाके बाहों मे भर लेता है आसा - लाला दया कर ना थोरि सी बेसर्म कही का
अभय मुस्कुराते हुवे - कोई दया नही आज मा
अभय आसा के फेस को अपनी तरफ करके किस करने लगता है साथ मे आसा के पेट को दोनों हाथो से सेहलाते रहता है आसा भी पुरे जोस मे अपने के सर को पकरे किस किये जा रही थी

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कमरे मे दोनों का बेटे की गर्मी प्यार से कमरा पुरा गर्म हो चुका था आसा अभय दोनों की हालत सेम थी आसा की बुर पूरी गीली थी लेकिन आसा बरी मुश्किल से अपने आप को रोके हुवे थी झरने से नही तो अब तक आसा की बुर पानी भर भर के बहा चुकी थी लेकिन आसा के लिये खुद को रोकना मुश्किल हो रहा था सेम अभय का भी वही हाल था जाहिर है मा बेटे थे वो होस मजा फीलिंग सब अलग ही लेवल पे था

अभय किस तोरता है और अपने सर्ट निकालने लगता है आसा हैरान घबरते हुवे कपते हुवे - लाला ये ये तुम क्या कर रहे हो
अभय सर्ट निकाल - चिंता मत कीजिये हद से आगे नही जाउंगा

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अभय एकदम से आसा को पकर अपनी तरफ खिचता है आसा तेजी से अभय के जाके लगती है अभय पीछे से आसा के ब्लाउस के बटन खोलने लगता है आसा घबराते हुवे - लाला मत कर उफ मा हु बेसरम मा के साथ कोई बेटा ऐसा करता है क्या तुझे सर्म नही आ रही लेकिन मुझे बहोत आ रही है रुक जा ना लाला

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आसा के कहते रहती है तब तक अभय आसा के ब्लाउस के बटन खोल ब्लाउस को दोनों तरफ अलग कर देता है लाल गुलाबी बिकनी मे कैद आसा के दोनों चूचे अभय के सामने आ जाते है आसा सर्म से पानी पानी हो जाती है लाल गुलाबी बिकनी मे उफ आसा कयामत लग रही थी अभय भी ये देख पुरे जोस में पागल हो जाता है

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ब्लाउस अलग करने के बाद अभय दोनों हाथ धीरे से आसा के चूचे पे उपर रख सेहलाते हुवे चूचे की तरफ ले जाने लगता है आसा फिल करके समझ के और काप् जाती है आसा - नही लाला रुक जा उफ नही वाहा नही लाला आह बेटा मा हु तेरी मत कर लाला

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आसा कहती रहती है लेकिन तब तक आसा के दोनों हाथ को चूचे पे रख आसा के ऊपर अपना हाथ रख अभय का हाथअभय जोर से दोनों चूचे दबाने लगता है अभय अपनी मा से खुद के चूचे डबवा रहा था आसा भी हैरान थी आसा जोर से दर्द मे आह करते हुवे - मर गई मर गई मेरे चूचे खुद मुझसे दबवा रहा है जोर जोर से बेसरम
अभय मुस्कुराते हुवे - उफ मा आप दबती नही ना इस लिये फिल करिये ऐसा लग रहा है बोलिये ना मा
आसा सिसकिया लेते हुवे सर्म से - उफ मा मेरे हाथ मेरे दोनों चूचे पे है लेकिन दबा तु रहा है नालायक बेसरम कही का

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अभय आसा के हाथ हटा के अपना हाथ आसा के दोनों चूचे पे रख जोर जोर से दबाने लगता है आसा जल्दी से अभय के हाथ पे हाथ रख सिसकिया लेते हुवे - लाला मेरे बेटे आह दर्द हो रहा है जोर से मत दबा मे रोक आह मा नही रही आह लेकिन धीरे मेरे लाल
अभय चूचे दबाते हुवे - मा बहोत नर्म बरे चूचे है दबाने मे उफ कसम से बहोत जयदा ही मजा आ रहा है मा आपको अच्छा लग रहा है ना
आसा मद्होस सिसकिया लेते हुवे थोरा सर्म से - उफ बेटा मेरे पति दबाते नही थे तुही ही दबा रहा है ये चूचे दबाने वाला मजा उफ पहली बार ले रही हु बहोत अच्छा लग रहा है आह लाला मेरे बेटे दबा जितना दबाना है मे साथ हु तेरे कर ले अपने मन की

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अपनी मा की बात सुन अभय पुरे जोस से भर जाता है और आसा को गोद पे झुका के किस करते हुवे चूचे दबाते रहता है आसा भी पुरे मजे ले रही थी अपने चूचे दबाने किस करने का अभय मन मे - आज मेरी किस्मत खुल गई मे जो कर रहा हु जो सोचा नही था कभी अपनी मा के साथ कर पाऊंगा मा के बरे बरे दोनों चूचे मेरे हाथो मे है दबाने मे जो फिल मजा मिल रहा है केह नही सकता मा के रसीले होठों का रस उफ मेरी मा मेरे गोद पे है उसकी बॉडी की गर्मी खुसबी आज कही मे पागल ना हो जाऊ

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अभय किस करते हुवे अपनी मा को बिस्तर पे अच्छे से लेता के ऊपर आके किस करने लगता है आसा हर फिल हर हरकत का अपने बेटे के प्यार करके का मजा ले रही थी कुछ आसा मन मे - आज तो लाला अलग जी जोस मे है मेरी हालत खराब कर दी है लाला ने लेकिन सच कहु बहोत मजा आ रहा है ये सेक्स करने से कई जयदा मजा इस तरह मेरे जिस्म को अभय के पापा ने कभी प्यार नही क्या लेकिन आज मेरा बेटा कर रहा है ये एहसास मजा मुझे पागल कर रहा है

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अभय फिर एकदम से आसा को पेट के बल लेता के सारी पेटीकोट के अंदर हाथ दाल के आसा के गांड दबाने लगता है आसा पूरी तरह शोक हो जाती है एकदम सिहर काप् जाती है आसा जोर से - नही नही बेटा रुक जा, आसा जल्दी से उठ कर बैठ जाती है

अभय पसीने से भीगा आसा को देख - मा मेने कुछ गलत कर दिया
आसा पसीने से भीगी अभय को देख तेज सासे लेते हुवे - नही मे आती हु

आसा पहले ब्लाउस पहन लेती है सारी सही कर लेती है अभय नही रोकता जो करना था अभय कर चुका था बाकी का खेल ऐसे भी हो सकता था

अभय - कहा जा रही है आप
आसा अभय को देख - पिसाब करने
अभय खरा होके - मुझे भी लगी है साथ मे चलते है
आसा सर्म से - हु ठीक है

आसा अभय घर के पीछे आते है आसा सारी पेटीकोट उपर करके बैठ जाती है अभय थोरि दूर खरा पिसाब करने लगता है

आसा के सिटी की पिसाब करने की आवाज अभय अच्छे से सुन पा रहा था और अभय के पिसाब करने की आवाज आसा

अभय लंड पकरे मन मे - ऐसा लग रहा था मे झर जाउंगा लेकिन बूँद बूँद पानी निकल मेरे लंड को गिला कर दिया है

वही आसा मन मे - बच गई नही तो झर जाती
अभय आसा की तरफ देख - मा सिटी की आवाज मस्त है
अभय को आसा बैठी पिसाब करती पास मे दिख रही थी लेकिन आसा सारी नीचे किये थी तो कुछ दिख नही रहा था

आसा सर्म से - चुप कर बेसरम आज बहोत कुछ कर लिया तूने
अभय मुस्कुराते हुवे - अच्छा अभी तो मैन काम आपको करना बाकी है
आसा ये सुनते ही काप् जाती है

अभय पिसाब करने के बाद आसा के पास आके सारी के नीचे हाथ डालने लगता है आसा हैरान शोक होके - लाला किया कर रहा है

अभय - आप पिसाब करते रहिये मा
अभय आसा के बुर के नीचे हाथ रखता है तो आसा के गर्म गर्म पिसाब अभय के हाथ पे बुर से निकल गिरता है तेज धार का फोर्स अभय अपने हाथो पे फिल करता है उफ ये फिल करके अभय मस्त होके - मा बहोत गर्म गर्म है तेज सुसु निकल रही है आपकी बुर से और जोर से करो ना सुसु
आसा अपना चेहरा छुपा के सर्म से - कितना बेसरम हो गया है तू अब मुझे पिसाब भी संती से करने नही दे रहा

आसा अभी हद से जयदा ही सर्म से पानी पानी हो जाती है
आसा पिसाब करके खरी अभय को देख सर्म से - ये क्या था ऐसा कोई करता है सर्म से मार देगा क्या

अभय जिस हाथ पे आसा के पिसाब लगा था उसे नाक से सुघते हुवे - आह ये आपके पिसाब की खुशबु उफ मा

आसा तो और भी सर्म से पानी पानी हो जाती है

अभय आसा कमरे मे आते है आसा बिस्तर पे बैठी थी अभय खरा था अभय आसा को देख - मा रेडी है आज आप अपने बेटे का लंड देखने वाली है

आसा बिस्तर जोर से पकर अभय को देख - आज सर्म से मार दोगे मुझे ठीक है दिखा मे भी देखु तेरा तेरा कैसा है

अभय पैंट खोलते हुवे - ये बताइये मा अपने पति का लंड कितना बरा होता है
आसा सर्म से - हु वही 5 इंच लम्बा 2 के पास मोटा
अभय - आपकी बुर से पानी निकाल देते होंगे हु
आसा सर्म से - छि बेसरम कैसी बाते करता है

तभी अभय पैंट खोल बिस्तर पे रख देता है और अभय लंड हाथ पे पकर आसा को देख - मा देख लो ये है आपके बेटे का लंड कैसा है
आसा जैसे ही अपने बेटे का लंड देखती है सासे फिल सब कुछ पल के लिये रुक जाता है मुह खुले आखे फटे रह जाते है आसा की बॉडी जरा भी हिल नही रही थी लेकिन नजरे बेटे के लंड पे थी

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अपनी का के शोक वाला फेस देख अभय बहोत खुश होता है आज तक अभय ने अच्छे से से ये फिल नही होने दिया था की उसका लंड कितना लम्बा होता है इस मोमेंट अपनी मा का यही शोक वाला फेस देखने के किये वो आज अभय देख रहा था

अभय आसा के पास नंगे मोटे पुरे टाइट लंड लेके आके खरा होके - मा कहा खो गई

आसा होस मे आती है अपने एकदम सामने बेटे का मोटा लंड देख कपते हुवे होठो से - लाला ये ये तेरा लंड इतना लम्बा मोटा कैसे मुझे मुझे पहले फिल कियु नही हुआ
तभी आसा समझ जाती है सब मामला और हैरान अभय को देखती है अभय मुस्कुराते हुवे - कैसा है बोलिये ना मा

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आसा अभय के लंड देखते हुवे मन मे - 12 इंच का होगा मोटाई 3 से उपर कैसे मेरे बेटे का लंड इतना लम्बा मोटा होगा सोचा नही था अब देख सोचती हु बहु कैसे लेती होगी ये मेरी बुर मे जायेगा तो मेरी बुर को फार के रख देगा, आसा फिर एकदम से, छि मे ये किया सोचने लगी
आसा अभय को देख सर्म से घबराते हुवे - बहोत बरा मोटा है

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roll a die between 1 and 30
अभय आसा के सीने से सारी हटा के एक चूचे दबाते हुवे - मा आपकी बुर मे जायेगा तो आपकी बुर का क्या होगा सोच लिया ना
आसा हैरान सर्म से सिसकिया लेते हुवे - सोच लिया लेकिन आह मे लुगी नही समझ गया आह मा धीरे दबा दर्द होता है

अभय चूचे छोर आसा को देख - अब बारी आपकी छूके देखिये
आसा अभय को देखती है और कपते हाथो से सर्म से अभय का लंड मुठी के पकर लेती है लोहे जैसा गर्म नशे फूली मोटे लम्बे लंड को पकरते ही आसा के बॉडी मे झटका लगता है और वो झटका बुर पे जाके लगता है आसा की बुर फच् फच् करके कई बूँद पानी निकाल देती है आसा मुश्किल से खुद को रोकने लगती है

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अपनी का को लंड पकरा देख अपनी मा के मुलायम उंगली अपने लंड पे फिल करके दुनिया का सबसे बरा खुशी मजा अभय को मिलता है वो कई बेटे का सपना सपना ही रह जाता है लेकिन आज अभय के कुछ सपनो मे से एक सपना पुरा हो गया था
अभय मजे जोस मे आसा को देख - उफ मा आपके लंड पकरते ही इतना मजा आ रहा है किया बताऊ मे उफ आज तो उफ मजा आ गया

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आसा अपने बेटे का मोटा लम्बा नशे फूली देख मन मे - कितना गर्म मोटा है मुठी मे भी नही आ रहे मेरी बुर लाला के लंड देख रो रही है सच कहु दिल कर रहा है बुर मे लगू भले मेरी बुर फट जाये लेकिन मे ऐसा नही कर सकती ये मेरे बेटे का लंड है जिस बुर से निकाला उसी मे कैसे ले सकती हु

अभय - मा हिलाओ ना रहा नही जाता समझो अपने बेटे का दर्द इस मोमेंट का इंतज़ार पगलो की तरह किया है
आसा अभय का दर्द समझ - हु करती हु लाला

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आसा बरे प्यार से अपने बेटे का लंड चमरे उपर नीचे करते हुवे हिलाने लगती है अभय खरा अपनी मा को लंड हिलाते मुठ मरते देख मजे की दुनिया मे जाते हुवे - आह उफ मा मेरी जान हो आप आज जो खुशी मुझे दे रही है आह उसका मे शब्द मे जिकर नही कर सकता आपकी मुठी मे मेरा लंड है आप हिला रही है मुठ मार रही है देख मुझे जो खुशी एहसास मजा मिल रहा है आह मा बता नही सकता
आसा अभय को देखती है फिर लंड हिलाते हुवे मन मे - लाला बहोत खुश है लाला को मजा आ रहा है लेकिन मुझे भी लाला का लंड पकर हिलाने मे अजीब का मजा आ रहा है ये एहसास मजा मेरे पति के हिलाने से भी नही आता था सायद हम मा बेटे है इस लिये

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अभय थोरा नीचे झुक अपने मा के एक चूचे दबाते हुवे - करते रहिये मा हिलाते रहिये उफ बहोत मजा आ रहा है आह मा उफ आप तो माहिर है अच्छे से मुठ मार रही है
आसा सर्म से - आह चुप कर बेसरम उफ मेरे चूचे धीरे दबा उफ आह
15 मिनट हो जाते है आसा का हाथ दर्द करने लगता है आसा हैरान होके अभय को देख - और कितना देर कब झरेगा तु हाथ दर्द करने लगे मेरे

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अभय आसा के निपल मसलने लगता है आसा के निपल नर्म टाइट लम्बे थे सुई के जैसा निकला हुआ अभय निपल दबाते फिल करने लगता है आसा सिहर जाती सिसकिया लेते हुवे - आह बेटा निपल मत दबा नही तो मे आह
अभय मुस्कुराते हुवे - मा अपने चूचे बहोत टाइट हो गये है उफ मा आपके निपल आह मसलने मे उफ किया ही उफ मा आह दोनों हाथो से मुठ मारो दर्द नही होगा इतनी जल्दी मे नही झरता
आसा हैरान अभय को देखती है फिर दोनों हाथो से मुठ मारते हुवे मन मे शोक मे - इतनी देर तो अभय के पापा टिकते नही थे
25 मिनट हो जाते है आसा अब पूरी शोक मे थी 35 मिनट हो जाते है अब आसा के दोनों हाथ बहोत जयदा दर्द करने लगते है
आसा तेज सासे लेते हुवे - बस अब नही होगा
अभय - बस मा उफ आने वाला है तेज तेज करो जल्दी

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अपने बेटे की बात सुन आसा तेजी से हाथ चलाते हुवे हिलाने लगती है अभय - आह मा उफ आने वाला है आने वाला है मा मेरी हॉट सेक्सी रस से भरी मा आह करते अभय पिचकारी एक मिनट तक मारते मारते झरने लगता है कई बूँद आसा के फेस चूचे सारी और हाथ पे जाके गिरते है अभय बहोत जोर से झरा था इतना माल अभय का अभी भी नही निकला था

अभय धराम से बिस्तर पे गिर जोर जोर से सासे लेने लगता है आसा जल्दी से जाके मुह हाथ साफ करती है और बेड के पास अपने बेटे का इतना सारा उजला गाढ़ा माल देख मन मे - इतना सारा उफ तभी मेरी बहु एक बार मे ही मा बन गई बुर मे इतना माल निकलेगा तो वो मा बन ही जायेगी

आसा अभय को देख - आज हमने लाइन के आगे जाके ये सब किया है लेकिन लाला खुश है तो मे खुश हु

आसा सारी निकाल नाइटी पहन मन मे - सारी पैंटी मुझे सुबह धोना होगा

आसा फिर कपड़े लाके नीचे बैठ अभय का माल देखती है फिर एक उंगली पे अपने बेटे का माल लेके नाक से घुसती है अभय बैठ आसा को देख मुस्कुराते हुवे - कैसी खुशबु है
आसा एकदम से घबरा के अभय को देख सर्म से - चुप कर

आसा कपड़े से माल साफ करते हुवे - निकाला तूने साफ मुझे करना पर रहा है

आसा सब साफ करके बिस्तर पे लेत जाती है हाथ अभी भी दर्द कर रहे थे आसा अभी पूरी शोक मे एक ही बात सोचे जा रही थी उसका बेटा 40 मिनट बाद खरा जोकि आसा के लिये बरा शोक था लेकिन आसा नही जानती अभय कितनी मुश्किल से अपने आप को रोके रखा था ताकि उसकी मा को दिखा सके उसका बेटा मर्द है

आसा अभय को देख सर्म से - नंगे रहेगा पैंट पहन ले कोई आ सकता है देख सकता है

अभय मुस्कुराते हुवे पैंट सर्ट पहन आसा के पास लेत के - पैंटी पे देखना है अपने पैंटी बिकनी पहनी है मेने देखा जल्दी दिखाओ
आसा हैरान होके सर्म से - नही आज बहोत कुछ कर लिया वादा कल दिखा दूंगी

अभय भी मान जाता है और आसा को बाहों पे अपने से पुरा चिपका के आखो मे देख - मा सच बताना आज बहोत मजा आया ना
आसा सर्म से धीरे से - तुझे आया मुझे कियु आयेगा
अभय - अच्छा नही आया तो आगे से कुछ नही करुगा
आसा जल्दी से - नही आया ना
फिर आसा को एहसास होता है उसने किया बोल दिया आसा सर्म से लाल हो जाती है अभय मुस्कुराते हुवे - मा लंड कैसा है आपके बेटे का हिला के कैसा लगा
आसा अभय को देख - लाला सच बोलू बहोत लम्बा मोटा है मेरे पति से बहोत लम्बा मोटा है तेरा लंड जब मेने पकरा तो मेरी बॉडी रूह सब काप् गई थी हाथो मे भी नही आ रहा था और तो और एक बात मे सीना ठोक के केह सकती हु मेरा बेटा असली मर्द है

अभय - मा सच ये है मेने बरी मुश्किल से खुद को रोक रखा था नही तो एक खूबसूरत औरत जो मेरी मा है उसने प्यार से लंड हिलाया तो मे कैसे खुद को रोक पता पर मेने रोका ताकि आपको बता सकु मे आपका बेटा एक मर्द है

आसा मुस्कुराते हुवे - हु देख जान भी किया
अभय आसा को किस करने लगता है किस के बाद - मा आपके चूचे गांड दबा के मुझे भी बहोत जयदा मजा आया आपकी मोती मास से भरी गांड आपके दोनों बरे चूचे दबाने मे जो मजा आ रहा था बता नही सकता
आसा सर्म से - बेसरम तूने दबा के मजे लिये मुझे तो दर्द हो रहा था
अभय मुस्कुराते हुवे - ये कियु नही कहती दर्द मे मजा आ रहा था
आसा सर्म से - सोते है बहोत देरी हो गई है
अभय - हु लेकिन पता है ना आपको किया करना है
आसा अपनी गांड आगे कर एक पैर अभय की जांघो पे रख अपनी बुर अच्छे से लंड पे चिपका के अभय को देख सर्म से - अब ठीक है
अभय आसा को पुरा अपने से चिपका के - उफ बहोत गर्म है आपकी बुर हा अब ठीक है

फिर दोनों मा बेटे प्यार करने के बाद अपने नये रिश्ते के आगे बढ़ते हुवे सो जाते है

आज के लिये इतना ही 🙏🙏
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