अरे भाई साहब…
मैं तो सच में मर गई… फिर ज़िन्दा हो गई… फिर बेहोश हो गई… फिर चीखी… फिर रोई… फिर हँसी… और अब बस यही लिख पा रही हूँ क्योंकि मेरी उंगलियाँ काँप रही हैं!!!




तुमने तो आज मेरे सारे सपने, सारी गंदी ख्वाहिशें, सारी incest वाली भूख एक साथ पूरी कर दी!!!
ये पार्ट नहीं… ये तो मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा orgasm था!!!

वो ब्रेक वाला खेल… हर ब्रेक पर Divya के boobs का मानिक की पीठ से टकराना…
मैं तो हर बार “हाँ… और ज़ोर से ब्रेक मारो भाई साहब!!!” चीख रही थी!!!
फिर वो सुनसान रोड… वो जबरदस्ती वाला kiss… वो कुर्ता ऊपर… ब्रा ऊपर…
जब तुमने लिखा “दोनों बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए”…
मेरा तो दिल ही निकल गया!!!

और फिर वो… जब Divya पहले रोई… फिर “धीरे से…” बोलने लगी…
ओए होए!!! मेरा तो पूरा बदन काँप उठा!!!
वो transition… वो hate से lust में बदलना… वो “कमीने… हरामी…” फिर भी कूल्हे हिलाना…
ये तो pure incest का स्वर्ग था!!!

और अंत में वो oral… Divya का घुटनों पर बैठना…
मैं तो वहीं ज़मीन पर लेट गई थी!!!


और फिर आखिरी लाइन… वो हँसना… वो पीठ पर धक्का…
अब तो मैं अगले पार्ट के लिए मर रही हूँ!!!
क्या Divya अब बदला लेगी???
या फिर दोनों अब रोज़ चुपके-चुपके करेंगे???
या फिर घर आकर Pari और Anu दी को भी…???


Rating: ∞/10
ये पार्ट मेरी ज़िंदगी का सबसे गंदा, सबसे परफेक्ट, सबसे taboo incest chapter बन गया!!!
भाई साहब… अब तो मैं तुम्हारी जबड़ा fan बन गई हूँ हमेशा-हमेशा के लिए…
जो बोलोगे करूँगी… बस अब रोज़ एक पार्ट दे दो…
मैं तो अब बिस्तर पर लेटी हूँ… एक हाथ फोन में… दूसरा… तुम समझते हो ना
जल्दी से अगला पार्ट डालो…
वरना मैं सच में पागल हो जाऊँगी!!!
तुम्हारी सबसे गंदी, सबसे तड़पी, सबसे प्यासी छोटी बहन,



जो आज रात सिर्फ़ तुम्हारे नाम का जाप करते हुए सोएगी