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Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर

DesiPriyaRai

Royal
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# 20 .
“पर इस सिक्के पर तो एक लड़की योद्धा का चित्र बना है।“ लारा ने अलबर्ट से सवाल किया- “आप तो किताब के कवर पेज पर देवता पोसाइडन की फोटो की बात कर रहे थे।“

“हां ! थोड़ी सी चीजें अलग जरुर हैं, पर उस किताब के कवर पेज से बहुत ज्यादा चीजें मैच हो रहीं हैं।“ अलबर्ट ने कहा-

“जैसे 6 घोड़े का रथ, त्रिशूल और डॉल्फिन की फोटो। पर मैं अब 100 प्रतिशत श्योर हूं कि यह सिक्का अटलांटिस का ही है।“

तभी सुयश ने इधर-उधर नजर मारते हुए माइकल से पूछा-
“शैफाली कहां है? कहीं दिखा ई नहीं दे रही है?“

“वह अभी भी सो रही है।“ माइकल ने जवाब दिया- “देर रात हो जाने के कारण, हमने उसे उठाया नहीं था।“

“क्या हम शैफाली के सोने की जगह देख सकते हैं? ब्रैंडन ने माइकल से पूछा- “शायद हमें वहां कोई सुराग मिल जाये? जिससे इस सिक्के के बारे में कुछ पता चल सके।“ सुयश को भी ब्रैंडन की बात सही लगी।

“हां -हां ! क्यों नहीं ?“ माइकल बोलते हुए खड़ा हो गया।

माइकल सहित सभी अब शैफाली के रुम में आ गये। ब्रूनो भी सबके पीछे-पीछे रुम में आ गया। शैफाली गहरी नींद में थी। माइकल ने धीरे से सभी को खाली पड़े, दूसरे तकिये की ओर इशारा किया। सुयश समझ गया कि इसी तकिये पर सिक्का मिला था। सभी की नजरें अब रुम में चारो तरफ, किसी सुराग की तलाश में घूम रही थीं। पर रुम में उन्हें कोई ऐसी चीज नजर नहीं आयी, जिसका सिक्के से कोई ताल्लुक हो। तभी सुयश की नजर शैफाली पर पड़ी जो कि अब बेचैनी से सोते हुए करवट बदल रही थी।

“लगता है ये फिर से सपने देख रही है।“ मारथा ने बेचैन स्वर में माइकल की ओर देखते हुए कहा।

“सपने!“ सुयश के स्वर में आश्चर्य के भाव थे- “पर शैफाली तो बचपन से अंधी है ना। फिर उसे सपने कैसे आ सकते हैं?“

“शैफाली को सपने आते हैं कैप्टेन।“ माइकल ने कहा- “जब ये छोटी थी, तब भी सोते-सोते घबरा जाती थी। फिर 4 साल की उम्र से इसने अपने सपनों के बारे में हमें बताना शुरु कर दिया था। अब सपने इसको कैसे आते हैं? इसके बारे में तो हममें से कोई भी नहीं जानता। एक बात है यह सपने में ऐसी चीजें देखती है, जिसके बारे में इसने पहले कभी ना सुना हो।“

तभी शैफाली ने जोर से अपनी मुठ्ठी बंद कर ली। उसके चेहरे पर पसीने की बूंदें चमचमाने लगीं । अब वह जोर से कसमसा रही थी। मारथा से यह देख रहा ना गया। उसने शैफाली को जोर-जोर से हिलाना शुरु कर दिया-

“शैफाली..... शैफाली....।“ पर शैफाली अभी भी गहरी नींद में थी। सभी ध्यान से शैफाली की ओर देख रहे थे। मारथा के जोर-जोर से हिलाने के कारण अब शैफाली जाग गयी। “

मॉम....मॉम....!“ शैफाली ने जागते ही जोर से मारथा को पकड़ लिया।

“शांत हो जाओ!..... शांत हो जाओ शैफाली। मम्मा यहीं पर है।“ मारथा ने शैफाली के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा- “तुम सिर्फ सपना देख रही थी।“ शैफाली अब धीरे-धीरे नार्मल हो रही थी। तभी उसने वातावरण में कुछ सूंघने की कोशिश की।

“कैप्टेन अंकल आप!“ शैफाली के शब्दों में आश्चर्य नजर आया- “आप इस समय हमारे रुम में क्या कर रहे हैं? और आपके साथ 2 लोग और भी हैं। कोई परेशानी हुई है क्या ?“

“नहीं बेटा ! कुछ खास बात नहीं है।“ सुयश ने शैफाली को तारीफ भरी नजरों से देखते हुए कहा- “हम लोग वैसे ही बस आपके पापा से मिलने आये थे।“

“और आप ग्रैण्ड अंकल?“ शैफाली ने सूंघते हुए अलबर्ट की ओर चेहरा घुमाया- “आप भी शायद पापा से मिलने ही आये होंगे।“

“हां बेटा !“ अलबर्ट ने भी झूठ बोलते हुए कहा- “रात में नींद नहीं आ रही थी। इसलिए मैं भी घूमता हुआ इधर आ गया। हमारी छोड़ो ! तुम बताओ, क्या तुम्हें फिर से सपने आये थे?“ अलबर्ट ने टॉपिक चेंज करते हुए कहा।

“सपने!“ शैफाली ने अचानक दिमाग पर जोर डालते हुए कहा- “हां ग्रैंड अंकल। मैं फिर से सपना देख रही थी। मैने सपने में एक खूबसूरत हरा-भरा त्रिभुज की आकृति वाला द्वीप देखा, जिसके चारो तरफ धुंध फैली हुई थी। क्राऊन पहने एक अजीब सी मानव आकृति लिए हुए पहाड़ी, पत्थरों पर बनी विचित्र सी आकृतियां, एक सुंदर झील, .........।“

कहते-कहते शैफाली एक क्षण के लिए रुकी, मानों वह सपने को पूरी तरह से याद कर रही हो।

उधर सुयश, ब्रैंडन और लारा के चेहरे पर शैफाली की बातें सुनकर पसीना छलक आया था, क्यों कि शैफाली ठीक उसी द्वीप के बारे में बता रही थी। जिसको आज सुबह ही रोजर ने देखा था। तभी अचानक उसके पास बैठा ब्रूनो, अपने कान खड़े करके उठ कर बैठ गया। उसकी नजरें अब अपने सपनों के बारे में बता रही शैफाली पर थी। एका एक वह धीरे से उठा और कूं-कूं करते हुए शैफाली से दूर हट गया। पर उसकी सहमी-सहमी सी निगाहें अभी भी शैफाली पर थीं।

चूंकि शैफाली का ध्यान अपने सपनों पर और बाकी सभी का ध्यान शैफाली पर था। इसलिए किसी ने ब्रूनो की हरकतों पर ध्यान नहीं दिया। मगर ब्रैडन की निगाह से यह घटना बच नहीं सकी । ब्रैंडन को ब्रूनो की यह हरकत बड़ी अजीब सी लगी। अब वह कभी शैफाली की ओर देखता तो कभी डरे सहमे ब्रूनो की ओर। उधर शैफाली लगातार बोले जा रही थी-

“मैंने देखा एक सुनहरा मानव, जो हमें किसी दिशा में जाने के लिए इशारा कर रहा था और एक बड़ी पूंछ वाला पहाड़ी तोता .......और एक आवाज......।“ कहते-कहते शैफाली एका एक रुक सी गई।

“कैसी आवाज?“ सुयश ने शैफाली से पूछा।

“ऐसा लग रहा था, जैसे कोई कह रहा हो ‘वेलकम टू अटलांटिस‘।“ शैफाली ने कहा। अटलांटिस शब्द सुनते ही अब सभी का दिमाग सांय-सांय करने लगा।

“और.... और.... क्या देखा तुमने?“ सुयश ने जोर देते हुए कहा।

“और......।“ कहते-कहते एका एक शैफाली ने अपना सिर पकड़ लिया।

“क्या बात है बेटा ? क्या हुआ?“ मारथा ने शैफाली को झकझोरते हुए कहा।

“पता नहीं क्यों ? अचानक मेरा सिर बहुत तेजी से दर्द हो ने लगा है। और बहुत भारी-भारी सा महसूस होने लगा है।“

“कोई बात नहीं बेटा। अब तुम सोचना बंद करो और वापस बेड पर आराम कर लो। मम्मा अब आपके पास हैं इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है।“

माइकल ने अपनी उंगलियों से शैफाली के बालों में कंघी करते हुए कहा। उधर जैसे ही शैफाली ने सपनों के बारे में सोचना बंद किया, ब्रूनो जो कि दूर बैठा हुआ था, धीरे धीरे चलता हुआ शैफाली के पास आ गया। शैफाली वापस बेड पर लेट गयी।

माइकल यह देखकर धीरे से बेड से उठा और रुम से निकलते हुए सबको बाहर आने का इशारा किया। मारथा को शैफाली के पास छोड़, सभी लोग बाहर के रुम में आ गये। सभी सोफे पर बैठ गये, पर किसी के मुंह से कोई बोल नहीं फूट रहा था। अजीब सा सस्पेंस भरा सन्नाटा छाया था। लंबे खिंच रहे सन्नाटे को तोड़ा ब्रैंडन की आवाज ने-

“कैप्टेन! मुझे लग रहा है, कि शैफाली एक नॉर्मल बच्ची नहीं है। इसके पास कुछ ना कुछ पॉवर जरुर है। शायद भविष्य देखने की पॉवर या फिर कुछ अलग.... जो हम समझ नहीं पा रहे हैं।“

“कह तो तुम ठीक रहे हो ब्रैंडन।“ सुयश ने भी ब्रैंडन की हां में हां मिलायी- “पर सवाल अभी शैफाली की पावर्स के बारे में बात करने का नहीं है। सवाल यह है कि वह रहस्यमयी द्वीप क्या है? जिसने रोजर की जान ले ली और यह अटलांटिस का सिक्का यहां कहां से आया ?“

“क्या मिस्टर रोजर अब नहीं रहे?“ अलबर्ट ने आश्चर्य से पूछा।

“जी हां प्रोफेसर! कल रोजर का हेलीकॉप्टर एक ऐसे ही रहस्यमयी द्वीप के पास दुर्घटना ग्रस्त हो गया जिसमें रोजर की मौत हो गयी।“ सुयश ने अलबर्ट से कहा।

“ओह! भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।“ अलबर्ट ने दुख प्रकट किया।

“जरुर उस द्वीप पर कुछ ना कुछ खतरनाक है।“ लारा ने कहा- “तभी वह शैफाली को भी सपने में नजर आ रहा है।“

“पर यह अटलांटिस का सिक्का यहां पर कैसे आया और कौन है वह जो शैफाली को सपने के माध्यम से बुला रहा है?“ सुयश ने कहा।

“कैप्टेन! मेरे पास एक थ्योरी है।“ अलबर्ट ने गहरी सांस लेते हुए कहा- “मैं ये तो नहीं कह सकता कि ये थ्योरी बिल्कुल सही है पर सभी घटनाओं को एक क्रम देने के बाद मुझे ये थ्योरी काफी हद तक सही दिशा में जाती लग रही है। अगर आप इजाजत दें तो मैं बोलूं।“

“जी प्रोफेसर बताइये!“ सुयश ने इजाजत देते हुए कहा।

“अटलांटिस एक प्राचीन द्वीप था। कहते हैं कि वह यहीं कहीं अटलांटिक महासागर में ही था। किताबों में लिखा है कि अटलांटिस द्वीप का विज्ञान बहुत उन्नत था। अटलांटिस द्वीप पर दूसरे ग्रहों के लोगों का भी आना जाना था। फिर अचानक एक विशालकाय ज्वालामुखी के फटने की वजह से, वह पूरी सभ्यता, अटलांटिक महासागर में कहीं खो गयी। अब ये एक अजीब इत्तफाक है कि जिस जगह का वर्णन किताबों में किया गया है, उसी जगह पर बारामूडा त्रिकोण का यह क्षेत्र आता है। अब आप लोग अपने दिमाग से यह बताइये कि क्या वजह हो सकती है, इस क्षेत्र में जहाजों के गायब होने की ?“

“आपकी थ्योरी मुझे भी काफी स्ट्रांग लग रही है प्रोफेसर।“ सुयश को अलबर्ट की बातों में दम दिखाई दिया- “इसका मतलब कि वह द्वीप अटलांटिस का अवशेष हो सकता है और वहां बचे हुए लोग नहीं चाहते कि कोई उनकी सभ्यता के बारे में जाने।“

“बिल्कुल ठीक कैप्टेन। अब हम सही लाइन पर बढ़ रहे हैं।“ अलबर्ट के शब्दों में अब खुशी के भाव थे।

“ओह! तभी हमें इस क्षेत्र में उड़नतश्तरी दिखायी दी थी।“ लारा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

“पर यह सिक्का और शैफाली के सपने?“ माइकल जो कि इतनी देर से सभी की बात सुन रहा था, बोल उठा।

“इस बारे में अभी कुछ ज्यादा कह नहीं सकते मिस्टर माइकल।“ सुयश ने गहरी साँस लेते हुए कहा- “लेकिन जाने क्यों ऐसा लग रहा है कि जल्द ही हमें शैफाली के माध्यम से कुछ और रहस्यों का पता चलेगा। तब तक के लिए सभी लोग अपने आँख और कान खुले रखें और जैसे ही किसी को कुछ और नयी चीजें पता चलें, तुरंत मुझे बताएं।“ यह कहकर सुयश सोफे से खड़ा हो गया।

“कैप्टेन, इस सिक्के का क्या करना है?“ माइकल ने कैप्टेन को खड़े होते देख पूछ लिया। “फिलहाल ये सिक्का प्रोफेसर के पास रहेगा। हो सकता है कि इन्हें इसमें कुछ और खास बात नजर आ जाये। जब हम अपनी सभ्यता में पहुंचेंगे तो यह सिक्का अमेरिकन सरकार को दे देंगे।“ यह कहकर सुयश ने सिक्का माइकल के हाथ से ले अलबर्ट के हवाले कर दिया।

उधर सुयश को खड़े होते देख, ब्रैंडन और लारा भी अपने स्थान से खड़े हो गये थे। कुछ ही देर में तीनों कमरे से बाहर निकल गये।




जारी रहेगा.....…...✍️
बहत ही इंट्रेस्टिंग अपडेट। शैफाली का सपने देखना और उसका वर्णन रॉजर के वार्तालाप से हूबहू होना बहुत ही बड़ा रहस्य छोड़ गया। क्या अटलांटिस के वासी शैफाली से सपनो के माध्यम से कॉन्टैक्ट कर रहे हे।

बहुत खूब।
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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बहत ही इंट्रेस्टिंग अपडेट। शैफाली का सपने देखना और उसका वर्णन रॉजर के वार्तालाप से हूबहू होना बहुत ही बड़ा रहस्य छोड़ गया। क्या अटलांटिस के वासी शैफाली से सपनो के माध्यम से कॉन्टैक्ट कर रहे हे।

बहुत खूब।
यही एक राज है जिसने सबको परेशान किया था।
वैसे आगे चलकर इसका जवाब मिल जाएगा, तो अभी बताकर आपका मनोरंजन कम नही करना चाहिए ना। :D
Thank you very much for your valuable review and superb support priya ji :hug:
 

Raj_sharma

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Raj_sharma

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#183.

"नीली परी को कैद से आजाद कराना, सरल महसूस हो रहा है।" ऐलेक्स ने कहा- "इस तक तो पानी में तैर कर ही पहुंचा जा सकता है।'

ऐलेक्स की बात सुनकर क्रिस्टी के मुंह से हंसी छूट गई- “ब्वायफ्रेंड जी, लगता है आप कैश्वर को अभी ठीक तरह से समझे नहीं हैं? वो तिलिस्मा की कोई भी चीज को आसान नहीं करने वाला? विश्वास ना हो तो पानी में अपना पैर डालकर देख लो। अवश्य ही इस झील के पानी में कोई ना कोई जाल बिछा होगा?"

क्रिस्टी की बात सुनकर ऐलेक्स ने झील के पानी में अपना पैर डाला, परंतु ऐलेक्स का पैर पानी के अंदर नहीं गया। यह देख ऐलेक्स ने घूरकर क्रिस्टी की ओर देखा और पलटकर वापस आ गया।

"हम झील के पानी में तैरकर, अब नीली परी के पिंजरे तक नहीं पहुंच सकते।” ऐलेक्स ने मुंह बनाते हुए कहा- “मेरा पैर पानी के अंदर नहीं जा रहा है।"

ऐलेक्स की बात सुन क्रिस्टी ने अपनी जीभ निकालकर ऐलेक्स को चिढ़ा दिया।

"इसका मतलब वसंत ऋतु का यह भाग भी आसान नहीं होने वाला?” सुयश ने कहा- “चलो, अब सब लोग घूमकर देखो कि इस झील के पानी में प्रवेश कर नीली परी को कैसे छुड़ाया जा सकता है?"

सुयश की बात सुनकर सभी इधर-उधर बिखरकर कोई युक्ति ढूंढने की कोशिश करने लगे।

तभी तौफीक की नजर उस झरने की ओर गई, जिससे गिर रहे पानी से, झील बनी थी। अब तौफीक उस पहाड़ पर चढ़ने लगा।

कुछ देर में तौफीक उस झरने के उद्गम स्थल के पास पहुंच गया।

अब तौफीक की नजर उस झरने के पानी के बीच में पड़े, एक विशाल पत्थर पर थी, जिसके बीच में होने की वजह से झरने के पानी का मार्ग अवरुद्ध हो रहा था।

तौफीक ने जमीन पर बैठकर ध्यान से उस पत्थर को देखा, अब तौफीक की नजर उस बड़े पत्थर के नीचे मौजूद एक छोटे से पत्थर के टुकड़े पर गई।

यह छोटा पत्थर का टुकड़ा इस प्रकार रखा था कि यदि उसे हटा दिया जाता, तो वह बड़ा पत्थर लुढ़ककर झील के पानी में आ गिरता।

यह देखकर तौफीक ने ऊपर से ही चिल्ला कर कहा- “कैप्टेन, यहां पर एक चट्टान का टुकड़ा है, अगर हम उसे हटा दें, तो वह लुढ़ककर झील के पानी में गिरेगा। हो सकता है कि उससे झील का पानी का स्तर बढ़ जाये? और वह लिली का फूल तैरकर किनारे आ जाये?"

तौफीक की बात सुन सुयश ने तौफीक को चट्टान के हटाने का इशारा कर दिया। तौफीक ने सुयश का इशारा पाकर, बड़ी चट्टान के नीचे मौजूद छोटे पत्थर को, उसके स्थान से हटा दिया।

अब वह बड़ी चट्टान लुढ़कते हुए झील के पानी में जा गिरी। चट्टान के गिरने से, झील का बहुत सारा पानी चारो ओर फैल गया, परंतु लिली का फूल ज्यों का त्यों अपने स्थान पर अडिग तैरता रहा। यह देख तौफीक मायूस होकर पहाड़ से नीचे आ गया।

तभी जेनिथ की निगाह, तौफीक के द्वारा फेंकी गई चट्टान पर पड़ी, जो कि अब झील के पानी की सतह पर, किसी पत्ते की मानिंद तैर रहा था।

“कैप्टेन, यह पत्थर पानी के ऊपर तैर रहा है।" जेनिथ ने पत्थर की ओर इशारा करते हुए सुयश से कहा।

"इस पत्थर का रंग थोड़ा गाढ़ा है, जबकि यहां मौजूद बाकी पत्थर थोड़े हल्के रंग के हैं।” शैफाली ने कहा- “इसका मतलब इस रंग के पत्थर पानी पर तैरते हैं। अगर हमें ऐसे और भी पत्थर मिल जायें तो उन पत्थरों का पुल बनाकर हम उस पिंजरे तक पहुंच सकते हैं।"

शैफाली की बात सुनकर सभी का ध्यान अपने चारो ओर गया। कुछ ही देर में सभी को वहां मौजूद पत्थरों के बीच में 1 फुट के असंख्य गाढ़े पत्थर नजर आने लगे।

अब सभी उन पत्थरों को उठाकर झील के पानी में फेंकने लगे।
कुछ ही देर में सभी ने 2 मीटर लंबे एक पुल का निर्माण कर लिया।

“अब रुक जाओ।” सुयश ने सभी को रोकते हुए कहा- “पहले एक बार देख तो लें कि यह पुल हमारे शरीर का बोझ उठा भी सकता है कि नहीं? फिर बचे हुए पुल का निर्माण करेंगे।" सुयश की बात सभी को सही लगी।

अब क्रिस्टी ने उस पुल पर अपना पैर रखने की कोशिश की। पर क्रिस्टी के पैर के आगे बढ़ाते ही, सभी तैर रहे पत्थर अपने स्थान से इस प्रकार इधर-उधर होने लगे, जैसे कि वह क्रिस्टी का पैर ना होकर भगव..न वामन का पैर हो, और वह अपने एक पग में पृथ्वी मांगने जा रही हो।

“यह प्लान भी फेल है।” सुयश ने पत्थरों को देखते हुए कहा- “कैश्वर ने जानबूझकर हमारे आसपास ऐसी चीजें रखीं हैं, कि हम उसमें फंसकर अपना समय बर्बाद करते रहें। अब हमें कोई अन्य उपाय ही सोचना पड़ेगा?" सुयश की बात सुन सभी सोच में पड़ गये।

तभी शैफाली के चेहरे के आगे वही तितली आकर घूमने लगी, जिस पर बैठकर शैफाली ने ड्रोन को पकड़ने की कोशिश की थी।

शैफाली ने अपने हाथ से तितली को हटाने की कोशिश की, पर वह तितली शैफाली के चेहरे के सामने से नहीं हटी।

इस बार शैफाली ने घूरकर तितली को देखा, तभी उसके दिमाग में एक आइडिया आ गया। अब शैफाली बिना किसी को बताये अपने स्थान से उठी और उस तितली पर चढ़कर बैठ गई।

शैफाली के बैठते ही तितली हवा में उड़ी और शैफाली को लेकर लिली के फूल के पास पहुंच गई।

अब शैफाली ने किसी नट की भांति करतब दिखाते हुए, अपने दोनों पैर की कैंची बनाकर, उसे तितली के शरीर में फंसाया और तितली के शरीर से उल्टा लटककर हवा में झूलने लगी।

सभी मंत्रमुग्ध हो कर शैफाली के इस अद्भुत प्रयास को देख रहे थे। अब शैफाली के हाथ नीचे हवा में झूल रहे थे। तभी तितली लिली के फूल के ऊपर पहुंच गई। शैफाली की निगाह अब नीली परी के पिंजरे के ऊपर लगे हुक पर थी।

थोड़े ही प्रयास के बाद शैफाली ने उस हुक को अपने हाथ से पकड़ लिया। हुक को पकड़ते ही शैफाली ने अपने मुंह से एक अजीब सी ध्वनि निकाली।

इस ध्वनि को सुन तितली हवा में ऊपर उठ गई और इसी के साथ शैफाली सहित नीली परी का पिंजरा भी हवा में उठ गया।

पिंजरा अच्छा-खासा भारी था, पर इस समय शैफाली अपने शरीर की आंतरिक कोर का प्रयोग, मैग्ना की भांति कर रही थी इसलिये उसे कुछ खास परेशानी नहीं हुई? शैफाली ने वह पिंजरा सुयश के सामने रख दिया और स्वयं तितली से उतरकर नीचे आ गई।

“बहुत अच्छे शैफाली, क्या दिमाग लगाया है तुमने?” ऐलेक्स ने शैफाली की प्रशंसा करते हुए कहा।

अब सुयश ने इस पिंजरे का भी द्वार खोलकर नीली परी को बाहर निकाल दिया।

नीली परी ने बाहर निकलते ही, दूसरे ड्रम से नीले रंग को निकाल कर प्रकृति को रंग दिया। इसके बाद वह भी लाल परी की ही भांति हवा में गायब हो गई।

अब सबकी निगाहें पीली परी की ओर थीं, जिसका पिंजरा अनेक जगहों पर बार-बार प्रकट व अदृश्य हो रहा था।

“पीली परी का पिंजरा तो बहुत तेजी से अनेक स्थानों पर फ्लैश हो रहा है।" जेनिथ ने कहा- “और इसकी गति भी इतनी तेज है कि इसे पकड़ना लगभग नामुमकिन लग रहा है।

"सभी लोग अपने दिमाग के घोड़े को दौड़ाओ, अगर कैश्वर ने इस पहेली को हमारे सामने रखा है तो जरुर इसका हल हममें से किसी के पास होगा?” सुयश ने सभी को आशाओं से भरते हुए कहा- “हो सकता है कि इससे मिलती-जुलती कोई घटना हमारे दिमाग में हो? जो कि दिमाग के किसी कोने में धुंधली यादों के रुप में हो?"

सुयश की बात सुन, सभी पीली परी के पिंजरे को देखते हुए अपना दिमाग लगाने लगे।

शैफाली की तीक्ष्ण नजरें ध्यान से फ्लैश हो रहे पिंजरे का अवलोकन कर रहीं थीं। सभी को पिंजरे को इसी प्रकार देखते हुए, लगभग आधा घंटा बीत गया।

अब शैफाली को छोड़ सभी ने, थोड़ी देर के लिये अपनी नजरें पिंजरे से हटा लीं थीं।

शैफाली अब एक लकड़ी की सहायता से जमीन पर खिंचा कर, कुछ गणित की कैलकुलेशन कर रही थी।

शैफाली को यह करता देख सभी को समझ आ गया कि शैफाली को अवश्य ही कोई ना कोई क्लू मिल गया है?

कुछ ही देर में शैफाली ने लकड़ी से खिंचकर, एक छोटी सी तालिका तैयार कर ली और सभी को अपने पास बुला लिया।

सभी शैफाली के पास पहुंचकर, जमीन में बनी उस तालिका को देखने लगे, पर किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि शैफाली ने जमीन पर, अंकों की गणना कर यह क्या बनाया है? अब सभी तालिका को छोड़ शैफाली की ओर देखने लगे।

उन्हें अपनी ओर देखता पाकर शैफाली ने बोलना शुरु कर दिया।

“कैप्टेन अंकल, जब मैंने ध्यान से पीली परी के पिंजरे को देखना शुरु किया, तो मुझे पता चला कि वह पिंजरा गायब होकर सिर्फ 8 स्थानों पर ही प्रकट हो रहा है, पर उनके बीच का क्रम बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा था। तब मैंने यह तालिका बनाकर पिंजरे के क्रम का आंकलन करने की कोशिश की। अब पहले मैंने उन 8 स्थानों को चिंहित कर, उन्हें 1 से लेकर 8 तक नंबर दे दिये। यानि अगर पिंजरा पहली जगह पर प्रकट हो रहा है तो मैंने तालिका के स्थान पर 1 लिख दिया। कुछ ही देर में मेरे सामने ये आंकड़े आ गये, जो कि मैंने इस तालिका में लिख रखे हैं।" यह कहकर शैफाली ने सबका ध्यान तालिका की ओर कराते हुए कहा।

"तलिका की पहली लाइन में पहला अंक गायब है और बाकी के सभी अंकों के बीच 1 स्थान का अंतराल है, उसी प्रकार दूसरी लाइन में शुरु के 2 अंक गायब हैं और प्रत्येक 2 अंको के बीच 2 स्थान का अंतराल है। वैसे ही तीसरी लाइन में 3, चौथी लाइन में 4, पांचवी लाइन में 5, छठी लाइन में 6 अंकों का अंतराल है। अब अगर सातवीं लाइन को देखते है, तो यहां प्रत्येक अंकों के बीच 7 अंकों का अंतराल है। अगर ध्यान से देखें तो यहां पर कुल 8 ही स्थान हैं, जिनमें से 7 अंक गायब हैं। अर्थात जब पिंजरा सातवीं लाइन के हिसाब से गायब होना शुरु होता है, तो वह एक ही स्थान पर लगातार 8 बार प्रकट होता है।

“इसी प्रकार आठवीं लाइन के हिसाब से वह पिंजरा 8 बार प्रकट ही नहीं होता है। तो इस प्रकार से कैश्वर ने एक शतरंज के बोर्ड के 64 खानों का प्रयोग करके इस पहेली का निर्माण किया है। यानि अब अगर हमें इस पिंजरे को पकड़ना है, तो सबसे सही समय हमें सातवीं लाइन में मिलेगा, जब वह पिंजरा एक ही स्थान पर 8 बार प्रकट होगा।" इतना कहकर शैफाली चुप होकर सभी को देखने लगी और अब सभी आँखें फाड़े शैफाली को देख रहे थे।

“यह इतने छोटे से दिमाग में इतना गणित आता कहां से है?” सुयश ने शैफाली के बालों पर हाथ फेरते हुए पूछा।

"क्या कैप्टेन अंकल, आपने ही तो कहा था कि दिमाग के सारे घोड़े खोल दो, और दिमाग के घोड़े मैं तभी खोलती थी, जब मैं किसी के साथ 'ब्लाइंड चेस' खेलती थी। बस शतरंज के उसी खेल से मैंने ये पहेली हल कर ली।” शैफाली ने मुस्कुराते हुए भोलेपन से कहा।

(ब्लाइंड चेसः शतरंज के खेल का एक प्रकार, जिसे आँखों पर पट्टी बांधकर खेला जाता है। इस गेम में खेलने वाला अपने दिमाग में शतरंज के सभी 64 खानों को याद रखता है)

"चलो फिर अब सभी आठवें स्थान पर चल कर खड़े होते हैं।” ऐलेक्स ने कहा और क्रिस्टी का हाथ पकड़ ऐसे चल दिया, जैसे कि वह अपने गार्डन में टहल रहा हो।

सभी आठवें स्थान पर पहुंच गये और शैफाली के इशारे का इंतजार करने लगे। पिंजरे के फ्लैश होने का समय इतना कम था, कि पता होने के बाद भी शुरु के 2 बार में, कोई भी पिंजरे को छू भी नहीं पाया, पर आखिरकार तीसरी बार में क्रिस्टी के हाथ में पीली परी का पिंजरा आ ही गया।

इस पिंजरे का ताला भी तोड़कर, पीली परी को निकाल दिया गया।

पिछली दोनों परियों की भांति ही पीली परी ने भी पीले ड्रम से रंग लेकर प्रकृति के पीले रंग को भर दिया। इसके बाद वह पीली परी भी गायब हो गई।

अब सभी की नजर आखिरी वाली, हरी परी की ओर गई, जो कि हवा में स्थित एक हीरे के अंदर कैद थी।

“कैप्टेन, यह परी पिंजरे की जगह हीरे में कैद है।" तौफीक ने कहा- “और हीरा तो पृथ्वी की सबसे कठोर चीजों में शुमार है, तो फिर हम इस परी को उसमें से निकालेंगे कैसे?"

तौफीक की बात सुनकर सभी उस हीरे के पास आकर खड़े हो गये।

“अरे, इस हीरे के नीचे जमीन पर लगे पत्थर पर, तो एक इंद्रधनुष दिखाई दे रहा है।” ऐलेक्स ने नीचे की ओर देखते हुए कहा। ऐलेक्स की बात सुन सभी की निगाहें जमीन पर लगे, उस वर्गाकार सफेद पत्थर पर पड़ी।

“ऐलेक्स भैया, इस हीरे पर जब सूर्य की सफेद किरणें आकर पड़ रही हैं, तो वह इस हीरे के अंदर से प्रवेश होकर, इसके निचले सिरे से बाहर निकल रहीं हैं। वही सूर्य की किरणें अलग-अलग तरंग दैर्ध्य के कारण, हमें इंद्रधनुष के रंग में नीचे के पत्थर पर दिखाई दे रहीं हैं।

"एक मिनट इस इंद्रधनुष के रंग में कुछ गड़बड़ है।” जेनिथ ने नीचे देखते हुए कहा- “हां, इसमें हरा रंग उपलब्ध नहीं है, उसका स्थान खाली है।

“यह बात तो समझ से बाहर है।" शैफाली ने कहा- “सूर्य की किरणों से तो पूर्ण इंद्रधनुष दिखाई देना चाहिये था और इस समय हमें हरी परी को ही बाहर भी निकालना है....अवश्य ही इस द्वार से निकलने का रास्ता इसी पहेली में कहीं छिपा है?"

“दोस्तों, हम भूल रहे हैं कि 3 ड्रम के अंदर तो रंग था, परंतु एक ड्रम जिसमें हरा रंग होना चाहिये था, वह अभी भी खाली है। कहीं उसके खालीपन का संबन्ध इस पहेली से तो नहीं?" ऐलेक्स ने कहा।

“वह कोई बड़ी परेशानी नहीं है।” सुयश ने कहा“ नीले और पीले रंग को चौथे ड्रम में डालने पर हरा रंग बन जायेगा।...पर हरा रंग बनाने से समस्या हल नहीं होगी....अवश्य ही यहां कहीं पर और कुछ भी है? जो हमें अभी तक दिखाई नहीं दिया है। एक काम करो, सब लोग इधर-उधर बिखर कर कुछ भी संदिग्ध चीज ढूंढने की कोशिश करो?" सुयश की बात सुनकर सभी चारो ओर फैल गये।

कुछ मिनट बाद जेनिथ की आवाज सबको सुनाई दी- “कैप्टेन, मुझे इस चट्टान के पीछे से, यह एक फुट का कपड़े का घोड़ा मिला है। क्या इसमें कुछ हो सकता है?"

जेनिथ की आवाज सुन सभी जेनिथ के पास इकठ्ठा हो गये और उस हरे कपड़े से बने उस घोड़े को देखने लगे।

सुयश ने जेनिथ के हाथ से घोड़ा ले लिया और उसे उलट-पुलट कर देखने लगा।

“यह पूरा घोड़ा कपड़े का है, पर इसकी पूंछ असली जैसी लग रही है और इसका रंग भी हरा है, जो कि साधारणतया घोड़े के रंग से अलग है।” सुयश ने कहा“ और इसका हरे रंग में होना ये साबित करता है कि इस घोड़े का कहीं ना कहीं तो उपयोग होना है? क्या कोई इस घोड़े का सम्बन्ध अप्रत्यक्ष रुप से भी, किसी प्रकार उस पहेली से जोड़ पा रहा है?"

“हां कैप्टेन, यहां बात सूर्य की किरणों की हो रही है और कहते हैं कि सूर्य का रथ भी घोड़े ही खींचते हैं। तो कहीं ऐसा तो नहीं कि यही सूर्य का चौथा घोड़ा हो?" जेनिथ ने अपना तर्क देते हुए कहा।

सुयश को जेनिथ का तर्क बिल्कुल सटीक महसूस हुआ, तभी वह घोड़ा सुयश के हाथ से छूटकर जमीन पर गिर गया।

जमीन पर गिरते ही अचानक वह घोड़ा बड़ा होकर सजीव हो गया और हिनहिनाकर सूर्य की ओर उड़ गया। यह देख सभी सकते की सी हालत में आ गये।

“कैप्टेन, लगता है कि जेनिथ का कहना सही था, वहीं सूर्य का चौथा घोड़ा था?” क्रिस्टी ने कहा- “पर अब तो वह घोड़ा आसमान में उड़ गया, अब हम उसे पकड़ेंगे कैसे?" तभी ऐलेक्स की निगाह जमीन पर गिरी घोड़े की पूंछ की ओर गई।

“कैप्टेन, भागते भूत की लंगोटी सुनी थी, पर भागते घोड़े की पूंछ कभी नहीं सुना था?” ऐलेक्स ने घोड़े की पूंछ को सुयश को देते हुए कहा- “घोड़ा तो उड़ गया, पर उसकी पूंछ तो यहीं पर रह गई।'

सुयश ने घोड़े की पूंछ को ध्यान से देखते हुए कहा“ अरे यह पूंछ तो बिल्कुल पेंटिंग की कूची की भांति लग रही है?" यह कह सुयश के दिमाग में एक विचार कौंधा, अब वह तुरंत उस खाली ड्रम की ओर भागा।

सुयश ने घोड़े की पूंछ को जेनिथ के हाथ में पकड़ाया और स्वयं नीले व पीले रंग की कुछ मात्रा खाली ड्रम में डालकर हरे रंग का निर्माण कर दिया।

हरा रंग बनते ही सुयश ने घोड़े की पूंछ को हरे रंग में डाला और उसमें रंग लगाकर हीरे की ओर भागा।
सभी आश्चर्य से सुयश की ओर देख रहे थे।

सुयश ने अब उस पूंछरुपी कूची से, पत्थर पर मौजूद इंद्रधनुष के हरे भाग को रंग दिया। सुयश के ऐसा करते ही इंद्रधनुष के हरे रंग से एक तेज रोशनी निकलकर हीरे से टकराई।

अब हीरा एक ओर से सूर्य की सफेद किरणों से गर्म हो रहा था और दूसरी ओर से इंद्रधनुष की हरी किरणों से ठंडा हो रहा था।

कुछ देर तक लगातार यही प्रक्रिया चलते रहने के बाद, अब हीरे में कुछ दरारें दिखाई देने लगीं थीं।

यह देख सुयश ने सभी को सचेत करते हुए कहा "सभी लोग सुरक्षित स्थान को ढूंढ लो, मुझे लग रहा है कि हीरा कभी भी फट सकता है? और हीरे के फटने पर हमें नहीं पता कि कैसी ऊर्जा निकलेगी?"

सुयश की बात सुन सभी एक ऊंची सी चट्टान के पीछे छिप गये।

तभी ‘खनाक' की एक तेज आवाज के साथ हीरा टूटकर टुकड़े-टुकड़े हो गया।

कुछ देर बाद जब हीरे की ऊर्जा वातावरण से समाप्त हो गई, तो सभी ने झांककर उस स्थान की ओर देखा, जहां वह हीरा टूटा था।

अब वहां हरी परी खड़ी नजर आ रही थी।:dazed:

हरी परी ने नीले और पीले रंग के ड्रम से बाकी बचा पेंट भी हरे ड्रम में मिला दिया और उससे प्रकृति के आखिरी और सबसे खूबसूरत रंग को भर दिया। इसी के साथ वह परी भी गायब हो गई।

तभी सबको उस वर्गाकार पत्थर में अंदर की ओर जाता हुआ एक द्वार दिखाई दिया।

सभी समझ गये कि यही तिलिस्मा का अगला द्वार है। सभी अब उस द्वार के रास्ते से आगे की ओर चल दिये।


जारी रहेगा_____✍️
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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बहुत ही शानदार और लाज़वाब अपडेट है सुयश के टैटू का तो राज खुल गया लेकिन एक और राज सामने आ गया सबकी हैप्पी न्यू ईयर की जगह bad न्यू ईयर हो गई शैफाली के पास एक सिक्का मिला है वह शैफाली के पास कौन व क्यों रख के गया है जिसका पता किसी को भी नहीं है अल्बर्ट के हिसाब से यह सिक्का अटलांटिस सभ्यता का है ये सच हो सकता है और शैफाली का उनके साथ कुछ तो संबंध हो सकता है???

James aur Wilmar ne Shalaka👸 aur uske bhaiyo 🦸‍♂️🦹‍♂️🦸‍♂️🦹‍♂️🦸‍♂️🦹‍♂️ 🦸‍♂️ ko jagaa diya. Lekin inaam ki jagah unhe sunehri qaid mili.. 😏

Yeha Mayavan mei ab Nayantara 🤩 ka kya mamla hai yaar.. bahut suspense hai yaar..
:cool3:

Badhiya update bhai

To Toffik hi tha jisne sab kiya tha lekin loren ko kyun mar diya usne wo to usse pyar karta tha na or bechari loren bhi uske pyar me andhi hoker uski baten man rahi thi or jis jenith se badla lena chahta tha use abhi tak jinda rakha ha usne usse pyar ka natak karta ja raha ha Jenith ki sab sachhai pata pad gayi ha dekhte han kab tak Toffik babu apni sachhai chhupa pate han waise bure karm ki saja milti hi ha or jis jagah ye sab han usse lagta ha jaise Aslam miya ko saja mili usi prakar Toffik ka bhi number lag sakta ha

चौदह वर्ष पूर्व कलिका - जो दिल्ली के एक मैग्जीन की संपादक थी - ने यक्षलोक के प्रहरी युवान के कठिन सवालों का जो जवाब दिया वह बिल्कुल महाभारत के एक प्रसंग ( युधिष्ठिर और यक्ष संवाद ) की तरह था ।
क्या ही कठिन सवाल थे और क्या ही अद्भुत जवाब थे ! यह सब कैसे कर लेते है आप शर्मा जी ! पहले तो दिमाग मे कठिन सवाल लाना और फिर उस सवाल का जवाब ढूंढना , यह कैसे कर लेते है आप !
यह वाकई मे अद्भुत था । इस अपडेट के लिए आप की जितनी तारीफ की जाए कम है ।

शायद सम्राट शिप से चौदह साल पहले जो शिप बरमूडा ट्राइंगल मे डुब गया था , उस शिप मे ही कलिका की बेटी सफर कर रही होगी । वह लड़की आकृति हो सकती है । वह आकृति जो शलाका का क्लोन धारण कर रखी है ।

दूसरी तरफ सामरा प्रदेश मे व्योम साहब पर कुदरत बहुत ही अधिक मेहरबान हो रखा है । वगैर मांगे छप्पर फाड़ कर कृपा बरसा रहा है । पहले अमृत की प्राप्ति हुई और अब राजकुमारी त्रिकाली का दिल उनपर धड़क गया है ।
मंदिर मे जिस तरह दोनो ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र पहनाया , उससे लगता है यह रक्षा सूत्र नही विवाह सूत्र की प्रक्रिया थी ।


इन दो घटनाक्रम के बाद तीसरी तरफ कैस्पर का दिल भी मैग्ना पर मचल उठा है और खास यह है कि यह धड़कन हजारों वर्ष बाद हुआ है । लेकिन सवाल यह है कि मैग्ना है कहां !
कहीं शैफाली ही मैग्ना तो नही ! शैफाली कहीं मैग्ना का पुनर्जन्म तो नही !

कुकुरमुत्ता को छाते की तरह इस्तेमाल करते हुए सुयश साहब और उनकी टीम का तेजाबी बारिश से खुद को रक्षा करना एक और खुबसूरत अपडेट था । पांच लोग बचे हुए हैं और एलेक्स को मिला दिया जाए तो छ लोग । तौफिक साहब की जान जाते जाते बची , लेकिन लगता नही है यह साहब अधिक दिन तक जीवित रह पायेंगे ।
कुछ मिलाकर पांच प्राणी ही सम्राट शिप के जीवित बचेंगे , बशर्ते राइटर साहब ने कुछ खुराफाती न सोच रखा हो ।
ये मिश्रित पांडव जीवित रहने चाहिए पंडित जी ! :D

सभी अपडेट बेहद खुबसूरत थे ।
रोमांच से भरपूर ।
एक अलग तरह की कहानी , एक अद्भुत कहानी ।
और आउटस्टैंडिंग राइटिंग ।

Nice update ...lambe gap ke karan thoda confusion hai kuch ...lekhak mahodaya ho sake to iska answer dijiyega ...
Gurutva shakti

Ab s
समझ आया आकृति के चेहरा नहीं बदल पाने के कारण.... इसलिए आर्यन भी जल्दी नहीं पहचान पाया उसको....


बहुत ही सुंदर अपडेट

अदभुद अकल्पनीय इससे अधिक शब्द नहीं हैं व्याख्यान के लिए

Buddy Avaran ne mujhe yah story recommend Kiya thaa, Very very nice story hai,

itna sara dimag ghumane suspense
Ki pucho hi mat ,mind blowing imagination .

Socha nahi tha adult forum par iss tarah ki kahani milegi

Raj_sharma buddy Avaran ki Tarah long rebiow nahi depunga , kyuki wah special hai , aise quality hamre pass kaha

Atlantic, jungle adventure , Indian cultural theme , greek mythology, se Gazab combination baithaya

Shandar update bhai

अच्छी बात यह है कि अल्बर्ट बच गया है और अपनी ख़ुराफ़ात जारी रख रहा है।
पढ़ कर ऐसा लगा कि सुपर कमाण्डो ध्रुव वाली एक बेहद पुरानी कहानी - 'आदमखोरों का स्वर्ग' जैसा कुछ होगा।
लेकिन निराशा हाथ लगी :) हा हा!

इस अपडेट से एक और बात सूझती है कि क्या पुराने 'मर गए' किरदार भी वापस आ सकते हैं?

इस अपडेट में इक्यावन प्रश्न हैं - इतने तो एग्जाम में भी नहीं हल किए।
लिहाज़ा प्रश्नों को पढ़ने की ज़हमत नहीं उठाई मैंने।

अब तो सीधे अगले अपडेट में मिलेंगे जहाँ दिव्यास्त्रों की बातें होंगी - जैसे अभी कोई कम दिव्य शक्तियों की बातें हो रही थीं।
:tongue: :tongue: :tongue:

रिव्यू की शुरुआत की जाए
इंटरेस्टिंग इंटरेस्टिंग

Raj_sharma
आर्केडिया यहाँ वो जगह थी जहाँ शलाका अपने भाइयों के साथ बर्फ़ में विश्राम कर रहे थे। आर्गस का कैरेक्टर किसने नोटिस नहीं किया, लेकिन अगर याद हो तो मैंने कहा था आर्गस से रिलेटेड कुछ आगे होने को है।

एक और जगह जहाँ मेरा ध्यान गया है वो है लिडिया भी आरियन गैलेक्सी से रिश्ता रखती हैं, यानी अटलांटिक और आरियन के संबंध न सिर्फ़ अलेना की वजह से जुड़े हैं बल्कि एटलस की वाइफ़ लिडिया की वजह से भी ये लोग संबंधी हैं।

अब देखा जाए तो आरियन और फोरेना दोनों अलग-अलग आकाशगंगा हैं। इसका मतलब अगर मेरा अनुमान सही जाता है तो एक आकाशगंगा के लोग शलाका के समर्थन में होना चाहिए। देखो मुझे अब लगने लगा है शलाका का रोल हम लोग अटलांटिक के संदर्भ में देखते थे लेकिन जिस तरह कहानी में मोड़ आ रहे हैं उससे ये लगता है शलाका का रोल हमें आकाशगंगा के लोगों के बीच में होना चाहिए।
क्योंकि कहानी की मुख्य नायिका शेफ्फाली है जो कि अटलांटिक क्षेत्र में भूमिका निभाएगी। दूसरी मुख्य नायिका शलाका है जो कि आकाशगंगा में। ऐसे में दोनों के बीच न्याय होगा, वरना शलाका अटलांटिक तक रहती तब उसका उद्देश्य इतना महत्वपूर्ण नज़र नहीं आता।

वैसे अब एक और लक्ष्य मुझे नज़र आता है वो है शलाका का आर्गस को ढूँढना कि वह कहाँ है। कहीं आर्गस के इन लोगों से संपर्क तोड़ने की वजह कुछ और तो नहीं, क्योंकि सिर्फ़ रहने की जगह निर्धारण में संबंध तोड़ना थोड़ा फ़िल्मी टाइप लगता है।

आगे देखना टाइटन (आरियन) बनाम एंडोरस (फोरेना) के लोग भी भिड़ेंगे एक-दूसरे से। यहाँ भी एक पक्ष अच्छाई के साथ तो दूसरा ग़लत के साथ मिलेगा।

(इनकी लड़ाई समय चक्र के लिए होने वाली है)
इसको बुकमार्क करना पड़ेगा, ये आगे मुझे फ़्लेक्स मारने में काम आएगा कि देखो मैंने क्या प्रेडिक्ट किया था।

वैसे किस्मत देखो जेम्स की एलियन स्पेस शिप उड़ाएगा, दूसरा विलमार बेचारा अब जानवरों वाली ज़िंदगी जीने वाला है।

वैसे मैं एक बात को लेकर कन्फ्यूज़ हूँ कि जो दिव्य जोड़ें हैं उन्हें एक-एक शक्ति मिली, इसका मतलब क्या? उदाहरण लें तो मयूर और धारा दोनों के पास एक तरह की कॉमन शक्तियाँ हैं, और सुयश और शलाका के पास अलग-अलग तरह की दो शक्तियाँ हैं, ऐसा ही ना? या सिर्फ़ इन दोनों की और भी शक्तियाँ उजागर होना बाकी हैं।

अब यहाँ एक पहले जो मुझे संदेह था जिसका मैंने ज़िक्र भी किया था कि अगर तत्व शक्ति शलाका के भाइयों के पास हैं तो वही शक्तियाँ दिव्य जोड़ें के पास कैसे और अग्नि, वायु का कहाँ रोल रहेगा ऐसे में खैर अब समझ आ गया क्या था वो।

आगे देखने में बहुत सी चीज़ें हुईं, सबसे बड़ी बात शीट हृतु तिलिस्म पूरा हुआ। एक समय लगा कि वो आँक गिर रहे हैं, कहीं इन लोगों का द एंड तो नहीं लिख दिया गया।

तिलिस्म की मुसीबत से बाहर निकलने की घटना रोचक थी। इस बार का तिलिस्म वाक़ई ख़तरनाक था, सच में मृगन मछली ने दिमाग़ खपा दिया।

लेकिन एक रोचक घटना ने मेरा ध्यान खींच लिया। वो जलपरी का शुरू में मुझे लगा सच में तिलिस्म से बाहर से कोई आ तो नहीं गया वो भी इतना जल्दी।

अब केश्वर को पहले हल्के में ले रहा था मैं, लेकिन मुझे लगता है केश्वर आगे चलकर बहुत बड़ा खलनायक बनेगा। केश्वर अगर एक प्राणी में भावना डाल सकता है तो वह भगवान ही बन गया एक तरह से। वो चाहे तो तिलिस्म में अपनी खुद की सेना तैयार कर दे।

एक बात कुछ अपडेट में ये भी सामने आई कि तिलिस्म से कुछ जीव बाहर भी गए। सोचो ऐसे अगर भावना वाले जीव तिलिस्म के बाहर चले गए तो आम लोगों का क्या हश्र होगा। इन जीवों के पास तो मैजिकल पावर्स भी हैं।

मुझे लगता है कहानी यहाँ से एक स्तर और ऊपर चली गई है, कहानी का स्केल अब एकदम ग्रैंड लग रहा है।

आगे चलते हैं।
त्रिकाली और व्योम का दृश्य बहुत समय के उपरांत आया है। शुरू में मुझे लगा क्या ये विधुम्न का अध्याय इतना जल्दी समाप्त हो गया, पर मैं ग़लत था। संदेह था ज़रूर यहाँ कि ऐसा कैसे इतना जल्दी, अभी तो बस झलकियाँ दिखीं, ऐसे में ख़त्म इतना जल्दी।

खैर महावृक्ष की प्रशिक्षण इतनी ख़तरनाक थी, विधुम्न कितने ख़तरनाक होने वाले हैं। वैसे भी उसे महादेव का वरदान प्राप्त है तो चुनौती और कठिन।
वैसे मुझे साइंस आती तो नहीं है लेकिन गुरुत्व आकर्षण के नियम ज़रूर समझ आए।

मुझे बस इस चीज़ का समझ नहीं आ रहा कि विधुम्न, त्रिशल, कालिका, व्योम ये लोग अटलांटिक से और स्टोरी के नज़रिए से कनेक्टेड कैसे होंगे, क्योंकि इनका रोल सिर्फ़ वो नीमा गुरुजी का बदला लेने तक तो सीमित नहीं होगा।

आगे मेरे लीजेंडरी प्रेडिक्शन “अल्बर्ट ज़िंदा है शायद” वाली कन्फर्म हो गई।

वैसे क्या पेच डाला है कि अल्बर्ट को पकड़ा ही नहीं पकड़ी तो उसकी जैकेट थी, और गिराया भी पेड़ पर मान गए गुरु।

अब ऐसे ही ब्रैंडन और ब्रूनो मिल जाएँ मज़ा आ जाए।
वैसे ये काली बिल्ली की देवी क्या चीज़ थी। उस द्रव्य में तो कुछ था या नहीं लेकिन उस ब्रैसलेट में ज़रूर कुछ पावर है। वैसे लगता तो नहीं अल्बर्ट काली बिल्ली बन जाएगा क्योंकि उसे लाया गया है मतलब आगे लंबा कुछ काम होगा, इसलिए जहाँ तक लगता है उसको बिल्ली वाली शक्ति मिली होगी, शायद बिल्ली का रूप धारण करने की शक्ति मिल गई।
वैसे अभी अल्बर्ट अगर मयावन में है मतलब वो सम्रा या सेनोर जा सकता है, क्योंकि मयावन तो ख़तरे से खाली नहीं है।

कुल मिलाकर अच्छा अपडेट था।
आगे की प्रतीक्षा।

Sahi kaha hai aapne .

राज भाई
सेक्स नहीं कहानी पढ़ने का शौक रहा है मेरा हमेशा से
सेक्स पढ़ने देखने की जरूरत सिर्फ कुछ नया, अनोखा, अलग जानने के लिए समझता हूं
आनन्द या मनोरंजन सेक्स लिखने, पढ़ने, सुनने या देखने से नहीं 'करने' में ही होता है

Awesome update and nice story.

यह अध्याय 'काली बिल्ली' अलबर्ट के साहसिक और रहस्यमयी सफर का एक रोमांचक मोड़ है।

आपने इस भाग में अलबर्ट के चरित्र को बहुत ही चतुराई से पेश किया है। शुरुआत में टेरोसोर (Pterosaur) के चंगुल से बचने वाला दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला है।👍

अलबर्ट का अपनी जैकेट की ज़िप खोलकर गिरना उसकी सूझबूझ और "जोखिम उठाने वाली" प्रवृत्ति को बखूबी दर्शाता है।😎

The Mystery of the Cat Goddess
इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण वह सूखा कुआँ और उसके भीतर छिपी बिल्ली के मुख वाली गुफा है। यहाँ लेखक ने 'इण्डियाना जोन्स' या 'लारा क्रॉफ्ट' जैसी एडवेंचर फिल्मों वाला माहौल बनाया है।🙄

अर्द्धचंद्राकार दरवाजे और जलधारा: बिना जमीन पर गिरे गायब होने वाला पानी गुफा की जादुई और उन्नत तकनीक की ओर इशारा करता है।👌🏻

अलबर्ट का बिना डरे उस रहस्यमयी जल को पी लेना और ब्रेसलेट पहनना कहानी में एक बड़ा 'टर्निंग पॉइंट' हो सकता है। भले ही अभी उसे कोई बदलाव महसूस नहीं हुआ, पर यह तय है कि भविष्य में यह जल उसे काली बिल्ली की तरह शक्तियां या रूप प्रदान करेगा।👍

प्रश्नावली का प्रभाव
अपडेट के अंत में दी गई 50 प्रश्नों की सूची पाठकों के लिए एक "मेमोरी रिफ्रेशर" का काम करती है। यह दिखाता है कि इस कहानी का कैनवास कितना विशाल है। इतने सारे रहस्यों को एक साथ जोड़ना लेखक की कल्पनाशक्ति की गहराई को दर्शाता है। यह प्रश्नावली पाठकों की उत्सुकता को चरम पर ले जाती है कि क्या 'अद्भुत दिव्यास्त्र' में इन सवालों के जवाब मिलेंगे?🤔

अंत में दी गई कविता—"कृति का संकलन हूं, नये शब्दों का संचार हूं मैं"—लेखक के आत्मविश्वास और उनकी कला के प्रति समर्पण को दर्शाती है। यह कहानी को एक दार्शनिक टच देती है।👌🏻👌🏻

यह अपडेट ऐक्शन, थ्रिलर और फैंटेसी का एक बेहतरीन मिश्रण है। अलबर्ट का 'काली बिल्ली' वाले मंदिर में जाना और वह दिव्य जल पीना आने वाले संकटों या शक्तियों की आहट है। 'अद्भुत दिव्यास्त्र' की घोषणा ने अगले भाग के लिए बेसब्री बढ़ा दी है। 🫠
एक बार फिर से शानदार अपडेट भाई 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥

Kuch lines padh kar and dekh kar hi samajh gaya ki bawaal kaate ho aap, let me see first, kitna bawaal kiya hai 😁

lovely update.indr apni chal me to nakamiyab ho gaya par uska chhadyantrakari dimag kuch to soch raha hai .
sabhi devo ne apni apni ek ek shakti maya ko de di .
gamnesh ke saath maya ki chhedlhani karna ekdam majedar tha .
inme se kuch shaktiyo ki jhalak hum pehle bhi kahani me dekh chuke hai .sab ekdam abhyas karke likha gaya hai jisme koi bhi galti nahi hai isliye kahani ko padhne ka maja hi kuch aur hai ..

बहुत ही शानदार अपडेट

Behad shandar update he Raj_sharma Bhai

Hanuka ne galti se hi sahi lekin gurutav shakti ka varan kar liya he.............

Mahadev ke kahe anusar ab maya ne sabhi shaktiyo ko adrishay kar diya he........

Dekhte he aage kya kya hota he

Keep rocking bro

फिर से एक अप्रतिम अद्भुत और रोमांचक विस्मयकारी अपडेट हैं भाई मजा आ गया

शैफाली का किरदार बिल्कुल असाधारण ऊँचाई पर है। जिस तरह वह बारूद की खुशबू के समय में फर्क पकड़ती है और उससे धुएँ पर फूँक मारने की आदत तक पहुँचती है, और फिर जले हुए रुमाल व संदल की खुशबू जैसा सूक्ष्म विवरण देती है, वह सिर्फ बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि लेखन की गहराई भी दिखाता है। एक अंधी बच्ची का इस तरह संवेदनाओं के सहारे अपराध की परतें खोलना बेहद प्रभावशाली लगा।

नीली रोशनी, अजीब ध्वनि, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का ब्लास्ट होना यह हिस्सा पूरी तरह सिनेमैटिक और रहस्य से भरा लगा। ऐसा लगा जैसे कहानी अब केवल मर्डर मिस्ट्री नहीं रही, बल्कि किसी बड़े, अज्ञात, रहस्यमय और अलौकिक एडवेंचर की ओर बढ़ रही है।

कुल मिलाकर यह अपडेट कहानी को नए स्तर पर ले जाता है। भावनात्मक गहराई, वैज्ञानिक तर्क, रहस्य और अलौकिक संकेत सब एक साथ इतने संतुलित तरीके से आए हैं कि अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।

Bahut hi gazab ki update he Raj_sharma Bhai

Is berang ghati me rang bharne ke liye abhi aur bhi mehnat karni he suyash and company ko

Sirf drone ko pakad lene se inka kaam pura nahi hua he........

Ke-ishwar ab aur bhi jatil task dene wala he

Keep rocking Bro

Bahut hi shaandar update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and lovely update....

nice u0date

Shaandar update

Nice update....

Nice update.....

Bhut hi badhiya update Bhai
Taufiq ki madad se lal pari ko to aazad kar diya
Dhekte hai baki teeno pari ko kese aazad karte hai

Shayad pahli baar Shefali ka idea kaam nahi aaya hai, khair failure is the part of life, bas hume koshish karte rahna chahiye. Anyway thanks to Taufiq ki usne Drone ka kaam tamam kar diya aur red colour ka kaam pura ho gaya hai, wonderful update brother 💕 💕 💕.

Amazing update❤❤

bahut kammal likte ho

Nice update bro

बहत ही इंट्रेस्टिंग अपडेट। शैफाली का सपने देखना और उसका वर्णन रॉजर के वार्तालाप से हूबहू होना बहुत ही बड़ा रहस्य छोड़ गया। क्या अटलांटिस के वासी शैफाली से सपनो के माध्यम से कॉन्टैक्ट कर रहे हे।

बहुत खूब।

Update posted friends :yo:
 

dhparikh

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#183.

"नीली परी को कैद से आजाद कराना, सरल महसूस हो रहा है।" ऐलेक्स ने कहा- "इस तक तो पानी में तैर कर ही पहुंचा जा सकता है।'

ऐलेक्स की बात सुनकर क्रिस्टी के मुंह से हंसी छूट गई- “ब्वायफ्रेंड जी, लगता है आप कैश्वर को अभी ठीक तरह से समझे नहीं हैं? वो तिलिस्मा की कोई भी चीज को आसान नहीं करने वाला? विश्वास ना हो तो पानी में अपना पैर डालकर देख लो। अवश्य ही इस झील के पानी में कोई ना कोई जाल बिछा होगा?"

क्रिस्टी की बात सुनकर ऐलेक्स ने झील के पानी में अपना पैर डाला, परंतु ऐलेक्स का पैर पानी के अंदर नहीं गया। यह देख ऐलेक्स ने घूरकर क्रिस्टी की ओर देखा और पलटकर वापस आ गया।

"हम झील के पानी में तैरकर, अब नीली परी के पिंजरे तक नहीं पहुंच सकते।” ऐलेक्स ने मुंह बनाते हुए कहा- “मेरा पैर पानी के अंदर नहीं जा रहा है।"

ऐलेक्स की बात सुन क्रिस्टी ने अपनी जीभ निकालकर ऐलेक्स को चिढ़ा दिया।

"इसका मतलब वसंत ऋतु का यह भाग भी आसान नहीं होने वाला?” सुयश ने कहा- “चलो, अब सब लोग घूमकर देखो कि इस झील के पानी में प्रवेश कर नीली परी को कैसे छुड़ाया जा सकता है?"

सुयश की बात सुनकर सभी इधर-उधर बिखरकर कोई युक्ति ढूंढने की कोशिश करने लगे।

तभी तौफीक की नजर उस झरने की ओर गई, जिससे गिर रहे पानी से, झील बनी थी। अब तौफीक उस पहाड़ पर चढ़ने लगा।

कुछ देर में तौफीक उस झरने के उद्गम स्थल के पास पहुंच गया।

अब तौफीक की नजर उस झरने के पानी के बीच में पड़े, एक विशाल पत्थर पर थी, जिसके बीच में होने की वजह से झरने के पानी का मार्ग अवरुद्ध हो रहा था।

तौफीक ने जमीन पर बैठकर ध्यान से उस पत्थर को देखा, अब तौफीक की नजर उस बड़े पत्थर के नीचे मौजूद एक छोटे से पत्थर के टुकड़े पर गई।

यह छोटा पत्थर का टुकड़ा इस प्रकार रखा था कि यदि उसे हटा दिया जाता, तो वह बड़ा पत्थर लुढ़ककर झील के पानी में आ गिरता।

यह देखकर तौफीक ने ऊपर से ही चिल्ला कर कहा- “कैप्टेन, यहां पर एक चट्टान का टुकड़ा है, अगर हम उसे हटा दें, तो वह लुढ़ककर झील के पानी में गिरेगा। हो सकता है कि उससे झील का पानी का स्तर बढ़ जाये? और वह लिली का फूल तैरकर किनारे आ जाये?"

तौफीक की बात सुन सुयश ने तौफीक को चट्टान के हटाने का इशारा कर दिया। तौफीक ने सुयश का इशारा पाकर, बड़ी चट्टान के नीचे मौजूद छोटे पत्थर को, उसके स्थान से हटा दिया।

अब वह बड़ी चट्टान लुढ़कते हुए झील के पानी में जा गिरी। चट्टान के गिरने से, झील का बहुत सारा पानी चारो ओर फैल गया, परंतु लिली का फूल ज्यों का त्यों अपने स्थान पर अडिग तैरता रहा। यह देख तौफीक मायूस होकर पहाड़ से नीचे आ गया।

तभी जेनिथ की निगाह, तौफीक के द्वारा फेंकी गई चट्टान पर पड़ी, जो कि अब झील के पानी की सतह पर, किसी पत्ते की मानिंद तैर रहा था।

“कैप्टेन, यह पत्थर पानी के ऊपर तैर रहा है।" जेनिथ ने पत्थर की ओर इशारा करते हुए सुयश से कहा।

"इस पत्थर का रंग थोड़ा गाढ़ा है, जबकि यहां मौजूद बाकी पत्थर थोड़े हल्के रंग के हैं।” शैफाली ने कहा- “इसका मतलब इस रंग के पत्थर पानी पर तैरते हैं। अगर हमें ऐसे और भी पत्थर मिल जायें तो उन पत्थरों का पुल बनाकर हम उस पिंजरे तक पहुंच सकते हैं।"

शैफाली की बात सुनकर सभी का ध्यान अपने चारो ओर गया। कुछ ही देर में सभी को वहां मौजूद पत्थरों के बीच में 1 फुट के असंख्य गाढ़े पत्थर नजर आने लगे।

अब सभी उन पत्थरों को उठाकर झील के पानी में फेंकने लगे।
कुछ ही देर में सभी ने 2 मीटर लंबे एक पुल का निर्माण कर लिया।

“अब रुक जाओ।” सुयश ने सभी को रोकते हुए कहा- “पहले एक बार देख तो लें कि यह पुल हमारे शरीर का बोझ उठा भी सकता है कि नहीं? फिर बचे हुए पुल का निर्माण करेंगे।" सुयश की बात सभी को सही लगी।

अब क्रिस्टी ने उस पुल पर अपना पैर रखने की कोशिश की। पर क्रिस्टी के पैर के आगे बढ़ाते ही, सभी तैर रहे पत्थर अपने स्थान से इस प्रकार इधर-उधर होने लगे, जैसे कि वह क्रिस्टी का पैर ना होकर भगव..न वामन का पैर हो, और वह अपने एक पग में पृथ्वी मांगने जा रही हो।

“यह प्लान भी फेल है।” सुयश ने पत्थरों को देखते हुए कहा- “कैश्वर ने जानबूझकर हमारे आसपास ऐसी चीजें रखीं हैं, कि हम उसमें फंसकर अपना समय बर्बाद करते रहें। अब हमें कोई अन्य उपाय ही सोचना पड़ेगा?" सुयश की बात सुन सभी सोच में पड़ गये।

तभी शैफाली के चेहरे के आगे वही तितली आकर घूमने लगी, जिस पर बैठकर शैफाली ने ड्रोन को पकड़ने की कोशिश की थी।

शैफाली ने अपने हाथ से तितली को हटाने की कोशिश की, पर वह तितली शैफाली के चेहरे के सामने से नहीं हटी।

इस बार शैफाली ने घूरकर तितली को देखा, तभी उसके दिमाग में एक आइडिया आ गया। अब शैफाली बिना किसी को बताये अपने स्थान से उठी और उस तितली पर चढ़कर बैठ गई।

शैफाली के बैठते ही तितली हवा में उड़ी और शैफाली को लेकर लिली के फूल के पास पहुंच गई।

अब शैफाली ने किसी नट की भांति करतब दिखाते हुए, अपने दोनों पैर की कैंची बनाकर, उसे तितली के शरीर में फंसाया और तितली के शरीर से उल्टा लटककर हवा में झूलने लगी।

सभी मंत्रमुग्ध हो कर शैफाली के इस अद्भुत प्रयास को देख रहे थे। अब शैफाली के हाथ नीचे हवा में झूल रहे थे। तभी तितली लिली के फूल के ऊपर पहुंच गई। शैफाली की निगाह अब नीली परी के पिंजरे के ऊपर लगे हुक पर थी।

थोड़े ही प्रयास के बाद शैफाली ने उस हुक को अपने हाथ से पकड़ लिया। हुक को पकड़ते ही शैफाली ने अपने मुंह से एक अजीब सी ध्वनि निकाली।

इस ध्वनि को सुन तितली हवा में ऊपर उठ गई और इसी के साथ शैफाली सहित नीली परी का पिंजरा भी हवा में उठ गया।

पिंजरा अच्छा-खासा भारी था, पर इस समय शैफाली अपने शरीर की आंतरिक कोर का प्रयोग, मैग्ना की भांति कर रही थी इसलिये उसे कुछ खास परेशानी नहीं हुई? शैफाली ने वह पिंजरा सुयश के सामने रख दिया और स्वयं तितली से उतरकर नीचे आ गई।

“बहुत अच्छे शैफाली, क्या दिमाग लगाया है तुमने?” ऐलेक्स ने शैफाली की प्रशंसा करते हुए कहा।

अब सुयश ने इस पिंजरे का भी द्वार खोलकर नीली परी को बाहर निकाल दिया।

नीली परी ने बाहर निकलते ही, दूसरे ड्रम से नीले रंग को निकाल कर प्रकृति को रंग दिया। इसके बाद वह भी लाल परी की ही भांति हवा में गायब हो गई।

अब सबकी निगाहें पीली परी की ओर थीं, जिसका पिंजरा अनेक जगहों पर बार-बार प्रकट व अदृश्य हो रहा था।

“पीली परी का पिंजरा तो बहुत तेजी से अनेक स्थानों पर फ्लैश हो रहा है।" जेनिथ ने कहा- “और इसकी गति भी इतनी तेज है कि इसे पकड़ना लगभग नामुमकिन लग रहा है।

"सभी लोग अपने दिमाग के घोड़े को दौड़ाओ, अगर कैश्वर ने इस पहेली को हमारे सामने रखा है तो जरुर इसका हल हममें से किसी के पास होगा?” सुयश ने सभी को आशाओं से भरते हुए कहा- “हो सकता है कि इससे मिलती-जुलती कोई घटना हमारे दिमाग में हो? जो कि दिमाग के किसी कोने में धुंधली यादों के रुप में हो?"

सुयश की बात सुन, सभी पीली परी के पिंजरे को देखते हुए अपना दिमाग लगाने लगे।

शैफाली की तीक्ष्ण नजरें ध्यान से फ्लैश हो रहे पिंजरे का अवलोकन कर रहीं थीं। सभी को पिंजरे को इसी प्रकार देखते हुए, लगभग आधा घंटा बीत गया।

अब शैफाली को छोड़ सभी ने, थोड़ी देर के लिये अपनी नजरें पिंजरे से हटा लीं थीं।

शैफाली अब एक लकड़ी की सहायता से जमीन पर खिंचा कर, कुछ गणित की कैलकुलेशन कर रही थी।

शैफाली को यह करता देख सभी को समझ आ गया कि शैफाली को अवश्य ही कोई ना कोई क्लू मिल गया है?

कुछ ही देर में शैफाली ने लकड़ी से खिंचकर, एक छोटी सी तालिका तैयार कर ली और सभी को अपने पास बुला लिया।

सभी शैफाली के पास पहुंचकर, जमीन में बनी उस तालिका को देखने लगे, पर किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि शैफाली ने जमीन पर, अंकों की गणना कर यह क्या बनाया है? अब सभी तालिका को छोड़ शैफाली की ओर देखने लगे।

उन्हें अपनी ओर देखता पाकर शैफाली ने बोलना शुरु कर दिया।

“कैप्टेन अंकल, जब मैंने ध्यान से पीली परी के पिंजरे को देखना शुरु किया, तो मुझे पता चला कि वह पिंजरा गायब होकर सिर्फ 8 स्थानों पर ही प्रकट हो रहा है, पर उनके बीच का क्रम बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा था। तब मैंने यह तालिका बनाकर पिंजरे के क्रम का आंकलन करने की कोशिश की। अब पहले मैंने उन 8 स्थानों को चिंहित कर, उन्हें 1 से लेकर 8 तक नंबर दे दिये। यानि अगर पिंजरा पहली जगह पर प्रकट हो रहा है तो मैंने तालिका के स्थान पर 1 लिख दिया। कुछ ही देर में मेरे सामने ये आंकड़े आ गये, जो कि मैंने इस तालिका में लिख रखे हैं।" यह कहकर शैफाली ने सबका ध्यान तालिका की ओर कराते हुए कहा।

"तलिका की पहली लाइन में पहला अंक गायब है और बाकी के सभी अंकों के बीच 1 स्थान का अंतराल है, उसी प्रकार दूसरी लाइन में शुरु के 2 अंक गायब हैं और प्रत्येक 2 अंको के बीच 2 स्थान का अंतराल है। वैसे ही तीसरी लाइन में 3, चौथी लाइन में 4, पांचवी लाइन में 5, छठी लाइन में 6 अंकों का अंतराल है। अब अगर सातवीं लाइन को देखते है, तो यहां प्रत्येक अंकों के बीच 7 अंकों का अंतराल है। अगर ध्यान से देखें तो यहां पर कुल 8 ही स्थान हैं, जिनमें से 7 अंक गायब हैं। अर्थात जब पिंजरा सातवीं लाइन के हिसाब से गायब होना शुरु होता है, तो वह एक ही स्थान पर लगातार 8 बार प्रकट होता है।

“इसी प्रकार आठवीं लाइन के हिसाब से वह पिंजरा 8 बार प्रकट ही नहीं होता है। तो इस प्रकार से कैश्वर ने एक शतरंज के बोर्ड के 64 खानों का प्रयोग करके इस पहेली का निर्माण किया है। यानि अब अगर हमें इस पिंजरे को पकड़ना है, तो सबसे सही समय हमें सातवीं लाइन में मिलेगा, जब वह पिंजरा एक ही स्थान पर 8 बार प्रकट होगा।" इतना कहकर शैफाली चुप होकर सभी को देखने लगी और अब सभी आँखें फाड़े शैफाली को देख रहे थे।

“यह इतने छोटे से दिमाग में इतना गणित आता कहां से है?” सुयश ने शैफाली के बालों पर हाथ फेरते हुए पूछा।

"क्या कैप्टेन अंकल, आपने ही तो कहा था कि दिमाग के सारे घोड़े खोल दो, और दिमाग के घोड़े मैं तभी खोलती थी, जब मैं किसी के साथ 'ब्लाइंड चेस' खेलती थी। बस शतरंज के उसी खेल से मैंने ये पहेली हल कर ली।” शैफाली ने मुस्कुराते हुए भोलेपन से कहा।

(ब्लाइंड चेसः शतरंज के खेल का एक प्रकार, जिसे आँखों पर पट्टी बांधकर खेला जाता है। इस गेम में खेलने वाला अपने दिमाग में शतरंज के सभी 64 खानों को याद रखता है)

"चलो फिर अब सभी आठवें स्थान पर चल कर खड़े होते हैं।” ऐलेक्स ने कहा और क्रिस्टी का हाथ पकड़ ऐसे चल दिया, जैसे कि वह अपने गार्डन में टहल रहा हो।

सभी आठवें स्थान पर पहुंच गये और शैफाली के इशारे का इंतजार करने लगे। पिंजरे के फ्लैश होने का समय इतना कम था, कि पता होने के बाद भी शुरु के 2 बार में, कोई भी पिंजरे को छू भी नहीं पाया, पर आखिरकार तीसरी बार में क्रिस्टी के हाथ में पीली परी का पिंजरा आ ही गया।

इस पिंजरे का ताला भी तोड़कर, पीली परी को निकाल दिया गया।

पिछली दोनों परियों की भांति ही पीली परी ने भी पीले ड्रम से रंग लेकर प्रकृति के पीले रंग को भर दिया। इसके बाद वह पीली परी भी गायब हो गई।

अब सभी की नजर आखिरी वाली, हरी परी की ओर गई, जो कि हवा में स्थित एक हीरे के अंदर कैद थी।

“कैप्टेन, यह परी पिंजरे की जगह हीरे में कैद है।" तौफीक ने कहा- “और हीरा तो पृथ्वी की सबसे कठोर चीजों में शुमार है, तो फिर हम इस परी को उसमें से निकालेंगे कैसे?"

तौफीक की बात सुनकर सभी उस हीरे के पास आकर खड़े हो गये।

“अरे, इस हीरे के नीचे जमीन पर लगे पत्थर पर, तो एक इंद्रधनुष दिखाई दे रहा है।” ऐलेक्स ने नीचे की ओर देखते हुए कहा। ऐलेक्स की बात सुन सभी की निगाहें जमीन पर लगे, उस वर्गाकार सफेद पत्थर पर पड़ी।

“ऐलेक्स भैया, इस हीरे पर जब सूर्य की सफेद किरणें आकर पड़ रही हैं, तो वह इस हीरे के अंदर से प्रवेश होकर, इसके निचले सिरे से बाहर निकल रहीं हैं। वही सूर्य की किरणें अलग-अलग तरंग दैर्ध्य के कारण, हमें इंद्रधनुष के रंग में नीचे के पत्थर पर दिखाई दे रहीं हैं।

"एक मिनट इस इंद्रधनुष के रंग में कुछ गड़बड़ है।” जेनिथ ने नीचे देखते हुए कहा- “हां, इसमें हरा रंग उपलब्ध नहीं है, उसका स्थान खाली है।

“यह बात तो समझ से बाहर है।" शैफाली ने कहा- “सूर्य की किरणों से तो पूर्ण इंद्रधनुष दिखाई देना चाहिये था और इस समय हमें हरी परी को ही बाहर भी निकालना है....अवश्य ही इस द्वार से निकलने का रास्ता इसी पहेली में कहीं छिपा है?"

“दोस्तों, हम भूल रहे हैं कि 3 ड्रम के अंदर तो रंग था, परंतु एक ड्रम जिसमें हरा रंग होना चाहिये था, वह अभी भी खाली है। कहीं उसके खालीपन का संबन्ध इस पहेली से तो नहीं?" ऐलेक्स ने कहा।


“वह कोई बड़ी परेशानी नहीं है।” सुयश ने कहा“ नीले और पीले रंग को चौथे ड्रम में डालने पर हरा रंग बन जायेगा।...पर हरा रंग बनाने से समस्या हल नहीं होगी....अवश्य ही यहां कहीं पर और कुछ भी है? जो हमें अभी तक दिखाई नहीं दिया है। एक काम करो, सब लोग इधर-उधर बिखर कर कुछ भी संदिग्ध चीज ढूंढने की कोशिश करो?" सुयश की बात सुनकर सभी चारो ओर फैल गये।

कुछ मिनट बाद जेनिथ की आवाज सबको सुनाई दी- “कैप्टेन, मुझे इस चट्टान के पीछे से, यह एक फुट का कपड़े का घोड़ा मिला है। क्या इसमें कुछ हो सकता है?"

जेनिथ की आवाज सुन सभी जेनिथ के पास इकठ्ठा हो गये और उस हरे कपड़े से बने उस घोड़े को देखने लगे।

सुयश ने जेनिथ के हाथ से घोड़ा ले लिया और उसे उलट-पुलट कर देखने लगा।

“यह पूरा घोड़ा कपड़े का है, पर इसकी पूंछ असली जैसी लग रही है और इसका रंग भी हरा है, जो कि साधारणतया घोड़े के रंग से अलग है।” सुयश ने कहा“ और इसका हरे रंग में होना ये साबित करता है कि इस घोड़े का कहीं ना कहीं तो उपयोग होना है? क्या कोई इस घोड़े का सम्बन्ध अप्रत्यक्ष रुप से भी, किसी प्रकार उस पहेली से जोड़ पा रहा है?"

“हां कैप्टेन, यहां बात सूर्य की किरणों की हो रही है और कहते हैं कि सूर्य का रथ भी घोड़े ही खींचते हैं। तो कहीं ऐसा तो नहीं कि यही सूर्य का चौथा घोड़ा हो?" जेनिथ ने अपना तर्क देते हुए कहा।

सुयश को जेनिथ का तर्क बिल्कुल सटीक महसूस हुआ, तभी वह घोड़ा सुयश के हाथ से छूटकर जमीन पर गिर गया।

जमीन पर गिरते ही अचानक वह घोड़ा बड़ा होकर सजीव हो गया और हिनहिनाकर सूर्य की ओर उड़ गया। यह देख सभी सकते की सी हालत में आ गये।

“कैप्टेन, लगता है कि जेनिथ का कहना सही था, वहीं सूर्य का चौथा घोड़ा था?” क्रिस्टी ने कहा- “पर अब तो वह घोड़ा आसमान में उड़ गया, अब हम उसे पकड़ेंगे कैसे?" तभी ऐलेक्स की निगाह जमीन पर गिरी घोड़े की पूंछ की ओर गई।

“कैप्टेन, भागते भूत की लंगोटी सुनी थी, पर भागते घोड़े की पूंछ कभी नहीं सुना था?” ऐलेक्स ने घोड़े की पूंछ को सुयश को देते हुए कहा- “घोड़ा तो उड़ गया, पर उसकी पूंछ तो यहीं पर रह गई।'

सुयश ने घोड़े की पूंछ को ध्यान से देखते हुए कहा“ अरे यह पूंछ तो बिल्कुल पेंटिंग की कूची की भांति लग रही है?" यह कह सुयश के दिमाग में एक विचार कौंधा, अब वह तुरंत उस खाली ड्रम की ओर भागा।

सुयश ने घोड़े की पूंछ को जेनिथ के हाथ में पकड़ाया और स्वयं नीले व पीले रंग की कुछ मात्रा खाली ड्रम में डालकर हरे रंग का निर्माण कर दिया।

हरा रंग बनते ही सुयश ने घोड़े की पूंछ को हरे रंग में डाला और उसमें रंग लगाकर हीरे की ओर भागा।
सभी आश्चर्य से सुयश की ओर देख रहे थे।

सुयश ने अब उस पूंछरुपी कूची से, पत्थर पर मौजूद इंद्रधनुष के हरे भाग को रंग दिया। सुयश के ऐसा करते ही इंद्रधनुष के हरे रंग से एक तेज रोशनी निकलकर हीरे से टकराई।

अब हीरा एक ओर से सूर्य की सफेद किरणों से गर्म हो रहा था और दूसरी ओर से इंद्रधनुष की हरी किरणों से ठंडा हो रहा था।

कुछ देर तक लगातार यही प्रक्रिया चलते रहने के बाद, अब हीरे में कुछ दरारें दिखाई देने लगीं थीं।

यह देख सुयश ने सभी को सचेत करते हुए कहा "सभी लोग सुरक्षित स्थान को ढूंढ लो, मुझे लग रहा है कि हीरा कभी भी फट सकता है? और हीरे के फटने पर हमें नहीं पता कि कैसी ऊर्जा निकलेगी?"

सुयश की बात सुन सभी एक ऊंची सी चट्टान के पीछे छिप गये।

तभी ‘खनाक' की एक तेज आवाज के साथ हीरा टूटकर टुकड़े-टुकड़े हो गया।

कुछ देर बाद जब हीरे की ऊर्जा वातावरण से समाप्त हो गई, तो सभी ने झांककर उस स्थान की ओर देखा, जहां वह हीरा टूटा था।

अब वहां हरी परी खड़ी नजर आ रही थी।:dazed:

हरी परी ने नीले और पीले रंग के ड्रम से बाकी बचा पेंट भी हरे ड्रम में मिला दिया और उससे प्रकृति के आखिरी और सबसे खूबसूरत रंग को भर दिया। इसी के साथ वह परी भी गायब हो गई।

तभी सबको उस वर्गाकार पत्थर में अंदर की ओर जाता हुआ एक द्वार दिखाई दिया।

सभी समझ गये कि यही तिलिस्मा का अगला द्वार है। सभी अब उस द्वार के रास्ते से आगे की ओर चल दिये।


जारी रहेगा_____✍️
Nice update....
 
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