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excellent work waiting for nextchapter 109
अभय मीनाक्षी के ऊपर लेता किस करने लगता है पूरी बॉडी को चूमने लगता है आज मीनाक्षी को पति नही देवर अभय प्यार कर रहा था
मीनाक्षी सिसकिया जोर जोर से लिये जा रही थी अभय के छूने किस करने का एहसास अलग था
अभय फिर सर्ट निकलते हुवे - भाभी समय नही है जल्दी से कपड़े निकाल दिखा दो खजाना
मीनाक्षी शर्मा के - क्या नही कपड़े निकाले बिना भी तो कर सकते है
अभय पैंट खोलते हुवे - पगली बार हम कर रहे है मे आपको पुरा नँगा देखना चोदना चाहता हु
अभय चड्डी पे खरा था मीनाक्षी अभय को चड्डी मे देख सर्म से लाल हो जाती है
अभय - भाभी जल्दी करो ना
मीनाक्षी सर्म से - ठीक है बाबा
मीनाक्षी भी पूरी नंगी हो जाती है अभय मीनाक्षी के नंगे जिस्म को देख - उफ भाभी जैसा सोचा था आपकी बॉडी वैसी ही बहोत गजब का है आपके चूचे पतली कमर गोरा बदन उपर से नीचे उफ गजब की बनावट है
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अभय जल्दी से चड्डी निकाल देता है बस वही होता है मीनाक्षी शोक आखे बरी किये कपते अभय का लंड देख जोर से - ये क्या है
अभय मुस्कुराते हुवे अपना लंड पकर - मेरा छोटू दोस्त
मीनाक्षी कपते हुवे - ये छोटू है अच्छा मजाक है
मीनाक्षी मन मे - मर गई देवर जी का इतना बरा होगा सोचा नही था
अभय - भाभी देरी मत कीजिये मुह मे लीजिये
मीनाक्षी अभय के पास आके घुटने पे बैठ लंड को देखती है फिर कपते हाथो दे पकर लेती है मोटा गर्म लंड पकरते ही मीनाक्षी की बॉडी काप् सिहर जाती है
मीनाक्षी हिम्मत लरके मुह मे जितना जाता है लेके चूसने लगाते है मुह मे जाते ही अभय को बहोत जयदा मजा आने लगता है मीनाक्षी मजे से लंड चूसने लगती है अभय - आह भाभी मजा आ रहा है
मीनाक्षी लंड चूसते हुवे मन मे - पति जा का चुस्ती हु लेकिन देवर जी का लंड चूसने मे बहोत मजा आ रहा है स्वाद भी उफ बहोत अच्छा है
4 मिनट बाद
मीनाक्षी खरी होके मुह साफ करके अभय को देख सर्म से - हो गया
अभय - बहोत मजा आया आप ने अच्छे से चुसा अब मेरी बारी
अभय घुटने पे बैठ खरी मीनाक्षी को देख - भाभी बुर फैलाये ताकि मे आपकी बुर का स्वाद ले सकु
मीनाक्षी सर्माते हुवे दोनों हाथो से अपनी बुर के फाके फैला देती है अभय भी बिना देरी किये जीब से फाको के बीच चाटने लगता है बुर का स्वाद लेने लगता है राहुल भी मीनाक्षी का बुर चाटता था लेकिन अभय के बुर चाटने से मीनाक्षी को अलग ही मजा आ रहा था
मीनाक्षी सिसकिया लेने लगती है खरी खरी मजे से बुर का रस पिलाने लगती है अभय मन मे - उफ भाभी के बुर का स्वाद तो बहोत अच्छा है बहोत मजा आ रहा है बुर बहोत गर्म है जैसे अंदर बहोत गर्मी हो
4 mina बाद मीनाक्षी कपते हुवे आह देवर जी करते झर जाती है
मीनाक्षी तेज सासे लेते बिस्तर पे लेत जाती है मीनाक्षी मन मे - आह मा इस तरह तो मे कभी नही झरी
अभय मीनाक्षी के ऊपर आके दोनों चूचे दबाने लगता है मीनाक्षी दर्द मजे मे आह उफ करने लगती है अभय चूचे दबाते हुवे मीनाक्षी को देख - भाभी बहोत बरे अच्छे चूचे है आपके दबाने मे बहोत मजा आ रहा है भाभी जब आप मा बनेगी तो दूध पिलाओगी ना
मीनाक्षी सिसकिया लेते हुवे अभय को देख - आह उफ हा देवर जी आप ही तो मेरे बच्चे के पापा होंगे जितना पीना है पी लेना उफ
अभय जोस से भर जाता है नीचे झुक मीनाक्षी के एक चूचे मुह मे लेके चूसने लगता है मीनाक्षी मचलने लगती है जोर जोर से सिसकिया लेने लगती है मीनाक्षी - आह देवर जी ये अलग ही एहसास है आपके साथ मुझे अलग ही मजा आ रहा है ये सब करने मे आह उफ देवर जी
अभय चूचे चूसते हुवे मन मे - आह मजा तो मुझे भी बहोत आ रहा है
सब होने के बाद अभय टांगों के बीच आ जाता है मीनाक्षी भी तांगे अच्छे से फैला के अभय को देख डरते हुवे - देवर जी धीरे
अभय बुर के छेद पे लंड रख - ठीक है भाभी धीरे से डालूँगा
अभय धीरे से एक धक्का मारता है मीनाक्षी दर्द मे टरप् उठती है अभय एक और धक्का मारता है लंड बुर फैलाते पुरा अंदर घुस जाता है मीनाक्षी दर्द मे चिल्ला उठती है हाथ पैर मारते रोने लगती है
अभय मीनाक्षी के ऊपर पुरा लेत किस करने लगता है 3 मिनट बाद
अभय चुदाई करते हुवे मीनाक्षी को देख - उफ भाभी बहोत गर्म है आपकी बुर टाइट भी है भइया का बरा नही है क्या आह बहोत मजा आ रहा है अंदर मेरा लंड जल रहा है उफ मस्त गर्म बुर है आपकी
मीनाक्षी दर्द मे अभय को देख - बहोत दर्द हो रहा है उफ मा देवर जी
अभय धक्के मरते हुवे मीनाक्षी को किस करते चूचे दबाते चुदाई करते रहता है मोटा लम्बा लंड लेके मीनाक्षी को दर्द मे भी जो मजा मिल रहा था वो पहले कभी नही मिला था
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अभय बिस्तर पे लेत -उपर आके सवारी कीजिये भाभी जी मजा आयेगा आपको पुरा अंदर तक लेना समझ गई
मीनाक्षी सर्माते अभय के उपर आके लंड बुर के छेद पे रख बैठ जाती है लंड अंदर जाते ही मीनाक्षी - आह मर गई उफ मा
मीनाक्षी फिर उपर नीचे गांड करते हुवे लंड लेने लगती है मीनाक्षी की गांड अभय तरफ थी तो अभय लेता मीनाक्षी की गांड देख - उफ बहोत मस्त गांड है मारना पड़ेगा अभय एक जोर का चाटा गांड पे मारता है तो मीनाक्षी जोर से आह मा मर गई देवर जी
अभय फिर मीनाक्षी को घोरी बना के चोदने लगता है गांड मसलते दबाते चुदाई करते रहता है मीनाक्षी घोरी बनी मोटे लंड लिये जा रही थी और मजे से सिसकिया लिये आह उफ कर रही थी
अभय फिर मीनाक्षी को नीचे लेता के चुदाई करने लगता है तेज धक्के मारते हुवे - उफ भाभी मेरा आने वाला है
मीनाक्षी अभय को जोर से पकर - आह मा देवर जी मेरा भी आह
abh फिर आखरी एक जोर का धक्का मरते हुवे झरने लगता है और अपना गर्म माल मीनाक्षी के अंदर निकाल देता है मीनाक्षी भी साथ मे झर जाती है मीनाक्षी अपनी बुर मे साफ गर्म गर्म अभय का माल फिल कर रही थी
अभय बिस्तर पे लेत जाता है दोनों पसीने से भीगे तेज सासे लिये जा रहे थे अभय - मजा आया
मीनाक्षी अभय को देख सर्म से - बहोत
अभय - फिर करने देगी
मीनाक्षी - एक बार मे मै मा बन जाउंगी
अभय खरा होके कपड़े पहनते हुवे - बता नही लेकिन हा पर एक हफ्ते करते रहेगे तो अच्छा रहेगा
मीनाक्षी सर्म से - हा ठीक है
मीनाक्षी तांगे उठाये रहती है ताकि पुरा माल अंदर ही रहे फिर कपड़े पहन लेती है
ये तो साम के समय अभय मीनाक्षी के बीच जो हुआ वो था अब पर्जेंट मे आते है यानी रात को अभय आसा सुसमा के पास
आसा सो चुकी थी अभय सुसमा के नाइटी उपर करने लगता है तो सुसमा धीरे से - मत कर छोटी को पता चलेगा तो
अभय नाइटी उपर करके सुसमा के ऊपर धीरे से लेत सुसमा के नाइटी से दोनों चूचे बाहर निकाल - मा सो रही है
अभय ये केह सुसमा के चूचे दबाते हुवे चूसने लगता है सुसमा मुह बंद किये मन मे - आह आग तो मेरी बुर मे भी लगी है इस लिये नींद भी नही आ रही थी उफ
अभय चूचे दबाने पीने के बाद नीचे बुर चूसने लगता है सुसमा तांगे फैलाये मुह बंद किये सिसकिया रोकते मन मे - आह अभय बेटा मेरी बुर चाटता है तो उफ बाहर मजा आता है
अभय अपनी मासी के बुर का स्वाद लेने के बाद टांगों के बीच बैठ लंड पकर बुर के छेद पे रख अपनी मा आसा को देखता है फिर धीरे से आसा के गांड पे हाथ रख दबाता है और एक धक्का मारता है
एक बार मे ही अभय पुरा लंड सुसमा अपनी मासी के बुर मे घुसा के चुदाई करने लगता है सुसमा मुह बंद किये मन मे - मर गई बहोत दर्द हो रहा है आह कितना मोटा है अभय बेटे का लंड मेरी बुर के पुरा अंदर तक आह मे साफ फिल कर पा रही हु आह बहोत मजा भी आ रहा है अभय जोस मे था आसा अपनी मा की गांड धीरे दबाते अपनी मासी को चोद रहा था फिर अभय सुसमा के ऊपर लेत चुदाई करते हुवे धीरे से -उफ मासी आपकी बुर बहोत गर्म है आप का भी मन था इस लिये जगी हुई थी ना हु
सुसमा सर्म से आह - हा तेरी वजह से उफ तेरा लेने के बाद मेरी प्यास जग गई है चोदते रह बेटा मजा आ रहा है 25 मिनट बाद
सुसमा अपने चूचे अंदर कर लेती है नाइटी भी सही करके - अब सोते है
अभय किस करते हुवे - लोव यू मेरी प्यारी मासी
सुसमा अभय को किस करते हुवे - लोव यू मेरा बच्चा
सुसमा चुदाई के बाद मस्त होके अभय से चिपक सो जाती है 10
मिनट बाद अभय अपनी मा से चिपक के सो जाता है कुछ करता नही
सुबह होती है फिर सब उठ के नहाने मुह धोने खाना बनाने मे लग जाती है मीनाक्षी बैठी सब्ज़ी कटते हुवे मन मे - अब समझ अच्छे से आया कियु देवर जी से सब इतना प्यार करते है देवर जी सेक्स करने मे एक मर्द है लेकिन उसी के साथ अभय अच्छे साफ दिल के है उनके अंदर कोई कमी नही इस लिये सब उनको बहोत प्यार करते है मेरी चुदाई जैसे की उन्होंने उफ बहोत मजा आया कसम से
कमरे मे आसा अभय को जगाने जाती है सुबह के 9 बज रहे थे आसा अभय के पास बैठ प्यार से सर पे हाथ फेरते हुवे - उठ जा लाला सुबह हो गई है
अभय आखे खोल आसा को देख मुस्कुराते हुवे - मा
अभय आसा को पकर बिस्तर पे लेता के बाहों मे लेके - नही सोना है
आसा हस्ते हुवे - रात को बाहों मे लेके सोया तो मन नही भरा
अभय आसा को देख - आपसे मेरा मन कभी भर नही सकता
अभय आसा के ऊपर आके किस करने लगता है आसा हैरान डरते हुवे मन मे - कोई देख ना ले ये लरका कभी भी सुरु हो जाता है
किस करने के बाद आसा - लाला कोई देख लेगा समझ
अभय मुस्कुराते हुवे - समझ गया मा
आसा खरी होके - चल रेडी हो जा
अभय बिस्तर से खरा होके - ठीक है मा
अभय भी रेडी होता है मस्ती मजाक करते हुवे 10 बज जाते है खाना पीना करने के बाद अभय घर से बहार आता है और अपनी बुआ को फोन करता है
पुष्पा - कोन है बेसरम तुमने फिर फोन कियु किया इस बार भी गलती से लग गया किया
अभय मुस्कुराते हुवे - नही इस बार जान बुझ के लगाया है आपकी मीठी आवाज सुनने के लिये
पुष्पा - आवाज से तुम बच्चे लगते हो देखो तुम जैसे लरके को अच्छे से जानती हु में फोन रखो दुबारा फोन मत करना
अभय - ठीक है जी नही करुगा आपकी आवाज अच्छी लगी मुझे लगता नही यकीन है आप बहोत खूबसूरत होगी बाय
फोन कट
अभय की लास्ट लाइन इस बार भी पुष्पा को सोचने पे मजबूर कर देती है पुष्पा मन मे - अजीब है कुछ दो बार बाते करने के बाद ही मुझे अजीब का एहसास कियु हो रहा है जैसे मेरा दिल उससे बाते करना चाहता है जिसे मे जानती नही और तो और वो जवान लरका है
अभय मुस्कुराते हुवे अंदर आता है दिशा अभय के बाद आके मुस्कुराते हुवे - आपके जैसा बेसरम ठरकी किसी को नही देखा जितनी आपके पास आती है वो आपके नीचे भी आ जाती है
अभय दिशा को बाहों मे लेके मुस्कुराते हुवे - मे तो थोरा कोसिस करता हु बस
दिशा मुस्कुराते हुवे - हा हा जानती हु बरे आये
अभय - शोभा सब को शोपिंग पे ले जाना है चलोगी मिल लेना सब से अच्छा लगेगा तुमसे मिल के
दिशा - ठीक है चलूंगी
विजय कमरे मे आता है अभय दिशा को एक दूसरे के बाहों मे देख सर्म से जाने लगता है तो दिशा - आ चले शर्मा गये क्या देवर जी
विजय नजरे नीचे किये - वो मे तो बस भाई से बात करने आया था
अभय -करेगे बाद मे
विजय - जी भाई फिर चला जाता है
अभय आसा सुसमा से केह दिशा को लेके शोभा के पास आता है
शोभा दिशा को देख बहोत खुश होती है और दिशा के गले लग - दीदी आप आई मुझे बहोत खुशी हुई
दिशा - मुझे भी शोभा
दिशा शोभा को उपर से नीचे तक देख - हु सब कुछ मस्त है
शोभा सर्म से - छी दीदी आप भी ना
रेखा रीना आते हुवे - बरी मा
दिशा रेखा रीना को देख - अरे रेखा रीना
रेखा रीना दिशा के पैर छूके - बरी मा आप तो मा से भी बहोत खूबसूरत है
दिशा हस्ते हुवे - नही शोभा भी बहोत खूबसूरत है और तुम दोनों भी
राज आते हुवे दिशा को देख सर्म से पैर छूके -बरी मा
दिशा मुस्कुराते हुवे - खुश रहिये मेरे लिये भी अजीब है थोरा किया करे आपके पापा खिलाडी है
अभय - अरे यार हो गई बाते तो चले जल्दी से घर भी जाना है
शोभा रेखा रीना - हा
अभय फिर शोभा रेखा रीना राजू सब को शोपिंग करता है 2 घंटे लग जाते है अभय शोभा सब से बाते कर दिशा को लेके निकल परता है
दिशा - मम्मी जी को एक दिन बता चलेगा तो किया होगा सोचा है
अभय गारी रोक दिशा को देख - दिशा जानती हो तुम सब कुछ मा मेरे किये मा के साथ भी बहोत कुछ है एक दिन मा को सारी खुसिया देखे रहुंगा ये मेने सोच लिया है
दिशा - मे एक औरत हु और अच्छे से जानती हु जिस्म की जरूरत पूरी ना हो तो जीना मुश्किल हो जाता है जीते तो है लेकिन अंदर की जिस्म की चाहता बार बार परेसान करती रहती है
अभय - जनता हु इस लिये मेने सोच लिया है मा मेरी है रहेगी
दिशा मुस्कुराते हुवे - अच्छा है तो फिर लगे रहिये
अभय मुस्कुराते हुवे अपना लंड निकाल दिशा को देख - फिलाल मेरा लंड मेरी बीवी के बुर मे जाना चाहता है
दिशा अभय का लंड पकर मुस्कुराते हुवे - बीवी को भी लेना है
दिशा झुक के मुह मे लंड लेने चूसने लगती है उसके बाद दिशा सारी उपर कर पैंटी निकाल अभय के गोद मे लंड लेके बैठ जाती है
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दिशा गांड उठा उठा के मजे से सिसकिया लेते हुवे लंड लेने लगती है अभय दिशा को बाहों मे लिये चूचे गर्दन मे किस करते हुवे - मेरी जान तुम्हारी बुर मारने का अलग ही मजा है इतना चोदता हु फिर भी टाइट गर्म ही रहती है, दिशा सिसकिया लेते बुर मे लंड लेते हुवे - उफ पति जी आपका मोटा लंड अंदर तक लेके उफ मुझे भी मजा आ जाता है
25 मिनट बाद
दिशा पैंटी पहन अभय को देख - उफ अब यही रास्ता है घर मे करना तो बहोत मुश्किल हो गया है अब तो और लोग आएँगे
अभय लंड अंदर करते हुवे - सही कहा कल बुआ मासी भी आने वाली है तुमने सही कहा
अभय फिर घर आता है आसा सुसमा बाकी लरकिया तो लगे परे थे बाते करने मे अभय आराम से कमरे मे जाके लेत मन मे - dp devil
तभी अदिति आती है अभय के पास बैठ - भाभी सब को शोपिंग करके आ गये
अभय अदिति को देख बैठ के - हा गुरिया आ गया गुरिया जरा एक बार फिर दिखाओ ना सूट उपर करके प्लेस
अदिति बहोत शर्म से - भाई कोई आ जायेगा
अभय धीरे से - इसी लिये उपर करके दिखाने को बोल रहा हु
अदिति सर्म से धीरे से - जी भाई दिखाती हु
अदिति खरी हो जाती है अभय बैठे जोस से भरा अदिति को देख - जल्दी गुरिया रुका नही जाता
अदिति सर्माते हुवे सूट को उपर कर देती है जो नजारा अभय के सामने था उसे देख अभय देखता रह जाता है लंड पुरे जोस से टाइट होके झटके मारने लगता है गुलाबी बिकनी मे अदिति के चूचे कैद थे कमर गहरी ढोरी के किया ही कहने अदिति ने लेगीस पहना था नीचे
अभय - गुरिया बहोत बहोत कमाल का सीन दिखाया है तूने अपने भाई को उफ गुरिया गुलाबी बिकनी तुम्हारी कमर गहरी ढोरी सब कुछ बहोत जयदा गजब का है
अदिति तो सूट से चेहरा छुपाये थी सर्म से लाल थी लेकिन अभय अपने भाई की बात सुन बहोत खुश भी हो जाती है
अदिति फिर सूट नीचे कर लेती है सर्म से नजरे भी नीचे थे अभय जल्दी से लंड निकाल - गुरिया जल्दी से अपने भाई का लंड चूस के ठंडा कर दे उफ तुझे देखने के बाद फट रहा है
अदिति अभय के पास आके घुटने पे बैठ अभय का लंड पकर मुह मे लेके चूसने लगती है अदिति मजे से अपने भाई के लंड का स्वाद लेते हुवे मन मे - अब तो भाई जो कहते है करने का दिल करता है पता नही कियु भाई की बाते हरकते मुझे जोस से भर देती है
अभय अदिति के सर पकर - आह गुरिया मजा आ रहा है करते रह
7 मिनट बाद
अदिति मुह साफ करके सर्म से - भाई मे जाती हु
अदिति फिर चली जाती है अभय लंड अंदर करके - आह गुरिया मा जब लंड चूसती है मजा ही आ जाता है
तभी रीमा कमरे मे आते हुवे - भैया
अभय रीमा को देख बाहों मे लेके - गुरिया तेरी बुर नही मारी चल पैंट उपर कर अभी मोक्का है बाद मे मिले या ना मिले
रीमा सर्म से - जी भाई
रीमा पैंट पैंटी उपर करके लेत जाती है अभय लंड निकाल बुर मे घुसा के चुदाई करने लगता है रीमा दर्द मजे से सिसकिया लेते अभय को देख - आह भाई थोरा धीरे उफ बहोत अंदर तक जा रहा है
अभय मुस्कुराते हुवे धक्का मारते हुवे - गुरिया तेरी बुर है ही इतनी गर्म टाइट रुक नही पाता उफ विजय ने चोदा दिन मे
रीमा - आह नही भाई उन्होंने तो दबाया और लंड चूसा है
अभय - उफ अच्छा इस किये बुर इतनी गर्म है तेरी आह गुरिया
17 मिनट बाद
रीमा पैंटी पैट पहन मन मे - उफ अब जाके सुकून मिला भाई से चुदवाने के बाद दर्द मे जो मजा आता है उफ
रीमा चली जाती है तब आसा आती है अभय आसा को बाहों मे लेके किस करने लगता है आसा भी प्यासी थी तो दोनों मा बेटे एक दूसरे की बाहों मे एक दूसरे के होठो का रस पीने लगते है 3 मिनट बाद
आसा - बेटा कोई देख लेगा हर वक़्त ऐसी हरकते मत कर
अभय आसा को देख - मा क्या करू रहा नही जाता
अभय सीने से सारी हटा के आसा के एक चूचे पकर दबाते हुवे आसा को देख - मा उफ आप जैसी खूबसूरत सेक्सी औरत मेरी मा है तो मे कैसे आपको देख रोक पऊगा
आसा सिसकिया लेते अभय को देख - आह बेटा लेकिन घर मे शादी का आह धीरे दबा जोर से मत दबा समझ ना
अभय चूचे दबाते हुवे - अभी मा लंड हिलाओ ना आह बहोत मन है
आसा सिसकिया लेते दरवाजे की तरफ देख - ठीक है जल्दी से निकाल
अभय भी जोस से भरा जल्दी से लंड निकाल देता है बिस्तर पे लेत जाता है आसा जल्दी से बिस्तर पे लंड के पास बैठ बिना देरी किये लंड पकर हिलाने लगती है
आसा लंड हिलाते हुवे अभय को देख सर्म से - बेशर्म सर्म तो नही आ रही होगी अपनी मा से गंदे काम करवा के
अभय मजे से लेता आसा को देख - उफ मेरी मा अपने नर्म हाथो से मेरा लंड हिला रही है अपने बेटे का एक बेटे के लिये कितना उफ मजे वाला मोमेंट है मा आह आप नही समझ पाओगी उफ जोर से अच्छे से करिये उफ
आसा लंड हिलाते हुवे लंड को देख मन मे -लाला का लंड देख हिलाते हुवे मेरी बुर मेरी बॉडी हद से जयदा गर्म हो जाती है
10 मिनट बाद
अभय झर जाता है इस बार आसा साइड हो जाती है
अभय - उफ मजा आ गया मा आह
आसा हाथ साफ करके - बेशर्म नालायक जाती हु दीदी के पास तु अपनी हरकते अभी थोरा कम करदे
अभय - जी मा समझ गया लेकिन मा एक बार आपकी गांड दबाना है सेहलना ना फिल करना है आपकी मोती फैली बरे बरे गांड को
आसा हैरान अभय को देख - बहोत बिगर गया है बेसरम
आसा बिस्तर पे दोनों हाथ रख झुक के सर्म से - जल्दी कर कोई आ जायेगा
अभय आसा को इस तरह झुका देख जोस से भर जाता है
अभय आसा के पास खरा होके गांड पे हाथ रख पकर के मसलने सेहलानें लगता है पूरे गांड पे हाथ फेरते हुवे - उफ मा आपकी गांड कसम से बहोत बरी फैली हुई आह पुरा मास से भरा है दबाने मे सेहलानें फिल करने मे बहोत उफ मजा आ रहा है
आसा अपने बेटे को इस तरह गांड दबाते अपनी गांड पे हर जगह हाथ फेरते फिल करके जोर से सिसकिया लेने लगती है जोर से सासे लेते हुवे - आह उफ बेटा बस बस हो गया फिर कभी आराम से दबा लेना
अभय भी हाथ हटा के - जैसा आप कहे मा लेकिन पैंटी मे कब आपको देखुंगा
आसा सारी सही करके अभय को देख सर्म से - लाला मोक्का मिलते ही दिखा दूंगी अभी नही
आसा चली जाती है अभय मन मे - उफ ये मजा भी गजब का मजा है मा जब लंड पकर उफ कितने मजे से प्यार से रस नर्म हाथो से मुठी मे निकलती है यकीन नही होता लेकिन सच है आह मेरी मा उफ और मा की गांड के किया ही कहने उफ मस्त दबाने सेहलानें मे गांड पे हाथ फेरने मे मजा आ रहा था
शादी के 4 दिन बचे थे अब कई लोगो का आना जाना होने लगा था लेकिन अभय तो अभय था थोरा सा मोक्का मिलते ही कोमल पूजा मधु सब को मजे दे दी देता था
रात 9 बजे खाना पीना होने के बाद
अभय के कमरे मे दिशा कोमल पूजा मधु अदिति बैठे थे
अदिति अभय की गोद मे बैठी थी पूजा - यार अदिति तुम महेसा जीजा जी से चिपकी गोद मे बैठ जाती हो मे भी हु यार
अदिति पूजा कोई देख - तो किया ये जगह मेरी है
कोमल - हा भाई तेरी ही है भैया की लाडली
अभय अदिति को बाहों मे कसते हुवे - सही कहा मेरी गुरिया ने
अदिति दिशा कोई देख - भाभी की भी जगह है
दिशा मुस्कुराते हुवे - थैंक्स ननद जी जगह देने के लिये
अभय - अरे रीमा कहा है
पूजा हस्ते हुवे - जीजा जी के साथ और कहा
कोमल - अभय तुम दोनों को लेके कियु आये लगे रहते है दोनों
अभय - अरे तो गलत क्या है दोनों की शादी होने वाली है प्यार करते है
कमरे मे अभय बाकी सब लगे थे बाते करने मे बाहर आसा सुसमा बाकी औरते
आसा सुसमा से - दीदी कल आने वाले है ना सब
सुसमा - हा कल जीजा जी की बहन ननद नंदोई आयेगे अभय के कहने मे मेने कुछ नही बताया तुम आई हो तुम्हे देख बेचारी का रिएक्सान देखने लायक होगा
मिनिता सिला - हम को देखने के लिये बेताब है
तारा - दामाद जी भी ना बहोत मस्तीबाज़ है
आसा हस्ते हुवे - हा जरुरु कुछ सैतानी करेगा
अभय के कमरे मे अभय दिशा सब को इशारा करता है तो सब समझ जाते है
दिशा मे चली कोमल पूजा मधु सब भी खरे होके मे भी
सभी चले जाते है अदिति हैरान होती है और अभय कोई देखती है अभय मुस्कुराते हुवे - सब को बता है तुम्हे भी गुरिया थोरा समय है अपने भाई को चूचे दिखाओ ना मुझे बहोत दिल कर रहा है तेरे चूचे देखने दबाने चूसने का बोलो ना गुरिया करोगी ये इच्छा पूरी मुझे अपनी गुरिया को बिकनी पैंटी मे देखना है मेने बिकनी मे तो देख लिया है लेकिन बिकनी पैंटी मे मेरी प्यारी गुरिया कैसी लगेगी देखना है
अदिति हैरान जोर से सासे लेते कपते होठो से - भाई अगर आप चाहते है तो ठीक है बाप कर सकते है
अदिति हिम्मत करके केह नजरे सर्म से नीचे कर लेती है
15 मिनट बाद
अदिति कमरे से वा निकल अपने कमरे मे बाकी सब के पास चली जाती है अभय कमरे मे अपने हाथ को ही देख रहा था जिस हाथ से उसने अभी अभी अपनी छोटी बहन के मस्त चूचे दबाये मसलने पकर के चुसे
मीनाक्षी कमरे से बाहर आती है तो देखती है सब बाते करने मे लगे है तो धीरे से अभय के कमरे मे घुस जाती है अभय मीनाक्षी को देख - भाभी जल्दी से कर लेते है मा मासी आने वाली ही होगी
मीनाक्षी बिस्तर पे लेत के सर्म से - जी देवर जी
अभय जल्दी से मीनाक्षी की नाइट उपर करके चुदाई करने लगता है मीनाक्षी मजे से लंड लेने लगती है सिसकिया लेते हुवे - आह देवर जी सच कहु आप किसी औरत को खुस कर सकते है उफ मा इतना मजा चुदाई मे आयेगा सोचा नही था लेकिन आप आपका मोटा लंड उफ पूरी गर्मी निकाल देता है दर्द भी मजे भी देता है
अभय चुदाई करते हुवे - भाभी ऐसे ही मजे लेता रहुंगा आप बुर देती रहना आह उफ बहोत गर्म टाइट है 16 मिनट बाद
मीनाक्षी नाइटी बाल सही करके - जाना होगा देवर जी
मीनाक्षी बाहर जैसे ही जाती है आसा दरवाजे मे आ जाती है
मीनाक्षी थोरा घबरा जाती है
आसा - अरे बहु लाला से बात हो गई
मीनाक्षी - जी जी मासी हो गई मे जाती हु
मीनाक्षी जल्दी से चली जाती है
आसा अभय के पास लेत अभय को देख - कुछ करने की सोचना मत दीदी आती ही होगी
अभय मुस्कुराते हुवे - नही करुगा थोरा सा रात मे मासी के सोने के बाद
आसा सिहर जाती है
आसा - बेसरम दीदी ने देख लिया तो गजब हो जायेगा
अभय आसा को अपने से चिपका के आखो मे देख - अपने लाला का लंड नही हिलाओगी मा मुह मे लोगी एक बार चूस के देखो बहोत मजा आयेगा आपको
अभय की बात लंड चूसने की बात सुनते ही आसा शोक हैरान अभय को देख जोर से - किया कहा तूने जरा फिर से बोल
तभी सुसमा आते हुवे - आ गई मे
सुसमा भी अभय के बगल मे लेत जाती है
सुसमा के आने से बात वही रुक जाती है लेकिन आसा बहोत जयदा शोक हैरान मे थी बेचारी को पता भी नही था लंड चूसा जाता है और बुर भी लेकिन अभय धीरे धीरे सब खोल रहा था
आज के लिये इतना ही![]()



















