वो दिन आया कि जब पूरा हुआ मैं,
मगर तब तक वो आधी हो गई थी।
खुली ही रह गई आखिर वो आँखें,
मेरे आने में देरी जो हो गई थी।
मैं गुल्लक तोड़ के वापस गया तो,
वो गुड़िया और महंगी हो गई थी।
मगर तब तक वो आधी हो गई थी।
खुली ही रह गई आखिर वो आँखें,
मेरे आने में देरी जो हो गई थी।
मैं गुल्लक तोड़ के वापस गया तो,
वो गुड़िया और महंगी हो गई थी।
