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मुझे एक बात समझ नही आती की हर writer को स्टोरी लिखने में कम से कम 2 से 3 घंटे का समय लगता है फिर स्टोरी की script को सोचने में जो समय लगे वो अलग लेकिन आप रीडर्स लोग स्टोरी तो पढ़ना चाहते हो लेकिन फीडबैक के नाम पर सब चुप हो जाते हो अगर प्राइवसी का इतना ही डर है तो स्टोरी ही ना पढ़ो या फीडबैक नही...
Update 7
पता नही अभी उसके कैसे कैसे ख्याल आ रहे होंगे पता नही वह मुझे लेके क्या सोच रहा होगा।
अभी कोमल अपने ही ख्यालों में खोई थी जब उसका बेटा रजत उसके कमरे में फिर से प्रवेश करता है।
अब आगे :–
रजत जैसे जैसे कोमल के समीप आता जाता है कोमल को अहसास होता है की आज रजत कुछ बदला बदला सा दिख रहा...
Update 6
फिर रजत अपनी मां को सहारा देकर नीचे ले आया और उसे उसके कमरे में लिटा कर जल्दी से बाहर कुछ खाने को लाने के लिए निकल गया।
अब आगे :–
लड़की – दादा जी , दादा जी देखो कौन आया है।
बूढ़ा आदमी – कौन है बेटा?
लड़की – अरे दादा जी आप फिर से मुझे भूल गए आप बहुत गंदे है आप बार बार मुझे...
Mujhe aap sab ke comments padhkar bahut khusi huyi aap sab ko mera ye prayash kafi pasand aaya hai iske liye bahut bahut dhanyawad aage bhi aise hi Mera utsaah wardhan karte rahiyega main Puri koshish karunga ki aage ki story bhi aap logo ko aise hi pasand aati rahe
Update 5
अगली सुबह रजत आज थोड़ा देरी से उठा फिर उसने जल्दी से अपना डेली रूटीन के काम खत्म कर नहाया और फिर नीचे आ गया।
दरसल रजत का मकान 2 खंड का बना हुआ था (ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर) ग्राउंड फ्लोर पर 2 रूम 1 स्टोर रूम किचेन बाथरूम और इस सबके साथ लगा हुआ एक बड़ा सा हॉल और सेम ऐसा ही ऊपर...
ये कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसके साथ बहुत गलत हुआ उसके खुद के परिवार वालों ने उसका गला घोटा जिन भाइयों पर उसे कभी प्यार और गर्व हुआ करता था आज वह उन्हें जान से मारने तक को राजी थी जिस बाप को वो अपना आदर्श मानती थी आज वह उसी बाप को धिक्कारती है जो कभी सौदार्य और सौदर्य सामग्री की दीवानी हुआ करती...
Aab sab ke pyar or vishwas se apni kahani jarur Puri karunga lekin bhai log meri bhi ek problem hai 12 ghante duty karne ke baad typing karna impossible hai so I m waiting for night shift
Now you guys can imagine it's not easy for me thanks
Guys main koi bada writer nahi hoon bas ek Chhota sa prayash kar rha hoon or mujhe nahi PTA ki meri story aapko kaisi lag rhi hai please jaisi bhi hai mujhe jarur btaye haa meri kamiyon ko jarur darshaye tabhi main apni galtiyon par kaam kar punga
Note - sorry sorry sorry update thode late hi...
Update 4
इधर जब रागिनी रजत की नजरों को बर्दाश्त नहीं कर पाती तो वह वहां से हट कर फिर से लड़कियों की ओर बढ़ जाती है और उनकी नोटबुक चेक करने चली जाती है लेकिन फिर अचनाक ही वह एक बार मुडकर देखती है तो पाती है की रजत अपनी नोटबुक में झुकापड़ा है जिसे देख रागिनी अपने सर पर हल्के से हांथ मारती है और...
Update 3
ललित नवीन की बात सुन उसे थोड़ा राहत मिलती है और फिर वह भी एक बनावटी स्माइल देकर हसने लगता है।
इधर कोमल एक बार पूरी क्लास पर अपनी नजर दौड़ती है और फिर प्रजेंटी लेने लगती है और उसके बाद वह अपना सब्जेक्ट इंग्लिश पढ़ाने लगती है।
अब आगे –
कोमल अपनी क्लास को खत्म कर चली जाती है हां...
Update 2
इधर रजत अपनी मां से स्कूटी ले कर पार्किंग में आ जाता है और जैसे ही वह पार्किंग के अंदर आता है तो उसकी नजर एक बाइक पर पड़ती है जिसे वह ललचाई नजरों से देखने लगता है ये एक काले रंग की रॉयल इनफील्ड बाइक थी जो की उसी की क्लास का एक लड़का लेके आता था जिसे देख रजत एक पल के लिए खो ही जाता है वह...
Update–1
रजत ओ रजत उठ जा बेटा देख कितना टाइम हो गया
रजत ओ रजत.......
हां मां उठ गया हूं, रजत ने जोर से आवाज देते हुए कहा।
कोमल ने नीचे से ही अपने बेटे को आवाज लगाते हुए उसे उठने को कहती है।
कोमल (अपने मन में ही बुदबुदाते हुए), लाड साहब को जब तक कोई जगाए नही तब तक उठने वाले नही सुबह सुबह...