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Recent content by Just4fun95

  1. J

    Adultery Kundali Bhagya

    Get well soon
  2. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    आपकी प्रेरना ऐसे हि देते रहियेगा।
  3. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    निषिद्ध अग्नि: अध्याय २४ – दोपहर की तड़प में निषिद्ध आग दोपहर की तीव्र गर्मी में गाँव निस्तब्ध है, रसोई में लकड़ी के चूल्हे का धुआँ और चावल की गंध भारी हवा में फैल रही है। बाहर बाँस की झाड़ियों में हवा की सनसनाहट है, सूरज की रोशनी में पत्तों की परछाइयाँ ज़मीन पर नाच रही हैं। दूर तालाब के पानी...
  4. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    बहुत बहुत शुक्रिया।
  5. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    Thanks a lot
  6. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    Bahut Shukriya
  7. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    निषिद्ध अग्नि: अध्याय २३ – भोर की रोशनी में निषिद्ध स्पर्श भोर की मद्धम रोशनी छत के कमरे की खिड़की से दाखिल होती है, दीये की क्षीण रोशनी के साथ घुल जाती है। बाहर बाँस की झाड़ियों में हवा की सनसनाहट, दूर मुर्गे की बाँग है। रमा नींद से आँखें खोलती है, उसके तन पर एक गर्म भारीपन है। वह देखती है, वह...
  8. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    निषिद्ध अग्नि: अध्याय २२ – रात की निस्तब्धता में निषिद्ध आग गहरी रात है, छत के कमरे में दीये की मद्धम रोशनी दीवारों पर काँप रही है, मानो रमा और अर्जुन की निषिद्ध कामना की परछाइयाँ नाच रही हों। बाहर झींगुरों की टर्राहट, दूर कुत्तों की भौंक, और बाँस की झाड़ियों में हवा की सनसनाहट है। रमा खाट पर...
  9. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    निषिद्ध अग्नि: अध्याय २१ – छत के कमरे में कामना की छाया छत का वह तीव्र पल—अर्जुन की मजबूत बाँहों में लिपटी, उसके पुरुषांग की सनसनाहट रमा के हाथों में, उसके हाथों में रमा के स्तनों की गर्मी—रमा के तन-मन में अभी भी सुलग रहा है। वह छत के कमरे में खाट पर लेटी है, उसके पैर में तीव्र दर्द है। अर्जुन...
  10. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    Thank you very much
  11. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    Thanks for waiting, इन्तेजार करवाने के लिये माफी चाहूँगा ।
  12. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    Thanks for waiting and sorry for delay
  13. J

    Incest निषिद्ध् अग्नि

    Sabse pehle main aap sabse maafi chahunga mere updates ke delay ke liye, main koi bahana, koi wajah nahi dunga ki kis wajah se late hua, bas aap sab se maafi chahunga intezar karwane ke liye par ummeed hai abse aapko updated regular milenge.
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