Update 23
सूरज अभी डूबने लगा था जब वर्मा जी ने होंडा सिटी को घर की ओर मोड़ा, एक हाथ स्टेयरिंग पर, दूसरा नेहा की नंगी जांघ पर मजबूती से रखा। नेहा पैसेंजर सीट पर बैठी थी, टांगें हल्के से क्रॉस, उसकी पलाज़ो पैंट्स गर्मी में ऊपर चढ़ गई थीं।
“आप लंच से मुझे घूर रहे हैं,” उसने मज़ाकिया मुस्कान के...