दोस्तों अपडेट 19 पेज नंबर 28 पे पोस्ट कर दिया गया है ,,,,, पढ़कर रिव्यू जरूर दे,,,
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another bangonnnnnn......UPDATE 17.
तोह अब तक आपने देखा ,,,की बड़ी नानी ने जो दवा दी थी,,,वोह भले रोके हीं सही पर ,,,नानी की जिद पर मैने ले ली थी,,,,,जिसका असर भी हुआ,,,,,,ओर मुझे खुजली भी बहुत हुई,,,,,,अब शायद यह असर हीं था ,,,जो मैने नानी से उनकी चुदाईइइ देखने की ज़िद की,,,,,,,,
अब आगे ,,,,,
उस रात मै तोह सो गया ,,,पर नानी की नींद उड़ गई,,,,
नानी (मन में)....– ताई की दवा असर तोह कर रही है,,,,चलो मेरे बिटवा का खड़ा तोह हुआ,,,,, हाए,,,लग तोह ऐसा रहा था कि जितना ताई के यहां हुआ था ,,,,उससे ज्यादा हुआ है अभी,,,
पर ,,,,,,,अब शायद यही सही होगा,,,,मुझे इसकी बात माननी हीं होगी,,,,, हाए,,,,यह भी न,,,कितना भोला है ,,आज कल के बच्चे,,,,तोह लड़कियों पे डोरे डालते है,,,,उनकी चूत के पीछे लैंड हिलते फिरते है,,,,,ओर एक यह मेरा लल्ला है ,,,,मेरी चुदाईइ देखना चाहता है,,,,,,,,(मेरे सिर पे हाथ फेरती हुई बोली,,,,) आआअअअ,,,,,मेरी तोह चूत मै अभी से खुजली हो रही है ,,,कल क्या होगा,,,,,
नानी ने मेरा चेहरा देखा ,,,,,,
नानी – हाए दैय्या,,,,इसका चेहरा तोह सुराख लाल पड़ रहा है,,,,कही इसको दवाई गलत असर तोह नहीं कर रही,,,,,,
(मुंह पे हाथ फेरती हुई नानी मेरे पूरे शरीर पे हाथ फेरने लगी,,,,,,,तभी उनका हाथ मेरे नुनु पे गया )
नानी – उफ्फ,,,, आह्ह्ह्ह्हः,,,इसका तोह खड़ा है ,,,अभी भी ,,,,
यह सब ताई की दवा का असर है ,,,हम्ममम,,,,,
उम्मममममम मेरा बिटवा,,,,(बोलके नानी ने मुझे कस के गले लगा लिया ,,,,ओर मेरा मुंह अपने दूध के बीच दबा के सो गई,,,,
अब धीरे धीरे सुबह हो रही थी,,,,,,,सूरज धीरे धीरे चमक रहा था,,,,,हल्की हल्की हवा खेतो से होती हुई,,,लोगो को जगा रही थी,,,,,ओर खेत जो हल्की हल्की ओस की चादर ओढ़े,,,बस आनंद ले रहे थे,,,,,,
नानी उठ चुकी थी,,,,ओर दो चार बार मेरे गालों को चूम भी चुकी थी,,,,,
नानी उठ के बाहर जाती है,,,,,
नानी नाना से – उम्म ,,,,उठ गए ,,,,
नाना – हा,,,,उम्म रात को तोह ठंड सी लगी थी,,,,
नानी – अच्छा,,,,,मोटी वाली चादर ओढ़ लेते ,,,,
नाना – हा,,,,पर फिर मैने सोचा छोड़,,,,ओर ऐसे ही सो गया,,,,बिटवा उठ गया?
नानी – अभी कहा,,,,मै ही उठाऊंगी,,,उसे,,,,जल्दी उठता ही नहीं ,,,,,इसी वजह से मै रोज खेत जाने मै देर हो जाती है,,,
नाना – अच्छा,,,,,चलो कोई नहीं ,,,, आदत नहीं है ना,,,,
नानी – हम्ममम,,,,,गए नहीं आप ,,,,,खेत,,,,
नाना – बस अभी जा ही रहा हुं,,,,,
नानी (मज़ाक मै )– कहो तोह मै ले चालू,,,,हाहाहाहा,,,,
नाना – अच्छा,,,,आज बड़ा गरम हो रही है ,,,,, पहले तोह कभी नहीं पूछा ,,,की मै ले चालू,,,,,
नानी – इसलिए तोह आज पूछ रही हुं,,,,
नाना – अच्छा,,,,,चल तोह आज तेरी गर्मी निकाल दूं,,,(बोलके नानी का हाथ पकड़ लिया )
नानी – अच्छा ,,,दम है आज भी या,,,बस ,,,,ऐसे ही,,,,कही ऐसा ना हो कि मेरी गर्मी निकलने के चक्कर में ,,,,अपना पानी निकाल लो,,,,,हाहाहाहाहा,,,,,
नाना– अच्छा,,,,,आज क्या होगया,,,,तुझे सुबह सुबह,,,,,रात को किसका सपना देख रही थी,,,,,
नानी– अरे,,,,आप भी न,,,,,,(बोलके हाथ छुड़ा लिया ,,,),,,,अभी तक तोह नहीं देखा ,,,पर आप देखा देना ,,,आज,,,,(शर्माते हुए )
नाना – क्या,,,,,,आज,,,,,,अरे बिटवा है ,,,कुछ तोह सोच ,,,,
नानी – अरे उसे कुछ नहीं पता ,,,,उसे सुला दूंगी न,,,,,
नाना – अच्छा,,,, ऐसी बात है ,,,,लगता है तेरी भोसडी मै ज्यादा ही आग लगी है ,,,,,कोई नहीं चिंता मत कर ,,,आज रात,,,,तेरी ऐसी हालत करूंगा ,,,,,की तू याद रखेगी,,,,,,,,अभी तोह चलता हूं,,,,(बोलके नाना खेत चले गए )
आप सोच रहे होंगे कि यह नानी को सुबह सुबह क्या हो गया,,,वोह तोह ऐसा नहीं करती ,,,,तोह यह सब,,,जो मैने कल रात नानी से बोला था उसका असर है ,,,,,,
नानी ने रात मै ही सोच लिया था कि ,,,,कल सबसे पहले ,,,,इसके नाना से बात करूंगी,,,,,,नहीं तोह वोह खेत चले जाएंगे,,,,,,
ओर बस ,,,फिर तोह नानी के नाना को गरम कर दिया ,,,,,
अब ,,,नाना के जाने के बाद नानी मुझे जगाने आई,,,,
नानी – बिटवा ,,,ओर मेरा प्यारा लल्ला,,,उठ जा,,,,देख दिन निकल आया ,,,,सूरज भी निकल ने वाला है ,,,,उठ जा ,,,,उम्मममममम,,,,(मेरे गालों को जोर की चूम लिया ,,,,)
मैं – आह्ह्ह्ह्हः,,,,एमममम,,,नानी ,,,,,
नानी – नानी के बच्चे ,,,उठ जा बिटवा,,,हमें देर हो जाएगी,,,,,
मुझे जोर की लगी है ,,,,,
मैं – हमममममम,,,,उठ गया नानी,,,,,
नानी – चल बिटवा जल्दी से मुंह धूल ले,,,ओर चल जल्दी ,,,,,
मैं – हम्ममम नानी चलो ,,,,,मुझे भी ,,,,,,
नानी – हा हा पता है ,,,तुझे भी जोर की पेशाब लगी होगी ,,,,इसलिए तोह बोल रही हुं,,,,चल जल्दी ,,,,,
उसके बाद मै ओर नानी निकल जाते है घर से ,,,,,
सुबह सुबह का समय था,,,,एकदम शांति थी ,,,,,,
हम खेत पहुंच के ,,,,,,,
नानी – चल आज यहां बैठ जा ,,,,,,ओर मै भी तेरे पीछे ही बैठ जाती हुं,,,,,
मैं – नहीं नानी ,,,मै नहीं बैठूंगा,,,
नानी – क्यों बिटवा ,,,,का हुआ,,,,?
मैं – नानी पहले आप मुझे सीटी की आवाज़ सुनाओ,,,(मुस्कुराते हुए)....
नानी (हस्ते हुए ) – अरे उसमें कौनसी बड़ी बात है ,,,,,सुना दूंगी,,, पहले तू बैठ तोह सही,,,,,
मैं (खुश होके)– अच्छा,,,ठीक है ,,,,ओर मै पजामा उतार के बैठ गया,,,,,
नानी की नजर मेरे नुनु पे गई,,,,,,
नानी – हाय,,,,,इसका तोह थोड़ा थोड़ा फूल रहा है ,,,,,
वाह ताई वाह,,,,,,,तुम्हारी एक ही खुराक ने असर दिखाना शुरू कर दिया ,,,,,,
मैं – नानी ,,,,ओ,,नानी ,,,,बैठ तोह गया मै ,,,,,
नानी (होश मै आती हुई ) – है,,,हा,,,हा,,लल्ला ,,,मै भी बैठ रही हूं,,,,
ओर उसके पीछे जाके बैठ गई,,,,,
मैं – नानी ,,,,सुनाओ ना,,,,,
नानी – हा हा रुक तोह,,,,टांग तोह छोड़ाने दे,,,,(बोलके हस दी),,,,,
,,,,,,ले सुन,,,,,, आह्ह्ह्ह्हः,,,,
सूूयूयूूँ,,,,,,, सूऊऊ,,,,, सूऊऊ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सुउउउउउउउउ,,,,,,
मैं – आहाअ,,,,नानी क्या मीठी आवाज है ,,,,वाह मजा आ गया ,,,,
नानी – उफ्फफ,,,,अब तोह शांति मिली तुझे,,,,,चल अब हग ले जल्दी से ,,,,,
मैं – हम्ममम ,,,,नानी ,,,,
ओर मै ओर नानी अपने अपने काम में लग गए ,,,,,
नानी – हो गया,,,,,,?
मैं – हा नानी ,,,,बस हो गया ,,,,,
उसके बाद नानी जो पानी लाई थी खेत से भर के,,,, उन्होंने उससे पहले तोह अपनी गाड़ धुली ,,,उसके बाद मेरी ,,,,
क्योंकि मुझे ऐसे आदत नहीं है ,,,,, इंग्लिश सीट की ही आदत है ,,,,,
उसके बाद हम चल दिए घर के ओर,,,,,,
जब हम घर पहुंचने वाले थे तभी पीछे से धाप्पो काकी ने आवाज़ दी,,,,
काकी – ताई ओ ताई,,,,,,राम राम ,,,,,
नानी – हा,,,, कैसी है री तू,,,,,,,अरे मै तेरे पास ही आने वाली थी ,,,,,वोह अभी तोह हमारे दूध नहीं इसलिए तू थोड़ा थोड़ा दूध दे दियो रोज ,,,,,
काकी – अरे यह भी कोई कहने की बताई ,,,,दे दूंगी ,,,,
मैं काकी को देख के उनके पैर छू लेता हुं,,,,
काकी – जीता रह ,,,,मेरा लल्ला,,,,,कैसा है तू ,,,,,मेरा बहुत मन था तेरे से बात करने का पर ,,,काम से फुर्सत नहीं मिलती ,,,पर आऊंगी जरूर,,,,,,
ताई इसे,,,अच्छे से दूध पिलाओ,,,,,बड़ा कमजोर सा लग रहा है ,,,,,
नानी – अरे इसी के लिए तोह तुझसे बोल रही हुं,,,,
काकी – हाय,,,,, दईया,,,,इसे तोह मै अपना पिला दूंगी ,,,अगर कम पड़े तो,,,,(बोलके हस दी,,,,)
नानी भी सुनके हस दी,,,,,
नानी – चुप कर ,,,,,आई बड़ी ,,,,
काकी – अरे ताई ,,,,वोह छोड़ो,,,,मै कल आई थी तुम्हारे,,,पर तुम थी ही नहीं ,,,,,अरे मुझे बताना था ,,,,वोह सुरता है न ,,,,उसकी बहन की शादी हो गई थी तोह,,,,,,,,,
नानी – क्या,,,,,सुरता की भीं की शादी,,,? कब ,,,हमें तोह ना बताया,,,,,,
काकी – अरे ,,,तुम थी नहीं ,,,,लल्ला के यहां गई थी न ,,,,
ऊपर से तुम्हें पता तोह है कि उनको मंगल दोष था,,,,तोह उसमें ज्यादा हल्ला गुल्ला कहां करते है ,,,,,
उसकी तोह हुई इतनी मुश्किल से ,,,,,,,,,,,,,,,छोटे मोटे रसम भी चुप चुप ही कर लिए थे ,,,,,,,,,तोह आज उसकी मां का मिलन है ,,,,,इसलिए तुम्हें कल बताने आई थी ,,,,,,पर तुम थी नहीं ,,,,
नानी – अच्छा ,,अच्छा,,,,,,,अरे मै वोह ,,वो,,,,लल्ला को खेत दिखाने लेके गई थी,,,,,,,(झूठ बोलती हुई ,,,) ,,,,,,
काकी – अच्छा अच्छा ,,,,,,,,,तोह आ जाना आज शाम 4 बजे ,,,,,,,
पर हा,,,,,, जहा तक मुझे याद है ,,,,उसकी मां तोह बोल रही थी कि ,,,,तुम तोह थी नहीं ,,,पर ताऊ को बता दिया था ,,,शादी के बार मै ,,,,,
नानी – क्या,,,,? पर उन्होंने तोह मुझे कुछ नहीं बताया,,,,,
काकी – अरे ,,,,हो सकता है ,,,,इसी चक्कर में की बड़ी मुश्किल से बात बनी है ,,,तोह चुप लगाने मै ही फायदा है ,,,,,,,वरना लड़के वालो को पता चल जाता तोह तोह हो गई थी शादी ,,,,,
नानी – हा,,,,यह तोह सही बोल रही है ,,,,,,,पर एक बात बता ,,,,मिलन तोह शादी के तीन दिन बाद होता है न ,,,,तोह इतने दिन बाद क्यों,,,,,,
काकी – हा,,,,मैने भी यही बोला ,,,,सुरता बता रही थी कि ,,,, बूढ़ी मां,,,ने बताया है ,,,,अरे दोष था न ,,,,इसलिए कुछ समय बाद आज का दिन का बताया है ,,,,,,
नानी – अच्छा ,,,,,चल ठीक है ,,,,मै आ जाऊंगी,,,,,,,,
दोस्तो यह बूढ़ी मां,,,हमारे गांव की बहुत मानी हुई है ,,,,इनको बहुत ज्ञान है ,,,,,बताते है इनकी उम्र सौ से ऊपर है ,,,,,
ओर जो भी दोष ,,,या कोई मुहूर्त,,,का पूछना होता है तोह ,,,वही बताती है ,,,,, गांव वाले बोलते है उन्हें पुरानी से भी पुरानी परंपरा का ज्ञान है ,,,,,,,,,
यह तोह हुआ बूढ़ी मां के बारे में ,,,,,,,,,
अब बात करते है ,,,, जैसे कि काकी ने बताया कि सुरता की मां का आज मिलन है ,,,,,,तोह यह मा का मिलन है क्या,,,,,
दरअसल यह एक रिवाज़ है जो बेटी की सगी मा को ही निभाना पड़ता है ,,,,
ओर यह बहुत शुभ माना जाता है ,,,,, कहते है जो मां अपनी बेटी की शादी के बाद यह मिलन रिवाज़ निभाती है ,,,,,उसकी बेटी की जिंदगी खुशियों से भर जाती है ,,,,,,उसके परिवार के सारे जानलेवा संकट,,,,,हमेशा हमेशा के लिए दूर हो जाते है ,,,,,
ओर वोह परिवार बुरी शक्तियों से हमेशा दूर रहता है ,,,,
ओर हमारे गांव मै ,,,यह रिवाज़ बहुत पहले से चला आ रहा है ,,पीढ़ी दर पीढ़ी,,,,,,
अब इसमें होता क्या है ,,,,,,,,,,
इस रिवाज़ मै ,,,,बेटी की मां पहले अपनी बेटी ओर दामाद को घर बुलाती है ,,,,,ओर एक कमरे को सजाया जाता है ,,ओर उसमें उनकी सुहागरात मनवाई जाती है ,,,,,,
अब आप लोग सोचेंगे,,,इसमें मा का कैसा मिलन ,,,?
इसमें रिवाज़ मै पहले बेटी की मां की हल्दी की रसम होती है ,,,,,ओर उसकी उतरी हुई हल्दी को सब औरतें थोड़ा थोड़ा लेके जाते है ओर अपने घर के बाहर एक हाथ की छाप लगा देते है ,,,,,
उसके बाद,,,,,,,
दरअसल इस रिवाज़ मै ,,,, सुहागरात के बाद औरतें एक साथ मिलकर उस बेटी की मां के साथ पहले थोड़ी मजाक मस्ती करते है ,,,उसके बाद ,,,,उसकी मां को एक कमरे में भेज देते है ,,,,ओर वहां पहले उसका दामाद जाता है ,,,,,ओर उसकी अच्छे से चुदाईइइ करता है ,,,,,फिर जिसको भी अपने घर का दोष दूर करना होता है ,,, उसका पति अंदर जाता है ,,,,,ओर मिलकर चुदाईइइ करते है ,,,,,,
ओर यह सब काम बाकी सभी औरतें देखती है ,,,,,,ओर उसपे अपनी अपनी टिप्पणियां करती है ,,,,,,,
सीधा सीधा बोलूं तोह उस दिन लड़की की मां का भर्ता बनता है ,,,,,हाहाहाहाहा,,,,,,,,,
यह सब मेरे को नानी ने ही बताया है ,,,,,,
अब मै ओर नानी ,,,,घर आ जाते है ,,,,,,
नानी – चल बिटवा ,,,जल्दी कपड़े उतार ,,,,ताई ने जो तेल दिया है ,,,,उससे तुझे मालिश भी तोह करनी है ,,,,
उसके बाद नहाना भी है ,,,,,
मैं – ठीक है नानी ,,,,,(बोलकर अपने कपड़े उतार के लेट जाता हुं,,,,एक चटाई पे ,,,,)
नानी एक कटोरी में तेल गरम करके लाती है ,,,,,,
नानी – चल बिटवा जैसे ताई ने करा था वैसे हीं तू पहले उल्टा लेट जा,,,,
मैं नानी के कहने पे उल्टा लेट जाता हूं,,,,,
नानी हल्का गरम तेल लेके मेरी कमर पे मालिश करने लगती है ,,,,,,अच्छे से,,,,,,,
मैं - उम्म्मम,,,,,गरम है नानी ,,,,,
नानी – ज्यादा नहीं है बिटवा ,,,,,थोड़ा है बस,,,,,
उसके थोड़ी देर बाद नानी ,,,मेरे पैरो की अच्छे से मालिश करती है ,,,,,,,
नानी – अच्छा ,,,लग रहा है न ,,,,,अब तेरी गांड़ को चमका देती हुं,,,,,बोलके मेरी गाड़ को अपने दोनों हाथों से मसलने लगी ,,,,,
मैं – आह्ह्ह्ह्हः,,,,,न,,,ना,,नानी ,,,गुदगुदी हो रही है बस,,,,
नानी – अच्छा ,,,,,(हस्ते हुए ),,,,,उसके बाद एक हल्का सा चाटा गाड़ पे मारके ,,,मुझे पलटने को बोलती है ,,,,
मैं भी पलट जाता हुं,,,,,
नानी फिर मेरे सीने की अच्छे से मालिश करती है ,,,,फिर मेरे पेट की ,,,,मेरे पैर की ,,,,
उसके बाद अपना हाथ ,,,धीरे धीरे,,,,करके मेरे नुनु को पकड़ने लगती है ,,,,
ओर हल्के हाथ से मेरे नुनु की मालिश करने लगती है ,,,,,,
मैं – नानी जल रहा है ,,,बस ,,,,,इससस ,,,,,,,,
नानी – बस बस बिटवा हो गया बस ,,,,,,
(मन में ) – इसका तोह सुबह की तरह थोड़ा फूला फूला लग रहा है ,,,,, हाय,,,,,,बस यह ठीक हो जाए जल्दी से,,,,,
मैं – मेरी नजर नानी के दूध पे पड़ती है ,,,,,,,
मैं – नानी ,,,,,आपके दूध कितने फूले हुए है ,,,,ऐसा लग रहा है ,,,जैसे कितना दूध भर रखा है ,,,,,इसमें,,,,,
नानी ( बड़े खुश होते हुए ) – अच्छा ,,,,,,ऐसा है ,,,,,,(हंसने लगती है ,,,,,)
मैं – नानी आज दिखाओगी ना?
नानी को सब पता चल जाता है ,,,,पर फिर भी नाटक करते हुए,,,,
नानी – ,,,दिखाओगी? ,,,,क्या दिखाओगी?
मैं – नानी ,,,आपने वादा किया था कि आज आप मुझे अपनी चुदाईइइ,,,,दिखाओगी,,,,,
नानी कुछ सोचते हुए – अच्छा,,,,हा,,,याद आया ,,,,,
मैं – बोलो न नानी ,,,,,दिखाओगी न,,,,,
नानी – (मेरा गाल पकड़ते हुए ) – हा हा दिखा दूंगी ,,,,,पर थोड़ा सा ,,,,ठीक है ,,,,,,,बदमाश,,,,,,
मैं (खुश होते हुए ) – ये,,,,ये,,,येएएएएए,,,,,,,,मजा आएगा फिर तोह ,,,,,
तभी नानी ने मेरा नुनु एक दम से दोनों हाथों से पकड़ के पीछे कीच दिया ,,,,
मेरी चीख निकल गई – आह्ह्ह्ह्हः,,,,,नानी ,,,,
नानी – हो गया बिटवा,,,,हो गया बस,,,,,,,चुप चुप ,,,,,,
दर्द से मेरी आंखों में आंसू आने लगते है ,,,,
नानी – नहीं नहीं ,,,रो मत ,,,बिटवा ,,,,,,,चुप होजा ,,,,,,अच्छा आज मै अपने लल्ला को चुदके दिखाऊंगी,,,,,देखेगा न ,,,अपनी नानी को ,,,,,,,
बोल बोल ,,,,,,
ऐसा करके नानी ने मेरा हाथ पकड़ के अपनी चूचियों पे रख दिया ,,,,,जिससे मेरा ध्यान भटक जाए ,,,,
मैं तुरंत चुप होगया,,,,,,,
नानी – हम्ममम,,,,अब अच्छा लग रहा है ,,,,,? बोल ,,,,
मैं – हम्ममम,,,,नानी बहुत ,,,,,
में – नानी ,,,,एक बार दिखाओ न ,,,,,आपने यह दूध से भरे थन,,,,,मुझे देखने है ,,,,,
नानी – अच्छा (हस्ते हुए ) – इतने पसंद है तुझे ,,,,,,,
चल चुप होजा ,,,,दिखा दूंगी ,,,,रात को ,,,ठीक है ,,,,,
मैं –( खुश होके ) – ठीक है नानी ,,,,,
नानी – चल अब जल्दी से तुझे नहला देती हुं,,,,
मैं नानी के साथ चला जाता हूं,,,,,
नानी मुझे पहले की तरह ,,, नहलाने लगती है ,,,,,,ओर मेरे नुनु पे भी साबुन लगा के अच्छे से साफ करने लगती है ,,,,,,
मैं – नानी मै भी जाऊंगा,,,,,आपके साथ ,,,सुरता काकी के यही,,,,,
नानी – अरे ,,,,तुझे तोह लेके ही जाऊंगी,,,,,,तुझे अकेला थोड़ी छोड़ दूंगी यहां पे ,,,,, चिंता मत कर ,,,तू मेरे साथ रहियो,,,,
उसके बाद नानी मुझे नहला के तौलिए से साफ करने लगती है ,,,,,
ओर मुझे जाता देख मेरी गांड़ पे चटा मार देती है ,,,,,
नानी – अपनी नानी की चुदाईइइ देखेगा,,,,,,हाहाहाहाहा
मैं भी तुरंत पलट ता हूं ओर जैसे हीं नानी की गांड़ पे चटा मारने वाला होता हुं,,,नानी बच जाती है ,,,,,
मैं – नानी यह गलत बात है ,,,,,मेरी बारी पे आप बच जाती है ,,,
नानी –(हंसके ) तोह वोह तोह मेरा प्यार है ,,,,चल जा ,,,कपड़े पहन,,,,
मुझे जब कुछ नहीं सूझता ,,,नानी के दूध दोनों हाथी से दबा के भाग जाता हुं,,,,
नानी – आह्ह्ह्ह्हः,,,,,,अच्छा,,,, बताऊं अभी
ओर मुझे देख के जोर जोर से हंसने लगती है ,,,,,,
अब आज शाम को क्या होता है ,,,,देखते है अगले भाग मै ,,,
तब तक के लिए खुश रहिए ,,,मस्त रहिए ,,,ओर हा हस्ते रहिए ,,,,,,
आज के लिए इतना हीं,,,मिलते है अगले भाग मै ,,,,,![]()

next update please thoda jaldi .........please annu ji......another bangonnnnnn......
kya baat hai annu ji......
kyaaa...likhte ho apppp....![]()
Wahhh mummy bhi pyasi lag rahi ha
Bahut jabardast update story achi chal Rahi hai but update bahut late aa rahe hai aaj hero apni naani ki chudai bhi dekh paayega aur Surta ka bharta bante huye bhi shayadUPDATE 17.
तोह अब तक आपने देखा ,,,की बड़ी नानी ने जो दवा दी थी,,,वोह भले रोके हीं सही पर ,,,नानी की जिद पर मैने ले ली थी,,,,,जिसका असर भी हुआ,,,,,,ओर मुझे खुजली भी बहुत हुई,,,,,,अब शायद यह असर हीं था ,,,जो मैने नानी से उनकी चुदाईइइ देखने की ज़िद की,,,,,,,,
अब आगे ,,,,,
उस रात मै तोह सो गया ,,,पर नानी की नींद उड़ गई,,,,
नानी (मन में)....– ताई की दवा असर तोह कर रही है,,,,चलो मेरे बिटवा का खड़ा तोह हुआ,,,,, हाए,,,लग तोह ऐसा रहा था कि जितना ताई के यहां हुआ था ,,,,उससे ज्यादा हुआ है अभी,,,
पर ,,,,,,,अब शायद यही सही होगा,,,,मुझे इसकी बात माननी हीं होगी,,,,, हाए,,,,यह भी न,,,कितना भोला है ,,आज कल के बच्चे,,,,तोह लड़कियों पे डोरे डालते है,,,,उनकी चूत के पीछे लैंड हिलते फिरते है,,,,,ओर एक यह मेरा लल्ला है ,,,,मेरी चुदाईइ देखना चाहता है,,,,,,,,(मेरे सिर पे हाथ फेरती हुई बोली,,,,) आआअअअ,,,,,मेरी तोह चूत मै अभी से खुजली हो रही है ,,,कल क्या होगा,,,,,
नानी ने मेरा चेहरा देखा ,,,,,,
नानी – हाए दैय्या,,,,इसका चेहरा तोह सुराख लाल पड़ रहा है,,,,कही इसको दवाई गलत असर तोह नहीं कर रही,,,,,,
(मुंह पे हाथ फेरती हुई नानी मेरे पूरे शरीर पे हाथ फेरने लगी,,,,,,,तभी उनका हाथ मेरे नुनु पे गया )
नानी – उफ्फ,,,, आह्ह्ह्ह्हः,,,इसका तोह खड़ा है ,,,अभी भी ,,,,
यह सब ताई की दवा का असर है ,,,हम्ममम,,,,,
उम्मममममम मेरा बिटवा,,,,(बोलके नानी ने मुझे कस के गले लगा लिया ,,,,ओर मेरा मुंह अपने दूध के बीच दबा के सो गई,,,,
अब धीरे धीरे सुबह हो रही थी,,,,,,,सूरज धीरे धीरे चमक रहा था,,,,,हल्की हल्की हवा खेतो से होती हुई,,,लोगो को जगा रही थी,,,,,ओर खेत जो हल्की हल्की ओस की चादर ओढ़े,,,बस आनंद ले रहे थे,,,,,,
नानी उठ चुकी थी,,,,ओर दो चार बार मेरे गालों को चूम भी चुकी थी,,,,,
नानी उठ के बाहर जाती है,,,,,
नानी नाना से – उम्म ,,,,उठ गए ,,,,
नाना – हा,,,,उम्म रात को तोह ठंड सी लगी थी,,,,
नानी – अच्छा,,,,,मोटी वाली चादर ओढ़ लेते ,,,,
नाना – हा,,,,पर फिर मैने सोचा छोड़,,,,ओर ऐसे ही सो गया,,,,बिटवा उठ गया?
नानी – अभी कहा,,,,मै ही उठाऊंगी,,,उसे,,,,जल्दी उठता ही नहीं ,,,,,इसी वजह से मै रोज खेत जाने मै देर हो जाती है,,,
नाना – अच्छा,,,,,चलो कोई नहीं ,,,, आदत नहीं है ना,,,,
नानी – हम्ममम,,,,,गए नहीं आप ,,,,,खेत,,,,
नाना – बस अभी जा ही रहा हुं,,,,,
नानी (मज़ाक मै )– कहो तोह मै ले चालू,,,,हाहाहाहा,,,,
नाना – अच्छा,,,,आज बड़ा गरम हो रही है ,,,,, पहले तोह कभी नहीं पूछा ,,,की मै ले चालू,,,,,
नानी – इसलिए तोह आज पूछ रही हुं,,,,
नाना – अच्छा,,,,,चल तोह आज तेरी गर्मी निकाल दूं,,,(बोलके नानी का हाथ पकड़ लिया )
नानी – अच्छा ,,,दम है आज भी या,,,बस ,,,,ऐसे ही,,,,कही ऐसा ना हो कि मेरी गर्मी निकलने के चक्कर में ,,,,अपना पानी निकाल लो,,,,,हाहाहाहाहा,,,,,
नाना– अच्छा,,,,,आज क्या होगया,,,,तुझे सुबह सुबह,,,,,रात को किसका सपना देख रही थी,,,,,
नानी– अरे,,,,आप भी न,,,,,,(बोलके हाथ छुड़ा लिया ,,,),,,,अभी तक तोह नहीं देखा ,,,पर आप देखा देना ,,,आज,,,,(शर्माते हुए )
नाना – क्या,,,,,,आज,,,,,,अरे बिटवा है ,,,कुछ तोह सोच ,,,,
नानी – अरे उसे कुछ नहीं पता ,,,,उसे सुला दूंगी न,,,,,
नाना – अच्छा,,,, ऐसी बात है ,,,,लगता है तेरी भोसडी मै ज्यादा ही आग लगी है ,,,,,कोई नहीं चिंता मत कर ,,,आज रात,,,,तेरी ऐसी हालत करूंगा ,,,,,की तू याद रखेगी,,,,,,,,अभी तोह चलता हूं,,,,(बोलके नाना खेत चले गए )
आप सोच रहे होंगे कि यह नानी को सुबह सुबह क्या हो गया,,,वोह तोह ऐसा नहीं करती ,,,,तोह यह सब,,,जो मैने कल रात नानी से बोला था उसका असर है ,,,,,,
नानी ने रात मै ही सोच लिया था कि ,,,,कल सबसे पहले ,,,,इसके नाना से बात करूंगी,,,,,,नहीं तोह वोह खेत चले जाएंगे,,,,,,
ओर बस ,,,फिर तोह नानी के नाना को गरम कर दिया ,,,,,
अब ,,,नाना के जाने के बाद नानी मुझे जगाने आई,,,,
नानी – बिटवा ,,,ओर मेरा प्यारा लल्ला,,,उठ जा,,,,देख दिन निकल आया ,,,,सूरज भी निकल ने वाला है ,,,,उठ जा ,,,,उम्मममममम,,,,(मेरे गालों को जोर की चूम लिया ,,,,)
मैं – आह्ह्ह्ह्हः,,,,एमममम,,,नानी ,,,,,
नानी – नानी के बच्चे ,,,उठ जा बिटवा,,,हमें देर हो जाएगी,,,,,
मुझे जोर की लगी है ,,,,,
मैं – हमममममम,,,,उठ गया नानी,,,,,
नानी – चल बिटवा जल्दी से मुंह धूल ले,,,ओर चल जल्दी ,,,,,
मैं – हम्ममम नानी चलो ,,,,,मुझे भी ,,,,,,
नानी – हा हा पता है ,,,तुझे भी जोर की पेशाब लगी होगी ,,,,इसलिए तोह बोल रही हुं,,,,चल जल्दी ,,,,,
उसके बाद मै ओर नानी निकल जाते है घर से ,,,,,
सुबह सुबह का समय था,,,,एकदम शांति थी ,,,,,,
हम खेत पहुंच के ,,,,,,,
नानी – चल आज यहां बैठ जा ,,,,,,ओर मै भी तेरे पीछे ही बैठ जाती हुं,,,,,
मैं – नहीं नानी ,,,मै नहीं बैठूंगा,,,
नानी – क्यों बिटवा ,,,,का हुआ,,,,?
मैं – नानी पहले आप मुझे सीटी की आवाज़ सुनाओ,,,(मुस्कुराते हुए)....
नानी (हस्ते हुए ) – अरे उसमें कौनसी बड़ी बात है ,,,,,सुना दूंगी,,, पहले तू बैठ तोह सही,,,,,
मैं (खुश होके)– अच्छा,,,ठीक है ,,,,ओर मै पजामा उतार के बैठ गया,,,,,
नानी की नजर मेरे नुनु पे गई,,,,,,
नानी – हाय,,,,,इसका तोह थोड़ा थोड़ा फूल रहा है ,,,,,
वाह ताई वाह,,,,,,,तुम्हारी एक ही खुराक ने असर दिखाना शुरू कर दिया ,,,,,,
मैं – नानी ,,,,ओ,,नानी ,,,,बैठ तोह गया मै ,,,,,
नानी (होश मै आती हुई ) – है,,,हा,,,हा,,लल्ला ,,,मै भी बैठ रही हूं,,,,
ओर उसके पीछे जाके बैठ गई,,,,,
मैं – नानी ,,,,सुनाओ ना,,,,,
नानी – हा हा रुक तोह,,,,टांग तोह छोड़ाने दे,,,,(बोलके हस दी),,,,,
,,,,,,ले सुन,,,,,, आह्ह्ह्ह्हः,,,,
सूूयूयूूँ,,,,,,, सूऊऊ,,,,, सूऊऊ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सुउउउउउउउउ,,,,,,
मैं – आहाअ,,,,नानी क्या मीठी आवाज है ,,,,वाह मजा आ गया ,,,,
नानी – उफ्फफ,,,,अब तोह शांति मिली तुझे,,,,,चल अब हग ले जल्दी से ,,,,,
मैं – हम्ममम ,,,,नानी ,,,,
ओर मै ओर नानी अपने अपने काम में लग गए ,,,,,
नानी – हो गया,,,,,,?
मैं – हा नानी ,,,,बस हो गया ,,,,,
उसके बाद नानी जो पानी लाई थी खेत से भर के,,,, उन्होंने उससे पहले तोह अपनी गाड़ धुली ,,,उसके बाद मेरी ,,,,
क्योंकि मुझे ऐसे आदत नहीं है ,,,,, इंग्लिश सीट की ही आदत है ,,,,,
उसके बाद हम चल दिए घर के ओर,,,,,,
जब हम घर पहुंचने वाले थे तभी पीछे से धाप्पो काकी ने आवाज़ दी,,,,
काकी – ताई ओ ताई,,,,,,राम राम ,,,,,
नानी – हा,,,, कैसी है री तू,,,,,,,अरे मै तेरे पास ही आने वाली थी ,,,,,वोह अभी तोह हमारे दूध नहीं इसलिए तू थोड़ा थोड़ा दूध दे दियो रोज ,,,,,
काकी – अरे यह भी कोई कहने की बताई ,,,,दे दूंगी ,,,,
मैं काकी को देख के उनके पैर छू लेता हुं,,,,
काकी – जीता रह ,,,,मेरा लल्ला,,,,,कैसा है तू ,,,,,मेरा बहुत मन था तेरे से बात करने का पर ,,,काम से फुर्सत नहीं मिलती ,,,पर आऊंगी जरूर,,,,,,
ताई इसे,,,अच्छे से दूध पिलाओ,,,,,बड़ा कमजोर सा लग रहा है ,,,,,
नानी – अरे इसी के लिए तोह तुझसे बोल रही हुं,,,,
काकी – हाय,,,,, दईया,,,,इसे तोह मै अपना पिला दूंगी ,,,अगर कम पड़े तो,,,,(बोलके हस दी,,,,)
नानी भी सुनके हस दी,,,,,
नानी – चुप कर ,,,,,आई बड़ी ,,,,
काकी – अरे ताई ,,,,वोह छोड़ो,,,,मै कल आई थी तुम्हारे,,,पर तुम थी ही नहीं ,,,,,अरे मुझे बताना था ,,,,वोह सुरता है न ,,,,उसकी बहन की शादी हो गई थी तोह,,,,,,,,,
नानी – क्या,,,,,सुरता की भीं की शादी,,,? कब ,,,हमें तोह ना बताया,,,,,,
काकी – अरे ,,,तुम थी नहीं ,,,,लल्ला के यहां गई थी न ,,,,
ऊपर से तुम्हें पता तोह है कि उनको मंगल दोष था,,,,तोह उसमें ज्यादा हल्ला गुल्ला कहां करते है ,,,,,
उसकी तोह हुई इतनी मुश्किल से ,,,,,,,,,,,,,,,छोटे मोटे रसम भी चुप चुप ही कर लिए थे ,,,,,,,,,तोह आज उसकी मां का मिलन है ,,,,,इसलिए तुम्हें कल बताने आई थी ,,,,,,पर तुम थी नहीं ,,,,
नानी – अच्छा ,,अच्छा,,,,,,,अरे मै वोह ,,वो,,,,लल्ला को खेत दिखाने लेके गई थी,,,,,,,(झूठ बोलती हुई ,,,) ,,,,,,
काकी – अच्छा अच्छा ,,,,,,,,,तोह आ जाना आज शाम 4 बजे ,,,,,,,
पर हा,,,,,, जहा तक मुझे याद है ,,,,उसकी मां तोह बोल रही थी कि ,,,,तुम तोह थी नहीं ,,,पर ताऊ को बता दिया था ,,,शादी के बार मै ,,,,,
नानी – क्या,,,,? पर उन्होंने तोह मुझे कुछ नहीं बताया,,,,,
काकी – अरे ,,,,हो सकता है ,,,,इसी चक्कर में की बड़ी मुश्किल से बात बनी है ,,,तोह चुप लगाने मै ही फायदा है ,,,,,,,वरना लड़के वालो को पता चल जाता तोह तोह हो गई थी शादी ,,,,,
नानी – हा,,,,यह तोह सही बोल रही है ,,,,,,,पर एक बात बता ,,,,मिलन तोह शादी के तीन दिन बाद होता है न ,,,,तोह इतने दिन बाद क्यों,,,,,,
काकी – हा,,,,मैने भी यही बोला ,,,,सुरता बता रही थी कि ,,,, बूढ़ी मां,,,ने बताया है ,,,,अरे दोष था न ,,,,इसलिए कुछ समय बाद आज का दिन का बताया है ,,,,,,
नानी – अच्छा ,,,,,चल ठीक है ,,,,मै आ जाऊंगी,,,,,,,,
दोस्तो यह बूढ़ी मां,,,हमारे गांव की बहुत मानी हुई है ,,,,इनको बहुत ज्ञान है ,,,,,बताते है इनकी उम्र सौ से ऊपर है ,,,,,
ओर जो भी दोष ,,,या कोई मुहूर्त,,,का पूछना होता है तोह ,,,वही बताती है ,,,,, गांव वाले बोलते है उन्हें पुरानी से भी पुरानी परंपरा का ज्ञान है ,,,,,,,,,
यह तोह हुआ बूढ़ी मां के बारे में ,,,,,,,,,
अब बात करते है ,,,, जैसे कि काकी ने बताया कि सुरता की मां का आज मिलन है ,,,,,,तोह यह मा का मिलन है क्या,,,,,
दरअसल यह एक रिवाज़ है जो बेटी की सगी मा को ही निभाना पड़ता है ,,,,
ओर यह बहुत शुभ माना जाता है ,,,,, कहते है जो मां अपनी बेटी की शादी के बाद यह मिलन रिवाज़ निभाती है ,,,,,उसकी बेटी की जिंदगी खुशियों से भर जाती है ,,,,,,उसके परिवार के सारे जानलेवा संकट,,,,,हमेशा हमेशा के लिए दूर हो जाते है ,,,,,
ओर वोह परिवार बुरी शक्तियों से हमेशा दूर रहता है ,,,,
ओर हमारे गांव मै ,,,यह रिवाज़ बहुत पहले से चला आ रहा है ,,पीढ़ी दर पीढ़ी,,,,,,
अब इसमें होता क्या है ,,,,,,,,,,
इस रिवाज़ मै ,,,,बेटी की मां पहले अपनी बेटी ओर दामाद को घर बुलाती है ,,,,,ओर एक कमरे को सजाया जाता है ,,ओर उसमें उनकी सुहागरात मनवाई जाती है ,,,,,,
अब आप लोग सोचेंगे,,,इसमें मा का कैसा मिलन ,,,?
इसमें रिवाज़ मै पहले बेटी की मां की हल्दी की रसम होती है ,,,,,ओर उसकी उतरी हुई हल्दी को सब औरतें थोड़ा थोड़ा लेके जाते है ओर अपने घर के बाहर एक हाथ की छाप लगा देते है ,,,,,
उसके बाद,,,,,,,
दरअसल इस रिवाज़ मै ,,,, सुहागरात के बाद औरतें एक साथ मिलकर उस बेटी की मां के साथ पहले थोड़ी मजाक मस्ती करते है ,,,उसके बाद ,,,,उसकी मां को एक कमरे में भेज देते है ,,,,ओर वहां पहले उसका दामाद जाता है ,,,,,ओर उसकी अच्छे से चुदाईइइ करता है ,,,,,फिर जिसको भी अपने घर का दोष दूर करना होता है ,,, उसका पति अंदर जाता है ,,,,,ओर मिलकर चुदाईइइ करते है ,,,,,,
ओर यह सब काम बाकी सभी औरतें देखती है ,,,,,,ओर उसपे अपनी अपनी टिप्पणियां करती है ,,,,,,,
सीधा सीधा बोलूं तोह उस दिन लड़की की मां का भर्ता बनता है ,,,,,हाहाहाहाहा,,,,,,,,,
यह सब मेरे को नानी ने ही बताया है ,,,,,,
अब मै ओर नानी ,,,,घर आ जाते है ,,,,,,
नानी – चल बिटवा ,,,जल्दी कपड़े उतार ,,,,ताई ने जो तेल दिया है ,,,,उससे तुझे मालिश भी तोह करनी है ,,,,
उसके बाद नहाना भी है ,,,,,
मैं – ठीक है नानी ,,,,,(बोलकर अपने कपड़े उतार के लेट जाता हुं,,,,एक चटाई पे ,,,,)
नानी एक कटोरी में तेल गरम करके लाती है ,,,,,,
नानी – चल बिटवा जैसे ताई ने करा था वैसे हीं तू पहले उल्टा लेट जा,,,,
मैं नानी के कहने पे उल्टा लेट जाता हूं,,,,,
नानी हल्का गरम तेल लेके मेरी कमर पे मालिश करने लगती है ,,,,,,अच्छे से,,,,,,,
मैं - उम्म्मम,,,,,गरम है नानी ,,,,,
नानी – ज्यादा नहीं है बिटवा ,,,,,थोड़ा है बस,,,,,
उसके थोड़ी देर बाद नानी ,,,मेरे पैरो की अच्छे से मालिश करती है ,,,,,,,
नानी – अच्छा ,,,लग रहा है न ,,,,,अब तेरी गांड़ को चमका देती हुं,,,,,बोलके मेरी गाड़ को अपने दोनों हाथों से मसलने लगी ,,,,,
मैं – आह्ह्ह्ह्हः,,,,,न,,,ना,,नानी ,,,गुदगुदी हो रही है बस,,,,
नानी – अच्छा ,,,,,(हस्ते हुए ),,,,,उसके बाद एक हल्का सा चाटा गाड़ पे मारके ,,,मुझे पलटने को बोलती है ,,,,
मैं भी पलट जाता हुं,,,,,
नानी फिर मेरे सीने की अच्छे से मालिश करती है ,,,,फिर मेरे पेट की ,,,,मेरे पैर की ,,,,
उसके बाद अपना हाथ ,,,धीरे धीरे,,,,करके मेरे नुनु को पकड़ने लगती है ,,,,
ओर हल्के हाथ से मेरे नुनु की मालिश करने लगती है ,,,,,,
मैं – नानी जल रहा है ,,,बस ,,,,,इससस ,,,,,,,,
नानी – बस बस बिटवा हो गया बस ,,,,,,
(मन में ) – इसका तोह सुबह की तरह थोड़ा फूला फूला लग रहा है ,,,,, हाय,,,,,,बस यह ठीक हो जाए जल्दी से,,,,,
मैं – मेरी नजर नानी के दूध पे पड़ती है ,,,,,,,
मैं – नानी ,,,,,आपके दूध कितने फूले हुए है ,,,,ऐसा लग रहा है ,,,जैसे कितना दूध भर रखा है ,,,,,इसमें,,,,,
नानी ( बड़े खुश होते हुए ) – अच्छा ,,,,,,ऐसा है ,,,,,,(हंसने लगती है ,,,,,)
मैं – नानी आज दिखाओगी ना?
नानी को सब पता चल जाता है ,,,,पर फिर भी नाटक करते हुए,,,,
नानी – ,,,दिखाओगी? ,,,,क्या दिखाओगी?
मैं – नानी ,,,आपने वादा किया था कि आज आप मुझे अपनी चुदाईइइ,,,,दिखाओगी,,,,,
नानी कुछ सोचते हुए – अच्छा,,,,हा,,,याद आया ,,,,,
मैं – बोलो न नानी ,,,,,दिखाओगी न,,,,,
नानी – (मेरा गाल पकड़ते हुए ) – हा हा दिखा दूंगी ,,,,,पर थोड़ा सा ,,,,ठीक है ,,,,,,,बदमाश,,,,,,
मैं (खुश होते हुए ) – ये,,,,ये,,,येएएएएए,,,,,,,,मजा आएगा फिर तोह ,,,,,
तभी नानी ने मेरा नुनु एक दम से दोनों हाथों से पकड़ के पीछे कीच दिया ,,,,
मेरी चीख निकल गई – आह्ह्ह्ह्हः,,,,,नानी ,,,,
नानी – हो गया बिटवा,,,,हो गया बस,,,,,,,चुप चुप ,,,,,,
दर्द से मेरी आंखों में आंसू आने लगते है ,,,,
नानी – नहीं नहीं ,,,रो मत ,,,बिटवा ,,,,,,,चुप होजा ,,,,,,अच्छा आज मै अपने लल्ला को चुदके दिखाऊंगी,,,,,देखेगा न ,,,अपनी नानी को ,,,,,,,
बोल बोल ,,,,,,
ऐसा करके नानी ने मेरा हाथ पकड़ के अपनी चूचियों पे रख दिया ,,,,,जिससे मेरा ध्यान भटक जाए ,,,,
मैं तुरंत चुप होगया,,,,,,,
नानी – हम्ममम,,,,अब अच्छा लग रहा है ,,,,,? बोल ,,,,
मैं – हम्ममम,,,,नानी बहुत ,,,,,
में – नानी ,,,,एक बार दिखाओ न ,,,,,आपने यह दूध से भरे थन,,,,,मुझे देखने है ,,,,,
नानी – अच्छा (हस्ते हुए ) – इतने पसंद है तुझे ,,,,,,,
चल चुप होजा ,,,,दिखा दूंगी ,,,,रात को ,,,ठीक है ,,,,,
मैं –( खुश होके ) – ठीक है नानी ,,,,,
नानी – चल अब जल्दी से तुझे नहला देती हुं,,,,
मैं नानी के साथ चला जाता हूं,,,,,
नानी मुझे पहले की तरह ,,, नहलाने लगती है ,,,,,,ओर मेरे नुनु पे भी साबुन लगा के अच्छे से साफ करने लगती है ,,,,,,
मैं – नानी मै भी जाऊंगा,,,,,आपके साथ ,,,सुरता काकी के यही,,,,,
नानी – अरे ,,,,तुझे तोह लेके ही जाऊंगी,,,,,,तुझे अकेला थोड़ी छोड़ दूंगी यहां पे ,,,,, चिंता मत कर ,,,तू मेरे साथ रहियो,,,,
उसके बाद नानी मुझे नहला के तौलिए से साफ करने लगती है ,,,,,
ओर मुझे जाता देख मेरी गांड़ पे चटा मार देती है ,,,,,
नानी – अपनी नानी की चुदाईइइ देखेगा,,,,,,हाहाहाहाहा
मैं भी तुरंत पलट ता हूं ओर जैसे हीं नानी की गांड़ पे चटा मारने वाला होता हुं,,,नानी बच जाती है ,,,,,
मैं – नानी यह गलत बात है ,,,,,मेरी बारी पे आप बच जाती है ,,,
नानी –(हंसके ) तोह वोह तोह मेरा प्यार है ,,,,चल जा ,,,कपड़े पहन,,,,
मुझे जब कुछ नहीं सूझता ,,,नानी के दूध दोनों हाथी से दबा के भाग जाता हुं,,,,
नानी – आह्ह्ह्ह्हः,,,,,,अच्छा,,,, बताऊं अभी
ओर मुझे देख के जोर जोर से हंसने लगती है ,,,,,,
अब आज शाम को क्या होता है ,,,,देखते है अगले भाग मै ,,,
तब तक के लिए खुश रहिए ,,,मस्त रहिए ,,,ओर हा हस्ते रहिए ,,,,,,
आज के लिए इतना हीं,,,मिलते है अगले भाग मै ,,,,,![]()