• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Thriller कातिल

Dhakad boy

Active Member
1,465
2,561
143
#12

" रोमेश तुम इस लड़के को लेकर थाने चले जाओ और गौरव की माता जी को बता दो की ये लाश गौरव की नही थी, उनको भी सकूं मिल जाएगा" भगवान सिंह मुझे बोलने के बाद अब एक लाश की बरामदगी के बाद कि कार्यवाही के लिये दूसरे लोगो को फोन मिलाने लगा था।

मैं रागिनी और उस लड़के को अपनी गाड़ी में बिठाकर वापिस थाने की ओर चल पड़ा था।

हम गाड़ी में गौरव के भाई की वजह से उसके सामने गौरव के इस तरह से लापता होने के बारे में कोई बातचीत नही कर सकते थे।

लेकिन कई सवाल अभी मेरे जेहन में कुलबुला रहे थे। एकाएक गौरव कहाँ लापता हो गया था, क्या वाकई मेरी पिस्टल से कोई वारदात हो चुकी होगी, अगर हो चुकी है तो, अभी तक वो वारदात सामने क्यो नही आई।

ये कैसा अजीब खेल मेरे साथ खेला जा रहा था, एक आशंका से मेरा मन घिरा रहता और वो आशंका हर बार निर्मूल सिद्ध हो रही थी।

दो दिन हो चुके थे, इस सारे ड्रामे को, और इन दो दिनो में दो लाशें भी मेरे ही एरिया में मिल चुकी थी, लेकिन दोनो ही लाशें अज्ञात लाशें थी।

कल जिस लड़की की लाश बरामद हुई थी, उसके बारे में मैने पता नही किया कि वो कौन लड़की थी, जिस तरह से मेरी पिस्टल का गायब होना और फिर मेरे ही घर से मिल जाना अस्वाभिक था, ऐसे ही मेरे इलाके में दो दिनों में दो लाशो का मिलना भी कोई सामान्य बात नही थी।

इन्ही सोच विचार में खोया हुआ मै थाने पहुंच चुका था। मैं थाने में गौरव के बारे में उनकी माता जी से और बात नही करना चाहता था, इसलिए मैंने रागिनी को उस लड़के के साथ थाने के अंदर मात जी को सारी बात बताने के लिए भेज दिया था।

कोई पंद्रह मिनट के बाद ही रागिनी मुझें मेरी गाड़ी की तरफ आती हुई नजर आई।

"चलो ! अभी गौरव की गुमशदगी की रिपोर्ट नही लिखी गई, वे रिपोर्ट लिखवाने के बाद ही आएंगे" रागिनी ने गाड़ी में बैठते ही बोली।

"तुम्हे सभी कुछ अजीब नही लग रहा है रागिनी, मेरी पिस्टल का गायब होना, फिर पिस्टल का मिलना और दो दिन में दो लाशों का मिलना और उन लाशो में से एक भी उस लाश का नही मिलना, जिनकी आशंका में हम दुबले हुए होते है" मैंने रागिनी कि तरफ देखते हुए बोला।

"लग तो मुझे भी अजीब ही रहा है, लेकिन तुम्हारी पिस्टल का सस्पेंस तो कल फोरेंसिक की रिपोर्ट के साथ ही ख़त्म हो जाएगा, लेकिन मैं सुबह से मेघना और देविका के बारे में ही सोच रही हूँ, की वे दोनो किस फिराक में है, और वे करना क्या चाहती है" रागिनी ने मेरी ओर देखकर बोला।

"मुझे तो गौरव से ज्यादा इस वक़्त सौम्या की जान का खतरा लग रहा है, हमे इस लफड़े में उलझाकर वे लोग सौम्या के साथ तो कोई बड़ा खेल खेलने की फिराक में तो नही है" मैने सौम्या के बारे में चिंता प्रकट करते हुए बोला।

"तुमने सौम्या को सुबह अलर्ट तो कर दिया था न" रागिनी ने पूछा।

"हाँ ! सुबह तुम्हारे बाद मेरी उसी से बात हुई थी, तो मैंने उसे सावधान रहने के लिए बोल दिया था, लेकिन उसने मुझ से एक बार मिलने के लिए बोला था, वो देविका के बारे मे कुछ बात करना चाहती थी" मैने रागिनी को बताया।

"फिर सौम्या से बात करके गाड़ी को उसी दिशा में मोड़ लीजिये" रागिनी ने मुझे बोला। मैंने रागिनी की बात पर तुरंत अपनी श्रद्धा के फूल चढ़ाए और सौम्या को फोन मिला दिया।

सौम्या से मुलाक़ात


इस वक़्त शाम गहराने लगी थी। सौम्या ने हमे अपने घर पर ही आने के लिए बोला था। इसलिये इस वक़्त मेरी गाड़ी रोहिणी से अशोक विहार की ओर दौड़ रही थी।

कोई आधा घँटे के बाद मैं सौम्या की कोठी की पार्किंग में अपनी गाड़ी घुसा चुका था।

सौम्या नीचे ही ड्रॉइंग रूम में हमारा इंतजार करती हुई मिली। हमे देखते ही उसके खूबसूरत मुखड़े की
मुस्कान और ज्यादा गहरी हो चुकी थी।

"साहब को समय मिल ही गया हमारे गरीब खाने पर आने का" सौम्या ने बड़े ही सौम्य तरीके से बोला था।

"भगवान हिंदुस्तान के हर आदमी को आप जैसा गरीब बना दे तो मैं इस देश को फक्र से गरीब राष्ट्र घोषित करवा दूँ" मैने मुस्कराते हुए सौम्या को बोला तो सौम्या खिलखिला कर हँस पड़ी।

तभी सौम्या के घर मे काम करने वाली राधा हमारे लिए पानी के साथ साथ नाश्ता भी ले आई थी। राधा भी हम दोनो को अच्छे से पहचानती थी, उसने आते ही हम दोनो का अभिवादन किया, हमने उसी श्रद्धा से उसके अभिवादन का उत्तर दिया।

राधा के जाने के बाद सौम्या मुझ से मुखातिब हो चुकी थी।

"जल्दी से नाश्ता कर लो, फिर ऊपर मेरे बेडरूम में चलकर बात करते है" सौम्या ने बोला।

"बात तो हम नाश्ता करते हुए भी कर सकते है" इस बार रागिनी ने सौम्या की बात का जवाब दिया।

"क्यो वापस जाने की जल्दी है क्या" सौम्या के स्वर से उसकी नाराजगी झलक रही थी।

"जल्दी इसलिए जाना है, क्यो कि अभी रागिनी को उसके घर भी छोड़ना है" मैने सौम्या को मजबूरी बताई।

"यार! कभी मेरे लिये भी तुम लोग समय निकाल कर आ जाया करो" सौम्या ने रुआंसे स्वर में बोला।

"चलो ! आप जब बोलोगी हम तभी वापस जायेगे, आप नाराज मत हो" रागिनी उठकर सौम्या के पास जाकर बोली। सौम्या ने रागिनी का हाथ पकड़कर अपने पास ही बिठा लिया।

"ये हुई न बात! आज तुम लोगो का डिनर भी यहीं होगा, शैम्पन के साथ" सौम्या ने मुस्कराते हुए बोला। मैं उसकी बात सुनकर मुस्करा दिया।

"तुमने हमे यहां देविका के बारे में बात करनें के लिए बुलाया है, न की डिनर पर बुलाया था" मैंने बोला।

"हाँ यार! देविका के बारे में एक बात मुझें पता चली है, जो अब तुम्हे भी बताना जरूरी लग रहा है" सौम्या ने गंभीर स्वर में बोला।

"बोलो क्या बात है" मैंने सौम्या के चेहरे पर अपनी दृष्टि जमाते हुए बोला।

"जब मेघना मेरे साथ यहां रहती थी, तब एक बार वो अपनी फॅमिली एल्बम मुझे दिखाने के लिए यहां लाई थी, उसके जेल जाने के बाद से उसका सामान अभी तक मेरे पास ही रखा हुआ है, कल तुमसे बात होने के बाद मैं मेघना के सामान को चेक रही थी, तो उस एल्बम पर मेरी नजर पड़ी, दो तीन फोटो ग्राफ में मुझे एक लड़की हूबहू देविका जैसी ही लगी, जो कि मेघना के साथ मे है" सौम्या ने ये एक चौकाने वाली जानकारी दी थी।

"इसका मतलब है दोनो जेल में नही मिले, बल्कि पहले से ही एक दूसरे को जानते है" मेरे मुंह से स्वत् ही निकला।

"अगर फैमिली एल्बम में फ़ोटो है तो, हो सकता है आपस मे कोई फैमिली कनेक्शन भी हो" रागिनी ने काम की बात बोली।

"मेघना के जेल जाने के बाद ही देविका ने तुम्हारी कंपनी जॉइन की थी, ये किसी के रेफरेंस से आई थी, या डायरेक्ट भर्ती थी" मैंने सौम्या से पूछा।

"ये तो एच आर हेड ही बता सकती है, मुझें स्टाफ के बारे में इतनी जानकारी नही रहती है" सौम्या ने स्पष्ट बोला।

"इसका एक मतलब ये भी निकलता है कि तुम्हारी कंपनी को कोई बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए देविका को तुम्हारी कंपनी जॉइन करवाई गई हो, लेकिन तुम्हारी किस्मत अच्छी थी कि अपने पहले ही कांड में वो पकड़ी गई" रागिनी ने बोला तो मैंने भी सहमति में सिर हिलाया।

"राजीव की कभी कोई खोज ख़बर ली है तुमने, उसे तो जेल गए हुए दो साल हो चुके है" मैंने सौम्या से पूछा।

"नही! मैं तो जेल में जाकर उससे कभी मिली नही, मैने तो उसकी क्रिमिनल बैकग्राउंड पर उससे डाइवोर्स फ़ाइल किया हुआ है" सौम्या ने एक नई बात बताई, जो मुझे भी अभी तक नही पता थी।

"एक बात शुरू से सोचो सभी लोग! राजीव, सौम्या को मारकर मेघना से शादी करना चाहता था, उसके अरमान पूरे नही हुए और उसे जेल जाना पड़ गया, लेकिन अरमान तो उस समय मेघना के भी पूरे नही हुए थे, और उसने उस वक़्त मासुमियत का ढोंग रचकर हमारे रोमेश बाबू को अपनी ख़ूबसूरती से रिझा लिया और मना भी लिया और रोमेश सर ने शर्मा जी प्रार्थना करके मेघना को उस केस से बाहर करवा लिया" ये बोलकर रागिनी एक पल को चुप हुई।

रागिनी ने इस वक़्त एक बेहद काम का पॉइंट पकड़ा था। ये बात सही थी कि उस वक़्त अरमान सिर्फ राजीव ही नही मेघना के भी पूरे नही हुए थे।

वो अरमान थे राजीव बंसल से शादी करके बंसल इंडस्ट्री की एक मामूली कर्मचारी से तीन सौ करोड़ की बंसल इंडस्ट्री की मालकिन बनना।

"आप लोग क्या सोच रहे हो, अगर राजीव और सौम्या का तलाक हो जाता है तो बंसल इंडस्ट्री से राजीव का लेना देना हमेशा के लिये ख़त्म हो जाएगा, क्यो कि वो तो वैसे भी उम्र भर के लिए जेल में है, लेकिन सजा होने के बावजूद हमारे कानून में ऐसे कई प्रावधान है, जिसका लाभ उठाकर कम से कम कोई पैसे वाला तो कभी भी बाहर आ सकता है" रागिनी ने फिर से बोला।

"तुमने तलाक कब फ़ाइल किया है" मैने सौम्या से पूछा।

"अभी छ महीने पहले" सौम्या ने तत्काल उत्तर दिया।

" रोमेश सर! हमे सबसे पहले तो एक बात समझ लेनी चाहिए, की दो बार आप मेघना के फैलाये जाल से सौम्या को बचा चुके हो, इस बार पहले उनके निशाने पर आप हो, लेकिन आखिरी निशाना सौम्या ही है, सौम्या की जान एक बार फिर से खतरे में है" रागिनी की ये बात सुनते ही सौम्या ने घबराकर रागिनी का हाथ मजबूती से पकड़ लिया था।

"तुम चिंता मत करो, वे दोनो तुम्हारी परछाई को भी नही छू पाएगी" रागिनी ने सौम्या को हिम्मत बंधाई।

"रागिनी तुम्हे मेरे साथ हर वक़्त रहना होगा, मुझे बहुत डर लग रहा है" सौम्या ने किसी जिद्दी बच्चे की तरह से बोला।

सौम्या की बात सुनकर रागिनी ने मेरी ओर देखा।

"तुम डर क्यो रही हो, तुम्हारे बॉडी गार्ड तो हर वक़्त तुम्हारे साथ होते है न" मैंने सौम्या को बोला।

"वे लोग अकस्मात कोई मुझ पर हमला होने पर मुझें बचा तो सकते है, लेकिन वे लोग तुम्हारी तरह से सोच नही सकते है, रोमेश तुम उन दोनों को फिर से उन्ही के जाल में उन्हें फंसाओ और उन्हें जेल भिजवाओ, रागिनी मेरे साथ ही रहेगी, इसके अलावा मैं कुछ नही जानती"

सौम्या की बात को मैं आसानी से नही टाल सकता था, इस बात को रागिनी भी बेहतर तरीके से समझती थी। इसलिए इस बार रागिनी ने सहमति में मेरी ओर देखकर अपनी गर्दन हिलाई।


जारी रहेगा_____✍️
Bhut hi badhiya update Bhai
Abhi tak dekhkar to lag raha hai somya sachme kisi badhe khatre me hai
Dhekte hai romesh babu aage kya karte hai
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,455
80,746
304

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,455
80,746
304
Bhut shandaar update..... कुछ तो खिचड़ी से भी ज्यादा उलझा हुआ पक रहा हैं....

जो अभी रोमेश बाबु की समझ से परे है.....
yahi to dekhna hai ki kya pak raha hai :D Thanks for your valuable review bhai :thanks:
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,455
80,746
304

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,455
80,746
304

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,455
80,746
304
Bhut hi badhiya update Bhai
Abhi tak dekhkar to lag raha hai somya sachme kisi badhe khatre me hai
Dhekte hai romesh babu aage kya karte hai
Saumya ko khatra to ho sakta hai, lekin hai kis se? Ye dekhne wali baat hai :D Thank you so much for your valuable review and support bhai :thanks:
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
Staff member
Moderator
44,455
80,746
304

Avaran

एवरन
10,168
19,503
214
रिव्यू की शुरुआत की जाए

मेरा आख़िरी वाला रिव्यू जिसने पढ़ा होगा, उसको मालूम चल गया होगा कि ऐसे ही हवा नहीं हैं अपनी मेरी कितनी सारी थ्योरीज़ सच हुई हैं।

बिज़नेस के सिलसिले में जो ये सब हो रहा था, उसमें बिज़नेस का एक बहुत इम्पॉर्टेंट पार्ट छुपा हुआ है। देखो, देविका का मक़सद बिज़नेस में हेराफेरी करना था, वो भी किसी के कहने पर आई थी।

लेकिन मुझे क्या लगता है ये बात सच है कि देविका को इसमें घसीटा गया है। देविका के अनुसार ये सब कुमार ने किया, लेकिन मुझे लगता है इसमें कुछ लोचा ज़रूर है। मुमकिन है कि कुमार का भेस धारण करके किसी और ने ये काम देविका को सौंपा हो।
अब मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि अगर सौम्या के बिज़नेस में देविका के ज़रिए नुक़सान करवाना किसी का षड्यंत्र है, तो वो कौन हो सकता है। क्योंकि ये राजीव तो नहीं होना चाहिए, क्योंकि टेक्निकली वो भी बिज़नेस का ही हिस्सा होगा।या कहीं ऐसा तो नहीं कि बिज़नेस की CEO सौम्या है, और इसी वजह से राजीव ने सौम्या को फँसा कर बिज़नेस में नुक़सान करवाया हो, ताकि शेयरहोल्डर्स के सामने ये साबित किया जा सके कि सौम्या बिज़नेस ओनरशिप के काबिल नहीं है।

मुख्य बात यहाँ सौम्या की मेडिकल हिस्ट्री का भी इस्तेमाल हो सकता है कि उसकी मेंटल हेल्थ ठीक नहीं है, इसलिए उसे ओनरशिप देना ख़तरे से खाली नहीं। मुझे तो यही लगता है कि सौम्या को मानसिक रूप से अक्षम साबित करके उसकी जायदाद हड़पने का प्लान है।

अब आते हैं रोमेश का “इलु-इलु” वाला सीन, जो मेघना से हुआ। रोमेश अगर लड़की के चक्कर में न पड़ता तो ये मुसीबतें आती ही नहीं।

आने वाले अपडेट में मुझे अंदेशा है कि एक-आध कत्ल होने वाला है। वैसे वो रिपोर्ट अभी तक आई नहीं है, तो मुझे लगता है कांड तो हो चुका है। उस पिस्टल से रोमेश भैया की आने वाली है पुलिस जल्दी।

वैसे ये सोचने की बात है कि जो लोग मरे हैं, अगर वो रोमेश की पिस्टल से मरे हैं, तो वो ऐसे ही राह चलते लोग नहीं हो सकते। अगर मर्डर का इल्ज़ाम रोमेश पर डालना है, तो किसी को भी मरवा देना काफ़ी नहीं है।

मरने वालों का रोमेश से कोई न कोई कनेक्शन होना ज़रूरी है, ताकि रोमेश पर शक की वजह बने। वरना खुद सोचो रोमेश के पास बचने का सबसे बड़ा हथियार है कि “मुझे इन लोगों के बारे में कुछ पता ही नहीं, तो बिना दुश्मनी के मैं क्यों मारूँगा?”
अगर मरवाना ही था, तो रोमेश के क़रीबी को मरवाना चाहिए था, ताकि शक सीधे रोमेश पर जाता।
एक बड़ा और ख़तरनाक विचार मेरे दिमाग़ में आया है शायद कुमार अब मर चुका है। देखो, जब से वो पिस्टल मिली है, उससे पहले से ही कुमार गायब है। मतलब खेल खेला जा चुका है। शक भी रोमेश पर जाने की पूरी संभावना है, क्योंकि रोमेश कुमार से परिचित था।

रोमेश की पिस्टल के साथ-साथ कुमार की गाड़ी भी गायब हुई थी। ऐसे में केस में रोमेश के साथ “कुमार की गाड़ी” वाला एंगल भी बनना चाहिए था। वैसे उस गाड़ी को चेक किया जाना चाहिए उसमें कुछ न कुछ सबूत ज़रूर होगा, जो आगे चलकर रोमेश के लिए अहम बनेगा। क्योंकि सिर्फ़ कुमार गौरव से मिलने के लिए गाड़ी यूँ ही नहीं घुमाई जाएगी। गाड़ी का घूमना आगे चलकर ज़रूर काम आएगा।

आज के लिए इतना ही।

कुल मिलाकर अच्छा अपडेट था।

सिंगल अपडेट पर इतना बड़ा रिव्यू लिखना अपने आप में बहुत ख़तरनाक काम है ज़्यादातर समय एक ही अपडेट पर इतना बड़ा रिव्यू नहीं लिखा
Raj_sharma
 
Top