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Fate to fate par tharkayi na ghateधीरे धीरे रात अब गहराती जा रही थी। कल की रात भी ये देविका नाम की जालिम लोशन मेरे घर में थी, और आज की रात तो इन मोहतरमा के साथ दो और हसीनाएं मेरे घर को रोशन कर रही थी।
रागिनी की खूबसूरती भी कोई देविका के मुकाबले में कहीं से भी कम नही थी। मेघना भी इन दोनों से कहीं भी उन्नीस नही थी।
मैं भी इस वक़्त पता नही क्यो इन तीनो के हुश्न की तुलना करने बैठ गया था। ऊपरवाले कि बनाई हुई किसी भी कलाकृति का तुलनात्मक अध्धयन करने वाला मैं कौन होता हूँ।![]()

Lagta hai romesh ke bheje me bheja hi nahi hai, buddhi ghaas charne chali gai hai iski....kya jasus banega re tu, hat lauda"जी मैं अब भी ये समझ नही पा रहा हूँ कि मैने इन मोहतरमा के सामने अपना पिस्टल अपने बेड की दराज में रखा था, फिर आज ये पिस्टल मेरे किचन में कैसे मिला" मैंने असमंजस भरे स्वर में कहा।

Tu kyo jal rela hai beदेविका ने भी मुरीद नजरो से देवप्रिय की ओर देखा। आखिर देखती भी क्यो नही, जनाब ने सिर्फ दो मिनट में मैडम को हर आरोप से बरी जो कर दिया था।

Pahle tharak ko bheje se nikaal bhai, fir achhe se soch ki pistol waakai me kaha rakhi thi tumne"लेकिन जनाब मैं इतना भुलक्कड़ नही हूँ कि पिस्टल जैसी चीज को लेकर मैं इतना लापरवाह हो जाऊंगा और उसके गुम हो जाने की रिपोर्ट लिखवाने थाने तक चला जाऊँगा" मैने देवप्रिय की बात का पुरजोर विरोध किया।

Pahle devpriya ko murid banane ki koshish aur ab romesh ko...."नही सर! रोमेश के बारे में ये बोलना सही नही है, बल्कि बहुत सी लड़कियां है, जो रोमेश को पसंद करती है,लेकिन रोमेश बाबू थोड़ा फ़्लर्ट जरूर करते है, लेकिन आज तक कभी फिसले नही है" इस बार मेघना ने इस मामले में मेरी पुरजोर वकालत की।

Abe wo already laar tapka rela hai
Very funny"तुम्हे एक बात बतानी थी, मेघना मुझ से कोई बीस सेकेण्ड पहले किचन में घुसी थी, मेरे साथ नही! मुझे लगता है मेघना ने ही उस पिस्टल को उस चूल्हे के नीचे प्लांट किया था" रागिनी जो मुझे अब बता रही थी, इसका अंदेशा मुझे रात को ही हो चुका था।
"मुझे भी इसी बात का शक है" मैने रागिनी की बात का समर्थन किया।
"मेघना शायद किसी बड़ी फिराक में है, मत भूलो की ये राजीव बंसल के साथ सौम्या को रास्ते से हटाकर शादी करने की फिराक में भी थी" रागिनी ने मुझें पुरानी बात याद दिलाई।

Sach kahu to agar writer apna dimag na lagaye to romesh apne dam par ghanta kuch nahi kar sakta....matlab kya hi bole apan, Pahli baar aisa detective dekh rela hai apan jiski jasusi me koi dam hi nahi dikh rela hai, isse achha to devpriya hai jiska dimag faaltu ka hi sahi par chalta to hai

Anyway, meghna aur devika jitna khud ko innocent dikha reli hain utna hain nahi, ye dono kisi na kisi firaak me zarur hain. Kumar Gaurav ko bali ka bakra banaye ja rahi dono...but kya sach me aisa hai...dekhne wali baat hogi,
Overall fantastic update...badhiya writing...keep it up bro




उसकी नजर में अपन आज भी घर की मुर्गी दाल बराबर है, लेकिन उसकी महिमा का बखान मैं बाद में करूँगा, इस वक़्त आपके इस जिल्ले-इलाही के फ्लैट को कोई बुरी तरह से पीट रहा था।
तो अब दरवाजा खोलना तो बनता था, सो मैंने दरवाजा खोला और फोरन से पेश्तर खोला।



Aage pata chal jayega. Sagh bane rahne ka bhidu.
